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‘पेंचकस बाबू! आप प्रधानी का चुनाव लड़िए’: PM मोदी को जापान में हिंदी बोलते देख भड़के AAP के मंत्री, लोगों ने कुछ यूँ दिखा दिया आईना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों के समूह G-7 की बैठक में भाग लेने के लिए जापान के हिरोशिमा शहर पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने वहाँ आए कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से द्विपक्षीय मुलाकात की। जिन लोगों से पीएम मोदी ने मुलाकात की, उनमें आमंत्रित सदस्य यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की भी शामिल हैं। इसको लेकर दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पीएम मोदी का मजाक बनाया है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और उनके साथ आए शिष्टमंडल से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “यूक्रेन में चल रहा युद्ध पूरे विश्व के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है। पूरे विश्व पर इसके अनेक प्रकार के प्रभाव भी पड़े हैं। मैं इसे राजनीति का मुद्दा नहीं मानता। मेरे लिए ये मानवता का मुद्दा है। इसके समाधान के लिए भारत और निजी रूप से मैं स्वयं, हमसे जो कुछ भी हो सकता है हम अवश्य करेंगे।”

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। वीडियो साझा करने के साथ ही उन्होंने लिखा, “क्या प्रधानमंत्री को ये भी नहीं बताया गया कि यूक्रेन की भाषा हिन्दी नहीं है। ये वीडियो सिर्फ़ भक्तों को बेवक़ूफ़ बनाने के काम आ सकता है।”

वर्तमान में दिल्ली के नौकरशाहों के साथ बदतमीजी करने और ‘तेरी जिंदगी बर्बाद कर दूँगा…’ की धमकी देने को लेकर उपराज्यपाल के निशाने पर सौरभ भारद्वाज के इतना लिखते ही, लोगों ने उन पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। कई लोगों ने उन्होंने प्रोटोकॉल समझने का सुझाव दिया तो कई लोगों ने कहा कि उन्हें पंचायत का चुनाव लड़ना चाहिए।

सक्सेना साहब एलजी नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “यह यूक्रेन नहीं जापान है, और मोदी जी हर देश में हिंदी में ही बोलते हैं और जो दूसरे देशों के लोग होते हैं उनके साथ उनका अनुवादक होता है जो उन्हें उन्हीं की भाषा में अनुवाद करके बता देता है। विधायक बन गए हो और जानकारी कतई नहीं है। अगली बार गाँव की प्रधानी का चुनाव लड़ना।”

संजय सिंह नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “मंत्री बन गया है ये चोर। इसको सिर्फ बकबक करना आता है। कुछ लड़के रखें हैं जो ठेकेदारों से, रेड़ी-पटरी वालों से वसूली करते हैं। शराब माफिया अमरजीत लांबा को अपना बड़ा भाई मानता है। उपर्युक्त Qualification के Verify करने के बाद केजरीवाल ने इसको MLA का टिकट दिया और अब मंत्री बना दिया।”

अमात्य राक्षस नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “ये अनपढ़ पेंचकस बाबू दिल्ली का मन्त्री है, कैसे कैसे नमूने हैं आदरणीय लोकनायक के पास।”

प्रवण सिरोही नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “सर जी, प्रधानमंत्री और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों के साथ दुभाषिये ऐसे दौरों पर मनरेगा के तहत नहर खोदने के लिए नहीं जाते!”

अखिलेश कांत झा ने लिखा, “भारद्वाज जी, अभी ताज़े ताज़े बेवकूफ हुए हो या ये इलीजिबल क्रिटीरिया है आम आदमी पार्टी की सदस्यता की। हर देश वहाँ अपने राष्ट्रीय भाषा का उपयोग करता है और सुनने वाले ट्रांसलेटर का इस्तेमाल करते है, हमें अपनी राष्ट्रीय भाषा पर गर्व होना चाहिए ना की हास्य का पात्र बनाना चाहिए।”

दीपक सैनी नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “भाई साहब, आप अपनी नमाज़ पे ध्यान दो, भक्ति में क्यों पड़ते हो?”

