रेड जोन में अब डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। इन जिलों में जो भी लोग किसी भी फ्लू या खाँसी-सर्दी से पीड़ित मिलेंगे, उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा। हॉटस्पॉट एरिया में लोगों की पहचान के लिए हर हफ्ते अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान हर सोमवार को चलेगा।
आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करने की सलाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में दी थी। यह ऐप न केवल आपको कोरोना के बारे में सभी जानकारी उपलब्ध कराता है, बल्कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में भी मदद करता है।
"सरकार हमें काम करने की अनुमति नहीं दे रही है। क्या अब हम भूख से मरने वाले हैं? हम जानते हैं कि हमने आंदोलन के लिए इतने सारे लोगों को इकट्ठा करके अपने जीवन को जोखिम में डाला, लेकिन कोई विकल्प नहीं था।"
जिस डॉक्टर के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने यह दावा किया उसने भी उसकी रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब इस मीडिया संस्थान ने किसी खबर को बेवजह मजहबी रंग देने का प्रयास किया हो।
डॉक्टर का कहना है कि उन पर हमले की तैयारियाँ पहले से ही कि गई थी। जब उनका दल वहाँ पहुँचा तो उन पर हर तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। महिलाएँ भी अपनी छतों से ईंट और पत्थर बरसा रहीं थीं।
नन्द कुमार बघेल को 'राष्ट्रीय मतदाता जाग्रति मंच एवं कल्याण समिति' का अध्यक्ष बताया गया है। इसमें दावा किया गया है कि 'मोदी कोरोना' से निपटने के लिए बुद्ध और गाँधी के रास्ते पर चलते हुए छत्तीसगढ़ के 13 स्थानों पर लॉकडाउन का उल्लंघन किया जाएगा।
इससे पहले मुंबई के भाटिया अस्पताल में तीन मरीज कोरोना वायरस से पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद इनके संपर्क में आए डॉक्टरों और नर्सों के कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए जाने के बाद से प्रशासन ने सभी कर्मचारियों की जाँच शुरू की दी थी।