Home Blog Page 2037

चलती बाइक पर उलटी बैठी हुई युवती, प्रेमी को बार-बार कर रही थी किस: वीडियो वायरल होने के बाद नेल्सन का बेटा गिरफ्तार, लखनऊ से भी आया था ऐसा वीडियो

राजस्थान के अजमेर में चलती बाइक पर ‘अश्लील स्टंट’ करने वाले कपल का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। यह घटना सोमवार (6 फरवरी, 2023) देर रात की है। वीडियो सामने आने के बाद अजमेर के क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेते हुए बाइक सवार के खिलाफ केस दर्ज किया और बाइक भी बरामद कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाइक सवार कपल अजमेर से पुष्कर की तरफ जा रहे थे। इस दौरान कपल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता फैलाई। लोगों ने शहर में इस तरह से अश्लीलता फैलाने वालों पर कार्रवाई करने को कहा है। क्रिश्चयनगंज थाना प्रभारी करण सिंह ने बताया कि यह वीडियो सामने आने के बाद टीम गठित कर जाँच की जा रही है। युवक-युवती के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर बाइक सवार आरोपित साहिल मैसी (24) पुत्र नेल्सन को पकड़ा है। वह अजमेर के फॉयसागर रोड का रहने वाला है। उसके खिलाफ धारा 336, 279, 294 के तहत मुकदमा दर्ज कर बाइक को जब्त कर लिया गया है।

वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि आरोपित बाइक चला रहा है और युवती उसके आगे की तरफ मुँह करके बैठी हुई है। वह उसे चलती रोड पर बार-बार गले लगा रही है और किस कर रही है। थाना प्रभारी करणसिंह ने ‘इंडिया टुडे’ को बताया कि उन्होंने बाइक पर साहिल के साथ बैठी युवती की पहचान भी कर ली है।

वायरल वीडियो को लेकर ‘विश्व हिंदू परिषद (VHP)’ के प्रांत सहमंत्री शशि प्रकाश इंदौरिया ने दैनिक भास्कर को बताया, “प्रदेश में कानून व्यवस्था बिल्कुल चौपट हो चुकी है। अजमेर का वायरल वीडियो हमारी सनातन संस्कृति का अपमान है। जिस देश में बेटियों को दुर्गा के रूप में पूजा जाता है, उन बेटियों का इस प्रकार से वीडियो वायरल होना और उस पर पुलिस द्वारा अभी कोई एक्शन नहीं लेना, निश्चित रूप से अचंभित कर देने वाला विषय है। इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।”

उनके अलावा विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी लेखराज शर्मा का कहना है कि अश्लीलता का जो वीडियो सामने आया है, उसमें युवक-युवती भारतीय संस्कृति का हनन कर रहे हैं। इस मामले में संगठन की ओर से शिकायत देकर कार्रवाई की माँग की जाएगी।

लखनऊ में चलती स्कूटी पर किस

गौरतलब है कि पिछले महीने (जनवरी 2023) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज से भी इसी तरह का एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में एक प्रेमी जोड़े को चलती स्कूटी पर ‘अश्लील स्टंट’ करते हुए देखा गया था। वीडियो में युवक स्कूटी चला रहा था और लड़की उसके चेहरे की तरफ मुँह कर के उसकी गोद में बैठी हुई थी और उसे लगातार किस कर रही थी। उस समय सड़क व्यस्त थी और काफी ट्रैफिक भी था।

पुलिस ने लगभग 100 CCTV फुटेज खँगालने के बाद उस व्यक्ति की पहचान कर के उसे गिरफ्तार किया था। आरोपित का नाम विक्की शर्मा था।

बीवी अमेरिका के राष्ट्रपति की… चुम्मा दिया उप-राष्ट्रपति के शौहर को: Video देख नेटीजन्स बोले- जो बायडेन तुम सोते रहो

सोशल मीडिया पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Jo Biden) की पत्नी व देश की प्रथम महिला जिल बाइडेन (Jill Biden) का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में जिल बाइडेन अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamala Harris) के पति डग एम्हॉफ (Doug Emhoff) के होठों को चूमती दिखती हैं। यह वीडियो कैपिटल हिल में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के स्टेट ऑफ द यूनियन (State Of The Union) में उनके संबोधन के ठीक पहले का है।

