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राहुल गाँधी ने जिस मुस्लिम लीग को बताया ‘सेकुलर’, उसकी जड़ें जिन्ना की पार्टी में; संविधान में शरिया के पैरोकार: जानिए IUML का इतिहास

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) 10 दिन की अमेरिका यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने गुरुवार (1 जून 2023) को वाशिंगटन के नेशनल प्रेस क्लब में सवालों का जवाब देते हुए अजीबोगरीब दावा किया। भारत के विभाजन में अहम भूमिका निभाने वाली पार्टी मुस्लिम लीग को उन्होंने सेकुलर यानी धर्मनिरपेक्ष (Muslim League secular) करार दिया।

राहुल गाँधी से पूछा गया था, “आपने हिंदू पार्टी भाजपा का विरोध करते हुए धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के बारे में बात की। लेकिन जिस केरल से आप सांसद थे, वहाँ कॉन्ग्रेस मुस्लिम पार्टी मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन में रही है।” इस सवाल के जवाब में राहुल गाँधी ने कहा, “मुस्लिम लीग पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, मुस्लिम लीग में कुछ भी गैर धर्मनिरपेक्ष नहीं है। मुझे लगता है कि आपने मुस्लिम लीग के बारे में नहीं पढ़ा है।”

यूँ तो राहुल गाँधी विवादित और ऊलजलूल बयानबाजी के लिए ही पहचाने जाते हैं, लेकिन मुस्लिम लीग का इतिहास देखते हुए उनका बयान हैरान करने वाला है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का दावा है कि देश की आजादी के बाद साल 1948 में उसकी स्थापना हुई। लेकिन सच्चाई यह है कि IUML पाकिस्तान के संस्थापक और इस्लामवादी मोहम्मद अली जिन्ना की ऑल इंडिया मुस्लिम लीग (AIML) की एक शाखा ही है। 

विभाजन के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम लीग को पाकिस्तान में मुस्लिम लीग और भारत में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के रूप में स्थापित किया गया था। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) अपनी वेबसाइट पर दावा करती है वह धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन ऐसा कई बार सामने आया है कि जब इस पार्टी ने खुलकर इस्लामवाद का समर्थन किया है।

मुस्लिम लीग ने मुस्लिमों के एक अलग देश की माँग का पुरजोर समर्थन किया था। इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की भावनाओं और इरादों को स्वतंत्र भारत में जीवित रखने के लिए मार्च 1948 में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का जन्म हुआ।

मोहम्मद अली जिन्ना की मुस्लिम लीग से अलग होने के बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पहले अध्यक्ष मुहम्मद इस्माइल ने भारत विभाजन आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। यही नहीं, वह बँटवारे और इस्लामवादियों के लिए अलग देश बनाए जाने का समर्थक था। यहाँ दिलचस्प बात यह है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को ‘धर्मनिरपेक्ष पार्टी’ बताने का दावा करने वाले मुहम्मद इस्माइल ने संविधान सभा में भारतीय मुस्लिमों के लिए शरिया कानून को बनाए रखने की वकालत की थी।

भारत विभाजन के बाद मुस्लिमों की पहली राजनीतिक पार्टी आईयूएमएल के संस्थापक अध्यक्ष मुहम्मद इस्माइल ने मोहम्मद अली जिन्ना के विचारों की तरह दावा किया था कि वह और उनकी पार्टी भारत के मुस्लिमों की एक मात्र हितैषी पार्टी है। देश की आजादी के बाद कॉन्ग्रेस ने सियासी फायदे के लिए मुस्लिम लीग से भले ही हाथ मिला लिया, लेकिन कभी जवाहर लाल नेहरू ने जिन्ना की मुस्लिम लीग से गठबंधन करने से इनकार कर दिया था। कॉन्ग्रेस की अवसरवादिता के नापाक मंसूबे के चलते ही इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग जैसी इस्लमावादी पार्टी को मुस्लिमों के हितों की रक्षा करने के नाम मजहब की राजनीति करने का सबसे बड़ा सहारा मिला।

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का नाम केरल में सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने के मामले में भी सामने आया था। जस्टिस थॉमस पी जोसेफ आयोग की रिपोर्ट के अनुसार साल 2003 में केरल में हुए मराड नरसंहार की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में आईएमयूएल भी शामिल थी। जस्टिस जोसेफ आयोग की रिपोर्ट में मराड नरसंहार को ‘इस्लामी कट्टरपंथियों और आतंकी संगठनों की सांप्रदायिक साजिश’ बताया गया था। इसके अलावा, साल 2017 में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने हिंसा के मामले की जाँच करते हुए एक नई FIR दर्ज की थी। इस FIR में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेताओं पीपी मोइदीन कोया और मोईन हाजी को दंगों के लिए फंडिंग करने, साजिश रचने में संलिप्त पाया था।

CM योगी ने मुस्लिम लीग ‘वायरस’ से कॉन्ग्रेस को बताया था संक्रमित, राहुल गाँधी ने IUML को सेकुलर बता दिखाया ‘संक्रमण’ कितना गहरा

