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दिल्ली में शराब घोटाला करके करोड़ों कमाया, गोवा में खर्च किया: ED की चार्जशीट में सब कुछ, CM केजरीवाल ने कहा मनगढ़ंत

दिल्ली शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी है। ईडी की चार्जशीट के अनुसार आम आदमी पार्टी ने शराब घोटाले से प्राप्त रुपए गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किए थे। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी की चार्जशीट को काल्पनिक बताया है।

चर्चित शराब घोटाले की जाँच कर रही ED ने गुरुवार 02 फरवरी, 2023 को दिल्ली की रोज एवेन्यु कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर, कारोबारी सरथ रेड्डी, बिनॉय बाबू, अभिषेक बोएनपल्ली और अमित अरोड़ा को आरोपित बनाया गया है। इस चार्जशीट में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का नाम नहीं है। ईडी ने कोर्ट में कहा है कि मामले की जाँच जारी है।

ED के अनुसार AAP के कम्युनिकेशंस इंचार्ज विजय नायर के निर्देश पर गोवा चुनाव कैंपेन के दौरान AAP की सर्वे टीमों में शामिल रहे वॉलंटियर्स को करीब 70 लाख रुपए का नकद भुगतान किया गया था। चार्जशीट में आगे कहा गया है कि विजय नायर ने आम आदमी पार्टी की तरफ से एक दक्षिण भारतीय ग्रुप से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी। इस ग्रुप से वाईएसआर कॉन्ग्रेस पार्टी के सांसद मगुन्टा श्रीनिवासुलु रेड्डी, उनके बेटे राघव मगुन्टा, अरबिंदो फार्मा के निदेशक पी सरथ चंद्र रेड्डी जुड़े हुए हैं।

चार्जशीट के मुताबिक नई आबकारी नीति के तहत लाइसेंस के लिए रिश्वत ली गई थी। रिश्वत की राशि के भुगतान का बंदोबस्त हैदराबाद के बिजनेसमैन अभिषेक बोएनपल्ली ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के करीबी सहयोगी दिनेश अरोड़ा के साथ मिलकर किया था। चार्जशीट में यह भी खुलासा हुआ है कि इंडोस्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रु और अरविंद केजरीवाल के बीच फेसटाइम वीडियो कॉल पर बात हुई थी।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कथित तौर पर समीर महेंद्रू से विजय नायर पर भरोसा करने के लिए कहा था। केजरीवाल ने कथित तौर पर महेंद्रू से कहा, “विजय मेरा लड़का है, तुम्हें उस पर भरोसा करके उसके साथ चलना चाहिए।”

उधर ईडी की चार्जशीट को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने कहा कि ईडी ने इस सरकार के कार्यकाल में 5,000 से ज्यादा चार्जशीट दाखिल की हैं। इन मामलों में कितनों को सजा हुई है? उन्होंने सभी मामलों को झूठा करार दिया और कहा कि ईडी का उपयोग राज्य सरकारों को अस्थिर करने और गिराने के लिए किया जा रहा है।

‘कुछ पैसों के लिए तूने तो अपना ईमान ही बेच दिया हरामी’: तेलुगु में डेब्यू करने पर नवाजुद्दीन ने बजरंग बली के सामने हाथ जोड़े डाली तस्वीर, कट्टरपंथी भड़के

बॉलीवुड अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी (Bollywood Actor Nawazuddin Siddiqui) बार फिर से कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी तेलुगु सिनेमा में हाथ आजमाने जा रहे हैं। इसकी जानकारी साझा करते हुए उन्होंने हनुमान जी को प्रणाम करते हुए एक तस्वीर डाली। इसके बाद कट्टरपंथी उन पर टूट पड़े।

नवाजुद्दीन ने 28 जनवरी 2023 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर तेलुगु फिल्म में काम करने संबंधी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “वेंकटेश, राणा दग्गुबाती और नागा चैतन्य अभिनीत फिल्म सैंधव के साथ तेलुगु सिनेमा में अपनी शुरुआत करने के लिए मैं पूरी तरह तैयार हूँ।” इसके साथ ही उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा की। उनमें से एक तस्वीर में वे हनुमान जी की तस्वीर के आगे हाथ जोड़े खड़े नजर आ रहे हैं।

