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‘दंगानाथ के नेतृत्व में MP विधानसभा चुनाव लड़ेगी कॉन्ग्रेस?’: सिख नरसंहार में जगदीश टाइटलर के खिलाफ CBI की चार्जशीट, लोग बोले – अगला नंबर कमलनाथ का

1984 में हुए सिख नरसंहार का मुद्दा एक बार फिर से गर्म हो गया है। CBI ने 3 लोगों की हत्या के एक मामले में चार्जशीट दायर की है। IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-302 के तहत ये चार्जशीट दायर की गई है। इसमें कॉन्ग्रेस के नेता जगदीश टाइटलर का भी नाम है, जिन्हें अब भी पार्टी की बैठकों में देखा जाता है। सिखों के अघिवक्ता HS फूलका ने बताया कि नानावटी कमीशन के सामने पीड़ित पक्ष ने सारे तथ्य रख दिए थे।

इसके बाद आयोग ने जगदीश टाइटलर के विरुद्ध केस दर्ज करने की सलाह भी दी थी। लेकिन, उस समय केंद्र में डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। यूपीए सरकार ने इस सलाह को ख़ारिज कर दिया। हालाँकि, संसद में इसका विरोध करने के बावजूद बाद में सरकार को अपना स्टैंड बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। एचएस फूलका ने बताया कि CBI ने उस समय 2-3 बार जगदीश टाइटलर को क्लीन चिट भी दे दी थी, लेकिन अदालत ने इसे नकार दिया।

उधर मध्य प्रदेश में भी ये मामला गर्मा गया है। भाजपा ने पूछा है कि क्या कॉन्ग्रेस पार्टी सिख नरसंहार के आरोपित कमलनाथ के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी? राज्य के मेडिकल एजुकेशन मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद हुए सिख नरसंहार में जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार के अलावा कमलनाथ का भी नाम आया था। तीनों कॉन्ग्रेस के ही नेता हैं। उन्होंने कहा कि CBI इस मामले की जाँच कर रही है, कमलनाथ पर भी चार्जशीट दायर होगी।

उधर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर कमलनाथ के विरोध में ‘दंगानाथ’ का ट्रेंड भी चलाया। उन्हें खतरनाक व्यक्ति बताते हुए लोगों ने माँग की है कि उन्हें जेल भेजा जाए। लोगों ने कहा कि कमलनाथ के हाथ सिखों के खून से सने हुए हैं, इसके बावजूद कॉन्ग्रेस उन्हें बड़ा पद देती रही है। जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार के बाद अगला नंबर कमलनाथ का बताया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कमलनाथ सिख भाई-बहनों के हत्यारे हैं।

ढाई साल से चल रही थी लव स्टोरी, शादी के टाइम प्रेमी भाग निकला: दुल्हन ने 20 किमी पीछा कर पकड़ा, मंदिर में लिए फेरे

उत्तर प्रदेश के बरेली की एक शादी चर्चा में है। भूतेश्वर नाथ मंदिर में शादी की तैयारी पूरी थी। लेकिन अंतिम समय में लड़के का मूड बदल गया और वह गायब हो गया। इसके बाद लड़की ने करीब 20 किलोमीटर पीछा कर उसे पकड़ा और फिर मंदिर में लाकर फेरे लिए। बताया जा रहा है कि लड़का-लड़की करीब ढाई साल से प्रेम संबंध में थे।

रविवार (21 मई 2023) को आपसी सहमति से यह प्रेमी जोड़ा शादी करने पहुँचा था। लेकिन अचानक लड़के का मूड बदला और मौका पाकर वह मंडप छोड़कर भाग निकला। जब वह काफी देर तक नहीं लौटा तो दुल्हन के सब्र का बाँध टूट गया। फिर वह अपने परिवार वालों के साथ मिलकर उसे तलाशने में जुट गई। आखिरकार दो घंटे के बाद दुल्हे को खोज लिया गया और हाई वोल्टेड ड्रामे के बाद दोनों का विवाह संपन्न हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली के पुराना शहर की रहने वाली युवती का ढाई साल से बिसौली (बदायूँ का क्षेत्र) के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब लड़की के घरवालों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने दोनों की शादी तय कर दी। प्रेमी भी शादी के लिए राजी था। इसके बाद रविवार को भूतेश्वर नाथ मंदिर में शादी की सभी तैयारियाँ की गई। लेकिन यहाँ पहुँचने के बाद लड़का चकमा देकर भाग निकला।