केरल में कॉन्ग्रेस की एक सहयोगी पार्टी है। नाम है- इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)। विचारधारा से प्योर कट्टरपंथी है। मोटे शब्दों में कहें तो इस पार्टी की सोच भी वही है जिसने 1947 में भारत का विभाजन करवाया। एक सवाल के जवाब में राहुल गाँधी ने इस पार्टी को ‘सेकुलर’ बताया है। 10 दिवसीय अमेरिकी दौरे पर गए कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से 1 जून 2023 को वाशिंगटन के नेशनल प्रेस क्लब में इस पार्टी को लेकर सवाल पूछा गया था।

वैसे यह बयान हैरान करने वाला नहीं है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो कई साल पहले ही बता चुके हैं कि कॉन्ग्रेस मुस्लिम लीग वायरस से संक्रमित है। ऐसे में राहुल गाँधी ने कट्टर मजहबी विचारों वाली पार्टी को विदेश में सेकुलर बताकर बस इसका प्रदर्शन किया है कि यह संक्रमण कितना गहरा है। सेकुलरिज्म की कॉन्ग्रेस की परिभाषा कितनी छद्म है। इस छद्म को सालों पहले दिवंगत सुषमा स्वराज ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान भी उजागर किया था।

योगी आदित्यनाथ में 5 अप्रैल 2019 2019 में कॉन्ग्रेस पर मुस्लिम लीग के प्रभाव को बताते हुए ट्वीट किए थे। उन्होंने लिखा था, “मुस्लिम लीग एक वायरस है। एक ऐसा वायरस जिससे कोई संक्रमित हो गया तो वो बच नहीं सकता और आज तो मुख्य विपक्षी दल कॉन्ग्रेस ही इससे संक्रमित हो चुका है। सोचिए अगर ये जीत गए तो क्या होगा? ये वायरस पूरे देश मे फैल जाएगा।” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा था, “1857 के स्वतंत्रता संग्राम में मंगल पांडे के साथ पूरा देश अंग्रेजों के खिलाफ मिलकर लड़ा था, फिर ये मुस्लिम लीग का वायरस आया और ऐसा फैला कि पूरे देश का ही बँटवारा हो गया। आज फिर वही खतरा मंडरा रहा। हरे झंडे फिर से लहरा रहे है। कॉन्ग्रेस, मुस्लिम लीग वायरस से संक्रमित है, सावधान रहिए।”

वहीं भारतीय राजनीतिक दलों के छद्म सेकुलरिज्म को जून 1996 में लोकसभा में सुषमा स्वराज ने भी उजागर किया था। इसमें उन्होंने बताया था कि कैसे तथाकथित सेकुलरों का सेकुलरिज्म हिंदुओं को गाली देने से शुरू होता है। कैसे हिंदू और राष्ट्र हित की बात करने वालों को साम्प्रदायिक घोषित कर दिया जाता है।

राहुल गाँधी ने अमेरिका से जिस सेकुलरिज्म का संदेश देने की कोशिश की है, वैसी ही सोच पर प्रहार करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा था, “हम साम्प्रदायिक हैं, हाँ, हम साम्प्रदायिक हैं, क्योंकि हम वंदे मातरम् गाने की वकालत करते हैं। हाँ, हम साम्प्रदायिक हैं, क्योंकि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए लड़ते हैं। हम साम्प्रदायिक हैं, क्योंकि धारा 370 को समाप्त करने की माँग करते हैं। हाँ, हम साम्प्रदायिक हैं, क्योंकि हिन्दुस्तान में गोरक्षा और उसके वंश और वर्धन की बात करते हैं। हम साम्प्रदायिक हैं, क्योंकि हिंदुस्तान में समान नागरिक संहिता बनाने की माँग करते हैं। हम साम्प्रदायिक हैं, क्योंकि कश्मीरी शरणार्थियों के दर्द को जुबान देने का काम करते हैं।”

उत्तराखंड में नूर हसन ने ब्लेड से काटा सावित्री का गला, गन्ने के खेत में नग्न लाश मिली: छत्तीसगढ़ में दानिश के ‘लव जिहाद’ का शिकार हुई जनजातीय युवती

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में नूर हसन ने शेविंग ब्लेड से गला काटकर एक हिंदू महिला की हत्या कर दी। महिला का शव गन्ने के खेत में नग्नावस्था में मिला था। वहीं, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में दानिश पर लिव इन रिलेशन में रह रही हिंदू लड़की की हत्या का आरोप लगा है। मौत से पहले मृतका ने दानिश को लेकर कई बड़े खुलासे किए।

पहला मामला उधमसिंह नगर जिले के कनौरा गाँव का है। यहाँ सोमवार (29 मई, 2023) को गन्ने के खेत में नग्न अवस्था में एक महिला का शव मिला था। महिला के गले पर काटने का निशान था। दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई जा रही थी। मृतका के पति ने ठेकेदार नूर हसन पर हत्या का शक जताया था। मृतक महिला नूर हसन के यहाँ काम करती थी। मामले की जाँच कर रही पुलिस ने शक के आधार पर ठेकेदार नूर हसन को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

