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‘डोर टू डोर’ चुनाव प्रचार के लिए गुजरात पहुँचे थे ओवैसी, लोगों ने काले झंडों के साथ किया स्वागत: लगे ‘गो बैक’ के नारे, रैली में ‘अल्लाह’ का नाम लेकर रोए थे

गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो चुका है। अब सियासी पार्टियाँ सोमवार(5 दिसंबर, 2022) को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए एड़ी चोटी की ताकत लगा रही हैं। इसी दौरान अहमदाबाद में डोर टू डोर कैंपेन कर रहे एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रचार के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाए गए। विरोध कर रहे लोग उनके खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि विरोध कर रहे लोग कॉन्ग्रेस के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओवैसी अहमदाबाद के शाहपुर मिल कंपाउंड के पास मुस्लिम बहुल इलाके में वोट माँगने पहुँचे थे। असदुद्दीन ओवैसी पैदल चलते हुए जमालपुर से एआईएसआईएम उम्मीदवार साबिर काबलीवाला के लिए वोट माँग रहे थे। ओवैसी के साथ उनके सैकड़ों समर्थक भी थे। इस बीच स्थानीय लोगों ने ओवैसी का विरोध शुरू कर दिया। कैंपेनिंग के दौरान ‘ओवैसी गो बैक’ के नारे भी लगाए गए। ओवैसी को काले झंडे दिखाए जाने लगे। दावा किया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने कॉन्ग्रेस के समर्थन में नारेबाजी की।

यह पहली बार नहीं है जब गुजरात में असदुद्दीन ओवैसी को विरोध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले भी गुजरात के कई मुस्लिम इलाकों में ओवैसी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। तकरीबन दो सप्ताह पहले सूरत ईस्ट में मुस्लिम नौजवानों ने ओवैसी की सार्वजनिक सभा में काले झंडे दिखाए थे।

इसके पहले शुक्रवार (02 दिसंबर, 2022) को इसी विधानसभा क्षेत्र (जमालपुर) में एक रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी फफककर रोने लगे थे। ओवैसी रोते हुए अल्लाह से अपने उम्मीदवार को जिताने की भीख माँग रहे थे।

जमालपुर में रैली के दौरान ओवैसी ने राहुल गाँधी पर भी जमकर निशाना साधा था। ओवैसी ने कहा था कि राहुल गाँधी बहस में पाँच मिनट भी मेरे सामने टिक नहीं पाएँगे। ओवैसी ने कहा था, “हमारी सच्चाई के सामने कॉन्ग्रेस का झूठ चकनाचूर हो जाएगा, हमारी जुबान के सामने कॉन्ग्रेस के लोग गूंगे बन जाएंगे।” माना जा रहा है कि उनके इस भाषण के बाद कॉन्ग्रेस समर्थकों में नाराजगी थी।

FBI के दबाव में ट्विटर ने छिपाए थे जो बायडेन के बेटे के कारनामे, विजया गाड्डे ने रचा था सारा ‘खेल’: एलन मस्क ने खोली ‘ट्विटर फाइल्स’

ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क ने शनिवार (3 दिसंबर 2022) को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडन के कारनामों की जानकारी देने की घोषणा करके दुनिया भर में सनसनी मचा दी है। उन्होंने बताया कि माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर साल 2020 में टीम बाइडन के दबाव में इस रिपोर्ट को दबाया गया था।

मस्क ने कहा कि ट्विटर द्वारा हंटर बाइडेन स्टोरी को हटाने के लिए क्या किया गया था, इसे प्रकाशित किया जाएगा! मस्क द न्यूयॉर्क पोस्ट की 2020 की उस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के बारे में बात कर रहे थे, जिसे ट्विटर द्वारा हटा दिया गया था। अब मस्क रिपोर्ट को हटाने के दौरान ट्विटर अधिकारियों द्वारा साझा किए ईमेल को सार्वजनिक करेंगे।

मस्क ने कहा कि 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान कंपनी ने रिपोर्ट को हटाने के टीम बाइडन के आग्रह को मान लिया था। ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ ने यह मीडिया रिपोर्ट हंटर बाइडन के लैपटॉप से रिकवर किए गए ईमेल पर तैयार किया था। इस स्टोरी को लेकर रूसी हैकिंग की बात कही है और कहा गया कि FBI ने इसे हटाने के लिए दबाव डाला था।

