Home Blog Page 1794

बांग्लादेश में ट्रेनिंग, भारत में घुसे, गुजरात में खड़ा कर रहे थे आतंक का नेटवर्क: ATS ने अल कायदा मॉड्यूल का किया पर्दाफाश, मददगारों की तलाश

गुजरात में आतंकी संगठन अल कायदा का नेटवर्क खड़ा किया जा रहा था। पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने अहमदाबाद में सक्रिय इस आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। 4 बांग्लादेशी गिरफ्तार किए गए हैं। इनके मददगारों की तलाश जारी है।

गिरफ्तार बांग्लादेशियों की पहचान मोहम्मद सोजिब मियाँ, मुन्ना खालिद अंसारी, अज़रुल इस्लाम अंसारी और अब्दुल लतीफ़ के तौर पर हुई है। विदेशी आकाओं के फरमान पर ये स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में जुटे थे। सोमवार (22 मई 2023) को इनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ATS लम्बे समय से सोजिब मियाँ पर नजर रखे हुए थी। उसके फोन कॉल से लेकर मूवमेंट तक पर नजर थी। गुजरात ATS के DIG दीपेन ने बताया कि ATS को कुछ दिनों पहले इनपुट मिला था कि अल कायदा से जुड़े 4 बांग्लादेशियों ने सीमा पार की है और वे गुजरात में आतंकी संगठन का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पकड़े गए बांग्लादेशी स्थानीय युवाओं को अल कायदा में भर्ती होने के लिए कट्टरपंथी बना रहे थे।

गुजरात के ATS के डीआईजी ने बताया कि सबसे पहले सोजिब मियाँ से इस संबंध में पूछताछ की गई। पूछताछ में उसका असली नाम मोहम्मद सोजिब मियाँ अहमद अली निकला। उसकी निशानदेही पर ATS ने मुन्ना खालिद अंसारी, अज़रुल इस्लाम अंसारी और अब्दुल लतीफ़ को गिरफ्तार किया। ATS ने बताया है कि ये चारों बांग्लादेश में एक कपड़ा कारखाने में काम करते थे। यहीं एक-दूसरे के संपर्क में आए। इन सभी को बांग्लादेश में अल कायदा से शरीफुल इस्लाम ने जोड़ा। शरीफुल इस्लाम ने इनका परिचय साईबा नाम के अल कायदा के जिला प्रमुख से परिचय करवाया। उसने इन सभी को पैसे जुटाने, कट्टरपंथ फ़ैलाने, पुलिस से बचने, एप के जरिए बात करने आदि की ट्रेनिंग दी।

बांग्लादेश में इनको हथियार चलाने और जिहाद के प्रचार की भी ट्रेनिंग दी गइ्र। ट्रेनिंग के बाद चारों अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में घुसे और फिर अहमदाबाद आ गए। इनके पास से ATS को फर्जी आधार और पैन कार्ड भी मिले हैं। अल कायदा के मीडिया ग्रुप का आतंकी साहित्य भी मिला है। इन पर ATS ने UAPA सहित IPC की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है। अब गुजरात ATS को घुसपैठ में इनकी मदद करने वालों, इनके फर्जी पहचान पत्र बनवाने वालों और इन्हें गुजरात में शरण देने वालों की तलाश है।

पूछा तू धर्म कब बदलेगी और पीटकर चला गया फैजान खान: हिंदू लड़की को ‘द केरल स्टोरी’ देखकर मिली हिम्मत, इस्लाम कबूलने का डाला जा रहा था दबाव

उसकी फैजान खान से कई सालों की पहचान थी। कई महीनों से उसका शोषण चल रहा था। फैजान शारीरिक संबंध बनाता, पीटता और धर्म परिवर्तन का दबाव डालता। पर दुनिया को फैजान की इस करतूत का पता तब चला, जब हिंदू पीड़िता ने ‘द केरल स्टोरी’ देखी। इस फिल्म ने उसे हिम्मत दी और वह फैजान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँची।

मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है। खजराना थाने में फैजान खान के खिलाफ पीड़िता की शिकायत के आधार पर रेप, मारपीट और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का मामला दर्ज किया गया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार फैजान गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फैजान 17 मई 2023 को हिंदू युवती के साथ ही था। सुबह वह जल्दी उठा। उससे पूछा तू धर्म कब बदलेगी। फिर उसे पीटकर चला गया। इससे पहले दोनों ने ‘द केरल स्टोरी’ देखी थी। इस फिल्म को देखने के बाद युवती ने फैजान से हिंदू लड़कियों के शोषण को लेकर सवाल भी किया था। जब 18 मई को फैजान ने फिर से मारपीट की तो लड़की ने थाने पहुँचकर उसके खिलाफ कंप्लेन की।

