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GDP पर गलत साबित हुए कॉन्ग्रेस के ‘अर्थशास्त्री’ रघुराम राजन, राहुल गाँधी से कहा था- 5% भी हुआ तो भाग्यशाली होंगे, 7.2% रहा ग्रोथ

वित्त वर्ष 2022-23 के जीडीपी के आँकड़े सामने के बाद से आरबीआई (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) को इंटरव्यू देते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो दिसंबर 2022 का है। राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जब राजस्थान पहुँची थीं, तब रघुराम राजन भी इसमें शामिल हुए थे।

इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार की योजनाओं और आर्थिक विकास पर जमकर निशाना साधा था। रघुराम राजन (Raghuram Rajan) ने बिना किसी तर्क के आर्थिक विकास को लेकर भविष्यवाणी की थी। भारत के आर्थिक विकास को लेकर राहुल गाँधी को जवाब देते हुए रघुराम राजन ने कहा था, “रूस-यूक्रेन युद्ध और दूसरे वैश्विक हालातों की वजह से आने वाला साल भारत के साथ-साथ दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह कठिन समय होगा। महँगाई बढ़ रही है, बैंक की ब्याज दरें उच्च स्तर पर पहुँच चुकी है और निर्यात लगातार घट रहा है। इन सबका असर आने वाले वर्षों में भारत पर पड़ने वाला है। ये सब विकास के लिए नकारात्मक काम करेगा। इन सबके बीच अगर वित्त वर्ष 2022-23 में भारत 5 फीसदी आर्थिक विकास दर को भी हासिल कर लेता है तो भी वो बहुत भाग्यशाली कहलाएगा।”

ध्यान दें कि जीडीपी के ताजा आँकड़े रघुराम राजन की भविष्यवाणी के बिल्कुल उलट हैं। वित्त वर्ष 2022-23 की चौथी तिमाही के आँकड़े बुधवार (31 मई 2023) को जारी किए गए थे। जनवरी से मार्च तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 6.1 फीसदी रही है। अगर पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो भारत की GDP ग्रोथ 7.2% रही है।

ये आँकड़े सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है, “2022-23 की जीडीपी ग्रोथ के आँकड़े वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को रेखांकित करते हैं। समग्र आशावाद, संतोषजनक मैक्रो-इकोनॉमिक संकेतकों के साथ यह मजबूत प्रदर्शन, हमारी अर्थव्यवस्था के आशाजनक पथ और हमारे लोगों की दृढ़ता का उदाहरण है।”

वहीं, बीजेपी ने राहुल गाँधी और रघुराम राजन पर जमकर हमला बोला है। रघुराम राजन और राहुल का वीडियो शेयर करते हुए इसे निराशावादी करार दिया है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा है, “राहुल गाँधी के साथ बातचीत (2022) करते हुए रघुराम राजन एक अर्थशास्त्री कम राजदीप सरदेसाई की तरह ज्यादा लग रहे थे। सच यह है कि भारत ने वित्त वर्ष 2022-23 में जीडीपी में 7.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। कॉन्ग्रेस के समर्थक गंदगी चाहने वाली मक्खियों’ की तरह हैं, जिन्हें अगर एक भी साफ जगह दे दी जाए तो भी वो गंदगी ही तलाशेंगे। उन्हें गंदगी में डाल दें (यूपीए के कार्यकाल की यादें ताजा करती है) तो वे मस्ती में लोटपोट हो जाते हैं।”

उन्होंने रघुराम राजन के बयान को निराशाजनक बताते हुए कहा कि वे स्वाभाविक रूप से दुखी हैं। उनकी चाहत अरबों लोगों को भूखा देखने की है, ताकि वो शराब के पेग लेते हुए गरीबी के बारे में बात कर सकें। अमित मालवीय के साथ-साथ बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी रघुराम राजन के बयान पर तंज कसते हुए उन्हें ‘जेम्स बॉन्ड राजन’ करार दिया है।

मुस्कान शेख के घर गई हिंदू महिला, अम्मी और BF संग मिलकर कर लिया अगवा: पीड़िता ने बताया- बूढ़े आदमी से जबरन करवा रहे थे शादी

महाराष्ट्र पुलिस ने महिला का अपहरण कर एक बूढ़े व्यक्ति से जबरन शादी कराने की कोशिश के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपितों की पहचान मुस्कान शेख, उसकी माँ मुन्नी और उसके दोस्त शाहरुख सैयद के रूप में हुई। पीड़ित महिला निशा इंगोले का कहना है कि आरोपितों ने उसे  बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद वे एक बूढ़े व्यक्ति से उसकी जबरन शादी कराने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस को दी अपनी शिकायत में पीड़ित महिला ने कहा है कि वह छत्रपति संभाजीनगर के जोगेश्वरी इलाके में रहती है। 22 मई, 2023 को दोपहर करीब 3 बजे निशा का अपने पति के साथ किसी बात को लेकर मामूली विवाद हो गया था। इससे वह नाराज होकर पड़ोस में रहने वाली मुन्नी के घर चली गई और रातभर उसके घर पर ही रही। 

