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बिन दाढ़ी मुख सून… कौन थे हाथरस वाले प्रभुनाथ गर्ग, PM मोदी ने पढ़ा जिनका दोहा तो ठहाकों से गूँज उठी संसद: सामाजिक-राजनीतिक कुरीतियों पर खूब किया व्यंग्य

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल होते हुए प्रधानमंत्री ने बुधवार (8 फरवरी, 2023) को अपने ऊपर लग रहे आरोपों का जवाब अपने चिर-परिचित अंदाज में दिया। विरोधियों पर बरसते हुए प्रधानमंत्री ने कविताओं का जमकर प्रयोग किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधने के लिए दुष्यंत कुमार का एक शेर और काका हाथरसी का एक दोहा भी सुनाया। पीएम नरेंद्र मोदी ने काका हाथरसी का जो दोहा पढ़ा वह इस प्रकार है –

आगा-पीछा देखकर क्यों होते गमगीन, जैसी जिसकी भावना वैसा दीखे सीन।

‘काका हाथरसी’ की इन्हीं पंक्तियों को PM मोदी ने किया उद्धृत

पीएम मोदी के मुँह से काका हाथरसी का यह दोहा सुनकर सदन के लगभग सभी सदस्य मेज थपथपाते नजर आए। चलिए जानते हैं कौन थे काका हाथरसी, जिनकी रचनाएँ आज भी इतनी प्रासंगिक हैं कि प्रधानमंत्री मोदी भी उनका जिक्र किए बिना नहीं रह पाते। काका हाथरसी ने अपनी आत्मकथा ‘मेरा जीवन ए-वन’ में अपने निजी जीवन के कई विषयों पर बेबाकी से लिखा है।

काका हाथरसी का असली नाम प्रभुनाथ गर्ग है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के हाथरस में 18 सितंबर, 1906 को हुआ था। अपने जन्म के बारे में काका ने स्वयं लिखा है –

दिन अट्ठारह सितंबर, अग्रवाल परिवार। उन्निस सौ छः में लिया, काका ने अवतार।।

प्रभुनाथ गर्ग (काका हाथरसी) के पिता का नाम शिवलाल और माता का नाम बर्फी देवी था। काका के पुरखे गोकुल महावन से आकर हाथरस में बस गए थे। जब काका हाथरसी सिर्फ 15 दिन के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। बड़े भाई भजन लाल उस समय केवल 2 साल के थे। पिता के निधन के बाद दोनों भाइयों को लेकर माँ बर्फी देवी मायके चली गईं, लेकिन अधिक दिनों तक न रुक सकीं और अपने पति के घर ही रहने का फैसला किया।

प्रभुनाथ गर्ग कैसे बने काका हाथरसी?

काका हाथरसी पढ़ाई करने ननिहाल चले गए। वहाँ कुछ पढ़ लिख जाने के बाद उन्हें एक नौकरी मिली। समाज की कुरीतियों, भ्रष्टाचार और राजनीतिक कुशासन पर व्यंग करने वाले प्रभुनाथ ड्रामे में हिस्सा लिया करते थे। हाथरस में आयोजित एक नाटक में उन्होंने काका नाम के चौधरी का किरदार अदा किया। उनका यह अभिनय इतना जीवंत हुआ कि लोग उन्हें काका जी कहकर पुकारने लगे। मित्रों की सलाह पर उन्होंने काका के साथ हाथरसी जोड़ लिया। इसके बाद प्रभुनाथ काका हाथरसी के नाम से कविताएँ लिखने लगे।

1946 में ‘काका की कचहरी’ नाम से उनकी पहली पुस्तक प्रकाशित हुई। अपने कटाक्ष और व्यंगों के कारण काका धीरे-धीरे मशहूर होने लगे। कविताओं के अलावा काका हाथरसी अपनी दाढ़ी के लिए भी प्रशंसा के पात्र थे। इस पर काका हाथरसी ने ही लिखा-

