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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की हिटलिस्ट आई सामने, टॉप पर सलमान खान: अभिनेता को बता चुका है घमंडी, कहा था- उसे मारना मेरी जिंदगी का मकसद

मीडिया में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) की हिटलिस्ट की चर्चा चल रही है। कहा जा रहा है कि हिटलिस्ट में शामिल नामों का खुलासा उसने जाँच एजेंसी एनआईए (NIA) के सामने किया है। इस लिस्ट में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का नाम सबसे ऊपर है। अभिनेता की हत्या को वह पहले भी अपने जीवन का मकसद बता चुका है।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमांइड लॉरेंस बिश्नोई ने ही यह भी बताया है कि गोगी गैंग को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की मदद से 2 जिगाना पिस्टल उपलब्ध करवाई थी। कहा जा रहा है कि लॉरेंस की दी हुई पिस्टल से ही प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या हुई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए के अधिकारियों के सामने पूछताछ में बिश्नोई ने हिटलिस्ट में शामिल नामों का खुलासा किया है। इसमें बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान टॉप ​पर हैं, जिन्हें वह हर हाल में मारना चाहता है। इसके अलावा दूसरे नंबर पर सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर शगुनप्रीत है। इस लिस्ट में मनदीप धालीवाल (लक्की पटियाल का गुर्गा), कौशल चौधरी (गैंगस्टर), अमित डागर (गैंगस्टर), सुखप्रीत सिंह बुद्धा (बमबिहा गैंग का सरगना), लक्की पटियाल (गैंगस्टर), रम्मी मसाना (गौंडर गैंग का गुर्गा), गुरप्रीत शेखो (गैंगर गैंग का गुर्गा), भोलू शूटर, सनी लेफ्टी, अनिल लठ (विक्की मुद्दुखेड़ा के हत्यारे) भी शामिल है।

अपने कबूलनामे में बिश्नोई ने यह भी बताया कि उसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाने के लिए 50 लाख की रकम हवाला के जरिए गोल्डी को भेजी थी। अयोध्या का विकास सिंह उसका मददगार है। वह उसके शूटरों को शरण देने में उसकी मदद करता है। पूछताछ में बिश्नोई ने इस बात का भी खुलासा किया कि भरतपुर, फरीदकोट और अन्य जेलों में रहने के दौरान उसने राजस्थान, चंडीगढ़ और अंबाला में कारोबारियों से पैसे भी उगाहे थे।

गौरतलब है कि इस साल मार्च में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने ABP न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में सलमान खान की हत्या को अपने जीवन का मकसद बताया था। उसने अपराध की दुनिया छोड़ने के बाद गोसेवा करने की भी इच्छा जताई थी। काले हिरण के शिकार मामले में सलमान खान की संलिप्पता से गैंगस्टर लॉरेंस बेहद नाराज दिखा था। उसने कहा था कि उसे उम्मीद थी कि अभिनेता अपनी गलती की माफ़ी माँगेगा पर ऐसा नहीं हुआ। उसमें ठीक वैसा ही अहंकार है, जैसा सिद्धू मूसेवाला में था। सलमान के अहंकार की तुलना बिश्नोई ने रावण के घमंड से की थी। गैंगस्टर ने कहा था कि समय आने पर वह बॉलीवुड अभिनेता के इस अहंकार को खत्म कर देगा।

IPL की कई टीमें बनीं सिकंदर, कई टीमें आज भी फिसड्डी; पर गालीबाजी में RCB के फैंस टॉप: जेंटलमैन गेम में ये गंदगी क्यों

साल 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं थी। जो उत्साह दर्शकों में कभी वर्ल्ड कप के आने पर दिखता था, वो उत्साह आईपीएल के कारण अब हर साल बना रहता है। लोगों ने राज्य और खिलाड़ियों के आधार पर अपनी टीमें पसंद कर रखी हैं। इनकी पर्फॉर्मेंस तय करती है कि दर्शक का मूड कैसा बनेगा। टीम जीते तो फैंस खुशी से झूम जाते हैं और हारे है तो निराश हो जाते हैं…सालों से दर्शकों के प्रतिक्रिया देने का यही ढंग रहा। लेकिन बीते कुछ समय में इस ढंग को यदि किसी ने बदला है तो वो आरसीबी फैंस है जो जीत की आस लिए बैठते हैं मगर जब ऐसा नहीं होता तो वो गाली-गलौच पर उतर आते हैं।

अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों पर RCB फैंस की खुंदस

इस बार भी कुछ यही हुआ। गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच हुए खेल में गुजरात टाइटन्स ने बाजी मारी। टीम के दो क्रिकेटरों ने इतना अच्छा खेला कि सब उनकी तारीफ करने लगे। मगर उनकी इस पर्फॉर्मेंस से जो आरसीबी को हार देखने को मिली वो टीम के फैंस से बर्दाश्त नहीं हुई। वो इतनी नीचता पर उतर आए कि उन्होंने शुभमन गिल के सेंचुरी मारने पर उनके जान से मारने की धमकी दी और क्रिकेटर की बहन को ‘वेश्या’ बता दिया। इसी तरह विजय शंकर द्वारा मारा गया अर्धशतक भी आरसीबी फैंस को नहीं हजम हुआ। विजय पर आरोप लगाए गए कि वो बस आईपीएल में पैसों के लिए खेलते हैं लेकिन भारत के लिए खेलने को कहा जाए तो प्रदर्शन नहीं कर पाते।

दिल्ली-पंजाब ने भी नहीं जीती ट्रॉफी, पर फैंस गाली नहीं देते

आरसीबी के फैंस का यह बर्ताव किसी भी क्रिकेट प्रेमी के लिए बहुत हैरान करने वाला है। सालों से देखा गया है कि खेल में किसी को हार मिलने पर आलोचना सामान्य बात होती है पर जीतने पर कोई गाली नहीं देता। मगर अब आरसीबी के फैंस इस ट्रेंड को बदल रहे हैं। उन्होंने अपनी कुंठा जीतने वाली टीम और उसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर निकालनी शुरू कर दी है। कुछ लोग इस रवैये को फैंस की हताशा बताकर जस्टिफाई करने का प्रयास भी कर सकते हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले ये याद रहना चाहिए कि आईपीएल के इतिहास में आरसीबी अकेली टीम नहीं है जिनके हाथ ट्रॉफी एक भी बार नहीं आई, दिल्ली और पंजाब जैसी भी टीमें हैं जो इस ट्रॉफी तक अब तक नहीं पहुँची… अब ऐसा थोड़ी है कि इनके कोई फैंस ही नहीं है या जो हैं वो चाहते ही नहीं है कि उनकी टीम जीते…बस फर्क इतना ही कि वो हारने पर कभी जीते वाली टीम के साथ अभद्रता पर नहीं उतरते दिखे जबकि आरसीबी के फैंस ने बदसलूकी करने की हर हद पार कर दी है।

लड़ाई कोहली-गंभीर की, गाली फैंस ने दी

अपनी टीम को जिताने के लिए वो ये सोचने की जगह कि उनके प्लेयर बढ़िया खेलें, ये सोचकर भड़क रहे हैं कि दूसरी टीम का प्लेयर क्यों बेहतर खेल रहा है। वो उनकी तारीफ करने की बजाय उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इतना ही नहीं परिवार के लोगों को भी अनाप-शनाप बोला जा रहा है। और ये सब कोई पहली बार नहीं हो रहा। इससे पहले भी आरसीबी के फैंस रोहित शर्मा को भला-बुरा बोल चुके हैं। धोनी पर सवाल उठा चुके हैं। इतना ही नहीं बीच में जब कोहली-गंभीर का विवाद हुआ तो इन्हीं आरसीबी फैंस ने गौतम गंभीर को भी ट्रोल किया बिना ये समझे कि गलती किसकी है।

कब कौन जीता, कौन हारा

2008 से अब तक का रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि आईपीएल सबसे ज्यादा दफा मुंबई इंडियंस ने जीता (5 बार), इसके बाद चेन्नई किंग्स (4 दफा), कोलकाता ने 2 बार, हैदराबाद ने 2 बार, राजस्थान ने 2 बार और गुजरात टाइटन्स ने एक बार जीता है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स, पंजाब किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वो टीमें हैं जो खेलीं हर साल पर खिताब अपने नाम नहीं कर पाईं। इनके अलावा कोच्चि टस्कर्स, पुणे वॉरियर्स, राइसिंह सुपर जियांट्स, गुजरात लॉयन्स और लखनऊ सुपर जियांट्स वो टीमें जो एक भी बार आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीत पाईं।

3 बार फाइनल पहुँची RCB, जीत नहीं पाई

बावजूद तमाम हार के बाद क्रिकेट के इतिहास में इतने गालीबाज फैंस कभी किसी के नहीं रहे जितने आरसीबी के हैं। शुरुआत से लेकर अब तक आईपीएल में इनकी पर्फॉर्मेंस को देखें तो पता चलेग आरसीबी 2009, 2011 और 2016 में रनर-अप रह चुकी है। यानी उन्हें तीन बार फाइनल्स में मौका मिला। जबकि पंजाब और दिल्ली वो टीम हैं जो खेली भी हमेशा और उनके हिस्से भी ये मौका ही एक-एक बार आया। जैसे दिल्ली के पास 2020 में और पंजाब किंग्स के पास 2015 में। 