मस्क ने इस मामले का खुलासा करते हुए स्वतंत्र पत्रकार और लेखक मैट टैबी के अकाउंट का लिंक ट्वीट किया। इसके बाद टैबी ने ‘हंटर बाइडन लैपटॉप स्टोरी’ को ट्विटर पर सेंसर किए जाने के फैसले के पीछे के राज उजागर किए। उन्होंने ट्वीट्स की एक पूरी सीरीज पोस्ट की और बताया कि कैसे क्या हुआ था। टैबी ने इसे ‘द ट्विटर फाइल्स, पार्ट वन’ नाम दिया है। उसमें टैबी ने बताया कि ट्विटर ने हंटर बाइडन लैपटॉप स्टोरी को कैसे और क्यों ब्लॉक किया था।

टैबी के अनुसार, ट्विटर ने न्यूयॉर्क पोस्ट की हंटर बाइडेन स्टोरी (Hunter Biden Story) को दबाने के लिए असाधारण कदम उठाए थे। कंपनी ने लिंक हटा दिए और चेतावनी पोस्ट की कि यह ‘असुरक्षित’ हो सकता है। टैबी ने आगे कहा, “ट्विटर ने डाइरेक्ट मैसेज के माध्यम से इसके प्रसारण को भी ब्लॉक कर दिया, जैसे कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी को किया जाता है।”

दरअसल, 14 अक्टूबर 2020 को न्यूयॉर्क पोस्ट ने हंटर बाइडन का एक गोपनीय ईमेल प्रकाशित किया था, जो उनके लैपटॉप से हासिल किया गया था। टैबी ने दावा किया कि इसे सेंसर करने का फैसला ट्विटर के उच्चाधिकारियों ने किया था। हालाँकि इसकी जानकारी ट्विटर के तत्कालीन सीईओ जैक डोर्सी को नहीं थी। इसमें कंपनी की कानूनी मामलों की पूर्व प्रमुख विजया गाड्डे ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

न्यूयॉर्क पोस्ट की स्टोरी

द न्यूयॉर्क पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि हंटर बाइडन ने अपने पिता और अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति जो बाइडन को यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी से लगभग एक साल पहले मिलवाया था। उस वक्त बाइडन ने यूक्रेन में सरकारी अधिकारियों पर उस वकील पर गोलीबारी के लिए दबाव डलवाया था, जो कंपनी की जाँच कर रहा था। 

हंटर बाइडन 2015 में यूक्रेन की कंपनी बुरिस्मा के निदेशक मंडल में 50,000 डॉलर प्रति माह के वेतन पर शामिल हुए थे। कंपनी पर हंटर के प्रभावों का इस्तेमाल करने का भी आरोप है। ईमेल में कंपनी के सलाहकार वडिम पॉजर्स्की ने 17 अप्रैल 2015 को हंटर को एक ईमेल लिखकर इस बात के लिए शुक्रिया कहा था कि उन्होंने अपने पिता से उनकी मुलाकात करा दी।

यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी में सलाहकार पॉजर्स्की ने यह मेल हंटर बाइडेन के निदेशक बनने के एक साल बाद किया गया था। इसके पहले मई 2014 में पॉजर्स्की ने हंटर को ईमेल कर सलाह माँगी थी कि वे कंपनी के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।

इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय न्यूजपेपर डेली मेल ने कहा था कि तस्वीरों, दस्तावेजों, ईमेल और टेक्स्ट मैसेज से पता चला है कि 2013 से 2016 तक 6 मिलियन डॉलर (60 लाख डॉलर) से ज्यादा की आय होने के बाद भी उनके शाही खर्चों ने उन्हें कर्ज में डुबो दिया था। जब हंटर की कई बिजनेस डील रद्द हो गई और उनके खिलाफ फेडरल इन्वेस्टिगेशन (FBI) चल रही थी, तब उन्होंने एक ईमेल लिखा था। इसमें उन्होंने खुद को जेल भेजे जाने का डर जताया था।

जहाँ होने वाली है CM ममता के भतीजे की जनसभा, वहाँ बम बना रहे थे TMC कार्यकर्ता: ब्लास्ट में 2 की मौत, विस्फोट में उड़ गया घर का छप्पर