इस पोस्ट को देख कट्टर इस्लामवादियों ने मूर्तिपूजा का आरोप लगाते हुए नवाजुद्दीन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। इंस्टाग्राम पर एक इस्लामवादी ने नवाजुद्दीन को गाली देते हुए लिखा, “ये क्या चु**पा है? कुछ पैसों के लिए तूने तो अपना ईमान ही बेच दिया। हरामी सा*।”

एक अन्य इस्लामवादी ने पूछा, “क्या आप नहीं जानते कि आप उनके देवी-देवताओं की पूजा नहीं कर सकते? क्या आपको खुद पर शर्म नहीं आती? बस कुछ पैसों के लिए आप ऐसा कर रहे हैं। आप जहन्नुम में जाएँगे। आपको अनफॉलो कर रहा हूँ।”

कट्टरपंथियों द्वारा अपमानजनक टिप्पणियों का स्क्रीनशॉट (फोटो साभार: इंस्टाग्राम/नवाजुद्दीन सिद्दीकी)

एक अन्य इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, “ये लो कर दी न शिर्क?” बता दें कि शिर्क इस्लाम में मूर्ति पूजा करने को कहते हैं। कट्टरपंथी इसे गैर-इस्लमी मानते हैं। वहीं, कई अन्य कट्टर इस्लामवादियों ने नवाजुद्दीन के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उन्हें एक हिंदू देवता के सामने झुकने के लिए मुसलमानों के नाम पर एक धब्बा करार दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैंधव फिल्म निहारिका एंटरटेनमेंट बैनर तले वेंकट बोयनापल्ली द्वारा निर्मित पैन-इंडियन एक्शन ड्रामा है। फिल्म के लिए संतोष नारायणन संगीत दे रहे हैं। बॉलीवुड की बात करें तो नवाजुद्दीन आखिरी बार 2022 में आई हीरोपंती 2 में देखे गए थे।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी आने वाले समय में कई बॉलीवुड फिल्मों में भी नजर आने वाले हैं। इनमें बोले चूड़ियाँ, अफवाह, टीकू वेड्स शेरू और जोगीरा सा रा रा रा जैसी फिल्में शामिल हैं।

‘आप तो अभी तक गिरफ्तार नहीं हुईं?’ द वायर वाली आरफा के मुस्लिम कार्ड पर नेटिजन्स ने पूछे सवाल, सिद्दीक कप्पन की रिहाई पर किया था ट्वीट

वामपंथियों के प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द वायर’ (The Wire) की सीनियर संपादक आरफा खानम शेरवानी (Arfa Khanum Sherwani) को नेटिजन्स जमकर ट्रोल कर रहे हैं। दरअसल, आरफा खानम ने केरल के तथाकथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन को बेल मिलने के बाद ट्वीट करते हुए मुस्लिम पत्रकार कार्ड खेलने की कोशिश की।

हाथरस में साजिश रचने और प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के साथ संबंधों को लेकर कप्पन 28 महीनों से जेल में बंद था। विभिन्न मामलों में उसे जमानत मिलने के बाद गुरुवार (02 फरवरी 2023) को उसे जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया।

इसको लेकर आरफा ने मुस्लिम कार्ड खेला और दावा किया कि कप्पन सिर्फ इसलिए गिरफ्तार किया गया, क्योंकि वह ‘मुस्लिम पत्रकार’ हैं। आरफा ने ट्विटर पर लिखा, “तकरीबन 2 साल बाद पत्रकार सिद्दीक कप्पन यूपी की जेल से रिहा हुए। सिद्दीक को एक ऐसे अपराध के लिए कैद किया गया जो उन्होंने किया ही नहीं था। उनका गुनाह सिर्फ इतना था कि वे एक पत्रकार हैं, ऊपर से मुस्लिम।”

उनके इस ट्वीट के बाद नेटिजन्स ने कमेंट्स की बरसात कर दी। ट्विटर यूजर @singpuri ने पूछा कि अगर भारत की मौजूदा सरकार मुस्लिम पत्रकारों को चुन-चुनकर निशाना बनाती है तो उन्हें क्यों छोड़ दिया। उन्होंने लिखा, “आपको अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? सरकार आपको स्पेशल ट्रीटमेंट क्यों दे रही है। आपमें क्या अलग है?”