“काका दाढ़ी साखिए, बिन दाढ़ी मुख सून। ज्यों मसूरी के बिना, व्यर्थ देहरादून।।

काका हाथरसी अपनी कविताओं और दोहों के माध्यम से समाज में व्याप्त दोषों, कुरीतियों, भ्रष्टाचार और राजनीतिक कुशासन पर चोट किया करते थे। काका हाथरसी की प्रमुख रचनाएँ उनके कविता संग्रह काका की फुलझड़ियाँ, काका के प्रहसन, लूटनीति मंथन करि, खिलखिलाहट, काका तरंग, जय बोलो बेईमान की, यार सप्तक, काका के व्यंग्य बाण में पढ़े जा सकते हैं। 18 सितंबर को जन्मे काका हाथरसी का निधन भी 18 सितंबर, 1995 को ही हुआ।

सचिन शर्मा से निकाह कर जीनत बन गई ज्योति, अब घर वाले दूसरी जगह निकाह का बना रहे दबाव: जान से मारने की धमकी, अनाथालय में ज़िंदगी गुजारने को मजबूर

उत्तर प्रदेश के बरेली में जीनत से ज्योति बनी लड़की ने अपने घर वालों पर संगीन इल्जाम लगाए हैं। लड़की का आरोप है कि घर वाले उसका दूसरी जगह निकाह करा रहे हैं और उसे कैद कर के रखा गया है। वीडियो के जरिए मदद माँग रही जीनत का आरोप है कि मुस्लिम युवक के साथ निकाह से इनकार करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बता दें जीनत ने साल भर पहले अपने प्रेमी सचिन शर्मा के साथ विवाह किया था। इसके बाद जीनत के घरवालों ने सचिन के खिलाफ केस दर्ज करा दिया था।

वायरल वीडियो में जीनत कह रही है कि परिजन उसका निकाह दूसरे मुस्लिम से करवा रहे हैं। मना करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। वीडियो में लड़की मदद माँग रही है। जीनत वही लड़की है जिसने जनवरी 2022 में बरेली के ही रहने वाले सचिन के साथ शादी की थी। रिपोर्टों की मानें तो जीनत के परिजनों ने सचिन के खिलाफ लड़की को बहलाकर विवाह करने संबंधी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जीनत से ज्योति बनी युवती को बरामद कर घरवालों को सौंप दिया था।

आरोप है कि घरवालों ने जीनत का बाहर निकलना बंद कर दिया और उसे घर में ही कैद कर लिया गया। इतना ही नहीं, घरवालों ने अपने ही मजहब के किसी शख्स से उसकी निकाह तय कर दिया। जीनत को यह निकाह मंजूर नहीं थी लिहाजा उसने वीडियो बनाकर मदद माँगी। वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से कार्रवाई की अपील की। इसके बाद पुलिस ने जीनत (ज्योति) को कैद से छुड़ाया।

रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने ज्योति को बाल कल्याण समिति (CWC) में पेश किया। इसके बाद समिति ने जीनत को अनाथालय भेज दिया है और कोर्ट में पेश करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि अब कोर्ट में जीनत का बयान दर्ज होगा और आगे की सुनवाई होगी।

पहले PM मोदी को बदनाम किया, अब ISIS आतंकी बनने वाली महिला BBC के लिए बनी ‘महान काम करने वाली सेलेब्रिटी’: ब्रिटेन के लोग बोले – इस मीडिया संस्थान को नहीं देंगे पैसा

ब्रिटेन के लोगों के पैसे से चलने वाला प्रोपेगेंडा मीडिया संस्थान बीबीसी एक बार फिर विवादों में है। बीबीसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हाल ही में एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। मीडिया कंपनी ने गुजरात दंगों का सारा दोष प्रधानमंत्री मोदी पर मढ़ने की कोशिश की थी। यह विवाद अभी थमा भी नहीं था कि बीबीसी ने मंगलवार (7 फरवरी, 2023) की रात अपनी इच्छा से आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (ISIS) में शामिल होने वाली शमीमा बेगम (Shamima Begum) की डॉक्यूमेंट्री प्रसारित कर दी। 