निशांत द्विवेदी ने लिखा, “पढ़ा लिखा व्यक्ति भी मूर्ख हो सकता है, ये बात इस व्यक्ति के इस ट्वीट ने साबित कर दी है। वैसे पहले आप इंजीनियर थे या मदारी?? इससे पहले नक़ली ईवीएम का खेल भी आपने दिखाया था।”

अभिषेक सिंह नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “इस ट्वीट से ये पता चलता है कि एक मूर्ख बहुत आसानी से विधायक और फिर मंत्री बन सकता है।”

पटना में नरेंद्र मोदी की जनसभा में हुआ था ब्लास्ट…10 साल बाद मेहरे आलम दरभंगा से गिरफ्तार: NIA हिरासत से हुआ था फरार, अब STF ने पकड़ा

10 साल पहले बिहार के पटना में नरेंद्र मोदी की प्रचार सभा में बम ब्लास्ट के आरोपित मेहरे आलम को बिहार की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने गिरफ्तार कर लिया है। आलम की गिरफ्तारी शनिवार (20 मई 2023) को दरभंगा से हुई है। आलम इससे पहले NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया था लेकिन वहाँ से वो चकमा दे कर फरार हो गया था। इस केस में 3 आरोपितों को कोर्ट ने पहले ही सजा सुना रखी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेहरे आलम के फरार होने के बाद उसकी तलाश लगातार जाँच एजेंसियाँ कर रहीं थी। इस बीच शनिवार को बिहार STF को आलम के दरभंगा में होने की सूचना मिली। पुलिस को पता चला कि वह अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के सिंधौली गाँव में रुका हुआ था। STF की टीम मौके पर पहुँची तो सूचना सही मिली और शनिवार देर रात दबिश दे कर आलम को गिरफ्तार कर लिया गया। फ़िलहाल मेहरे आलम से पूछताछ की जा रही है।

आलम पर NIA ने मुजफ्फरपुर के नगर थाना में 30 अक्टूबर, 2013 को कांड संख्या 612/13 दर्ज किया गया था और इसी के बाद उसे NIA ने मेहरे आलम को गिरफ्तार भी किया, लेकिन वो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को चकमा देकर फरार हो गया। तब वह NIA के साथ बतौर गवाह गया था। तब से आलम लगातार फरार ही था। माना जा रहा है कि जल्द ही NIA व अन्य एजेंसियाँ भी मेहरे आलम से पूछताछ कर सकती हैं। फिलहाल बिहार STF केस में जरूरी कानूनी औपचारिकताएँ पूरी कर रही है।

क्या था मामला

दरअसल 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गाँधी मैदान में तब बम ब्लास्ट हुआ था जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। मोदी की सभा के अलावा एक ब्लास्ट पटना जंक्शन पर भी हुआ था। इन धमाकों में कुल 6 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 82 लोग घायल हुए थे।

₹2000 के नोट बदलने के लिए नहीं भरना होगा कोई फॉर्म, ID की भी नहीं होगी जरूरत: SBI ने जारी की गाइडलाइंस, देखें आपके सारे सवालों के जवाब

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 2000 रुपए के नोटों की वापसी का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद से मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक कई तरह की बातें चल रहीं हैं। दावा किया जा रहा था कि नोट बदलवाने के लिए लोगों को फॉर्म भरने के साथ ही एक आईडी प्रूफ भी देखना होगा। हालाँकि, अब SBI ने ऐसी खबरों का खंडन किया है।

दरअसल, देश के सबसे बड़े बैंक ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 2000 रुपये के नोट बदलवाने के लिए किसी भी व्यक्ति को न तो किसी प्रकार का आईडी प्रूफ देना है और न ही कोई फॉर्म भरना होगा। कोई भी व्यक्ति एक बार में 2000 रुपए के 10 नोट, यानी अधिकतम 20,000 रुपए बदलवा सकता है।

इसका सीधा मतलब यह है कि 23 मई 2023 से लेकर 30 सितंबर 2023 के बीच कोई भी व्यक्ति 2000 के नोट आसानी से बदल सकता है। इसी तरह बैंक अकाउंट में भी 2000 रुपये के नोट को जमा करने के लिए कोई भी अतिरिक्त फॉर्म नहीं या आईडी प्रूफ की आवश्यकता नहीं होगी। हालाँकि, बैंक में पैसे जमा करने के लिए जो नियम या सीमाएँ पहले से लागू हैं उनका सभी को पालन करना होगा।