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदनीपुर में बम ब्लास्ट की खबर है। इस ब्लास्ट में 2 लोगों के मारे जाने की सूचना आ रही है। दोनों मृतक ममता बनर्जी की पार्टी TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं, जिसमें एक पार्टी का बूथ सभापति भी शामिल है। घटना आज शनिवार (3 दिसम्बर 2022) की है।। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह धमाका बम बनाने के दौरान हुआ है। पूर्वी मेदनीपुर के एक ग्राउंड में आज ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव की रैली भी प्रस्तावित है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अर्जुननगर इलाके की है। घटना जिस जिले की है वो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का गृह जनपद है। विस्फोट से हुए मृतकों में एक की पहचान राजकुमार मन्ना के तौर पर हुई है। उसकी उम्र 42 साल है और वो TMC का पदाधिकारी भी है। इस ब्लास्ट में एक अन्य व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की भी सूचना है।

‘CNN18’ की पत्रकार कनिका सेनगुप्ता द्वारा घटना का विजुअल शेयर किया गया है। वीडियो के मुताबिक, ब्लास्ट एक छप्परनुमा घर में हुआ था। धमाके में छप्पर पूरी तरह से उड़ गया है। सारा सामान बिखरा पड़ा है और आस-पास लोग खड़े हो कर घटनास्थल को देख रहे हैं।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्लास्ट गुरुवार (1 दिसम्बर, 2022) को हुआ है। इस रिपोर्ट में ब्लास्ट की वजह पटाखों में विस्फोट होना बताया गया है। इसी के साथ मृतकों की संख्या 1 होने की भी जानकारी दी गई है। बताया गया है कि ब्लास्ट वाली जगह पुलिस स्टेशन के पीछे ही है। एक बाइक के भी जलने की सूचना है, जिसे थाने पर खड़ी बताया गया है। भाजपा के बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने इस घटना के पीछे TMC द्वारा डर फैलाने की साजिश की आशंका जताई है।

पूर्वी मेदनीपुर में आज ही TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की जनसभा है। वो इस जिले में कोणताई कॉलेज ग्राउंड पर लोगों को संबोधित करने वाले हैं। इस जनसभा के विरोध में भाजपा विधायक हाईकोर्ट गए थे, जहाँ उन्होंने इस पर रोक की माँग की थी। हालाँकि हाईकोर्ट ने उनकी अपील ख़ारिज कर दी थी। गौरतलब है कि अगले साल पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव होने वाले हैं।

‘मुख्यमंत्री के दफ्तर से चल रहा था उगाही का रैकेट, रोज ₹3 करोड़ की कमाई’: CM बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले में ED की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाला मामले में शुक्रवार (2 दिसंबर, 2022) को गिरफ्तार कर लिया है। पिछले ढाई महीने से केंद्रीय एजेंसी इस कोयला उगाही घोटाला मामले की जाँच कर रही है। सौम्या चौरसिया 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं, जो 2018 के दिसंबर में कॉन्ग्रेस पार्टी के राज्य की सत्ता में वापसी के बाद से ही इस शक्तिशाली पद पर काबिज हैं।

इस घोटाले के तार सीधे रायपुर स्थित CMO से जुड़े हैं, जिसके बाद मामला हाई-प्रोफ़ाइल बन गया है। इस मामले में ED पहले ही 2009 बैच के IAS अधिकारी समीर बिश्नोई के अलावा 3 कारोबारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कोयला उगाही घोटाला मामले में ED ने कारोबारी सूर्यकान्त तिवारी को मुख्य आरोपित बताया है, जो जाँच एजेंसी की गिरफ़्त में है। इस मामले में 3 IAS अधिकारियों के ठिकानों पर ED की छापेमारी हो चुकी है।

शुक्रवार दोपहर को गिरफ़्तारी से पहले ED पिछले दो महीनों में कई बार सौम्या चौरसिया से पूछताछ भी कर चुकी थी। इस मामले में सितंबर 2022 के दूसरे हफ्ते में एक IAS पति-पत्नी के यहाँ भी छापेमारी हो चुकी है। सौम्या चौरसिया का मेडिकल एग्जामिनेशन कराने के बाद उन्हें अजय सिंह राजपूत की PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सौम्या चौरसिया को 4 दिन की रिमांड में भेज दिया है। हालाँकि, जाँच एजेंसी ने 14 दिनों की कस्टडी की माँग की थी।