बीबीसी ने अपने एजेंडे के तहत इस आतंकवादी महिला को किसी सेलिब्रिटी की तरह दिखाने की कोशिश की है, मानो आईएसआईएस में शामिल होकर उसने कोई महान काम किया था। बीबीसी की इस हरकत को लोगों ने बिल्कुल भी पसंद नहीं किया है और इसे देखने वाले कई लोग अब दोबारा बीबीसी का लाइसेंस नहीं लेने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन में टीवी पर बीबीसी के कार्यक्रम को देखने के लिए सालाना कुछ निश्चित राशि का भुगतान करना होता है।

एक यूजर ने शो प्रसारित होने से पहले ट्वीट कर कहा, “शमीमा बेगम की कहानी बीबीसी पर रात 9 बजे… मैं उस गंदगी के ढेर को नहीं देख पाऊँगी। जब वह वहाँ गई तो उसे पता था कि वह क्या कर रही है। चकित हूँ कि बीबीसी इसे एयरटाइम दे रहा है।”

एक और यूजर ने कहा, “बीबीसी ने शमीमा बेगम को ‘कमजोर युवा लड़की’ के रूप में दिखाया है। एक म्यूजिक ट्रैक, मूडी शॉट्स, कैमरे के लिए आँसू को खूबसूरती से गिरते दिखाया गया है। इससे बेहतर होता उन्हें उसके आईएसआईएस साथियों द्वारा मारे गए और प्रताड़ित लोगों के परिवारों में से कुछ को दिखाना चाहिए था?”

वहीं शमीमा बेगम ने BBC को बताया, “मैं ISIS के साथ प्यार में थी और इसमें शामिल होने के लिए बेताब थी। मैंने गैटविक से इस्तांबुल के लिए उड़ान भरी, जहाँ एक ISIS हैंडलर बस के साथ मेरा इंतजार कर रहा था। जब मैं देश से भागी थी, तो मुझे आतंकवादी समूह से जुड़े ‘अत्याचारों’ के बारे में नहीं पता था।”

उसने कहा कि आईएसआईएस के भयानक वीडियो देखने के बाद भी उसने अपना विचार नहीं बदला था। उसने कहा कि वह ब्रिटेन लौटना चाहती है और अपनी ब्रिटिश नागरिकता छीनने के फैसले के खिलाफ अपील की है। बेगम ने कहा, “मैं उत्तरी सीरिया में एक शरणार्थी शिविर में रह रही हूँ। यह ‘जेल से भी बदतर’ है।  मैं अंदर ही अंदर खुद से नफरत करती हूँ… कम से कम जेल की सजा के बारे में आप जानते हैं कि इसका अंत होने वाला है।’ लेकिन यहाँ, आप नहीं जानते कि इसका अंत होने वाला है या नहीं।”

जिस गैंग ने दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगाइयों को दिए थे हथियार, उसका यूपी पुलिस ने किया पर्दाफाश: खिजर, जमशेद और नौख़ेज गिरफ्तार, शाहरुख़ ने तानी थी इन्हीं की दी हुई पिस्टल

साल 2020 में दिल्ली में CAA-NRC के नाम पर हुई हिन्दू विरोधी हिंसा में दंगाइयों को हथियार बेचने वाले गैंग का उत्तर प्रदेश की हापुड़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दंगों में पुलिस पर दंगाई शाहरुख़ द्वारा तानी गई पिस्टल भी इसी गैंग ने सप्लाई की थी। यह गैंग मेरठ से संचालित हो रहा था, जिसके सदस्यों ने हथियारों की सप्लाई के लिए एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बना रखा था। पकड़े गए आरोपितों के नाम खिजर, जमशेद और नौख़ेज हैं।

पुलिस ने इनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी मंगलवार (7 फरवरी, 2023) को हुई है। वहीं गैंग का मुखिया बाबू वसीम फरार है जिसकी तलाश में पुलिस की छापेमारी चल रही है।

तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी हापुड़ जिले की बाबूगढ़ थाना पुलिस ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के साथ मिल कर की है। इस गैंग की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पिछले 6 महीने से काम कर रही थी। पुलिस को इनके द्वारा एक व्हाट्सएप्प ग्रुप चलाने की जानकारी हुई जो UP के ही मेरठ जिले से संचालित हो रहा था। पुलिस का एक स्टाफ इस ग्रुप में गुपचुप ढंग से शामिल हो गया। उसने ग्रुप संचालकों की हरकतों पर बारीकी से नजर रखी। बाद में ग्रुप में गुप्त तौर पर शामिल पुलिसकर्मी ने ही आरोपितों को ग्राहक बन कर पिस्टल खरीदने का लालच दिया।

बताया जा रहा है कि पकड़े गए तीनों आरोपित ग्राहक बने पुलिसकर्मी को पिस्टल बेचने हापुड़ के बाबूगढ़ थानाक्षेत्र में आए थे। यहाँ पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपित मेरठ के रहने वाले हैं। पूछताछ में तीनों आरोपितों ने अपने लीडर का नाम बाबू वसीम बताया जो मेरठ से दिल्ली और NCR क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी करता है। गिरफ्तार आरोपितों में से मुस्तकीम के बेटे खिजर उर्फ़ मोनू की बहन की शादी भी आज ही है। उसके अब्बा मेरठ के नौचंदी से उस से मिलने भी आए थे।

दिल्ली दंगों से कनेक्शन

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि CAA-NRC के विरोध के नाम पर साल 2020 में दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान इसी गैंग ने दंगाइयों को हथियार सप्लाई किए थे। इन्हीं के द्वारा दी गई पिस्टल को शाहरुख़ नाम के दंगाई ने पुलिस के जवान पर ताना था। दिल्ली पुलिस ने काफी मशक्क्त के बाद शाहरुख़ को हथियार सप्लाई करने वाले इस गैंग के मुखिया बाबू वसीम को खोज निकला था और अप्रैल 2022 में उसे गिरफ्तार कर के तिहाड़ जेल भेज दिया था।

बाद में जेल से छूट कर यह गैंग फिर से हथियारों की तस्करी में लग गया। फ़िलहाल बाबू वसीम और इस गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगा दी गईं हैं।

अवैध हथियार बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से मैगजीन सहित 2 अवैध पिस्टल, अलग अलग बोर के 8 तमंचे, 1 बाइक और 1 स्कूटी बरामद की है। पकड़े गए खिजर पर 4 मुकदमे, जमशेद पर 2 मुकदमे और नौख़ेज पर 3 मुकदमे चल रहे हैं। ये मुकदमे अलग-अलग थानाक्षेत्रों व अलग-अलग जिलों के हैं। पुलिस के मुताबिक इस गैंग के लोग अपराधियों को ऑन डिमांड हथियारों की सप्लाई करते हैं। एक तमंचे का रेट 5 से 7 हजार और एक अवैध पिस्टल का रेट 50 हजार होता था।

हापुड़ जिले के पुलिस अधीक्षक IPS अभिषेक वर्मा के मुताबिक, पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ईसाई लड़की सुनीता ने निकाह और धर्मांतरण से मना किया, कामरान ने चेहरे पर फेंक दिया तेज़ाब: सड़क पर गिर कर छटपटाती रही, Pak में अल्पसंख्यकों का बुरा हाल

अल्पसंख्यकों के लिए नर्क कहे जाने वाले पाकिस्तान में इस कड़ी में एक और केस जुड़ गया है। पाकिस्तान के कराची में एक ईसाई लड़की के चेहरे पर तेजाब फेंके जाने की घटना सामने आई है। इस घटना का आरोप कामरान अल्ला बख्स नाम के मुस्लिम युवक पर लगा है। बुरी तरह से घायल पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। तेज़ाब के हमले से लकड़ी के चेहरे को काफी नुकसान पहुँचा है। पुलिस ने केस दर्ज कर के कामरान को हिरासत में ले लिया है। आरोपित ने हमले की वजह पीड़िता से एकतरफा प्यार करना बताया है। घटना बुधवार (1 फरवरी, 2023) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कराची के फरेरे (Frere) पुलिस स्टेशन की है। पीड़िता का नाम सुनीता मसीह है जिनकी उम्र 19 साल है। सुनीता मासूम शाह कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहती है। आरोपित कामरान पीड़िता का पड़ोसी बताया जा रहा है। सुनीता के चाचा जॉन मसीह के मुताबिक, घटना के दिन 1 फरवरी को सुनीता अपने घर से कुछ काम से कराची के ही काला पुल इलाके में निकली थी। वह कैंट इलाके से बस पकड़ने ही वाली थी कि कामरान ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया।

