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‘भारतीय कंपनियों की वैश्विक उपस्थिति से कोई खुश नहीं’: वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने Hindenburg की रिपोर्ट को भारत और भारतीयों पर हमला बताया

अमेरिकी शॉर्ट सेलर (Short Seller) फर्म हिंडेनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट के बाद अडानी समूह (Adani Group) के शेयरों की बिकवाली जारी है। रिपोर्ट आने के बाद कंपनी के शेयर 50 प्रतिशत से अधिक गिर चुके हैं। इनमें अभी भी गिरावट जारी है।

देश के प्रसिद्ध वकील हरीश साल्वे (Harish Salve) ने अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी (Gautam Adani) का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि किसी भारतीय व्यवसायी की वैश्विक उपस्थिति से कोई खुश नहीं हैं। इस तरह की रिपोर्ट तो आनी ही थी।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता साल्वे ने इंडिया टुडे चैनल में अपनी बात रखते हुए कहा कि अडानी समूह पर लगाए गए अधिकांश आरोप सही नहीं लगते। उन्होंने कहा कि गौतम अडानी की अधिकांश संपत्ति रेग्युलेटेड है। उनकी ज्यादातर कंपनियाँ स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं। उनके सारे रिकॉर्ड पब्लिक डोमेन में हैं।

कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर साल्वे ने कहा कि अगर किसी लिस्टेड कंपनी की कोई भी और कहीं भी सब्सिडियरी कंपनी है तो उसे अपनी बैलेंसशीट में दिखाना होता है। इसमें कुछ भी छिपा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में बैंक गहन जाँच-पड़ताल करने के बाद ही लोन नहीं देते हैं। अडानी को लोन देने वाले बैंकों ने भी ऐसा किया होगा।

हरीश साल्वे ने कहा कि जब सब कुछ लोगों के सामने हैं तो ऐसा कैसे कहा जा सकता है कि कोई गहन रिसर्च किया और उसमें बहुत कुछ गलत निकल आया। उन्होंने हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट को भारत और भारतीय व्यापारियों पर एक तरह का हमला बताया। उन्होंने कहा कि भारत के विकास को प्रभावित करने की यह कोशिश है।

उन्होंने कहा, “एक समय था जब ब्रिटिश उद्योगपतियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित किया जाता था। अब ब्रिटिश सरकार निवेश के लिए भारतीयों को लुभा रही है। भारत अपनी पुरानी छवि से बाहर आ गया है और दुनिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इस बदलाव के ऐसे नतीजे तो सामने आने ही थे।”

हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई को लेकर हरीश साल्वे ने कहा कि यह मामला बेहद पेचीदा है। उन्होंने कहा कि भारत में विदेशी कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए कोई लीगल सिस्टम नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अडानी मानहानि का मुकदमा भी करता है तो यह बेहद लंबी प्रक्रिया होगी।

साल्वे ने कहा कि अडानी विपक्ष के लिए बलि का बकरा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि SEBI को इस संबंध में अडानी से 72 घंटों में जवाब माँगना चाहिए। उनसे हर आरोप पर चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने सेबी की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक करने की बात कही।

बता दें कि FPO आने से पहले हिंडेनबर्ग ने अडानी की कंपनी पर कई तरह के आरोप लगाए थे। इनमें शेयरों की वैलुएशन का अधिक होना, मनी लॉन्ड्रिंग, वित्तीय अनियमितता सहित कई आरोप थे। इस पर साल्वे ने कहा कि जब कोई कंपनी IPO या FPO लाती है तो आरोप लगाने का यह सबसे सही तरीका होता है। अडानी मामले में भी यही किया गया।

बता दें कि हिंडेनबर्ग रिसर्च अपनी रिपोर्ट के जरिए कंपनियों पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाती है और जब उसके शेयर गिरने लगने हैं तो शॉर्ट सेल कर फायदा कमाती है। कंपनी के शेयर जितने गिरेंगे, कंपनी को उतना ही फायदा होगा। इस मामले में हिंडेनबर्ग अमेरिका में जाँच के घेरे में भी है।