सौम्या चौरसिया को इससे पहले 9 बार पूछताछ के लिए समन किया गया था। उनके वकील फैसल रिजवी ने दावा किया कि उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने के लिए ये सब किया जा रहा है। इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपितों को जुडिशल कस्टडी में रायपुर स्थित सेन्ट्रल जेल में रखा गया है। ED का कहना है कि नेताओं-कारोबारियों-अधिकारियों के रैकेट ने इस घोटाले को अंजाम दिया, जिसके तहत प्रति टन कोयला 25 रुपए की उगाही की गई।

इसके तहत प्रतिदिन 2-3 करोड़ रुपए की अवैध उगाही की गई। सौम्या चौरसिया की गिरफ़्तारी को सीएम बघेल ने राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए ऐलान किया है कि वो इसके खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे। उन्होंने ED पर अधिकारियों के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया। 6 दिसंबर को फिर से सौम्या चौरसिया को अदालत में पेश किया जाएगा। सौम्या पर ये भी आरोप है कि उन्होंने अपने परिजनों के नाम पर सस्ते दाम में खरीदी गई जमीनों को महँगे दाम पर बेच कर दूसरी जमीनें खरीदी हैं।

‘पार हो गई ओवरएक्टिंग की सीमा, VFX भी घटिया’: रणवीर सिंह-रोहित शेट्टी की ‘Cirkus’ के ट्रेलर से बोर हुए लोग, पूछा – कॉमेडी कहाँ है?

बॉलीवुड फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी की फिल्म ‘सर्कस’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। इस फिल्म में रणवीर सिंह, वरुण शर्मा, पूजा हेगड़े, जॉनी लीवर, जैकलीन फर्नांडिस सहित कई सारे स्टार कास्ट हैं। फिल्म इसी महीने 23 तारीख को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन सामने आए हैं।

रोहित शेट्टी की दूसरी फिल्मों की तरह सर्कस को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स बहुत आशान्वित नहीं हैं। अधिकांश यूजर्स को फिल्म का ट्रेलर पसंद नहीं आया। फिल्म में गोलमाल ‘गोलमाल अगेन’ और ‘जुड़वा 2’ की मिक्स्चर करके रायता फैला दिया गया है।

उमैर संधू नाम के ट्विटर यूजर ने फिल्म के ट्रेलर को लेकर लिखा, “पहली बार रोहित शेट्टी की फिल्म को जनता से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली! पब्लिक ने Cirkus ट्रेलर को बुरी तरह रिजेक्ट कर दिया है !!! सब कुछ बहुत खराब है, खासकर हरियाली वाला VFX।”

शिवा नाम के यूजर ने कहा कि तथाकथित मास सर्कस ट्रेलर में अब तक का सबसे अधिक ओवर ऐक्टिंग है।

मेजर नाम के ट्विटर यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “CirkusTrailer देखने के बाद। ले ऑडियंस*।”

नवनीत मुंद्रा नाम के यूजर ने लिखा, “ईमानदारी से कहूँ तो मुझे #CirkusTrailer पसंद नहीं आया !!! रोहित शेट्टी और रणवीर सिंह के कॉम्बिनेशन से बहुत अधिक उम्मीद कर रहा था। सेट आश्चर्यजनक रूप से कृत्रिम दिखते हैं, सीजीआई औसत दर्जे का है और ट्रेलर पेचीदा और लय विहीन है। आपके विचार क्या हैं?”

मनोज कुमार नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “मीडिया और कुछ #SamosaSeller अनावश्यक हाइपिंग कर रहे थे। Cirkus TRAILER उनके मुखर ट्वीट से निचले दर्जे का है। रणवीर सिंह एक शानदार अभिनेता होने के बावजूद एक सीन में भी हमें हंसाने में नाकाम रहे हैं । हर पिक्चर में दीपिका को घुसेड़ना जरूरी है?”

कॉन्ग्रेस पार्टी ने ‘रावण’ के बाद अब PM मोदी को बताया ‘भस्मासुर’, ‘औकात’ पर भी सवाल उठा चुकी है पार्टी

कर्नाटक कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व सांसद वीएस उग्रप्पा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना राक्षस भस्मासुर से की है। शुक्रवार (2 दिसम्बर, 2022) को कन्नड़ भाषा में एक बयान के दौरान पूर्व सांसद उग्रप्पा ने PM मोदी पर बच्चों से भविष्य से भी खेलने का आरोप लगाया है। इस से पहले कॉन्ग्रेस के ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को रावण कहा था, जिस पर प्रधानमंत्री ने पलटवार भी किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उग्रप्पा ने अपने एक बयान में कहा, “मैं पहले ही बता चुका हूँ कि मोदी आधुनिक भस्मासुर की तरह है। भाजपा सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खेल रही है।” इस दौरान उग्रप्पा आर्टिकल 21- A, शिक्षा के संवैधानिक अधिकार और बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का जिक्र कर रहे थे।

