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पहले कपड़े फाड़ कर किया नग्न, फिर पीटते हुए बाजार में घुमाया: पंजाब पुलिस ने 3 दिनों बाद दर्ज की FIR, हमलावर अब तक फरार

पंजाब के तरनतारन जिले में एक 55 वर्षीया महिला को नग्न घुमाए जाने का मामला सामने आया है। आरोपितों के नाम कुलविंदर कौर, गुरचरण और शरणजीत सिंह हैं। इनके द्वारा पहले महिला की पिटाई की गई, फिर कपड़े फाड़ कर काफी देर तक निर्वस्त्र घुमाया गया। सभी हमलावर पीड़िता के बेटे द्वारा अपने परिवार की लड़की द्वारा लव मैरिज करने से नाराज थे। नामजद आरोपितों के साथ 2 अन्य अज्ञात लोगों पर भी FIR दर्ज कर ली गई है।

घटना रविवार (31 मार्च, 2024) की है जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा व अन्य विपक्षी दलों ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना तरनतारन जिले के कस्बा वल्टोहा की है। यहाँ की रहने वाली पीड़िता के बेटे का पड़ोसी लड़की से अफेयर था। मार्च महीने में ही दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। जब इस घटना की जानकारी लड़की के घर वालों को हुई तो वो नाराज हो गए। 31 मार्च को लड़की की माँ कुलविंदर कौर अपने 2 बेटों शरणजीत और गुरचरण सिंह के साथ पीड़िता के घर तक शाम लगभग 6 बजे पहुँच गईं। इनके साथ 2 अज्ञात लोग भी थे। घटना के समय लड़का और लड़की घर पर नहीं थे। लड़के की माँ मौजूद मिलीं।

जैसी ही पीड़िता बाहर निकली, सभी पाँचों आरोपितों ने मिल पर उस पर हमला कर दिया। इन सभी ने पहले 55 वर्षीया पीड़िता की पिटाई की फिर उसके कपड़े फाड़ डाले। अंत में इन सभी ने पीड़िता को नग्न कर के घुमाया और बाकायदा उसकी वीडियो भी बनाई। जैसे-तैसे पीड़िता ने आरोपितों के चंगुल से खुद को छुड़ा कर एक दुकान में शरण ली और खुद को बचाया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। भाजपा सहित तमाम अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने इस घटना को पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का एक उदहारण बताया है।

पंजाब पुलिस ने 31 मार्च को घटी इस घटना की FIR 3 अप्रैल 2024 को दर्ज की है। थाना प्रभारी सुनीता बावा ने मीडिया को बताया कि 3 नामजद और 2 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन सभी पर IPC की धारा 354, 354- बी, 354- डी, 323 और 149 के तहत कार्रवाई की गई है। घटना के बाद सभी आरोपित फरार चल रहे हैं जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पंजाब राज्य महिला आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।

ED की समन के बावजूद पेश नहीं हुए AAP विधायक अमानतुल्लाह खान, कोर्ट में केस चलाने के लिए अर्जी: वक्फ बोर्ड घोटाले से जुड़ा है मामला

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान पर ईडी का शिकंजा कस गया है। ईडी ने कोर्ट से अमानतुल्लाह खान के खिलाफ ट्रायल चलाने की माँग की है। बता दें कि दिल्ली सरकार के मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि ईडी आम आदमी पार्टी के 4 और नेताओं को गिरफ्तार करने वाली है। हालाँकि अमानतुल्लाह खान का नाम उन्होंने नहीं लिया था, लेकिन इस केस में आतिशी और भारद्वाज द्वारा बताए नाम से इतर अमानतुल्लाह खान के खिसाफ ईडी ने सख्त रुख अपना लिया है। इस केस में अमानतुल्लाह खान की गिरफ्तारी भी हो सकती है, क्योंकि 11 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वक्फ बोर्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप विधायक अमानतुल्ला खान के समन में शामिल नहीं होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार (05 अप्रैल 2024) को राउज एवेन्यू कोर्ट में शिकायत दर्ज की। एजेंसी ने पीएमएल अधिनियम की धारा 50 (समन जारी करने की शक्ति) के तहत जारी समन का पालन नहीं करने और जाँच में शामिल नहीं होने के लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 190 और 200 के तहत अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दिव्या मल्होत्रा ​​की अदालत में शिकायत दर्ज की।

ईडी के अनुसार, अमानतुल्लाह खान ने 23 जनवरी, 31 जनवरी, 9 फरवरी, 19 फरवरी, 26 फरवरी और 4 मार्च को पूछताछ के लिए जारी किए गए समन का पालन नहीं किया है। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) दिव्या मल्होत्रा ​​ने मामले को 6 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