अगले दिन यानि 23 मई, 2023 की सुबह करीब 9:30 बजे जब वह अपने घर वापस आ रही थी, तभी मुन्नी, उसकी बेटी मुस्कान शेख और मुस्कान के दोस्त शाहरुख सैय्यद ने उसे रोक लिया। मुस्कान शेख ने उससे कहा- ‘अब तुम्हारा पति तुम्हें अपने साथ नहीं रखेगा।’ इसके बाद आरोपित उसे जबरन चितेगाँव ले गए और उसे वहाँ एक कमरे में बंद कर दिया। जब पीड़िता ने वापस अपने घर जाने की बात कही तो तीनों आरोपितों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी और उसे जान से मारने की धमकी देने लगे।

इसके बाद मुस्कान, मुन्नी और शाहरुख ने पीड़ित महिला से कहा कि वे उसकी शादी श्याम नरवड़े नामक बहुत अमीर व्यक्ति से कराने वाले हैं। यहाँ यह बताना जरूरी है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिस व्यक्ति से महिला की जबरन शादी कराने की बात कही जा रही थी वह श्याम नरवड़े कौन है। साथ ही इस बात की भी पुष्टि नहीं हो पाई है कि उस नाम का कोई व्यक्ति है भी या नहीं। 

पीड़िता ने आगे कहा है कि दो दिन चितेगाँव में एक कमरे में बंद रखने के बाद तीनों आरोपित उसे छत्रपति संभाजीनगर के बीड-बाईपास रोड के देवलाई स्क्वायर पर एक इमारत में ले गए। यहाँ पीड़ित महिला की मुलाकात एक बुजुर्ग व्यक्ति से कराई और कहा कि उसकी शादी इस व्यक्ति से होनी है। पीड़िता ने शादी करने से इनकार किया तो उसे वापस चितेगाँव लाकर उसी कमरे में बंद कर दिया और बेरहमी से पिटाई की।

इसके अगले दिन जब तीनों आरोपित उसे कमरे में अकेला छोड़ वहाँ से चले गए तो पीड़िता वहाँ से भाग निकली। फिर उसने अपने पति से संपर्क किया और पूरी आपबीती सुनाई। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपितों मुस्कान शेख, मुन्नी और शाहरुख सैय्यद के खिलाफ IPC की धारा 323, 34, 343, 366, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद रविवार (28 मई 2023) को तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

 ऑपइंडिया ने पीड़ित महिला के पति से की बात…

घटना की जानकारी मिलने के बाद ऑपइंडिया ने पीड़ित महिला के परिवार से संपर्क किया। महिला के पति दिनेश इंगोले ने बताया, “22 मई को किसी बात को लेकर हम दोनों का मामूली विवाद हुआ था। इसके बाद वह मुन्नी के घर चली गई और वहाँ रुक गई। इसके बाद मुन्नी उसकी बेटी मुस्कान और मुस्कान के बॉयफ्रेंड शाहरुख सैय्यद ने उसे बंधक बनाकर उसकी पिटाई की और श्याम नरवड़े नामक किसी व्यक्ति से उसकी जबरन शादी कराने की कोशिश की। वह किसी तरह भाग निकली और दो दिन बाद मुझसे संपर्क किया। इसके बाद हमने शिकायत दर्ज कराई है।”

‘हिंदू लड़कियों से मन भरने पर हम काट देते हैं’: दिल्ली पुलिस का कॉन्स्टेबल वसीम निकला ‘लव जेहादी’, जबरन निकाह-धर्मांतरण; भाई से भी करवाया रेप

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक महिला ने दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल वसीम पर लव जिहाद, धर्मांतरण और यौन शोषण का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि वसीम बीते 11 सालों से उसका बलात्कार कर रहा था। इस दौरान वसीम के भाई आरिफ ने भी उसके साथ कई बार बलात्कार किया। पीड़िता ने यह भी कहा है कि वसीम ने उसे श्रद्धा जैसा हाल करने की धमकी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता का कहना है कि वह साल 2011 में पढ़ाई के लिए दिल्ली आई थी। यहाँ वह लाजपत नगर के एक फ्लैट में अपने परिवार के साथ रहती थी। उसी बिल्डिंग में दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल वसीम और उसका परिवार भी रहता था। वसीम की माँ जमीला उससे मीठी-मीठी बातें करते हुए इस्लाम की तारीफ किया करती थी।

पीड़िता का कहना है कि एक दिन वह वसीम की अम्मी जमीला उसे अपने घर ले गई। वहाँ जमीला ने उसे सेवई खाने के लिए दी। सेवई को खाने के बाद उसे नशा हो गया गया। इसके बाद वसीम ने उसका बलात्कार किया। जब उसे होश आया तो जमीला उस पर वसीम से निकाह करने का दबाव बनाने लगी।

