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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

कसाई शब्बीर गुरफान के साथ 3 लोग गिरफ़्तार: बरखा को भेजी थी ‘गंदी’ फोटो और ‘गंदी’ बात

दिल्ली पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए गए इन चारों आरोपियों का कहना है कि उन्हें सोशल नेटवर्किंग साइट पर बरखा दत्त का नंबर मिला था।

सहारनपुर: होलिका में मुस्लिम युवक ने लगा दी आग, भीड़ से बचाने के लिए पुलिस ने…

गागलहेड़ी के बेरी गाँव में स्थानीय निवासियों ने होलिका दहन कार्यक्रम के लिए होलिका रखी थी। इसमें एक मुस्लिम युवक ने बदमाशी से आग लगा दी। पुलिस ने कहा है कि होली के दिन सभी नमाज़ अदा करने वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात किए जाएँगे।

जनता के लिए जो काम नहीं करेंगे, उन्हें सांसद बनने का हक नहीं: छत्तीसगढ़ में BJP का फैसला और संदेश

नए चेहरों को लाकर पार्टी एक तरह का संदेश देना चाहती है - जनता को भी और सांसदों को भी। सांसदों को लेकर एक तरफ जहाँ जनता की राय ली गई है, वहीं सांसदों से भी उनके द्वारा कराए गए कार्यों का ब्योरा माँगा गया है।

अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: ED के हाथ लगी डायरी और पेन ड्राइव, ₹423 करोड़ की पूरी कहानी इसमें दर्ज

इस डायरी में अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर सौदे में दी गई 423 करोड़ रुपए की घूस सम्बन्धी विवरण है। इनमें अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनैशनल लिमिटेड से स्विस बैंकों के अलावा भारत में बिचौलियों के पास धन पहुँचाने की पूरी कहानी है।

देश को मिला पहला लोकपाल, चुनाव से पहले विपक्ष का एक और मुद्दा ख़त्म

मई 2017 में घोष सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे और वह 2013 से 2017 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे। पीसी घोष तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की सहयोगी रहीं शशिकला को आय से अधिक मामले में दोषी ठहरा चुके हैं।

पुलवामा से पहले तक हमारे पक्ष में माहौल: शशि थरूर ने हार के कारण किए तैयार

अगर पुलवामा हमला न होता तो कॉन्ग्रेस के पक्ष में बहुत अच्छा माहौल लोकसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में बन चुका था...

बालाकोट एयर स्ट्राइक से चिढ़ा पाकिस्तान इस तरह ले रहा भारत से बदला

भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को एक नोट वर्बेल जारी करते हुए कहा है कि पाकिस्तानी एजेंसियाँ इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को फिर से परेशान कर रही हैं।

ममता सरकार ने जनतंत्र के साधनों पर कब्ज़ा कर लिया है: टीना बिस्वास

एशियन रिव्यू ऑफ बुक्स ने इस पुस्तक के लिए लिखा है, ’’राजनीतिक प्रवंचना के प्रशंसक इस व्यंग्यपूर्ण कथा को सराहेंगे, जो पश्चिम बंगाल के शासक वर्गों में फैले कपटाचरण, मीडियाई जोड़तोड़ और हत्याओं के किस्से बयां करती है।’’