काफी देर तक इंतजार करने के बाद लड़की ने प्रेमी को फोन किया। उससे पूछा कि वह कहाँ है। लड़के ने कहा कि वह अपनी माँ को बुलाने के लिए बिसौली जा रहा है। इतना सुनते ही दुल्हन को उस पर शक हुआ और वह अपने घरवालों के साथ तुरंत मंडप से निकली और लड़के की तलाश में निकल पड़ी। करीब 20 किमी पीछा करने के बाद लड़का एक बस में बैठा दिखा। फिर उसे बस से उतारकर मंडप तक लाई। इसके बाद मंदिर में पुरोहित ने विधि-विधान से दोनों का विवाह संपन्न करवाया।

यूपी में 4000 मदरसों को विदेशी फंडिंग, नेपाल और बांग्लादेश से लेकर अरब तक से आ रहे पैसे: कानूनी कार्रवाई की तैयारी में योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के 4000 मदरसों को विदेशी फंडिंग मिलने की बात सामने आई है। बता दें कि नवंबर 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मदरसों का सर्वेक्षण कराया था, जिसमें 8441 मदरसे अवैध मिले थे। अब परीक्षाएँ खत्म हो गई हैं, ऐसे में राज्य का अल्पसंख्यक विभाग कार्रवाई करने में जुट गया है। अधिकतर मदरसा संचालकों ने जकात को ही अपनी आय का प्रमुख स्रोत बताया था, यानी मुस्लिमों द्वारा दिया जाने वाला दान।

अब शुरुआती जाँच में सामने आया है कि नेपाल और बांग्लादेश के अलावा अरब के मुल्कों से भी फंडिंग आ रही है। गरीब मुस्लिमों को मुख्य धारा से जोड़ने की बात करते हुए अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पुलिस के साथ मिल कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मौलवी बनने से उनका भला नहीं होगा, उन्हें NCERT की किताबें पढ़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिमों के बच्चे भी अधिकारी बनेंगे।

बता दें कि पिछले साल 10 सितंबर से लेकर 15 नवंबर तक मदरसों का सर्वे हुआ था, जिसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया था। 2017 से मदरसों को मान्यता देनी भी बंद कर दी गई है, कारण है उनका मानकों पर खड़ा न उतरना। यूपी में फ़िलहाल 15,613 मदरसे संचालित हैं, जिनमें से कइयों का कहना है कि कागज देने के बावजूद मान्यता न मिलने के कारण वो दीनी तालीम देने के लिए मदरसे चला रहे हैं। खासकर सीमावर्ती जिलों के मदरसों में फंडिंग में गड़बड़ी है।

ये जिले हैं – महाराजगंज, पीलीभीत, लखीमपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर। इन मदरसों के पास आय के स्रोत को लेकर कोई स्पष्ट कागजात नहीं हैं। मदरसों को कह दिया गया है कि भले ही वो उर्दू में पढ़ाएँ, लेकिन NCERT पढ़ाना ही पड़ेगा। अब ऐसे मदरसों पर क़ानूनी शिकंजा कसा जाएगा। सर्वे में मुख्यतः 12 सवाल पूछे गए थे। मदरसों को कम्प्यूटर से जोड़ने को लेकर भी योगी सरकार प्रयासरत है और जो मदरसे मानकों को पूरा कर रहे हैं उन्हें मान्यता देने में कोई परहेज भी नहीं है।

बजरंग पूनिया को आवंटित कर दी गई दलितों की खेती वाली 4 एकड़ जमीन, विरोध में उतरे ग्रामीण: कहा – ये अवैध फैसला, धोखे से बैठक में लिया हस्ताक्षर