पीड़िता ने आगे कहा है कि जब उसने धर्म अलग होने की बात कहकर निकाह करने से इनकार किया तो वसीम और जमीला उसे धमकाने लगे। साथ ही उसके इकलौते भाई को जान से मारने की बात कही। इसके बाद वसीम के परिवार ने उसका कई बार शोषण किया। 28 दिसंबर 2012 को वसीम से उसका जबरन निकाह करा दिया गया।

पीड़िता ने कहा है कि उसके घरवालों को जब इस बारे में पता चला तो वे बदनामी के डर से घर छोड़कर कहीं और रहने लगे। निकाह के बाद वसीम और उसके घरवालों ने उससे कई कागजों पर साइन कराए। इसके बाद उसका नाम बदलकर इकरा अहमद कर दिया गया। वसीम और उसके घर वाले आए दिन उसे यातनाएँ देते थे।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2015 में उसने एक बेटे को जन्म दिया। बेटे के जन्म के बाद वसीम का अत्याचार और बढ़ गया। वसीम उसे पाउडर और नशीली दवाएँ खिलाता था और उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाता था। पीड़िता का आरोप है कि वसीम के कहने पर उसका भाई आरिफ भी उसका बलात्कार करता था। मना करने पर उसे मारा-पीटा जाता था।

महिला का आरोप है कि वसीम ने उससे कहा कि उसने अन्य हिंदू लड़कियों को फँसा रखा है। साथ ही, उसके साथ जो हो रहा था वह बताने पर उसका हाल श्रद्धा जैसे 36 टुकड़े करने की धमकी दी थी। पीड़िता ने कहा कि वे कहते थे कि ‘हमें तो कत्ल करने की आदत’ है। जमीला कहती थी कि ‘हमारे यहाँ जब हिंदू लड़कियों से मन भर जाता है तो उसे ऐसे ही काट दिया जाता है। अभी तो मेरा बेटा कई हिंदू लड़कियों से शादी करेगा’।

महिला का कहना है कि वह वसीम और उसके परिवार की 11 साल तक यातनाएँ सहती रही। 11 मई को वसीम ने उसकी बुरी तरह से पिटाई की और अपनी सर्विस रिवॉल्वर की डोरी से उसका गला घोंटकर मारने की कोशिश की। वह 12 मई 2023 को किसी तरह वहाँ से भागकर हापुड़ अपने दादा के पास आई और वसीम व उसके परिवार वालों के खिलाफ शिकायत दी।

यूपी की हापुड़ पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार (29 मई 2023) को FIR दर्ज की। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने वसीम, सास जमीला, ससुर कयूम अली, देवर इमरान, आरिफ, अजहरुद्दीन और शाहिद को आरोपित बनाया है। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

दिल्ली में PM मोदी और प्रचंड की मुलाकात, हुए कई समझौते: नेपाल के नए नागरिकता कानून पर राष्ट्रपति ने लगाई मुहर, चीन को झटका

भारत के चार दिवसीय दौरे पर बुधवार (31 मई 2023) को दिल्ली पहुँचे नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक समझौतों पर हस्ताक्षर किए। उधर, नेपाल में नागरिकता कानून में संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। इससे चीन के रूख के विपरीत माना जा रहा है।

पीएम मोदी और प्रचंड ने गुरुवार (1 जून 2023) की दोपहर दोनों देशों की सीमा पर बसे भारत के सोनौली के समीप केवटलिया गाँव व नेपाल के भैरहवा के समीप इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट का संयुक्त रूप से वर्चुअल शिलान्यास किया। रेलवे के कुर्था-बीजलपुरा खंड की ई-योजना का अनावरण किया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत और नेपाल के बीच मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)-अमलेखगंज तेल पाइपलाइन के फेज-2 का संयुक्त रूप से शिलान्यास किया। बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड तक भारतीय रेल कार्गो ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इसके साथ ही सीमा विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा, “मुझे याद है, 9 साल पहले साल 2014 में कार्यभार सँभालने के 3 महीने के भीतर नेपाल की मैंने अपनी पहली यात्रा की थी। उस समय मैंने भारत-नेपाल संबंधों के लिए HIT (Highways, I ways and Transway) फॉर्मूला दिया था। मैंने कहा था कि भारत-नेपाल के बीच ऐसे संबंध स्थापित करेंगे कि हमारे बॉर्डर्स बैरियर न बनें।”

बताते चलें कि पिछले 9 सालों में दोनों देशों के प्रयासों के तहत साझा नदियों पर पुल बनाने, नेपाल से भारत को बिजली निर्यात सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। बीरगंज में पहली आइसीपी बनाई गई। बॉर्डर पर पहली पेट्रोलियम पाइपलाइन, रेल लाइन, सीमा पर ट्रांसमिशन शुरू करने की दिशा में भी कार्य हुए हैं। बताते चलें कि नेपाल से 450 मेगावाट बिजली भारत आयात कर रहा है।

इन सबके बीच अगर सीमा विवाद को अलग रख दिया जाए तो दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत हुए हैं। इसी का परिणाम है कि नेपाली पीएम के भारत दौरे से कुछ घंटे पहले ही वहाँ के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नागरिकता कानून में एक संशोधन को मंजूरी दे दी। इस कानून के तहत नेपालियों से शादी करने वाले विदेशियों को राजनीतिक अधिकारों के साथ-साथ उन्हें तुरंत नागरिकता प्रदान करता है।

दरअसल, चीन इस कानून का विरोध करता रहा है। इसी कारण से यह कानून कई सालों से लटका पड़ा था। चीन इन कानून को लेकर नेपाल को चेतावनी देता आया है। चीन का तर्क है कि यह कानून तिब्बती शरणार्थियों के परिवारों को नागरिकता और संपत्ति का अधिकार दे सकता है। भारत के बाद सबसे अधिक तिब्बती शरणार्थी नेपाल में ही रहते हैं।

चीन के विरोध का ही असर था कि नेपाल इस कानूनी संशोधन को मंजूरी देने से कतराता था। नागरिकता कानून में इस संशोधन को मंजूरी देने से नेपाल की पूर्व राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने दो बार इनकार कर दिया था। उस समय भी माना गया था कि चीन के प्रभाव में उन्होंने इसे मंजूरी नहीं दी थी।

पीएम प्रचंड का भारत से साथ रिश्ता

नेपाल के पीएम प्रचंड का रिश्ता भारत से बहुत पुराना है। जब नेपाल की राजशाही के खिलाफ वो सशस्त्र आंदोलन कर रहे थे, तब वे और उनके कई माओवादी सहयोगी छिपकर भारत में ही रहते थे। उस दौरान उन्हें भारत के वामपंथियों सहित भारत सरकार से भी सहयोग मिलता था। उन्होंने अपनी तीनों बेटियों की शादी भी गुपचुप रूप से भारत से ही की थी।

प्रचंड ने नेपाल के राजशाही के खिलाफ 1996 में हथियार उठाया था। माओवादियों ने नेपाल में आम लोगों को भी मारना शुरू किया तो वहाँ की जनता में लोगों के खिलाफ गुस्सा भड़क उठा। उस समय भारत ने प्रचंड सहित अन्य माओवादी नेताओं के साथ वार्ता की थी।

आगे चलकर नवंबर 2006 में भारत ने नेपाल के 7 माओवादियों पार्टियों ने 12 सूत्री समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इस समझौते के बाद नेपाल में आम चुनाव हुए थे। इस चुनाव में माओवादी जीते थे और प्रचंड पहली बार प्रधानमंत्री बने थे। हालाँकि, बीच-बीच में प्रचंड भारत को आँखे दिखाते रहे हैं और चीन के साथ नजदीकी भी बढ़ाते रहे हैं। हालाँकि, नागरिकता संशोधन कानून को मंजूरी दोनों देशों के बीच रिश्तों को प्रगाढ़ करने की ओर इशारा करता है।

बेटे की हत्या की धमकी दे महिला से रेप, दरगाह ले जाकर गहने उतरवाए और पहना दी ताबीज: पीड़िता से कहता था मोहम्मद हुसैन- मैं एक मुस्लिम हूँ…

गुजरात के वडोदरा में एक हिंदू महिला ने पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद हुसैन शेख के खिलाफ धमकी देकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया है। महिला के अनुसार हुसैन ने उसके बेटे को जान से मारने की धमकी देकर रेप किया। हुसैन पर रेप के अलावा महिला को जबरन दरगाह ले जाने, गहने उतरवाने और ताबीज पहनाकर इस्लाम कबूल कराने की कोशिश का भी आरोप है।

पीड़ित महिला वडोदरा के नवापुरा इलाके की रहने वाली है। इसी इलाके से सटे अंसारी मुहल्ला में आरोपित मोहम्मद हुसैन रहता है। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि हुसैन उसके पीछे पड़ा हुआ था। जब भी वह घर से बाहर निकलती तो उसका पीछा करता था। एक दिन हुसैन ने एक कागज पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर एक बच्चे के जरिए उसे भेजा। कई दिनों तक जब उसने कॉल नहीं किया तो एक दिन हुसैन ने उसका रास्ता रोक लिया।

हुसैन ने महिला को फोन न करने पर उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी। धमकी से घबराई महिला ने मोहम्मद हुसैन को फोन किया। इसके बाद हुसैन उस पर मिलने का दबाव बनाने लगा। वह बार-बार महिला को मिलने के लिए बुलाता और मना करने पर बेटे को जान से मारने की धमकी देता था।

दी गई शिकायत के मुताबिक 23 अप्रैल 2023 को महिला के पति घर पर नहीं थे। इसका पता पड़ोस में रहने वाले हुसैन को चल गया। वह रात के 2 बजे महिला के घर में घुस गया और उसके साथ रेप किया। मुँह खोलने पर बेटे को जान से मारने की धमकी दी। हुसैन ने बात न मानने पर एसिड अटैक की धमकी भी पीड़िता को दी।

आरोपों के मुताबिक दुष्कर्म की घटना के तकरीबन 20 दिन बाद मोहम्मद हुसैन महिला को एक दरगाह पर ले गया। वहाँ धमकी देकर मजार का गुलाब जल पिलाया। महिला के सोने की बालियाँ और चाँदी का चेन उतरवा लिया। उसे एक ताबीज पहना दी। आरोप है कि ऐसा कर उसने महिला का धर्म परिवर्तन की कोशिश की थी। हालाँकि पुलिस मामले में धर्मांतरण के एंगल को नकार रही है। पुलिस ने महिला के जेवर बरामद कर लिए हैं जो हुसैन बेच चुका था।

विवाहिता हिंदू महिला के अनुसार मोहम्मद हुसैन उसे धमकी देते हुए कहता था, “मैं एक मुस्लिम हूँ और तुम जानती हो कि मैं क्या कर सकता हूँ। मैं तुम्हें और तुम्हारे लड़के को ठीक कर दूँगा।” महिला की शिकायत के आधार पर नवापुरा पुलिस ने आरोपित मोहम्मद हुसैन के खिलाफ धारा 376, 354(ए)(डी), 323, 506(2), 406 व 452 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

4 मंदिरों में तोड़फोड़, 12 मूर्तियाँ खंडित: निशाना बने मंदिरों में एक 100 साल पुराना, ग्रामीण आक्रोशित-भारी पुलिस बल तैनात

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से चार हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। जिन मंदिरों पर हमला किया गया है, उनमें से एक मंदिर 100 साल से भी पुराना बताया जा रहा है। इस घटना से स्थानीय आक्रोशित हैं। हिंदू संगठनों ने मंदिरों पर हमला करने वाले बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। कहा जा रहा है कि बदमाशों ने हिंदू देवी-देवताओं की 12 मूर्तियों को भी खंडित कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना को बुधवार (31 मई 2023) देर रात बुलंदशहर के गुलावठी के बराल गाँव में अंजाम दिया गया। जब स्थानीय लोगों को पता चला कि चार मंदिरों में तोड़फोड़ की गई है, तो उन्होंने तत्काल इस बारे में पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मंदिर को सील कर दिया। अधिकारियों ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और स्थानीय हिंदू संगठनों को बदमाशों को पकड़ने व उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। एहतियातन गाँव में भारी पुलिसबल भी तैनात कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों ने संदेह जताया है कि बदमाशों ने जान-बूझकर माहौल बिगाड़ने के इरादे से मंदिरों पर हमला किया। यह घटना तब सामने आई जब गुरुवार (1 जून 2023) सुबह कुछ श्रद्धालु मंदिरों में पूजा करने पहुँचे। यहाँ उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित पाया। बाद में उन्हें यह भी पता चला कि ऐसा शहर के कुल चार मंदिरों में हुआ है।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें भगवान शिव और भगवान हनुमान की खंडित मूर्तियों को देखा जा सकता है। वहीं, विरोध करने वाले हिंदू संगठनों का कहना है कि इस घटना से हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुई हैं। एसपी सिटी सुरेंद्रनाथ तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए भरोसा दिलाया है कि सभी बदमाशों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।

बता दें कि इस साल फरवरी में असम के करीमगंज जिले के नीलमबाजार इलाके में मुस्लिमों द्वारा हिंदू मंदिर पर हमला करने की घटना सामने आई थी। आरोप था कि शिहाबुद्दीन नाम के व्यक्ति ने मंदिर के सामने की जमीन पर कब्जा करते हुए उस पर ट्यूबवेल लगा रखा है। जब स्थानीय लोगों ने उसका विरोध किया तो उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर मंदिर के पुजारी व भक्तों पर हमला कर दिया। आरोपितों ने यज्ञ स्थल में भी तोड़फोड़ की थी।

DGP बदले, हिंसा की जाँच के लिए न्यायिक आयोग का होगा गठन: मणिपुर में बोले अमित शाह- चलेगा सर्च ऑपरेशन, मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मणिपुर दौरे के बीच वहाँ कुछ फेरबदल हुए हैं। खबर है कि पुलिस बल के प्रमुख पी.डोंगेल की जगह अब आईपीएस अफसर राजीव सिंह को राज्य का नया डीजीपी बनाया गया है। वहीं गुरुवार (01 जून 2023) को अपने दौरे के चौथे दिन गृहमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ताजा हालात और कानून व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार पिछले 1 महीने से जारी हिंसा, हिंसा के कारण और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से आर्थिक मदद भी दी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के शुरुआत में गृहमंत्री अमित शाह ने जानकारी दी कि उन्होंने अपने दौरे के दौरान हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा किया और हर तबके के लोगों से मुलाकात की है। उन्होंने हिंसा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाईकोर्ट के चीफ जस्टीस स्तर के रिटायर्ड जजों द्वारा हिंसा की जाँच करवाई जाएगी।

गृहमंत्री ने हिंसा ग्रस्त इलाकों में शांति के लिए एक शांति समिति के गठन की भी बात कही। उन्होंने कहा कि शांति समिति राज्यपाल की अध्यक्षता में बनाई जाएगी जिसमें सभी पक्षों के लोग, राजनीतिक दल के नेता और खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने ऐलान किया कि हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को केंद्र सरकार की तरफ से 5 लाख रुपए और राज्य सरकार की तरफ से भी 5 लाख रुपए की मदद दी जाएगी।

अमित शाह ने पत्रकारों को जानकारी दी कि हिंसा को लेकर दर्ज मामलों की जाँच सीबीआई करेगी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार से सिक्योरिटी फोर्सेस सर्च ऑपरेशन शुरू करेंगे। उन्होंने मणिपुर के लोगों को विश्वास दिलाया कि बिना किसी भेद भाव के जाँच होगी और दोषियों को सजा दी जाएगी। राजधानी इम्फाल से दक्षिण में 63 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चुराचंदपुर जिला हिंसा का केंद्र है।

मणिपुर में हिंसा क्यों?

बता दें कि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में तीन प्रमुख समुदाय हैं। बहुसंख्यक मैतेई और दो आदिवासी समुदाय- कुकी और नागा। मैतेई राज्य की कुल आबादी के 53 प्रतिशत हैं। वहीं, कुकी और नागा राज्य की आबादी के 40 प्रतिशत हैं। मैतेई इंफाल घाटी और राज्य के मैदानी इलाकों में रहते हैं। वहीं, कुकी और नागा जनजातियाँ इंफाल घाटी से सटे पहाड़ी इलाकों में रहती हैं। कुकी और नागा समुदाय सरकार पर उनके प्रति सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हैं। हिंसा का कारण बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का फैसला और सरकारी भूमि का सर्वेक्षण है।

27-28 अप्रैल को चुराचंदपुर जिले में कुकी समुदाय के लोगों ने सीएम के कार्यक्रम को रद्द करा दिया था और जमकर बवाल काटा था। उग्र भीड़ पुलिस के साथ भीड़ गई थी और एक फॉरेस्ट ऑफिसर की भी हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा बहुसंख्यक मैतेई लोगों को एसटी का दर्जा दिए जाने को लेकर भी नागा और कुकी लोगों ने विरोध किया और राज्य में जातीय संघर्ष शुरू हो गया।

भारत के लिए 2024 में भी बहुमत की सरकार जरूरी: PM मोदी के सुधारों के मुरीद हुए मॉर्गन स्टेनली के MD, कहा- खंडित जनादेश से प्रगति होगी प्रभावित

अंतर्राष्ट्रीय निवेश बैंकर मॉर्गन स्टेनली ने द्वारा भारत सिर्फ 10 सालों में भारत के मजबूत स्थिति में पहुँचने के बाद अब उसके प्रबंध निदेशक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को ‘इन्फ्लेशन हॉक’ (Inflation Hawk) बताया है। इसका मतलब हुआ है कि पीएम ऐसे नीति निर्माता हैं, जो महंगाई पसंद नहीं करते। वे महंगाई को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों को बढ़ाने से लेकर हर तरह के उपाय करने से कतराते नहीं हैं।

मॉर्गन स्टेनली इंडिया के प्रबंध निदेशक रिधम देसाई ने कहा कि समृद्धि को बढ़ाने के लिए महंगाई पर काबू पाना जरूरी है। उन्होंने मैक्रो (Macro) स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भारत की प्रशंसा की, खासकर जब अमेरिका जैसे देश महामारी के दौरान महंगाई से निपटने की चुनौती का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी दे दौरान जब पश्चिमी देश नकदी जारी कर रहे थे, तब भारत गरीबों को भोजन दे रहा था।

उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसी चुनौतियों से निपटने की नींव जनधन जैसे खाते खोलकर ही कर दी थी। इसके डिटिजल बैंकिंग को बढ़ावा, आधार के साथ बैंकों का जोड़ और फिर सरकारी स्कीमों का सीधा खाते में हस्तांतरण जैसे महत्वपूर्ण काम हुए। इससे बिचौलिए वाला भ्रष्टाचार खत्म हो गया। इस तरह RBI का प्रयास, लोक कल्याणकारी योजनाएँ और कॉरपोरेशन को लेकर सरकार की माइक्रो पॉलिसी में सुधार ने भारत को आर्थिक मोर्चे पर सशक्त बनाया।

