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आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

पुराना पाकिस्तान: सैनिकों की लाशों को नकारने वाला पाक अपने ही पायलट की शहादत पर फिर चुप है

IAF द्वारा गिराए गए पाकिस्तानी F-16 फाइटर प्लेन में विंग कमांडर शहज़ाद उद्दीन थे, जिन्हें भारतीय सैनिक समझकर पाकिस्तान की जनता ने खुद बेरहमी से पीटा था और उनकी मृत्यु हो गई।

फैक्ट चेक: राजनैतिक लाभ के लिए कॉन्ग्रेस कर रही है अभिनंदन की पत्नी के नाम पर घटिया हरकत

फ़र्ज़ी खबर फ़ैलाने वाले इस ट्विटर एकाउंट को कॉन्ग्रेस पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी से लेकर कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर फॉलो करते हैं। प्रियंका चतुर्वेदी जिस तरह से रोजाना फ़र्ज़ी खबर और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पाई जाती हैं, इसकी वजह शायद यही है कि उनकी सूचनाओं के स्रोत और 'कच्चे माल' की निर्भरता इस तरह के फेक न्यूज़ एकाउंट्स हैं।

अगर आपको भी लगता है ‘कलाकार’ की कोई सीमा नहीं होती, तो ये आपके लिए है

ये मीडिया गिरोह अगर एक बार भी पाकिस्तान से हफीज सईद और आतंकवाद पर कार्रवाई करने की अपील करती तो शायद एक बार के लिए इन्हें पढ़ने वाले लोग गंभीरता से लेना शुरू कर देते। लेकिन इन्होंने इन 2 दिनों में सिर्फ यही साबित किया है कि ये लोग बिना पेंदी के लोटे से ज्यादा कुछ नहीं हैं।

शाबाश जैश-ए-पत्रकारिता, ‘दी लल्लनटॉप’

"तुम कौन सा जहाज उड़ा रहे थे?" पायलट- "यह मैं आपको नहीं बता सकता।""तुम किस मिशन पर थे?"पायलट- "यह मैं आपको नहीं बता सकता।" ये...

कॉन्ग्रेस ने की चन्द्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि पर भगत सिंह की फ़ोटो ट्वीट

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि के अवसर पर भगत सिंह की फ़ोटो ट्वीट कर डाली।

रिक्शा चलाकर 9 स्कूल खोलने वाले अहमद अली की कहानी, जिन्हें ‘मन की बात’ ने दी पहचान

पहला स्कूल बनाने के लिए अहमद अली ने अपनी ही पुस्तैनी जमीन का एक टुकड़ा बेच दिया था और दूसरा हिस्सा स्कूल के लिए दान कर दिया था। स्कूल चलाने के लिए कुछ धन अहमद अली ने अपनी मेहनत, बचत और कुछ चंदे के रूप में जुटाया।

‘तेरे प्यार में क्या-क्या न बना मीना..’ राहुल गाँधी का नया नारा

चुनाव जीतने के लिए फोटोशॉप से लेकर आई टी सेल के कुकर्मों पर निर्भर हो चुके राहुल गाँधी ने अब परिवार के दिवंगत सदस्यों को भी मैदान में उतार लिया है।

कुप्रेक: वामपंथ के इश्क़ में ज़हर होना

उम्मीद है कि 'राष्ट्रवाद से नफरत' की मानसिकता वालों के भी कभी अच्छे दिन जरूर आएँगे, जब ये यकीन करना शुरू कर देंगे कि जुरासिक पार्क की फिल्मों के लिए असली डायनासौर और सुपरमैन फिल्म बनाने के लिए असली सुपरमैन की सहायता नहीं ली गई थी।