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फ्रांस से लौटकर राफेल पर बोले राजनाथ, कहा- बचपन से मानता हूँ कोई महाशक्ति है, पूजा पद्धति पर सवाल ठीक नहीं

रक्षा मंत्री ने कहा, "जो मुझे सही लगा मैंने वही किया। यह हमारी आस्था है कि कोई प्राकृतिक शक्ति है और मैं इस पर बचपन से भरोसा करता रहा हूँ।"

फ्राँस के तीन दिवसीय दौरे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार (गुरुवार 10, 2019) को लौट आए। यहाँ वापस आते ही उन्होंने राफेल की शस्त्र पूजा करने पर सवाल उठाने वाले लोगों पर अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पूजा पद्धति पर सवाल उठाना ठीक नहीं।

रक्षा मंत्री ने कहा, “जो मुझे सही लगा मैंने वही किया। यह हमारी आस्था है कि कोई प्राकृतिक शक्ति है और मैं इस पर बचपन से भरोसा करता रहा हूँ।”

उन्होंने कहा, “सभी धर्मों के लोगों को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने का अधिकार है। यदि किसी और ने ऐसा किया होता, तब मैं इस पर कोई आपत्ति नहीं करता। मुझे लगता है कि कॉन्ग्रेस पार्टी में भी इस मामले पर राय बँटी हुई होगी। जरूरी नहीं है कि हर किसी की यही राय हो।”

गौरतलब है कि वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा की गई राफेल पूजा को तमाशा बताया था। उन्होंने कहा था कि जब कॉन्ग्रेस पार्टी ने बोफोर्स तोप खरीदी थी तब कोई उसे इस तरह दिखावा करके लेने नहीं गया था। जिसपर कॉन्ग्रेस के ही नेता संजय निरूपम ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि शस्त्र पूजा को तमाशा नहीं कहा जा सकता हमारे देश में शस्त्र पूजा की पुरानी संस्कृति है। परेशानी ये है कि खड़गे जी नास्तिक हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस पार्टी में हर कोई नास्तिक नहीं है।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी खड़गे के इस बयान पर कॉन्ग्रेस को बुधवार को जवाब दिया था। उन्होंने कैथल में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “क्या विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा नहीं होनी चाहिए? उन्हें (कॉन्ग्रेस) इस बात पर चिंतन करना चाहिए कि किस चीज की आलोचना करनी है, किस चीज की नहीं।”

गौरतलब है कि 8 अक्टूबर को पेरिस पहुँचकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 36 राफेल लडाकू विमानों की खेप के तहत पहला विमान रिसीव किया था और दशहरे का अवसर होने के कारण उसकी शस्त्र पूजा भी की थी। बाद में उन्होंने इस विमान में उड़ान भी भरी थी। लेकिन शस्त्र पूजा के दौरान उन्होंने राफेल पर जो ऊँ लिखा, उससे खड़गे और संदीप दीक्षित जैसे विपक्षी नेता भड़क गए। इन नेताओं ने पूजा पर सवाल उठाए। इन्हीं सवालों का जवाब रक्षा मंत्री ने स्वदेश लौटकर विनम्रता से दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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