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कसाई उमर कुरैशी ने 8 साल की बच्ची का किया रेप, गर्भपात भी करवाया: पहले चॉकलेट फिर चाकू दिखाकर 6 महीने से कर रहा था यौन शोषण

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 8 साल की एक नाबालिग बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। रेप का आरोप पीड़िता के घर के बगल में माँस बेचने वाले 34 वर्षीय उमर कुरैशी पर है। बताया जा रहा है कि उमर पिछले 6 माह से नाबालिग को डरा-धमकाकर बलात्कार कर रहा था, जिससे वो प्रेग्नेंट हो गई थी। आरोपत ने एक नर्सिंग होम ले जाकर बच्ची का गर्भपात कराया। इस दौरान काफी ब्लीडिंग हुई। बच्ची के पेट में दर्द और खून देख कर घर वालों को शक हुआ तो उमर की करतूत सामने आई। उमर को गिरफ्तार कर लिया गया है। गर्भपात करवाने वाले नर्सिग होम पर भी प्रशासन कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला लखनऊ के थानाक्षेत्र गोसाईगंज का है। यहाँ के कस्बा अमेठी में अपने परिवार के साथ रहने वाली 8 वर्षीया पीड़िता क्लास 4 की छात्रा है। माता-पिता मजदूरी कर घर चलाते हैं। पीड़िता के घर के बगल उमर कुरैशी की मीट की दुकान है। लगभग 6 माह पहले उसने बच्ची को टॉफ़ी-चॉकलेट देकर बहलाया और उसका यौन शोषण किया। इसके बाद उमर बच्ची को चाकू दिखा कर लगातार उसके साथ रेप करने लगा। डर से बच्ची ने अपने घर में किसी को नहीं बताया।

बताया जा रहा है कि लगातार रेप की वजह से कुछ समय पहले पीड़िता प्रेग्नेंट हो गई। तब उमर ने पास के ही एक अस्पताल ले जाकर उसका गर्भपात करवा दिया। एबॉर्शन के बाद पीड़िता के पेट में काफी दर्द रहने लगा और काफी ब्लीडिंग हुई। इस पर लड़की के घर वालों को शक हुआ तो उन्होंने पूरी बात पूछी। आखिरकार बच्ची ने सारी बात घर वालों को बता दी। बच्ची के परिजनों ने उमर कुरैशी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस ने पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई करते हुए उमर को गिरफ्तार कर लिया। उधर मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बच्ची का गर्भपात करवाने वाले अस्पताल को सीज करने के आदेश दिए। इस आदेश पर CMO ने अस्पताल को सीज करते हुए FIR दर्ज करने की जानकारी दी है।

बृजभूषण सिंह का चैलेंज जंतर-मंतर वाले पहलवानों ने किया एक्सेप्ट, कहा- लाइव हो नॉर्को टेस्ट, सुप्रीम कोर्ट करे निगरानी

पहलवानों के यौन शोषण आरोप में घिरे भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि वह पूरे मामले में सच सामने लाने के लिए अपना ‘नार्को टेस्ट’ कराने के लिए तैयार हैं। हालाँकि उन्होंने शर्त ये रखी थी कि पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया का भी नार्को टेस्ट कराना होगा। उनकी इस शर्त को जंतर-मंतर पर बैठे पहलवानों ने स्वीकार लिया है। उन्होंने माँग की है कि वो सब नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। ये लाइव होना चाहिए और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जानी चाहिए।

बृजभूषण सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “मैं अपना नार्को टेस्ट, पॉलिग्राफी टेस्ट या लाइ डिटेक्टर करवाने के लिए तैयार हूँ लेकिन मेरी शर्त है मेरे साथ विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया का भी ये टेस्ट होने चाहिए। अगर दोनों पहलवान अपना टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं तो प्रेस बुलाकर घोषणा करें और मै उनको वचन देता हूँ कि मै भी इसके लिए तैयार हूँ। मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूँ और हमेशा कायम रहने का देशवासियों को वादा करता हूँ। रघुकुल रीती सदा चली आई। प्राण जाए पर वचन न जाई। जय श्रीराम।”

उनके इस बयान के बाद अब विनेश फोगाट ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नार्को टेस्ट के लिए सिर्फ विनेश ही नहीं बल्कि वो सारी लड़कियाँ तैयार हैं जिन्होंने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दी है। उनका टेस्ट लाइव होना चाहिए। ताकि पता चले कि उन्होंने देश की बेटियों के साथ कितनी दरिंदगी और ज्यादती की।

