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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

कॉन्ग्रेस नेताओं ने दी धमकी, कंगना को नहीं करने देंगे ‘धाकड़’ की शूटिंग

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के नेताओं ने कंगना रनौत को 'धाकड़' फिल्म की शूटिंग नहीं करने की धमकी दी है।

हमारा सिस्टम लेफ्ट-राइट नहीं जानता, यह पूरी तरह भारतीय App: Koo पर उठे सवालों का संस्थापक ने दिया जवाब

"हम सिर्फ़ 10 माह पुराने प्लेटफॉर्म हैं। इस तरह यूजर्स की भरमार हमारे लिए बहुत अनापेक्षित थी। हम अपने प्लेटफॉर्म को हर दिन बेहतर बना रहे हैं। ये कोई ऐसी दिक्कतें नहीं है जिनसे आप निपट नहीं सकते या फिर इन्हें इम्प्रुव नहीं किया जा सकता।"

यूपी कासगंज पुलिस हत्याकांड में शामिल हत्यारोपित नवाब गिरफ्तार, मुख्य आरोपित मोती सिंह का है दाहिना हाथ

पुलिस पर बेरहमी से हुए हमले के मामले में पुलिस ने नवाब नाम के एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया आरोपित कांस्टेबल देवेंद्र सिंह की हत्या में शामिल था।

73 देशों में हमारा संगठन, उनसे है हमारा गठजोड़: BKU वाले राकेश टिकैत ने कबूला ग्लोबल कनेक्शन

बीकेयू के प्रवक्ता ने कहा कि उनके संगठन का प्रदर्शन ब्राजील देश में भी हो रहा है, जहाँ ब्राज़ीलियाई मजदूरों को किसानों में परिवर्तित करने का प्रयास किया जा रहा है। राकेश टिकैत ने कहा, "ब्राजील में हम मजदूर से किसान बना रहे हैं।"

लाल किला हिंसा में गिरफ्तार दीप सिद्धू की ‘गर्लफ्रेंड’ रीना रॉय रह चुकी हैं मिस साउथ एशिया: खुला वीडियो से जुड़ा राज

जब दीप 26 जनवरी की हिंसा को लेकर विवादों में फँसा तो उसने विभिन्न फोन का इस्तेमाल करके रीना को अलग-अलग नंबरों से संपर्क किया। साथ ही टेलीग्राम एप्लीकेशन के जरिए उन्हें वीडियोज भेजी।

अल्लाह-हू-अकबर का नारा और तलवार लहराते लोग: महाराष्ट्र में डिप्टी मेयर हाजी राशिद के जन्मदिन का Video वायरल

महाराष्ट्र के मलकापुर नगरपालिका के डिप्टी मेयर हाजी राशिद जमादार के जन्मदिन में कई लोग मजहबी नारे लगाते हुए नजर आए।

‘सबसे ज्यादा आग लगाने वाला योगेंद्र यादव, आज पकड़ लिया जाए तो किसानों से होगी सीधी बात’: कॉन्ग्रेस सांसद

रवनीत सिंह बिट्टू ने संसद में बताया कि 26 जनवरी वाली हिंसा के पीछे योगेंद्र यादव है। उन्होंने कहा ये आदमी 2018 तक इस बिल के समर्थन में था और आज सबसे ज्यादा आग लगाने वाला ये आदमी है।

Newsclick ने अमेरिकी कंपनी से लिए 10 करोड़, CPI कनेक्शन भीः ED रेड के बाद सामने आए कई झोल

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, प्रेस क्लब, सीपेजी एशिया ने इस छापेमारी की निंदा की है। एडिटर्स गिल्ड ने तो इसे अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने वाला बताया है।