पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ लड़ाई का ढोंग करते हुए मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद के संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चार टॉप आतंकियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार चारों आतंकी की पहचान प्रोफेसर जफर इकबाल, याहया अजीज, मुहम्मद अशरफ और अब्दुल सलाम के रूप में हुई है।
मुस्लिम समुदाय ने आस्था के इस पर्व पर हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम देकर न सिर्फ़ हिन्दुओं की आस्था को तार-तार किया बल्कि उनके धार्मिक अनुष्ठानों में कई तरह के व्यवधान भी डाले। कहीं ईंट-पत्थर, तलवार और हथियार से हमले किए गए। कितनी ही मूर्तियाँ तोड़ी गईं। इतना ही नहीं, विसर्जन के दौरान मार्ग पर मांस के टुकड़े तक बिखेरे गए।
डॉ जगन के हैदराबाद के तरनाका स्थित निवास पर ली गई तलाशी के दौरान भड़काऊ सामग्री, माओवादी पार्टी के लेटरहेड और प्रतिबंधित साहित्य बरमाद हुई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
"सभी धर्मों के लोगों को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने का अधिकार है। यदि किसी और ने ऐसा किया होता, तब मैं इस पर कोई आपत्ति नहीं करता। मुझे लगता है कि कॉन्ग्रेस पार्टी में भी इस मामले पर राय बँटी हुई होगी। जरूरी नहीं है कि हर किसी की यही राय हो।"
इसके पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी ऐसी ही हरकत कर चुके हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद उन्होंने बंगला जब छोड़ा, तो टोंटियाँ तक साथ ले गए थे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रसार भारती से इस कार्यक्रम में फूहड़ता और तमाम तरीके का आपत्तिजनक कंटेंट परोसे जाने को लेकर जानकारी माँगी है। साथ ही करनी सेना की ओर से इसको बैन करने की भी माँग हो रही है।
साल 2017 में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया था, जब भारत-चीन सीमा पर डोकलाम विवाद हुआ था। दोनों देशों के संबंधों के बीच मतभेद गहरा गए थे मगर ऐसे माहौल में अचम्भा तब हुआ था, जब राहुल गाँधी के एक चीनी राजदूत से मिलने की खबर आई थी।
केरल के साइरो मालाबार चर्च ने ईसाई समुदाय की केरल की जनसंख्या में घटती हिस्सेदारी पर चिंता प्रकट की है। इसके लिए एक कारण समुदाय के एक लाख से भी अधिक अविवाहित पुरुषों का होना बताया गया है। चर्च के मुताबिक इन 1,00,000 पुरुषों की उम्र 30 वर्ष के ऊपर है।