हमले के बाद कामरान मौके से भाग निकला। सुनीता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बताया जा रहा है कि तेजाब के हमले से सुनीता का शरीर 20% जल चुका है। खुद सुनीता का कहना है कि कामरान के हमले के बाद उनके चेहरे, पैरों और आँखों में तेज जलन होने लगी थी और वो सड़क पर गिर कर छटपटाने लगी थी। कामरान पर आरोप है कि वह सुनीता मसीह से जबरन निकाह करना चाहता था। बताया जा रहा है कि कामरान सुनीता को ईसाई मत त्याग कर इस्लाम कबूलने का भी दबाव दे रहा था।

सुनीता के घर वालों का कहना है कि उन्होंने कई बार कामरान के परिवार वालों ने उसकी हरकतों की शिकायत की, लेकिन उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। इस बीच कामरान बख्स के बार-बार दबाव डाले जाने पर सुनीता ने उसे साफ़ तौर पर बता दिया कि न तो वो ईसाई मत छोड़ेगी और न ही उस से निकाह करेगी। इस बीच सुनीता मसीह ने कामरान की हरकतों की शिकायत पुलिस से भी की थी लेकिन पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। थक-हार कर सुनीता के रिश्तेदारों ने एक बार कामरान की पिटाई भी की लेकिन इस से भी उसकी हरकतों पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

तेजाब से हुए हमले के बाद कामरान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। कराची पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सगीर अहमद के मुताबिक कामरान पर PPC की धारा 336- B के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने कामरान का 2 दिनों का कस्टडी रिमांड भी लिया था। कामरान ने पुलिस के आगे सुनीता से एकतरफा प्यार की भी बात कबूली। हालाँकि सुनीता के चाचा जॉन के मुताबिक, महज 19 साल की उम्र में उनकी भतीजी का जीवन कामरान ने तबाह कर दिया।

उनका कहना है कि अगर कामरान को उसके किए की सजा मिल भी जाए तो क्या उनकी भतीजी का जीवन सामान्य हो पाएगा जिसका चेहरा विकृत कर दिया गया है।

COW HUG DAY: 14 फरवरी को लगाएँ गाय को गले, भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए AWBI की पहल

14 फरवरी को ‘काउ हग डे’ (COW HUG DAY) मनाने की अपील की गई है। अपील के मुताबिक ‘काउ हग डे’ का अर्थ है – गाय को गले लगाना। यह अपील केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय (The Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying) ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) के साथ मिलकर की है। जानकारी के मुताबिक लोगों को अपने संस्कृति के प्रति जागरुक करने, भावनात्मक समृद्धि और खुशी के लिए ‘काउ हग डे’ मनाने का फैसला लिया गया है।

बोर्ड की तरफ से की गई अपील में लिखा है, “हम सब जानते हैं कि गाय भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। गाय हमारे जीवन को बनाए रखने के अलावा पशुधन और जैव विविधता का प्रतिनिधित्व भी करती है। माँ के समान पोषक प्रकृति और दूध देने के कारण गायों को कामधेनु और गौमाता के नाम से जाना जाता है। अपील में आगे लिखा है कि पश्चिमीकरण के कारण हमने अपनी संस्कृति और वैदिक परंपराओं को भुला दिया है।”

एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की अपील में आगे जिक्र है:

“गाय के उपकारों के बदले उसे गले लगाने से गायों के साथ हमारा भावनात्मक जुड़ाव होगा। इसलिए गाय से प्रेम रखने वाले लोगों को 14 फरवरी को COW HUG DAY मनाना चाहिए। इस दिन को मनाते हुए हमें मानव जीवन पर गाय के उपकारों और गाय की महत्ता को याद करना चाहिए। ताकि हमारा जीवन सकारात्मक और खुशहाल बना रहे।”

