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जयन्ती मिश्रा

‘तू मेरा मंदिर अपने घर ले जा, मैं इसका अनादर नहीं देख सकती’- शमशाद के घर जाने से पहले सहेली से प्रिया की बात

“चंचल तू मेरे मंदिर को अपने घर ले जा, मैं इनका अनादर नहीं होने देना चाहती। ये हमारे भगवान का अपमान करेगा। मैं बर्दाश्त नहीं करूँगी।”

मौत के 16 साल बाद: नरसिम्हा राव के तिरस्कार पर कॉन्ग्रेस को पछतावा या मौकापरस्ती?

मौत के 16 साल बाद नरसिम्हा राव की विरासत पर क्यों दावा कर रही कॉन्ग्रेस? पाश्चाताप या फिर दक्षिण में ठौर तलाशने की जुगत?

पुजारी, तू ये लाउडस्पीकर बंद कर दे, नहीं तो बोरी में बंद करके फिंकवा दिया जाएगा: नगला ब्राह्मण गाँव में समुदाय विशेष ने दी...

तहरीर में बाबा के साथ हुई बदसलूकी का उल्लेख किया गया और आरोपितों में गाँव में रहने वाले बनी पुत्र असगर, इरफान, अंसार, आजाद, इब्राहिम, मो रफीक आदि दबंगों का नाम लिखवाया।

ग्राम विकास के लिए आवाज बनकर आगे आया एक किसान, RTI के जवाब में माँग रहा अधिकारियों से सारा हिसाब

आम तौर पर ग्रामीणों को सुध ही नहीं होती कि सरकार उनके लिए क्या कर रही है, क्या नहीं? वहीं ये किसान समूचे गाँव की स्थिति पर अधिकारियों के आमने-सामने आ खड़े हुए हैं।

‘क्या यही है रामराज्य’, ‘संघियों ने मारा’ चिल्लाने वाले, ‘कमालुद्दीन के बेटे’ के हत्यारा होने पर बिलबिलाए

इस बात से तो कोई इनकार नहीं कर रहा कि इस केस में बाकी आरोपित का हाथ नहीं था। लेकिन लोग केवल शाहनूर का नाम उजागर कर रहे हैं क्योंकि...

खालिद सैफी के बच्चों के नाम पर राणा अय्यूब की इमोशनल उल्टी: उन बच्चों का क्या जिनके पिता को दंगाइयों ने मार डाला

खालिद सैफी के गुनाहों पर भावुकता की लीपापोती करने का जिम्मा उठाया है राणा अय्यूब ने। वह चाहती हैं कि सैफी के बच्चों के सवाल याद रहे, लेकिन वे तमाम बच्चों बिसरा दिए जाएँ जिनसे दिल्ली दंगों ने पिता छीन लिया था।

जब मिले गुहा और आरफा के सुर: PM मोदी को पड़ी गाली, NDTV, वायर और रवीश की पीटी थाली

इतिहासकार रामचंद्र गुहा जैसा और पत्रकार आरफा खानम शेरवानी जैसी। वही हुआ जो आप सोच रहे हैं। पीएम मोदी के लिए हर लाइन में घृणा।

पत्नी के वोट से CM की कुर्सी फिसली, आज गहलोत के तारणहार: कभी पायलट की तरह ठगे रह गए थे सीपी जोशी

जैसे 2018 में पायलट ठगे रह गए थे वैसे ही 2008 में जोशी की किस्मत भी रूठ गई थी। दोनों मौकों पर लॉटरी गहलोत की ही लगी।