शुरुआती पूछताछ में नूर हसन हत्या की बात से इनकार करता रहा। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती की की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अधीक्षक अभय प्रताप सिंह ने खुलासा करते हुए बताया है कि नूर ने ही महिला की हत्या की थी। मृतका उसके यहाँ मजदूरी करती थी और दोनों के बीच पिछले आठ सालों से संबंध थे। नूर हसन ने पुलिस को बताया है कि उसके और महिला के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान उसने महिला को धक्का दे दिया। इससे सिर में चोट लगने से उसकी की मौत हो गई। इसके बाद उसने हत्या को दूसरा रूप देने के लिए शेविंग ब्लेड से महिला का गला काट लाश गन्ने के खेत में फेंक दी। 

छत्तीसगढ़ में भी लव जिहाद

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में भी लव जिहाद और हत्या का मामला सामने आया है। यहाँ पहले से शादीशुदा दानिश नामक युवक के अनुसूचित जनजाति समाज की लड़की के साथ संबंध थे। दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। लड़की प्रेग्नेंट हुई तो दानिश ने उसे गर्भपात कराने के लिए दवा खिला दी। इससे गर्भपात तो हो गया, लेकिन लड़की की तबियत भी खराब हो गई। उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। 

इस मामले में मृतक लड़की का वीडियो भी सामने आया है। मौत से पहले उसने कहा है कि दानिश उसे मारपीट कर प्रताड़ित करता था। वह दानिश से अलग होना चाहती है, लेकिन वह अलग नहीं होने दे रहा था और लगातार परेशान कर रहा था। मृतका ने यह भी खुलासा किया कि दानिश से पहले भी उसको एक बच्चा हुआ था। उस बच्चे के जन्म के दो दिन बाद ही दानिश ने कहीं गायब कर दिया।

मृतका के भाई का आरोप है कि दानिश ने पहचान छिपाकर उसकी बहन से दोस्ती की और संबंध बनाए। वह उस पर धर्मांतरण कर इस्लाम कबूल करने का दवाब बनाता था। इनकार करने पर मारपीट करता था। मृतक लड़की के भाई ने न्याय की गुहार लगाते हुए दानिश पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और हाई कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एसआईटी बनाकर जाँच कराने की माँग की है।

घुटनों की सर्जरी से पहले महेंद्र सिंह धोनी पढ़ते दिखे भगवद् गीता: ऑपरेशन सफल हुआ, जल्द मिलेगी छुट्टी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के घुटनों की सर्जरी सफल रही है। गुरुवार (01 जून 2023) को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में उनकी सर्जरी हुई। सर्जरी से पहले धोनी को कार में भगवत गीता पढ़ते देखा गया था। चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान एमएस धोनी बुधवार (31 मई) को अस्पताल पहुँच गए थे। बताया जा रहा है कि 1-2 दिन में उन्हें छु्ट्टी भी मिल जाएगी।

आईपीएल 2023 के अपने पहले मुकाबले में ही चोटिल हो जाने के बाद महेंद्र सिंह धोनी के लिए पूरा सीजन कष्टदायक रहा। कई मैचों में उन्हें विकेट के पीछे लंगड़ाते देखा गया। यहाँ तक की फाइनल मुकाबले में भी धोनी घुटनों पर पट्टी बाँधे नजर आए। फाइनल मुकाबला जीतने के फौरन बाद एमएस ने अपने घुटनों की सर्जरी का फैसला लिया।

धोनी बुधवार (31 मई) शाम को कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती हुए थे। धोनी की पत्नी साक्षी भी उनके साथ मौजूद रहीं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि घुटने के ऑपरेशन से पहले एमएस धोनी भगवत गीता पढ़ रहे थे। उनकी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल है। फोटो में कार में बैठे धोनी हाथ में भगवत गीता लिए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी यह तस्वीर ऑपरेशन से पहले की है।

धोनी के घुटने का ऑपरेशन मुंबई के मशहूर ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दिनशॉ पार्दीवाला ने किया है। दिनशॉ पार्दीवाला ने ही क्रिकेटर ऋषभ पंत का ऑपरेशन किया था। पार्दीवाला बीसीसीआई मेडिकल पैनल का भी हिस्सा हैं। सीएसके के सीईओ काशी विश्वनाथन ने दावा किया है कि ऑपरेशन के बाद उनकी बात एमएस धोनी से हुई है। उन्होंने कहा है कि धोनी के घुटनों की सर्जरी सफल रही है और उनकी हालत में तेजी के साथ सुधार हो रहा है।

टाटा आईपीएल 2023 का फाइनल मुकाबला जीतने के बाद धोनी ने अपने प्रशंसकों के लिए आईपीएल का एक सीजन और खेलने की उम्मीद जताई थी। अब उनके पास फिट होने के लिए पर्याप्त समय होगा।

झारखंड के सरकारी स्कूल में मलाला के पोस्टर, CM एक्सीलेंस के नाम पर स्कूलों से हटाए ‘हिंदू’ और ‘रामरुद्र’: जुमे पर छुट्टी को लेकर भी विवादों में रहे हैं राज्य के स्कूल

