होली रंगों का त्योहार है। जो खासकर हिंदू धर्म में मनाया जाता है। लेकिन खुद को सेकुलर बताने वाले कुछ बॉलीवुड सेलिब्रेटीज को इसी हिंदू त्योहार से परेशानी होती है। कोई त्वचा खराब होने का बहाना बनाता है, कोई सेहत का हवाला देता है, तो कोई होली को बदनाम करने के लिए छेड़छाड़ जैसे मुद्दे आगे कर देता है। सोशल मीडिया पर लंबी-लंबी पोस्ट लिखी जाती हैं, पानी की बर्बादी पर ज्ञान दिया जाता है और त्योहार से दूरी बना ली जाती है।
ये वही चेहरे हैं, जो ईद पर डायट भूलकर इफ्तार पार्टियों में नजर आते हैं, क्रिसमस पर जश्न मनाते हैं और तस्वीरें शेयर करते हैं। लेकिन होली आते ही इन्हें पानी की बर्बादी याद आ जाती है, पर्यावरण की चिंता सताने लगती है। घंटों शावर लेना, स्टीम बाथ करना या वाटर पार्क में मौज करना इन्हें गलत नहीं लगता, पर हिंदू त्योहार पर सवाल जरूर उठते हैं। हर साल यही दोहरा रवैया सामने आता है। इस लिस्ट में सबके चहीते बॉलीवुड सेलिब्रेटी करीना कपूर, तापसी पन्नू तक का नाम हैं।
सोनाक्षी सिन्हा के मुस्लिम पति जहीर इकबाल
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा के मुस्लिम पति जहीर इकबाल का नाम है। अपनी हर वीडियो में पति जहीर के साथ दिखने वाली सोनाक्षी सिन्हा इस बार ही होली सेलिब्रेशन की वीडियो में अकेले दिख रही हैं। लोग अनुमान लगा रहे हैं कि शायद जहीर ने होली से दूरी बना ली है।
दोनों ने होली को लेकर एक प्रमोशनल वीडियो भी बनाया था, जिसमें सिर्फ सोनाक्षी सिन्हा ने होली का रंग लगाया, जबकि जहीर इकबाल ने रंगों से परहेज किया। बता दें कि सोनाक्षी सिन्हा हिंदू हैं और उन्होंने मुस्लिम एक्टर जहीर इकबाल से कोर्ट मैरिज की है। अक्सर हिंदू त्योहारों में सोनाक्षी सिन्हा अपने पति जहीर इकबाल के साथ दिखाई नहीं देती हैं। इसके अलावा सालभर जहीर और सोनाक्षी साथ वीडियो बनाते हैं।
ये सेलिब्रिटी जोड़ी सार्वजनिक तौर पर कह चुकी है कि इन्हें एक-दूसरे के धर्म को लेकर कोई समस्या नहीं है, इनका मानना है कि प्यार इनके लिए सबसे ऊपर है। इसके बावजूद सोनाक्षी सिन्हा को जहीर इकबाल के साथ ईद मनाते और मस्जिद जाते देखा जाता है। लेकिन दूसरी जहीर इकबाल होली और हिंदू त्योहारों से परहेज करते हैं।
फरहाना भट्ट
बिग बॉस सीजन 19 से चर्चा में आई फरहाना भट्ट ने इस बार होली पर अपना योगदान कुछ ऐसा दिया जैसे फिल्म ‘लैला मजनू’ में उनका रोल था, बस दो सीन का। पहले सीन में वह मुंबई में पैपराजी के सामने पोज देती नजर आईं। वहाँ उन्होंने कहा कि वह होली कार्यक्रम में शामिल होने आई हैं, लेकिन उनके चेहरे पर रंग की एक छींट तक नहीं थी। साफ दिख रहा था कि रंगों से दूरी बनाई गई है।
दूसरा सीन सोशल मीडिया पर दिखा, जहाँ उन्होंने होली की शुभकामनाएँ देते हुए एक उर्दू शायरी पढ़ दी। लेकिन वहाँ भी रंगों से परहेज साफ नजर आया। ये वही फरहाना हैं, जो बिग बॉस के घर में अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाती थीं। हर मुद्दे पर खुलकर बोलना और सामने वाले को जवाब देना उनकी पहचान रही। लेकिन जब खुले तौर पर हिंदू त्योहार को सेलिब्रेट करने की बारी आई तो उनरका मजहब आड़े आ गया। रंगों से दूरी और बाद में रंग लगाने की बात कहकर उन्होंने खुद को अलग रखा।
करीना कपूर
बॉलीवुज एक्ट्रेस करीना कपूर भी होली से दूरी बनाती हैं। उनका बहाना है कि उनके दादा राज कपूर के जाने के बाद से उनकी जिंदगी से रंग चले गए हैं। ये वही करीना कपूर हैं, जो हर साल ईद और क्रिसमस मनाते तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं। लेकिन सिर्फ होली पर ही इन्हें अपने दादाजी की याद आती है।