खजराना थाना प्रभारी दिनेश वर्मा ने बताया कि फैजान खान और युवती करीब 7-8 महीने से लिव इन में थे। युवती का आरोप है कि फैजान निकाह के लिए उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बना रहा था। युवती के धर्मांतरण से इनकार करने पर फैजान ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने बताया, “युवती नौकरी करती है, जबकि फैजान बेरोजगार है। वह लड़की के पैसों से अपना खर्च चलाता है। आरोपित के खिलाफ रेप, मारपीट और धर्म परिवर्तन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने निकाह का झाँसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप फैजान पर लगाया है। पीड़िता के अनुसार चार साल पहले फैजान खान से उसकी मुलाकात हुई थी। कोचिंग जाने के दौरान दोनों में जान-पहचान बढ़ी। फिर उसने उसे अपने प्यार के जाल में फाँसकर घर बदलने के लिए मजबूर किया। युवती ने बताया कि आरोपित उस पर लगातार इस्लाम कबलूने का दबाव बना रहा था। जब वह इसका विरोध करती, तो वह उसे पीटता। यही नहीं आरोपित ने धर्मांतरण नहीं करने पर उसके भाई और माँ की हत्या करने की भी धमकी दी थी।

बरेली के होटल में रुके थे लड़का-लड़की, कमरे में घुस दरगाह से जुड़े संगठन के लोगों ने की अभद्रता: पूछा- क्या कर रहे हो मुस्लिम लड़की के साथ

अब उत्तर प्रदेश के बरेली में हिंदू लड़के के साथ मुस्लिम लड़की के दिखने पर अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। आला हजरत दरगाह से जुड़े संगठन ज़मात रज़ा-ए-मुस्तफा के सदस्य होटल के उस कमरे में घुस गए, जिसमें दोनों रुके हुए थे। एक-दूसरे को दोस्त बताने वाले युवक-युवती से बदसलूकी की यह घटना (20 मई 2023) की है। बरेली पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही है। पीड़ित युवक रेलवे का स्टाफ बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बरेली के जंक्शन रोड स्थित के गेस्ट हाउस का है। आला हजरत दरगाह से जुड़े संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के लोगों को यहाँ एक मुस्लिम लड़की के एक हिन्दू लड़के के साथ रुके होने की जानकारी मिली। इसके बाद संगठन के कई लोग होटल में घुस कर उस कमरे तक पहुँच गए, जहाँ दोनों रुके हुए थे। जमात के सदस्यों ने कमरा खुलवा कर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। लड़के का नाम आशीष था। पहचान-पत्र चेक किया गया तो वह रेलवे का स्टाफ निकला।

ज़मात रज़ा-ए-मुस्तफा के सदस्यों ने लड़की का बिना उसकी मर्जी के वीडियो बनाया। लड़की मूल रूप से शाहजहाँपुर की रहने वाली निकली। वह एक प्राइवेट कॉलेज की छात्रा है। इस दौरान तलाशी लेने आई भीड़ ने काफी देर तक गेस्ट हाउस में हंगामा काटा। भीड़ में शामिल पुरुषों ने लड़की को पकड़कर उसका नाम पूछा। लड़के से सवाल किया- कौन से संगठन से जुड़े हुए हो? क्या कर रहे हो मुसलमान लड़की के साथ? इन सवालों के जवाब में आशीष ने खुद को लड़की का दोस्त बताया। हालाँकि इस जवाब से जमात के सदस्य संतुष्ट नहीं हुए।

बरेली पुलिस ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। पुलिस ने कहा है कि वीडियो और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिस गेस्ट हाउस की यह घटना है उसके मैनेजर का नाम शादाब है। पुलिस ने मामले में IPC की धारा 504 और IT एक्ट के तहत जमात रज़ा ए मुस्तफा, रज़ा एक्शन कमेटी सहित 4-5 अज्ञात आरोपितों पर FIR दर्ज की है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में जमात रज़ा-ए-मुस्तफा से जुड़े शवाब खान अज़हरी से सम्पर्क का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जमात का पक्ष मिलने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के ही मुरादाबाद, मेरठ, अमरोहा और मुजफ्फरनगर में हिन्दू लड़कों के साथ मुस्लिम लड़कियों को देखकर कट्टरपंथी मारपीट और अभद्रता कर चुके हैं।

नाम – गीता रुचिका, काम – हिन्दू धर्म और देवी-देवताओं को लेकर अश्लील पोस्ट, आतिशी के साथ तस्वीर: लिखा – ‘भगवान को खिलाते हो लेकिन ह$%ते क्यों नहीं?’