1.) क्यों वापस लिए जा रहे ₹2000 के नोट

सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक दलों तक ₹2000 के नोटों की वापसी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। इसको लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश भी हो रही है। हालाँकि किसी भी अफवाह में फँसने की जरूरत नहीं है। दरअसल, नवंबर 2016 में ₹500 और ₹1000 के नोट वापस लेने के बाद देश में नोटों की किल्लत न हो। इसलिए RBI ने ₹2000 के नोट जारी किए थे। जब मार्केट में ₹100, ₹200 और ₹500 के नोटों की मात्रा पर्याप्त हो गई तो सरकार ने साल 2018-19 में ₹2000 के नोटों की छपाई बंद कर दी।

बड़ी बात यह है कि ₹2000 के कुल नोटों में से अधिकांश नोट साल 2017 के पहले ही जारी कर दिए गए थे। चूँकि एक नोट की लाइफ 4-5 वर्ष होती है। साथ ही लोगों द्वारा ₹2000 के नोटों का उपयोग भी कम किया जा रहा है। ऐसे में इन बातों को ध्यान में रखते हुए और भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘क्लीन नोट नीति’ के अनुसार ₹2000 के नोट वापस लेने का ऐलान किया। ‘क्लीन नोट नीति’ के तहत RBI का उद्देश्य जनता को साफ, स्वच्छ व अच्छी गुणवत्ता वाले नोट मुहैया कराना है। इसके अलावा कैश लेस और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए भी RBI के इस कदम को कारगर माना जा रहा है।

2.) अब भी चल रहे हैं ₹2000 के नोट, 30 सितंबर तक तो चलेंगे ही

आम जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल ₹2000 के नोटों की वैल्यू को लेकर है। इसको लेकर RBI ने साफ कहा है कि ये नोट अब भी चल रहे हैं। हालाँकि, 30 सितंबर 2023 तक नोट बैंक में जमा कराना होगा। लेकिन 30 सितंबर के बाद जिन लोगों के पास नोट बचे रहेंगे या बचे हुए नोटों का क्या होगा। इसके लिए RBI के आदेश में कुछ भी नहीं कहा गया है। ऐसे में फिलहाल यह साफ है कि इस साल सितंबर तक तो ₹2000 के नोट काम के ही हैं। इसके बाद के समय के लिए हो सकता है कि RBI एक अन्य गाइडलाइन जारी करे।

3.) नोट जमा करने या बदलने के नियम

कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक जाकर अपने ₹2000 के नोट जमा करा सकता है या फिर उन्हें बदल सकता है। 23 मई, 2023 से किसी भी बैंक में एक बार में सिर्फ 20000 रुपए यानी कि 2000 रुपए के अधिकतम 10 नोट ही बदले जा सकते हैं। लेकिन ₹2000 के नोट जमा कराने के लिए कोई सीमा नहीं है। हालाँकि इसके लिए KYC होना अनिवार्य है। नोटों को जमा कराने और बदलने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। साथ ही किसी प्रकार के फॉर्म या आईडी प्रूफ की भी आवश्यकता नहीं होगी।

4.) ₹20000 रुपए से अधिक नकदी चाहिए तो

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी को 20 हजार रुपए से अधिक की नकद राशि चाहिए तो उसे क्या करना होगा? जैसा कि ऊपर बताया गया है कि 2 हजार के नोट जमा करने के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में 2 हजार के नोट जमा करने के बाद बैंक से अपनी जमा राशि ₹100, ₹200, ₹500 के नोटों में (बैंक की सीमा के अनुसार) निकाली जा सकती है।

5.) जनता को नहीं होगी समस्या

देश के सभी बैंकों के अलावा RBI के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में नोटों को जमा कराने और बदलने की सुविधा दी गई है। चूँकि देश में नकदी की कमी नहीं है। ऐस में आम जनता को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों के लिए आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु बैंकों को दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। हालाँकि फिर भी बैंकों तक आने-जाने में होने वाली समस्याएँ तो आम हैं।