पहले भी बोले गए अमर्यादित शब्द

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कॉन्ग्रेस की तरफ से ऐसी टिप्पणी पहली बार नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस से पहले कॉन्ग्रेस के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी को रावण कहा था। एक भाषण के दौरान उन्होंने कहा था कि क्या पीएम मोदी के रावण की तरह 100 मुँह हैं। हालाँकि, नरेंद्र मोदी ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि कॉन्ग्रेस न ही राम पर विश्वास करती है और न ही रामभक्तों पर। उन्होंने गुजरात को रामभक्तों का प्रदेश बताया था।

इस से पहले सोनिया गाँधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर और मणिशंकर अय्यर उन्हें नीच शब्द से संबोधित कर चुके हैं। वीएस उग्रप्पा के भस्मासुर वाले बयान पर अभी तक भाजपा की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

गौरतलब है कि सभी पार्टियों ने गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी जीत के लिए ताकत झोंक दी दी है। इस बार अरविंद केजरीवाल के उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यहाँ पहले चरण में 89 सीटों पर एक दिसंबर को मतदान हो चुका है। दूसरे चरण में 93 सीटों पर 5 दिसंबर को वोट डाले जाएँगे। 182 सीटों पर हुए चुनाव के परिणाम 8 दिसंबर,2022 को घोषित किए जाएँगे।

‘भारत मेरे दिल में, इस देश ने ही मुझे तराशा’: अमेरिका में ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित हुए Google के सीईओ सुन्दर पिचाई, ‘डिजिटल इंडिया’ के हुए कायल

गूगल और अल्फाबेट (Google and Alphabet) कंपनी के CEO सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने कहा है कि भारत उनके दिल में बसता है और वे जहाँ भी जाते हैं, उसे ले जाते हैं। पिचाई ने यह बात उस वक्त कही, जब भारतीय राजदूत ने उन्हें अमेरिका में प्रतिष्ठित पद्म भूषण पुरस्कार दिया।

भारतीय-अमेरिकी नागरिक पिचाई को व्यापार और उद्योग श्रेणी में साल 2022 के पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। तमिलनाडु के मदुरै में जन्मे पिचाई इस वर्ष की शुरुआत में घोषित 17 पुरस्कार विजेताओं में से एक हैं। उन्हें शुक्रवार (2 नवंबर 2022) को सैन फ्रांसिस्को में अपने करीबी परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में यह पुरस्कार लिया।

अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू से पुरस्कार स्वीकार करते हुए 50 वर्षीय पिचाई ने कहा, “मैं इस अपार सम्मान के लिए भारत सरकार और भारत के लोगों का बहुत आभारी हूँ। मुझे तराशने वाले देश द्वारा इस तरह से सम्मानित किया जाना अविश्वसनीय रूप से सार्थक है।”

उन्होंने कहा, “भारत मेरे दिल में बसता है। मैं जहाँ भी जाता हूँ, इसे अपने साथ ले जाता हूँ। मैं भाग्यशाली था कि मैं एक ऐसे परिवार में पला-बढ़ा, जिसने सीखने और ज्ञान को पोषित किया। माता-पिता के साथ इस परिवार ने यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत त्याग किया कि मुझे अपनी रुचियों का पता लगाने का अवसर मिले।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की प्रशंसा करते हुए पिचाई ने कहा, “डिजिटल इंडिया निश्चित रूप से उस प्रगति को बढ़ा रहा है। मुझे गर्व है कि Google दो परिवर्तनकारी दशकों में सरकारों, व्यवसायों और समुदायों के साथ भागीदारी करते हुए भारत में निवेश करना जारी रखा है।”

उन्होंने कहा, “हमने हाल ही में घोषणा की थी कि हम भारत के डिजिटल भविष्य में $10 बिलियन का निवेश करेंगे। किफायती इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए काम करेंगे, भारत की अनूठी जरूरतों के लिए उत्पादों का निर्माण करेंगे, उनके डिजिटल परिवर्तन में सभी आकारों के व्यवसायों की मदद करेंगे और बड़ी सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए एआई का उपयोग करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हम डिजिटल स्किलिंग में भी गहरा निवेश कर रहे हैं, और अपने वीमेनविल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के माध्यम से 10 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया है और सरकार और स्थानीय संगठनों के साथ साझेदारी में 55,000 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है। हमने NASSCOM Foundation और Tata स्ट्राइव के सहयोग से 1,00,000 से अधिक Google कैरियर प्रमाणपत्र प्रायोजित किए हैं।”