दरअसल मंगलवार (7 फरवरी 2023) रात को राष्ट्रपति बाइडेन का दूसरा ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन होना था। हालाँकि इस दौरान जिल बाइडेन हॉल में प्रवेश करती हैं। सभी उनके सम्मान में अपनी सीटों से खड़े हो जाते हैं और ताली बजाकर उनका अभिवादन करते हैं। कमला हैरिस के पति डग एम्हॉफ भी अपनी सीट से खड़े होकर ताली बजा रहे थे। इतने में जिल बाइडेन उनके पास आती है और उनके होठों पर किस करती हैं। आसपास के लोग इस घटना से थोड़े चकित हो जाते हैं।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसपर मजेदार प्रतिक्रिया दे रहे हैं तो कुछ यूजर दोनोंं को कोस भी रहे हैं। एक यूजर ने कहा, ”जिल बाइडेन अपने पति के ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ के दौरान कमला हैरिस के पति को चूमते हुए पकडी गईं। ये लोग निर्लज्ज हैं।”

वहीं एक यूजर कहता है, ”इस समय माइक पेंस के कान से धुआँ निकल रहा है।”

एक और यूजर कमला हैरिस के पति पर कमेंट करते हुए लिखता है, ”यह अजीब है। क्या पर्दे के पीछे का असली मास्टरमाइंड है कमला का पति है?”

एक यूजर ने कहा कि जैसे जो बायडेन अमेरिका के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर सो रहे हैं, वैसे ही वो अपनी बीवी को भी नहीं देख रहे।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) में बहुमत खोने के बाद जो बाइडेन का यह पहला ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन था। इससे पहले वह यहाँ एक और संबोधन दे चुके हैं। संबोधन के दौरान उन्होंने चीन, युक्रेन और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बारे में बात की।

चीखता-चिल्लाता रहा बिराज, ये पेड़ से बाँध कर मारते रहे: सिर मूँड़ के कर दिया पेशाब: निजामुद्दीन, अक्लासुद्दीन और सलमा गिरफ्तार

असम के हैलाकांडी जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोगों ने एक युवक को पेड़ से बाँध कर रखा है और उसकी पिटाई कर रहे हैं। कुछ ही देर बाद युवक के बालों को छील दिया जाता है और उस पर एक व्यक्ति पेशाब करता है। दर्द से चीखता युवक रहम की भीख माँगता दिखाई दे रहा है लेकिन सामने वालों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। वीडियो में कुछ महिलाओं की भी आवाजें सुनाई दे रहीं हैं।

अब पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुख्य आरोपित का नाम निजामुद्दीन है। 2 अन्य आरोपितों के नाम अक्लासुद्दीन और सलमा बेगम हैं। पीड़ित युवक का नाम बिराज पॉल है।

वायरल वीडियो लगभग 2 मिनट 20 सेकेंड का है। इसे नयन दास नाम के व्यक्ति द्वारा ट्विटर हैंडल @nayanda40927241 से मंगलवार (7 फरवरी 2023) को ट्वीट किया गया है। इस वीडियो में एक युवक के ऊपर के कपड़े उतार कर उसके दोनों हाथों को पेड़ से बाँधा गया है। शुरुआत में लुंगी और बनियान पहना आरोपित पीड़ित को डंडे से मार रहा है। इस दौरान पीड़ित जोर-जोर से चीखता है। बाद में एक मशीन से पीड़ित के बालों को छील दिया जाता है और उसको घुटनों के बल बिठा कर उस पर लुंगी वाले व्यक्ति द्वारा पेशाब कर दिया जाता है। इस दौरान पीड़ित लगातार रोता रहता है।

वीडियो में पीछे से किसी महिला की भी आवाज सुनाई दे रही है, जो आरोपितों को रोकने के बजाए उसकी करतूत का समर्थन कर रही है। मौके पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति द्वारा यह वीडियो कई एंगल से बनाया गया है। इस वीडियो का संज्ञान असम के DGP जी पी सिंह ने लिया। मंगलवार (7 फरवरी 2023) को उन्होंने बताया कि इस मामले में हैलाकांडी पुलिस ने कुल 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। DGP ने मुख्य आरोपित का नाम निजामुद्दीन बताते हुए उसकी फोटो भी शेयर की है। पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

क्या था पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला हैलाकांडी जिले के लाला थाना क्षेत्र के गाँव कृष्णापुर का है। मुख्य आरोपित निजामुद्दीन नशीली दवाओं का तस्कर बताया जा रहा है जो पहले भी जेल जा चुका है। पीड़ित बिराज पॉल के अनुसार, वह 2000 रुपए ले कर निजामुद्दीन के घर हेरोइन के 4 डिब्बे खरीदने गया था। निजामुद्दीन ने उसे डिब्बे खुद उठा कर लेने के लिए कहा। बिराज ने 4 डिब्बों के बजाय 5 डिब्बे उठा लिए, जिसे निजामुद्दीन की अम्मी ने देख लिया। बिराज को लगा कि वह पकड़ा गया तो उसने एक डिब्बा फेंक कर खुद ही उसे खोजने का दिखावा करने लगा।