आईपीएल में इन टीमों की यदि पोजिशन देखें तो पता चलेगा कि आरसीबी कितना ही खुद को हताश दिखाए पर इनके फैंस से ज्यादा बुरी हालात उनकी नहीं होगी। आरसीबी जहाँ 2010, 2015 और 2022 में तीसरे नंबर पर रह चुकी है। वहीं पंजाब कभी भी 5वाँ पायदान से ऊपर नहीं उठी। दिल्ली कैपिटल्स तो 2011 में 10वें पायदान पर थी…ऐसे प्रदर्शन के कारण इनकी आलोचनाएँ समय-समय पर जरूर हुई। इनके फैंस ने इनसे नाराजगी जताई जरूर पर इतना कोई नहीं बौराया कि अपनी टीम की हार का बचाव करने पर दूसरे क्रिकेटर को गाली देने लगें। ये हुनर साल दर साल आरसीबी फैंस में बढ़ता जा रहा है जिसका असर आरसीबी की छवि पर सीधा पड़ता है।

जयपुर के जिस मोहल्ले में ‘हिंदुओं के पलायन’ को नकार रही राजस्थान पुलिस, वहाँ के हिंदू कर रहे मंदिरों के रास्ते में माँस फेंकने से लेकर लव जिहाद तक का दावा

राजस्थान की राजधानी जयपुर के किशनपोल इलाके की एक जगह है- पुरोहित जी का मोहल्ला। यह मोहल्ला ‘हिंदू पलायन’ वाले पोस्टर को लेकर चर्चा में है। राजस्थान पुलिस ने पलायन के किसी भी मामले से इनकार किया है। पोस्टर लगाने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। लेकिन ऑपइंडिया ने जब सोमवार (22 मई 2023) को किशनपोल के वार्ड नंबर 69 स्थित पुरोहित मोहल्ला के हिंदू निवासियों से बात की तो उन्होंने कुछ अलग ही दावे किए।

बसने से पहले ही देने लगे हैं गालियाँ

विवाद की शुरुआत कॉन्ग्रेस पार्षद फरीद कुरैशी के रिश्तेदार द्वारा मोहल्ले में एक हिंदू का घर खरीदने से हुई है। इस घर के पड़ोस में रहने वाली सोनिया पारीक ऑपइंडिया को बताया कि कुछ समय पहले पार्षद फरीद कुरैशी के भाई ने एक घर खरीदा। उसकी साफ-सफाई के लिए कुछ मुस्लिम लड़के आए थे। उन्होंने मोहल्ले की हिन्दू औरतों से गाली-गलौज की। सोनिया ने गालियाँ देने वाले युवकों के नाम फारुख, मोहसिन और रईस बताए हैं। एक दलित महिला को जातिसूचक गालियाँ देने का आरोप लगाया है। सोनिया का दावा है कि पुलिस दबाव में काम कर रही है।

मंदिर मार्ग पर हड्डी और माँस

वार्ड नंबर 69 के ही रहने वाले भुवनेश से भी ऑपइंडिया ने बात की। भुवनेश ने बताया कि कई मंदिर होने की वजह से उनका मोहल्ला राजस्थान की छोटी काशी कहा जाता है। लेकिन आसपास मुस्लिम बस्तियों के कारण उन्हें दर्शन के लिए जाने में कठिनाई होती है। उनका दावा है कि आसपास के मुस्लिम माँस और हड्डी रास्ते पर फेंक देते हैं।

लव जिहाद और छेड़छाड़ आम

भुवनेश का दावा है कि उनके क्षेत्र में कई लड़कियाँ लव जिहाद की शिकार हो चुकी हैं। इनमें से कई वापस भी नहीं लौट पाईं हैं। उनका दावा है कि रात को मोहल्ले के असपास की सड़कों पर मुस्लिम गाड़ियाँ खड़ी कर हंगामा करते हैं। आने-जाने वाली लड़किओं से छेड़खानी करते हैं।

कुछ ही वर्षों में हुआ मुस्लिम बहुल

भुवनेश के अनुसार वार्ड नंबर 69 कभी हिंदू बहुल मोहल्ला था। लेकिन अब यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल हो चुका है। भुवनेश का दावा है कि माली समाज सहित कई अन्य बिरादरी के लगभग 50 घर कुछ ही वर्षों के भीतर मुस्लिमों ने खरीदे हैं। उनका कहना है, ” यही हाल रहा तो कुछ समय बाद सभी को पलायन करना पड़ेगा।” उनका यह भी कहना है कि मुस्लिमों के दो समूहों के बीच आपसी विवाद की स्थिति में भी हिंदुओं को नुकसान झेलना पड़ता है। कई बार पत्थरबाजी में हिंदू घरों की खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं।

पार्षद के रिश्तेदार को घर बेचने वाला कौन?