धर्मांतरण कर परिवार सहित बन गया मुस्लिम, फिर पूर्व जाति के आधार पर चाहता था सरकारी नौकरी: HC ने रद्द की याचिका, कहा – वापस लौटने पर ही…

क्या कोई व्यक्ति हिन्दू धर्म से इस्लाम या ईसाई मजहब में धर्मांतरण करने के बावजूद अपनी जाति बरकरार रख सकता है और उसके आधार पर आरक्षण इत्यादि के फायदे उठता रह सकता है? मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले से इस संबंध में चीजें स्पष्ट हुई है। इस्लाम अपनाने वाला एक व्यक्ति अपनी याचिका लेकर मद्रास हाईकोर्ट पहुँचा था। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने स्पष्ट किया कि जिस जाति में उसका जन्म हुआ, उसे वो धर्मांतरण के बाद भी अपनी पहचान के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकता।

इस दौरान मद्रास उच्च-न्यायालय ने ये भी टिप्पणी की कि जब हिन्दू धर्म का कोई व्यक्ति किसी अन्य मजहब में धर्मांतरण करता है तो उसकी जाति नेपथ्य में चली जाती है। जैसे ही वो अपने धर्म में वापस लौटता है, उसकी जाति वाली पहचान भी फिर से वापस आ जाती है और वो उसका इस्तेमाल कर सकता है। जिस व्यक्ति इ याचिका दायर की थी, वो 2008 में परिवार के साथ मुस्लिम बन गया था। उसने अपना नाम बदल लिया था और गैजेट में ये नहीं दिखाया था।

रामनाथपुरम के जोनल डिप्टी तहसीलदार ने 28 अक्टूबर, 2015 को कम्युनिटी सर्टिफिकेट जारी किया था। इसमें बताया गया था कि याचिकाकर्ता ‘लब्बैस समाज’ से ताल्लुक रखता है। जाति प्रमाण-पत्र का मामला तब संज्ञान में आया था जब उक्त व्यक्ति ‘तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमिशन (TNPSC)’ की परीक्षा में बैठा। उसने ग्रुप-2 के लिए प्रिलिमिनरी एग्जाम क्लियर कर लिया और मेंस में बैठा। लेकिन, अंतिम सिलेक्शन की सूची में उसे शामिल नहीं किया गया।

उसने जब RTI के माध्यम से इसका कारण पता किया तो हुए बताया गया कि उसे ‘बैकवॉर्ड क्लास (BC) मुस्लिम’ में शामिल नहीं किया गया, इसीलिए ऐसा हुआ है। उसे ‘सामान्य (General)’ कैटेगरी के अंतर्गत ही माना गया। इसके बाद वो हाईकोर्ट पहुँचा। 25 दिसंबर, 2012 को काजी द्वारा जारी किए गए प्रमाण-पत्र में ये लिखा है कि वो मुस्लिम जमात में शामिल हुआ है। चूँकि धर्मांतरण के बाद आरक्षण के दावे पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है, इसीलिए मद्रास हाईकोर्ट ने इस पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता की याचिका रद्द कर दी।

मौलाना ने APJ अब्दुल कलाम और PM मोदी को कहे अपशब्द, ‘दारुल उलूम अलामिया’ में पढ़ाता है: ऑडियो हुआ वायरल, होली को बताया ‘काफिरों का त्योहार’

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मदरसा में पढ़ाने वाले एक मौलाना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) पर अभद्र टिप्पणी का आरोप है। हिन्दू संगठनों ने अख्तर हुसैन नाम के इस मौलाना पर देश विरोधी विदेशी ताकतों से संपर्क में होने और क्षेत्र में जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपित मौलाना पर FIR दर्ज ली है। मौलाना का आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है।

मौलाना का ऑडियो भी वायरल हो रहा है। इसी ऑडियो में वो पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम पर किसी मदनी को पैसा दे कर मुस्लिमों को दीन से भटकाने की साजिश रचने का आरोप लगा रहा है। अपने ऑडियो में मौलाना आगे वर्तमान सरकार की बुराई करता है। वो कहता है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) और मोदी मिल कर मुस्लिमों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ऑडियो में कथित मौलाना के मुताबिक, सरकार की साजिश के तहत ही मुस्लिमों की बाराबंकी स्थित दरगाह में होली का त्यौहार मनाया जा रहा है।