दक्षिणी दिल्ली की एक महिला है – गीता रुचिका। नाम भले ही हिन्दुओं वाले हों, लेकिन इसका एक ही काम है – हिन्दू धर्म का मजाक बनाना और हिन्दू देवी-देवताओं पर अश्लील टिप्पणियाँ करना। सोशल मीडिया में ये ऐसा ज़हर फैलाती है कि इससे हिन्दू धर्म को लेकर इसकी घृणा साफ़-साफ़ झलकती है। इसकी कुछ टिप्पणियाँ इतनी अभद्र हैं, जिन्हें लिखा भी नहीं जा सकता। AAP की मंत्री आतिशी मार्लेना के साथ भी इसने तस्वीर डाल रखी है।

इसका जो ताज़ा पोस्ट वायरल हो रहा है, उसे इसने अपने फेसबुक हैंडल से डाला है। इसमें उसने लिखा है, “मेरा तो एक ही सवाल है। भगवान को खिलाते हो लेकिन ह$%ते क्यों नहीं? उसकी दाढ़ी भी नहीं कटवाते हो। झाँ$ का बाल भी बड़ा हो गया होगा। सदियों से भक्तों ने ध्यान नहीं दिया।” कई लोगों ने इस महिला के पोस्ट का स्क्रीनशॉट लेकर दिल्ली पुलिस को टैग किया है, लेकिन अब तक उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।

लोग इस दौरान ये भी पूछ रहे हैं कि क्या AAP और आतिशी मार्लेना ऐसे तत्वों से संबंध रखती हैं? इतना ही नहीं, आलोचनाओं के बावजूद इस फेसबुक पोस्ट की कमेंट में गीता रुचिका जहर उगलती रही। उसने लिखा, “ह%ने के बाद भक्त गाँ# धोता है या भगवान खुद धोते हैं? या टिशू पेपर से पोछ कर काम चला लेते हैं?” एक अन्य कमेंट में उसने लिखा, “भगवन कंडोम लगाते थे सृष्टि रचना के लिए।” आलोचनाओं के बावजूद अब ही वो लगातार इस तरह के पोस्ट कर रही है।

हिन्दू धर्म और देवी-देवताओं को लेकर गीता रुचिका का अश्लील फेसबुक पोस्ट व कमेंट्स

उसकी पूरी की पूरी टाइमलाइन ही इस तरह की पोस्ट्स से भरी पड़ी है। उसने ये भी लिखा कि सनातन धर्म में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है। एक अन्य कमेंट्स में बागेश्वर बाबा की तस्वीर लगा कर उसने लिखा, “राम जी के 5 बाप थे। स्वीकार करना बड़ा मुश्किल है।” साथ ही उसने भारत को खंडित करने की बात भी की और लिखा कि महिलाओं-पुरुषों का अलग-अलग देश होना चाहिए। उसने ‘वट सावित्री’ व्रत और सिंदूर लगाने की प्रथा के खिलाफ भी अपनी घृणा दर्शाई।

उन्हें बाँस से पीटेंगे… TMC सांसद नुसरत जहाँ ने खुलेआम विपक्षी नेताओं को धमकाया

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद एवं अभिनेत्री नुसरत जहाँ ने पश्चिम बंगाल में एक रैली के दौरान विपक्ष को धमकी दी है। उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र बसीरहाट में पंचायत चुनाव से पहले आयोजित एक रैली में TMC के लिए वोट माँगते हुए रविवार (21 मई, 2023) को ये धमकी दी। उन्होंने कहा, “चाहे भाजपा हो या कॉन्ग्रेस, पंचायत चुनाव में जो भी वोट माँगने आएगा उसे बसीरहाट के लोग बाँस से मारेंगे।” उनके इस बयान की आलोचना हो रही है।

उन्होंने भाजपा पर धर्म की राजनीति खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी लोगों को धमका रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ये सब कर के देख लिया, लेकिन कुछ काम नहीं आया। अभिनेत्री से नेता बनीं नुसरत जहाँ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ‘अबकी बार, 200 पार’ का नारा दिया, लेकिन उनकी नैया डूब गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पंचायत चुनाव के लिए इससे भी बड़ी साजिश रच रही है।

अभिनेत्री नुसरत जहाँ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जनता के लिए कार्य करने से रोक रही है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल को फंड न देने का आरोप भी मढ़ा। उन्होंने पूछा कि जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल की जनता के लिए कुछ किया ही नहीं है और और राज्य को कुछ दिया ही नहीं है, तो उन्हें वोट क्यों मिले? उन्होंने दावा किया कि भाजपा को पश्चिम बंगाल में अब एक भी वोट नहीं मिलेगा।