पार्षद फरीद के भाई को घर बेचने वाले का नाम अजय पारीक बताया जा रहा। ऑपइंडिया ने अजय के रिश्तेदार अर्जुन पारीक से बात की। उन्होंने बताया कि कई हिंदू भी इस मकान के लिए अजय को ज्यादा पैसा देने को तैयार थे। बावजूद उसने फरीद के भाई को ही घर क्यों बेची, यह सोचने का विषय है। अर्जुन के अनुसार घर बेचने के बाद से अजय किसी रिश्तेदार का फोन नहीं उठा रहे। उनका कहना है, लगता है कि फरीद के भाई को ही अपना घर बेचने का अजय पर कोई दबाव रहा होगा।

किशनपोल क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा नेता मनीष पारीक ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने कहा कि जिसने मकान खरीदा है वह कॉन्ग्रेस पार्षद फरीद का भाई है। पार्षद फरीद स्थानीय विधायक अमीन कागजी का काफी करीबी है। उन्होंने कहा, “पुलिस पलायन के पोस्टर लगाने वाले हिंदुओं को खोज रही है, जबकि उसे मकान बेचने वाले अजय पारीक को खोजना चाहिए जो किसी के भी संपर्क में नहीं है।”

ऑपइंडिया ने पलायन के इस मुद्दे को सबसे पहले उठाने वाले भाजपा विधायक रामलाल शर्मा से बात की। भाजपा विधायक ने पुलिस कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए कहा कि निष्पक्ष जाँच के बजाए इस मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालाँकि स्थानीय मुस्लिम इसे फालतू का विवाद बता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें हिंदुओं से कोई दिक्कत नहीं है। वहीं फरीद के भाई के घर में सफाई करने गया एक व्यक्ति हिंदुओं पर ही गाली देने का आरोप लगा रहा है।

अकोला हिंसा का मास्टरमाइंड अरबाज खान गिरफ्तार, एडिट कर चैट किया था वायरल: ‘सिर तन से जुदा’ के नारों के बाद हुई थी आगजनी

महाराष्ट्र के अकोला में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी पहचान अरबाज खान (Arbaaz Khan) के तौर पर बताई गई है। 20 मई 2023 को उसे पकड़ा गया। पुलिस को अब इस हिंसा के पीछे के ‘गॉडफादर’ की तलाश है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 वर्षीय अरबाज ने हिंसा फैलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। अकोला के एसपी संदीप घुगे ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हिंसा का पूरा मामला एक विवादास्पद इंस्टाग्राम चैट को लेकर शुरू हुआ था। इसे अरबाज खान ने पहले एडिट किया और फिर चैट वायरल कर पुलिस थाने में लोगों को इकट्ठा किया। खान के कहने पर ही भीड़ ने शहर के अलग हिस्सों में लोगों को उकसाकर हिंसा करवाई।

जाने कैसे अरबाज खान ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा फैलाई

बताया जा रहा है कि समीर सोनावणे ने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के समर्थन में एक इंस्टाग्राम पेज बनाया था। इसमें उसने यह बताया कि कैसे आईएसआईएस से जुड़े लोग हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फँसाते हैं और उन्हें इस्लाम कबूल करने पर मजबूर करते हैं। फिर उन्हें आईएसआईएस आतंकवादियों की सेक्स स्लेव बना दिया जाता है। आरोपित अरबाज ने जब इस इंस्टाग्राम पेज को देखा, तो उसने पेज के एडमिन के साथ चैट करना शुरू कर दिया।

चैटिंग के दौरान दोनों के बीच काफी बहस हुई। देखते ही देखते दोनों की बहस अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों तक पहुँच गई। लेकिन चैट खत्म होने के बाद अरबाज ने उसके कुछ विवादस्पद हिस्सों को अलग कर उसे वायरल कर दिया। ध्यान रहे कि सोशल मीडिया पर हिंदुओं के खिलाफ इस्लामवादियों का यह एक एक सामान्य तरीका है। वे बातचीत शुरू कर हिंदुओं को उकसाते हैं, फिर उसके कुछ हिस्सों के एडिट कर मुस्लिमों को ​हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के लिए भड़काया जाता है। यही अकोला में भी हुआ था।

पुलिस ने बताया है कि 23 वर्षीय अरबाज ने सोनावणे के साथ बातचीत शुरू की, जिसने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के समर्थन में एक पेज बनाया था। लेकिन जब खान ने चैट के एडिट हिस्से को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, तो पुलिस स्टेशन में कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ जमा हो गई। उसी भीड़ ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में और लोगों को हिंसा करने के लिए उकसाया।