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पहले गुजरात ATS ने 3 को दबोचा, पाकिस्तान-बांग्लादेश कनेक्शन की हो रही जाँच

गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (Gujarat ATS) ने खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अगले महीने होने वाली रथ यात्रा से पहले अहमदाबाद के नारोल से रविवार (21 मई 2023) को हुई गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तीनों के संपर्क बांग्लादेश और पाकिस्तान से हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्ध बांग्लादेशी बताए जा रहे हैं। गुजरात एटीएस इस बात की जाँच कर रही है कि तीनों बांग्लादेशी संदिग्ध गुजरात कैसे आए और गुजरात पहुँचने के पीछे उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था। एजेंसी पाकिस्तान के साथ इनके कनेक्शन की भी जाँच कर रही है।

नारोल और चंदोला झील क्षेत्रों में अवैध बांग्लादेशियों की एक बड़ी आबादी है। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियों की इस इलाके पर हमेशा निगरानी रहती है। अब जब रथ यात्रा आ रही है तो खुफिया इनपुट मिलने के बाद एजेंसियाँ ​​और सतर्क हो गई हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि ऑपरेशन को एटीएस द्वारा बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया था। इसमें अहमदाबाद पुलिस या किसी अन्य एजेंसी को शामिल नहीं किया गया था।

हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। लेख के लिखे जाने तक, उनका नाम या अन्य पहचान सामने नहीं आई है। हालाँकि, रिपोर्ट से पता चलता है कि उनके पाकिस्तान और बांग्लादेश से संबंध हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक ये तीनों बांग्लादेशी हैं। इस मामले में उनके करीबियों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

भगवान की 146वीं रथ यात्रा 20 जून से शुरू होगी

भगवान जगन्नाथ की 146वीं रथ यात्रा अहमदाबाद में 20 जून 2023 से शुरू होगी। हर साल अहमदाबाद की इस प्रसिद्ध रथ यात्रा के आयोजन की तैयारी महीनों पहले से शुरू हो जाती है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। यात्रा मार्ग पर पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी जाती है और पुलिस की कड़ी निगरानी में यात्रा शुरू होती है।

इस यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो, इसके लेकर महीनों पहले से सुरक्षा एजेंसियाँ चौकस हो जाती हैं। इस साल रथ यात्रा में 3डी मैपिंग और वर्चुअल रियलिटी प्रोजेक्ट्स का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पुलिस को कंट्रोल रूम से तत्काल सूचना आसानी से मिल सकेगी और यात्रा को सुरक्षा प्रदान करने में भी काफी मदद मिलेगी।

‘USA में एक्टर्स से लेकर मेरे रिश्तेदार तक सब आपसे मिलने को बेक़रार, मेरे पास अब टिकट नहीं’: अमेरिकी राष्ट्रपति ने PM मोदी से माँगा ऑटोग्राफ, बोले – वहाँ आप बहुत लोकप्रिय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का स्तर किसी से छिपा नहीं है। अब यह बात सुपर पॉवर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने भी स्वीकार की है। बायडेन ने PM मोदी की लोकप्रियता की चर्चा करते हुए उनसे उनका ऑटोग्राफ तक माँग लिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी वहाँ मौजूद रहे।

दरअसल, पीएम मोदी जी7 और क्वाड समिट में हिस्सा लेने के लिए जापान दौरे पर हैं। इस दौरे पर उन्होंने दुनिया भर के कई देशों के नेताओं से मुलाकात की है। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने PM मोदी की तारीफ की। बाइडेन ने पीएम मोदी से कहा, “आपके कदम बता रहे हैं कि लोकतंत्र बहुत मायने रखता है। आपने मेरे लिए एक नई समस्या पैदा कर दी है। अगले महीने आप वाशिंगटन आने वाले हैं। वहाँ आपके लिए डिनर का आयोजन किया गया है। इसमें देश भर के लोग वहाँ आना चाहते हैं।”

बायडेन ने आगे कहा है, “मेरे पास टिकट खत्म हो गए हैं। शायद आपको यह लग रहा होगा कि मैं मजाक कर रहा हूँ, लेकिन आप इस बारे में मेरी टीम से पूछ सकते हैं। मुझे बहुत सारे लोगों के फोन आ रहे हैं। कई तो ऐसे भी हैं जिनके बारे में मैंने कभी नहीं सुना। फ़िल्म एक्टर्स से लेकर मेरे रिश्तेदार तक सब आपसे मिलना चाहते हैं। आप बहुत लोकप्रिय हैं।”