बिल गेट्स ने साथ बनाई रोटी, घी चपोड़ कर मजे से लिए चटखारे: बिहार से सीख कर गए सेलेब्रेटी शेफ भी दिखे साथ, लोग बोले – ये किस लाइन में आ गए आप?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहा है। वीडियो में माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के पूर्व चेयरमैन और भारत से अपने प्रेम के लिए पहचाने जाने वाले बिल गेट्स (Bill Gates) रोटी बनाने दिख रहे हैं। वह मशहूर शेफ ईटन बरनाथ (Eitan Bernath) के साथ रोटी बनाने की कोशिश करते हैं और उसके बाद रोटी पर आम भारतीयों की तरह ही घी चपोड़ते हैं और बड़े मजे से खाते हैं।

इस दौरान शेफ बरनाथ उनका पूरा साथ देते हैं। वीडियो को इंस्टाग्राम (Instagram) पर गेट्स और बरनाथ, दोनों ने शेयर किया है। बरनाथ ने इस वीडियो को ट्विटर (Twitter) पर भी शेयर किया है, जहाँ लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग मजेदार कमेंट भी कर रहे हैं।

दरअसल, शेफ बरनाथ हाल ही में अपने भारत दौरे के दौरान बिहार आए थे और यहाँ उन्होंने रोटी बनाना सीखा था। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “बिल गेट्स और मैंने साथ में भारतीय रोटी बनाने के दौरान खूब मस्ती की। मैं अभी भारत के बिहार से वापस आया, जहाँ मैं गेहूँ उपजाने वाले किसानों से मिला। यहाँ मैं ‘दीदी की रसोई’ कैंटीन की काम कर रही महिलाओं से मिला, जिन्होंने मुझे रोटी बनाने की कला सिखाई”‘

वीडियो में देखा जा सकता है कि बरनाथ बिल गेट्स को रोटी बनाने का पूरा प्रोसेस समझाते हैं। बिल गेट्स पहले आटे में पानी मिलाते हैं और बरनाथ उसमें नमक मिलाते हैं। इस दौरान शेफ गेट्स से पूछते हैं कि आपको क्या लगता है अंतिम बार आपने कब कुछ पकाया था। इस पर गेट्स कहते हैं कि अगर सूप गर्म करने की बात हो तो वो इसे लगातार करते रहते हैं, लेकिन इस तरह से खाना बनाने की बात हो तो यह किए जमाना गुजर गया। इस दौरान गेट्स एक टेढ़ी-मेढ़ी रोटी बनाते हैं।

फिर गेटस को रोटी में ब्रश से घी चापोड़ते देखा जा सकता है। अंत में दोनों रोटी खाते हैं और इसके स्वाद की तारीफ करते हैं। इस वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह की मजेदार प्रतिक्रिया करते हैं। एक यूजर ने बिल गेट्स को संबोधित करते हुए कहा, “भाई साहब, ये किस फिल्ड में आ गए आप।”

वहीं एक यूजर ने कहा, “आटा गीला कर दिया बिल चाचा ने।” उल्लेखनीय है कि इस वीडियो को गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को शेयर किया गया था। वीडियो को सोशल मीडिया यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं।

असम में 1800 गिरफ्तार! CM सरमा के आदेश के बाद बाल विवाह के खिलाफ राज्य भर में एक्शन, दर्ज किए गए हैं 4000+ मामले

‘बाल विवाह’ के खिलाफ असम सरकार सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) के आदेश के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू करते हुए 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार (3 फरवरी, 2023) से शुरू हुई। असम में बाल विवाह के 4000 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर कहा है कि बाल विवाह कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “बाल विवाह अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्यव्यापी गिरफ्तारी का अभियान चल रहा है। अब तक 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मैंने असम पुलिस को महिलाओं के खिलाफ हो रहे अक्षम्य और जघन्य अपराधों के लिए जीरो टॉलरेंस के साथ कार्रवाई करने के लिए कहा है।”