ट्विटर यूजर @Spoof Junkey ने आरफा के पोस्ट का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “अगर मुस्लिम पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है तो आप जेल में क्यों नहीं हो? ओह सॉरी… मैं भूल गया था कि आप पत्रकार नहीं बल्कि एक यूट्यूबर हैं।”

राना अय्यूब और सबा नकवी जैसे अन्य विवादित मुस्लिम पत्रकारों पर कटाक्ष करते हुए @AlpaKanya ने ट्वीट किया, “गिरफ्तारी के लिए आपके मानदंड (criteria) को देखते हुए आश्चर्य है कि आप राना और सबा खुलेआम कैसे घूम रहे हैं?”

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज मार्कंडेय काटजू ने भी मुस्लिम विक्टिम कार्ड खेलने पर आरफा को फटकार लगाई। उन्होंने लिखा, “मुस्लिम… मुस्लिम… मुस्लिम! हमेशा बचाव में आप मुस्लिम पहचान को आगे करती हैं। आपको नहीं लगता कि इस तरह की बातों से समाज का ध्रुवीकरण हो रहा है और सत्ता पक्ष को इसका फायदा मिल रहा है? लेकिन अपने जुनून की वजह से शायद आप इसकी परवाह नहीं करतीं।”

बता दें कि सिद्दीक कप्पन की गिरफ्तारी प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) में हुई थी। उस पर UAPA भी लगाया गया था। यूपी पुलिस ने कप्पन को 5 अक्टूबर 2020 को तब गिरफ्तार किया गया था, जब वह अपने साथियों के साथ हाथरस जा रहा था।

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू की अनुमति नहीं देने पर हजारों लोगों ने किया हाइवे जाम, 10km तक गाड़ियों की कतार: लाठीचार्ज-आँसू गैस नहीं आया काम तो दी इजाजत

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में जल्लीकट्टू (Jallikattu) उत्सव के आयोजन की अनुमति नहीं देने पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार (2 फरवरी 2023) को हाइवे को घंटों जाम रखा। इससे यातायात बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई। प्रशासन के इस रूख से लोग नाराज लोगों ने पथराव भी किया।

अधिकारियों के रवैए से नाराज हजारों लोग बाहर आए और बेंगलुरु-चेन्नै राजमार्ग (Bengaluru-Chennai Highway) को जाम कर दिया। जाम के कारण हाइवे पर लगभग 10 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

दरअसल, तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के कोप्पाचंद्रम में ग्रामीणों ने जल्लीकट्टू आयोजन की पूरी तैयारी कर ली थी। आसपास के गाँवों के हजारों लोग अपने सैकड़ों जानवरों के साथ वहाँ पहुँचे थे। आयोजन शुरू ही होने वाला था। पहले वहाँ पुलिस पहुँच गई और आयोजन को रोक दिया।

पुलिस का कहना था कि जल्लीकट्टू के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। इतना सुनते ही ग्रामीण भड़क उठे। लोगों का कहना था कि इस आयोजन की पहले उन्हें अनुमति दी गई थी। अंतिम समय पर प्रशासन उन्हें मना कर रहा है। नाराज लोगों ने हाइवे पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर उसे जाम कर दिया।

पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की थी तो उन पर पथराव कर दिया। प्रदर्शनकारी वाहनों पर चढ़ गए और जमकर हंगामा किया। इसके बाद लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। इसके साथ ही आँसू गैस के गोले भी छोड़े।

इतने पर भी जब प्रदर्शनकारी जब डटे रहे, तब पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कम-से-कम 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

बड़े पैमाने पर विरोध को देखते हुए स्थानीय अधिकारियों ने बैलों की दौड़ वाले जल्लीकट्टू कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दो घंटे की अनुमति दी। इसके तुरंत बाद लोग शांत हुए और हाइवे को खाली किया। इसके बाद यातायात की आवाजाही शुरू हुई।

लकवाग्रस्त पिता का सहारा था अंकित, कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ द्वारा हत्या के बाद असहाय बाप का दर्द – ‘जिंदगी की जिम्मेदारी ले सरकार’

बिहार के गोपालगंज के बसडीला गाँव में कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने सब्जी खरीदने गए अंकित नाम के युवक की शुक्रवार (27 जनवरी, 2023) शाम को चाकू मार कर हत्या कर दी थी। इस हमले में हरिओम नाम का एक अन्य युवक घायल हुआ था, जिनका इलाज गोरखपुर में चल रहा है। जिला प्रशासन द्वारा कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है, जबकि 3 अन्य आरोपितों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उधर अंकित के पिता ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जताई है। इस मामले में पीड़ित परिवार तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हिन्दू संगठनों का आरोप है कि उन्हें मृतक के घर जाने नहीं दिया जा रहा है।