इस मामले में अमानतुल्लाह ने अग्रिम जमानत लेने की कोशिश की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। ईडी ने आरोप लगाया है कि अमानतुल्लाह खान ने वक्फ बोर्ड में पैसों के बदले अवैध तरीके से कर्मचारियों की भर्तियाँ कर ‘अपराध के जरिए बड़ी रकम’ प्राप्त की और अपने सहयोगियों के नाम से प्रॉपर्टी में निवेश किया। वक्फ बोर्ड घोटाले के मामले में ईडी ने अमानतुल्लाह खान को नवंबर 2023 में गिरफ्तार भी किया था।

गौरतलब है कि ईडी ने साल 2016 में ही इस केस की जाँच शुरू की थी, जिसमें दिल्ली वक्फ बोर्ड में अवैध तरीके से लोगों को नौकरियाँ दी गई और बदले में उनके पैसे लिए गए।इससे दिल्ली सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ, लेकिन अमानतुल्लाह को पर्सनल फायदा पहुँचा। अमानतुल्लाह खान पर वक्फ की संपत्तियों को अवैध तरीके से पट्टे पर देने के भी आरोप हैं, जिसके बदले खान को पैसे मिले।

ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज दिया। जिसमें अमानतुल्लाह खान पर अपने सहयोगियों के माध्यम से प्रॉपर्टी खरीदने का मामला दर्ज हुआ। इस मामले में अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली की अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने भी 11 मार्च को उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी।

‘You Bloody Fool’: टीवी पर LIVE बहस के दौरान कॉन्ग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत ने खोया आपा, BJP प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला को देने लगीं गाली

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत की शांति में खलल डालने वाले आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा और चाहे वो पाकिस्तान में ही क्यों न छिपे हों, उनका हिसाब-किताब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा, वो पाकिस्तान में भागेंगे तो उन्हें घर में घुस कर मारा जाएगा। अब इस मुद्दे पर बहस के दौरान कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा के प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला को गाली दे दी। ये ‘CNN News18’ की मंच पर हुआ।

असल में राजनाथ सिंह ने ‘द गार्डियन’ के उस रिपोर्ट का जवाब दिया था, जिसमें कहा गया था कि 2019 में पुलवामा में हुए हमलों के बाद से भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी RAW अब तक 20 ऐसे लोगों को विदेश में ठिकाने लगा चुकी है, जिन्हें देश अपना दुश्मन मानता है। पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के हवाले से ये दावा किया गया था। भारत ने इस रिपोर्ट को प्रोपेगंडा करार दिया है। राजस्थान के चूरू में पीएम मोदी ने कहा था कि नया भारत घर में घुस कर मारता है। उनका इशारा सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर था।

शहज़ाद पूनावाला ने इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सुप्रिया श्रीनेत को उनकी गलती याद दिलाई। असल में सुप्रिया श्रीनेत ने भारतीय सेना के नॉर्दर्न कमांड में ‘डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स’ का नाम गलत लिया था। उन्होंने बताया कि 2020 में इस पद पर कौन थे और 2024 में कौन हैं। शहज़ाद पूनावाला ने सुप्रिया श्रीनेत पर झूठ बोलने का आरोप लगाया, जिसके बाद कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता ने ‘यू ब्लडी फूल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो में 31:12 पर इसे देखा जा सकता है।

इतना ही नहीं, सुप्रिया श्रीनेत ने अपने इन शब्दों को दोहराया भी। जब एंकर ने उन्हें टोका तो वो एंकर जका जैकब से ही लड़ने लगीं। शहजाद पूनावाला ने कहा कि रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट पर झूठ की पोल खुलने के बाद सुप्रिया श्रीनेत ने उन्हें गाली दी। हाल ही में सुप्रिया श्रीनेत ने कंगना रनौत का भी अपमान किया था। इस महिला विरोधी टिप्पणी के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था। शहज़ाद पूनावाला ने बताया कि राजदीप सरदेसाई के शो में भी सुप्रिया श्रीनेत उन्हें ‘गुंडा’ कह चुकी हैं।

आतंकियों के पास ICICI, HDFC, J&K बैंक के 7 डेबिट-क्रेडिट कार्ड: रामनवमी पर करते अटैक, कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने के लिए ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश पुलिस की ATS (आतंकवाद निरोधक शाखा) ने बुधवार (3 मार्च 2024) को नेपाल सीमा से हिजबुल मुजाहिदीन के 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से मोहम्मद अल्ताफ और सैयद गजनफर पाकिस्तान के जबकि तीसरा आतंकी नासिर अली कश्मीर का रहने वाला है। पूछताछ में इन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने जैसे मंसूबों का खुलासा किया। कश्मीरी आतंकी नासिर ने खुद को कारगिल युद्ध के बाद बना आतंकी बताया। इनके पास से कई भारतीय बैंकों द्वारा जारी डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी बरामद हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन तीनों आतंकियों के निशाने पर आगामी रामनवमी थी। ये उत्तर प्रदेश में रामनवमी पर्व मना रहे हिन्दुओं पर सिलसिलेवार हमला करना चाहते थे। फ़िलहाल इनकी गिरफ्तारी के बाद नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों की चौकसी बढ़ा दी गई है।