वहीं पूनिया ने नार्को टेस्ट के लिए कहा है कि अगर फेडरेशन के घोटाले गिनने हैं तो वो ‘नार्को टेस्ट’ कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा जिन लड़कियों ने शिकायत की है, वह भी नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने माँग की है कि कोच विनोद तोमर, जितेंद्र और धीरेंद्र का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए।

बता दें कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ चल रहे पहलवानों के प्रदर्शन में बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट मुख्य चेहरे हैं। ये लोग 23 अप्रैल को दोबारा से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे। इसके बाद इन्हें कई राजनैतिक दलों का समर्थन प्राप्त हुआ।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने WFI के पूर्व चीफ के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए। लेकिन पहलवान इससे संतुष्ट नहीं हुए। बाद में खबर आई कि कुश्ती महासंघ की सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों को काम करने से रोक दिया गया है।

कल इसी बाबत खाप पंचायत भी हुई। इसमें ऐलान किया गया कि 28 मई को महिलाओं की महापंचायत होगी और उसमें फैसला लेंगे कि आगे क्या करना है। जो भी फैसला होगा उसपर अमल करेंगे।

पॉलिसी बदलने पर बवाल?

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बृजभूषण सिंह ने 2 मई को इस प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि ये सब नई पॉलिसी लाने के बाद हो रहा है। वरना इससे पहले ये पहलवान उनके घर आते थे, अपने घर के शादी फंक्शन में बुलाते थे, घुल-मिलकर रहते थे। तब किसी ने कोई शिकायत नहीं की थीं। पर जब से पॉलिसी आई उसके बाद से ये विरोध होने लगे।

उन्होंने पहलवानों के प्रदर्शन में मोदी तेजी कब्र खुदेगी जैसे नारों का भी जवाब दिया। वह बोले, “जिस मोदी जी की आज ये निंदा कर रहे हैं, जिस योगी जी की आज ये निंदा कर रहे हैं, दुनिया का कोई देश खिलाड़ियों को इतनी सहूलियत या पैसा नहीं देता, जितना हमारा देश देता है। कई देश तरसते हैं कि काश, हमें भारत से मौका मिलता।”

‘रामराज को हटाना है, साधु के वेश में आतंकी’: सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर साधु-संतों ने दिया करारा जवाब, पूछा – सनातन को ही क्यों बनाते हैं निशाना?

समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी हिन्दू विरोधी घृणा को प्रदर्शित करने हुए फिर से बयान दिया है। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने रविवार (21 मई, 2023) को तथागत बुद्ध जयंती के कार्यक्रम में ‘हिन्दू राष्ट्र’ को लेकर भी अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने दावा किया कि ‘साधु के वेश में आतंकी’ जब उनकी हत्या की बात कर रहे थे, तब योगी सरकार कानून व्यवस्था की दुहाई देते हुए शांत बैठी हुई थी।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, “आज सत्ता पक्ष के एक नेता के द्वारा बयान दिया जा रहा है कि देश में हिंदुओं की संख्या घट रही है और मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ रही है। किस बात का हिंदू? हिंदू नीच होने के लिए? हिंदू आप की गुलामी करने के लिए? आज आप लोगों को हिंदुओं के चिंता सता रही है। आप लोगों ने हिंदुओं को पढ़ने लिखने से वंचित कर दिया था। हिंदू समाज के किसी भी नारी को आप लोगों ने पढ़ने लिखने का अधिकार नहीं दिया।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि ‘हम सब एक हैं’ की भावना अगर आप में होती तो भारत कभी गुलाम नहीं होता। उन्होंने बौद्ध और सिख धर्म के प्रादुर्भाव को भी हिन्दू विरोध से जोड़ने की कोशिश की। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि ‘हिन्दू राष्ट्र’ की माँग भारत विरोधी है। उन्होंने रामराज को हटाने की बात भी की। रामचरितमानस का अपमान करने के बाद हुई आलोचना को उन्होंने धमकी करार देते हुए आलोचकों को आतंकी बताया।

वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान पर साधु-संतों ने भी मोर्चा खोल दिया है। उनके ‘आरक्षण हटाने की साजिश’ वाले प्रलाप पर भी उन्हें जवाब मिला है। हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने पूछा कि स्वामी प्रसाद मौर्य हमेशा हिन्दू धर्म को निशाना क्यों बनाते हैं? उन्होंने कहा कि रामराज में भगवान श्रीराम ने सबको गले लगाया। रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने स्वामी प्रसाद के बयान को राजनीतिक बताते हुए उन्हें मूर्ख और पागल करार दिया। साथ ही कहा कि उन्हें ज्ञान नहीं है।

चंद्रयान-3 के लिए हो जाइए तैयार… लॉन्चिंग और लैंडिंग की तारीख का ISRO ने किया ऐलान: सभी टेस्ट पूरे, पिछली गलतियों से भी लिया सबक