3 सरेंडर, 9 गिरफ्तारियाँ

अंकित हत्याकांड में बिहार पुलिस ने अब तक 9 गिरफ्तारियों की पुष्टि की है। इन आरोपितों में मुरी मियाँ, मुन्ना मियाँ, तारमुनी खातून, अकबरी खातून, अफरोज आलम, फिरोज आलम, आदिल, सोनू मियाँ और एक नाबालिग किशोरी आएशा खातून (बदला हुआ नाम) है। इस मामले में SIT का गठन कर दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक तीन अन्य आरोपितों ने कुर्की के डर से कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इनके नाम शहादत मियाँ, शमशेर मियाँ और सुभान अहमद हैं। शहादत और शमशेर सगे भाई हैं, जिनके अब्बा का नाम टेम्पु है। इस केस में अभी भी 4 आरोपित फरार चल रहे हैं जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस प्रेसनोट

अंकित के पिता को नहीं है संतोष

ऑपइंडिया ने मृतक अंकित के पिता मोहन से बात की। मोहन ने कहा कि उनका बेटा अब वापस नहीं आने वाला है, इसलिए किसी भी कार्रवाई से संतुष्ट होने का कोई सवाल ही नहीं है। मोहन के मुताबिक अगर कोई उन्हें संतुष्ट करना चाहता है तो उनके बेटे को वापस लौटा दे।

खुद को बीमार और अंकित को घर का खर्च चलाने वाला बताते हुए मोहन कुशवाहा ने कहा कि उनके और उनके परिवार का भविष्य में गुजरा कैसे चलेगा ये कोई नहीं जानता। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार की तरफ से उन्हें अभी तक सिर्फ अधिकारियों के आश्वासन के अलावा कोई भी आर्थिक मदद नहीं दी गई, जबकि अब उनका जीवन चलाना सरकार का फर्ज है।

अंकित के पिता लकवाग्रस्त, उठ गया सहारा

मृतक अंकित के पिता मोहन ने हमें आगे बताया कि वो चाहते हैं कि उनके बेटे की एक प्रतिमा स्थापित की जाए, जिससे अंकित की याद बनी रहे और उनका परिवार उसकी पूजा करता रहे। प्रशासन द्वारा अपने परिवार पर कोई FIR या कानूनी कार्रवाई की जानकारी मोहन को नहीं है। उन्होंने बताया कि फ़िलहाल इस बावत उन्हें कोई नोटिस या सरकारी कागज नहीं प्राप्त हुआ है।

बातचीत के दौरान उन्होंने हमसे सवालिया लहजे में कहा कि प्रशासन उन पर कोई भी कार्रवाई कर सकता है तो क्या वो उनसे सवाल भी नहीं पूछ सकते? अंकित के पिता ने खुद को किसान बताया और कहा कि पुलिस मुकदमा दर्ज करे या उनकी जान चली जाए, इसका उन्हें अब कोई डर नहीं। एक ग्रामीण के मुताबिक अंकित के पिता लकवे से ग्रस्त हैं, जिसके चलते उनका भी आर्थिक बोझ अंकित ही उठाता था।

हिन्दुओं के हर धार्मिक कार्यक्रमों में विवाद

ऑपइंडिया ने उसी गाँव में अंकित के पड़ोसी और लोक जनशक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष उपेंद्र कुमार से बात की। उपेंद्र ने हमें बताया कि उनके क्षेत्र में जब भी हिन्दुओं का कोई धार्मिक त्यौहार होता है, तब विवाद बढ़ जाता है लकिन इतनी जघन्य घटना पहली बार घटी है।

उपेंद्र के अनुसार गाँव में अभी तक पुलिस का पहरा है। उपेंद्र ने बताया कि बिहार सरकार की तरफ से अभी तक सिर्फ सहानभूति और आश्वासन मिला है जबकि पीड़ित परिवार खुद को मिलने वाली आर्थिक सहयोग की उम्मीद कर रहा है।