ATS यूनिट गोरखपुर के इंस्पेक्टर विजय प्रताप सिंह ने इस कार्रवाई की FIR दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि महराजगंज जिले में नेपाल बॉर्डर पर पड़ने वाले शेख फरेंदा गाँव से कुछ आतंकियों की घुसने की सूचना पर वो टीम सहित निगरानी कर रहे थे। सूचना सही पाई गई और 3 संदिग्धों को घेर कर पूछताछ की गई तो वो हड़बड़ा गए। इन तीनों ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने दौड़ा कर इन्हे पकड़ लिया। तीनों में मोहम्मद अल्ताफ पाकिस्तान के रावलपिंडी का निवासी निकला। दूसरा संदिग्ध सैयद गजनफर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पड़ने वाली मुर्तजा मस्जिद के पास रहता है। तीसरा नासिर अली श्रीनगर का निवासी है।

ATS ने तीनों संदिग्धों की तलाशी ली। मोहम्मद अल्ताफ के पास एयरटेल का सिम लगा एक 4G मोबाइल, पाकिस्तानी पहचान पत्र, भारतीय आधार कार्ड (फर्जी) और 2029 तक वैलिड एक पाकिस्तानी पासपोर्ट मिला। दूसरे आतंकी सैयद गजनफर के पास से 2029 तक वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट, भारतीय आधार कार्ड (फर्जी), पाकिस्तानी ड्राइविंग लाइसेंस और पाकिस्तानी पहचान पत्र बरामद हुआ। ATS ने इनसे भारतीय आधार कार्ड के बारे में जानकारी माँगी तो दोनों आतंकी खामोश रहे।

ATS ने तीसरे आतंकी नासिर अली से भी पूछताछ की। नासिर अली ने बताया कि कारगिल युद्ध के बाद वह आतंकी बनने हिजबुल मुजाहिदीन के एक एक्टिव मेंबर के साथ पाकिस्तान चला गया था। यहाँ उसकी ट्रेनिंग मुजफ्फराबाद कैम्प में हुई थी। इस कैम्प में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ट्रेनिंग देती है। नासिर ने ATS को आगे बताया, “मैंने भी हिजबुल मुजाहिदीन की आइडियोलॉजी को पढ़ा तथा हिजबुल और दीगर जेहादी तंजीमों के उस्तादों की तकरीरें सुन कर व वीडियो देख कर प्रभावित हुआ।”

नासिर अली ने आगे बताया, “मैं हमेशा से चाहता था कि कश्मीर आज़ाद होकर पाकिस्तान से जुड़ जाए। मुझे हिजबुल मुजाहिदीन के अपने सीनियर मुजाहिद अमीरों से हिदायत मिली थी कि तुम ख़ुफ़िया तौर पर जम्मू-कश्मीर भारत में पहुँचो, जहाँ तुम्हें आगे की जिहादी कार्रवाई के बारे में बताया जाएगा।”

रामनवमी पर आतंक मचाने आए इन सभी को आखिरकार सीमावर्ती गाँव शेख फरेंदा से पकड़ लिया गया। नासिर अली की तलाशी के दौरान जियो और एनसेल (नेपाल का सर्विस प्रोवाइडर) का सिम लगा एक मोबाइल फोन, भारतीय पासपोर्ट, भारतीय मुद्रा के अलावा डॉलर, नेपाली और बांग्लादेशी करेंसी भी बरामद हुई।

नासिर के पास से मिले ATM वॉलेट से 7 बैंकों के कार्ड बरामद हुए। इसमें HDFC, ICICI और J&K बैंकों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। इन सभी कार्डों पर नासिर अली का ही नाम लिखा है। नासिर ने यह भी बताया कि उसको व्हाट्सएप से पाकिस्तानी आकाओं द्वारा दिशा-निर्देश मिल रहे थे।

पाकिस्तानी आतंकियों से भी कड़ी पूछताछ में गजनफर और अल्ताफ ने बताया कि वो ISI के इशारे पर भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देकर अस्थिरता का माहौल बनाना चाह रहे थे। ATS ने इन तीनों पर IPC की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120- B और 121- A के अलावा विदेशी अधिनियम की धारा 14 व विधि विरुद्ध क्रियाकलाप की धारा 38, 18, 13 के तहत कार्रवाई की है।

‘इस पाक जमीन पर काफिर भी हमारे साथ रहेंगे?’: ‘अल्लाह-हू-अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ चिल्ला कर हिन्दुओं का नरसंहार, ‘बंगाल 1947’ में दिखाया विभाजन का दंश

