Friday, April 10, 2020
होम बड़ी ख़बर कुप्रेक: वामपंथ के इश्क़ में ज़हर होना

कुप्रेक: वामपंथ के इश्क़ में ज़हर होना

ये करिश्माई प्रतिभा हो सकती है कि जो आतंकवाद को आतंकवाद कहने से हिचकिचाते हैं, जो धर्म के नाम पर पनप रहे जिहाद को आज तक जिहाद नहीं बता पाए, उन्होंने व्हाट्सएप्प पर मिलने वाले जननांग की तस्वीर और शूटिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले घोड़े से राष्ट्रवाद को तुरंत पहचान लिया।

ये भी पढ़ें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पिछले कुछ दिनों में लगा था कि देश शायद तमाम राजनीतिक पूर्वग्रहों, विचारधारा के मनमुटावों से ऊपर उठकर एकजुट होने का निर्णय ले चुका है। लेकिन हम सबने एक-दूसरे को निराश कर दिया। हम उन ‘चराक्षर’ और ‘गराक्षर’ के दानव को आतंकवाद से ऊपर लाकर भारत माता को समर्पित करने लगे जो जनता ने हमें हमारे कारनामों के लिए हमें पुरस्कार स्वरुप सौंपे। हमारे विरोध के तरीके बदल चुके हैं। TRP की कुंठा में हम सब आत्मग्रस्त हो चुके हैं। हमने साबित कर दिया है कि हमारी विषैली विचारधारा का योगदान बलिदान हुए 40 सैनिकों के योगदान से कहीं बढ़कर है।

व्हाट्सएप्प पर भेजी जाने वाली जननांग की तस्वीर से लोगों की राष्ट्रभक्ति पहचान ली गई हैं, सैनिकों के आरक्षण पर डिबेट को हवा दे दी जा चुकी है, ताकि हम चुपके से उस मानसिकता को कोसने से बच जाएँ, जो आतंकवाद को जन्म देती है। यह शायद इस मीडिया गिरोह के अनुसार इस चर्चा का सबसे उपयुक्त समय है। ‘कश्मीरियत’ की दंगाई, उपद्रवी हरकतों और उनके पत्थरबाजों के प्रति अश्रुपूरित सत्संग लिखे जा चुके हैं।

सांप्रदायिक भेदभाव और उन्माद बढ़ाने के लिए मौके की तलाश में बैठे वामपंथी गिरोहों ने जता दिया कि सैनिकों का बलिदान सिर्फ और सिर्फ अपनी विषैली मानसिकता के बीजारोपण का एक सुन्दर अवसर है। पुलिस के स्पष्टीकरण के बावजूद मीडिया में इन गिरोहों ने ये कहकर खूब तांडव मचाया कि कश्मीरी युवाओं को परेशान किया जा रहा है। फिर भी इन गिरोहों का एक अच्छा खासा वर्ग समाज में पनप रहा है और तंदुरुस्त हो रहा है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

कारवाँ के एजाज़ अशरफ़ ने ऐसे समय में सैनिकों की जाति ढूँढ निकाली, जिस समय सारा देश बलिदानी सैनिकों के शोक में डूबा था। ये वही कारवाँ है, जिसका ज़िक्र अपने प्राइम टाइम से लेकर फेसबुक पोस्ट तक में रवीश कुमार ‘सनसनीखेज खुलासों’ के लिए किया करते हैं। मीडिया गिरोह की इन षड्यंत्रकारी घातक टुकड़ियों के झूठ के बाजार और इनकी विश्वसनीयता के बारे में हम पहले भी बता चुके हैं।