साथ ही मौलाना को ये कहते भी सुना जा सकता है कि होली ‘काफिरों का त्योहार’ है।

मदरसे का नाम ‘दारुल उलूम अलामिया’ है। यह बस्ती के वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र में पड़ता है। इस वायरल ऑडियो पर बस्ती पुलिस के DSP सदर ने कहा कि मामले में केस दर्ज कर के जाँच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मामला मदरसे का है इसलिए अतिरिक्त कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सूचित किया गया है।

विदेशों से कनेक्शन का आरोप

हिन्दू संगठनों ने मौलाना अख्तर हुसैन के इस वायरल ऑडियो पर कड़ी नाराजगी जताई है। प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में विश्व हिन्दू महासंघ ने लिखा है कि मौलाना विदेशी ताकतों का एजेंट है, जो क्षेत्र में जिहाद को बढ़ावा दे रहा है। इसी के साथ ज्ञापन में मौलाना के अन्य जिलों में आपराधिक इतिहास की जानकारी देते हुए उसकी चल-अचल संपत्ति की जाँच की भी माँग की गई है।

ऑपइंडिया ने इस बाबत बस्ती पुलिस के सर्किल ऑफिसर सिटी अलोक प्रसाद से बात की। उन्होंने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर के SDM कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ से उसकी जमानत हो गई थी।

पश्चिमी UP में दो बुजुर्ग साधुओं की हत्या: अलीगढ़ में ट्यूबवेल पर सोने गए 70 साल के पुजारी को ईंट-पत्थर से कूचकर मारा गया, पिछले 6 महीने में 8 का मर्डर

उत्तर प्रदेश में साधु अब अपराधियों के निशाने पर हैं। अलीगढ़ में एक बार फिर एक साधु की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है। 70 वर्षीय साधु बुद्धसेन रात में ट्यूबवेल पर सो रहे थे। इसी दौरान आए अज्ञात अपराधियों ने ईंट और पत्थर से कूच-कूचकर उनकी हत्या कर दी। इसके पहले जिले के एक मंदिर के साधु और उसके साथी की हत्या कर दी गई थी।

ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर के बाद कुछ लोग खेतों की ओर चारा लेने गए तो बुद्धसेन को घायल अवस्था में पड़े हुए देखा। इसके बाद घटनास्थल पर लोग जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। घायल साधु को इलाज के लिए अकराबाद सीएचसी भेजा गया, जहाँ उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अलीगढ़ भेज दिया है।

मामला जिले के विजयगढ़ थाना क्षेत्र के लाला का नगला गाँव की है। मृतक के परिजनों का कहना है कि बुद्धसेन ने बहुत पहले ही पारिवारिक जिंदगी छोड़ दी थी। वे पिछले 7 सालों से राहुल गुप्ता की ट्यूबल पर सोने के लिए जाते थे। घटना के दिन भी वे सोने गए थे, लेकिन गाँव के ही कुछ अन्य लोगों ने उनकी लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। तहरीर के आधार पर IPC की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया गया है। सीओ का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेला इलाके के परोरा गाँव में भी एक साधु की हत्या कर दी गई है। कहा जा रहा है कि साधु कुँवरपाल का शव खेत में मिला है। बता दें कि पिछले कुछ समय से देश भर में मंदिरों में चोरी और साधुओं की हत्या की घटनाओं में वृद्धि हुई है।

इससे पहले यूपी में 13 अगस्त को अलीगढ़ के मंदिर में 75 वर्षीय एक साधु और उसके साथी की हत्या कर दी गई थी। 16 अगस्त को ओरैया के मंदिर में तीन साधुओं की हत्या कर दी गई थी। 19 अगस्त को करनाल मंदिर में 1 पुजारी, 1 साधु व 2 सेवादारों की हत्या कर दी गई। वहीं, 20 अगस्त को प्रयागराज में एक साधु की हत्या कर दी गई थी।

पिछले दो वर्षों में यूपी में 20 से अधिक साधुओं की हत्या हो चुकी है। अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले 6 महीने में 8 साधुओं की हत्या हो चुकी है। लगातार हो रही हत्याओं से साधु समाज में डर का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा है।