इससे पहले उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार बाल विवाह को लेकर कड़े कदम उठाएगी। हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर कहा था, “असम सरकार राज्य में बाल विवाह के खतरे को समाप्त करने के अपने दृढ़ संकल्पित है। असम पुलिस ने अब तक राज्य भर में 4004 मामले दर्ज किए गए हैं। आने वाले दिनों में और अधिक मामले सामने आ सकते हैं। इन मामलों पर कार्रवाई 3 फरवरी से शुरू होगी। मैं सभी से सहयोग करने का अनुरोध करता हूँ।”

दरअसल, हाल ही में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, असम में मातृ और शिशु मृत्यु दर बहुत अधिक है। इसके लिए बाल विवाह को जिम्मेदार ठहराया जाता है। इसके बाद से असम सरकार ने बाल विवाह करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने आदेश दिया था। इस आदेश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 4004 मामले दर्ज किए। इसमें से धुबरी जिले में 370, होजई में 255 व उदालगुड़ी 235 तथा मोरीगाँव में 224 मामले दर्ज किए हुए हैं। 

एक अन्य बयान में उन्होंने कहा था, “इतने सारे मामले नौ दिनों के भीतर दर्ज किए गए है। कल तक यह संख्या 8000 या 9000 के पार हो सकती है। शुक्रवार (3 फरवरी, 2023) से हमारी गिरफ्तारी और कार्रवाई शुरू होगी। राज्य भर से लोगों को उठाया जाएगा। यह एक बड़ी कार्रवाई होगी। पिछले सात सालों में बाल विवाह में शामिल सभी लोगों पर मामला दर्ज किया जाएगा। हमारा मुख्य टारगेट मुल्ला, काजी या पुजारी होंगे जो इन विवाहों को बढ़ावा देते हैं।”

गौरतलब है कि सीएम सरमा ने गत 23 जनवरी को ऐलान करते हुए कहा था कि असम सरकार बाल विवाह के खिलाफ एक राज्यव्यापी अभियान शुरू करेगी। इसमें 14 साल से कम उम्र की लड़कियों से शादी करने वाले पुरुषों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। वहीं, 14-18 साल की लड़कियों से शादी करने वालों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज होगा।

MLC चुनाव में भाजपा ने लगाया जीत का चौका, खाली रह गए सपा के हाथ: भारी पड़ा रमचरितमानस का अपमान?

उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनाव के परिणाम आ गए हैं। कुल 5 सीटों के लिए चुनाव हुए थे। जहाँ 4 सीटों पर सत्ताधारी भाजपा को जीत मिली है, वहीं 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई। इन सीटों में 3 स्नातक की थी और 2 सीटें शिक्षक कोटे की थी। सोमवार (30 जनवरी, 2023) को इसके लिए मतदान हुआ है। कानपुर स्नातक सीट पर भाजपा के अरुण पाठक ने सपा के कमलेश यादव को 9331 वोट से हरा दिया।

वहीं बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक MLC सीट पर भाजपा के ही डॉक्टर जय पाल सिंह की जीत हुई है। झाँसी-इलाहाबाद शिक्षक सीट से बीजेपी के बाबूलाल तिवारी विजयी रहे हैं। गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड स्नातक से बीजेपी के देवेंद्र प्रताप सिंह जीत की हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे हैं। निर्दलीय उम्मीदवार राज बहादुर चंदेल ने ने कानपुर शिक्षक MLC सीट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने 1520 मतों के अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा की जीत पर बधाई देते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश विधान परिषद के चुनाव में विजयी सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई! राज्य विधान मण्डल के उच्च सदन के लिए हुए चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों को मिली यह जीत आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के प्रति अथाह जन विश्वास की प्रतीक है।” 2022 विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने राज्य में बड़ी जीत दर्ज की थी। अब उनके शासन के प्रति फिर लोगों ने विश्वास जताया है।

