प्रीति कमल

जब अम्मी-अब्बू ही ‘वेश्या’ कहकर हत्या कर दें, तो जहाँ में ‘बेटियोंं’ के लिए कोई जगह महफ़ूज़ नहीं

पिता इफ्तिख़ार अहमद और अम्मी फरजाना को बेटी के चाल-चलन पर शक़ था, जिसके चलते उसके मुँह में प्लास्टिक का बैग ठूंसकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। उनको लगता था कि बेटी छोटे कपड़े पहनती है तो ज़रूर कोई ग़लत काम करने लगी है। इसी शक़ ने शैफिला की जान ले ली।

मोदी विरोधियों की गज भर लंबी ज़ुबान, घटिया राजनीति का प्रमाण

देश के प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ बिगड़े बोल में एक नाम कॉन्ग्रेसी नेता अल्पेश ठाकोर का भी शामिल है। पीएम मोदी के गोरे रंग पर तंज कसते हुए अल्पेश ने कहा था कि वो 80,000 रुपए का मशरूम खाते हैं, जिससे वो काले से गोरे हो गए हैं।

60 साल तक ‘न्याय’ न देने वालों के मुँह से ‘NYAY’ की बात अच्छी नहीं लगती

60 सालों तक राज करने वाली पार्टी की मजबूरी है कि वो सत्ता से दूर है, और यह दूरी रात-दिन बढ़ती जा रही है। सत्ता पाने की यही लालसा उससे नए-नए हथकंडे आजमाने का दुष्चक्र चलवाती है। लेकिन जब बड़े और नामी चेहरे भी इस धूर्तता का हिस्सा बनने लगते हैं तो अफ़सोस होता है।

हर समय PM मोदी पर निजी हमलों से कुछ न होगा ‘दीदी’, चुनावी माहौल है कोई नई चाल सोचो या पैंतरा बदलो

अपने विरोधी सुरों में वो कभी बीजेपी को बैलेट पेपर पर जवाब देने की धमकी दे डालती हैं तो कभी न्यूज़ चैनल द्वारा उनकी धरने देने वाली कवरेज़ पर मीडिया संस्थान को (रिपब्लिक टीवी) नोटिस थमा देती हैं। बड़ी ही 'विलक्षण' और फ़र्ज़ी प्रतिभा की धनी हैं ममता दीदी!

भारतीय संस्कृति का रंग जब विदेशियों पर चढ़ता है, तो पहुँच जाते हैं भारत के आंगन में

ऐसे बहुत से विदेशी नागरिक हैं जो भारतीय परंपराओं को सर्वोपरि मानते हैं और उसे आत्मसात करने का पूरा प्रयास करते हैं। हमारे देश की सभ्यता का गुणगान जब दूसरे देश के लोग करते हैं तो शायद ही ऐसा कोई भारतीय होगा जिसका सिर गर्व से ऊँचा नहीं उठेगा।

मायावती से मिलने के लिए लगी UP के ‘बाबुओं’ की लाइन, ‘BSP की वापसी की ‘उम्मीद’

"ये अधिकारीगण मायावती से शिष्टाचार मुलाक़ात के लिए पहुँच रहे हैं। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं, जिन्होंने उनके मुख्यमंत्रित्व काल में काम किया था। इनमें से कुछ का सम्बन्ध बहुजन समाज से है। ये अधिकारी बहन जी को मौजूदा स्थितियों से अवगत भी करा रहे हैं।"

ओडिशा में NDA के साथ गठबंधन में आ सकती है BJD, पार्टी ने दिया संकेत

अमर पटनायक ने कहा कि उनकी पार्टी उस दल या गठबंधन को समर्थन दे सकती है, जो केंद्र में सरकार बनाएगी और उनके राज्य की भलाई के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा क वो उस पार्टी के साथ गठबंधन करेंगे, जो राज्य की पुरानी माँगों और विवादित मुद्दों को निपटाएगी।

25 फोटो से सब क्लियर: BJP को कहाँ कितना फायदा, कहाँ हो रहा नुकसान

जानिए राज्य-वार सीटों के आँकड़ें, जिससे यह पता लग सके कि बीजेपी को किस राज्य में कितनी सीटें मिलने की उम्मीद है। एक्सिस एग्जिट पोल के अनुसार गुजरात, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान में...

मोदी जीत गए तो क्या हुआ, उसके पंख कतर दिए जाएँगे: कॉन्ग्रेस ने स्वीकारी ‘Moral Victory’

नेशनल हेराल्ड ने मोदी की जीत को 'Pyrrhic Victory' कहा है। इसका अर्थ हुआ कि ऐसी जीत, जो हार के बराबर हो (सम्राट अशोक के कलिंग विजय की तुलना इससे कर सकते हैं, इसका अर्थ हुआ कि ऐसी जीत जिसमें विजेता को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा हो)। नेशनल हेराल्ड को उम्मीद है कि...

‘राजीव गाँधी के कातिलों को छोड़ना है, जनता की है यही माँग… राज्यपाल को भेज दिया है प्रस्ताव’

राजीव गाँधी की हत्या मामले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ टाडा एक्ट के तहत मुकदमा चला था। सभी 26 आरोपियों को चेन्नै की टाडा अदालत ने 1998 में मृत्युदंड दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट में केवल चार मुख्य आरोपियों के लिए मृत्युदंड कायम रखा गया।