झारखंड के रामगढ़ जिले के एक स्कूल में आइकन बताकर पाकिस्तान मूल की मलाला यूसुफजई की तस्वीर लगाने का मामला सामने आया है। इस तस्वीर को जब गाँव वालों ने देखा तो इसका विरोध किया। इसके बाद इस तस्वीर को हटा ली गई। वहीं, कुछ स्कूलों से ‘हिंदू’ और ‘रामरुद्र’ जैसे शब्द हटा दिए गए हैं। इसको लेकर भाजपा ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया है।

ये मामला राजधानी राँची से सटे रामगढ़ जिले के कुजू का है। यहाँ के सरकारी स्कूल में मलाला यूसुफजई की फोटो देखकर गाँव के लोग भड़क गए। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए स्कूल से मलाला की फोटो को हटाया गया।

बताया जा रहा है कि स्कूल की एक शिक्षिका ने बच्चों को प्रेरित करने के लिए पाकिस्तान मूल की इंग्लैंड निवासी और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई की तस्वीर लगाई थी। स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्र प्रसाद ने बताया कि शिक्षिका ने उनसे परमिशन लेकर यह तस्वीर लगाई थी। 

इस बीच यह बात भी सामने आई है कि हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड में विद्यालयों के नाम से ‘हिंदू’ और ‘रामरुद्र’ शब्द हटा दिए हैं। दरअसल, सोरेन सरकार ने राज्य के 80 विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में चयन किया है। इन स्कूलों के नाम के साथ सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (CM School Of Excellence) जोड़ा जाएगा।

इस दौरान जिन स्कूलों में हिंदू या रामरुद्र शब्द थे, उन्हें हटा दिया गया है। एक स्कूल से ‘हिन्दू’ शब्द और एक अन्य स्कूल से ‘रामरुद्र’ शब्द हटा दिया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने पत्र जारी करके कहा कि कुछ स्कूलों के नाम बदले गए हैं।

लोहरदगा के एक स्कूल का नाम लोहरदगा नदिया हिन्दू हाईस्कूल था। अब इसका नाम बदल कर सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस लोहरदगा, नदिया कर दिया गया है। हिन्दू हाईस्कूल की स्थापना सन 1931 में हुई थी। इसके लिए उद्योगपति बिड़ला घराने ने जमीन दी थी। स्कूल के नाम में से हिन्दू शब्द हटाए जाने का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं।

वहीं, बोकारो के चास में स्थित +2 हाईस्कूल का नाम रामरुद्र +2 हाईस्कूल था। अब इसमें से ‘रामरुद्र’ हटाकर उसका नाम सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस रखा गया है। राज्य के ऐसे 9 स्कूल हैं, जिनके नाम बदले गए हैं। इनमें नदिया (लोहरदगा) के हाईस्कूल और चास के स्कूल के अलावा पाकुड़ राज +2 हाईस्कूल से राज शब्द हटा दिया गया है। जिला स्कूल, हजारीबाग से जिला शब्द हटा दिया गया है।

मलाला युसुफजई की तस्वीर लगाने को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “तुष्टिकरण की राजनीति में झारखंड सरकार इतना गिर गई है कि एक पाकिस्तानी एक्टिविस्ट की तस्वीर सरकारी स्कूल में लगा कर प्रचार प्रसार किया जा रहा है।”

अपने ट्वीट में मरांडी ने आगे लिखा, “ये तो भला हो जनता का जो जागरूक है और गाँव वालों के विरोध के बाद यह तस्वीर हटानी पड़ी… मुख्यमंत्री जी…अगर लड़कियों की शिक्षा के लिए आपको किसी आइकॉन की तस्वीर लगानी ही है तो सावित्रीबाई फुले की लगाइए…किसी दुश्मन देश के आइकॉन का नहीं!”

बता दें कि इससे पहले मुस्लिम बहुल इलाकों में चल रहे स्कूलों के नाम में जबरन उर्दू शब्द जोड़ने की खबरें भी आई थीं। इन स्कूलों में सिर्फ उर्दू शब्द ही नहीं जोड़े गए थे, बल्कि रविवार की जगह स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी भी जबरन घोषित कर दी थी। इसको लेकर देश भर में बवाल हुआ था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने इसे ठीक कराया था।

झारखंड के 5 जिलों में 70 ऐसे स्कूलों का पता चला था, जहाँ रविवार की छुट्टी की जगह मुस्लिम समुदाय ने जबरन जुमे (शुक्रवार) को छुट्टी तय कर दी थी। इतना ही नहीं, इन स्कूलों में होने वाले प्रार्थना को भी बदल दिया था। इसको लेकर हेमंत सोरेन की देश भर में किरकिरी हुई थी।

जिनकी आतंकियों से पहचान, जो करते भारत विरोधी बात… वही राहुल गाँधी के लिए USA में जुटा रहे ‘मुस्लिम’: वायरल ‘रजिस्ट्रेशन फॉर्म’ से खुली पोल