भाजपा की महिला नेता अग्निमित्र पॉल ने नुसरत जहाँ की धमकी का करारा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपने बॉस लोगों को कह कर पंचायत चुनाव की घोषणा करानी चाहिए और हमें धमकी देना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर साहस है तो चुनाव की तारीख़ घोषित की जाए। भाजपा प्रवक्ता समीक भट्टाचार्य ने कहा कि नुसरत जहाँ सांसद हैं, राजनेतिक रूप से निरक्षर नहीं हैं, ऐसे में अपनी पार्टी के वरिष्ठों की भाषा ही बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस भड़काऊ बयान का बसीरहाट की जनता जवाब देगी।

‘इस डॉक्यूमेंट्री ने भारत और इसकी पूरी व्यवस्था को बदनाम किया’: BBC के खिलाफ ₹10000 करोड़ का मानहानि का मुकदमा, HC ने जारी किया नोटिस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात दंगों को लेकर प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री बनाने के मामले में BBC पर मानहानि का मुकदमा दायर हुआ है। ब्रिटेन की मीडिया संस्थान को इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस भी जारी किया है। एक NGO ने 10,000 करोड़ रुपए के अपने मानहानि के मुक़दमे में आरोप लगाया है कि इस डॉक्यूमेंट्री ने भारत की प्रतिष्ठा को मलीन करने का कार्य किया है। साथ ही न्यायपालिका और प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा को भी बदनाम किया है।

‘ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (BBC)’ को ये समन सोमवार (22 मई, 2023) को जारी किया गया। गुजरात के NGO ‘जस्टिस फॉर ट्रायल’ ने दिल्ली उच्च-न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। इस मामले में ‘BBC (UK)’ के अलावा ‘बीबीसी इंडिया’ को भी नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा गया है। डॉक्यूमेंट्री ‘India: The Modi Question’ को दो हिस्सों में जारी किया गया था। ‘BBC (UK)’ ने इसे जारी किया था, जबकि ‘बीबीसी इंडिया’ इसी की भारतीय शाखा है।

NGO की तरफ से 67 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे दिल्ली हाईकोर्ट में पेश हुए। भारत के सॉलिसिटर जनरल रहे हरीश साल्वे अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पाकिस्तान में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव का केस भी लड़ चुके हैं, जिसके बाद उनकी मौत की सज़ा पर रोक लग गई थी। उन्होंने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री ने भारत और इसकी पूरी व्यवस्था को बदनाम किया है, न्यायपालिका सहित। इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

जस्टिस सचिन दत्ता ने सुनवाई करते हुए ये नोटिस जारी किया। इससे पहले 3 मई को एक भाजपा नेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने BBC और Wikimedia को नोटिस जारी किया गया था। माँग की गई थी कि इन्हें RSS और VHP को बदनाम करने वाले कंटेंट्स प्रकाशित करने से रोका जाए। एक विकिपीडिया पेज पर इस डॉक्यूमेंट्री का लिंक उपलब्ध था, जबकि भारत में ये बैन है। इस प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री के जरिए मुस्लिम कट्टरपंथियों का भी बचाव किया गया था।

‘मुस्लिम लड़के मर गए हैं क्या जो हिन्दू के साथ घूम रही हो?’: युवती ने शॉपिंग में ली दोस्त की मदद तो भड़के मुस्लिमों ने की बदसलूकी, पीट-पीट कर फाड़ डाले कपड़े

हाल के दिनों में ऐसी कई घटनाएँ आई हैं जहाँ मुस्लिम लड़कियों किसी हिन्दू लड़के के साथ देख कर उनकी पिटाई कर दी गई, उनसे बदसलूकी की है। ताज़ा मामला मुरादाबाद से सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम लड़की को हिन्दू लड़के के साथ शॉपिंग करते देख कर मुस्लिम युवक भड़क गए और उन्होंने उनकी पिटाई कर दी। हिन्दू युवक से मारपीट कर के उसके कपड़े फाड़ डाले गए। युवती ने यूपी पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है।

इसके आधार पर FIR भी पंजीकृत कर लिया गया है। घटना भोजपुर इलाके में रविवार (21 मई, 2023) को हुई है। मारपीट करने वालों में इलाके के कुछ दुकानदार और उनके साथी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों की तलाश तेज कर दी है। दरअसल, उक्त मुस्लिम युवती कपड़े खरीदने के लिए बाजार गई थी। वो पैदल बाजार गई थी, जहाँ उसने उसके ही गाँव का परिचित हिन्दू युवक मिला। युवती ने उससे कहा कि वो भी उसकी ही बाइक से साथ गाँव चली जाएगी।