बिराज के अनुसार, निजामुद्दीन ने उसकी तलाशी ली और डिब्बा न मिलने पर उस दिन उसे जाने दिया। बाद में निजामुद्दीन पीड़ित बिराज पॉल को लगातार कॉल कर के कभी सस्ते में ड्रग्स देने तो कभी ज्यादा कमीशन देने के बहाने बुलाने लगा। बिराज उसकी बातों में आ गया। वह आरोपितों के घर चला गया और वहाँ उसके साथ निर्ममता कर के उसकी वीडियो वायरल कर दी गई। बिराज का आरोप है कि आरोपित निजामुद्दीन पहले भी 17 साल के एक नाबालिग को मरने पर मजबूर कर चुका है। इसी के साथ वह एक पुलिसकर्मी की हत्या भी कर चुका है। पुलिस बिराज पॉल के आरोपों की जाँच कर रही है।

मर गई माँ… लेकिन गर्भनाल से 10 घंटे तक देती रही अपने नवजात को जीवन-घुट्टी: तुर्की-सीरिया में हजारों मौतों के बीच चमत्कार

तुर्की-सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप ने जान-माल की भारी क्षति हुई है। मलबे से लगातार शव निकाले जा रहे हैं। मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इन कई दर्दनाक मौतों के बीच एक नवजात की जिंदगी की कहानी भी अब सामने आ रही है। दरअसल भूकंप आने के करीब 10 घंटे के बाद सीरिया से एक नवजात को बचाया गया है। नवजात बच्ची की माँ की मौत हो चुकी है लेकिन इस दौरान वह अपनी माँ से जुड़े गर्भनाल के सहारे पोषण लेती रही और जिंदा बची रही। बच्ची अब अपने परिवार में जिंदा बची एकमात्र सदस्य है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्ची के परिजनों और डॉक्टर ने बताया कि उत्तर-पश्चिम सीरिया के छोटे से कस्बे जिंदरिस के निवासियों ने रोते हुए नवजात की आवाज सुनी। बचाव अभियान के दौरान एक बच्ची मिली, जिसकी माँ की मौत हो चुकी थी। बच्ची पाँच मंजिला अपार्टमेंट की इमारत के मलबे के नीचे दबी अपने माँ के पैरों के सामने मिली। नवजात बच्ची का गर्भनाल माँ अफरा अबू हादिया से जुड़ा हुआ था।

बच्ची का इलाज कर रहे डॉ हनी मारूफ ने बताया, ”भूकंप आने के 10 घंटे से भी अधिक समय बाद बचावकर्ताओं ने सोमवार (6 फरवरी 2023) दोपहर को नवजात बच्ची को खोज निकाला। एक महिला पड़ोसी ने बच्ची का गर्भनाल काटा और बच्ची को पास के आफरीन अस्पताल लाया गया है। बच्ची को एक इनक्यूबेटर में रखा गया है।”

उन्होंने बताया कि बच्ची के शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था और उसकी पीठ पर चोट के बड़े निशान हैं, हालाँकि बच्ची की हालत स्थिर बनी हुई है। मारूफ ने कहा कि बच्ची के शरीर के तापमान में हुई गिरावट को देखते हुए संभवतः उसका जन्म उसे खोजे जाने से तीन घंटे पहले हुआ होगा।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मलबे से बच्ची को निकाले जाने के समय उसकी गर्भनाल जुड़ी हुई है। एक व्यक्ति उसे लेकर तेजी से भागता है और दूसरा व्यक्ति उसे लपेटने के लिए कंबल फेंकता है।

वहीं डॉक्टर ने कहा, ”अगर बच्ची मलबे के नीचे एक घंटे और रह जाती तो वह मर जाती। वह अपनी माँ के पैरों के सामने मिली। धूल और चट्टानों को हटाने के बाद बच्ची जीवित पाई गई।” अबू हादिया, उनके पति और चार बच्चों के शव इमारत के गेट के पास मिले हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये लोग भूकंप के समय इमारत से निकलने की कोशिश कर रहे होंगे लेकिन बिल्डिंग का हिस्सा इनके ऊपर गिर गया और इनकी मौत हो गई।

उत्तर पश्चिमी सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में स्थित जिंदरिस भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ और यहाँ कई इमारतें ढह गईं हैं। वहीं नवीनतम आँकड़ों के मुताबिक भूकंप से करीब 7900 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है। 

पादरी के साथ सेक्स किया या नहीं… 30 साल पुराने सिस्टर सेफी के ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ मामले पर दिल्ली HC का फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने महिलाओं की ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ को लेकर मंगलवार (7 फरवरी 2023) को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि किसी महिला पर वर्जिनिटी टेस्ट करना असंवैधानिक, सम्मान से जीने के उसके अधिकार का हनन है। कोर्ट ने साथ ही इस प्रथा को ‘सेक्सिस्ट’ और अमानवीय गतिविधि करार दिया। कोर्ट ने यह भी पाया कि इस टेस्ट को लेकर कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है।

जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने यह आदेश पारित किया। वह इस संबंध में सिस्टर सेफी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सिस्टर सेफी ने सिस्टर अभया की हत्या के मामले में उनके साथ किए गए वर्जिनिटी टेस्ट को असंवैधानिक करार देने की माँग की थी। सिस्टर अभया की हत्या 1992 में कर दी गई थी।

जस्टिस कांत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, ”यह स्पष्ट है कि किसी भी महिला बंदी या आरोपित के साथ वर्जिनिटी टेस्ट करना असंवैधानिक है। चाहे महिला के खिलाफ कोई जाँच चल रही हो या वह पुलिस या न्यायिक हिरासत में हो। यह संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है, जिसके अंतर्गत सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिलता है।”

हाईकोर्ट ने आगे कहा कि हर इंसान का मौलिक अधिकार बनाए रखना जरूरी है। इस केस में उसका उल्लंघन हुआ है। इसलिए सिस्टर सेफी मामले में मौलिक अधिकार के हनन के आधार पर संबंधित प्राधिकरण से मुआवजे की माँग कर सकती है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा कि वर्ष 2008 में सीबीआई ने केस में जाँच के नाम पर उसके साथ जबरन ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ किया था और इसके नतीजे को लीक कर दिया गया था।

कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के खिलाफ ‘टू फिंगर टेस्ट’ या ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ पर रोक लगा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे महिलाओं के सम्मान के साथ जीने के अधिकार का हनन, निजता का हनन माना था। ऐसे में इस मामले में दो अलग-अलग तरह के विचार नहीं हो सकते।

क्या है मामला

मामला सिस्टर अभया की हत्या से जुड़ा हुआ है। 18 साल की उम्र में 27 मार्च 1992 को वह केरल के कोट्‌टायम के सेंट पियस एक्स कॉन्वेंट हॉस्टल के कुएं में मृत पाई गई थीं। मामला पहले केरल पुलिस के पास था और पुलिस ने इसे शुरुआत में आत्महत्या करार दिया था। बाद में सीबीआई ने मामले की जाँच की। जाँच के दौरान पता चला कि सिस्टर सेफी ने सिस्टर अभया की हत्या की थी और सबूत मिटाने में फादर कोट्‌टूर और फादर जोस पूथरुकायिल ने उनका साथ दिया था। सेफी और फादर कोटटूर को सीबीआई की विशेष अदालत ने दिसंबर 2020 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालाँकि केरल हाईकोर्ट ने इस सजा पर रोक लगा दी थी। 2022 में हाईकोर्ट ने इन्हें बेल भी दी थी।

दरअसल मामले में सीबीआई ने वर्ष 2009 में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट के अनुसार, CBI जाँच में सामने आया था कि अभया ने सेफी, कोट्‌टूर और जोस पूथरुकायिल को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसे छिपाने के लिए सेफी ने कुल्हाड़ी से अभया की हत्या कर दी थी। फिर तीनों ने लाश को कुएँ में फेंक दिया था। मामले में यौन गतिविधि की पुष्टि के लिए CBI ने सिस्टर सेफी का वर्जिनिटी टेस्ट कराया था। इस टेस्ट के रिजल्ट के आधार पर कोर्ट ने जाँच को सही माना था।

ईसाई बन जाओ, सब तकलीफ खत्म… 11 साल पहले पादरियों ने ऐसे किया था गुमराह, अब एक ही परिवार के 13 लोगों की घरवापसी

झारखंड के लोहरदगा में इसी माह बुधवार (1 फरवरी 2023) को एक ही परिवार के 13 सदस्यों ने ईसाई धर्म त्याग कर सरना धर्म में घरवापसी कर ली। इन सभी ने पादरियों द्वारा खुद को गुमराह करने और अन्धविश्वास सिखाने का आरोप लगाया। साल 2012 में ईसाई मत अपनाने को इस परिवार ने अपनी बड़ी भूल बताते हुए सरना धर्म को ही बेहतर कहा। इन सभी की घरवापसी विधि-विधान से हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड क्षेत्र में आने वाली मुर्की तोड़ार पंचायत का है। यहाँ के तोड़ार मैना टोली में राजेश खलखो अपने परिवार के साथ रहता है। राजेश का कहना है कि उनके घर वाले अक्सर बीमार रहा करते थे। इस बीमारी के चलते उनका परिवार समाज से अलग-थलग हो रहा था क्योंकि अन्य घरों के लोग उनके परिवार से दूरी बना रहे थे। राजेश का कहना है कि वो बीमारी से बचने के लिए झाड़-फूँक का सहारा लिया करते थे।