हरियाणा के झज्जर में स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। कारण – पहलवान बजरंग पूनिया को यहाँ के भापडौदा गाँव में 4 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। बता दें कि बजरंग पूनिया ने 2020 में जापान की राजधानी टोक्यो में हुए ओलंपिक गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन हाल के महीनों में वो पहलवानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं। बजरंग पूनिया ने ये 4 एकड़ जमीन सरकार से ‘रेसलर्स एकेडमी’ बनाने के नाम पर ली है। अब स्थानीय लोग इसके खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि इस जमीन को अवैध तरीके से आवंटित किया गया है। उन्होंने ये भी दावा किया कि इस अवैध आवंटन में ‘पंचायत कमिटी’ भी शामिल है। असल में ग्रामीणों का कहना है कि गाँव में पहले से ही ‘अर्जुन अवॉर्ड’ विजेताओं के अलावा कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बजरंग पूनिया को जमीन दे दी गई। असल में यहाँ का पंचायत सेक्रेटरी सरकार का प्रतिनिधित्व करता है।

उनका कहना है कि पंचायत सचिव भी इस अवैध जमीन आवंटन में शामिल है। ग्रामीणों की माँग है कि इसकी विस्तृत जाँच शुरू की जाए, वो भी एक सप्ताह के भीतर। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इसकी शिकायत करने की भी बात कही है। साथ ही ज़रूरत पड़ने पर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही गई है। उन्होंने कहा कि वो किसी कीमत पर यहाँ रेसलर्स एकेडमी बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत के एक सदस्य ने भी जमीन आवंटन में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि किसी अन्य मुद्दे को लेकर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उसमें कुछ दस्तावेजों पर सभी को हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। उक्त पंचायत सदस्य ने बताया कि ये बजरंग पूनिया को 4 एकड़ जमीन के आवंटन का कागज था, जिसे पढ़ने के बाद उन्होंने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। बजरंग पूनिया ने 5 एकड़ तक जमीन की माँग की थी।

पंचायत सदस्य ने बताया कि जब उसने अपने वरिष्ठों से इस संबंध में बात की तो वो काफी खुश थे। ग्रामीणों को कहा गया कि उनके बच्चों को मुफ्त में इस रेसलर्स एकेडमी में प्रशिक्षण मिलेगा, इसीलिए वो भी मान गए। एक और बड़ी बात ये है कि ये जमीन अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की है, जिसका कृषि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कहा जा रहा है कि ये दलित परिवार उसी जमीन की वजह से रोजी-रोटी चलाते हैं, ऐसे में उनकी स्थिति दयनीय हो जाएगी।

अंत में ये भी बता दें कि अब तक जमीन आवंटन पर कानूनी मुहर नहीं लगी है। गाँव के सरपंच के प्रतिनिधि प्रमोद पर भी आरोप है। बताया जा रहा है कि व्यक्तिगत संबंधों में उसने ऐसा किया है। जिला प्रशासन से इस संबंध में शिकायत कर दी गई है। एक पंच ने आरोप लगाया कि दलितों का हक़ मार कर ऐसा किया जा रहा है। जिला उपयुक्त ने भी बताया कि भापडौदा गाँव के लोग उनके पास शिकायत लेकर आए थे। उन्होंने जाँच के बाद सच्चाई सामने आने की बात कही।

हार से बौरा गए हैं RCB फैन्स, हाफ सेंचुरी वाले विजय शंकर को भी दे रहे गंदी-गंदी गाली: शुभमन गिल और उनकी बहन को भी बना रहे टारगेट

आईपीएल 2023 से आरसीबी के बाहर होने के बाद टीम के फैन्स इतना भड़के हुए हैं कि दूसरी टीम के प्लेयरों को सोशल मीडिया पर गाली दे रहे हैं। पहले शुभमन गिल को उनकी सेंचुरी बनाने पर भला-बुरा बोला गया। अब देखने को मिल रहा है कि विजय शंकर को भी आरसीबी के फैन्स ने उलटा सीधा बोला है। विजय ने गुजरात टाइटन्स की ओर आरसीबी के खिलाफ खेले गए मैच में हाफ सेंचुरी जड़ी थी।

नीचे स्क्रीनशॉट्स में देख सकते हैं, विजय शंकर को उनके अच्छे प्रदर्शन पर कोसा जा रहा है। एक यूजर ने उन्हें लिखा, “आज क्या खाकर आया है साले”,
एक ने गाली देकर लिखा- “कभी इंडिया के लिए भी अच्छा पर्फॉर्म कर लिया कर।”