योग दिवस की तरह ही भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के सहयोग से मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘काउ हग डे’ मनाने की पहल की है। बोर्ड की तरफ से सभी गाय प्रेमियों से इस दिन को मनाने की अपील की गई है। बता दें कि भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) भारत सरकार का एक संवैधानिक निकाय है, जिसे पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 (पीसीए एक्ट) के अंतर्गत बनाया गया था।

उधर संसद में राहुल गाँधी का भाषण, इधर अडानी के शेयरों ने लगाई 102% की छलांग! एक दिन में ₹42000 करोड़ का फायदा, फूट रहा हिंडनबर्ग वाला गुब्बारा?

अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से अडानी ग्रुप के शेयरों में काफी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों ने धमाकेदार वापसी की है। गौतम अडानी के नेतृत्व वाले ग्रुप के शेयर इस सप्ताह के उच्च स्तर पर हैं। हालाँकि, इसके बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया है कि संसद में राहुल गाँधी के नकारात्मक भाषण के बाद अडानी के शेयर्स बढ़ने शुरू हो गए हैं। बता दें कि संसद में भाषण देते हुए कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने न सिर्फ अडानी पर तरह-तरह के आरोप लगाए, बल्कि झूठ भी बोला।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर बुधवार (8 फरवरी, 2023) को 102 फीसदी बढ़ गए हैं। बीएसई पर, अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 13.07 प्रतिशत बढ़कर 2038 रुपए पर पहुँच गया है और इसका बाजार मूल्य बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन 7.24 प्रतिशत बढ़कर 593.35 रुपए प्रति शेयर हो गया है, जिसका बाजार मूल्य 1.28 लाख करोड़ रुपए है। वहीं, अडानी ट्रांसमिशन 5 फीसदी बढ़कर 1314.25 रुपए, अडानी पावर 4.99 फीसदी बढ़कर 182 रुपए और अडानी विल्मर 4.99 फीसदी बढ़कर 419.35 रुपए हो गया। ये शेयर अपने अपर प्राइस बैंड पर पहुँच गए हैं। इनके अलावा एनडीटीवी के शेयर 3.94 प्रतिशत बढ़कर 225.50 रुपए, अंबुजा सीमेंट्स के शेयर 1.15 प्रतिशत बढ़कर 388.10 रुपए और एसीसी के शेयर 0.43 प्रतिशत बढ़कर 2004 रुपए हो गए हैं।

उल्लेखनीय है कि अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर शुक्रवार (3 फरवरी 2023) को 35 फीसदी तक गिर गए थे। इस शेयर ने अपने लोअर सर्किट 1017.10 को छुआ था। लेकिन सोमवार (6 फरवरी 2023) से अडानी ग्रुप के शेयरों में काफी तेजी देखी जा रही है। यह तीसरे दिन भी जारी है। इसने पैसा लगाने वाले निवेशकों को मालामाल कर दिया है। आज सुबह 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 350.16 अंक बढ़ा यानी यह 0.58 प्रतिशत बढ़कर 60,636.20 अंक पर पहुँच गया है।

बता दें कि हिंडेनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई आरोप लगाए थे। इनमें मनी लॉन्ड्रिंग, अनऑथोराइज्ड ट्रेडिंग, वित्तीय गड़बड़ी, भारी-भरकम लोन सहित कई गंभीर आरोप थे, जो किसी कंपनी के लिए घातक बताए गए थे। बाद में अडानी समूह ने अमेरिकी रिसर्च कंपनी द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया था। कंपनी ने 413 पन्नों के जवाब में हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठ करार दिया था। कंपनी ने कहा था कि ये आरोप भारत और यहाँ की कंपनियों तथा देश के विकास पर सुनियोजित हमला है।

अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी टोटल गैस के शेयर 24 जनवरी को 3891 रुपए पर बंद हुए थे। लेकिन गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को इन शेयरों की कीमत 1707 रुपए रह गई। इसी तरह, अडानी पावर के शेयर 24 जनवरी को 274 रुपए पर ट्रेड हो रहे थे। लेकिन लगातार 6 शार्ट सर्किट के बाद शेयर की कीमत गुरुवार को घटकर 202 रुपए पहुँच गई थी।