जानकारी के मुताबिक साल 2012 के ही दौरान उन्हें ईसाई समुदाय के कुछ लोग मिले। उन लोगों ने राजेश के परिवार की बीमारी का इलाज पादरियों के पास बताया। राजेश उनकी बातों में आ गया और अपने घर वालों को ठीक करने की मिन्नत की। कुछ समय बाद राजेश के घर पर पादरी बुलाए गए। उन सभी ने धीरे-धीरे राजेश को बहका दिया और बाद में राजेश ने पूरे परिवार के साथ ईसाई मत कबूल लिया। पादरियों का दावा था कि ऐसा करने से उसकी तमाम तकलीफों का अंत हो जाएगा।

राजेश का कहना है कि उसने पादरियों द्वारा बताए गए तमाम क्रियाकलाप किए लेकिन उसकी मुसीबतें जस की तस बनी रहीं। कुछ समय बाद ही राजेश को लगने लगा कि उन्हें गुमराह किया गया है। उन्हें अपना मूल धर्म सरना ही बेहतर लगने लगा और उन्होंने पड़हा बेल के आगे अपनी घरवापसी की इच्छा जताई। राजेश और उनके घर वालों के इस आवेदन को स्वीकार कर लिया गया। सरना समाज के पड़हा बेल दीपेश्वर भगत के मुताबिक गाँव में ही पाहन-पूजार करके राजेश के परिवार के 13 सदस्यों को वापस सरना धर्म में शामिल किया गया।

इस दौरान राजेश और उनके परिवार वालों ने संकल्प लिया कि भविष्य में वो दुबारा किसी के भी बहकावे में नहीं आएँगे और अपने मूल धर्म को ही सर्वोत्तम मानेंगे। घर वापसी करने वालों के नाम राजेश खलखो, सुखराम उरांव, सरिता खलखो, सुरजी उरांव, हीरा खलखो, मिनी खलखो, चंद्रदेव खलखो, राजू खलखो, सोनाली खलखो, अमन खलखो, सचिन खलखो और प्रीति खलखो हैं। इसमें सुखराम का भी कहना है कि उन्हें अन्धविश्वास दिखा कर पादरियों ने भटका दिया था।

श्रद्धा की प्रेगनेंसी किट से लेकर सिल्वर रिंग तक: 6629 पन्नों की चार्जशीट में दर्ज हुए आफताब के कुकर्म, दिल्ली से दुबई तक में थी कई GF

दिल्ली के श्रद्धा वालकर मर्डर केस में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मीडिया में कई नए खुलासे हुए हैं। पुलिस की जाँच में सामने आया है कि आफताब ने श्रद्धा से 2019 में शारीरिक संबंध बनाए थे जिसके बाद उसने ने प्रेगनेंसी भी चेक की थी। आफताब की दिल्ली से लेकर दुबई तक में गर्लफ्रेंड होने का खुलासा भी पुलिस पड़ताल में हुआ। ये भी पता चला कि श्रद्धा को मारने के बाद उसकी जो नई GF बनी थी उसे उसने श्रद्धा की ही अंगूठी तोहफे में दे दी थी। इसी तरह कई बातें हैं जो 6629 पन्नों की चार्जशीट से पता चली हैं। इनमें से कुछ बिंदुओं को हम बताने जा रहे हैं

चार्जशीट के मुताबिक:

  • आफताब पूनावाला ने श्रद्धा वालकर के साथ 17 मई 2019 को पहली दफा संबंध बनाया था। इसके बाद श्रद्धा के घरवालों ने उसकी प्रेगनेंसी किट देखी और उसे आफताब के साथ रहने से मना किया, मगर श्रद्धा उनका विरोध करके आफताब के साथ रहने लगी।
  • आफताब पूनावाला श्रद्धा को जान से मारने से पहले भी उसको बेरहमी से मार-मारकर अधमरा कर चुका था। श्रद्धा इस बारे में किसी से कुछ नहीं कह पाती थी क्योंकि वह अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध अपनी मर्जी से आफताब के साथ दिल्ली रहने आई थी।
  • आफताब ने बंबल एप पर कई गर्लफ्रेंड बनाईं थीं। इनमें एक दुबई भी रहती थी। श्रद्धा को जब इस संबंध में पता चला तो उसे आफताब की ईमानदारी और सच्चाई पर शक होने लगा। दोनों के बीच इसे लेकर काफी लड़ाई भी हुई थी और आफताब ने श्रद्धा को पीटा भी था। हालाँकि दुबई वाली लड़की अकेली उसकी करीबी नहीं थी। उसने नागरपुर और एक गुरुग्राम में भी लड़की से दोस्ती की हुई थी।
  • आफताब कभी-कभी श्रद्धा को इतना पीट देता था कि उसे अक्सर दफ्तर से छुट्टी लेकर घर पर रहना पड़ता था। वह बताती भी थी कि उसे आफताब ने कितना पीटा है।
  • चार्जशीट के अनुसार, श्रद्धा को मारने के बाद पूनावाला अपनी एक गर्लफ्रेंड को लेकर घर आया और तब उसने फ्रिज में छिपाए सारे बॉडी पार्ट किचन में रख दिए। जैसे ही लड़की फ्लैट से गई उसने दोबारा उन्हें फ्रिज में डाला।
  • आफताब ने अपनी नई गर्लफ्रेंड को वालकर की चाँदी की अंगूठी दी थी। जब पुलिस ने उस महिला से पूछताछ की तो उसने वो अंगूठी पुलिस को लौटाई जिसे देख एक दोस्त ने बताया कि वह अंगूठी श्रद्धा की थी।
  • मामले का खुलासा होने के बाद शुरुआत में पूनावाला पुलिस को झूठी बातें बताता था। प्रारंभिक जाँच में वो कहता था कि वॉलकर तो पिछले साल उसे छोड़कर पता नहीं कहा चली गई थी, फिर एक दिन आकर सामान भी ले गई।
  • सख्ती से पूछताछ के बाद उसने बताया कि श्रद्धा को मारने के बाद वो आरती, ब्लेड, हथौड़ा, प्लास्टिक क्लिप लेने गया था। जब सामान लेकर लौटा तो शव को बाथरूम में काटना शुरू किया। उसने पहले उसकी कलाई काटकर पॉलीथीन में रखी और फिर अगले पाँच दिन में शव के 17 टुकड़े कर दिए। इन 17 टुकड़ों में दोनों हाथ-पाँव के 6-6 टुकड़े शामिल थे। इसके अलावा सिर, धड़, अंगूठों को भी काट डाला गया था।
  • आफताब ने सबूत मिटाने के लिए छतरपुर पहाड़ी में ही अलग-लग जगह पर श्रद्धा की लाश के टुकड़ों पर पेट्रोल डालकर आग भी लगा दी थी। बाद में बची हुई हड्डियों को वह अपने किराए वाले मकान में ले आया था। वहाँ छत में मार्बल घिसने वाले ग्राइंडर से हड्डियों का पाउडर बनाया। हालाँकि, यह सब करने के बाद भी आफताब को पकड़े जाने का डर था। इसलिए उसने श्रद्धा के सिर, टॉरसो और दोनों कलाइयों को फ्रिज में ही रख दिया था।
  • चार्जशीट में आफताब ने यह भी कहा है कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद करीब तीन-चार महीनों बाद उसने श्रद्धा के सिर और चेहरे को ब्लो टॉर्च से जलाकर उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की। इसके बाद उसने चेहरे को जंगल में जबकि बालों और कपड़ों को छतरपुर पहाड़ी के पास डस्टबिन में फेंक दिया था।

उल्लेखनीय है कि पुलिस ने कोर्ट में श्रद्धा मर्डर केस की 6629 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट के अनुसार, आफताब पूनावाला ने पुलिस के सामने कहा है कि 18 मई, 2022 को उसने श्रद्धा की हत्या कर दी थी। 19 मई, 2022 को छतरपुर से ट्रैश बैग, एक चाकू और एक चॉपर खरीदा था। यही नहीं, उसने पुलिस को बताया है कि उसने छतरपुर से ही 25,000 रुपए का एक फ्रिज भी खरीदा था। फ्रिज के लिए उसने क्रेडिट कार्ड से पेमेंट किया था।

जज ने सभी वादियों (ठाकुरजी सहित) को हाजिर होने कहा, हिंदू पक्ष भगवान कृष्ण की मूर्ति संग कोर्ट में: श्री कृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह मामला

उत्तर प्रदेश के मथुरा की एक अदालत में चल रही श्री कृष्ण जन्मभूमि बनाम ईदगाह मामले की सुनवाई में भगवान कृष्ण पक्ष उनकी मूर्ति के साथ कोर्ट में पेश हुआ। अदालत ने भगवान कृष्ण की हाजिरी स्वीकार करते हुए अगली तारीख पर उन्हें न लाने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी 2023 को तय की गई है।