भारत-पाकिस्तान विभाजन की जब भी बात होती है, 20 लाख लोगों की मौत का कड़वा इतिहास हमारे सामने उपस्थित हो जाता है। अब इस इतिहास पर एक फिल्म आई है – ‘बंगाल 1947’ नाम की। इसमें TV का जाना-पहचाना चेहरा देवोलीना भट्टाचार्जी भी हैं, जिन्होंने ‘साथ निभाना साथिया’ में ‘गोपी बहू’ का किरदार अदा कर के शोहरत बटोरी थी। उनके साथ इस फिल्म में अंकुर अरमान हैं। वहीं अतुल गंगवार इस फिल्म में विलेन की भूमिका में हैं।

फिल्म के एक दृश्य में वो कहते दिख रहे हैं कि हिन्दू होगा न मुसलमान, सब पाकिस्तानी होंगे। इसके बाद वो कहते हैं कि क्या पाकिस्तान की पाक जमीन पर काफिर भी हमारे साथ रहेंगे? फिल्म में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ नारे के साथ हिंसा करते लोगों को भी दिखाया गया है। एक अन्य दृश्य में इस्लामी टोपी पहना विलेन कहता है कि ‘वो’ हमारे नहीं हैं, इसके बाद एक अन्य मुस्लिम बुजुर्ग कहता है कि जो हमारे नहीं हैं उन्हें अपना बनाना होगा। फिल्म के कुछ दृश्यों में दिखाया गया है कि कैसे ‘नारा-ए-तकबीर’ चिल्लाते हुए हिन्दुओं का नरसंहार हुआ।

‘हिंदुस्तान’ अख़बार के मैनेजिंग एडिटर प्रताप सोमवंशी ने बताया कि वो इस फिल्म को स्क्रीनिंग में ये सोच कर देखने पहुँचे थे कि बीच में निकल लेंगे, लेकिन फिल्म की ताकत देखिए कि उसने अंत तक बाँधे रखा। उदयपुर में ‘मेवाड़ टॉक फेस्ट’ में भी इसकी स्क्रीनिंग हुई। पश्चिम बंगाल की संस्कृति और वेशभूषा को भी फिल्म में दिखाया गया है, विभाजन के समय की एक प्रेम कहानी पर ये आधारित है। फिल्म के एक दृश्य में इस पर भी प्रकाश डाला गया है कि वेदों को लिखने में महिलाओं का भी योगदान है, एक नहीं बल्कि कई ऋषियों ने इसमें योगदान दिया।

फिर ये भी बताया गया है कि अगर प्राचीन काल में छुआछूत या जाति भेद होता तो प्रभु श्रीराम शबरी के जूठे बेर नहीं खाते। आकाशादित्य लामा ने इस फिल्म का लेखन-निर्देशन किया है। पहले इस फिल्म को ‘शबरी का मोहन’ नाम से बनाया जा रहा था, लेकिन फिर इसका नाम बदल कर ‘बंगाल 1947’ कर दिया गया। चित्रकूट, कांगेर घाटी, जगदलपुर व परलकोट में इसकी शूटिंग हुई है। बस्तर के ऐसे क्षेत्र जहाँ बंगाली समाज रहता है, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ महल, कवर्धा, छुईखड़ान और गंडई में भी इसकी शूटिंग हुई है।

सतीश पांडे ने ‘बंगाल 1947’ का निर्माण किया है। उनके साथ-साथ ऋषभ पांडे भी इस फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। सतीश पांडे ने बताया कि शबरी और मोहन की प्रेम कहानी युवाओं को खासा लुभा रही है और फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। सतीश-ऋषभ की ये डेब्यू फिल्म ही है। ऋषभ पांडे इससे पहले डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में बनाया करते थे। सतीश पांडे ने कहा कि भारतीय संस्कृति और जड़ों को समझाने के लिए ये फिल्म बनाई गई है। उन्होंने कहा कि आज का युवा विदेशी संस्कृति से कुछ ज्यादा ही प्रभावित है, उन्हें अपनी संस्कृति को लेकर जागरुक करना पड़ेगा।

बंगाल में ED के बाद अब NIA की टीम पर हमला: ब्लास्ट केस में TMC नेता का नाम, गिरफ्तार करने पहुँची जाँच एजेंसी तो गाड़ी पर ताबड़तोड़ बरसाई ईंटें

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर में NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) की टीम पर हमला किया गया है। घटना पूर्वी मिदनापुर के भूपतिनगर की है, जहाँ शनिवार (6 अप्रैल, 2024) की सुबह 2022 के एक ब्लास्ट केस की जाँच करने के लिए NIA पहुँची थी। इस मामले में राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) का एक नेता आरोपित है, जिसके ठिकाने पर पहुँचते ही जाँच एजेंसी की टीम को निशाना बनाया गया। NIA टीम की कार पर ईंटें फेंकी गईं, जिससे गाड़ी की खड़की क्षतिग्रस्त हो गई।