चीन का जासूसी गुब्बारा भारत में भी… पता लगाया रक्षा और सैन्य जानकारी: कई देशों को बनाया निशाना, US मीडिया का दावा

चीन ने भारत और जापान सहित कई देशों को निशाना बनाते हुए जासूसी गुब्बारों को हवा में छोड़ा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ दिन पहले चीन के जासूसी गुब्बारे देश के संवेदनशील प्रतिष्ठानों के ऊपर उड़ रहे थे। शनिवार (4 फरवरी 2023) को अमेरिका की सेना ने अटलांटिक महासागर के ऊपर दक्षिण कैरोलिना के तट के ऊपर उड़ रहे इन गुब्बारों को मिसाइल के जरिए नष्ट कर दिया था।

अमेरिका की उप-विदेश मंत्री वेंडी शर्मन ने सोमवार (6 फरवरी 2023) को करीब 40 दूतावासों के अधिकारियों को इस जानकारी से अवगत कराया। इस जानकारी को भारत समेत अन्य सभी सहयोगी और मित्र देशों के साथ साझा किया गया।

‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने मंगलवार (7 फरवरी 2023) को दावा करते हुए कहा कि चीन ने गुब्बारे के जरिए निगरानी अभियान के तहत जापान, भारत, वियतनाम, ताइवान और फिलीपीन समेत कई देशों की सैन्य संपत्तियों संबंधी जानकारी एकत्रित की। ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की यह रिपोर्ट कई अनाम रक्षा एवं खुफिया अधिकारियों के साक्षात्कार पर आधारित है।

अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि चीन की पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) वायु सेना द्वारा संचालित इन जासूसी करने वालों गुब्बारों को पाँच महाद्वीपों में देखा गया है। हाल के वर्षों में फ्लोरिडा, टेक्सास और गुआम में कम से कम चार गुब्बारे देखे गए हैं, जो पिछले हफ्ते नष्ट किए गए गुब्बारों के अलावा हैं।

एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, “ये गुब्बारे पीआरसी (People’s Republic of China) के गुब्बारों के बेड़े का हिस्सा हैं, जिन्हें निगरानी अभियान चलाने के लिए विकसित किया गया है। इसके ​जरिए इन्होंने अन्य देशों की संप्रभुता का उल्लंघन किया है।”

कहा जा रहा है कि अमेरिकी में डोनल्ड ट्रंप के शासन के दौरान चार में से तीन घटनाएँ हुई थीं, लेकिन इनकी पहचान चीनी निगरानी एयरशिप के रूप में हाल ही में की गई। इस संबंध में अमेरिकी रक्षा संस्थान ने गुब्बारे की तस्वीरें जारी की थी।

गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के निर्देश के बाद एफ-22 फाइटर जेट से मिसाइल दागकर कैरोलिना तट के पास चीन के जासूसी गुब्बारे को गिरा दिया था। इस जासूसी बैलून को लेकर अमेरिका और चीन के रिश्तों में खटास आ गई है। बाइडेन पाँच दिन पहले ही इस काम को करना चा​हते थे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें सलाह दी थी कि इसके लिए सबसे उपयुक्त समय तब होगा, जब यह पानी के ऊपर आ जाए।

‘फिलिस्तीन से बद्तर जम्मू-कश्मीर’: सड़क पर बैठ बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रहीं थीं पूर्व CM महबूबा मुफ्ती, दिल्ली पुलिस ने पकड़कर गाड़ी में डाला

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ़्ती (Mahbuba Mufti) को बुधवार (8 फरवरी 2023) को नई दिल्ली में हिरासत में लिया गया है। वह यहाँ केंद्रशासित प्रदेश में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई का विराेध कर रही थीं। उनके साथ पीडीपी (PDP) के अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गुंडाराज चल रहा है। 