खबरों के मुताबिक, खान ने सोशल मीडिया के जरिए भीड़ को यह कहते हुए उकसाया कि मुस्लिम समुदाय और उनके मजहब के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही जा रही है। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग पहले थाने पहुँचे और शिकायत दर्ज करने को कहा। पुलिस थाने के बाहर जब कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ जमा हो गई, तब ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए गए। मालूम हो कि पिछले साल कथित रूप से इस्लाम का अपमान करने के लिए कई व्यक्तियों की हत्या कर दी गई थी। देश भर में कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ द्वारा इसी तरह के नारे लगाए जाने के बाद नूपुर शर्मा (बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता) का समर्थन करने वाले राजस्थान के उदयपुर के कन्हैया लाल का सिर कलम कर दिया गया था। उमेश कोहली का भी यही हश्र हुआ था।

मास्टरमाइंड अरबाज के अलावा पुलिस ने समीर सोनावणे को भी गिरफ्तार किया है, जिसने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म के समर्थन में इंस्टाग्राम पेज बनाया था।

अकोला हिंसा

13 मई 2023 को महाराष्ट्र के अकोला जिले के ओल्ड सिटी थाना क्षेत्र में कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने जमकर उत्पात मचाया था। दंगाइयों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया था। इस हिंसा में एक की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने इलाके की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर 25 दंगाइयों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में 120 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

‘दंगानाथ के नेतृत्व में MP विधानसभा चुनाव लड़ेगी कॉन्ग्रेस?’: सिख नरसंहार में जगदीश टाइटलर के खिलाफ CBI की चार्जशीट, लोग बोले – अगला नंबर कमलनाथ का

1984 में हुए सिख नरसंहार का मुद्दा एक बार फिर से गर्म हो गया है। CBI ने 3 लोगों की हत्या के एक मामले में चार्जशीट दायर की है। IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-302 के तहत ये चार्जशीट दायर की गई है। इसमें कॉन्ग्रेस के नेता जगदीश टाइटलर का भी नाम है, जिन्हें अब भी पार्टी की बैठकों में देखा जाता है। सिखों के अघिवक्ता HS फूलका ने बताया कि नानावटी कमीशन के सामने पीड़ित पक्ष ने सारे तथ्य रख दिए थे।

इसके बाद आयोग ने जगदीश टाइटलर के विरुद्ध केस दर्ज करने की सलाह भी दी थी। लेकिन, उस समय केंद्र में डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। यूपीए सरकार ने इस सलाह को ख़ारिज कर दिया। हालाँकि, संसद में इसका विरोध करने के बावजूद बाद में सरकार को अपना स्टैंड बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। एचएस फूलका ने बताया कि CBI ने उस समय 2-3 बार जगदीश टाइटलर को क्लीन चिट भी दे दी थी, लेकिन अदालत ने इसे नकार दिया।

उधर मध्य प्रदेश में भी ये मामला गर्मा गया है। भाजपा ने पूछा है कि क्या कॉन्ग्रेस पार्टी सिख नरसंहार के आरोपित कमलनाथ के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी? राज्य के मेडिकल एजुकेशन मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद हुए सिख नरसंहार में जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार के अलावा कमलनाथ का भी नाम आया था। तीनों कॉन्ग्रेस के ही नेता हैं। उन्होंने कहा कि CBI इस मामले की जाँच कर रही है, कमलनाथ पर भी चार्जशीट दायर होगी।

उधर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर कमलनाथ के विरोध में ‘दंगानाथ’ का ट्रेंड भी चलाया। उन्हें खतरनाक व्यक्ति बताते हुए लोगों ने माँग की है कि उन्हें जेल भेजा जाए। लोगों ने कहा कि कमलनाथ के हाथ सिखों के खून से सने हुए हैं, इसके बावजूद कॉन्ग्रेस उन्हें बड़ा पद देती रही है। जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार के बाद अगला नंबर कमलनाथ का बताया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कमलनाथ सिख भाई-बहनों के हत्यारे हैं।

ढाई साल से चल रही थी लव स्टोरी, शादी के टाइम प्रेमी भाग निकला: दुल्हन ने 20 किमी पीछा कर पकड़ा, मंदिर में लिए फेरे

उत्तर प्रदेश के बरेली की एक शादी चर्चा में है। भूतेश्वर नाथ मंदिर में शादी की तैयारी पूरी थी। लेकिन अंतिम समय में लड़के का मूड बदल गया और वह गायब हो गया। इसके बाद लड़की ने करीब 20 किलोमीटर पीछा कर उसे पकड़ा और फिर मंदिर में लाकर फेरे लिए। बताया जा रहा है कि लड़का-लड़की करीब ढाई साल से प्रेम संबंध में थे।

