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आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

शाबाश जैश-ए-पत्रकारिता, ‘दी लल्लनटॉप’

"तुम कौन सा जहाज उड़ा रहे थे?" पायलट- "यह मैं आपको नहीं बता सकता।""तुम किस मिशन पर थे?"पायलट- "यह मैं आपको नहीं बता सकता।" ये...

कॉन्ग्रेस ने की चन्द्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि पर भगत सिंह की फ़ोटो ट्वीट

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि के अवसर पर भगत सिंह की फ़ोटो ट्वीट कर डाली।

रिक्शा चलाकर 9 स्कूल खोलने वाले अहमद अली की कहानी, जिन्हें ‘मन की बात’ ने दी पहचान

पहला स्कूल बनाने के लिए अहमद अली ने अपनी ही पुस्तैनी जमीन का एक टुकड़ा बेच दिया था और दूसरा हिस्सा स्कूल के लिए दान कर दिया था। स्कूल चलाने के लिए कुछ धन अहमद अली ने अपनी मेहनत, बचत और कुछ चंदे के रूप में जुटाया।

‘तेरे प्यार में क्या-क्या न बना मीना..’ राहुल गाँधी का नया नारा

चुनाव जीतने के लिए फोटोशॉप से लेकर आई टी सेल के कुकर्मों पर निर्भर हो चुके राहुल गाँधी ने अब परिवार के दिवंगत सदस्यों को भी मैदान में उतार लिया है।

कुप्रेक: वामपंथ के इश्क़ में ज़हर होना

उम्मीद है कि 'राष्ट्रवाद से नफरत' की मानसिकता वालों के भी कभी अच्छे दिन जरूर आएँगे, जब ये यकीन करना शुरू कर देंगे कि जुरासिक पार्क की फिल्मों के लिए असली डायनासौर और सुपरमैन फिल्म बनाने के लिए असली सुपरमैन की सहायता नहीं ली गई थी।

फ़ेक न्यूज़ तलाशने के लिए एलियंस के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़े पतित सिन्हा, UNESCO ने दिया बेस्ट खोजी का अवार्ड

फ़ॉल्ट न्यूज़ के ही एक पत्रकार ने बताया कि पतित सिन्हा अभी एलियंस की कुछ ऐसी तश्वीरों के इन्तजार में हैं जिन्हें वो अपनी महिला मित्र से साझा कर के पता कर सकेंगे कि एलियंस की यह प्रजाति राष्ट्रवादी है या गैर-राष्ट्रवादी।

सिर्फ और सिर्फ जिहादी हिंसा का संरक्षक है आतंकवाद

कुछ गिने-चुने मुस्लिम ही ऐसे थे, जो सोशल मीडिया पर कुरीतियों और बुराइयों को स्वीकार कर उनका विरोध करते थे। लेकिन उनके एकाउंट को रिपोर्ट कर डिलीट करवा दिया गया। उनकी अभिव्यक्ति की आजादी ही छीन ली गई, क्योंकि वो सुधार की बात करते हैं।

वेलेंटाइन डे स्पेशल: ‘राजुला-मालूशाही’ की कहानी जो बन गया प्यार के लिए संन्यासी

राजुला का पत्र पढ़कर मालूशाही शोक में डूब गया, राजुला के विवाह की ख़बर ने मानो उसे निर्जीव कर दिया। मालूशाही की आँखें सूख गई, उसका अन्न-जल त्याग हुआ, लेकिन वो जानता था कि यह समय विलाप का नहीं है।