आरसीबी का एक फैन लिखता है, “ये तब बिलकुल नहीं खेलता जब इसने नीली जर्सी पहनी हो। पैसे के लिए आजकल सब खेलते हैं।”

इसी तरह एक इंस्टा यूजर ने विजय शंकर के लिए लिखा, “सर आपके इंटरनेशनल में रन नहीं बनते हैं। पूरे साल आप लोग रन नहीं बनाते। आरसीबी के मैच में रन न बनाते तो कुछ चला जाता है। आप लोग फाइनल में हारोगे चाहे तो देख लेना।”

बता दें कि 21 मई को इंडियन प्रीमियर लीग 2023 के 70वें मैच में गुजरात टाइटन्स के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज विजय शंकर ने 34 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था। शंकर ने 151.43 के स्ट्राइक रेट से 35 गेंदों पर 53 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 7 चौके और 2 छक्के जड़े और शुभमन गिल के साथ मिलकर 123 रनों की साझेदारी की थी। क्रिकेट प्रेमी जहाँ ऐसी पारी देखकर उनकी तारीफ कर रही थी। वहीं केवल आरसीबी फैन्स उनको गाली दे रहे थे।

विजय शंकर से पहले आरसीबी फैन्स ने गुजरात टाइटन्स शुभमन गिल को बहुत उल-जुलूस बातें कही थीं। आरसीबी के फैन्स ने शुभमन के साथ उनकी बहन को भी गाली दी थी। उनकी इंस्टा आईडी दे देकर ट्रोलर्स को उन्हें ट्रोल करने को कहा था।

उल्लेखनीय है कि ये पहली दफा नहीं है जब विराट कोहली के फैन्स इस तरह उनके हारने के पीछे सामने वाली टीम के खिलाड़ी को गाली देते दिखे हों। इससे पहले मुंबई इंडियंस के कैप्टन राहुल शर्मा और चेन्नई सुपर किंग्स के एमएस धोनी को भी कोहली फैंस ने गालियाँ बकीं हैं।

पहले चरण स्पर्श, अब FIPIC देशों का सर्वोच्च सम्मान: फिजी-पलाऊ ने भी PM मोदी को किया सम्मानित, पापुआ न्यू गिनी बोला- भारत हमारा लीडर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में भारत वैश्विक लीडर बनकर उभरा है। न केवल विकसित,बल्कि विकासशील और गरीब देश भी भारत के नेतृत्व को स्वीकार कर रहे हैं। इसी कड़ी में फोरम फॉर इंडिया पैसिफिक आईलैंड को-ऑपरेशन (FIPIC) के तीन देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया है।

प्रधानमंत्री को सम्मानित करने वाले देशों में पापुआ न्यू गिनी, फिजी और पलाऊ शामिल हैं। फिजी और पलाऊ ने पीएम मोदी को अपने देश के सर्वोच्च अवॉर्ड से सम्मानित किया है। पापुआ न्यू गिनी ने भारत को गरीब और विकासशील देशों का नेता बताया है। इससे पहले जब FIPIC की बैठक में शामिल होने के लिए 21 मई 2023 को प्रधानमंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी में लैंड किया तो उनके समकक्ष जेम्स मारापे ने एयरपोर्ट पर पैर छूकर उनका स्वागत किया था।

फिजी ने पीएम मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान ‘कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान फिजी के पीएम सितिवेनी राबुका की ओर से पीएम मोदी को दिया गया। यह पुरस्कार अब तक बेहद कम गैर-फिजी लोगों को मिला है। सम्मानित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों, भारत और फिजी के सदियों पुराने रिश्तों का है। इसके लिए मैं आपका और राष्ट्रपति जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”

पापुआ न्यू गिनी ने भी पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने सोमवार (22 मई 2023) को तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग (FIPIC) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “हम विकसित देशों के पावरप्ले के पीड़ित हैं। भारत ग्लोबल साउथ यानी विकासशील और गरीब देशों का लीडर है। वैश्विक मंचों पर हम आपके (भारत) नेतृत्व में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँगे।”