उत्तर प्रदेश का हालिया विधान परिषद चुनाव तब हुआ है, जब तुलसीदास कृत रामचरितमानस को लेकर विवाद हो रहा है। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया, जिसके बाद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनका समर्थन करते हुए पवित्र हिन्दू ग्रन्थ की चौपाइयों पर सवाल खड़े कर दिए। अब MLC चुनाव में सपा को हार मिली है। स्पष्ट है कि जनता को सपा का हिन्दू विरोधी रवैया पसंद नहीं आया।

अमेरिका ने अपनी ही मुस्लिम सांसद को विदेश मामलों की समिति से हटाया, भारी पड़ा इजरायल विरोधी बयान: भारत के खिलाफ भी उगलती रही है ज़हर

अमेरिका की मुस्लिम सांसद इल्हान उमर को विदेशी मामलों की समिति से हटा दिया गया। यह कार्रवाई इजरायल के खिलाफ विवादित बयान देने के चलते हुई। इल्हान उमर के खिलाफ 218 वोट पड़े। इससे पहले वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जम्मू कश्मीर को लेकर भी विवादित बयान दे चुकी हैं।

इल्हान उमर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन की ‘डेमोक्रेटिक पार्टी’ की नेता हैं। दुनिया भर में उन्हें कट्टर इस्लामवादी के रूप में देखा जाता है। इजरायल के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन ने इल्हान उमर का कड़ा विरोध किया था। साथ ही, उन्हें हटाने के लिए सदन में प्रस्ताव पेश किया था।

गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को अमेरिकी सदन में जोरदार बहस के बाद वोटिंग हुई। इस वोटिंग में इल्हान उमर के पक्ष में 211 वोट पड़े। वहीं, 218 लोगों ने उन्हें विदेशी मामलों की समिति से हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव का समर्थन किया।

बता दें कि इल्हान के खिलाफ यह प्रस्ताव ‘रिपब्लिकन पार्टी’ के सांसद मैक्स मिलर ने पेश किया था। इसमें उन्होंने इल्हान उमर के 6 बयानों को अमेरिका की विदेश नीति के विरोध में बताया था। मिलर ने कहा था कि इल्हान उमर इजरायल और यहूदियों की विरोधी हैं, इसलिए वह विदेश मामलों की समिति में होते हुए निष्पक्ष रूप से फैसले नहीं ले सकतीं।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने इस कार्रवाई की निंदा की है। ‘व्हाइट हाउस’ की प्रेस सचिव कैरिन ज्यां-पियरे ने कहा है, “हमें लगता है कि यह एक राजनीतिक चाल है। हाल के समय में प्रमुख समितियों से डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों को हटाया गया है। यह सब रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों द्वारा अन्यायपूर्ण तरीके से किया गया। यह अमेरिका के लोगों का अपमान है। हमारा मानना है कि सांसद उमर अमेरिकी संसद की एक उच्च सम्मानित सदस्य हैं। उन्होंने अपनी टिप्पणियों के लिए माफी भी माँगी है।”

बता दें कि इल्हान उमर ने कई मौकों पर खुद को कट्टर इस्लामवादी के रूप में पेश किया है। वह अमेरिकी संसद में हिजाब पहनकर जाने वाली पहली नेता हैं। उन्होंने इजरायल और यहूदियों की कड़ी आलोचना की है। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के अभिन्न अंग कश्मीर को को लेकर भी कई विवादित बयान दे चुकी हैं।

