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जयन्ती मिश्रा

बबलू उर्फ शब्बीर ने मेरे शरीर का कपड़ा खोल दिया, बराबर गलत काम किया: 8वीं की हिंदू बच्ची ने कोर्ट में सुनाई आपबीती

बिहार के मधुबनी से नाबालिग अगवा की गई। दिल्ली ले जाया गया। फिर अहमदाबाद, जहाँ से पुलिस ने बच्ची को बरामद कर अपहरणकर्ता को दबोचा।

सिर्फ 2 महीने में 16 मामले: UP, MP, हरियाणा, दिल्ली सहित कई राज्यों में तेजी से पाँव पसार रहा है लव जिहाद

लव जिहाद को लेकर आज भी जिन लोगों के मन में संदेह उत्पन्न होता है या इतने मामले पढ़ने के बाद भी उन्हें लगाता है कि ये सब समाज का ही हिस्सा है तो उन्हें इन केसों में कुछ खास बिंदुओं पर गौर करने की आवश्यकता है।

‘चमा$# कब तक बचेगी’ – अलाउद्दीन ने की छेड़छाड़, पुलिस ने पीड़िता के ही परिजनों को किया गिरफ्तार, बजरंग दल का प्रदर्शन

बजरंग दल ने 10 सितंबर को रास्ता जाम करके प्रदर्शन किया था। साथ ही थाना प्रभारी का पुतला भी जलाया था। संगठन का कहना था कि वह इस मामले को...

मुझे और मेरे परिवार को गुंडों ने पीटा, गोली मारने की दे रहे धमकी, पुलिस कह रही कॉम्प्रोमाइज कर लो: पीड़ित CA छात्र

विवाद में घायल गौरव CA का छात्र है। FIR में नाम होने और लगातार मिल रही धमकियों के कारण उसकी चिंता अपने भविष्य को लेकर बढ़ गई है।

6 से 8 महीने का काम 14 दिन में: कोरोना से लड़ाई में Caring Indians का कमाल, डेवलप किया देशी वेंटिलेटर और मास्क

IIT से कई शिक्षाविद इससे जुड़े हैं। इसके अलावा कई इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, कृषक, व स्वयंसेवक भी इसका जरूरी हिस्सा हैं।

‘आखिरी बार पूछ रहा हूँ फ्रेंडशिप करेगी कि नहीं’: सललन ने दी धमकी, पार्किंग के नाम पर अंसारी, कुर्शीद ने बोला हिन्दू परिवार पर...

उन लोगों ने बिरजू दास की बेटी से यहाँ तक कहा, "जो तू इतनी खूबसूरती लेकर घूमती है न, इस पर ऐसा दाग लगाऊँगा कि तू कभी सोच भी नहीं सकती है।"

‘चमा*#% कब तक बचेगी’: दलित नाबालिग से अलाउद्दीन ने की बदसलूकी, परिजनों पर कट्टरपंथी भीड़ ने बरसाए ईंट-पत्थर

अलाउद्दीन ने दलित नाबालिग से छेड़छाड़ की। उस पर जातिसूचक कमेंट किया। जब उसके परिजन इसकी शिकायत लेकर आरोपित के घर पहुॅंचे तो उन्हें ईंट-पत्थर से मारा।

‘च#रों की गवाही वापस लो, वरना जान से मार देंगे’ – मेवात में दलित परिवार का साथ देने पर अलीम और उसके गुंडों ने...

राहुल पर धारदार फरसे से हमला किया गया और उसके परिवार को जातिसूचक शब्द बोलकर धमकाया गया कि यदि गाँव में रहना है तो जूती के नीचे रहना होगा।