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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

पूर्व कॉन्ग्रेसी मंत्री अब्दुल सत्तार शिवसेना में शामिल, कहा- पिछले 5 वर्षों से शिवसेना किसानों की लड़ाई लड़ रही है

सत्तार ने पार्टी में शामिल होने के बाद कहा कि वह शिवसेना में इसलिए शामिल हुए, क्योंकि पार्टी किसानों के हित के लिए काम कर रही है।

ठीके तो है नीतीश कुमार: विकल्पहीनता की आड़ में JDU का नया नारा, अब ‘बिहार में बहार’ नहीं

पिछले विधानसभा चुनाव में 'बिहार में बहार' वाला नारा प्रशांत किशोर के दिमाग की उपज थी। उस दौरान नीतीश राजद-जदयू-कॉन्ग्रेस महागठबंधन का चेहरा थे और प्रशांत किशोर उनके प्रमुख रणनीतिकार थे।

वेद-पुराण से नहीं चलेगा कोर्ट, परिक्रमा मंदिर का सबूत नहीं: SC में मुस्लिम पक्षकार

"वे (हिन्दू पक्ष) आक्रमणों की बात करते हैं, ये आक्रांता-वो आक्रांता। मुझे उन सब में नहीं जाना है। मैं पूछता हूँ कि क्या आर्यन आक्रमण हुआ था?"

पाकिस्तानी जेल में कैद कुलभूषण जाधव से मिले भारतीय राजनयिक, 2 घंटे चली मुलाकात

जाधव को ईरानी बंदरगाह से अगवा कर पाकिस्तान ने जासूसी और आतंकवाद के जुर्म में 2017 में मौत की सज़ा सुनाई थी। इसके खिलाफ भारत ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। अंतरराष्ट्रीय अदालत ने सजा के तामील पर रोक लगा दी थी।

7 सितंबर को चाँद पर होगी चंद्रयान की लैंडिंग, 60 बच्चों के साथ PM देखेंगे ये नजारा

4 सिंतबर के बाद अगले तीन दिनों तक लैंडर विक्रम चाँद के सबसे नजदीकी कक्षा 35×97 में चक्कर लगाता रहेगा। 7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव में लैंडर विक्रम की लैंडिंग होगी।

Belt & Road प्रोजेक्ट से पर्यावरण को होगा भारी नुक़सान, ख़ुद चीन की रिसर्च में आया सामने

रिसर्च के मुताबिक बेल्ट एन्ड रोड में शामिल 126 देश दुनिया की 28% एमिशन के लिए ज़िम्मेदार हैं और 2050 तक ये आँकड़ा 66% तक चला जाएगा। चीन विश्व का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक है और दुनिया में मानव जनित कार्बन उत्सर्जन में 30 फीसद योगदान उसी का रहता है।

FACT CHECK: रोमिला थापर को जानबूझ कर परेशान कर रहा है JNU? वामपंथियों के अफवाह का सच

क्या रोमिला थापर जेएनयू जैसे बड़े संस्थानों के नियम-क़ायदों से ऊपर हैं? क्या वह किसी संस्था में उसके नियम-क़ानून का पालन किए बिना बने रहना चाहती हैं। आख़िर उनके के पास ऐसा क्या है कि जेएनयू उनके कहे अनुसार अपना काम करे?

शरद पवार के भतीजे अजित पवार को SC का झटका, कहा- घोटाला बहुत बड़ा, रोक नहीं सकते जाँच

एमएससीबी को 2007 और 2011 के बीच 1000 एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसको लेकर सामाजिक कायर्कर्ता सुरेंद्र अरोड़ा ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा था कि मामले में आरोपियों के खिलाफ ‘ठोस साक्ष्य’ हैं।