अप्रैल 2022 में उन्होंने अमेरिकी संसद में कहा था कि आखिर मोदी सरकार मुस्लिमों के खिलाफ कब तक और क्या-क्या जुल्म करेगी। क्या इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति (जो बायडेन) कुछ कहेंगे? यही नहीं, उन्होंने अमेरिका के साथ भारत के संबंध को ऐतिहासिक अन्याय करार दिया था। उन्होंने गत वर्ष पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का भी दौरा किया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके इस दौरे की आलोचना की थी। वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की भी समर्थक मानी जाती हैं।

गौरतलब है कि इल्हान उमर को लेकर यह कहा जाता रहा है कि उन्होंने अपने सगे भाई से शादी की है। यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने भाई को अमेरिका की नागरिकता दिलाने के लिए शादी की थी। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई मौकों पर इसका जिक्र किया है। यही नहीं, रिपब्लिकन पार्टी द्वारा पेश की गई डीएनए रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है।

‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ की फ्लाइट में लगी आग, 1000 फीट की ऊँचाई पर था विमान: 184 यात्री थे सवार, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

‘एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express)’ की अबू धाबी से केरल के कालीकट आ रही फ्लाइट के इंजन में आग लगने की खबर सामने आ रही है। घटना के बाद फ्लाइट की वापस अबू धाबी में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया है कि फ्लाइट को सुरक्षित लैंड करा दिया गया है। विमान में कुल 184 यात्री सवार थे।

‘नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA)’ ने घटना के बारे में बयान जारी किया है। बकौल DGCA, “आज (3 फरवरी 2023) को एक एयर इंडिया एक्सप्रेस B737-800 विमान की VT-AYC ऑपरेटिंग फ्लाइट IX 348 (अबू धाबी-कालीकट) में क्लाइम्बिंग के दौरान आग लग गई । विमान के नंबर 1 के इंजन में तब आग तब लगी, जब यह 1000 फीट की ऊँचाई पर थी। इसके बाद फ्लाइट को वापस लैंड (Airturnback) कराना पड़ा।” वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंजन में तकनीकी खराबी होने की वजह से आग लगने की बात सामने आ रही है।

इससे पहले 23 जनवरी, 2023 को त्रिवेन्द्रम से मस्कट जा रही ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ की फ्लाइट को उड़ान भरने के 45 मिनट बाद वापस लैंड कराना पड़ा था। दरअसल विमान के इंजन में खराबी आ गई थी, जिसके बाद इसे लैंड कराना पड़ा था दिसंबर 2022 में एयर इंडिया की दुबई की फ्लाइट में सांप मिलने की सूचना मिली थी। वहीं कुछ दिन पहले लखनऊ से कोलकाता जा रहे एयर एशिया के फ्लाइट की भी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। विमान से एक पक्षी टकरा गया था। विमान में कुल 180 लोग सवार थे।

बता दें कि ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ भी ‘एयर इंडिया’ की ही सब्सिडियरी है, जिसका मुख्यालय केरल के कोच्चि में है। ये एक लो कॉस्ट एयरलाइन है, जो अपनी सेवाएँ मिडिल-ईस्ट से लेकर दक्षिण-पूर्वी एशिया तक देती है।

हिंसा, गोलीबारी, आगजनी, बमबारी… CM नीतीश की यात्रा से पहले अररिया में भिड़े मुस्लिमों के दो गुट, चुनावी रंजिश में लाठी, रॉड और फरसा भी चला

बिहार के अररिया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समाधान यात्रा’ से पहले जबरदस्त गोलीबारी और आगजनी हुई है। शुक्रवार (3 फरवरी, 2022) को सीएम नीतीश कुमार अररिया पहुँच रहे हैं, जिससे पहले वहाँ हिंसा हुई है। बताया जा रहा है कि रानीगंज के जगता पलार गाँव में झड़प के बाद इसकी शुरुआत हुई। इसके बाद उनमें से एक पक्ष ने कई राउंड गोलीबारी और बमबारी की। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची।