तड़के सुबह साढ़े 5 बजे इस घटना को अंजाम दिया गया। इसमें एक अधिकारी के घायल होने की भी सूचना आ रही है। बता दें कि 3 दिसंबर, 2022 को भूपतिनगर में एक धमाका हुआ था, जिसमें एक घर की पूरी की पूरी छत ही उड़ गई थी। 3 लोगों की मौत हुई थी। NIA ने पिछले महीने ममता बनर्जी की पार्टी TMC के 8 नेताओं को इस मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा था। तृणमूल कॉन्ग्रेस कह रही है NIA भाजपा के इशारों पर काम कर रही है।

न्यू टाउन एरिया में इन नेताओं को 28 मार्च को ही पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन इन्होंने समन को धता बता दिया। TMC नेता कुणाल घोष ने इन सबके पीछे BJP का हाथ बताया है। याद दिला दें कि 2 महीने पहले पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में राशन घोटाले में फँसे शाहजहाँ शेख को गिरफ्तार करने गई ED (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम पर हमला हुआ था। बाद में शाहजहाँ शेख और उसके गुर्गों द्वारा संदेशखाली में बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज की महिलाओं के यौन शोषण का खुलासा हुआ।

छापेमारी के दौरान तलाशी अभियान चलाते हुए NIA की टीम पर ताज़ा हमला हुआ। ‘इंडिया टुडे’ ने NIA के सूत्रों के हवाले से बताया है कि स्थानीय पुलिस थाने को इस छापेमारी के संबंध में पहले ही सूचित कर दिया गया था, लेकिन सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए गए थे। इसके बाद NIA की टीम ने बैकअप बुलाया। मानवेन्द्र जना और अज्ञातों के खिलाफ जाँच एजेंसी ने स्थानीय थाने में शिकायत दी है। नरयाबिला गाँव में हुए ब्लास्ट के संबंध में मबवण्डर जना को गिरफ्तार करने NIA पहुँची थी।

‘TMC की ओर से ईद के गिफ्ट में लुंगी और नमाजी टोपी’: झोले पर ममता बनर्जी की तस्वीर, भाजपा ने किया चुनाव आयोग से शिकायत

लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना जारी होने के बाद देश भर में चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसी बीच पश्चिम बंगाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस के बैनर और ममता बनर्जी की तस्वीर के आगे लुँगी, नमाजी टोपी और साड़ियाँ बाँटते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा की राज्य ईकाई ने शुक्रवार (5 अप्रैल 2024) को इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करते हुए कार्रवाई की माँग की है।

वायरल हो रहा वीडियो 34 सेकेंड का है। इसे पश्चिम बंगाल भाजपा की मीडिया सह प्रभारी किया घोष ने शेयर किया है। उन्होंने इस वीडियो को बांकुरा लोकसभा क्षेत्र में आने वाले रघुनाथपुर का बताया है। किया घोष ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस ईद के त्योहार में उपहार बाँट रही है। इन उपहारों पर ममता और अभिषेक बनर्जी की तस्वीरें छपी हैं। किया घोष ने यह भी कहा कि यह उपहार उसी TMC नेता अनूप चक्रवर्ती के निर्वाचन क्षेत्र में बाँटे जा रहे हैं, जिन्होंने कुछ दिन पहले यह कहा था कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी समाप्त होने की कगार पर है।

वायरल वीडियो में एक जगह पर कई लोग दिखाई दे रहे हैं। एक मेज पर पॉलीथिन में पैक कपड़े दिख रहे हैं, जिसे कैरी बैग में रखा जा रहा है। पीछे तृणमूल कॉन्ग्रेस और सामने ममता बनर्जी का पोस्टर लगा दिख रहा है।

बैग में लुंगी (तहमद), नमाजी टोपी, साड़ियाँ, लच्छा (जिससे सेवइयाँ बनती हैं) और ड्राई फ्रूट भरे हुए हैं। इन बैगों की तादाद दर्जनों में दिख रही है, जिसे बाकायदा वीडियो बना कर दिखाया भी जा रहा है। बैगों के ऊपर ‘इफ्तार सामग्री, ईद उपहार’ लिखा हुआ है। साथ ही एक जगह ‘अल्पसंख्यक मोर्चा पुरुलिया जिला’ भी लिखा हुआ है।

जिस टेबल पर ये सामग्री बँट रही है, उस पर एक नेम प्लेट भी रखी हुई है। नेम प्लेट पर सद्दाम हुसैन अंसारी लिखा हुआ है। सद्दाम हुसैन के पद के तौर पर पुरुलिया जिला तृणमूल कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष छपा हुआ है।

वीडियो एक अंत में एक ग्रुप फोटो सेशन भी करवाया गया। भाजपा नेत्री किया घोष ने चुनाव आयोग को टैग करते हुए इस पर कार्रवाई की माँग उठाई है। यह वीडियो कब और कहाँ का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