कॉन्ग्रेस नेता और अयोग्य करार दिए गए सांसद राहुल गाँधी इन दिनों अमेरिका (USA) की यात्रा पर हैं। उनका दौरा एक हफ्ते का है। इस दौरान अमेरिका के अलग-अलग इलाकों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम और राहुल गाँधी के साथ मुलाकात जैसे सत्र के आयोजन की जिम्मेदारी द इंडियन ओवरसीज कॉन्ग्रेस (The Indian Overseas Congress) संभाल रही है।

4 जून को राहुल गाँधी न्यूयॉर्क के जेविट्स सेंटर (Javits Centre) में आयोजित कार्यक्रम को खिताब करने वाले हैं। अमेरिका स्थित IOC कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियाँ कर रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक पंजीकरण फॉर्म (Registration form) वायरल हो रहा है। इस फॉर्म में न्यूयॉर्क और आस पास के इलाकों में रहने वाले मुस्लिमों से कार्यक्रम का हिस्सा बनने की अपील की जा रही है।

अमेरिका में राहुल गाँधी के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मुस्लिमों को बुलाने वाला पंजीकरण फॉर्म रजिस्ट्रेशन अब बंद हो चुका है। फोटो साभार- गूगल फॉर्म्स

बता दें राहुल गाँधी के अमेरिका यात्रा के दौरान कार्यक्रमों का हिस्सा बनने के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म इंडियन ओवरसीज कॉन्ग्रेस के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल फॉर्म इससे अलग है।

राहुल गाँधी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन का ऑरिजनल फॉर्म (फोटो साभार- आईओसी)

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे फॉर्म जो अब रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध नहीं है, उनपर संपर्क किए जाने वाले व्यक्तियों के नामों की सूची देखने के बाद लोग चिंता जता रहे हैं। दरअसल, इसमें कुछ ऐसे नाम शामिल हैं जिनपर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।

रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर ‘संपर्क करें’ की सूची में मस्जिद अल-वली/MCNJ नॉर्थ एडिसन वुडब्रिज TWP न्यू जर्सी (NJ) के तज़ीम अंसारी और नियाज़ खान, मस्जिद MCMC साउथ एडिसन/पिस्कटवे/ईस्ट ब्रंसविक NJ के जावेद सैयद, हबीब सिद्दीकी और मीर कादरी हैं। ISCJ/MCGP साउथ ब्रंसविक/केंडल पार्क/प्रिंसटन NJ के मोहम्मद असलम और मिन्हाज खान, मस्जिद सदर सायरेविले/ओल्ड ब्रिज NJ के नज़ीर सैयद और अकिल मोहम्मद और दारुल इस्लाह टीनेक, NJ के शाहीन खतीब और हाशिर काज़ी के नाम शामिल हैं।

मिली जानकारी के अनुसार इस विवादास्पद फॉर्म से अब रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया है।

साभार- गूगल फॉर्म्स

ट्विटर यूजर और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) अकाउंट Disinfo Lab ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर थ्रेड के जरिए इस संबंध में जानकारी दी है। इसके अनुसार, MCNJ का नेतृत्व इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (ICNA) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर इमाम जवाद अहमद कर रहे हैं जो पाकिस्तानी मूल के हैं।

गौरतलब है कि आईसीएनए एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन है जिसके संबंध पाकिस्तान के जमात-ए-इस्लामी से हैं। जवाद अहमद कश्मीर को भारत से अलग करने का ख्वाब देखने वाले हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन जैसे आतंकियों का गुणगान किया है। सलाहुद्दीन की नजदीकी मेहराजुद्दीन से भी थी जो कंधार प्लेन हाईजैक (1999) मामले के आरोपितों में से एक है।

Disinfo Lab द्वारा उजागर दूसरा नाम है मोहम्मद असलम। असलम ICNA के करीबी सहयोगी मुस्लिम सेंटर ऑफ ग्रेटर प्रिंसटन (MCGP) का सदस्य है। Disinfo Lab के अनुसार जस्टिस फॉर ऑल जैसे मोर्चे आईसीएनए के तहत काम करते हैं। हाल ही में ऑपइंडिया ने भी ICNA द्वारा अमेरिका की जेलों में इस्लाम के प्रचार और कैदियों के धर्मांतरण पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। आईसीएनए भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहता है। सोशल मीडिया पर भी यह संगठन हिंदू और भारत विरोधी पोस्ट शेयर करता रहता है।

इस फॉर्म में तीसरा आपत्तिजनक नाम है मिन्हाज खान का जो भारत विरोधी लॉबी के इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) से जुड़ा हुआ है। ऑपइंडिया ने अपने रिपोर्टों में IAMC और उसकी भारत विरोधी गतिविधियों को विस्तार से कवर किया है।

Disinfo Lab ने बताया कि IAMC के कार्यकारी निदेशक रशीद अहमद जमात से जुड़े एक अन्य संगठन इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (IMANA) के कार्यकारी निदेशक भी हैं। कोरोना महामारी के समय IMANA ने भारत की मदद करने के नाम पर धन उगाहने का अभियान चलाया था और कथित तौर पर पैसों की हेराफेरी की थी। ऑपइंडिया ने वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के दौरान संस्था की संदिग्ध गतिविधियों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

