"साल 2000 में तत्कालीन विधायक एवं मंत्री के सामने उस बूथ को लूटा गया था और उनकी काफी बेइज्जती की गई थी। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि फिर वहाँ पर हिंदू वोटर कभी वोट डालने नहीं गए। लेकिन, इस बार नरेंद्र मोदी जी को वोट डालने सभी लोग बाहर निकले। पर उनके मताधिकार का..."
"तुम लोगों का नसीब अच्छा है कि मैं यहाँ शांत बैठी हूँ वरना तो मैं एक सेकेंड में दिल्ली में भाजपा दफ्तर और तुम्हारे घरों पर कब्ज़ा कर सकती हूँ। अमित शाह क्या भगवान हैं, जो उनके ख़िलाफ़ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता है?"
मृतक त्यागी को 11 लोगों ने घेर कर मारा था। इस हत्याकांड में आरोपितों के परिवार की 4 महिलाएँ भी शामिल थीं। इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपितों ने मस्जिद में शरण लेनी चाही। चर्चा है कि गाँव वाले किसी भी मुस्लिम को घर किराए पर न देने का निर्णय ले सकते हैं।
ममता सरकार की इस बड़ी कार्रवाई में बिना किसी क़ानूनी प्रक्रिया का अनुसरण किए और बिना किसी चार्ज के कई भाजपा नेताओं को उठा लिया गया। बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली के लिए देश के कई क्षेत्रों से भाजपा नेता कोलकाता में जाकर ठहरे हुए थे।
स्वराज एक्सप्रेस के लिए यौन शोषण आरोपित विनोद दुआ ने एग्जिट पोल दिखाए थे, जिसे उन्होंने न्यूज़क्लिक नामक प्रोपेगेंडा वेबसाइट से उठाया था। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने भी एग्जिट पोल खुलेआम ट्विटर पर जारी किया था।
गैर-मुस्लिम मर्द के साथ प्रेम करना सलमा को बहुत भारी पड़ा। अपने ही दो भाइयों के जान से मारने की कोशिश (गला घोंटने और एसिड डालने) के बाद वो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल तो रही है लेकिन बार-बार अपनी अम्मी (माँ) को खोज रही है। वो उस माँ को खोज रही है, जो अस्पताल में अपनी तड़पती बेटी को छोड़कर अचानक से भाग गई।
47 साल के मोहम्मद फलील के अनुसार, "पुलिस देखती रही, वे गली में थे। उन्होंने किसीको भी नहीं रोका है। उन्होंने हमें अंदर जाने के लिए कहा। हमने पुलिस को कहा कि इसे रोको, लेकिन पुलिस ने गोली नहीं चलाई। पुलिस को ये रोकना था, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया।"