अगली सुनवाई में केस के अन्य वादी भगवान कृष्ण के सखा के तौर पर अपना पक्ष रखेंगे। वहीं ईदगाह पक्ष के मुताबिक उस दिन अदालत में नो वर्क था और वकीलों ने किसी कारणवश उस दिन न्यायिक कार्यों में हिस्सा नहीं लिया था। यह सुनवाई मंगलवार (7 फरवरी 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट में भगवान कृष्ण की मूर्ति को लेकर मामले के पक्षकार आशुतोष पांडेय पहुँचे थे। अदालत ने इस पर नाराजगी जताई और मूर्ति को लाने की वजह पूछी। इसके जवाब में आशुतोष पांडेय ने बताया कि उन्होंने जो केस दायर किया है, उसमें वादी ही केशव जी (भगवान कृष्ण) हैं। पक्षकार ने बताया कि अदालत में जज ने आदेश में वादी पक्ष के सभी लोगों को हाजिर होने का आदेश दिया था, ऐसे में ठाकुरजी (भगवान कृष्ण) को लाना उनकी मजबूरी थी। इस दलील को सुन कर कोर्ट ने भगवान कृष्ण की हाजिरी स्वीकार कर ली। इसी के साथ दुबारा उन्हें न लाने का भी आदेश दिया।

आशुतोष पांडेय ने अदालत से विवादित जमीन के सर्वे की माँग की। इस माँग पर न्यायलय ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 13 फरवरी 2023 को तय की। वहीं इसी केस के दूसरे पक्ष शाही मस्जिद ईदगाह इंतजामिया के सचिव और केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि आशुतोष पांडेय की माँग पर यह सुनवाई नो वर्क के दिन हुई, जब अदालत के बाकी वकीलों ने न्यायिक कार्यों से खुद को अलग कर रखा था।

इसी केस से जुड़े 5 अन्य वादियों अनिल त्रिपाठी, पवन शास्त्री, रंजना अग्निहोत्री, दिनेश शर्मा और शिशिर चतुर्वेदी की भी इसी दिन सुनवाई होनी थी। वकीलों के अदालती कार्यों से अनुपस्थित रहने की वजह से इन वादियों को सुनवाई के लिए अगली तारीख 20 फरवरी को दी गई है।

इस मुद्दे पर आशुतोष पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिछली तारीख को खुद अदालत ने कहा था कि वादी नंबर 6 मतलब केशव जी (भगवान कृष्ण) गैर हाजिर हैं। आशुतोष ने बताया कि इसी के बाद उन्होंने भगवान कृष्ण की प्रतिमा को कोर्ट में पेश किया। इसी बयान में उन्होंने आगे यह भी कहा कि कोर्ट में ईदगाह वालों को चोर बताते हुए उनके द्वारा बिजली चोरी का भी खुलासा उन्होंने ही किया था।

वादी आशुतोष ने आगे बताया कि ईदगाह कमेटी वालों के पास कोई भी मालिकाना अधिकार नहीं है और उनका टैक्स भी कृष्ण जन्मभूमि ही भरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईदगाह कमेटी वाले हिन्दू प्रतीक चिन्हों और वहाँ दबी प्रतिमाओं को हटाना और सबूतों को मिटाना चाह रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुस्लिम पक्ष के लोग मिट्टियों को हटा कर उसमें मौजूद खम्बों को विकृत करना चाह रहे, जिसकी वजह से उन्होंने कोर्ट से उस स्थान के सर्वे की माँग की है। आशुतोष के मुताबिक 13 फरवरी को ईदगाह कमेटी वालों की भी सुनवाई होगी।

हरामी: लोकसभा में सांसद महुआ मोइत्रा ने BJP नेता को बोला, बवाल के बाद भी हँसती रहीं

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने मंगलवार (7 फरवरी 2023) को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान एक अन्य सांसद के लिए हर@मी शब्द का प्रयोग किया। सदन में अध्यक्ष के सामने ‘अडानी ग्रुप’ पर मुद्दा रखने के बाद उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल किया। उनका यह शब्द संसद में गूंजते ही सत्तापक्ष के नेताओं ने काफी बवाल मचाया। भाजपा नेताओं ने कार्यवाही रुकवाते हुए कहा कि पहले मोइत्रा को माफी माँगनी चाहिए।

महुआ की वायरल होती वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे वो अध्यक्ष के आगे अपनी बातें दोहराते हुए शिकायत करती हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा। इसके बाद जब टीडीपी सांसद राम मोहन नायडू लोकसभा में बोलना शुरू करते हैं कि तभी वो (वीडियो में 3.10 के स्लॉट के बाद) उठकर भाजपा नेता (रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा नेता का नाम राम बिधूड़ी है) को हर@मी कहती हैं। इसी के बाद पूरी संसद मे सांसदों का शोर साफ सुना जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला की जगह एक्टिंग स्पीकर भृतहरि महताब ने महुआ की रिकॉर्डिंग को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया है। उन्होंने महुआ की भाषा सुनते ही कान से हेडफोन उतार दिए। इसके बाद वह बोले कि कुछ भी रिकॉर्ड नहीं होगा। कुछ बेहद आक्रमक व अभद्र शब्द उपयोग किए गए हैं। उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री से टीएमसी पार्टी से बात करने के लिए भी कहा।