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) देश की महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन परियोजना के तहत चंद्रयान-3 को जल्द ही लॉन्च करने जा रहा है। इसके लिए तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। इसी साल 12 जुलाई को चंद्रयान-3 को लॉन्च किया जाएगा और यह 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा।

चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग की जानकारी के लिए इसरो स्पेस फ्लाइट ने एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में लिखा है, “लॉन्चिंग की तारीख सामने आ गई है। 12 जुलाई 2023 को एक GSLV Mk-III रॉकेट श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान लॉन्च करेगा। यह 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव में एक सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चंद्रयान-3 यूआर राव सैटेलाइट सेंटर में है। यहाँ इसके पेलोड की फाइनल असेंबली होनी है। इससे पहले, इसी साल मार्च में वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 के सभी आवश्यक टेस्ट पूरे कर लिए थे। इस टेस्ट में लॉन्चिंग के दौरान दौरान होने वाले तेज कंपन व वातावरण में होने वाले बदलावों पर चंद्रयान-3 पूरी तरह खरा उतरा है।

बता दें कि चंद्रयान-3 अपने इस मिशन में अपने साथ कई उपकरण लेकर जाएगा। ये उपकरण चंद्रमा की सतह पर भूकंप, प्लाज्मा और मौलिक संरचना की थर्मल-फिजिकल प्रॉपर्टीज की स्टडी में मदद करेंगे। चंद्रमा की सतह व अन्य जाँच के लिए वहाँ जाने वाले स्पेसक्रॉफ्ट को देश के सबसे मजबूत लॉन्च व्हीकल GSLV Mk-3 द्वारा लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से होगी। बड़ी बात है कि चंद्रयान-3 को स्पेसक्राफ्ट के तीनों सिस्टम प्रोपल्शन, लैंडर और रोवर से मिलाकर बनाया गया है।

नहीं होंगी चंद्रयान-2 वाली गलतियाँ

इसरो के वैज्ञानिक कोई भी गलती दोहरा नहीं चाहते। इसके लिए पूरी तैयारी जोरों पर है। दरअसल, चंद्रयान-2 में लैंडिंग से महज 400 मीटर पहले लैंडर से संपर्क टूट गया था। हालाँकि इस बार ऐसी किसी भी गलती की संभावना से इनकार किया जा रहा है। वास्तव में, वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 की लैंडिंग तकनीक में बड़ा बदलाव किया है। इसमें ज्यादातर प्रोग्राम को ऑटोमैटिक किया गया है।

यही नहीं, चंद्रयान-3 में लैंडिंग समेत अन्य कार्यों के लिए सैकड़ों सेंसर्स लगाए गए हैं। ये सेंसर लैंडर की लैंडिंग के समय ऊँचाई, लैंडिंग की जगह, स्पीड और लैंडर को पत्थर से बचाने मदद करेंगे। चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर 7 किलोमीटर की ऊँचाई से लैंडिंग शुरू करेगा। इसके बाद 2 किलोमीटर की ऊँचाई पर आते ही इसके ऑटोमेटिक सेंसर्स काम करने लगेंगे।

जब वैश्विक महामारी से जूझ रहा था गरीब देश, तब भारत ने 132000 वैक्सीन डोज भेज कर की मदद… यूँ ही नहीं PM मोदी के सम्मान में झुके पापुआ न्यू गिनी के PM

रविवार (21 मई, 2023) की शाम एक वीडियो खासा वायरल हुआ। ये वीडियो है ओशिआनिया के एक देश पापुआ न्यू गिनी का। ये एक छोटा देश है, लेकिन दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा द्वीपीय देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के हिरोशिमा में G-7 की बैठक में हिस्सा लेकर सीधे पापुआ न्यू गिनी पहुँचे। वहाँ के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने जिस तरह से पीएम मोदी का स्वागत किया, उसने सबका दिल छू लिया। लोग न सिर्फ इसे भारत के बढ़ते प्रभाव के रूप में देश रहे हैं, बल्कि भारतीय संस्कारों के प्रसार का भी एक रूप मान रहे हैं।

जेम्स मारापे ने पाँव छू कर पीएम मोदी का स्वागत किया। वो सम्मान में पीएम मोदी के आगे झुके, बदले में पीएम मोदी ने भी उन्हें गले लगाया। असल में ये सब अचानक नहीं हुआ है, भारत ने इसे कमाया है। इसे समझने के लिए हमें 2 साल पहले जाना होगा। वो तारीख़ थी – 13 अप्रैल, 2021. यही वो दिन था, जब पापुआ न्यू गिनी को भारत ने 1,32,000 कोविड वैक्सीन की खेप भेजी थी। ये वो समय था, जब अधिकतर वैक्सीन निर्माता देश एक्सपोर्ट में कटौती कर रहे थे।