जब वो शॉपिंग कर रही थी, तब युवक बाहर ही इंतजार कर रहा था। शॉपिंग के दौरान युवती ने उसकी सलाह लेनी भी शुरू कर दी। इससे दुकान मालिक और वहाँ मौजूद कुछ मुस्लिम भड़क गए। दोनों का पहले नाम पूछा गया और युवक के हिन्दू होने की पुष्टि होते ही मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में हमलावरों को कहते हुए सुना जा सकता है, “मुस्लिम लड़के मर गए हैं क्या जो हिन्दू के साथ घूम रही हो?” युवती बार-बार बताते रही कि वो युवक उसका पड़ोसी है, लेकिन हमलावरों ने मारपीट और बदसलूकी जारी रखी।

मुरादाबाद के एसपी (ग्रामीण) संदीप कुमार मीणा ने एक आरोपित के गिरफ्तार होने की पुष्टि की है। आरोपितों में शाने आलम, जाने आलम और हफीज को नामजद किया गया है। छेड़खानी के साथ-साथ मारपीट का मामला भी दर्ज किया गया है। मुस्लिम लड़की को आरोपितों ने धमकाया भी है कि आइंदा किसी लड़के के साथ देखा तो अंजाम बुरा होगा। दोनों को गंदी-गंद गालियाँ भी दी गईं। बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में 10 ऐसी घटनाओं के सामने आने की बात कही जा रही है।

वॉशरूम में पड़ा मिला अभिनेता आदित्य सिंह राजपूत का शव: सैकड़ों विज्ञापनों में किया था काम, इंडस्ट्री में बड़े-बड़े लोगों और ब्रांड्स से था कनेक्शन

अभिनेता, मॉडल एवं कास्टिंग कोऑर्डिनेटर आदित्य सिंह राजपूत की संदिग्ध रूप से मौत हो गई है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के अँधेरी स्थित अपने घर में सोमवार (22 मई, 2023) को उन्हें मृत अवस्था में पाया गया। उनका शव वॉशरूम में पड़ा हुआ था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें पहले से ही मृत घोषित कर दिया गया। आदित्य सिंह राजपूत का घर इस इमारत में 11वीं मंजिल पर था। उनके एक दोस्त ने सबसे पहले उन्हें मृत अवस्था में देखा।

उनकी उम्र 32 वर्ष थी। जब उनके दोस्त ने उन्हें इस अवस्था में देखा, तो उसने वॉचमैन के साथ मिल कर उन्हें अस्पताल ले कर गए। लेकिन, डॉक्टरों ने बताया कि पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी है। इसे ड्रग ओवरडोज का मामला भी बताया जा रहा है। आदित्य सिंह राजपूत ने कई युवाओं को मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया में मौका दिया था। वो इंडस्ट्री में कई बड़े लोगों से संपर्क में थे और कई बड़े ब्रांड्स के साथ काम कर रहे थे।

उनकी मौत से मनोरंजन इंडस्ट्री में कई लोगों को झटका लगा है। दिल्ली में पले-बढ़े आदित्य सिंह राजपूत ने बतौर मॉडल अपना करियर शुरू किया था। उन्होंने ‘क्रांतिवीर (2010)’ फिल्म में काम किया था। उन्हें ALTBalaji की अडल्ट सीरीज ‘गंदी बात’ के पाँचवें एपिसोड में भी देखा गया था। उन्होंने लगभग 300 विज्ञापनों में काम किया था। साथ ही वो ‘Splitsvilla 9’ का हिस्सा भी थे। TV पर उन्हें ‘लव’, ‘आशिकी’, ‘कोड रेड’, ‘आवाज (सीजन 9)’ और ‘बैड बॉय (सीजन 4)’ में भी देखा गया था।

आजकल वो एक प्रोडक्शन हाउस से जुड़े हुए थे और कास्टिंग पर ज़्यादा समय दे रहे थे। मुंबई के ग्लैमर सर्किट में वो लोकप्रिय थे और ‘पेज 3’ पार्टियों का एक अहम हिस्सा हुआ करते थे। ओशिवारा पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले आदित्य सिंह राजपूत ने मात्र 17 वर्ष की उम्र में फिल्मों का रुख कर लिया था। दिल्ली के ग्रीन फील्ड्स स्कूल में उनकी पढ़ाई हुई। इंस्टाग्राम पर उनके 5.21 लाख फॉलोवर्स हैं। उनकी मौत को लेकर अभी कुछ ज़्यादा सामने नहीं आया है।

रेप पीड़िता की विधवा माँ को जेल, दावा- आफताब मोहम्मद से समझौता नहीं करने पर काउंटर केस: हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के बाद SIT का गठन