वहीं, पलाऊ गणराज्य के राष्ट्रपति सुरंगेल व्हिप्स जूनियर ने पीएम मोदी को ‘एबकल पुरस्कार’ (Ebakl Award) भेंट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पापुआ न्यू गिनी के पीएम जेम्स मारापे के साथ तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग (FIPIC) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत बिना किसी झिझक के प्रशांत द्वीप देशों के साथ अपने अनुभव और क्षमताओं को शेयर करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “भारत को आपके विकास का भागीदार होने पर गर्व है। आप हमारे देश पर एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में भरोसा कर सकते हैं। हम बिना किसी हिचकिचाहट के आपके साथ अपने अनुभव और क्षमता को साझा करने के लिए तैयार हैं।”

पीएम मोदी का पैर छूकर स्वागत

इससे पहले पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का पैर छूकर उनका स्वागत किया था। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पीएम मोदी पापुआ न्यू गिनी जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। पापुआ न्यू गिनी की परंपरा है कि सूर्यास्त के बाद वहाँ आने वाले विदेशी मेहमानों का स्वागत नहीं किया जाता। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, कूटनीति और रणनीतिक कुशलता का ही परिणाम है कि पापुआ न्यू गिनी ने वर्षों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए PM मोदी का सम्मान किया।

पंजाब में डंडे-तलवारों के साथ चर्च पर हमला, दावा- निहंगों ने की बाइबिल की बेअदबी भी: ईसाई पक्ष ने भी चलाए ईंट-पत्थर

पंजाब के अमृतसर में रविवार (21 मई, 2023) को लोगों द्वारा चर्च पर हमला किया गया। हमलावरों को निहंग सिख बताया जा रहा है। यह हमला चल रही ईसाई प्रार्थना के दौरान किया गया। इस वजह से दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हालात तनावपूर्ण हो गए। घटनास्थल पर नारेबाजी और पत्थरबाजी भी हुई। मौके पर पहुँची पुलिस ने स्थिति को काबू किया। ईसाइयों ने निहंगों पर बाइबिल की बेअदबी का आरोप लगा कर कार्रवाई की माँग की है।

वहीं हमलावरों ने सिखों की वेशभूषा में ईसाईयत के प्रचार पर एतराज जताया है। पुलिस की मानें तो अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावर निहंग ही थे या कोई और। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना रविवार (21 मई, 2023) की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला अमृतसर के गाँव राजेवाल का है। यहाँ के सिखपाल राणा मिनिस्ट्रीज चर्च में 21 मई को दोपहर के समय प्रार्थना चल रही थी। प्रार्थना के ही दौरान निहंगों के वेश में लगभग 25 हमलावर अपने चेहरों को ढँक के आ धमके।

उनके हाथों में डंडे और तलवारें थीं। आरोप है कि हमलावरों ने आते ही चर्च में मौजूद लोगों से मारपीट शुरू कर दी। बाहर खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई और चर्च में रखी बाइबिल की भी बेअदबी हुई। इस अचानक हुए हमले से पहले तो अफरातफरी मची गई और बाद में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस से हालात तनावपूर्ण हो गए।

बताया जा रहा है कि निहंगों के हमले के जवाब में ईसाई पक्ष से भी ईंट-पत्थर चलाए गए। इस दौरान दोनों तरफ से धार्मिक नारेबाजी भी की गई। हमलावरों का आरोप था कि चर्च के अंदर सिखों के वेश में प्रार्थना करवाई जाती है जिस पर उन्हें एतराज है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस पहुँची। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग किया और समझाया। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सतिंदर सिंह के मुताबिक अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर के जाँच की जा रही है।

‘लाइव हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार निहंग समूहों ने इस घटना में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने ऐसे हमलों के लिए निहंगों की पोशाक पहनने पर भी आपत्ति जताई है। अमृतसर ग्रामीण सतिंदर सिंह के मुताबिक, केस दर्ज कर के जाँच की जा रही है। हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, पुलिस की जांच हमले का मकसद पता करना भी शामिल है।

