फ़ेक न्यूज़ तलाशने के लिए एलियंस के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़े पतित सिन्हा, UNESCO ने दिया बेस्ट खोजी का अवार्ड

ज्ञात हो कि कभी-कभी पतित सिन्हा की टीम पर खुद ही केन्या के प्रॉक्सी सर्वर से फॉल्ट न्यूज़ के ऑफ़िस में ही फेक इमेज फोटोशॉप करने के बाद, 10-12 लोगों से जबरदस्ती शेयर कराकर उसे वायरल घोषित करने का आरोप लगता रहा है। यही नहीं इस कार्य में ज़ू के बीयर तक से पतित सिन्हा ने 'विचारधारा के नाम पर' टच स्क्रीन छुआ कर शेयर कराया है।

दुकान चलाने के लिए तरह-तरह के फ़ेक न्यूज़ वाले व्हाट्सएप्प ग्रुप से ‘प्लीज़ ऐड मी’ रिक्वेस्ट भेजकर सर्वाधिक व्हाट्सएप्प ग्रुप्स से जुड़ने का विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए कुख़्यात फ़ॉल्ट न्यूज़ के सहसंस्थापक पतित सिन्हा ने आज अपने ज़ज़्बे को एक नई ऊँचाई दे डाली। फ़ॉल्ट न्यूज़ के सूत्रों के अनुसार ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ ने पतित सिन्हा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सभी व्हाट्सएप्प ग्रुप्स का मॉनिटर और WR (व्हाट्सएप्प रेप्रेज़ेंटेटिव) की उपाधि देने का ऐलान कर दिया है। इस बात पर नम आँखों से पतित सिन्हा ने कहा कि वो बचपन से ही WR बनना चाहते थे।

सिर्फ सूँघकर ही ख़बरों को झूठी बना देने का दावा करने वाले ‘फ़ेक न्यूज़ के चितेरे’ पतित सिन्हा ने उस वक़्त सबको चौंका दिया जब दुकान चलाने के लिए व्हाट्सएप्प ग्रुप्स से जुड़ने के उनके इस जज्बे ने उन्हें एलियन्स के रिश्तेदारों के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जोड़ दिया। इस पर उन्होंने कहा, “मैं अकेले ही चला था व्हाट्सएप्प-ए-यूनिवर्सिटी मगर, भगत साथ आते गए, मैं एलियन्स से जुड़ता रहा।”

इस घटना से जहाँ एक ओर चटपटी ख़बरों के शौक़ीन फ़ॉल्ट न्यूज़ की भगत मंडली में उत्साह की लहर है, वहीं UNESCO ने पतित सिन्हा को इस बड़ी क़ामयाबी के लिए ने उन्हें पृथ्वी ग्रह की ‘धरोहर’ घोषित कर दिया है। साथ ही नींद में भी ‘वायरल’ शब्द बड़बड़ाने पर UNESCO ने पतित सिन्हा को ‘वायरल’ शब्द को परिभाषित करने के लिए भी प्रेरित किया है।

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जैसा कि पृथ्वी निवासी जानते हैं कि फ़ॉल्ट न्यूज़ वालों के लिए ‘वायरल’ शब्द की सही व्याख्या करना एक दुरूह कार्य रहा है। ज्ञात हो कि कभी-कभी पतित सिन्हा की टीम पर खुद ही केन्या के प्रॉक्सी सर्वर से फॉल्ट न्यूज़ के ऑफ़िस में ही फेक इमेज फोटोशॉप करने के बाद, 10-12 लोगों से जबरदस्ती शेयर कराकर उसे वायरल घोषित करने का आरोप लगता रहा है। यही नहीं इस कार्य में ज़ू के बीयर तक से पतित सिन्हा ने ‘विचारधारा के नाम पर’ टच स्क्रीन छुआ कर शेयर कराया है।

चूँकि ये सारी बातें अब वृहद् जनमानस की चर्चा का हिस्सा बन चुकी हैं तो UNESCO ने अवार्ड देते हुए पतित सिन्हा से गुज़ारिश की, “अब तो सच बोल दे… (ध्यान रहे UNESCO वैसी बात नहीं कहता जो आप पढ़ना चाह रहे हैं) …कि वायरल होना कितने लाइक और शेयर पर माना जाए।”

लेकिन यह पता चलने पर कि एलियंस के रिश्तेदारों वाले ग्रुप पर फ़ेक न्यूज़ की जगह सिर्फ़ ‘हेल्लो जी सुबह की नमस्ते’ जैसी तस्वीरें ही ‘वायरल’ हो रही हैं, पतित सिन्हा को गमगीन हालत में देखा गया।

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फिलहाल इस मोटिवेशनल लाइन को सुनने के बाद स्थिति नियंत्रण में है और पतित सिन्हा ने इसकी जानकारी अपने सहयोगी और भाड़े के पत्थरबाज़ ‘चिड़ियाघर के भालू’ को दे दी है। नाम न बताने की शर्त पर फ़ॉल्ट न्यूज़ के ही एक पत्रकार ने बताया कि पतित सिन्हा अभी एलियंस की कुछ ऐसी तश्वीरों के इन्तजार में हैं जिन्हें वो अपनी महिला मित्र से साझा कर के पता कर सकेंगे कि एलियंस की यह प्रजाति राष्ट्रवादी है या गैर-राष्ट्रवादी। फ़ॉल्ट न्यूज़ भगत मंडली से उन्होंने वादा किया है कि इस काम को अंजाम देने से पहले वो एलियंस के व्हाट्सएप्प ग्रुप को नहीं छोड़ेंगे। इस पर भगत मंडली ने कहा “एक ही तो दिल है सिन्हा जी, कितनी बार जीतोगे?”


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