रविवार (21 मई 2023) को आपसी सहमति से यह प्रेमी जोड़ा शादी करने पहुँचा था। लेकिन अचानक लड़के का मूड बदला और मौका पाकर वह मंडप छोड़कर भाग निकला। जब वह काफी देर तक नहीं लौटा तो दुल्हन के सब्र का बाँध टूट गया। फिर वह अपने परिवार वालों के साथ मिलकर उसे तलाशने में जुट गई। आखिरकार दो घंटे के बाद दुल्हे को खोज लिया गया और हाई वोल्टेड ड्रामे के बाद दोनों का विवाह संपन्न हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बरेली के पुराना शहर की रहने वाली युवती का ढाई साल से बिसौली (बदायूँ का क्षेत्र) के एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब लड़की के घरवालों को इस बारे में पता चला तो उन्होंने दोनों की शादी तय कर दी। प्रेमी भी शादी के लिए राजी था। इसके बाद रविवार को भूतेश्वर नाथ मंदिर में शादी की सभी तैयारियाँ की गई। लेकिन यहाँ पहुँचने के बाद लड़का चकमा देकर भाग निकला।

काफी देर तक इंतजार करने के बाद लड़की ने प्रेमी को फोन किया। उससे पूछा कि वह कहाँ है। लड़के ने कहा कि वह अपनी माँ को बुलाने के लिए बिसौली जा रहा है। इतना सुनते ही दुल्हन को उस पर शक हुआ और वह अपने घरवालों के साथ तुरंत मंडप से निकली और लड़के की तलाश में निकल पड़ी। करीब 20 किमी पीछा करने के बाद लड़का एक बस में बैठा दिखा। फिर उसे बस से उतारकर मंडप तक लाई। इसके बाद मंदिर में पुरोहित ने विधि-विधान से दोनों का विवाह संपन्न करवाया।

यूपी में 4000 मदरसों को विदेशी फंडिंग, नेपाल और बांग्लादेश से लेकर अरब तक से आ रहे पैसे: कानूनी कार्रवाई की तैयारी में योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के 4000 मदरसों को विदेशी फंडिंग मिलने की बात सामने आई है। बता दें कि नवंबर 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मदरसों का सर्वेक्षण कराया था, जिसमें 8441 मदरसे अवैध मिले थे। अब परीक्षाएँ खत्म हो गई हैं, ऐसे में राज्य का अल्पसंख्यक विभाग कार्रवाई करने में जुट गया है। अधिकतर मदरसा संचालकों ने जकात को ही अपनी आय का प्रमुख स्रोत बताया था, यानी मुस्लिमों द्वारा दिया जाने वाला दान।

अब शुरुआती जाँच में सामने आया है कि नेपाल और बांग्लादेश के अलावा अरब के मुल्कों से भी फंडिंग आ रही है। गरीब मुस्लिमों को मुख्य धारा से जोड़ने की बात करते हुए अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पुलिस के साथ मिल कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मौलवी बनने से उनका भला नहीं होगा, उन्हें NCERT की किताबें पढ़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिमों के बच्चे भी अधिकारी बनेंगे।

बता दें कि पिछले साल 10 सितंबर से लेकर 15 नवंबर तक मदरसों का सर्वे हुआ था, जिसे 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया था। 2017 से मदरसों को मान्यता देनी भी बंद कर दी गई है, कारण है उनका मानकों पर खड़ा न उतरना। यूपी में फ़िलहाल 15,613 मदरसे संचालित हैं, जिनमें से कइयों का कहना है कि कागज देने के बावजूद मान्यता न मिलने के कारण वो दीनी तालीम देने के लिए मदरसे चला रहे हैं। खासकर सीमावर्ती जिलों के मदरसों में फंडिंग में गड़बड़ी है।

ये जिले हैं – महाराजगंज, पीलीभीत, लखीमपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर। इन मदरसों के पास आय के स्रोत को लेकर कोई स्पष्ट कागजात नहीं हैं। मदरसों को कह दिया गया है कि भले ही वो उर्दू में पढ़ाएँ, लेकिन NCERT पढ़ाना ही पड़ेगा। अब ऐसे मदरसों पर क़ानूनी शिकंजा कसा जाएगा। सर्वे में मुख्यतः 12 सवाल पूछे गए थे। मदरसों को कम्प्यूटर से जोड़ने को लेकर भी योगी सरकार प्रयासरत है और जो मदरसे मानकों को पूरा कर रहे हैं उन्हें मान्यता देने में कोई परहेज भी नहीं है।

बजरंग पूनिया को आवंटित कर दी गई दलितों की खेती वाली 4 एकड़ जमीन, विरोध में उतरे ग्रामीण: कहा – ये अवैध फैसला, धोखे से बैठक में लिया हस्ताक्षर