दरअसल, करीना कपूर ने मुस्लिम एक्टर सैफ अली खान से शादी की है। दोनों खुद को सेकुलर बताते हैं। लेकिन सैफ के साथ शादी के बाद से ही करीना कपूर त्योहार मनाने को लेकर ‘चूजी’ हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी करीना कपूर की होली पर कोई तस्वीरें सामने नहीं आई, न ही उनके बच्चे तैमूर और जहाँगीर की होली खेलते कोई तस्वीरें सामने आईं।
जैस्मीन भसीन
बिग बॉस सीजन 14 फेम और टीवी एक्ट्रेस जैस्मीन भसीन भी इन्हीं लोगो में से एक हैं। जैस्मीन को अक्सर अबाया पहनकर मस्जिद जाते देखा जाता है। लेकिन इफ्तार पार्टी में व्यस्त जैस्मीन इस बार अपने हिंदू त्योहार होली के लिए समय नहीं निकाल पाई। पहले उनकी होली खेलते वीडियोज सामने आती थीं, लेकिन इस बार इफ्तार पार्टी को उन्होंने अपनी प्राथमिकता बनाया।
यह बदलाव उनके मुस्लिम बॉयफ्रेंड अली गोनी के साथ रहने के बाद आया है। दोनों खुद को सेकुलर बताते हैं, लेकिन साफ दिखता है कि अली गोनी अपना मजहबी प्रोपेगेंडा जैस्मीन पर थोपते हैं। खुद वो गणेश चतुर्थी पर ‘गणपति बप्पा मोरया’ बोलने से हिचकते हैं, लेकिन हिंदू गर्लफ्रेंड को मस्जिद लेकर जाते हैं और इफ्तार पार्टी रखवाते हैं।
तापसी पन्नू
ऐसे ही बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू भी खुद को होली से दूर रखती हैं। कई इंटरव्यू में वे कह चुकी हैं कि उन्हें कैमिकल वाले रंग पसंद नहीं हैं और वह अपनी स्किन को लेकर सावधान रहती हैं। उनका कहना है कि बचपन में वह होली खेलती थीं, लेकिन अब न वो और न ही उनका परिवार रंगों की होली खेलता है।
जॉन अब्राहिम
बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्रहाम, जो खुद को नास्तिक बताते हैं उन्हें भी होली खेलना पसंद नहीं है। लेकिन ईद पर गले लगते दिखाई देते हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि लोग इस त्योहार का बहाना बनाकर एक-दूसरे का फायदा उठाते हैं। इसी के साथ उन्होंने केमिकल रंग से नुकसान की भी बात कही।
यानी सारा ज्ञान उन्होंने हिंदू त्योहार होली पर ही पेल दिया। लेकिन ईद पर बकरा काटने या जानवरों की सुरक्षा पर उन्हें बात करते कभी नहीं सुना गया। क्रिसमस पर भी वो तस्वीरें साझा करते हैं, लेकिन तब भी उन्हें पेड़ों के काटने या पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने को लेकर ज्ञान देते नहीं सुना गया। सारा ज्ञान उन्होंने सिर्फ होली के लिए बचाकर रखा और त्योहार को बदनाम करने के लिए फलाने आरोप लगा डाले और खुद को भी इससे दूर कर लिया।
हिंदू त्योहारों पर अलग रवैया क्यों?
ये वही लोग हैं जो इसी देश, इसी इंटस्ट्री और यहीं की ऑडियंस के दम पर अपनी पहचान बनाते हैं। इनको काम भी यहीं से चाहिए, शोहरत भी यही से चाहिए और ताली भी यहीं से चाहिए। लेकिन होली जैसे मौके आते ही इनके चेहरे का रंग बदल जाता है। तब ये साफ दिखाने लगते हैं कि इनके लिए कौम और पहचान क्या मायने रखती है।
ईद पर इफ्तार पार्टी में शामिल होने से इन्हें कभी परहेज नहीं होता। वहाँ तस्वीरें खिंचवाना, मुबारकबाद देना और जश्न में शामिल होना सब ठीक लगता है। लेकिन जैसे ही हिंदू त्योहार आते हैं, अचानक पर्यावरण की चिंता जाग जाती है। पानी बचाने का ज्ञान, प्रदूषण की बात और त्योहार को ही सवालों के घेरे में खड़ा करने की आदत शुरू हो जाती है।
सवाल त्योहार मनाने के तरीके का नहीं है, सवाल दोहरे रवैये का है। अगर सादगी से रहना है तो हर त्योहार पर वही रवैया दिखना चाहिए। लेकिन जब चुनकर सिर्फ हिंदू त्योहारों पर ही नसीहत दी जाए, तो लोग सवाल तो करेंगे ही। दर्शक सब देख रहे हैं और अब फर्क समझ भी रहे हैं।