पीडीपी नेता ने कहा, “जम्मू-कश्मीर में दुकानें तोड़ी जा रही हैं। हमारी जीविका को समाप्त किया जा रहा है।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर की तुलना अफगानिस्तान से कर दी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को अफगानिस्तान की तरह बर्बाद किया जा रहा है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि महबूबा मुफ़्ती को पुलिस के वाहन में ले जाया जा रहा है। वह विजय चाैक के पास प्रदर्शन कर रहीं थीं और वहीं बैठ गई थीं। इस दौरान पुलिस के बस में पीडीपी के अन्य कार्यकर्ताओं को भी देखा जा सकता है। कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने हाथ में बैनर-पोस्टर भी लिए हुए थे।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की जा रही है। इन जिलों में सरकार के जमीनों से अवैध कब्जों से मुक्त करवाया जा रहा है। इसी को देखते हुए कई अवैध इमारतों को भी बुलडोजर से गिराया गया है।

महबूबा मुफ़्ती ने आगे कहा कि भाजपा देश के संविधान को तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के नाम पर गरीब लोगों को घरों को तोड़ने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुफ्ती के मुताबिक जम्मू कश्मीर का हाल फिलिस्तीन से भी बद्तर है।

महबूबा ने मंगलवार (7 फरवरी 2023) को भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, ”हमारे यहाँ भी एजेंसियाँ हैं और अब केंद्र व राज्य की एजेंसियों के बीच एक प्रतियोगिता चल रही है। जितने बुलडोजर कश्मीर में भेजे जा रहे हैं, उतने कहीं नहीं भेजे गए होंगे। अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के नाम पर गरीबों के घरों से निकाला जा रहा है।”

जो कहते थे कश्मीर में तिरंगा फहराने से माहौल बिगड़ जाएगा, आज वही लोग… PM मोदी ने बताया कैसे बदला J&K, आज शांत नॉर्थ-ईस्ट में हाइवे-रेलवे सब

पीएम मोदी ने संसद में भाषण देते हुए उस जमाने के नॉर्थ ईस्ट और इस जमाने के नॉर्थ ईस्ट की भी बात की, जहाँ अब हवाई जगह से लेकर रेलवे और हाइवे तक की सुविधा है। उन्होंने पूछा कि आज जम्मू कश्मीर में हजारों लोगों के साथ जाकर तिरंगा झंडा फहराया जा सकता है – ये माहौल किसने बनाया? उन्होंने कहा कि जो लोग पहले कहते थे कि जम्मू कश्मीर में तिरंगा फहराने से माहौल बिगड़ जाएगा, वही लोग वहाँ जाकर तिरंगा फहरा रहे हैं।

पीएम मोदी ने इस दौरान आज़ादी के 100 वर्षों में एक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि गाँधी के नाम पर रोटी सेंकने वालों को महात्मा गाँधी को पढ़ लेना चाहिए। पीएम मोदी ने उस घटना को भी याद किया, जब नब्बे के दशक में उन्होंने आतंकियों की धमकी के बावजूद कश्मीर के लाल चौक पर जाकर तिरंगा फहराया था और कहा था कि किसने अपनी माँ का दूध पिया है – इसका फैसला भी वहीं पर हो जाएगा।

संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं। विचारधारा में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन यह देश अमर-अजर है। आइए, हम चल पड़ें। 2047 में एक विकसित भारत बना कर रहेंगे। आइए, एक संकल्प और सपना लेकर चलें। देश आज यहाँ से एक नई उमंग-नए विश्वास के साथ आगे चल पड़ा है। जो हाल में जम्मू-कश्मीर घूम कर आए हैं वो भी अब देख सकते हैं कि कितनी आन-बान-शान से घूम सकते हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि देश आधुनिकता की तरफ बढ़े, इसलिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बिना जीवन नहीं होता, लेकिन चुनौतियों से ज्यादा सामर्थ्यवान है देशवासियों का जज्बा। दुनिया के तमाम देशों व हमारे पड़ोस में जिस तरह के हालात हैं, ऐसे समय में कौन हिंदुस्तानी गौरव नहीं करेगा कि उनका देश दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। संसद में इस दौरान सांसदों ने मोदी-मोदी के नारे भी लगाए।