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पूजा राणा

एक मामूली लड़की! असलियत से वाकिफ होने की खोज में

व्यापार पर बात, ममता बनर्जी करने लगी ‘मुस्लिम वोट बैंक’ का बचाव: क्या हैं बंगाल CM के बयान के मायने, क्यों BJP नेता ने...

बिजनेस लीडर्स के मंच से बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बेलडांगा हिंसा की पृष्ठभूमि में 'मुस्लिम वोटबैंक' को खुश करने के लिए कट्टरपंथी भीड़ द्वारा सड़कों पर अवरोध करने का बचाव किया।

मोदी सरकार में हम विदेशी ताकतों के गुलाम नहीं: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर ट्रंप के दावों की बार-बार पोल खोल रहा भारत, UN से अमेरिका-पाकिस्तान...

UN में भारत ने ट्रंप के सीजफायर के दावों को एक बार फिर सिरे से खारिज करते हुए पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई। ऑपरेशन सिंदूर पर दोहराया कि फैसला भारत ने खुद लिया।

सायमा के लिए ‘CRPF’ लिखकर मुस्लिम नाम छिपाना सही, पर आतंकी का वीडियो सामने आना ‘निंदनीय’: एजेंडाधारी वामी-कामी ‘गैंग’ की मानसिकता समझिए

RJ सायमा ने अपराधी का मुस्लिम नाम छिपाकर 'CRPF' पर फोकस किया। यह वही सायमा है, जिसको दिल्ली ब्लास्ट के फिदायीन उमर नबी का वीडियो प्रसारित होना नामंजूर था।

ये हरा-हरा देखने की तलब है या गजवा-ए-हिंद की चाह… सहर के ‘जहर’ के मायने समझते हैं क्या आप?

मुंब्रा वार्ड में 'हिजाब वाली' सहर यूनुस शेख AIMIM के टिकट से नई पार्षद बनीं। 22 साल की सहर शेख ने जीत के बाद थैंक्यू स्पीच में कहा कि उनका मकसद पूरे मुंब्रा को 'ग्रीन' (हरा) रंग से रंगना है।

नमाज खामोश इबादत है- आरफा तुमने ठीक कहा, क्योंकि इसके बाद शोर तो पत्थरबाजी का होता है: यकीन न हो तो जुमे पर अपने...

आरफा खानुम शेरवानी ने नमाज को दुनिया की सबसे 'खामोश इबादत' बताया है। अगर ऐसा है तो जुमे की नमाज के बाद दंगा कौन भड़का रहा? क्या ये सब उसी 'खामोश इबादत' का हिस्सा है?

क्या है अमेरिका का गोल्डन डोम? जिसके लिए दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप: जानें- इसके बिना कैसे...

क्यों डोनाल्ड ट्रंप ने 'गोल्डन डोम एय़र डिफेंस सिस्टम' की तैनाती के लिए ग्रीनलैंड को ही चुना? क्या ग्रीनलैंड के बिना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सचमुच दाव पर आ जाएगी?

नई ‘स्वरा भास्कर’ मत बनो AR रहमान, विवादों में खुद घुसो फिर बोलो- नहीं मिल रहा काम: तुम्हारे घर में तिलक लगाकर एंट्री बैन...

काम नहीं मिलता तो स्वरा भास्कर की तरह ही एआर रहमान ने भी विक्टिम कार्ड खेलना सीख लिया है। वे भी 'पावर शिफ्ट' और इंडस्ट्री को 'कम्युनल' बताकर चर्चा में आना चाहते हैं।

1979 की इस्लामी क्रांति से पहले कैसा था आज के कठमुल्लों का ईरान, 46 साल में कितना बदला: जानिए कैसे स्थापित की गई खामेनेई...

ईरान में इतिहास खुद को दोहरा रहा है। 1979 में राजा मोहम्मद रजा शाह पहलवी के खिलाफ 'इस्लामी क्रांति' करने वाली जनता आज उसी मजहबी नेतृत्व के विरुद्ध है।