इस हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दौड़ रहे निहंगों के हाथों में हथियार और डंडे देखे जा सकते हैं। कुछ लोग खुले मैदान और कुछ सड़क की तरफ भाग रहे हैं। ईसाई पक्ष खुद को पीड़ित बताते हुए अपने टूटे वाहन दिखा रहा है। पादरी जॉन का कहना था कि वो लोग चुपचाप प्रार्थना कर रहे थे कि अचानक ही हमला कर दिया गया। उन्होंने निहंगों पर सख्त कार्रवाई न होने पर पूरे पंजाब में चक्का जाम करने और उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होने का एलान किया।

बताया जा रहा है कि घटना के बाद ईसाई समुदाय के लोगों ने ण्डली ने जंडियाला गुरु-तरनतारन मार्ग पर दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया और ट्रैफिक जाम किया। पंजाब अल्पसंख्यक आयोग सुभाष थोबा ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। ईसाई समूहों का कहना है कि वो इस मामले को मुख्यमंत्री भगवंत मान के आगे उठाएँगे।

गौरतलब है साल 2021 में, SGPC ने पंजाब में हो रहे धर्मांतरण को रोकने के लिए डोर-टू-डोर अभियान की शुरुआत की थी। इसी के साथ पंजाब में चर्चों पर हमलों में भी वृद्धि हुई है। अगस्त 2022 में अमृतसर के ददुआना गाँव में एक ऐसी ही घटना में निहंगों ने जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप में ईसाइयों के एक कार्यक्रम को बाधित कर दिया था।

दिल्ली के जिस स्कूल ने ‘जय श्री राम’ पर छात्रों को दी सज़ा, उसकी वेबसाइट हैक: दिख रहे केवल राम ही राम, बैकग्राउंड भगवा

दिल्ली के जिस स्कूल में रविवार (20 मई, 2023) को छात्रों ने जय श्री राम बोलने पर खुद को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था, उसकी वेबसाइट हैक हो गई है। हैकर ने पूरी वेबसाइट का बैकग्राउंड रंग भगवा कर दिया। वेबसाइट पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘जय श्री राम लिख’ दिया गया है। इसी के साथ भगवान राम की कई तस्वीरें भी स्कूल की होम स्क्रीन पर दिखाई दे रहीं हैं। खास बात ये है कि इस हैकिंग की जानकारी स्कूल को थी ही नहीं। हालाँकि, थोड़े समय बाद ही स्कूल प्रशासन ने इसमें सुधार कर लिया।

यह मामला दिल्ली के मयूर विहार स्थित वनस्थली पब्लिक स्कूल का है। यहाँ 20 मई को हिंदू संगठनों ने स्कूल में छात्रों के कलावा कटे जाने और भगवान राम का पोस्टर फाड़ने के आरोप में प्रदर्शन किया था। 22 मई (सोमवार) को इस स्कूल की वेबसाइट पर भगवान राम का चित्र होम स्क्रीन पर दिखने लगा। स्क्रीन पर भगवान राम के धनुष-बाण सहित फोटो के साथ बजरंग बली की भी फोटो दिखाई देने लगी। ये फोटो स्क्रॉल हो रहे थे।

इन तस्वीरों के ऊपर लिखा था, “हिन्दुओं की सहिष्णुता को उनकी कमजोरी समझने की भूल मत करो। हमें उकसाना बंद करो। हमारे धैर्य की प्रतीक्षा मत लो।”

वनस्थली स्कूल की वेबसाइट

इन सभी के नीचे ‘हमारे मंदिर’ नाम के एक वेरिफाइड ट्विटर हैंडल का फोटो भी आ रहा था। जब ऑपइंडिया ने वेबसाइट में हुए इस बदलाव के बारे में वनस्थली स्कूल में प्रशासनिक विभाग के अधिकारी महेश शर्मा से बात की तो उन्हें इसके बारे में पता ही नहीं था। पहले तो वो मामले से अनजान बने रहे, फिर कुछ देर बाद कुछ भी न दिखने की बात कही। अंत में महेश शर्मा ने कहा, “भगवान राम का फोटो जय श्री राम लिख कर आ रहा है तो गलत क्या है?” हालाँकि, थोड़े समय बाद स्कूल की वेबसाइट फिर से पहले जैसी हो गई।

