पूजा करने पर गाली, पानी बंद: मुंबई की एक बिल्डिंग में हिंदू परिवारों को ऐसे करते हैं प्रताड़ित

एक व्यक्ति ने बताया कि ईसाई परिवार उन्हें परेशान करते हैं, क्योंकि उन्हें हिंदुओं के पूजा से चिढ़ है। उन्होंने कहा कि जब वे शंख बजाते हैं या पूजा के लिए अगरबत्ती जलाते हैं तो उन्हें परेशान किया जाता है।

कभी सिर्फ हिंदुत्व की बात करने वाली शिवसेना ने महाराष्ट्र में सत्ता पाने के लिए भाजपा का साथ छोड़ धुर विरोधी और ‘सेकुलर’ पार्टियों कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। इसका असर अब महाराष्ट्र में देखा जा सकता है। राज्य में ‘धर्मनिरपेक्ष’ सरकार बनने के बाद वहाँ के हिन्दुओं को प्रताड़ित होने के लिए छोड़ दिया गया है।

मुंबई के एमपी किन्नी हाउस बिल्डिंग में रह रहे हिंदू परिवारों को ईसाइयों द्वारा प्रताड़ित किया जाना इसका एक उदाहरण है। बिल्डिंग के हिन्दू परिवार काफी दुखी हैं। बहुसंख्यक ईसाई उन्हें पूजा नहीं करने देते हैं। जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई के जुहू स्थित इस बिल्डिंग में केवल 5 हिंदू परिवार हैं। अन्य सभी निवासी ईसाई हैं। बिल्डिंग के ईसाइयों ने हिंदू परिवारों का जीना मुश्किल कर रखा है। उन्हें धमकियाँ दी जाती है, उनके पानी का कनेक्शन बंद कर दिया जाता है।

बिल्डिंग में रहने वाली एक हिंदू अल्पा बेली ने कहा कि 6 महीना का एडवांस देने के बाद भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है। उन्हें पानी के बिना मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। ईसाई परिवार उनके पानी का कनेक्शन काट देते हैं, क्योंकि वो लोग उधर से पूजा के लिए भी पानी भरते हैं। अल्पा बेली कहती हैं, “उन्हें (ईसाई परिवारों को) सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि हिन्दू परिवार पूजा करते हैं। उन्हें पसंद नहीं है कि हम अपने देवी- देवता को पूजें।” 

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इसी तरह अंजू टाटा का परिवार भी धमकियों से सहमा रहता है। उन्होंने कहा कि इमारत में हिंदू परिवारों को ईसाई परिवार द्वारा बहुत सारे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गालियाँ, धमकी और पानी का कनेक्शन बंद कर देना इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि वे अक्सर उनके घर का दरवाजा नॉक करके बाहर आने के लिए कहते हैं और मारने की धमकी देते हैं।

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि ईसाई परिवार उन्हें परेशान करते हैं क्योंकि उन्हें हिंदुओं के पूजा से चिढ़ है, वो इसके खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि जब वे शंख बजाते हैं या पूजा के लिए अगरबत्ती जलाते हैं तो उन्हें परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न इस हद तक होता है कि अब हिंदू यहाँ से कहीं और चले जाने की सोच रहे हैं।

जब जी न्यूज के रिपोर्टर ने बिल्डिंग के केयरटेकर से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। केयरटेकर की बेटी ने दरवाजे पर खड़ी होकर कहा कि उनका इंटरव्यू लीजिए जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। आगे वह कहती है कि इसमें उनकी (केयरटेकर और ईसाई परिवार) कोई गलती नहीं है।

हालाँकि महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राज्य में हर किसी को अपने घरों में, उनके द्वारा विश्वास किए जाने वाले देवताओं की पूजा करने का अधिकार है। बताया जा रहा है कि हिंदू परिवार उत्पीड़न की शिकायत भी कर चुके हैं। लेकिन अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

वैसे यह पहली बार नहीं है, जब महाराष्ट्र से ऐसी कोई घटना सामने आई है। बीते साल अक्टूबर में फ़िल्म उद्योग से जुड़े मुंबई के मलाड पश्चिम के रहने वाले विश्व भानू ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी पीड़ा बताई थी। पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि दिवाली के मौक़े पर सोसायटी के लोगों (मुस्लिम) ने उन्हें और उनकी पत्नी को घर में दीये जलाकर रोशनी करने और रंगोली बनाने की अनुमति नहीं दी। सोसायटी के लोगों ने न सिर्फ उनके घर की लाइट्स भी तोड़ दी।

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