अब नया मुद्दा इन मीडिया गिरोहों का कंगना रानौत की देशभक्ति है। अपनी बात खुलकर कहने और अपने साहसी बयानों के कारण चर्चा में रहने वाली कंगना रानौत को एक ऐसे गुट से निशाना बनाया जा रहा है, जो सीमा पर मरने वाले जवानों पर बनाए जाने वाले चुटकुलों पर हँसता आया है। कॉमेडी के नाम पर ऐसे चुटकुलों को दिशा देने वाले AIB समूह की दुकान आज व्हाट्सएप्प पर ‘न्यूड’ माँगने और महिला उत्पीड़न के मामलों के कारण बंद हो चुकी है। ख़ास बात ये है कि इनसे सहानुभूति रखने वाला अभी भी एक बड़ा वर्ग समाज में इन्हें सम्मान की नज़र से देखता है।

ये करिश्माई प्रतिभा हो सकती है कि जो आतंकवाद को आतंकवाद कहने से हिचकिचाते हैं, जो धर्म के नाम पर पनप रहे जिहाद को आज तक जिहाद नहीं बता पाए, उन्होंने व्हाट्सएप्प पर मिलने वाले जननांग की तस्वीर और शूटिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले घोड़े से राष्ट्रवाद को तुरंत पहचान लिया।

कंगना रानौत की हाल ही में आई फ़िल्म मणिकर्णिका को दर्शकों को खूब सराहा है। लेकिन 1857 की क्रांति को स्वतंत्रता की पहली क्रांति न मानने वालों की आपत्ति का कारण सिर्फ यही नहीं है। पुलवामा आतंकी घटना के बाद कंगना रानौत ने कहा था, “विपक्ष वाले फ़र्ज़ी शोक न मनाएँ, उन्हें तो गधे पर बिठाकर थप्पड़ मारा जाना चाहिए।” अक्सर सामाजिक और राजनीतिक घटनाक्रमों पर बेबाकी से अपने विचार रखने वाली कंगना रानौत के साहसिक यानी ‘बोल्ड’ अंदाज के कारण उनको निशाना बनाया जा रहा है। आप सोचिए कि ये वही लोग हैं जो अक्सर स्वरा भास्कर पर फिल्माए गए हस्तमैथुन के दृश्यों को महिला सशक्तिकरण का पहला चरण बताते हैं। इसके लिए सहारा लिया जा रहा है उनकी फिल्म मणिकर्णिका की शूटिंग के दौरान फ़िल्माए जा रहे एक ऐसे दृश्य से जिसमें वो नकली घोड़े पर सवार हैं।

किसी की अभिव्यक्ति के अधिकार को छीनने के लिए और उसके मनोबल को गिराने के लिए इस तरह के सस्ते हथकंडों का इस्तेमाल करना इन मीडिया गिरोहों को और भी ज्यादा हास्यास्पद बनाता है और उससे भी ज्यादा हास्यास्पद इस वीडियो को कंगना रानौत की देशभक्ति (नेश्नलिज़्म) से जोड़ना है। आप कह सकते हैं कि और कितना गिरोगे भाई Scroll ?

जाहिर सी बात है कि फिल्मों के किसी भी दृश्य में जानवरों का इस्तेमाल प्रतिबंधित है और असली घोड़े का इस्तेमाल ना ही कँगना कर सकती हैं, ना शाहरुख खान और ना ही प्रियंका चोपड़ा! लेकिन शूटिंग के दौरान बनाए गए इस  वीडियो को लेकर न्यूज़ बना देना यही दर्शाता है कि इन मीडिया गिरोहों के पास प्रोपेगैंडा फैलाने का ‘कच्चा सामान’ दिनों-दिन कम पड़ता जा रहा है।

कुंठित ट्विटर ट्रॉल्स को उन्हीं की भाषा में जवाब देने के लिए ‘@squintneon’ नाम के यूज़र ने आमिर खान की धूम फिल्म की शूटिंग के दौरान की वीडियो क्लिप पोस्ट कर सवाल पूछा है कि अगर कंगना के वीडियो से उसके नेश्नलिज़्म का पता चल जाता है तो फिर इस वीडियो के माध्यम से आमिर खान को असहिष्णुता का सिपाही बताकर दिखाइए।