गाँव में मुस्लिम आबादी 25%

उपेंद्र ने हमें बताया कि उनके गाँव में मुस्लिम आबादी 25% है, जो फ्री होकर अपने मज़हबी कार्यक्रम करते रहते हैं। अंकित का एक अकेला भाई बचा है, जिसका नाम रमन है। हमें बताया गया कि अंकित ने बेहद छोटी उम्र में अपने घर का खर्च संभाल लिया था और अब उनका परिवार उम्मीद छोड़ रहा है। हमलावरों को उन्मादी और अपराधी बताते हुए उपेंद्र ने हमें बताया कि उनके क्षेत्र में एक खास वर्ग के लोग लूट और चोरी जैसे अपराधों में शामिल रहते हैं।

अस्पताल से लौट आया हरिओम

अंकित के ही गाँव के उपेंद्र ने हमें बताया कि हमले में घायल हरिओम अस्पताल से घर लौट आया है और उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने बताया कि हरिओम गोरखपुर के एक अस्पताल में ICU वार्ड में भर्ती था। हरिओम के घर वालों को बेहद डरा हुआ और परेशान बताते हुए उपेंद्र ने कहा कि अभी वो लोग किसी से भी बात करने की स्थिति में नहीं हैं। हरिओम की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई।

छोटी लड़कियों से देह व्यापार करवाता था शमशेर खलीफा, पूरे बिहार में नेटवर्क, पुश्तैनी धंधे से बनाई काफी संपत्ति… अब गिरफ्तार

बिहार पुलिस ने एक बडी कामयाबी हासिल की है। महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाकर वेश्यावृत्ति में धकेलने वाले कुख्यात दलाल शमशेर खलीफा को गिरफ्तार कर लिया गया है। कुख्यात अपराधी खलीफा बेगूसराय क्षेत्र में अपने अवैध काम को चलाता था। हालाँकि उसका नेटवर्क कटिहार, पूर्णिया समेत बिहार के अन्य जिलों में फैला हुआ है।

बेगूसराय पुलिस ने ट्वीट कर बताया, “नाबालिग लड़कियों एवं महिलाओं को बंधक बनाकर देह व्यापार कराने वाला कुख्यात अपराधी शमशेर खलीफा को पुलिस ने मंगलवार (31 जनवरी 2023) को गिरफ्तार कर लिया है। शमशेर खलीफा के अड्डे से पिछले माह पुलिस ने छापेमारी के दौरान दो नाबालिग लड़की को सकुशल बचा के बाहर निकाला था।”

हालाँकि, उस समय पुलिस कार्रवाई के दौरान शमशेर खलीफा फरार होने में कामयाब हो गया था। पुलिस ने तब 7 महिलाओं और 8 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से ही खलीफा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।

बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने कहा, “नाबालिग लड़कियों और महिलाओं को बंधक बनाकर शमशेर देह व्यापार का धंधा चलाता था। यह उसका पुश्तैनी धंधा है। उसे पकड़ने के लिए हमने टीमें गठित की हुई थी। पिछले महीने बलिया थाना क्षेत्र में उसके अड्डे पर छापेमारी के दौरान वह बच निकला था, लेकिन इस बार उसपर हमारी कड़ी नजर थी। हमने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।”

एसपी योगेन्द्र कुमार ने आगे कहा कि उस पर हत्या का एक मामला और वेश्यावृत्ति के तीन मामले मामला दर्ज हैं। वह जिले में शीर्ष दस वांछित अपराधियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि देह व्यापार से शमशेर ने काफी संपत्ति जमा कर ली है। अब उसकी संपत्तियों की भी जाँच की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस कुख्यात अपराधी के गिरफ्तार होने के बाद इलाके में देह व्यापार में कमी आएगी।

रामपुर में आधी रात घूम रही नग्न स्त्री, पुलिस कर रही तलाश: CCTV में कभी बेल बजाती तो कभी सड़क पर दिखी, दहशत

उत्तर प्रदेश के रामपुर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कड़ाके की ठंड में देर रात को एक नग्न महिला के घूमने की चर्चा है। इससे दहशत का माहौल है। पुलिस इस महिला की तलाश कर रही है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से निर्वस्त्र महिला को देखते ही तुरंत सूचना देने की अपील की है। पुलिस को एक वीडियो भी मिला है। यह 29-30 जनवरी, 2023 का बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कोई भी सामान्य महिला इस तरह की हरकत नहीं करेगी।