मामले की छानबीन की जा रही है और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अररिया के SDPO पुष्कर कुमार ने कहा कि 62 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। 4 लोग हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए रानीगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस झड़प का कारण चुनावी रंजिश को बताया जा रहा है। गाँव के लोगों में इसके बाद से दहशत है। सीएम भी जिले में पहुँच रहे हैं, ऐसे में पुलिस-प्रशसान में हड़कंप मचा हुआ है।

जिन दो पक्षों के बीच लड़ाई हुई है, उनमें वार्ड सदस्य के चुनाव को लेकर वर्षों पहले से रंजिश चल रही है। गुरुवार की सुबह दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जिसके बाद वो उग्र हो गए। इससे पहले भी इनमें मारपीट हो चुकी है और अदालत में केस भी चल रहा है। घायलों में नजाम, अयूब, इम्तियाज, समीम और जुबेर हैं। दूसरे पक्ष से मोहम्मद नईम, नसीम, मोसिम, अजमत, मतेउल्लाह,सुकरुल, हासिम, समीम, मोइन, मुर्तजा, अनवारुल, अमीन, अबूल, कमाल, जमील, इबरान, शमसुल, नसबुल, इमतियाज, सद्दाम, सगीर और साबिर आदि आरोपित हैं

हिंसा में लाठी, लोहा का रॉड, फरसा, बंदूक, देशी कट्टा और बम इस्तेमाल किए जाने की बात बताई गई है। गाँव वालों का कहना है कि इससे पहले दोनों पक्षों के बीच दर्जनों बार हिंसा हो चुकी है। इससे पहले 18-19 जनवरी को भी सीएम नीतीश कुमार अररिया पहुँचे थे। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि राजद के साथ गठबंधन कर के सरकार बनाने के बाद से उनके शासनकाल में हिंसा बढ़ रही है और जंगलराज वापस आ गया है।

‘अडानी ग्रुप’ को ₹8.87 लाख करोड़ का नुकसान, सबसे अमीर अरबपतियों की सूची में 2 से 22वें स्थान पर फिसले गौतम अडानी

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में टॉप 2 में नाम बना चुके गौतम अडानी की कंपनियाँ बेहद बुरे दौर से गुजर रहीं हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने से लेकर अब तक अडानी ग्रुप को करीब 108 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है। साथ ही, वह दुनिया के सबसे अमीरों की सूची में 22वें स्थान में पहुँच गए हैं।

दरअसल, गत 24 जनवरी को हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट जारी कर अडानी ग्रुप पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद से अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी से गिरावट देखी गई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में सामूहिक रूप से करीब 47 फीसदी की गिरावट देखी गई है। इससे अडानी ग्रुप को अब तक 108 बिलियन डॉलर (8.877 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हुआ है।

अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में इस कदर गिरावट देखी गई है कि लगातार शॉर्ट सर्किट झेलने के बाद शेयर साल के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गए हैं। गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को अडानी ग्रुप के शेयर में 27 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।

अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी टोटल गैस के शेयर 24 जनवरी को 3891 रुपए पर बंद हुए थे। लेकिन गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को इन शेयरों की कीमत 1707 रुपए रह गई। इसी तरह, अडानी पावर के शेयर 24 जनवरी को 274 रुपए पर ट्रेड हो रहे थे। लेकिन लगातार 6 शार्ट सर्किट के बाद शेयर की कीमत गुरुवार को घटकर 202 रुपए पहुँच गई। यही हाल अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों का रहा है।

यह गिरावट सिर्फ ‘अडानी ग्रुप’ की कंपनियों में ही नहीं हुई, बल्कि इसका असर उन बैंकों के शेयर पर भी हो रहा है जिन्होंने अडानी ग्रुप को कर्ज दिया था। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से अब तक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों में 11 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