न्यूज 18 से बात करते हुए रिधम देसाई ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में ‘खंडित’ जनादेश मिलता है तो इसका असर देश की प्रगति पर होगा। उन्होंने कहा, जब छोटे दलों के साथ गठबंधन सरकार बनाई जाती है तो अर्थव्यवस्था की तुलना में राजनीति के प्रबंधन पर बहुत अधिक ध्यान दिया जाता है। इसलिए, देश को बहुमत वाली सरकार की जरूरत है, जो सिर्फ राजनीति के बजाय अर्थव्यवस्था पर ध्यान दे।

रिधम देसाई ने कहा कि जब बहुमत की सरकार होती है तो सरकार को जीवित रखने के लिए काम करने के बजाय देश के महत्वपूर्ण मामलों पर ध्यान दिया जाता है। इसलिए बहुमत का फैसले का महत्व है। अतीत में भारत ने कुछ अल्पमत सरकारें दी हैं और उन वर्षों में भारत के अच्छे आर्थिक परिणाम नहीं रहे हैं। लोकतंत्र होने के नाते हर पाँच साल में ये स्थिति आएगी। यह एक जोखिम है, जिसे हमें ध्यान में रखना है।

रूस-यूक्रेन युद्ध की असर को लेकर देसाई ने कहा कि भारत को घरेलू अर्थव्यवस्था पर अधिक भरोसा करना होगा, जैसा कि पीएम ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बात कही है। हालाँकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि भारत ने कच्चे तेल की स्थिति को अच्छी तरह से प्रबंधित किया है, लेकिन उसे भू-राजनीति के बारे में चिंतित होने की जरूरत है।

देसाई ने कहा कि भारत पिछले तीन दशकों में सबसे तेजी से विकास कर रहा है। दरअसल, मॉर्गन स्टेनली ने भारत को लेकर जारी रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में भारत की अर्थव्यवस्था की प्रगति की खूब तारीफ की है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों के कारण 10 बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इसके कारण माइक्रो (Micro) और मैक्रो (Macro) इकोनॉमी और बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। यह भारत साल 2013 के भारत की तुलना में अलग है। इसने विश्व व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है।

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारत में अभी प्रति व्यक्ति आय करीब 2200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.82 लाख रुपए) है, जो साल 2032 तक बढ़कर 5200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.30 लाख रुपए) हो जाएगी। बैंकर का कहना है कि इससे लोगों के काफी रकम आएगी और वे इसे खरीद सकेंगे। मॉर्गन स्टेनली ने यह भी कहा है कि दुनिया के पूँजी प्रवाह बाजार में भारत की निर्भरता कम हो गई है। इससे भी उसकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।

साथ खाया-लूडो खेला, देर तक एक-दूसरे का चेहरा निहारा और इंजेक्शन लगाकर मर गए: उत्तराखंड में डॉक्टर फैमिली ने की सुसाइड

उत्तराखंड के काशीपुर से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक डॉक्टर ने अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी के साथ जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। डॉक्टर के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पत्नी के साथ आत्महत्या करने की बात दर्ज है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50 वर्षीय आयुर्वेदिक डॉक्टर इंद्रेश शर्मा मूलरूप से देहरादून के रहने वाले हैं। वह अपनी पत्नी वर्षा शर्मा (45) और बेटे ईशान शर्मा के साथ काशीपुर के सैनिक कॉलोनी में रह रहे थे। वह इन दिनों कृष्णा हॉस्पिटल में बतौर ईएमओ कार्यरत थे। वर्षा शर्मा 12 सालों से कैंसर से पीड़ित थीं। उनके इलाज में काफी पैसा खर्च होने के कारण डॉक्टर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। इसके चलते कोरोना काल के बाद डॉक्टर अपने बेटे को कहीं एडमिशन भी नहीं दिला पाए थे। इसके बाद उन्होंने सामूहिक आत्महत्या का प्लान बनाया। इस बात की जानकारी उनके 12 साल के बेटे को भी थी। लेकिन बेटे को डॉक्टर ने कम डोज का इंजेक्शन लगाया, जिससे उसकी जान बच गई।

ईशान ने पुलिस को बताया कि मंगलवार (30 मई 2023) शाम को पापा हर दिन की तरह अपना काम पूरा करके घर लौटे थे। परिवार को पता था कि आज उनकी आखिरी रात है। सामूहिक आत्महत्या करने से पहले उन्होंने एक साथ डिनर किया, लूडो खेला और देर तक एक-दूसरे का चेहरा निहारते रहे। फिर डॉ.शर्मा ने पूरे परिवार के सामने सुसाइड नोट लिखा।