ज़ाहिर सी बात है कि राष्ट्रवाद से घृणा में यह ट्रॉल-दल इतना कुंठित हो चुका है कि इसके हाथ जो कुछ लग रहा है ये उसी को जरिया बनाकर अपनी भड़ास निकाल रहा है। शायद कंगना रानौत के खिलाफ यह मुहिम सिर्फ इस वजह से भी है कि वो AIB जैसे समूहों के घटिया चुटकुलों का हिस्सा न बनकर देश और समाज के विषयों में रूचि रखती हैं। उम्मीद है कि ‘राष्ट्रवाद से नफरत’ की मानसिकता के कारण इस तरह की मुहिम चलाने वालों के भी कभी अच्छे दिन जरूर आएँगे, जब ये यकीन करना शुरू कर देंगे कि जुरासिक पार्क की फिल्मों के लिए असली डायनासौर और सुपरमैन फिल्म बनाने के लिए असली सुपरमैन की सहायता नहीं ली गई थी। तब तक हम इनके लिए प्रार्थना कर सकते हैं कि इन्हे एक विपरीत विचारधारा और राष्ट्रवाद से नफरत में इन्हे अपनी बात रखने के लिए इतने ‘सस्ते तरीकों’ का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

ताज़ा ख़बरें

लॉकडाउन में घोटाले के आरोपित वाधवान परिवार को VIP ट्रीटमेंट: महाबलेश्वर भेजने पर घिरी महाराष्ट्र सरकार, 23 पुलिस हिरासत में

“इस बारे में जाँच की जाएगी कि वाधवान परिवार के 23 सदस्यों को खंडाला से महाबलेश्वर की यात्रा करने की अनुमति कैसे मिली।” इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार द्वारा भारी शर्मिंदगी झेलने के बाद गृह विभाग के विशेष सचिव और एडिशनल डीजीपी अमिताभ गुप्ता को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया।

तमिलनाडु: 24 घंटे में 96 नए कोरोना पॉजिटिव आए सामने, 84 तबलीगी जमात से जुड़े, कुल 834 में 763 मरकज की सौगात

तमिलनाडु में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 96 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 84 संक्रमित लोग दिल्ली निजामुद्दीन में आयोजित तबलीगी जमात के कार्यक्रम से जुड़ हुए हैं।

नशे को हाथ न लगाने वाला मकरज से लौटा जमाती कोरोना पॉजिटिव: लोगों के साथ गुड़गुड़ाया हुक्का, पी चाय-पानी, कई गाँवों में मिलने गया

उसने गाँव वालों से मरकज के मजहबी सभा में शामिल होने वाली बात को सबसे छुपाया। जब ग्रामीणों ने उससे इस संबंध में पूछा तो भी उसने झूठी और मनगढ़ंत कहानी सुनाकर उनको बरगलाया। लोगों ने भी आसानी से उसकी बातों को मान लिया और उसके साथ हिलने-मिलने लगे।

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन मिलने से इजराइल के प्रधानमंत्री भी हुए गदगद, PM मोदी को कहा- प्रिय दोस्त, धन्यवाद!

भारत ने मंगलवार को इसके निर्यात पर लगी रोक को आंशिक रूप से हटा लिया और गुरुवार को भारत द्वारा भेजी गई 5 टन दवाइयाँ इजरायल पहुँच गईं, जिनमें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन भी शामिल थी। जिसके बाद नेतन्याहू का ट्वीट आया।

मधुबनी: दलित महिला के हत्यारों को बचाने के लिए सरपंच फकरे आलम ने की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलवाने कोशिश

“गाँव में लोगों ने अफवाह उड़ा दी है कि हमने मुस्लिम परिवार से 2 लाख रुपए लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया है। ये बिल्कुल गलत बात है। हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया है और न ही करेंगे। हम तो कहते हैं कि 1 लाख रुपया मेरे से और ले लो और दोषियों को सजा दो। हमें पैसे नहीं, इंसाफ चाहिए। हमारी माँ चली गई, उनकी मौत नहीं हुई, उनकी हत्या की गई। हमारा एक जान चला गया। हम पैसा लेकर क्या करेंगे? हमें तो बस इंसाफ चाहिए।”

‘चायनीज’ कोरोना देने के बाद चीन ने चली कश्मीर पर चाल: भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- हमारे घर में न दें दखल, हमारा...