बता दें कि हिंडेनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई आरोप लगाए थे। इनमें मनी लॉन्ड्रिंग, अनऑथोराइज्ड ट्रेडिंग, वित्तीय गड़बड़ी, भारी-भरकम लोन सहित कई गंभीर आरोप थे, जो किसी कंपनी के लिए घातक बताए गए थे। बाद में अडानी समूह ने अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया था। कंपनी ने 413 पन्नों के जवाब में हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठ करार दिया था। कंपनी ने कहा था कि ये आरोप भारत और यहाँ की कंपनियों तथा देश के विकास पर सुनियोजित हमला है।

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने ‘ब्लूमबर्ग’ की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि 27 जनवरी से 31 जनवरी तक के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 2 बिलियन डॉलर (16.47 हजार करोड़ रुपए) निकाल लिए हैं।

अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट को लेकर जीएएम इन्वेस्टमेंट्स के एक फंड मैनेजर जियान शी कोर्टेसी ने कहा है, “अडानी ग्रुप को लेकर आ रहीं खबरें बहुत अधिक नकारात्मकता उत्पन्न कर रहीं हैं। इससे भारतीय शेयरों के लिए निवेशकों की दिलचस्पी कम हो सकती है। हमें ऐसा नहीं कह रहे हैं कि अडानी ग्रुप के कारण पूरे भारतीय शेयर बाजार में गिरावट होगी। लेकिन हमें ऐसा लगता है कि मौजूदा हालात के कारण चीन समेत अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में भारत के प्रदर्शन में गिरावट हो सकती है।”

‘वर्ल्ड बैंक नहीं कर सकता सिंधु जल समझौते की व्याख्या’: भारत की दो टूक, पाकिस्तान को भी जारी किया था नोटिस

भारत ने जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा (Kishenganga) और रातले पनबिजली परियोजनाओं (Ratle Hydroelectric Projects) मामलों में विश्व बैंक (World Bank) के फैसले को लेकर आपत्ति जताई है। विश्व बैंक ने इन मामलों में दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए दो अलग-अलग प्रक्रियाओं के तहत एक मध्यस्थता अदालत (Court of Arbitration) और एक तटस्थ विशेषज्ञ (Neutral Expert) की नियुक्ति करने का फैसला किया है। भारत का कहना है कि वर्ल्ड बैंक ऐसा नहीं कर सकता है।

पिछले हफ्ते, भारत ने इन विवादों से निपटने में इस्लामाबाद के अड़ियलपन को देखते हुए नदियों के प्रबंधन के लिए सिंधु जल संधि की समीक्षा और संशोधन की माँग की थी और इस सिलसिले में पाकिस्तान को एक नोटिस जारी किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि वर्ल्ड बैंक हमारे समझौते को सुलझाने की स्थिति में है। यह दो देशों के बीच की संधि है और इसके बारे में मूल्यांकन हम श्रेणीबद्ध दृष्टिकोण (Graded Approach) के साथ करेंगे।”

भारत ने विशेष रूप से वर्ल्ड बैंक द्वारा मध्यस्थता अदालत की नियुक्ति पर निराशा जताई थी। बागची ने मामले पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “भारत के सिंधु जल आयुक्त ने 25 जनवरी, 2023 को अपने पाकिस्तानी समकक्ष को 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन के लिए एक नोटिस जारी किया था। यह नोटिस संधि के उल्लंघन को सुधारने के लिए सरकार से सरकार की बातचीत के लिए अवसर प्रदान करने के इरादे से जारी किया गया था।”

बागची ने कहा कि पाकिस्तान को 90 दिनों के अंदर नोटिस का जवाब देना है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड बैंक ने खुद 5-6 साल पहले स्वीकार किया था कि यह एक समानांतर प्रक्रिया (Parallel Processes) है। इस हिसाब से हमारा आकलन यह है कि यह संधि के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है और इसलिए हम इस बारे में श्रेणीबद्ध दृष्टिकोण के बारे में बात कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता हुआ था। विश्व बैंक भी समझौते का हस्ताक्षरकर्ता है। पाकिस्तान मामले को भारत के साथ सुलझाने की बजाय बार-बार वर्ल्ड बैंक के पास चला जाता है। इसी को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान को मामले में नोटिस जारी किया था।  