नग्न अवस्था में घूम रही महिला का वीडियो मिलक इलाके का बताया जा रहा है। इस संबंध में मिलक व पास के केमरी थाने की पुलिस जाँच में जुटी हुई है। ऑपइंडिया ने पूरे प्रकरण को लेकर दोनों थानों से संपर्क किया। सीओ मिलक रवि खोखर ने बताया कि उन्हें 1 घंटे का सीसीटीवी फुटेज मिला है। उसके आधार पर जाँच की जा रही है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि महिला बाहरी हो सकती है। धुँध की वजह से वह साफ नजर नहीं आ रही है। फिर भी उसकी तलाश की पूरी कोशिश की जा रही है।

यह पूछे जाने पर कि क्या इसे पैरानॉर्मल एक्टिविटी के तौर पर देखा जा रहा है सीओ खोखर ने कहा, “हम ऐसा नहीं कह सकते। सच्चाई तो महिला के मिलने के बाद ही सामने आएगी। लेकिन सामान्यतः ऐसी हरकत कोई करता नहीं है। कोई ठीक-ठाक युवक या युवती इस तरह की हरकत नहीं करेगा।” खोखर ने कहा कि महिला का दूसरा वीडियो या सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल पा रहा है, जिसकी वजह से उसकी तलाश मुश्किल हो रही है।

केमरी के सीओ कीर्ति निधि आनंद ने ऑपइंडिया से कहा कि हमलोगों ने वीडियो देखा है। वीडियो वायरल होने के बाद केमरी और मिलक थाने की पुलिस महिला की तलाश कर रही है। वीडियो में महिला एक घर के दरवाजे के पास खड़ी नजर आ रही है। वह घर का बेल बजाती है। वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है महिला लगातार बेल बजा रही है। उन्होंने महिला के मानसिक रूप से बीमार होने की आशंका जताई है।

दरअसल रामपुर के मिलक से एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें सड़कों पर नग्न अवस्था में घूमती महिला घर का बेल बजाती नजर आ रही है। रिपोर्टों के मुताबिक रविवार (29-30 जनवरी) की रात को नसीराबाद की सभासद सीमा देवी के घर के दरवाजे पर खड़ी नग्न महिला ने बेल बजाए। नग्न महिला देर तक बेल बजाती रही। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी। देखते-देखते यह वीडियो शहर भर में वायरल हो गया। नग्न महिला को लेकर शहर में दहशत भी है।

उम्र 45 साल, पर ब्रेन-दिल-लिंग… सबकुछ चाहिए 18 साल के युवक का: सॉफ्टवेयर उद्यमी करवा रहा ट्रीटमेंट, ₹16 करोड़ खर्च होने का अनुमान

कोई बूढ़ा होना नहीं चाहता, लेकिन यह प्रकृति का एक ऐसा नियम है जिस पर मानव का बस नहीं चलता। हालाँकि, अमेरिका का 45 वर्षीय एक बिजनेसमैन इस प्रक्रिया को उल्टा करना चाहता है।

खास बात यह है कि इसमें उसे कुछ सफलता भी मिली है। मतलब डॉक्टरों और उसके खुद के अथक प्रयास से उसके कई अंगों की उम्र कम हो गई है। इसके लिए वह हर साल करोड़ों रुपए खर्च भी करता है। 

सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में काम करने वाले इस अमेरिकी बिजनेसमैन का नाम ब्रायन जॉनसन है। जॉनसन के पास 30 से अधिक डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम है, जो उनके हर शारीरिक कार्य की निगरानी करते हैं।

29 वर्षीय चिकित्सक (Regenerative Medicine Physician) ओलिवर ज़ोलमैन के नेतृत्व में डाॅक्टरों की टीम जॉनसन के प्रत्येक अंग में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को कम करने के लिए काम कर रही है।

तस्वीर साभार-ब्लूमबर्ग

जॉनसन को इन सब प्रक्रियाओं के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। इस साल वह अपने शरीर पर कम-से-कम 2 मिलियन डॉलर (करीब 16 करोड़ रुपए) खर्च करने वाले हैं। जॉनसन और उनके डॉक्टर इसे एक परियोजना की तरह चला रहे हैं और इसका नाम ‘प्रोजेक्ट ब्लूप्रिंट’ रखा है।

वह 18 साल के बच्चे की तरह दिमाग, दिल, फेफड़े, लीवर, किडनी, दाँत, त्वचा, बाल, शिश्न (Penis) सहित शरीर के अन्य अंग करना चाहते हैं। इसके लिए वे हर महीने दर्जनों चिकित्सा प्रक्रियाओं से गुजरते हैं। इनमें से कई काफी दर्दनाक होते हैं। उन्हें एमआरआई, अल्ट्रासाउंड और कॉलोनोस्कोपी भी कराना पड़ता है।