उस खौफनाक रात को ईशान ने अपने पापा से कहा था, “पापा मैं सबसे पहले मरूँगा, पहला इंजेक्शन मुझे लगा दो।” बेटे के ये शब्द सुनकर डॉ. शर्मा की आँखें नम हो गई थीं। इसके बाद उन्होंने खुद को और पत्नी को जहरीला इंजेक्शन और बेटे को नॉर्मल इंजेक्शन लगाया। बुधवार (31 मई 2023) सुबह जब माता-पिता बहुत देर तक नहीं उठे तो ईशान उन्हें कमरे में उठाने गया। इसके बाद बेटे ने 112 नंबर पर कॉल कर घटना की सूचना दी। मौके पर पहुँची डॉक्टरों की टीम ने आशंका जताई कि डॉक्टर ने आत्महत्या के लिए एनेस्थीसिया में प्रयोग होने वाले इंजेक्शन का इस्तेमाल किया है, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।

एसपी अभय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। मौके से सीरिंज व अन्य सामान बरामद हुआ है। डॉक्टर की पत्नी 10-12 साल से कैंसर से पीड़ित थीं, जिसके चलते परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। दंपत्ति के हाथ-पैर पर सीरिंज के निशान मिले हैं और कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में लिखा है, “मैं और मेरी पत्नी स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं। इसके लिए कोई अन्य जिम्मेदार नहीं होगा।”

मोबाइल के लिए सबा खातून ने छोड़ दी ससुराल, इंस्टाग्राम पर फोटो नहीं डालने दे रहा था शौहर इलियास: 15 दिन पुराना निकाह, मारपीट के बाद थाने में केस

बिहार के हाजीपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ सोशल मीडिया चलाने की लत के कारण सबा खातून ने निकाह के कुछ दिन बाद ही अपने शौहर का घर छोड़ दिया। सबा खातून ने अपने शौहर पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया। महिला के मुताबिक, मोबाइल पर बिजी रहने के कारण उसका शौहर और ससुराल वाले अक्सर उसे टोकते रहते थे और उससे झगड़ा करते थे। यह मामला लालगंज थाने में पहुँच गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 14 दिन पहले हाजीपुर के लालगंज थाना इलाके में रहने वाले इलियास का निकाह हाजीपुर की ही रहने वाली सबा खातून से हुआ था। ससुराल आने के बाद सबा हर समय मोबाइल में बिजी रहती थी। इलियास और उसका परिवार सबा की इस आदत से तंग आ गए थे। सबा के हर वक्त इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर एक्टिव रहने और घर का बिल्कुल भी ध्यान नहीं देने पर शौहर ने उसे रोकना-टोकना शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि महिला को शौहर का मोबाइल के लिए बार-बार टोकना नागवार गुजरा और उसने अपने मायके वालों को बुला लिया। बहन की आँखों में आँसू देखकर दुल्हन के भाई ने अपने जीजा (इलियास) पर बंदूक तान दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने साले को गिरफ्तार कर उसका हथियार जब्त कर लिया गया। वहीं, दुल्हन मोबाइल छोड़ने की बजाए अपना ससुराल छोड़कर खुशी-खुशी मायके चली गई।

इलियास की अम्मी का कहना है कि उनके लड़के ने सबा से केवल इतना कहा था, “तुम हमेशा फोन अपने पास रखती हो। सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करती रहती हो। मोबाइल अपने पास नहीं रखो।” लेकिन उनकी बहू इस बात पर अड़ गई कि वह मोबाइल अपने पास रखेगी। सिर्फ इस बात को लेकर दुल्हन के परिवार वालों ने उनके घर आकर हंगामा किया।

वहीं, सबा की अम्मी का कहना है, “तीन दिन से मेरी बेटी फोन कर रही है। उसका फोन लेकर स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद मैंने इलियास के पास फोन किया। उसने मेरी बेटी से बात नहीं कराई। फिर मैंने सास के पास फोन किया तो उसने कहा, ‘यहाँ तुम्हारा कोई नहीं है। सब मर गए।’ मेरी बेटी ने रोते हुए हमें फोन किया और कहा कि अम्मी मुझे यहाँ से ले जाइए। जब हम यहाँ आए तो इलियास ने मेरी बेटी पर हाथ छोड़ा और उसे पीटा।”

पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले लालगंज बाजार में घरेलू विवाद के कारण लड़की का भाई बंदूक लेकर आया हुआ था। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँचे थाना प्रभारी ने भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले की जाँच करने के बाद पता चला कि हाल ही में लड़की का निकाह हुआ था। वह इंस्टाग्राम चलाती थी और यहाँ अपने फोटो अपलोड करती थी। मुस्लिम फैमिली होने के कारण उसके ससुराल वाले रूढ़िवादी विचारों के थे। उन्होंने उसे इंस्टाग्राम पर फोटो डालने के लिए मना किया। इसके कारण शौहर-बीवी में जमकर विवाद हुआ, जिसके बाद लड़की ने अपने परिवार वालों को वहाँ बुलाया था।