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पूजा राणा

एक मामूली लड़की! असलियत से वाकिफ होने की खोज में

शिक्षा-इन्फ्रा-स्वास्थ्य-रोजगार… BJP सरकार ने 10 साल में बदल दी UP की तस्वीर, बजट से जानिए कैसे अखिलेश यादव के ‘दुशासन’ से प्रदेश को बनाया...

अखिलेश यादव की सरकार का 2016-17 का बजट बुनियादी ढाँचे तक सीमित था। पर योगी सरकार के बजट 2026-27 से दिखता है कि अब उत्तर प्रदेश विकास और ग्लोबल ब्रांडिंग की बात करता है।

बेंगलुरु मेट्रो का किराया बढ़ाने के पीछे क्या है सिद्दारमैया सरकार की मंशा? कर्नाटक की वित्तीय स्थिति बदहाल: जानें- क्यों BJP सांसद तेजस्वी सूर्या...

कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार ने बेंगलुरु मेट्रो के किराए की बढ़ोतरी की तैयारी कर ली थी। लेकिन केंद्र सरकार के निर्देश पर रोक लगा दी। जानें आखिर क्यों किराया बढ़ाने के पीछे सरकार की मंशा क्या है?

क्या ‘पंडत’ के बिना नहीं बन सकती थी ‘घूसखोर’: बिल्लू ‘बार्बर’ से लेकर ‘मोची-सोनार’ पर हुआ बवाल, फिर भी नहीं सुधरा बॉलीवुड

बॉलीवुड के जातिवाद में 'घूसखोर पंडत' पहला नाम नहीं है। यहाँ भोगी 'बिल्लू बार्बर' से लेकर 'शूद्र' और 'आजा नचले' में मोची-सुनार भी है।

‘मोदी की कब्र खुदेगी’ पर कॉन्ग्रेस को धोया, घुसपैठियों की वकालत पर TMC को घेरा: जानें PM मोदी ने राज्यसभा में 97 मिनट के...

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में करीब 97 मिनट लंबा भाषण देते हुए कॉन्ग्रेस, TMC समेत विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला

घूसखोर पंडत… एक टाइटल नहीं, प्रयोग है हिंदुओं की सहनशीलता परखने का: समझिए पूरे बवाल को, दोबारा न शुरू हो जाए ‘ढोंगी बाबा-लालची ब्राह्मण’...

'घूसखोर पंडत' नाम कोई मासूम क्रिएटिविटी नहीं है, यह वही प्रोपेगेंडा है जो बॉलीवुड और नेटफ्लिक्स सालों से इस्तेमाल करते आए हैं, जहाँ पंडित और ब्राह्मण पहचान 'सेफ टारगेट' मानी जाती है।

AI वीडियो-अप्रकाशित किताब के प्रोपेगेंडा को निशिकांत दुबे ने किताबों के सत्य से धोया, नेहरू-इंदिरा-सोनिया सबकी एक साथ पोल खुलने से बौखलाई कॉन्ग्रेस

संसद में कॉन्ग्रेस बिना छपी किताब का सहारा लेकर सरकार और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की। लेकिन जब निशिकांत दुबे ने छपी किताबें पेश की, तो कॉन्ग्रेस बौखला गई।

निर्मला सीतारमण की साड़ी देख कूथने लगे रवीश कुमार, खुद तेजस्वी यादव की टीशर्ट से लेकर राहुल गाँधी की बुलेट सवारी तक बन चुके...

जहाँ हर बार की तरह बजट से पहले निर्मला सीतारमण की साड़ी लोगों तक पहुँच जाती है, और उस साड़ी के जरिए बुनकरों की मेहनत पहुँच जाती है। लेकिन रवीश कुमार इसे पचा नहीं पा रहे हैं।

क्या है आर्थिक सर्वेक्षण? जो आम जनता से लेकर उद्योगपतियों के खर्च का देता है पूरा ब्योरा: जानिए बजट से पहले क्यों इतना जरूरी?

बजट सत्र के शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार (29 जनवरी 2026) को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगी। जानिए इसके बारे में सबकुछ।