ऐसे समय में भारत ने AstraZeneca कोविड-19 वैक्सीन की ये खेप पापुआ न्यू गिनी को उस समय भेजी, जब दुनिया भर में कोरोना के कारण स्थिति बेहाल थी और इस वैश्विक महामारी से लगातार मौतें हो रही थीं। भारत ने UNICEF के साथ मिल कर कई अन्य देशों को भी कोरोना टीके की खेप पहुँचाई थी। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार प्रशांत महासागर में स्थित इस देश के मदद के लिए सामने आई थी। यही मुख्य कारण है कि आज वहाँ के पीएम भारत के पीएम का पाँव छू कर उन्हें सम्मान दे रहे हैं।

ये वो समय था, जब पापुआ न्यू गिनी की स्वाथ्य व्यवस्था लचर हो गई थी और वहाँ कोरोना संक्रमण बढ़ता ही चला जा रहा है। भारत ने उस समय स्वदेश में लोगों के टीकाकरण पर जोर दिया हुआ था, लेकिन इसके बावजूद पापुआ न्यू गिनी को वैक्सीन देकर उसकी मदद की गई। ये एक गरीब देश है, जिसके बाद बड़ी मात्रा में वैक्सीन खरीदने की क्षमता नहीं थी। इससे पहले लगभग एक करोड़ की जनसंख्या वाले इस देश के लिए ऑस्ट्रेलिया ने मात्र 8000 वैक्सीन डोज की खेल भेजी थी।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने चरण स्पर्श कर PM मोदी को दिया सम्मान, स्वागत के लिए तोड़ दी अपने देश की ये पुरानी परंपरा: देखें वीडियो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए पूरी दुनिया बाहें फैलाए दिखाई दे रही है। दरअसल, PM मोदी पापुआ न्यू गिनी के दौरे पर हैं। जहाँ प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का पैर छूकर स्वागत किया। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पीएम मोदी पापुआ न्यू गिनी जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।

दरअसल, जापान के हिरोशिमा में आयोजित G7 और क्वाड समिट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे पापुआ न्यू गिनी की यात्रा पर निकल गए। यहाँ वह FIPIC, यानी फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में PM मोदी के अलावा 13 अन्य देशों के नेता भी शामिल होंगे।

परंपरा को तोड़कर हुआ स्वागत…

पापुआ न्यू गिनी की परंपरा है कि सूर्यास्त के बाद वहाँ आने वाले विदेशी मेहमानों का स्वागत नहीं किया जाता। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, कूटनीति और रणनीतिक कुशलता का ही परिणाम है कि पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने वर्षों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए PM मोदी का सम्मान किया।

PM मोदी का पापुआ न्यू गिनी जाना कई मायनों में दोनों देशों के लिए खास है। सबसे बड़ी बात यह है कि मोदी भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिसने पापुआ न्यू गिनी का दौरा किया है। इसके अलावा प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ आपसी संबंध और सहयोग को आगे बढ़ाने के नजरिए से भी यह यात्रा महत्वपूर्ण है। यही नहीं, वैश्विक मंचों पर बढ़ती साख और वैश्विक महाशक्ति की ओर अग्रसर भारत के साथ संबंध बनाने के लिए कोई भी देश आतुर होगा। ऐसे में पापुआ न्यू गिनी समेत FIPIC के सभी सदस्य देशों के लिए भारतीय प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद खास होगा।

PM ने भारतीयों से भी की मुलाकात

इस दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए वहाँ रहने वाले भारतीय भी बड़ी संख्या में पहुँचे थे। पीएम मोदी का स्वागत करने आए भारतीयों में पुरुषों और महिलाओं के अलावा बच्चे भी शामिल थे। ऐसे में पीएम मोदी ने लोगों से मिलकर उनका अभिवादन भी स्वीकार किया। कुछ लोग प्रधानमंत्री के लिए तोहफे भी लेकर आए थे।

‘तुझे बर्बाद कर दूँगा’: अब्दुल्ला मोमिन की प्रताड़ना से तंग हिन्दू छात्रा ने की आत्महत्या, कॉलेज आते-जाते भी करता था परेशान