हरियाणा के झज्जर में स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। कारण – पहलवान बजरंग पूनिया को यहाँ के भापडौदा गाँव में 4 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। बता दें कि बजरंग पूनिया ने 2020 में जापान की राजधानी टोक्यो में हुए ओलंपिक गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन हाल के महीनों में वो पहलवानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं। बजरंग पूनिया ने ये 4 एकड़ जमीन सरकार से ‘रेसलर्स एकेडमी’ बनाने के नाम पर ली है। अब स्थानीय लोग इसके खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि इस जमीन को अवैध तरीके से आवंटित किया गया है। उन्होंने ये भी दावा किया कि इस अवैध आवंटन में ‘पंचायत कमिटी’ भी शामिल है। असल में ग्रामीणों का कहना है कि गाँव में पहले से ही ‘अर्जुन अवॉर्ड’ विजेताओं के अलावा कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद बजरंग पूनिया को जमीन दे दी गई। असल में यहाँ का पंचायत सेक्रेटरी सरकार का प्रतिनिधित्व करता है।

उनका कहना है कि पंचायत सचिव भी इस अवैध जमीन आवंटन में शामिल है। ग्रामीणों की माँग है कि इसकी विस्तृत जाँच शुरू की जाए, वो भी एक सप्ताह के भीतर। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इसकी शिकायत करने की भी बात कही है। साथ ही ज़रूरत पड़ने पर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही गई है। उन्होंने कहा कि वो किसी कीमत पर यहाँ रेसलर्स एकेडमी बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत के एक सदस्य ने भी जमीन आवंटन में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि किसी अन्य मुद्दे को लेकर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उसमें कुछ दस्तावेजों पर सभी को हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। उक्त पंचायत सदस्य ने बताया कि ये बजरंग पूनिया को 4 एकड़ जमीन के आवंटन का कागज था, जिसे पढ़ने के बाद उन्होंने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। बजरंग पूनिया ने 5 एकड़ तक जमीन की माँग की थी।

पंचायत सदस्य ने बताया कि जब उसने अपने वरिष्ठों से इस संबंध में बात की तो वो काफी खुश थे। ग्रामीणों को कहा गया कि उनके बच्चों को मुफ्त में इस रेसलर्स एकेडमी में प्रशिक्षण मिलेगा, इसीलिए वो भी मान गए। एक और बड़ी बात ये है कि ये जमीन अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की है, जिसका कृषि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कहा जा रहा है कि ये दलित परिवार उसी जमीन की वजह से रोजी-रोटी चलाते हैं, ऐसे में उनकी स्थिति दयनीय हो जाएगी।

अंत में ये भी बता दें कि अब तक जमीन आवंटन पर कानूनी मुहर नहीं लगी है। गाँव के सरपंच के प्रतिनिधि प्रमोद पर भी आरोप है। बताया जा रहा है कि व्यक्तिगत संबंधों में उसने ऐसा किया है। जिला प्रशासन से इस संबंध में शिकायत कर दी गई है। एक पंच ने आरोप लगाया कि दलितों का हक़ मार कर ऐसा किया जा रहा है। जिला उपयुक्त ने भी बताया कि भापडौदा गाँव के लोग उनके पास शिकायत लेकर आए थे। उन्होंने जाँच के बाद सच्चाई सामने आने की बात कही।

हार से बौरा गए हैं RCB फैन्स, हाफ सेंचुरी वाले विजय शंकर को भी दे रहे गंदी-गंदी गाली: शुभमन गिल और उनकी बहन को भी बना रहे टारगेट

आईपीएल 2023 से आरसीबी के बाहर होने के बाद टीम के फैन्स इतना भड़के हुए हैं कि दूसरी टीम के प्लेयरों को सोशल मीडिया पर गाली दे रहे हैं। पहले शुभमन गिल को उनकी सेंचुरी बनाने पर भला-बुरा बोला गया। अब देखने को मिल रहा है कि विजय शंकर को भी आरसीबी के फैन्स ने उलटा सीधा बोला है। विजय ने गुजरात टाइटन्स की ओर आरसीबी के खिलाफ खेले गए मैच में हाफ सेंचुरी जड़ी थी।

नीचे स्क्रीनशॉट्स में देख सकते हैं, विजय शंकर को उनके अच्छे प्रदर्शन पर कोसा जा रहा है। एक यूजर ने उन्हें लिखा, “आज क्या खाकर आया है साले”,
एक ने गाली देकर लिखा- “कभी इंडिया के लिए भी अच्छा पर्फॉर्म कर लिया कर।”

आरसीबी का एक फैन लिखता है, “ये तब बिलकुल नहीं खेलता जब इसने नीली जर्सी पहनी हो। पैसे के लिए आजकल सब खेलते हैं।”

इसी तरह एक इंस्टा यूजर ने विजय शंकर के लिए लिखा, “सर आपके इंटरनेशनल में रन नहीं बनते हैं। पूरे साल आप लोग रन नहीं बनाते। आरसीबी के मैच में रन न बनाते तो कुछ चला जाता है। आप लोग फाइनल में हारोगे चाहे तो देख लेना।”