चीनी प्रवक्ता ने कहा था कि पेइचिंग कश्मीर के हालात पर नजर रखे हुए हैं और हमारा रुख इस पर नहीं बदला है। कश्मीर मुद्दे का इतिहास शुरू से ही विवादित रहा है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए।"

प्रचलित ख़बरें

एक ही थाली में 6-7 लोग खाते थे, सेक्स करना भी सिखाते थे: मरकज में 21 दिन रहे शख्स का खुलासा

तेलंगाना के रहने वाले इस व्यक्ति के अनुसार तबलीगी जमात पूरी दिनचर्या तय करता है। खाने-पीने से लेकर मल-मूत्र त्याग करने तक सब कुछ। यहाँ तक कि सेक्स कैसे करना है, ये भी जमात ही सिखाता था। यह भी कहा जाता था कि बीमार पड़ने पर डॉक्टरों के पास नहीं जाना चाहिए और अल्लाह में यकीन करना चाहिए।

हस्तमैथुन, समलैंगिकता, सबके सामने शौच-पेशाब: ‘इस्लाम ऑन द मूव’ किताब में तबलीगियों की पूरी ट्रेनिंग की कहानी

“आज हर कोई आइसोलेशन में रखे गए तबलीगियों को देखकर हैरान है कि वे इतना क्यों थूक रहे हैं। तो बता दें कि उनका धर्मशास्त्र उन्हें ऐसा करने की शिक्षा देता है कि नमाज पढ़ते समय या मजहबी कार्य करते समय शैतान की दखलअंदाजी खत्म करने के लिए वो ये करें।"

जैश आतंकी सज्जाद अहमद डार के जनाजे में शामिल हुई भारी भीड़: सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियाँ, बढ़ा कोरोना संक्रमण का खतरा

सुरक्षाबलों द्वारा जैश आतंकी सज्जाद अहमद डार को बुधवार को मार गिराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया इस हिदायत के साथ कि जनाजे में ज्यादा लोग एकत्र न हों, लेकिन इसके बाद भी जैसे ही आतंकी के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। नियमों और कोरोना से खतरे को ताक पर रखकर एक के बाद एक भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ उसके जनाजे में जुटने लगी।

घर में BJP कैंडिडेट की लाश, बाहर पेड़ से लटके थे पति: दीया जलाने पर TMC ने कही थी निशान बनाने की बात

शकुंतला हलदर अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलीं। उनके पति चंद्र हलदर घर के पिछले हिस्से में आम के पेड़ से लटके हुए थे। हत्या का आरोप सत्ताधारी दल टीएमसी के गुंडों पर लग रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि मृतक दंपती के बेटों को घर में घुसकर धमकी दी गई है।

तबलीगी जमात के ख़िलाफ़ मत बोलो, टीवी पर आ रही सब न्यूज फेक है: रेडियो मिर्ची RJ सायमा ने किया मरकज के ‘मानव बम’...

“स्वास्थ्य अधिकारियों पर थूकना, सड़कों पर बस से बाहर थूकना, महिला कर्मचारियों के सामने अर्ध नग्न हो, भद्दी टिप्पणी करना, अस्पतालों में अनुचित माँग करना, केवल पुरुष कर्मचारियों को उनके लिए उपस्थित होने के लिए हंगामा करना और आप कितनी आसानी से कह रही हो कि इनके इरादे खराब नहीं हैं। हद है।”

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

175,545FansLike
53,875FollowersFollow
215,000SubscribersSubscribe
Advertisements