गुजरात के नदियाड जिले में में एक मुस्लिम युवक की प्रताड़ना से एक हिन्दू युवती ने आत्महत्या कर ली है। इस मामले में पुलिस ने आरोपित अब्दुल्ला मोमिन को गिरफ्तार किया है। 22 वर्षीया मृतका नर्सिंग की छात्रा थी और उसके पिता पुलिस में हैं। आरोप है कि अब्दुल्ला मृतका को ब्लैकमेल कर रहा था। इस बात का खुलासा मृतका के अंतिम संस्कार के बाद उनके फोन में मिले सबूतों से हुआ है। फ़िलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला डाकोर क्षेत्र का है जहाँ मृतका अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पिता डाकोर पुलिस स्टेशन में तैनात थे। लड़की ने नडियाद के दिनशा पटेल कॉलेज से ग्रेजुएशन कर के नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। 10 मई 2023 को लड़की के घर वाले किसी रिश्तेदारी में एक शादी में गए थे। इस दौरान लड़की अपनी परीक्षा की बात बता कर घर पर ही रुक गई थी। 2 दिनों बाद 12 मई, 2023 को लड़की की माँ ने अपनी बेटी को कॉल किया तो फोन बंद मिला।

लड़की का फोन बंद मिलने के बाद उनकी माँ ने पड़ोसी को कॉल किया और जा कर हाल-चाल लेने की माँग की। पड़ोसी मृतका के घर पर पहुँचा और कई बार दरवाजा खटखटाया। अंदर से जब कोई जवाब नहीं मिला तो आखिरकार दरवाजा तोड़ा गया। घर में लड़की की लाश पड़ी मिली। मामले की जानकारी लड़की के परिवार वालों को दी गई। सूचना मिलने पर लड़की के परिजन फ़ौरन डाकोर पहुँचे। यहाँ से मृतका के शव को उनके गृहनगर ले जाया गया। यहाँ 18 मई को तमाम कानूनी औपचारिकताओं के बाद लड़की का अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम संस्कार के बाद 18 मई 2023 को मृतका के घर वालों ने उनका फोन चेक किया तो उन्हें अब्दुल्ला की ब्लैकमेलिंग के बारे में जानकारी मिली। मृतका के फोन में कई कॉल रिकार्डिंग और मैसेज ऐसे थे जिस से अब्दुल्ला की करतूत का खुलासा हुआ। आरोप है कि अब्दुल्ला लड़की को धमकी भी दे रहा था। इन्ही धमकियों से तंग आ कर आखिरकार लड़की ने आत्महत्या कर लिया। जाँच से दौरान पता चला है कि लड़की पहले अब्दुल्ला के साथ रिलेशनशिप में थी। थोड़े समय बाद वह अब्दुल्ला से दूरी बनाने लगी थी। इसी के चलते अब्दुल्ला उसे ब्लैकमेल करने लगा था।

बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला मोमिन न सिर्फ फोन पर पीड़िता को धमकी देता था बल्कि कॉलेज आने-जाने के दौरान भी उसे परेशान कर रहा था। लड़की ने कई बार उस से दूर रहने के लिए मिन्नत की लेकिन अब्दुल्ला नहीं माना। वह मृतका को परेशान करता रहा। कॉल रिकार्डिंग से यह भी पता चला है कि अब्दुल्ला ने लड़की का अफेयर किसी और से होने का आरोप लगा कर उसे दुनिया भर में बदनाम करने और ‘बर्बाद करने’ की भी धमकी दी थी। मौत से पहले अंतिम रिकार्डिंग में भी लड़की ने अब्दुल्ला मोमिन से जोर-जोर से कहा कि ‘तुमने मुझे मार डाला’। हालाँकि, इन चीखों का अब्दुल्ला पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

आखिरकार लड़की ने फाँसी लगा कर अपनी जान दे दी। मौत के बाद वह सारे सबूत अपने मोबाइल में छोड़ कर गई। पुलिस ने अब्दुल्ला मोमिन पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर के आगे की पूछताछ के लिए पुलिस ने 2 दिनों का कस्टडी रिमांड लिया है। मामले में आगे की जाँच चल रही है।

सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम की 26/11 जैसी साजिश: फाइव स्टार होटल का कर्मचारी ही निकला आतंकी, G-20 को लेकर कश्मीर में कड़े इंतजाम

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में होने जा रहे जी-20 के टूरिज्म वर्किंग ग्रुप (TWG) पर आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बदलाव किया है। पाकिस्तान की कुख्यात ISI के इशारे पर आतंकी संगठन 26/11 के मुंबई हमले की तर्ज पर जी-20 की बैठक में हमले की योजना बना रहे हैं।

आतंकियों की इस योजना का खुलासा सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पकड़े गए संदिग्ध फारूक अहमद वानी ने किया है। वानी एक पॉश होटल में काम करता था और आतंकियों के ओवर-ग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में काम करता था। OGW आतंकी घटनाओं में सीधे शामिल होने के बजाय आतंकियों को सूचना, लॉजिस्टिक, रसद, पैसे, आश्रय आदि उपलब्ध कराता था।