इसी बीच ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीज ने भी अपनी पीएम मोदी की लोकप्रियता की बात करते हुए कहा है कि सिडनी में प्रधानमंत्री मोदी का जहाँ कार्यक्रम होना है, उस कार्यक्रम स्थल की क्षमता 20 हजार है। यह जगह छोटी पड़ रही है। इसके बाद भी लोग लगातार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निवेदन कर रहे हैं। इसके बाद जो बायडेन ने पीएम मोदी से कहा, “मुझे आपका ऑटोग्राफ लेना चाहिए।”

बता दें कि इससे पहले शनिवार (20 मई 2023) को PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन का एक वीडियो सामने आया था। इसमें तमाम नेताओं के बीच बायडेन प्रधानमंत्री मोदी को ढूँढकर उनसे गले मिलते दिखाई दिए थे। ये तमाम बातें यह बताती हैं कि PM मोदी का दुनिया भर के नेताओं के साथ कैसा संबंध है। साथ ही यह राजनीतिक और रणनीतिक रूप से भारत की ताकत को भी दर्शाता है।

5 भाषा, 5 बड़े स्टार… इस पैन-इंडिया फिल्म के लिए साथ आए 5 बड़े चेहरे, ‘The Kashmir Files’ और ‘कार्तिकेय 2’ से है कनेक्शन

‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कार्तिकेय 2’ जैसी फिल्मों का निर्माण कर चुके अभिषेक अग्रवाल अब ‘टाइगर नागेश्वर राव’ लेकर आ रहे हैं, जो तेलुगु फिल्मों के अभिनेता रवि तेजा की पहली पैन-इंडिया फिल्म होगी। रवि तेजा को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ‘मास महाराजा’ के रूप में भी जाना जाता है। वो अपने अभिनय में एक्शन के साथ-साथ कॉमेडी का छौंक डालने के लिए भी जाने जाते हैं। ‘टाइगर नागेश्वर राव’ 70-80 के दशक में सेट फिल्म है।

अब इस फिल्म के 5 भाषाओं के 5 बड़े स्टार सामने आए हैं। दरअसल, बुधवार (24 मई, 2023) को ‘अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स’ द्वारा प्रोड्यूस की जा रही इस फिल्म का फर्स्ट लुक जारी किया जाएगा। देश की 5 भाषाओं में इसका फर्स्ट लुक सामने आएगा। हर भाषा में एक बड़ा स्टार अपने सोशल मीडिया हैंडल्स से इसके फर्स्ट लुक को दर्शकों के सामने पेश करेगा। साथ ही ये स्टार अपनी-अपनी भाषा में आवाज भी देंगे। इससे फिल्म का स्तर और बढ़ गया है।

तमिल फिल्मों में कार्ति ‘टाइगर नागेश्वर राव’ फिल्म का फर्स्ट लुक जारी करेंगे। वो ‘PS 1’, ‘PS 2’ और ‘कैथी (2019)’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। वहीं हिंदी भाषा में इसे जॉन अब्राहम पेश कर रहे हैं, जो ‘फ़ोर्स’ सीरीज और ‘धूम (2006)’ फिल्म के लिए जाने जाते हैं। कन्नड़ में 35 वर्षों का करियर में 100 फिल्मों में काम कर चुके डॉ शिवा राजकुमार इसे पेश करेंगे। तेलुगु में वैंकटेश दग्गुबती इसे पेश कर रहे हैं, जिन्हें हाल ही में ‘राणा नायडू’ वेब सीरीज में देखा गया था।

बताते चलें कि ‘टाइगर नागेश्वर राव’ स्टुअर्टपुरम के एक चोर की कहानी है। जॉन अब्राहम ने कहा कि वो इस बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने को उत्सुक हैं। डॉ शिवा रहकुमार ने कहा कि उन्होंने फिल्म का फर्स्ट लुक देखा है और ये बहुत ही अच्छा है। नागेश्वर राव को ‘चेन्नई जेल ब्रेक’ के लिए भी जाना जाता है। 1976 में उसे और प्रभाकर को गिरफ्तार किया गया था। तभी उसने अपने भाई से कह दिया था कि वो अब जेल में नहीं रह सकता।