उनकी देखरेख करने वाले एक डॉक्टर का कहना है कि उन पर किए गए टेेेस्ट से पता चलता है कि उन्होंने अपनी समग्र जैविक आयु (overall biological age) कम-से-कम पाँच वर्ष कम कर ली है। डॉक्टरों ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है।

बकौल डॉक्टर, “नतीजे बताते हैं कि उनके पास 37 साल के व्यक्ति का दिल, 28 साल के व्यक्ति की त्वचा और 18 साल के युवा के फेफड़े की क्षमता और फिटनेस है। हमारा लक्ष्य बायो स्टैटिस्टिक्स के माध्यम से 2030 तक सभी 78 अंगों में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में 25% की कमी लाना है।”

ऐसा नहीं है कि जॉनसन सिर्फ डॉक्टरों के सहयोग से ही ऐसा कर पा रहे हैं। वह खुद भी इसके लिए काफी मेहनत करते हैं। जॉनसन रोज़ सुबह साढ़े पाँच बजे उठते हैं और संयमित आहार लेते हैं। इसके अलावा, वे व्यायाम भी करते हैं। सुबह उठने के बाद वे करीब 2 दर्जन दवाइयाँ और सप्लिमेंट लेते हैं।

अपने 30 के दशक में जॉनसन ने ब्रेंट्री पेमेंट सॉल्यूशंस एलएलसी नामक भुगतान कंपनी बनाई थी। यह एक बड़ी सफलता थी, लेकिन देर तक काम करने और तनाव के कारण उनका वजन अधिक हो गया और वे अत्महत्या की सीमा तक अवसाद के शिकार हो गए।

जॉनसन ने साल 2013 में ईबे इंक (EBay Inc.) को 800 मिलियन डॉलर (6575 करोड़ रुपए) में बेच दिया। इसके बाद उन्होंने खुद पर ध्यान शुरू किया और जीव विज्ञान के बारे में अधिक से अधिक पढ़ने लगे। उन्होंने इसे अपने काम का हिस्सा बना लिया।

जॉनसन ने ओएस फंड नामक एक बायोटेक-केंद्रित फर्म की स्थापना की। इसके बाद साल 2016 में कर्नेल नामक एक कंपनी की स्थापना की, जो हेलमेट बनाती है। यह हेलमेट दिमाग की आंतरिक कार्यप्रणाली के बारे में अधिक जानने के लिए मस्तिष्क की गतिविधियों का विश्लेषण भी करती है।

शोधकर्ता वर्तमान में इस हेलमेट का उपयोग ध्यान और मतिभ्रम के प्रभावों को निर्धारित करने तथा पुराने दर्द को कम करने के तरीके खोजने के लिए कर रहे हैं। इसके साथ ही जॉनसन ने अपने शरीर में बदलाव करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके बाद उन्होंने डॉक्टरों की टीम को हायर किया।

जॉनसन ब्रॉयन के इस निर्णय की आलोचना करने वालों की भी कमी नहीं है। कुछ लोग उन्हें खाने से संबंधित डिस्ऑर्डर बताते हैं तो कुछ उन्हें साइकोलॉजिकल डिस्ऑर्डर (मनोवैज्ञानिक विकार) होने की बात करते हैं। हालाँकि, इन सबसे से परे जॉनसन आज भी अपने काम में लगे हैं।

जिस मुस्लिम लड़की को भगाने का हिंदू पर लगा आरोप, उसका वीडियो आया: बोली- अपनी मर्जी से गई हूँ, अलग करोगे तो जान दे दूँगी

हरदोई के पाली थाना क्षेत्र के एक प्रेमी युगल का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। लड़की मुस्लिम और लड़का हिंदू है। लड़के के खिलाफ लड़की के परिवार ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा रखी है। लेकिन वायरल वीडियो में लड़की अपनी मर्जी से लड़के साथ जाने की बात कह रही है। साथ ही बता रही है कि वह लड़के से प्यार करती है। उससे शादी करने वाली है। यदि उसे अलग करने की कोशिश की गई तो वह जान दे देगी।

