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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

‘अमेरिका से भीख के लिए पाक के कठपुतली प्रधानमंत्री ने मानी आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने की बात’

इमरान खान के बयान से साफ झलक रहा है कि वो केवल अमेरिका से अपने भीख के कटोरे में धन प्राप्त करने के लिए ऐसा बोल रहे हैं। हर कोई पाकिस्तान, उसकी सैन्य नेतृत्व और इसकी कठपुतली सरकार की वास्तविकता को जानता है।

बाढ़ ने मचाई भयंकर तबाही: यूपी-बिहार में अब तक 109 की मौत, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

बिहार के प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 19 टीमों को बचाव और निकासी अभियानों को चलाने के लिए पहले से ही तैनात किया जा चुका है। कल रात तक पटना के निचले इलाकों से 235 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।

हनी ट्रैप काण्ड: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह ने कहा- सत्ता पाने के लिए पहले भी होता रहा है महिलाओं का उपयोग

लक्ष्मण सिंह ने मीडिया सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ऐसे काण्ड हजारों साल से चले आ रहे हैं। पहले भी महिलाओं का उपयोग सत्ता पाने के लिए युद्ध में होता था। हालाँकि, मोहपाश में फँसाकर सरकारी ठेके हासिल करने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल सरासर गलत है।

लुका-छिपी का खेल अब और नहीं, जरूरत पड़ी तो फिर पार करेंगे LOC: आर्मी चीफ की PAK को दो-टूक

"जब तक दूसरी ओर शांति है वह एलओसी पार नहीं करेंगे, लेकिन अगर पाकिस्तान माहौल बिगाड़ने का प्रयास करता है या फिर उन आतंकियों को नियंत्रित करता है, जो उसके लिए प्रॉक्सी का काम करते हैं तो ज्यादा समय तक लुका-छिपी का खेल नहीं चलेगा, सेना को अगर सीमा पार जाना पड़ा, चाहे हवाई मार्ग से हो या थल मार्ग से तो सेना जाएगी।"

INX मीडिया स्कैम: केंद्र ने दी IAS प्रबोध सक्सेना पर केस चलाने अनुमति

केंद्र सरकार ने शनिवार (28 सितंबर) को INX मीडिया मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को चार अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति दे दी थी। इनमें नीति आयोग की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सिंधुश्री खुल्लर शामिल थीं।

इमरान ने कश्मीर के आतंक को बताया जिहाद, कहा- हम ऐसा अल्लाह को खुश करने के लिए कर रहे हैं

इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दा उठाया था और माँग की थी कि भारत कश्मीर से "अमानवीय कर्फ्यू" हटाए तथा सभी "राजनीतिक कैदियों" को रिहा करे। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इमरान खान के कश्मीर मुद्दे पर की गई बात को गंभीरता से नहीं लिया।

अरे ‘रवीश बुद्धि’ यह डूबे शहर की जिंदादिली है, कुत्ते-गाय में हिन्दू-मुस्लिम ‘एंगल’ गढ़ना नहीं

'रवीश बुद्धि' पत्रकारिता के चोले में वही असर छोड़ते हैं, जैसा समाज में 'जड़ बुद्धि'। पत्रकारिता में गहराते 'रवीश बुद्धि' का नमूना ही है कि नवभारत टाइम्स के पत्रकार नरेंद्र नाथ मिश्रा को जिंदादिली की तस्वीर में कमीनापन, बेशर्मी और प्रचार की भूख, सब एक साथ दिखे।

चुनावी समर में उतरे आदित्य, महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में ठाकरे परिवार के पहले प्रत्याशी

कभी बाल ठाकरे ने ऐलान किया था वह व्यक्तिगत तौर पर जीवन में कभी भी किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके बेटे उद्धव ठाकरे ने भी जीवन में कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा। लेकिन इस बार यह टूट रहा है, मतलब दिलचस्प होगा यह चुनावी समर!