गोल्डन टेम्पल के बाहर सिख नेता ने युवक पर ताबड़तोड़ बरसाए थप्पड़, बीड़ी रखने का आरोप लगा कर पीटा: वीडियो वायरल

पंजाब के अमृतसर में स्थित हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में आस्था के नाम पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई। पीड़ित व्यक्ति हरमंदिर साहिब के बाहर खड़ा था। इसी दौरान, वहाँ मौजूद एक सिख व्यक्ति उस पर जेब में बीड़ी रखने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट करने लगा। मारपीट करने वाला व्यक्ति खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत सिंह मान की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (ए) का महासचिव हरपाल सिंह है।

स्वर्ण मंदिर में हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि मारपीट करने वाले व्यक्ति के साथ मौजूद लोगों ने ही वीडियो बनाकर वायरल किया है। वायरल वीडियो की शुरुआत में ही हरपाल सिंह को पीड़ित व्यक्ति के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है।

हरपाल पीड़ित के जेब में बीड़ी होने की बात कहता है। लेकिन पीड़ित व्यक्ति इस बात से लगातार इनकार करता दिखाई दे रहा है। इसके बाद हरपाल के कहने पर पीड़ित अपने जेब से तम्बाकू का पैकेट निकालता दिखाई देता है। हालाँकि पीड़ित तंबाकू खाने की बात से भी इनकार कर रहा है। लेकिन इसके बाद भी हरपाल उसे थप्पड़ मारकर वहाँ से भगा देता है।

अपने ऊपर लगे आरोपों पर हरपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने मंदिर में माथा टेकने आए व्यक्ति को हाथ में तंबाकू रगड़ते देखा था। इसके बाद उन्होंने उसे मंदिर के अंदर जाने से रोक दिया। यही नहीं, हरपाल ने यह भी कहा है कि उसने दूसरों को सबक सिखाने के लिए पीड़ित व्यक्ति को धीरे-धीरे थप्पड़ मारे थे। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस घटना की निंदा की है। साथ ही कहा है कि मारपीट करने वाला व्यक्ति SGPC का कर्मचारी नहीं है।

बता दें कि इससे पहले 17 अप्रैल 2023 को अपने चेहरे पर तिरंगा लगाकर आई एक लड़की को भी स्वर्ण मंदिर में घुसने से रोक दिया गया था। इसका एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में सेवादार ने कहा था कि यह इंडिया नहीं पंजाब है। इसलिए लड़की को स्वर्ण मंदिर के अंदर जाने से रोक दिया। यह वीडियो सामने आने के बाद देशभर में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया था। विवाद बढ़ने पर SGPC को इस मामले में माफी भी माँगनी पड़ी थी।

राजस्थान में सरकारी दफ्तर से ‘घूस’ का ₹2.32 करोड़ कैश बरामद, अलमारी से निकली सोने की ईंट: जॉइंट डायरेक्टर ठेका देने के बदले लेता था कमीशन, 8 हिरासत में

राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित सरकार के योजना भवन के बेसमेंट से करोड़ों रुपए नकद और एक किलोग्राम सोना बरामद हुआ है। इस मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। DOIT के जॉइंट डायरेक्टर और स्टोर के इंचार्ज वेदप्रकाश यादव इस पूरी रकम का मालिक निकला है। मामले को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंप दिया गया है।

शनिवार (20 मई 2023) को योजना भवन के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के बेसमेंट में रखी अलमारी में से 2 करोड़ 31 लाख 49 हजार 500 रुपए नकद और एक बैग से 1 किलोग्राम वजन की सोना की एक ईंट जब्त की गई। राज्य की मुख्य सचिव उषा शर्मा और पुलिस महानिदेशक (DGP) उमेश मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विभाग से जुड़े 8 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