दैनिक भास्कर के मुताबिक दोनों 5 साल से प्रेम प्रसंग में होने की बात कह रहे हैं। वीडियो में लड़का कहता है कि वह अपनी प्रेमिका से बहुत प्यार करता है। उसके बिना नहीं रह सकता हैं। दोनों ने शादी करने का मन बनाया है। कोई भी उनके बीच में आकर अपना समय बर्बाद न करे। उन्हें कोई भी खोज नहीं पाएगा, न ही वे किस जगह पर हैं और क्या कर रहे हैं, इसका पता लगा पाएगा। वे दोनों शादी करने के बाद पाली नगर में नहीं रहेंगे। कोई भी उनकी शक्ल नहीं देख पाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लड़का-लड़की पाली नगर के ही अलग-अलग मोहल्ले के रहने वाले हैं। 6 दिन पहले ही दोनों घर से भागे थे। लड़की के परिजनों ने लड़के पर अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पाली थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने युवक पर मुकदमा भी दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि अलग धर्म की वजह से घरवाले दोनों की शादी कराने से इनकार कर रहे हैं।

पुलिस से शिकायत किए जाने की बात पता चलने पर प्रेमी युगल ने बुधवार (1 फरवरी 2023) वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। इसमें लड़की ने अपने पिता पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सुनील (प्रेमी) के खिलाफ थाने में शिकायत की है कि वह उसे जबरदस्ती लेकर आया है, जबकि उसने उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की है। सुनील की कोई गलती नहीं है। उसके घरवालों और दोस्तों को कुछ नहीं होना चाहिए।

वहीं, इस मामले में जब ऑपइंडिया ने पाली थाने में संपर्क किया तो थाना प्रभारी राज कुमार पांडे ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं। एक ही स्कूल में पढ़ते थे। लड़की के परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला लखनऊ हाईकोर्ट में है। हमें हाई कोर्ट ने 14 ​फरवरी 2023 तक पेश होने और इस मामले के संबंध में सभी जानकारी देने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर लड़के और लड़की को 14 फरवरी 2023 से पहले पुलिस थाने में अपना बयान दर्ज करने को ​कहा गया है।

सरकारी स्कूल का मास्टर, पाकिस्तान के इशारे पर करता था धमाके: पहली बार J&K में परफ्यूम बम मिला, छूते ही हो जाता है ब्लास्ट

जम्मू-कश्मीर के नरवाल में हुए आईईडी (IED) धमाका मामले में पुलिस ने आरिफ अहमद को गिरफ्तार किया है। वह एक सरकारी स्कूल का टीचर है। उसके पास से परफ्यूम बम भी बरामद हुआ है। जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि घाटी में पहली बार इस तरह का बम मिला है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि नरवाल में 20 जनवरी, 2023 को 2 आईईडी बम लगाए गए थे। 21 जनवरी को पहले धमाके के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को खाली करा लिया और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सर्च ऑपरेशन के दौरान दूसरा धमाका हुआ। इन धमाकों में कुल 9 लोग जख्मी हो गए थे।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि 11 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आतंकी आरिफ अहमद को गिरफ्तार किया गया। आरिफ जम्मू के रियासी का रहने वाला है। वह वर्ष 2010 में रहबर-ए-तालीम (ReT) स्कीम के तहत शिक्षक बहाल हुआ था। 2016 में वह नियमित कर दिया गया था। दिलबाग सिंह ने बताया कि आरिफ पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी के संपर्क में था। धमाके के बाद उसे रुपए दिए गए थे।

आरिफ के पास से परफ्यूम बम बरामद हुआ है। डीजीपी दिलबाग सिंह के अनुसार परफ्यूम जैसे बोतल में आईईडी होता है जो छूने, खोलने या दबाने की कोशिश करने पर फट जाता है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार दिसंबर 2022 के आखिर में एलओसी पार से आरिफ को 3 आईईडी उपलब्ध कराए गए थे। इसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। 3 में से 2 आईईडी का प्रयोग नरवाल धमाके में किया गया, जबकि बचा हुआ एक पुलिस ने बरामद कर लिया है।

डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि आरिफ ने पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कासिम के साथ संबंधों की बात मानी है। आरिफ ने बताया कि उसने मई 2022 में कटरा बस धमाके को अंजाम दिया था। बस श्रद्धालुओं को लेकर वैष्णो देवी जा रही थी। इस धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 22 लोग जख्मी हो गए थे। इसके अलावा फरवरी 2022 में शास्त्री नगर धमाके में भी आरिफ का हाथ था।