बता दें कि महुआ के हर@मी कहने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग गई। साथ ही यह शब्द और महुआ मोइत्रा ट्विटर पर ट्रेंड करने लगीं। कुछ ने ऐसे बर्ताव को शर्मनाक बताया तो कुछ ने महुआ मोइत्रा के रवैये पर तंज कसा। वहीं कुछ ने कहा कि सदन में उन्होंने अपनी औकात दिखा दी।

भाजपा नेता शहजाद जय हिंद ने लिखा, “महुआ मोइत्रा ने संसद में फि अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया। इससे पहले वो एक पत्रकार से अभद्रता कर चुकी हैं, माँ काली का अपमान कर चुकी हैं, ब्राह्मणों को चोटीवाला राक्षस कह चुकी हैं। क्या इस बार भी टीएमसी उनका समर्थन करेगी और उनकी इस हरकत की निंदा की जाएगी।”

अंकुर सिंह द्वारा शेयर की गई वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे संसद में मर्यादा लांघने के बाद जब टीएमसी सांसद से भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी ने माफी माँगने को कहा तो उन्होंने माफी की जगह केवल हँसती रहीं। प्रह्लाद जोशी ने ये भी कहा कि वो सिर्फ माफी माँगने की बात कह सकते हैं लेकिन माफी माँगना न माँगना उनके हाथ में है, ये उनकी संस्कृति दर्शाता है।

कविता लिखती हैं, “महुआ मोइत्रा ने हर@मी शब्द कहा। तुम्हारे पास पैसा हो सकता है, ताकत हो सकती है, राजनीति कार्यालय हो सकता है लेकिन ये सब मिलाकर तुम्हारे घिनौनेपन को नहीं छिपा सकता। तुम्हारी असली औकात हमेशा दिख जाती है।”

बीवी को बुर्का पहना ड्रग तस्करी करता था अशरफ, पुलिस ने दबोचा: ₹51 लाख के मादक पदार्थ बरामद

उत्तराखंड की देहरादून पुलिस ने एक ड्रग तस्कर और उसकी बीवी को गिरफ्तार किया। आरोपित ड्रग तस्कर अशरफ ने अपनी बीवी साबदा को ड्रग तस्करी के धंधे में यह सोचकर लाया था कि बुर्के में होने के कारण पुलिस उस पर शक नहीं करेगी। पुलिस ने दोनों के पास से 51 लाख रुपए की ड्रग्स बरामद की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देहरादून पुलिस को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से दो लोग ड्रग्स लेकर आ रहे हैं। सूचना देने वाले ने पुलिस को यह भी बताया था कि ड्रग्स लिए हुए व्यक्ति के साथ महिला भी है। सूचना के आधार पर देहरादून पुलिस नाकेबंदी कर जाँच कर रही थी।

इस दौरान, पुलिस ने एक सेंट्रो कार की जाँच की। इस कार में ही अशरफ और उसकी बीवी साबदा बैठे हुए थे। पुलिस ने पूछताछ करने के बाद जब उनकी तलाशी की तो उनके पास से 510 ग्राम ड्रग्स बरामद की। इस ड्रग्स की कीमत 51 लाख रुपए आँकी गई। दोनों आरोपित उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी हैं।

पुलिस पूछताछ में अशरफ ने बताया कि वह पेंंटर का काम करता है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में ही उसकी पहचान एक ड्रग तस्कर से हुई थी। अधिक पैसा कमाने की लालच में आकर उसने ड्रग तस्करी शुरू की थी। वह बरेली में कम कीमत पर ड्रग्स खरीदता था।

इसके बाद, अलग-अलग स्थानों में रहने वाले ड्रग पैडलर्स को ऊँची कीमत में बेंच देता था। गिरफ्तार आरोपित अशरफ के खिलाफ देहरादून के सहसपुर और प्रेमनगर में ड्रग तस्करी के मामले पहले भी दर्ज किए गए थे। वह पहले भी जेल जा चुका है। हालाँकि इसके बाद भी उसने यह काम नहीं छोड़ा था।

पूछताछ में आरोपित अशरफ ने पुलिस को बताया है कि वह ड्रग तस्करी में अपनी बीवी को साथ रखता था। लेकिन इससे पहले वह बीवी के साथ कभी गिरफ्तार नहीं हुआ था। इसलिए उसे इस बात का विश्वास हो गया था कि महिला के साथ होने के कारण पुलिस को उस पर शक नहीं होगा और वह बच जाएगा। फिलहाल, पुलिस ने अशरफ और उसकी बीवी साबदा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों के बयान के आधार पर पुलिस अन्य ड्रग तस्करों और पैडलर्स क ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।