इस रकम का पता लगाने के लिए पुलिस ने 30 दिन की सीसीटीवी फुटेज खंगाला था। इसके आधार पर पुलिस वेदप्रकाश तक पहुँची। कड़ी पूछताछ में वेदप्रकाश ने स्वीकार किया कि यह रकम उसी की है। वह अलमारी को लॉकर के तौर पर इस्तेमाल करता था और कमीशन का जो भी पैसा उसे मिलता थी, इसी अलमारी में रखता था।

दरअसल, योजना भवन स्थित सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग की फाइलों के डिजिटलीकरण का काम चल रहा है। इसी दौरान बेसमेंट में कई दिनों से बंद पड़ी एक अलमारी का ताला तोड़कर जाँच की गई तो यह रकम बरामद हुई। अलमारी में रखे ट्रॉली सूटकेस में 2,000 रुपए और 500 रुपए के नोट थे। बता दें कि यह रकम ऐसे समय में जब्त की गई है, जब RBI ने 2,000 रुपए के नोट को चलन से बाहर करने का निर्देश जारी किया है।

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कर्नल राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकारी कार्यालय में नकद रकम मिलना दिखाता है कि राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार कितने चरम पर है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी निशाने पर लिया। कॉन्ग्रेस सरकार को घिरता देख राजस्थान सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariyawas) ने कहा, “इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान पुलिस ने नकदी जब्त कर ली है। अगर कोई गलत कर रहा है, चाहे केंद्र में हो या राजस्थान सरकार में, उसे परिणाम भुगतने होंगे।”

प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि यह रकम ठेके देने के बदले में वसूली गई थी। कमीशन की राशि को वेदप्रकाश यादव बेसमेंट में रखी अलमारी में रखता था। पहले रिश्वत में वसूली गई रकम से वेदप्रकाश यादव ने गोल्ड की बिस्किट खरीदे थे। यादव को हिरासत में लेकर उसे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के सौंप दिया है। इस मामले में एसीबी रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार करेगी।

लंदन में रहने वाली अंग्रेजन पत्रकार ने भी समझा The Kerala Story का दर्द, फिल्म को प्रोपेगंडा बताने वालों को धो डाला

‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के रिलीज होने के बाद भारत में भले ही वामपंथी और कट्टरपंथी गिरोह इसे प्रोपेगेंडा बताकर खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हकीकत में यह फिल्म विदेशों तक में सराही जा रही है। इस फिल्म को देखने के बाद लंदन की पत्रकार ने फिल्म की तारीफ की है। साथ ही जिन्होंने इसे प्रोपेगेंडा बताया है उन्हें भी खरी-खरी सुनाई है।

नाओमी कैंटन नाम की पत्रकार ने लिखा, “यूके सिनेमा में अभी द केरल स्टोरी फिल्म देखी। ये एक शानदार फिल्म हैं जो बताती है कि आखिर एक महिला के साथ क्या होता है जब वो ISIS आतंकी से शादी करती है। मैंने ऐसी फिल्म पहले नहीं देखी। इस फिल्म को प्रोपेगेंडा कहना सरासर गलत है, अगर कोई कहता है तो ये खुद एक प्रोपेगेंडा है। ISIS आतंकी से निकाह करने वाली मुस्लिम-गैर मुस्लिम हो सकती है। सबका एक ही हश्र होता है। जन्नत के सपने दिखाकर सीरिया ले जाते हैं। वहाँ रेप होता है। आजादी छिनती है और पासपोर्ट ले लिया जाता है। वह ऐसा फँसती हैं कि उन्हें पछतावा होने लगता है (बशर्ते वह शमीमा बेगम जितनी कट्टरपंथी न हों और ISIS में खुद न घुसना चाहें।)”

पत्रकार कहती हैं, “फिल्म दिखाती हैं कि कैसे ISIS सबके लिए खतरा है। इसमें दिखाया है कि ये हिंदू और ईसाई लड़कियों को फँसाकर कट्टरपंथी बनाते हैं। ये सब चीज वो लोग कैसे करते हैं ये जानना जरूरी है। ये फिल्म है कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं। केरल में तीन लड़कियों के साथ घटित घटना पर फिल्म आधारित है। फिल्म ये दावा नहीं करती कि ये उन लड़कियों की सटीक कहानी है। उम्मीद है कि कुछ पत्रकार केरल में इन लड़कियों के परिवारों से मिलकर इंटरव्यू लिए होंगे। ये भी उम्मीद है कि महिलाओं को कट्टरपंथी बनाने वाले लोगों को गिरफ्तार करने के प्रयास पुलिस कर रही होगी। इनमें एक तो केरल में ही रहकर अपना पिज्जा पार्लर चला रहा है।

