Homeदेश-समाजतमिलनाडु में जल्लीकट्टू की अनुमति नहीं देने पर हजारों लोगों ने किया हाइवे जाम,...

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू की अनुमति नहीं देने पर हजारों लोगों ने किया हाइवे जाम, 10km तक गाड़ियों की कतार: लाठीचार्ज-आँसू गैस नहीं आया काम तो दी इजाजत

बड़े पैमाने पर विरोध को देखते हुए स्थानीय अधिकारियों ने कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दो घंटे की अनुमति दी। इसके तुरंत बाद लोग शांत हुए और हाइवे को खाली किया। इसके बाद यातायात की आवाजाही शुरू हुई।

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में जल्लीकट्टू (Jallikattu) उत्सव के आयोजन की अनुमति नहीं देने पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार (2 फरवरी 2023) को हाइवे को घंटों जाम रखा। इससे यातायात बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई। प्रशासन के इस रूख से लोग नाराज लोगों ने पथराव भी किया।

अधिकारियों के रवैए से नाराज हजारों लोग बाहर आए और बेंगलुरु-चेन्नै राजमार्ग (Bengaluru-Chennai Highway) को जाम कर दिया। जाम के कारण हाइवे पर लगभग 10 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

दरअसल, तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के कोप्पाचंद्रम में ग्रामीणों ने जल्लीकट्टू आयोजन की पूरी तैयारी कर ली थी। आसपास के गाँवों के हजारों लोग अपने सैकड़ों जानवरों के साथ वहाँ पहुँचे थे। आयोजन शुरू ही होने वाला था। पहले वहाँ पुलिस पहुँच गई और आयोजन को रोक दिया।

पुलिस का कहना था कि जल्लीकट्टू के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। इतना सुनते ही ग्रामीण भड़क उठे। लोगों का कहना था कि इस आयोजन की पहले उन्हें अनुमति दी गई थी। अंतिम समय पर प्रशासन उन्हें मना कर रहा है। नाराज लोगों ने हाइवे पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर उसे जाम कर दिया।

पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की थी तो उन पर पथराव कर दिया। प्रदर्शनकारी वाहनों पर चढ़ गए और जमकर हंगामा किया। इसके बाद लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। इसके साथ ही आँसू गैस के गोले भी छोड़े।

इतने पर भी जब प्रदर्शनकारी जब डटे रहे, तब पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कम-से-कम 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

बड़े पैमाने पर विरोध को देखते हुए स्थानीय अधिकारियों ने बैलों की दौड़ वाले जल्लीकट्टू कार्यक्रम आयोजित करने के लिए दो घंटे की अनुमति दी। इसके तुरंत बाद लोग शांत हुए और हाइवे को खाली किया। इसके बाद यातायात की आवाजाही शुरू हुई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -