तहरीर में बाबा के साथ हुई बदसलूकी का उल्लेख किया गया और आरोपितों में गाँव में रहने वाले बनी पुत्र असगर, इरफान, अंसार, आजाद, इब्राहिम, मो रफीक आदि दबंगों का नाम लिखवाया।
आम तौर पर ग्रामीणों को सुध ही नहीं होती कि सरकार उनके लिए क्या कर रही है, क्या नहीं? वहीं ये किसान समूचे गाँव की स्थिति पर अधिकारियों के आमने-सामने आ खड़े हुए हैं।
खालिद सैफी के गुनाहों पर भावुकता की लीपापोती करने का जिम्मा उठाया है राणा अय्यूब ने। वह चाहती हैं कि सैफी के बच्चों के सवाल याद रहे, लेकिन वे तमाम बच्चों बिसरा दिए जाएँ जिनसे दिल्ली दंगों ने पिता छीन लिया था।
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद कई लोगों ने स्कॉच ब्राइट नामक उत्पाद बनाने वाली कंपनी 3M को आड़े हाथों लिया है। लोगों ने पूछा कि वो अपना 'लोगो' बदलने से पहले बता सकती है कि बिंदी रिग्रेसिव कैसे है?
ज़कारिया खान ने भाई तारू सिंह से कहा, “तारू सिंह… तुमने जो किया वह माफी के लायक बिलकुल नहीं है, लेकिन मैं तुम्हें एक शर्त पर छोड़ सकता हूँ। तुम इस्लाम कबूल कर लो, हमारे मित्र बन जाओ........"