कैंटन कहती हैं, “मुझे नहीं पता अगर एक महिला भी भारत से ISIS गई। लेकिन अगर एक भी गई है तो ये हैरान करने वाला है। फिल्म की अच्छाई है कि ये फिल्म बताती है कि जब कोई भारत से ISIS या आतंकी समूह में जाता है तो क्या होता है। इस फिल्म में प्रोपेगेंडा नहीं हैं। केवल ये दिखाया गया है कि ISIS कैसे लोगों को कट्टरपंथी बनाता है। ये अच्छा है कि फिल्म को यूके में रिलीज किया गया। इसे 18 रेटिंग देकर भी सही हुआ क्योंकि इसमें बहुत हिंसा है। “

बता दें कि लंदन पत्रकार नाओमी कैंटन इस समय में टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए लंदन बीट कवर करती हैं। वह पहले भारत में रहती थीं और हिंदुस्तान टाइम्स से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने द केरल स्टोरी देखने के बाद ‘खोरासन फाइल्स’ नाम से एक यूट्यूब वीडियो भी शेयर किया है।

अब विमान से FREE में तीर्थयात्रा: CM शिवराज सिंह चौहान ने बुजुर्गों को संगम स्नान के लिए रवाना किया, अगले 2 महीने में ऐसी 25 फ्लाइट्स

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के अंतर्गत ‘वायुयान से तीर्थयात्रा’ का शुभारंभ किया। पहले चरण में बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को रविवार (21 मई, 2023) को भोपाल से प्रयागराज के लिए भेजा गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विमान में बैठे महिला-पुरुष बुजुर्ग तीर्थयात्रियों से CM चौहान कह रहे हैं कि वो आराम से दर्शन कर के आएँ। साथ ही उन्हें बुजुर्गों से गले मिलते हुए भी देखा जा सकता है।

राजा भोज एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम में 32 बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को प्रयागराज संगम दर्शन के लिए रवाना किया गया। शॉल-श्रीफल भेंट कर के इन तीर्थयात्रियों को सम्मानित किया गया। खास बात ये है कि इस तीर्थयात्रा का सारा खर्च सरकार वहन कर रही है – यात्रा और रहने-खाने सबका। सीएम चौहान ने इस दौरान कहा कि ये एक अद्भुत और पवित्र दिन है, जब बुजुर्ग साथियों का विमान से यात्रा करने का सपना भी पूरा हो रहा है।

उन्होंने कहा,  “व्यक्ति आध्यात्मिक शांति चाहता है आज मेरा संकल्प पूरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते थे कि हवाई चप्पल करने वालों को भी हवाई यात्रा का अवसर मिलना चाहिए। आज इनकी बात सच साबित हो रही है, हमारे बुजुर्ग पवित्र प्रयागराज जा रहे हैं। राम की कृपा से आप तीर्थों के दर्शन करेंगे और हमें व प्रदेश को आपका आशीर्वाद मिलेगा। अब जोड़े से बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। अभी एक परिवार से एक ही जाता है। अगली फ्लाइट में दादा भी जाएँगे और दादी भी जाएँगी।”

उन्होंने राज्य की पर्यटन व संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर को निर्देश दिया कि अगली बार इस यात्रा पर पति-पत्नी दोनों को भेजने की व्यवस्था करें, क्योंकि जोड़े के साथ यात्रा सफल मानी जाती है। इस साल 19 जुलाई तक 25 जिलों के बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को 25 फ्लाइट्स से प्रयागराज, शिर्डी, मथुरा-वृंदावन और गंगासागर धाम की यात्रा कराई जाएगी। बता दें कि 2012 से अब तक 782 स्पेशल ट्रेन चला कर 7.82 लाख बुजुर्गों को तीर्थयात्रा कराई जा चुकी है।