IMANA के पाकिस्तानी सेना और नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों से संबंध हैं। इसके अलावा आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा सहित कई आतंकवादी संगठनों से भी इसके संबंध होने की बात कही जाती है।

Disinfo Lab के अनुसार 2017 में IMANA के सदस्य मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े संगठन ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ (ISNA) के सदस्य रहे हैं। 2017 में ही कनाडा रेवेन्यू एजेंसी ने ISNA कनाडा द्वारा आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के वित्त पोषण का खुलासा किया था।

IAMC और राहुल गाँधी

दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब IAMC का नाम राहुल गाँधी से जोड़ा जा रहा है। मार्च 2023 में मोदी सरनेम मामले में जब राहुल गाँधी को सजा मिली थी। उसके बाद उन्हें लोकसभा द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था। तब भी IAMC उनके समर्थन में आ गया था। राहुल गाँधी पर लोकसभा के फैसले को भारत के ‘फासीवादी’ राष्ट्र होने का प्रमाण बताया गया था।

IAMC की तरफ से बयान जारी कर राहुल गाँधी को अयोग्य ठहराए जाने की निंदा की गई थी। IAMC द्वारा कहा गया कि राहुल गाँधी को परेशान करने और डराने के खिलाफ मानहानि का मामला बनाया गया था। संगठन ने उनकी अयोग्यता को अन्याय और सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए सत्ताधारी पार्टी की हताशा का प्रकटीकरण करार दिया था। इसे विपक्ष और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास बताया गया था।

IAMC और इसका संदिग्ध इतिहास

इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) का कार्यकारी निदेशक रशीद अहमद है। यह एक कट्टरपंथी इस्लामी ग्रुप है। जिसका संबंध स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से है। यह संगठन लंबे समय से भारत के खिलाफ लॉबिंग करता आया है।

IAMC एक जमात-ए-इस्लामी समर्थित संगठन है जो अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने का दावा करता है। दावा यह भी किया जाता है कि काउंसिल अमेरिका के अलग-अलग ग्रुपों के साथ मिलकर USCIRF (यूनाइटेड स्टेट्स कमिशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम) से भारत को ब्लैकलिस्ट करने की वकालत कर चुका है। यहाँ तक की संगठन द्वारा पैसे भी जुटाए गए थे ताकि भारत को ब्लैकलिस्ट किया जा सके।

Disinfo Lab की एक विस्तृत रिपोर्ट में आतंकी संगठन जमात-ए-इस्लामी के साथ इसके संबंधों का खुलासा किया गया है। जमात-ए-इस्लामी (पाकिस्तान) के अमेरिकी फ्रंट ‘इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ (ICNA) का नेतृत्व IAMC के संस्थापक शेख उबैद और सदस्य अब्दुल मलिक मुजाहिद ने किया। DisInfo Lab के अनुसार ICNA के संबंध लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी समूहों से हैं। IAMC प्रमुख रशीद अहमद पहले इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (IMANA) के पूर्व कार्यकारी निदेशक रह चुके हैं। वहीं IMANA के संचालन निदेशक (Director of Operations) जाहिद महमूद हैं जो पाकिस्तानी नौसेना के एक पूर्व अधिकारी रहे हैं।

चलती ट्रेन में दलालों को पहचानकर NCPCR अध्यक्ष ने करवाया गिरफ्तार, नाबालिग लड़की की जान बची: पूरी घटना Video में कैद

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने चलती ट्रेन में बैठे-बैठे बच्चों की तस्करी करने वाले दलालों को पहचान उनकी गिरफ्तारी करवाई। फिल्म के सीन जैसी लगने वाली यह घटना 30-31 मई की रात को मध्यप्रदेश के कटनी स्टेशन से दिल्ली के चली ट्रेन में घटी। रेल में बैठे एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने थोड़ा संदेह होने पर एक दंपति से पूछताछ की और उसके बाद शक सही पाने पर दोनों को पुलिस को सौंप दिया। दिलचस्प बात यह है कि पूरा मामला कैमरे में रिकॉर्ड हुआ।

इस घटना पर एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने फर्स्ट पोस्ट से बात करते हुए कहा, “मैंने एक जोड़े को देखा जिनके साथ एक लड़की थी। उम्र 15-16 साल की होगी। वो उसके माता-पिता नहीं लग रहे थे। उनका बर्ताव भी अजीब था। उनके दस्तावेज चेक करने पर शक सही निकला। वो लड़की के माता-पिता नहीं थे। मैंने पुलिस बुलाई और बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) को सागर स्टेशन पर बुलाया और आरोपित को पुलिस को सौंपा।”

प्रियांक कानूनगो ने बताया कि सागर की बाल कल्याण समिति लड़की की काउंसलिंग कर रही है। उसका बयान लिया जा रहा है। पूछताछ में पता चला है कि उसका घर छत्तीसगढ़ बिलासपुर में है। एक व्यक्ति को उसकी सोशल रिपोर्ट बनाने के लिए भी कहा गया है।