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रतनपुर में एक रेप पीड़िता की विधवा माँ को जेल भेजने के मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। कहा जा रहा है कि आरोपित आफताब मोहम्मद से समझौता नहीं करने पर बदले की कार्रवाई के तहत पीड़िता की माँ को फँसाया गया है। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया है। आरोपित के बचाव में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के एक नेता की भी भूमिका बताई जाती है। पार्टी ने उसे सस्पेंड कर दिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव रविवार (21 मई 2023) की रात पीड़िता के घर पहुँचे और उसकी आपबीती सुनी।

पीड़िता की माँ पर काउंटर केस दर्ज कर जेल भेजने के विरोध में रविवार को रतनपुर बाजार बंद रहा। इसे सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के अलावा विश्व हिंदू परिषद का समर्थन रहा। इस दौरान प्रदर्शन और नारेबाजी भी हुई। पीड़िता की माँ पर केस करने वाला बीजेपी नेता हकीम मोहम्मद का ही रिश्तेदार बताया जा रहा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के छत्तीसगढ़ मुख्यालय प्रभारी और प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने हकीम मोहम्मद के निलंबन का पत्र जारी किया है।

बताया जा रहा है कि हकीम मोहम्मद ने आरोपित आफताब मोहम्मद को बचाने के लिए नगर पालिका के 10 पार्षदों द्वारा एक पत्र जारी करवाया था। इस पत्र में आफताब को सीधा-साधा नेकदिल इंसान बताया गया था।

क्या है मामला

बिलासपुर की पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि 4 साल पहले स्कूल आते-जाते उसका आफताब से परिचय हुआ था। एक दिन आफताब ने प्यार का झाँसा देकर उससे यौन संबंध बनाए। 4 मार्च 2023 को 19 वर्षीय आफताब लड़की को घुमाने घूँटाघाट ले गया था। यहाँ भी उसने शारीरिक संबंध बनाए। बात में किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ और आफताब ने लड़की की पिटाई कर दी। लड़की को वहीं छोड़ वह भाग गया। रात के समय पुलिस को लड़की रोते हुए मिली थी। उसकी शिकायत पर आफताब को गिरफ्तार कर लिया गया।

समझौते का दबाव

पीड़िता का क​हना है कि इसके बाद से ही आफताब के परिजन समझौते और केस वापस जेने का दबाव बना रहे थे। उसे पैसों का भी लालच दिया गया। इस बीच कथित तौर पर पीड़िता की माँ के साथ एक शपथ पत्र भी बनवा लिया गया। इसमें केस दबाव में दर्ज कराने की बात कही गई थी। पीड़िता ने आफताब को भाई जैसा बताया था। उसकी जमानत का विरोध न करने की बात लिखी हुई थी। इस पर पीड़िता के भी हस्ताक्षर थे। साथ ही एक वीडियो भी वायरल किया गया जिसमें आरोपित और पीड़िता के घर वाले एक साथ किसी होटल में बैठे दिखाई दे रहे थे। हालाँकि पीड़िता ने इस पत्र को फर्जी बताते हुए आफताब पर कार्रवाई की माँग की थी।

पीड़िता की माँ को जेल

आरोप है कि जब पीड़िता और उसका परिवार समझौते को राजी नहीं हुआ तो उसकी माँ पर काउंटर केस किया गया। पीड़िता की माँ विधवा हैं। वह किराने की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। आरोप लगाया गया कि आफताब के परिवार का एक 10 वर्षीय बच्चा उनकी दुकान पर चॉकलेट लेने गया। महिला उसे अंदर ले गई और उसके प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की। शिकायत में कहा गया कि बच्चा इस घटने के बाद से सदमे में है। महिला ने उसे मुँह बंद रखने की धमकी भी दी थी। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता की माँ पर IPC की धारा 377, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर 19 मई 2023 (शुक्रवार) को उन्हें जेल भेज दिया।

हिंदू संगठनों का विरोध

इस पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ हिन्दू संगठनों और स्थनीय लोग सड़कों पर उतर गए। नाराज लोगों ने रविवार को रतनपुर बाजार बंद रखा। लोगों के विरोध को देखते हुए थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही पीड़िता की माँ पर लगे आरोपों की जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है। SIT को 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश मिले हैं। बताया जा रहा है कि चॉकलेट खरीदने के लिए बच्चे के दुकान जाने का कोई ठोस सबूत भी नहीं है।