गलती की शुरुआत छात्रों से: स्कूल का दावा

वनस्थली स्कूल के प्रशासनिक विभाग के अधिकारी महेश शर्मा ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि इस पूरे विवाद की शुरुआत छात्रों की गलती से हुई। उन्होंने कहा कि कुछ छात्र स्कूल के बाहर बाइक से ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए गलत तरीके से ड्राइविंग कर रहे थे, जिन्हें रोकने और अगले दिन डाँटने के लिए बुलाने पर ये सारा विवाद शुरू हुआ। बकौल महेश शर्मा, वो भी राम के नाम का सम्मान करते हैं। लेकिन स्कूल का अनुशासन बरकरार रहना चाहिए।

महेश शर्मा ने इस पूरे मामले में आरोपित किए गए टीचर अनूप और रवि के निलंबन की पुष्टि की। उन्होंने यह भी कहा कि तीसरी टीचर रितु छुट्टी पर चली गई हैं। जब हमने उनसे सवाल किया कि अगर स्कूल प्रशासन गलती छात्रों की मानता है तो टीचरों को सस्पेंड क्यों किया गया तो इसके जवाब में उन्होंने मैनेजमेंट द्वारा यह कदम जनभावना को शांत करने के लिए उठाया गया बताया।

मंदिर में पूजा से होती है काम की शुरुआत

वनस्थली स्कूल का माहौल पूरी तरह से धार्मिक बताते हुए महेश शर्मा ने कहा कि वहाँ सुबह पूजा से ही काम की शुरुआत होती है। स्कूल की कई अलग-अलग जगहों पर ब्रांच बताते हुए उन्होंने कहा कि हर स्कूल के कैम्पस में एक मंदिर बना हुआ है जो हम लोगों की राम के प्रति श्रद्धा को दर्शाता है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि हमारे स्कूल में पढ़ाई का वातावरण धर्म निरपेक्ष है क्योंकि यहाँ सभी धर्म के बच्चे पढ़ते हैं।

गौरतलब है कि वनस्थली स्कूल के कुछ छात्रों ने स्कूल के 3 खेल टीचरों अनूप, रवि और रितु पर अपना कलावा काटने और भगवान राम का नाम लेने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि 5 छात्रों को स्कूल की तरफ से सस्पेंड भी कर दिया गया था। हालाँकि, हिन्दू संगठनों के प्रदर्शन के बाद सभी छात्रों को बहाल करने के साथ उन्हें स्कूल के प्रशासन की तरफ से कलावा बाँधा गया था।

कर्नाटक के नए CM सिद्धारमैया के खिलाफ सरकारी टीचर ने लिखा FB पोस्ट, कुछ देर बाद सस्पेंड: प्रशासन ने कहा- नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई

कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के कानुबेनहल्ली में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के एक शिक्षक को फेसबुक पोस्ट पर निलंबित कर दिया गया। शिक्षक का नाम शांतन मूर्ति है। टीचर के खिलाफ यह कार्रवाई सिर्फ इसलिए हुई है क्योंकि उन्होंने प्रदेश के नए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की फ्री नीतियों के कारण बढ़ रहे कर्जे की पोल अपने पोस्ट में खोली थी।

जिस फेसबुक पोस्ट को लेकर उन पर यह कार्रवाई हुई है उसमें उन्होंने लिखा था पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में कर्जा… एसएम कृष्णा के दौरान कर्ज 3590 करोड़ रुपए था। जबकि धरम सिंह के वक्त 15635 करोड़ रुपए, एचडी कुमारस्वामी के कार्यकाल में 3545 करोड़ रुपए, बीएस येदियुरप्पा के समय 25653 करोड़ रुपए, डीवी सदानंद गौड़ा के रहते 9464 करोड़ रुपए, जगदीश शेट्टार में 13464 करोड़ रुपए था। लेक‍िन सिद्धारमैया के कार्यकाल के दौरान यह कर्ज 2,42,000 करोड़ रुपए हो गया था।

शिक्षक ने अपने पोस्ट के जरिए बताया था कि कृष्णा के समय से लेकर शेट्टार तक मुख्यमंत्रियों द्वारा लिया गया ऋण 71,331 करोड़ रुपए था, लेकिन सिद्धारमैया के शासनकाल में यह 2,42,000 करोड़ रुपए तक पहुँच गया था। इस पोस्ट में लिखा था, “इसलिए उनके लिए (सिद्धारमैया) मुफ्त उपहारों की घोषणा करना आसान है।”