बता दें कि सोशल रिपोर्ट एक तरह का सर्वे होता है जिसमें राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की तरफ से पीड़ित बच्ची के घर की उन परिस्थितियों के हालात का जायजा लिया जाता है जिन्होंने बच्ची को दलालों के फंदे में भेज दिया। रिपोर्ट के माध्यम से ही निर्धारित होता है कि बच्ची को उसके घर भेजा जाना सुरक्षित है या नही। अगर किसी भी परिस्थिति में ऐसा लगता है कि बच्ची घर जाकर दोबारा दलालों के हाथ आ सकती है तो उसे उसके घर नहीं भेजा जाता।

कक्षा 10 में अब नहीं पढ़ाया जाएगा ‘राजनीतिक दलों’ पर पाठ: विद्यार्थियों का बोझ कम करने लिए NCERT ने लिया फैसला, जानें और क्या-क्या हटाया गया

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तकों से लोकतंत्र और विविधता, राजनीतिक दल और लोकतंत्र की चुनौतियों पर अध्याय हटा दिए हैं। यह पाठ कक्षा 10 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक ‘डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स’ का हिस्सा था। इसके अलावा, NCERT ने कई विषयों के पाठ्यक्रमों को भी हटाया है।

NCERT का यह कदम महामारी के दौरान पाठ्यक्रम को तार्किक बनाने की अवधि के बाद आया है। उस दौरान इन अध्यायों को अस्थायी रूप से पाठ्यक्रम से बाहर कर दिया गया था। अब इन्हें स्थायी रूप से हटा दिया गया है। कक्षा 10 के अन्य जिन विषयों के पाठ्यक्रमों में संशोधन किया गया है, उनमें हिंदी भाषा, संस्कृत, अंग्रेजी, उर्दू, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान शामिल हैं।

वैज्ञानिकों एवं शिक्षकों ने कक्षा 10 के पाठ्यक्रम से महत्वपूर्ण अध्यायों को हटाने के कारण लंबी अवधि में इसके पड़ने वाले परिणामों को लेकर चिंता जाहिर की है। अप्रैल में सरकारी निकाय ने कक्षा 9 और कक्षा 10 की विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों से चार्ल्स डार्विन के विकास के सिद्धांत को हटाने का भी फैसला किया था।

इसके अलावा, रसायन विज्ञान के पीरियोडिक टेबल को भी हटा दिया गया है। देश में कक्षा 10 तक विज्ञान अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाता है। हालाँकि, अब केवल वे छात्र, जो 11वीं व 12वीं में रसायन विज्ञान का चुनाव करते हैं, वे ही आवर्त सारणी (Periodic Table) के बारे में पढ़ेंगे।

इसके पहले महात्मा गाँधी की हत्या और स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के संदर्भों को कक्षा 11 की राजनीति विज्ञान से हटा दिया गया था। इसको लेकर NCERT की खूब आलोचना हुई थी। इसके अलावा, परिषद ने पाठ्यपुस्तकों से मुगल इतिहास को भी छोटा कर दिया है।

बताते चलें कि NCERT ने नवीनतम पाठ्यक्रमों के तार्किक बनाने (Rationalisation) का काम दिसंबर 2021 से जून 2022 तक किया गया। यह सब छात्रों पर से पाठ्यक्रम के बोझ को हल्का करने के लिए गया था। इसके तहत जिन पाठ्यक्रमों को हटाया गया है, उसका पूरा विवरण यहाँ देखा जा सकता है।

शैक्षणिक वर्ष 2022-23 के लिए एक संशोधित पाठ्यक्रम जारी किया गया था, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के 30% पाठ्यक्रम को हटा दिया गया था। साल 2014 से NCERT ने तीन बार- साल 2017, साल 2019 और साल 2021 में पाठ्यक्रम संशोधन किए हैं।

दिल्ली पुलिस की जाँच के बाद होगी कार्रवाई… केंद्र ने दिया पहलवानों को आश्वासन: खाप नेता टिकैत बोले- 5 दिन बाद कुछ भी हो सकता है

दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों के समर्थन में खड़ी खाप पंचायतों एवं किसान संगठनों ने एक बार फिर चेतावनी दी है। वहीं, भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह ने एक बार फिर दोहराया है कि अगर उनके खिलाफ किसी के पास कोई सबूत हो तो सामने लाए। उन्होंने कहा कि पहलवानों की माँगें रोज बदल रही हैं। उधर केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा चार्जशीट दायर करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पहलवान उनकी तुरंत गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। इसके पहले जनवरी वे धरने पर बैठे थे, तब बृजभूषण सिंह के खिलाफ जाँच कराने की माँग की थी। जाँच में कुछ भी सामने नहीं आने के बाद उन्होंने नाबालिग से रेप का आरोप लगाकर दिल्ली में FIR दर्ज कराई है।

पहलवानों के समर्थन में खड़ी भारतीय किसान यूनियन के नेता और बाल्यान खाप के प्रमुख नरेश टिकैत ने यूपी के मुजफ्फरनगर में खाप पंचायत की बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे सरकार को पाँच दिन की मोहलत दे रहे हैं। अगर पाँच दिनों में सरकार WFI चीफ को गिरफ्तार नहीं करती है तो कुछ भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार (2 जून 2023) को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में होने वाले खाप पंचायत के बाद फैसला लिया जाएगा।