जो अमेरिका नहीं कर पाया, वो कर रहा है भारत… PM मोदी को ‘ग्लोबल साउथ’ में ऐसा सम्मान कि चीन की उड़ गई नींद, FIPIC से प्रशांत महासागर में बढ़ रहा भारत का प्रभाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से ही इस पर विश्लेषण होता ही रहता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका मजबूत हुई है। अब एक वीडियो मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक सुर्खियाँ बना। ये वीडियो रविवार (21 मई, 2023) की शाम का है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश पापुआ न्यू गिनी पहुँचे। वहाँ के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने पीएम मोदी के पाँव छू कर उन्हें प्रणाम किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने झुक कर पापुआ न्यू गिनी के पीएम ने जिस तरह से उन्हें सम्मान दिया, उससे हर भारतवासी को अपने नेतृत्व पर गर्व महसूस हुआ। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पापुआ न्यू गिनी ने अपने देश के सर्वोच्च सम्मान ‘Companion of the Order of Logohu (GCL)’ ने भी नवाजा है। वहाँ के गवर्नर जनरल सर बॉब डाडा ने उन्हें ये सम्मान दिया। उन्हें ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों के लिए आवाज़ उठाने और प्रशांत महासागर में स्थित देशों की एकता के लिए प्रयास करने के लिए ये सम्मान दिया जा रहा है।

अब आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठेगा कि आखिर ये ‘ग्लोबल साउथ’ क्या है? इसका अर्थ उन देशों से है, जो कम विकसित हैं और जिन पर कैपिटलिस्ट अर्थव्यवस्था का नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। ऐसे देश, जिन्हें अमीर देशों से किसी न किसी कारण नुकसान पहुँचा, जो उपेक्षित रह गए। पहली बार अमेरिकी सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक कार्ल ऑग्लेज़्बी ने इस टर्म का इस्तेमाल किया था। इसमें कम आय वाले ऐसे देश आते हैं, जिनकी उपेक्षा की गई।

इसके अंतर्गत जो देश आते हैं वहाँ प्रति व्यक्ति आय बहुत कम है, बेरोजगारी का स्तर बहुत ज़्यादा है और साथ ही इंफ़्रास्ट्रक्चर की कमी है। कई लोग इसका मतलब दक्षिण में स्थित देश समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हाँ, ये ज़रूर कहा जा सकता है कि इसमें आने वाले अधिकतर देश उष्णकटिबंधीय दक्षिणी गोलार्ध में ही स्थित हैं। ‘साउथ’ का अर्थ यहाँ ‘गरीब’ से लिया जा सकता है, जिसे कई लोग पसंद भी नहीं करते हैं और संवेदनहीन परिभाषा बताते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिजी ने भी अपने देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। सबसे बड़ी बात ये है कि फिजी द्वारा किसी विदेशी नागरिक को ये सम्मान देना बिलकुल दुर्लभ है। उन्हें ‘कम्पैनियन ऑफ ऑर्डर ऑफ फिजी (CF)’ अवॉर्ड से नवाजा गया। वैश्विक राजनेता के रूप में किए गए कार्यों के कारण उन्हें यह सम्मान दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदियों पुराने भारत-फिजी संबंधों की बात करते हुए इस अवॉर्ड को भारत की जनता को समर्पित किया।

फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी रबुका ने उन्हें वहाँ के राष्ट्रपति की तरफ से ये सम्मान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहाँ FIPIC की बैठक में हिस्सा लेने गए हैं। आप ज़रूर सोच रहे होंगे कि आखिर ये FIPIC है क्या और ये इतना महत्वपूर्ण क्यों है। इसका अर्थ है – ‘इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन’, जिसे प्रशांत महासागर में स्थित छोटे देशों और भारत के साथ उनके गठबंधन के लिए बनाया गया है। नवंबर 2014 में जब पीएम मोदी फिजी गए थे, तब इसका गठन किया गया था।

इसमें भारत के अलावा ये 14 देश शामिल हैं – कुक आइलैंड्स, फिजी, किरिबाती, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, नाउरू, निउए, पलाउ, पापुआ न्यू गिनी, समोआ, सोलोमन आइलैंड्स, टोंगा, तुवालू और वानूआतू। ये सभी द्वीपीय देश हैं। न सिर्फ इन देशों का क्षेत्रफल छोटा है, बल्कि ये भारत से बहुत दूरी पर भी स्थित हैं। इनमें से अधिकतर बड़े ‘एक्सक्लूसिव इकनोमिक जोन (EEZ)’ का हिस्सा हैं, अर्थात समुद्री क्षेत्रों पर उनका अच्छा-खासा अधिकार है।

