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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

तिब्बती शरणार्थी, फिर भी भारत में जीने की आज़ादी का आनंद ले रहे: दलाई लामा

दलाई लामा ने कहा कि 1974 में हमने तय किया था कि चीन से आज़ादी की माँग नहीं करेंगे। तिब्बती सिर्फ़ अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए कुछ अधिकारों की माँग कर रहे हैं। हम नालंदा दर्शन का अनुसरण कर रहे हैं।

J&K के 4,500 छात्रों ने PM स्कॉलरशिप के तहत लिया दाखिला, 6 सालों में सबसे अधिक

पीएमएसएसएस के तहत स्नातक में दाखिला लेने वाले बच्चों में से 2,400 जम्मू और 1,474 कश्मीर से हैं। शेष लद्दाख से हैं। इस वर्ष जम्मू-कश्मीर के सबसे अधिक बच्चों ने महाराष्ट्र में दाखिला लिया है। इसके बाद दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश का नंबर है।

सीमा में दिखते ही मार गिराएँ ड्रोन: सुरक्षा बलों को सरकार का आदेश

फिरोजपुर के नजदीक हुसैनवाला सीमा के करीब बीएसएफ जवानों ने अभी हाल ही में एक ड्रोन को सीमा में घुसते देखा था। पंजाब पुलिस के अनुसार अभी हाल ही में एके-47 राइफल्स और ग्रेनेड भारी मात्रा में ड्रोन के जरिए ही अमृतसर भेजे गए थे।

मोदी सरकार से अलग होने का फैसला TDP को ले डूबा: चंद्रबाबू नायडू को अब हो रहा पछतावा

नायडू ने माना कि मई 2018 में मोदी सरकार से बाहर होने के फैसले ने इस साल विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी को बड़ा झटका दिया। उन्होंने कहा कि आंध्र के लिए विशेष दर्जे की माँग को बल देने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया था।

उस्मान ने किया रेप, उसकी अम्मी 2 महीने से दे रही थी धमकी, पीड़िता ने लगाई फाँसी

मृतका के पिता के मुताबिक 20 अगस्त को उस्मान की अम्मी मुन्नी ने धमकी देते हुए कहा था कि राजीनामा नहीं किया तो जान से मार देंगे। पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। आत्महत्या से पहले भी मुन्नी ने पीड़िता को धमकी दी थी।

राम मंदिर: सुप्रीम कोर्ट में आखिरी दौर में सुनवाई, अयोध्या ज़िले में धारा-144 लागू

10 दिसंबर तक ज़िले में धारा-144 लागू रहेगी। इस मामले में 17 नवंबर तक फ़ैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। मुस्लिम पक्ष 14 अक्टूबर तक अपनी दलीलें पूरी करेंगे। हिंदू पक्षकारों को अपना जवाब पूरा करने के लिए 16 अक्टूबर तक का समय मिलेगा।

आध्यात्मिक यात्रा पर हिमालय के लिए निकले सुपरस्टार रजनीकांत, तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज़

जहाँ तमिलनाडु के अधिकतर द्रविड़ नेता जनता के बीच ख़ुद को 'धर्मनिरपेक्ष' साबित करने की कोशिश में लगे रहते हैं, राजनीति में एंट्री की घोषणा कर चुके रजनीकांत का यह आध्यात्मिक दौरा राज्य के सियासी समीकरण के लिए अहम है।

शरद यादव के मंच पर आने से पहले कार्यकर्ताओं ने छोड़ा सभागार, कुर्सी को देते रहे भाषण

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन कार्यकर्ताओं को देखकर लग रहा था जैसे उन्हें शरद यादव को सुनने की कोई जिज्ञासा ही नहीं। इसलिए उन्होंने समय गंवाने से अच्छा सभागार से बाहर निकलना समझा।