‘5 वक्त की नमाज पढ़ो, फिर चाहे हिन्दू लड़कियों को उठाओ या आतंकी बनो – सब जायज’: बोले बाबा रामदेव – हूर-मदिरा वाली जन्नत तो जहन्नुम से भी बेकार

दुनिया भर में योग को लोकप्रिय बनाने के लिए जाने जाने वाले बाबा रामदेव गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को राजस्थान के बाड़मेर पहुँचे थे। इस दौरान आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरी भी उनके साथ मौजूद थे। बाबा रामदेव ने मंच से हिन्दुओं को सावधान करते हुए इस्लाम और ईसाई मजहब को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस्लाम में मुस्लिमों को यही सिखाया जाता है कि तुम 5 वक्त का नमाज पढ़ो, उसके अलावा कुछ भी करो।

बाबा रामदेव ने कहा कि इस्लाम में नमाज पढ़ने के बाद कुछ भी करना जायज है – फिर चाहे हिन्दू लड़कियों को ही क्यों न उठाना हो। ये कार्यक्रम बाड़मेर के पनोणियो का तला में आयोजित हुआ था, जिसमें सैकड़ों लोग उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस्लाम में अगर कोई व्यक्ति 5 वक्त का नमाज़ पढ़ता है तो फिर उसे ये भी हक मिल जाता है कि वो जिहाद के नाम पर आतंकवादी बन कर कुछ भी करे। इसे मजहब के बारे में उन्होंने कहा कि वहाँ चर्च में मोमबत्ती जलाने पर सारे पाप धुल जाने का संदेश दिया जाता है।

हालाँकि, बाबा रामदेव ने स्पष्ट किया कि कुरान या बाइबिल में ऐसा कुछ नहीं लिखा हुआ है – फिर भी यही सोच इन मजहबों में काम करती है। उन्होंने ये भी कहा कि हिन्दू धर्म में ऐसा कुछ भी नहीं है। बाबा रामदेव ने ये भी स्पष्ट किया कि वो किसी की आलोचना नहीं कर रहे हैं, लेकिन लोग उसी चक्कर में पड़े हैं। उन्होंने कहा, “कोई पूरी दुनिया को इस्लाम में तब्दील कर देने की बात करता है तो कोई कहता है कि पूरी दुनिया को ईसाई बना देंगे।”

योग गुरु ने कहा कि मुस्लिमों या ईसाइयों के पास पूरी दुनिया को अपने मजहब में तब्दील करने का कोई एजेंडा नहीं है, लेकिन वो ऐसी बातें करते हैं। उन्होंने सनातन की तारीफ करते हुए कहा कि यहाँ ऐसा नहीं है। ब्रह्मलीन तपस्वी संत धर्मपुरी महाराज के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उन्होंने सनातन के बारे में समझाते हुए कहा कि ब्रह्ममुहूर्त में जगो, योग करो, ईश्वर का ध्यान करो, जीवों की सेवा करो – यही सनातन धर्म है।

बाबा रामदेव ने कहा, “मैं नहीं कह रहा हूँ, बल्कि यह लोग ऐसा कर रहे हैं। फिर कहते हैं कि जन्नत में अपनी जगह पक्की हो गई। वहाँ हूरें मिलने और मदिरा पान करने की बातें की जाती हैं। ऐसी जन्नत तो जहन्नुम से भी बेकार है। फिर भी लोग मूँछ कटवा रहे हैं और टोपी पहन रहे हैं। ये पागलपन है। लोग इसी चक्कर में पड़े हुए कि सारी जमात को इस्लाम में बदलना है। ईश्वर ने केवल मनुष्य जाति बनाई है, लोगों ने इसे धर्म-जाति में बाँट दिया। अपने धर्म के प्रति जागृत रहो और जहाँ धर्मगुरु खड़े हों, वहाँ खड़े हो जाओ।”