इस खुलासे के बाद जी-20 आयोजन स्थल के आसपास भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इतना ही नही, G-20 बैठक को लेकर घाटी अफवाहें फैलाने के लिए संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसको लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक सार्वजनिक सलाह जारी की है।

बताते चलें कि सुरक्षा बलों ने जी-20 से पहले कार्रवाई करते हुए अप्रैल 2023 के अंतिम सप्ताह में फारूक अहमद वानी को गिरफ्तार किया था। बारामूला के हैगाम सोपोर निवासी वानी गुलमर्ग के एक मशहूर फाइव स्टार होटल में ड्राइवर के तौर पर काम करता था। सूत्रों के मुताबिक, वह OGW के तौर पर आतंकी संगठनों से जुड़ा था और ISI के सीधे संपर्क में भी था।

पूछताछ के दौरान उसने बताया कि 22-24 मई 2023 को होने वाली इस बैठक के दौरान आतंकवादी होटल में घुसकर वहाँ आए विदेशी गणमान्य लोगों सहित सभी को निशाना बनाना चाहते थे। आतंकी मुंबई के ताज होटल में किए गए हमले की तर्ज पर लोगों को बंधक बनाना चाहते थे।

बताते चलें कि 26 नवंबर 2008 को अफजल कसाब और उसके साथियों ने ताज होटल पर हमला कर दिया था और लोगों को बंधक बनाने की कोशिश की थी। जो लोग आतंकियों के रास्ते में आए, उन्हें इन लोगों ने गोलियों से भून दिया था। इस दौरान जान-माल की काफी हानि हुई थी, लेकिन एक आतंकी कसाब को पकड़ लिया गया था।

फारूक अहमद वानी ने पूछताछ के दौरान यह भी कहा कि आतंकवादी जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान कश्मीर में एक साथ दो से तीन जगहों पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और खासकर श्रीनगर में सभी गतिविधियों पर सीसीटीवी और ड्रोन से नजर रखी जा रही है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर की विशेष दर्जे को खत्म करने के बाद भारत पहली बार कोई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कश्मीर में कर रहा है। इसमें 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इससे पाकिस्तान घबराया हुआ है। उसने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। वहीं, चीन ने भी पाकिस्तान का समर्थन करते हुए कश्मीर को विवादित बताते हुए यहाँ की बैठक में भाग लेने से मना कर दिया है।

आंदोलनजीवी से बने ट्रोलजीवी, अब राहुल गाँधी की शरण में: योगेंद्र यादव को महिला एंकर ने टीवी डिबेट में धोया, फिर ट्विटर पर लगा दी क्लास

स्वराज्य इंडिया के संस्थापक और आंदोलनजीवी योगेंद्र यादव को आज तक की पत्रकार चित्रा त्रिपाठी ने ‘ट्रोलजीवी’ कहते हुए ट्विटर पर जमकर लताड़ा है। दरअसल, चित्रा त्रिपाठी ने टीवी शो के दौरान देश में पहली बार हुए चुनावों के जातीय आँकड़े सामने रखे थे। योगेंद्र यादव ने शो के दौरान इसे ‘पीड़ा’ बताते हुए कई तरह के सवाल खड़े किए थे। इसके बाद वह इस मुद्दे को लेकर ट्विटर पर भी कूद पड़े। जहाँ चित्रा त्रिपाठी ने योगेंद्र यादव को उनका इतिहास बताते हुए करारा जवाब दिया।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार (18 मई 2023) को आज तक के डिबेट शो ‘दंगल’ से हुई। इस शो में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कॉन्ग्रेस को विभिन्न जातियों के वोटों को लेकर चर्चा हो रही थी। इस दौरान, चित्रा त्रिपाठी ने आजादी के बाद देश में पहली बार हुए विधानसभा चुनावों के आँकड़ें रखते हुए कहा था कि उस चुनाव में 22 राज्यों में से 13 राज्यों के मुख्यमंत्री ब्राह्मण थे। लेकिन मंडल कमीशन लागू होने के बाद खुद को बड़ा ओबीसी नेता बताने की होड़ मची हुई है। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने सिद्धरमैया को सीएम बनाते हुए भी ओबीसी कार्ड ही खेला है। साथ ही उन्होंने राहुल गाँधी द्वारा जातीय जनगणना का मुद्दा उठाने को लेकर भी योगेंद्र यादव से सवाल पूछा था। वीडियो में इसकी शुरुआत 5 मिनट 30 सेकंड के बाद और बाद में 13 मिनट के बाद से सुना जा सकता है।

