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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

पूजा करने पर गाली, पानी बंद: मुंबई की एक बिल्डिंग में हिंदू परिवारों को ऐसे करते हैं प्रताड़ित

"ईसाई परिवार हमारे पानी का कनेक्शन काट देते हैं। धमकी देते हैं। उन्हें (ईसाई परिवारों को) सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि हिन्दू परिवार पूजा करते हैं। उन्हें पसंद नहीं है कि हम अपने देवी- देवता को पूजें।"

पुलिस के पास 7 दिन: 2 फरवरी को शाहीन बाग का बोरिया-बिस्तर बाँधने सड़क पर उतरेंगे लोग

सरिता विहार के लोगों ने 2 फरवरी को प्रदर्शन की योजना बनाई है। यहॉं से शाहीन बाग तक मार्च निकाला जाएगा। इनका कहना है कि आम लोगों की सहूलियत देख बंद सड़क को खोल दिया जाए।

‘इस्लाम नहीं कहता बुर्के में पढ़ने जाओ’: पटना के जेडी वीमेंस कॉलेज ने नोटिस बदला

विवाद को देखते हुए कॉलेज ने बुर्का से जुड़ा निर्देश वापस ले लिया है। कॉलेज ने पहले ड्रेस कोड में आने का निर्देश देते हुए कहा था कि परिसर और क्लासरूम में बुर्का का प्रयोग वर्जित है। इसको लेकर कुछ छात्राओं ने आपत्ति जताई थी।

सबसे बड़ा फासिस्ट था गाँधी, संविधान और कोर्ट मुस्लिमों का दुश्मन: शाहीन बाग़ का शरजील

"अंग्रेज मुस्लिमों के कम दुश्मन थे। 1900 से लेकर 1950 तक अंग्रेजों ने मुस्लिमों के साथ कम पक्षपात किया। लेकिन न्यायपालिका 1950 के बाद से मुस्लिमों की दुश्मन बन गई है। 1950 के बाद मुस्लिमों को एक तरह की ग़ुलामी में डाल दिया गया।"

गुजरात के आणंद में नमाज के बाद पथराव और आगजनी, गोली लगने से विनोद की मौत

जहॉं हिंसा हुई वह इलाका सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कुछ लोग घरों की छतों से पथराव कर रहे थे। कुछ घरों को आग के हवाले कर दिया गया। अब हालात में काबू में बताए जा रहे।

नसीरुद्दीन शाह की बेटी बिल्लियों की नसबंदी कराने गईं, लेकिन अस्पताल में करने लगीं मारपीट, FIR दर्ज

"हीबा 2 बिल्लियों को लेकर नसबंदी के लिए आईं। कर्मचारियों ने उन्होंने 5 मिनट इंतजार करने के लिए कहा, क्योंकि क्लिनिक में सर्जरी चल रही थी। मगर 2-3 मिनट के बाद ही हीबा गुस्से में आ गई और कर्मचारियों को बुरा-भला कहने लगीं। दो महिला स्टाफ सदस्यों के साथ मारपीट की, उन्हें थप्पड़ मारा।"

जिसने दी असम को हिंदुस्तान से काटने की धमकी, उस ‘इमाम’ के खिलाफ दर्ज होगा देशद्रोह का मुकदमा

“हम नॉर्थ ईस्ट और हिंदुस्तान को परमानेंटली काट कर सकते हैं। परमानेंटली नहीं तो कम से कम एक-आध महीने के लिए असम को हिंदुस्तान से काट ही सकते हैं। मतलब इतना मवाद डालो पटरियों पर, रोड पर कि उनको हटाने में एक महीना लगे। जाना हो तो जाएँ एयरफोर्स से।”

9 महीने में 12 पत्रकारों पर जानलेवा हमला, मारपीट, गाली-गलौज: सब के सब सेक्युलर और ‘शांतिपूर्ण’ जगहों पर!

गोदी मीडिया, सरकार मीडिया को धमका रही है, देश में आपातकाल आ गया है, लोग लिखने से डर रहे हैं... इन सारे जुमलों के बीच पत्रकारों पर हुए हमलों की ताजा लिस्ट देखिए। समझिए कि ये हमले कौन और कहाँ कर रहा है। कौन मीडिया को लिखने से रोक रहा है, कौन उन्हें धमका रहा है।