मीडिया से बात करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि एक खाप चौधरी समिति बनाई जाएगी और वे तय करेंगे कि किससे मिलना है। उन्होंने कहा कि सरकार को याद रखना चाहिए कि खाप पंचायत और पहलवान लड़कियाँ हारने वाली नहीं हैं। निर्णय कुछ ना कुछ जरूर होगा। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर जातिवाद करने का भी आरोप लगाया। इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात करने की भी बात कही।

उधर, बृजभूषण शरण सिंह ने अपने वचन को एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने कहा कि अगर वो दोषी हुए तो फाँसी पर लटक जाएँगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस मामले की जाँच कर रही है। उसका सबको इंतजार करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने पहलवानों पर भी कई आरोप लगाए।

भाजपा सांसद ने कहा, “18 जनवरी को पहली बार ये लोग धरने पर बैठे थे। उस समय उनकी कुछ डिमांड थी। बाद में उनकी डिमांड कुछ और हुई। लगातार ये अपनी शर्तों को और भाषा को बदल रहे हैं। मैंने पहले कहा था- कब हुआ, कहाँ हुआ, किसके साथ हुआ था और साथ ही साथ ये भी कहा था कि अगर एक भी प्रकरण मेरे ऊपर साबित हो जाएगा तो मैं फाँसी पर लटक जाऊँगा। इसके लिए किसी को कहना नहीं पड़ेगा। मैं अपनी उस बात पर कायम हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “फलाना खाप वाले, फलाना पंचायत वाले क्या कह रहे हैं… इससे मुझे क्या मतलब है। अब लोग पुलिस की जाँच का इंतजार कीजिए। जो भी पुलिस में आएगा, जो भी रास्ता न्यायालय द्वारा मुझे दिखाया जाएगा, उस रास्ते पर मैं चलूँगा।”

इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने गुरुवार (1 जून 2023) एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है। इसका राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और सभी खिलाड़ी देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा चार्जशीट दायर करने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले बुधवार (31 मई) को उन्होंने पहलवानों से धैर्य रखने और जाँच पर विश्वास रखने की अपील की थी।

‘इस्लाम कबूल वरना साक्षी जैसा हाल कर दूँगा…’: उदयपुर में आसिफ ने लड़की को दी धमकी, कोर्ट के बाहर लोगों ने लात-घूँसो से पीटा

दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में हुई साक्षी की हत्या को एक सप्ताह भी नहीं हुए हैं। इससे पहले ही राजस्थान के उदयपुर में मोहम्मद आसिफ भुट्टो नामक व्यक्ति ने धर्मांतरण न करने पर एक लड़की को उसका हाल साक्षी जैसा करने की धमकी दे डाली। पीड़ित लड़की की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहाँ कोर्ट के बाहर मौजूद लोगों ने आरोपित की लात-घूँसों से पिटाई कर दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला उदयपुर के अम्बामाता थाना क्षेत्र का है। पीड़ित लड़की ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि मोहम्मद आसिफ भुट्टो से उसकी दोस्ती थी। जब उसने दोस्ती खत्म करने की बात कही तो वह उस पर धर्मांतरण कर निकाह करने का दवाब बनाने लगा। उसने कई बार लड़की के साथ मारपीट भी की। लड़की ने दावा किया है कि वह आसिफ के खिलाफ पहले भी मुकदमा दर्ज करवा चुकी है और वह जेल भी जा चुका है। लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद फिर परेशान कर रहा है।

पीड़ित लड़की का आरोप है कि इस पूरे मामले में मोहम्मद आसिफ भुट्टो का अब्बा और उसका भाई भी शामिल है। जब पीड़िता ने दोनों के बीच हुई बातचीत के बारे में आसिफ के अब्बा अब्दुल को बताया था तो उसने कहा था कि आसिफ से शादी कर ले वरना वो जान से मार देगा।

हालाँकि जब लड़की धर्मांतरण के लिए तैयार नहीं हुई, तब आरोपित ने उसे बुधवार (31 मई, 2023) को जान से मारने की धमकी दे दी। पीड़िता का आरोप है कि मोहम्मद आसिफ भुट्टो ने उसे कहा था कि वह उसके टुकड़े-टुकड़े कर उसकी माँ को दे देगा। आसिफ की धमकियों से डरी हुई लड़की ने थाने जाकर आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

भास्कर की रिपोर्ट में कहा गया है कि आसिफ की धमकियों से लड़की इतनी डरी हुई थी कि वह थाने जाकर पुलिस से बार-बार खुद को बचाने की गुहार लगा रही थी। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ IPC की धारा 387, 330 और 506 के तहत मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद गुरुवार (1 जून 2023) को पुलिस उसे पेशी के लिए उदयपुर कोर्ट लेकर पहुँची थी। जहाँ आसिफ को देखते ही वकीलों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई कर दी।