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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

16 घंटे लगातार नींद में… या 4 बजे सुबह भाभी को कॉल: ND Tiwari के बेटे की मौत के पीछे कई राज़

रोहित के कमरे में इतनी सारी दवाइयाँ थीं, जैसे कि वो कोई छोटा सा मेडिकल स्टोर हो। रोहित ने सुबह 4 बजे अपनी भाभी कुमकुम को फोन किया था? या... 16 घंटे तक वो सोए रहे और घर में किसी ने भी उनकी सुध तक नहीं ली?

नक्सलियों ने की महिला निर्वाचन अधिकारी की हत्या, कंधमाल में फूँके वाहन

सेक्टर अधिकारी संजुक्ता दिगल चुनाव कराने के लिए एक बूथ की तरफ जा रही थीं। उनके साथ अन्य मतदानकर्मी भी थे। जब उनकी गाड़ी एक जंगल से गुज़र रही थी तो रास्ते में उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु पड़ी दिखी। उसकी जाँच के लिए जैसे ही वो लोग उतरे, नक्सलियों ने संजुक्ता को गोली मार दी।

4 करोड़ की पहुँच वाले दक्षिणपंथी का अकाउंट अकारण सस्पेंड, ताली पीट रहे आपिए

ऑपइंडिया ने कॉन्ग्रेस के पेज हटाए जाने का विरोध किया था, पर आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के सदस्य कपिल इस कदम के समर्थन में 'थम्सअप' दे रहे हैं।

चारा घोटाला कमज़ोर कर दो, नितिश सरकार गिरा दूँगा, यह था लालू का भाजपा को ऑफर

लालू चारा घोटाले में राहत के बदले नीतीश कुमार की सरकार गिराने के लिए तैयार थे; जब जेटली ने यह पेशकश ठुकरा दी तो लालू अंत में खुद जेटली से मिलने पहुँचे।

कॉन्ग्रेस प्रत्याशी का नया नारा ‘महिला को शिक्षित करना व्यर्थ है’

सुधाकरण द्वारा पोस्ट यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग सुधाकरण के महिला विरोधी बयान की आलोचना कर रहे हैं। महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए सुधाकरण द्वारा इस्तेमाल की गई वीडियो पर मुकदमा दायर किया है।

‘EVM पर कॉन्ग्रेस के अलावा दूसरा बटन दबाया तो करंट लगेगा, हमने पहला बटन फिक्स कर दिया है’

"आपको बीरेश ठाकुर को वोट देना है। दूसरा बटन दबाने पर आपको करंट लगेगा, तीसरा बटन दबाने पर भी यही होगा, लेकिन हमने पहला बटन फिक्स कर दिया है।"

न्यूज़ चैनल के संपादक ने प्राइवेट कम्पनी के घाटे के लिए मोदी को ठहराया जिम्मेदार, लताड़े गए

कापड़ी को लताड़ते हुए अशोक पंडित ने उन्हें थोड़ी पढ़ाई-लिखाई करने की नसीहत दी और पूछा कि एक प्राइवेट एयरलाइन्स की समस्या में मोदी और विकास कहाँ से आ गया?

‘महिलाओं को घर के अंदर ही नमाज पढ़नी चाहिए’: सुन्नी मौलाना

संगठन के महासचिव अलीक्कूटी मुसलियर ने इस मामले पर कहा, “हम धार्मिक मामलों में कोर्ट के हस्‍तक्षेप को स्‍वीकार नहीं कर सकते हैं। हमें अपने धार्मिक नेताओं के निर्देशों को मानना चाहिए।”