इस पोस्ट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोपित पर माहौल खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। कथित तौर पर चॉंद ने दो फोटो अपलोड कर उनकी तुलना करते हुए योगी के लिए अभद्र टिप्पणी की थी।
ओवैसी बंधु हों या उनका शागिर्द वारिस पठान। शरजील इमाम हो या नांदेड़ का सलमान अहमद। हिंदुओं के खिलाफ घृणा से सनी वैसी ही भाषा। एक जैसी मानसिक विकृति। सबको दे रहे हैं अजीत भारती जवाब।
साल 1976। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली से एक इंटरव्यू में पूछा गया- भारत की आजादी में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की क्या भूमिका थी? एटली ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया- बहुत मामूली। एटली ने भारत छोड़ने की जो प्रमुख वजह बताई वह एक बिसरा दिया गया विद्रोह है।
इस्तीफा देने वाले नेता हैं- सांसद अरविंद सावंत और विधायक रविंद्र वायकर। सावंत को उद्धव ने राज्य की संसदीय समन्वय समिति का प्रमुख नियुक्त किया था। वायकर मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख समन्वयक बनाए गए थे।
पुदुचेरी का कराईकल जिला गंभीर जल संकट से घिरा था। लोग खेती छोड़ रहे थे। घर छोड़कर जाने को मजबूर थे। एक बाल्टी पानी के लिए मीलों चलना पड़ता था। लेकिन, एक अधिकारी ने पारंपरिक तरीकों से बदल दिए हालात।
कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं होने को लेकर संदीप दीक्षित ने बगावती सुर दिखाए हैं। उनका समर्थन करते हुए थरूर ने कहा है, “संदीप दीक्षित ने जो कहा है वह देश भर में पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे हैं। इनमें से कई नेता पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं।”