यह व्यक्ति पिछले हफ्ते ही श्रीलंका से लौटा था। उसे उसके घर में ही क्वारंटाइन किया गया था। पुलिस के अनुसार इसकी वजह से वह दिमागी रूप से असंतुलित हो चुका है। यह व्यक्ति टेक्सटाइल व्यापारी है।
आइसोलेशन कोच तैयार करने के लिए बाथरूम, गलियारे और दूसरी जगहों पर भी बदलाव किया गया है। बोगियों में आइसोलेशन वॉर्ड के साथ ही मरीजों के लिए साफ-सुथरे टॉयलेट का भी प्रबंध किया है।
गाँव में पहले से ही एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इसके बाद भी समुदाय के लोग मस्जिद में एकत्र होकर नमाज अदा करने सा बाज नहीं आ रहे। और तो और, मौलाना मस्जिद में बैठकर माइक से लोगों को नमाज के लिए इकट्ठा करने का ऐलान कर रहा था।
एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा करते हुए सलाह दी कि मोजों के एक दर्जन पैकेट्स ख़रीद लो और उनका टॉयलेट पेपर के रूप में प्रयोग कर के फिर 'ड्राई वाश' कर के सूखने के लिए डाल दो, फिर टॉयलेट पेपर की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी।
65 वर्षीय मृतक तबलीगी जमात से जुड़ा था। कुछ दिन पहले दिल्ली में एक मजहबी आयोजन में शामिल हुआ था। इस आयोजन में अन्य देशों के लोग भी थे। श्रीनगर लौटने से पूर्व वह जम्मू के पास एक मदरसा में भी रुका था।
इस ख़बर के सामने आने के बाद जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी ने इसे नकार दिया। अमेरिका के मेरीलैंड में स्थित यूनिवर्सिटी ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि उसने ऐसा कोई रिसर्च प्रकाशित नहीं किया है। यूनिवर्सिटी ने लिखा कि इस कथित 'रिसर्च' में उसके लोगो और नाम का भी ग़लत इस्तेमाल किया गया है।
कोरोना संक्रमण के बीच अफवाहें भी जानलेवा साबित हो रहीं। ऐसी ही एक अफवाह है- इंडस्ट्रियल अल्कोहल पीने से वायरस का मर जाना। बॉडी सैनिटाइज हो जाना। इस अफवाह के कारण ईरान में संकट दोहरा हो गया है। जहर लगातार फैलता जा रहा है।
पुलिस को देखकर नमाज पढ़ रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई लोग छत से लटक कर कूद गए। पुलिस ने दोनों भाइयों दीन और आस मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए दोनों भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।