चुनाव आयोग ने AAP को ‘तेरी माँ का…’ गाली दी, किसके लिए लिखा गया ‘कोणी डेन्डे’? – 5 कम्प्यूटर ऑपरेटर के सस्पेंड होने की जानें पूरी कहानी

हरियाणा में ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) ने चुनाव आयोग पर गाली देने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसे शर्मनाक बताते हुए पूछा है कि क्या चुनाव आयोग ने अपने दफ्तरों में भाजपा के चुनावी ट्रॉल्स भर्ती कर लिए हैं? पार्टी का कहना है कि जब उसके उम्मीदवार ने कार्यक्रम के लिए इलेक्शन कमीशन से अनुमति माँगी तो न सिर्फ अनुमति देने से इनकार कर दिया गया, बल्कि लिखित में भद्दी गाली भी दी गई। AAP ने चुनाव आयोग को भाजपा का ही हिस्सा करार दिया है।

इसका सबूत दिखाते हुए 2 स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए गए हैं। मामला हरियाणा के कुरुक्षेत्र के कैथल का है। वहाँ से AAP के शुभम राणा ने बैठकों के लिए और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति माँगी थी। इसमें कैथक के चांदना गेट के अलावा वार्ड संख्या 9-10 और सीवन में बैठकों और लाउडस्पीकर से सभा की इजाजत माँगी गई थी। बताया गया था कि कार्यक्रम रविवार (7 अप्रैल, 2024) को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक चलेगा।

इस कार्यक्रम में हरियाणा में AAP के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुशील कुमार गुप्ता भी शिरकत करने वाले थे। इन सभाओं की इजाजत न देते हुए चुनाव आयोग के स्थानीय दफ्तर से जो कमेंट किया गया, उसे लेकर पार्टी को आपत्ति है। एक टिप्पणी में लिखा है – ‘कोणी डेन्डे।’ ये हरियाणवी भाषा में है, जिसका अर्थ होता है – नहीं दूँगा। हालाँकि, दूसरी टिप्पणी में गाली दी गई है। इसमें लिखा गया है – ‘तेरी माँ का भो%ड़ा।’ पार्टी नेता इस पर सवाल उठा रहे हैं।

हमने इस मामले की तहकीकात के लिए शुभम राणा से बातचीत की, जिन्होंने इन सभाओं और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति माँगी थी। उन्होंने बताया कि ये खबर वास्तविक है। उन्होंने बताया कि गाँवों में बैठकों के लिए ये अनुमति माँगी गई थी। इस मामले में स्थानीय चुनाव आयोग दफ्तर के 5 लोगों को निलंबित भी किया गया है। ये सभी कम्प्यूटर ऑपरेटर हैं। स्थानीय चुनाव आयोग अधिकारी ने कम्प्यूटर हैक होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया।

उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट सह सहायक निर्वाचन अधिकारी पुलिस को इस मामले की जाँच के लिए निर्देश दे दिया है। हरियाणा में 25 मई को लोकसभा चुनाव होने हैं। सुशील गुप्ता खुद कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से है, जो भाजपा से ताल ठोक रहे हैं। AAP के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग डांडा ने इसे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला अध्याय करार दिया है। सुशील गुप्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों पर आचार संहिता का पालन न करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की।

‘निष्पक्ष’ नाचते राजदीप सरदेसाई: मिला सिर्फ 2 मिनट का इंटरव्यू… लेकिन विपक्ष की ढोल बजा पत्रकारिता की पुच्छी में लगाई आग

देश की मीडिया का एक बड़ा हिस्सा अक्सर तानाशाह-तानाशाह कह कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते रहता है। जर्मनी में रह रहे यूट्यूबर ध्रुव राठी ने तो ये समझाने के लिए एक पूरा का पूरा वीडियो तक बना दिया कि कैसे भारत में लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही है। भारत पहुँचे ध्रुव राठी को रवीश कुमार जैसों ने हाथोंहाथ लिया। इसी तरह राजदीप सरदेसाई वर्षों से प्रोपेगंडा में लगे हुए हैं। पहले 2002 के गुजरात दंगों को लेकर नरेंद्र मोदी को घेरते रहे, उसके बाद पीएम द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस न किए जाने पर उन्हें ‘हिटलर’ साबित करने पर तुले।

समस्या ये है कि आज के ज़माने में जब टीवी, YouTube और सोशल मीडिया से लेकर तमाम प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं अपनी बात रखने के लिए, प्रधानमंत्री का प्रेस कॉन्फ्रेंस करना या न करना कोई मुद्दा ही नहीं है। पीएम मोदी तो रेडियो के जरिए भी कार्यक्रम कर के गाँव-गाँव में जुड़े हुए हैं। पीएम मोदी को नीचा दिखाने के लिए तथाकथित पत्रकारों का यही वर्ग विपक्षी नेताओं को सिर-आँखों पर बिठाता है और उनकी तारीफ करते नहीं थकता है। इनके ‘हीरो’ लगातार बदलते रहते हैं।