भारत की अधिकतर सक्रियता हिंद महासागर में ही रही है, जिसका इस्तेमाल वो अपने व्यापारिक और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए करता रहा है। इन देशों और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों को भी आगे बढ़ाने के लिए इस मंच का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच हर साल 300 मिलियन डॉलर (2486 करोड़ रुपए) का कारोबार होता है। भारत ने क्लीन एनर्जी और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए भी 1 मिलियन डॉलर की सहायता इन देशों को की है।

साथ ही भारत में इनके लिए एक ट्रेड ऑफिस की स्थापना की गई। डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ‘वीजा ऑन अराइवल’ की सुविधा भी उन्हें दी गई है, अर्थात भारत पहुँचने के बाद एयरपोर्ट पर वीजा देना। अंतरिक्ष तकनीक में भी सहयोग किया जा रहा है। उनके लिए एक ‘विजिटर्स प्रोग्राम’ बनाया गया है। हर साल दी जाने वाली सहायता को बढ़ा कर 2 लाख डॉलर कर दिया गया है।

भारत फ़िलहाल G20 की भी अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों को आश्वासन दिया है कि वो उनके मुद्दे भी वैश्विक मंच पर उठाएँगे। इंडो-पैसिफिक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान विकसित देशों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के काल में ‘ग्लोबल साउथ’ को छोड़ दिया था और उनकी मदद नहीं की थी। ऐसे समय में भारत ने ‘वैक्सीन मैत्री’ के जरिए इन देशों की मदद की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पापुआ न्यू गिनी और फिजी द्वारा अपन सर्वोच्च सम्मान देना ये दिखाता है कि उनके नेतृत्व पर न सिर्फ भारत के गरीबों को, बल्कि गरीब देशों को भी भरोसा है। इंडो-पैसिफिक देशों के लिए भारत ने 80 लाख वैक्सीन डोज की व्यवस्था की थी। पापुआ न्यू गिनी को भी 1,32,000 कोविड-19 वैक्सीन के डोज भेजे गए थे। कठिन समय में भारत द्वारा की गई मदद का ही ये प्रभाव है कि आज इन देशों में भारत और भारत के नेता के लिए इतना सम्मान है।

इस बैठक में मैरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन भी आने वाले थे, लेकिन वाशिंगटन में ऋण को लेकर चल रही आपात चर्चाओं के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। चीन 80 के दशक से ही इन देशों से जुड़ा रहा है। हाल ही में चीन ने सोलोमन आइलैंड के साथ एक करार किया, जिसके अनुसार वो वहाँ की सेना का भी इस्तेमाल कर सकता है। सोलोमन आइलैंड की जमीन का इस्तेमाल वो अपने सुरक्षा हितों के लिए कर सकता है।

ऐसे में भारत के लिए वहाँ अपनी उपस्थिति मजबूत करना समय की माँग भी है। मार्शल आइलैंड्स, नाउरु, पलाउ और तुवालु के अलावा वहाँ के बाकी देशों से चीन ने काफी नजदीकियाँ बढ़ा ली हैं और उनके विश्वास हासिल करने में सफलता पाई है। सोलोमन आइलैंड्स को चीन ने 730 मिलियन डॉलर की सहायता देने का ऐलान किया। वहाँ के लोगों में चीन के प्रति नाराजगी है, लेकिन इसके बावजूद वहाँ की सरकार ने इस करार को स्वीकार किया।

चीन ने अब तक ‘पैसिफिक आइलैंड्स फोरम (PIF)’ और ‘चीन-पैसिफिक आइलैंड्स इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन फोरम’ के जरिए वहाँ अपनी उपस्थिति बढ़ाता रहा है। वहाँ के एक नेता को सिर्फ इसीलिए पद से हटा दिया गया, क्योंकि वो चीनी आक्रामकता के खिलाफ था। उधर अमेरिका इन देशों को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं है। उसने 1993 में सोलोमन आइलैंड्स में अपना दूतावास तक बंद कर दिया था। चीन ने इसका फायदा उठाया।

अब जब चीन अपने ‘बेल्ट एन्ड रोड’ परियोजना के लिए वहाँ के देशों के साथ आक्रामक रूप से संबंध बढ़ाने लगा, तब अमेरिका की नींद टूटी और उसने प्रशांत महासागर में स्थित इन द्वीपीय देशों के लिए नीतियाँ नए सिरे से बनानी शुरू की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वो कर रहा है, जो अमेरिका नहीं आकर पाया। भारत की दमदार उपस्थिति से चीन को वहाँ खतरा जरूर महसूस होगा। भारत हमेशा ‘पीपल टू पीपल’ कनेक्टिविटी पर जोर देता है और भारत की कोई छिपी हुई मंशा भी नहीं होती, ऐसे में वहाँ की जनता भी भारत से खुश रहती है।