इस फेसबुक पोस्ट के आधार पर चित्रदुर्ग जिले के पब्लिक इंस्ट्रक्शन के डिप्टी डायरेक्टर के रविशंकर रेड्डी ने होसदुर्गा तालुक के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एल जयप्पा को शिक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीचर ने ऐसा पोस्ट लिखकर कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम-1966 का उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी कहा क‍ि श‍िक्षक के विरुद्ध आगे की कार्रवाई करने से पहले विभागीय जाँच करवाई जाएगी।

बता दें कि शिक्षक के खिलाफ हुई कार्रवाई का सोशल मीडिया पर काफी विरोध हो रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या ये फासीवाद नहीं है क्या जो केवल सीएम की आलोचना पर टीचर सस्पेंड कर दिया गया। यूजर्स का सवाल है कि अगर ऐसा कुछ भाजपा के शासनकाल में हुआ होता तो अब तक हल्ला मच जाता।

मैदान में शुभमन गिल ने मारी सेंचुरी, सोशल मीडिया में उनकी बहन को ‘वेश्या’ बता रहे RCB फैंस: गुजरात टाइटंस के क्रिकेटर की मौत की भी कामना

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम के आईपीएल 2023 से आउट होने के बाद अब इसके फैन क्रिकेटर शुभमन गिल और उनकी बहन को जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं। दरअसल 21 मई को गुजरात टाइटन्स की ओर से शुभमन गिल ने आरसीबी के खिलाफ शानदार पारी खेली थी। उन्होंने मात्र 52 बॉल पर 104 रन बनाए थे। उनकी इस पारी ने आरसीबी को मैच में हराने में काफी मदद की, जिसे देखते हुए आरसीबी फैन उन पर भड़क गए।

देख सकते हैं कि कैसे आरसीबी फैन शुभमन गिल की मौत की प्रार्थना करते हुए कह रहे हैं कि आज के बाद शुभमन गिल के साथ जो भी गलत होगा, वो उनकी बददुआओं के कारण होगा।

कुछ आरसीबी फैन्स तो खुलेआम उनकी मौत की बात लिखकर कह रहे हैं कि उन्हें अपनी आईडी की कोई परवाह नहीं है।

शुभमन गिल की बहन के इंस्टाग्राम की आईडी शेयर करके उसे रिपोर्ट करवाने की और गाली-गलौच करने की अपील कर रहे हैं।

स्क्रीनशॉट में दिख रहा है कि शहनील गिल की पोस्ट पर एक यूजर ने उन्हें गाली देते हुए कहा, “मेरी दुआ है कि तेरा भाई क्रिकेट खेलते में मर जाए । बॉल उसके सिर में लगे।”

एक यूजर कहता है, “अरे तू तो शुभमन ^%$ लग रही है। तू शुभमन तो नहीं है जो साला ^%$ बनकर दो रूप में है।” इतना ही नहीं शुभमन गिल की सेंचुरी से आहत होकर आरसीबी के फैन्स ने शुभमन गिल की बहन को ‘वेश्या’ तक कहा। उनकी फोटो डालकर वह बोलीं- ‘9 रुपए में सेल लगी हुई है इसकी’

अपनी ओर से टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर विराट कोहली फैंस ने शुभमन गिल को कहा, “तुझे आज ही अपना टैलेंट दिखाना था।” एक यूजर ने तो गंदी-गंदी गाली देकर क्लियर लिखा, “तुम पहले से ही क्वालिफाइड थे। तुम्हें विराट कोहली के बारे में सोचना चाहिए था।”

बता दें कि इस बार आरसीबी के आईपीएल से आउट होने के बाद अब चार टीमें खेल में बचीं हैं- गुजरात टाइटन्स, मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जियांट्स।

ये पहली दफा नहीं है जब विराट कोहली के फैन्स इस तरह उनके हारने के पीछे सामने वाली टीम के खिलाड़ी को गाली देते दिखे हों। इससे पहले मुंबई इंडियंस के कैप्टन राहुल शर्मा और चेन्नई सुपर किंग्स के एमएस धोनी को भी कोहली फैंस ने गालियाँ बकीं हैं।