मसलन, जब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की जीत होती है तो राजदीप सरदेसाई की पत्नी सागरिका घोष (जो पत्रकार हुआ करती थीं लेकिन अब TMC से राज्यसभा सांसद बन गई हैं) लिखती हैं कि अनजान लोग एक-दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे हैं। जब उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में जीतते हैं तो बरखा दत्त को उनका फोटोग्राफी स्किल याद आ जाता है। इसी तरह कभी शरद पवार, कभी नीतीश कुमार तो कभी लालू यादव के लिए मीडिया का ये वर्ग ‘भाट’ की भूमिका में आ जाता है।

अब देखिए, राजदीप सरदेसाई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री व DMK सुप्रीमो MK स्टालिन के इंटरव्यू का मौका मिला है। मौका मिला है, क्योंकि खुद राजदीप सरदेसाई कह रहे हैं कि 3 सालों के इंतज़ार के बाद उन्हें 3 मिनट का समय दिया गया। वो इंटरव्यू भी 2 मिनट में ही ख़तम हो गया। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजदीप सरदेसाई ने उनसे कुछ सवाल पूछे थे। 3 सालों में पहली बार इंटरव्यू देने वाले नेता को राजदीप सरदेसाई ने तानाशाह नहीं बताया, आखिर क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस चुनाव से पहले अपना प्रथम इंटरव्यू एक तमिल टीवी व्हाइनल ‘Thanthi TV’ को ही दिया है। इससे पता चलता है कि वो देश की क्षेत्रीय विविधता का कितना सम्मान करते हैं, लेकिन राजदीप सरदेसाई ने इस पर दो शब्द नहीं कहे। खैर, एमके स्टालिन ने इस इंटरव्यू में तमिलनाडु में मोदी फैक्टर को नकारते हुए AIADMK को अपना मुख्य प्रतिद्वंद्वी बता दिया। जब इंटरव्यू शुरू होता है, उस समय राजदीप सरदेसाई के चेहरे की ख़ुशी देखने लायक होती है।

जब वो एमके स्टालिन के बारे में बता रहे होते हैं, ऐसा लगता है कि राजदीप सरदेसाई फूले नहीं समा रहे। एमके स्टालिन ने इस इंटरव्यू में तमिलनाडु की सभी 40 सीटें जीतने का दावा किया। उन्होंने तमिलनाडु में अपनी सरकार आने के बाद से सारे वादे पूरे किए जाने का दावा करते हुए कहा कि नई योजनाओं से महिलाओं पर बड़ा प्रभाव पड़ा है, उन्होंने तमिलनाडु में क्लीन स्वीप का दावा किया। उन्होंने पीएम मोदी पर अपने संबोधनों में झूठ फैलाने का आरोप मढ़ दिया।

राजदीप सरदेसाई ने जब भाजपा द्वारा परिवारवाद और भ्रष्टाचार का आरोप एमके स्टालिन पर लगाए जाने की बात की तो उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड्स का मुद्दा उठा कर कोई जवाब नहीं दिया। जबकि इलेक्टोरल बॉन्ड्स का सारा डेटा सार्वजनिक है, किस पार्टी को कितना चंदा मिला सबको पता है अब। जिस ‘फ्यूचर गेमिंग’ कंपनी को लेकर बवाल किया जा रहा था, बाद में पता चला कि सबसे ज्यादा चंदा उसने DMK को ही दिया है। इस सूची में सारे दल हैं, सिर्फ भाजपा ही नहीं।

सबसे बड़ी बात आप देखिए, इस इंटरव्यू में राजदीप सरदेसाई ने तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई को लेकर कोई सवाल नहीं किया तो राज्य में एक नए नेता के रूप में उभर रहे हैं। कभी IPS रहे अन्नामलाई की आज तमिलनाडु में इतनी लोकप्रियता है कि राष्ट्रीय चैनलों पर उनकी बातें होती हैं। उन्हें अक्सर पदयात्रा, रैलियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलनों में देखा जाता है। वो जम कर मेहनत कर रहे हैं। लेकिन, राजदीप सरदेसाई ने MK स्टालिन के सामने उनका नाम तक नहीं लिया कि कहीं वो नाराज़ न हो जाएँ।

3 साल, 2 मिनट का इंटरव्यू। अब बेचारे राजदीप सरदेसाई भी क्या करते, क्या-क्या पूछते भला। ये अलग बात है कि वो इस 2 मिनट के इंटरव्यू से भी प्रफुल्लित हैं क्योंकि सामने एक विपक्षी नेता है। सोशल मीडिया पर एमके स्टालिन को वो तानाशाह नहीं बताएँगे, क्योंकि वो भाजपा से नहीं हैं। और हाँ, इस वीडियो में कई बार कट्स भी हैं। 2 मिनट के वीडियो में भी कई कट्स। राजदीप सरदेसाई से लोग अब ये भी पूछ रहे हैं कि उन्हें लंच में क्या मिला? केरल के CM पिनाराई विजयन के साथ उन्होंने मछली खाते हुए उनका इंटरव्यू लिया था।

और तो और, उन्होंने ममता बनर्जी से इसीलिए पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा को लेकर सवाल नहीं पूछे थे, क्योंकि फिर उन्हें रसगुल्ला खाने को नहीं मिलता। वो तो बाद में पता चला कि ‘रसगुल्ला’ का इस्तेमाल कभी कभी राजयसभा सांसदी के पर्याय के रूप में भी किया जा सकता है। राजदीप सरदेसाई अक्सर विपक्षी नेताओं को लेकर आश्वस्त रहते हैं कि उनकी जीत होगी। पत्नी राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन खुद के निष्पक्ष होने का दावा करना नहीं छोड़ते वो।

राजदीप सरदेसाई का एक और वीडियो देखिए। इसमें वो AIADMK-SDPI के चुनावी अभियान में ढोल बजा रहे हैं। इस वीडियो में उन्हें ‘उछलते हुए ‘लगभग’ उछलने की मुद्रा में देखा जा सकता है। यानी, एक राजनीतिक दल के कार्यक्रम में ढोलक बजा कर भी वो ‘निष्पक्ष’ हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन-कल्याणकारी योजनाओं को लेकर कोई एक शब्द भी कह दे तो वो ‘गोदी मीडिया’ हो जाता है। पत्रकारों का ये गिरोह पिछले कई वर्षों से इसी खेल में लगा हुआ है।

ये तो कुछ भी नहीं है, 2020 में दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों में AAP की जीत के बाद वो इतने ज्यादा खुश हो गए थे कि न्यूज़ चैनल के स्टूडियो में ही डांस करने लगे। जब भाजपा की जीत होती है तब पत्रकारों का ये समूह मातम का माहौल बना कर रखता है। क्या इनसे हम निष्पक्ष समाचार की अपेक्षा कर सकते हैं? पत्रकारिता की पुच्छी में आग लगाने का काम तो उनके लिए नया नहीं है, विपक्ष के लिए डांस दिखाया था और अब ढोल भी बजा रहे हैं।

बाबरी ढाँचे के पूर्व पक्षकार को अयूब ने पीटा, PM मोदी-CM योगी तारीफ पर भड़का: बोले इकबाल अंसारी- चंदा चाहने वाले नफरती नहीं चाहते शांति

अयोध्या में राम मंदिर जन्मभूमि मामले में बाबरी के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को शुक्रवार (05 अप्रैल 2024) को अलविदा की नमाज के बाद कुछ लोगों ने पीट दिया। उन्होंने बताया कि मस्जिद के अंदर ही उनकी पिटाई की गई। इस मामले में उनकी शिकायत के आधार पर अयोध्या पुलिस ने रामजन्मभूमि थाने में केस दर्ज कर लिया है और कार्रवाई शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इकबाल अंसारी का कहना है योगी-मोदी सरकार के कार्यों की वह प्रशंसा करते रहते हैं। इसके कारण कुछ लोग उनसे नाराज रहते हैं। स्थानीय निवासी अयूब भी उनमें से एक है। अयूब के साथ चार अन्य लोग भी थे। इकबाल अंसारी ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि शांति न रहे ताकि सौहार्द बिगाड़ने के लिए उन्हें चंदा मिलता रहे। उनके साथ हाथापाई करने वाले भी उसी मानसिकता के लोग हैं।

इकबाल अंसारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने पर उनकी उनकी पिटाई की गई है। इससे उन्हें चोट भी लगी है। इकबाल ने बताया कि मस्जिद में खिड़की खोलते समय अयूब उर्फ पप्पू नामक व्यक्ति ने उनके साथ अभद्रता की।

बता दें कि अयोध्या में रामलला के जन्मस्थान के विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को इकबाल ने न सिर्फ स्वीकार किया, बल्कि अयोध्या में मस्जिद की जरूरत को भी नकार दिया। उन्होंने पूरे देश के मुस्लिमों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकारने की अपील की थी। यही नहीं, जन्मभूमि पर जब भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी, तब इकबाल अंसारी भी मेहमानों के साथ वहाँ मौजूद थे। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रोडशो के दौरान फूल बरसाते भी दिखे थे। इकबाल अंसारी अक्सर पीएम मोदी और सीएम योगी की तारीफ करते रहते हैं। यही वजह है कि कट्टरपंथियों को वो पसंद नहीं आते।