इस सवाल का जवाब देते हुए योगेंद्र यादव ने पहली बार हुए चुनावों में 12 राज्यों के मुख्यमंत्री ब्राह्मण होने की बात को पीड़ा बता दी। हालाँकि टीवी डिबेट के दौरान चित्रा त्रिपाठी ने कहा था कि वह सिर्फ इतिहास के आँकड़े बता रहीं हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वह पहली बार हुए विधानसभा चुनावों के आँकड़े बता रहीं हैं और यह दिखाना चाहतीं हैं कि किन लोगों का प्रभाव था तो यह कोई गुनाह नहीं है।

इस टीवी डिबेट का एक वीडियो आज तक ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया था। इस वीडियो को रीट्वीट करते हुए योगेंद्र यादव ने लिखा, “मैने पूछ ही लिया कि ‘आज तक’ बार बार उस युग को क्यों याद कर रहा है जब अधिकांश मुख्यमंत्री और एक चौथाई सांसद ब्राह्मण होते थे? कहीं इसके पीछे कोई पीड़ा तो नहीं? या उस अतीत का मोह? जाहिर है सवाल मेरी ही नीयत पर उठाए गए।”

योगेंद्र यादव के इस ट्वीट के बाद चित्रा त्रिपाठी ने उन्हें जवाब दिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “योगेंद्र यादव जी आपकी व्यक्तिगत कुंठा को समझा जा सकता है। मुझे आपके साथ सहानुभूति है। पहले अन्ना आंदोलन में अपने आपको कामयाब करने की कोशिश। फिर पद नहीं मिलने पर केजरीवाल से अदावत। फिर स्वयंभू बनने की कोशिश स्वराज आंदोलन से, अंततोगत्वा राहुल गाँधी की शरण में ( जो एक जनेऊधारी ब्राह्मण हैं) मैं ये नहीं कहूँगी कि आप अतिपाखंडी हैं। मगर अपनी महत्वाकांक्षा के लिए मीठी ज़ुबान से समाज को विभाजित करना देश के साथ ग़द्दारी होती है। मेरा सवाल काट कर मुझे ट्रोल कराने के लिए धन्यवाद। ईश्वर आप पर रहम करे।”

इसके बाद योगेंद्र यादव ने जवाब देते हुए एक और ट्वीट किया। इस लंबे चौड़े ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अरे,आप तो सड़क छाप गाली गलौज पर उतर आईं। सवाल का जवाब आरोप और जन्मपत्री से वही लोग देते हैं जिनके पास तर्क न बचे हों। अगर यूरोप अमरीका के टीवी पर इस तरह की बात कही जाती ऐसे “white supremacism” के लिए एंकर ही नहीं पूरी चैनल को माफ़ी माँगनी पड़ती। खैर, कुछ और सवाल व एक प्रस्ताव:

1.) क्या आज तक और इंडिया टुडे का एग्जिट पोल यह नहीं दिखाता कि कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को पिछड़ों के वोट में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई? फिर कॉन्ग्रेस की जीत को पिछड़ी जातियों के समीकरण से जोड़ने की उतावली क्यों? आखिर यह मानने से परहेज क्यों हैं कि बीजेपी अपने निकम्मेपन और भ्रष्टाचार के कारण हारी?

2.) अगर यह विश्लेषण करना भी था तो कर्नाटक के सन्दर्भ में यह उद्घोष क्यों जरूरी था कि एक जमाने में देश में 13 ब्राह्मण मुख्यमंत्री और एक चौथाई ब्राह्मण सांसद थे?

3.) आपने शो में कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता के बार-बार यह सही सवाल पूछा कि उनकी सरकार ने 2011 के सर्वे की रिपोर्ट जारी क्यों नहीं की। लेकिन मेरे दो बार याद दिलाने के बाद भी बीजेपी के प्रवक्ता से यह क्यों नहीं पूछा कि उन्होंने 2010 में जाति जनगणना और 2018 में ओबीसी जनगणना का समर्थन क्यों किया था?

4.) मैंने आपका कौनसा सवाल काटा है? ‘आज तक’ ने जो क्लिपिंग जारी की, बस उसे फॉरवर्ड किया है। इतना झूठा आरोप क्यों?