बता दें कि 21 मई को इंडियन प्रीमियर लीग 2023 के 70वें मैच में गुजरात टाइटन्स के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज विजय शंकर ने 34 गेंदों पर अर्धशतक लगाया था। शंकर ने 151.43 के स्ट्राइक रेट से 35 गेंदों पर 53 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 7 चौके और 2 छक्के जड़े और शुभमन गिल के साथ मिलकर 123 रनों की साझेदारी की थी। क्रिकेट प्रेमी जहाँ ऐसी पारी देखकर उनकी तारीफ कर रही थी। वहीं केवल आरसीबी फैन्स उनको गाली दे रहे थे।

विजय शंकर से पहले आरसीबी फैन्स ने गुजरात टाइटन्स शुभमन गिल को बहुत उल-जुलूस बातें कही थीं। आरसीबी के फैन्स ने शुभमन के साथ उनकी बहन को भी गाली दी थी। उनकी इंस्टा आईडी दे देकर ट्रोलर्स को उन्हें ट्रोल करने को कहा था।

उल्लेखनीय है कि ये पहली दफा नहीं है जब विराट कोहली के फैन्स इस तरह उनके हारने के पीछे सामने वाली टीम के खिलाड़ी को गाली देते दिखे हों। इससे पहले मुंबई इंडियंस के कैप्टन राहुल शर्मा और चेन्नई सुपर किंग्स के एमएस धोनी को भी कोहली फैंस ने गालियाँ बकीं हैं।

पहले चरण स्पर्श, अब FIPIC देशों का सर्वोच्च सम्मान: फिजी-पलाऊ ने भी PM मोदी को किया सम्मानित, पापुआ न्यू गिनी बोला- भारत हमारा लीडर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में भारत वैश्विक लीडर बनकर उभरा है। न केवल विकसित,बल्कि विकासशील और गरीब देश भी भारत के नेतृत्व को स्वीकार कर रहे हैं। इसी कड़ी में फोरम फॉर इंडिया पैसिफिक आईलैंड को-ऑपरेशन (FIPIC) के तीन देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया है।

प्रधानमंत्री को सम्मानित करने वाले देशों में पापुआ न्यू गिनी, फिजी और पलाऊ शामिल हैं। फिजी और पलाऊ ने पीएम मोदी को अपने देश के सर्वोच्च अवॉर्ड से सम्मानित किया है। पापुआ न्यू गिनी ने भारत को गरीब और विकासशील देशों का नेता बताया है। इससे पहले जब FIPIC की बैठक में शामिल होने के लिए 21 मई 2023 को प्रधानमंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी में लैंड किया तो उनके समकक्ष जेम्स मारापे ने एयरपोर्ट पर पैर छूकर उनका स्वागत किया था।

फिजी ने पीएम मोदी को अपने देश के सर्वोच्च सम्मान ‘कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान फिजी के पीएम सितिवेनी राबुका की ओर से पीएम मोदी को दिया गया। यह पुरस्कार अब तक बेहद कम गैर-फिजी लोगों को मिला है। सम्मानित किए जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों, भारत और फिजी के सदियों पुराने रिश्तों का है। इसके लिए मैं आपका और राष्ट्रपति जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”

पापुआ न्यू गिनी ने भी पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित किया।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने सोमवार (22 मई 2023) को तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग (FIPIC) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “हम विकसित देशों के पावरप्ले के पीड़ित हैं। भारत ग्लोबल साउथ यानी विकासशील और गरीब देशों का लीडर है। वैश्विक मंचों पर हम आपके (भारत) नेतृत्व में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँगे।”

वहीं, पलाऊ गणराज्य के राष्ट्रपति सुरंगेल व्हिप्स जूनियर ने पीएम मोदी को ‘एबकल पुरस्कार’ (Ebakl Award) भेंट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पापुआ न्यू गिनी के पीएम जेम्स मारापे के साथ तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग (FIPIC) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत बिना किसी झिझक के प्रशांत द्वीप देशों के साथ अपने अनुभव और क्षमताओं को शेयर करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “भारत को आपके विकास का भागीदार होने पर गर्व है। आप हमारे देश पर एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में भरोसा कर सकते हैं। हम बिना किसी हिचकिचाहट के आपके साथ अपने अनुभव और क्षमता को साझा करने के लिए तैयार हैं।”

पीएम मोदी का पैर छूकर स्वागत

इससे पहले पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का पैर छूकर उनका स्वागत किया था। इसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पीएम मोदी पापुआ न्यू गिनी जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। पापुआ न्यू गिनी की परंपरा है कि सूर्यास्त के बाद वहाँ आने वाले विदेशी मेहमानों का स्वागत नहीं किया जाता। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, कूटनीति और रणनीतिक कुशलता का ही परिणाम है कि पापुआ न्यू गिनी ने वर्षों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए PM मोदी का सम्मान किया।