5.) अगर आप मेरे बारे में यह राय रखती हैं तो शो में मुझे ‘वरिष्ठ’, ‘पढ़ा-लिखा’ और ‘आदरणीय’ वगैरा क्यों बता रही थीं? आप शो में झूठ बोलती हैं? मुझे विश्वास है कि इन सब सवालों पर ‘आज तक’ में मुझसे चर्चा करने का समय निकलेंगी। मुझे इंतज़ार रहेगा।”

योगेंद्र यादव के इस ट्वीट के जवाब में चित्रा त्रिपाठी ने ‘कहानी खत्म’ करने के अंदाज में एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने योगेंद्र यादव को उनका इतिहास याद दिलाया है। चित्रा ने लिखा, “आपने शुरू किया है तो मैं अंत कर देती हूँ। इसके बाद आप ट्वीट और टैग करते रहिएगा। कई बार इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है कि- फलाँ पढ़ा लिखा ‘जाहिल’ है। वैसे ये मैं आपको नहीं बोल रही हूँ। मुझे ये तब तक नहीं लगता था जब तक आप एक्सपोज़ नहीं हो गए।”

उन्होंने आगे लिखा, “आपका इतिहास- अन्ना के आंदोलन में कॉन्ग्रेस को गाली। अरविंद से झगड़े के बाद उनको गाली मौजूदा वक्त में गरीब और पिछड़े समाज से आने वाले ‘मोदी’ जी को गाली। फिर राहुल जी की भारत जोड़ो यात्रा में जाकर उसके बाद TV पर आकर उसी कॉन्ग्रेस पार्टी की पहली सरकार को गाली। उसी डिबेट शो में पहली विधानसभा से चुने हुए अलग-अलग राज्यों के कॉन्ग्रेस के मुख्यमंत्रियों को गाली आपने नेहरु-अंबेडकर-पटेल की पहली बनाई सरकार पर टिप्पणी की। जिसको कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए मैंने भी वही किया। थोड़ा सा इतिहास का रिफ्रेंस क्या दे दिया मैंने- आप तो ट्रोलजीवी बन गए।”

‘19000 हिंदू देवता हैं लेकिन एक भी…’ : कॉमेडी के नाम पर जरना गर्ग ने उड़ाया भगवान का मजाक, भारतीय नेटीजन्स ने लगाई क्लास

कॉमेडी के नाम पर हिंदू मान्यताओं का मजाक उड़ाना कोई नई बात नहीं रह गई है। अधिकतर स्टैंडअप कॉमेडियन किसी न किसी तरह से हिंदू धर्म का मखौल उड़ाते नजर आ जाते हैं। हाल में ये काम कॉमेडियन जरना गर्ग ने किया है। जरना ने प्राइम वीडियो पर आई अपनी कॉमेडी वीडियो- वन इन अ बिलियन में हिंदू देवी-देवताओं का मजाक बनाया। उनकी वीडियो की क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

इस क्लिप में जरना गर्ग को कहते सुना जा सकता है, “मैं और मेरे पति दोनों हाइट में छोटे हैं। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हमारा लड़का लंबा हो। लेकिन हिंदुओं में लंबाई देने वाले कोई देवता हैं ही नहीं।” जरना आगे देवी-देवताओं के साथ भारतीयों का मजाक उड़ाते हुए कहती हैं, “19000 हिंदू देवता हैं लेकिन एक भी देवता उस चीज के लिए नहीं है जिसकी भारतीयों को सबसे ज्यादा जरूरत है।”

जरना आगे कहती हैं, “मेरा मतलब है कि ये एक्स्ट्रा बाजू लेकर क्या करें अगर आप कहीं पर पहुँच ही नहीं सकते हो।”

जरना की यह वीडियो देखने के बाद अब सोशल मीडिया पर उनके ऊपर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्हें कहा जा रहा है कि जरना अपने आपको कॉमेडियन दिखाने के चक्कर में पहले ही फालतू जोक मारती थीं और अब उन्होंने इसके लिए हिंदू देवी-देवताओं का मजाक बनाने का सहारा ले लिया है।

इतना ही नहीं इस वीडियो से हिंदू इतने आहत हैं कि प्रदेशों की पुलिस को टैग करके जरना के खिलाफ एफआईआर करने को कहा जा रहा है। यूजर्स का यही पूछना है कि आखिर कॉमेडी में तड़का देने के लिए सिर्फ हिंदुओं का मजाक क्यों उड़ाया जाता है।

बता दें कि जरना न्यूयॉर्क में एक भारतीय आप्रवासी हैं। इंस्टा और टिकटॉक जैसे माध्यमों पर वह अपनी वीडियोज लगातार शेयर करती रहती हैं। उनकी जिस वीडियो पर यह सारा बवाल हुआ वो अमेजन प्राइम पर 16 मई को ही आई है। इसका नाम जरना गर्ग-वन इन अ बीलियन है। इस वीडियो में उन्होंने कई और पंच मारकर कॉमेडी करने की कोशिश की है। जैसे उन्होंने माथे पर लगाई बिंदी का भी इस वीडियो में मजाक उड़ाया है।