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महिलाओं पर बदजुबानी के बाद चुनाव आयोग और पुलिस पर विवादित टिप्पणी, आज़म खान के खिलाफ लगातार दूसरे दिन FIR: कहा था – बुर्कापोशों पर बेंत तोड़ने वालों…

अपने विवादित बयानों के लिए कुख्यात समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान के खिलाफ एक और FIR दर्ज हुई है। बताया जा रहा है कि यह केस आज़म द्वारा अखिलेश की जनसभा में दिए गए एक आपत्तिजनक भाषण के चलते दर्ज हुआ है। रामपुर में अखिलेश की जनसभा गुरुवार (1 दिसम्बर, 2022) को थी। एक दिन पहले ही आज़म के खिलाफ रामपुर के गंज थाना क्षेत्र में महिलाओं के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने की FIR दर्ज हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिलेश की जनसभा किला मैदान में थी। इस दौरान जयंत चौधरी भी मंच पर मौजूद थे। तब आज़म ने जनता को संबोधित करते हुए कहा था, “तुम कम हो, वर्दियाँ ज्यादा हैं। वाह रे मेरे देश के चलाने वालों, मुबारक हो। इलेक्शन कमिश्नर, आप यहाँ आ जाओ। दे दो जीत का सर्टिफिकेट एमएलए का। हम भी ताली बजाएँगे।” आज़म का ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इसी वीडियो में आज़म ने आगे कहा, “बेकसूरों को डराने वालों, वाह। बुर्कापोशों पर बेंत तुड़ाने वालों, मुबारक हो तुम्हें।” आज़म के समर्थन में भीड़ से आवाज उठ रही थी। बताया जा रहा है कि आज़म पर संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी का केस दर्ज हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, FIR रामपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में IPC की धारा 153-A, 505 (1)(b) और 125 के तहत दर्ज हुई है। इसी सभा के आज़म खान ने मंच से नारा लगाया था, “लाठी डंडा खाएँगे, आसिम राजा को जिताएँगे।”

गौरतलब है कि आज़म खान पर एक दिन पहले रामपुर के ही गंज थानाक्षेत्र में FIR दर्ज हुई थी। यह FIR शहनाज बेगम नाम की एक महिला की शिकायत पर दर्ज हुई थी। इस केस में IPC की धारा 294(b), 354(क)1(iv), 504, 505(2), 509, 153-A(1) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत कार्रवाई की गई थी। शहनाज के मुताबिक उसे आज़म खान द्वारा महिलाओं और बच्चों पर दिए गए आपत्तिजनक बयान से काफी आघात पहुँचा था।

बदजुबानी दुर्गति का कारण बनती है

आज़म खान के तमाम भाषणों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि बदजुबानी अक्सर दुर्गति का कारण बनती है। सरकार पर आज़म के लगाए जा रहे आरोपों को बिना नाम लिए योगी ने आधारहीन बताते हुए कहा कि बेहतर होता कि वो मंत्री रहने के दौरान अपनी ऊर्जा प्रदेश के विकास में लगाते। इशारों ही इशारों में आज़म खान को कर्मों का फल सबको मिलता वाली कहावत सुना कर योगी ने कहा कि मामले न्यायालय में हैं और न्यायिक कार्यों को सरकार से जोड़ना गलत है।

योगी आदित्यनाथ ने यह बयान मैनपुरी की एक जनसभा में शुक्रवार (2 दिसम्बर, 2022) को दिया।

नवी मुंबई में अवैध चर्च पर चला बुलडोजर: 55 वर्षीय पादरी ने 4 लड़कियों का किया था यौन शोषण, बुरे हालात में रखे गए 45 बच्चों को NCPCR ने बचाया

नवी मुंबई (Navi Mumbai) के सीवुड स्थित सेंट बेथेल चर्च (Sant Bethel Church) के पादरी पर चार लड़कियों का यौन शोषण करने के आरोप के बाद नवी मुंबई नगर निगम ने इसे ध्वस्त कर दिया है। चर्च को जेसीबी से धवस्त करने से पहले शुक्रवार (2 नवंबर 2022) को उसके अंदर रखे सामनों को बाहर निकाल दिया गया।

नगर निगम की इस कार्रवाई का NCPCR के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने जानकारी दी। कानूनगो ने शनिवार (3 नवंबर 2022) को इस बारे में ट्वीट कर कहा, “नवी मुंबई में बेथेल गॉस्पेल चर्च द्वारा चलाए जा रहे अवैध चिल्ड्रन होम में बच्चों के यौन शोषण की शिकायतों की @NCPCR_ द्वारा जाँच के उपरांत अनुशंसाओं के आधार पर अवैध बाल गृह को बुलडोजरों ने ध्वस्त कर दिया। यहाँ से 45 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है।”

चर्च के पादरी द्वारा यहाँ की लड़कियों का यौन शोषण करने की घटना सामने आने के बाद भाजपा की महिला विंग ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। इस साल अगस्त में ठाणे जिला बाल संरक्षण इकाई ने एक गैर सरकारी संगठन के साथ इस चर्च पर छापा मारा था। चर्च परिसर में 45 नाबालिग बच्चे और बच्चियाँ मिली थीं।

छापेमारी के दौरान पाया गया कि इन बच्चों को चर्च परिसर में बेहद गंदे हालात में रखा जा रहा था। जिन कमरों में ये बच्चे रहते थे, वे बेहद छोटे और अंधेरे थे। उन कमरों में वेंटिलेशन की भी व्यवस्था नहीं थी। इतना ही नहीं, इन्हें खाने के लिए बासी खाना दिया जाता था।

छापेमारी के बाद सभी बच्चों को रेस्क्यू कराने के बाद उन्हें ठाणे जिले के विभिन्न बाल गृहों में भेज दिया गया। इस छापेमारी के एक हफ्ते बाद चर्च के 55 वर्षीय पादरी को एनआरआई कोस्टल पुलिस ने नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।

मामला सामने आने के बाद चर्च को लेकर भी सवाल उठने लगे। कहा जाने लगा कि यह चर्च अवैध रूप से बना है। नवी मुंबई पुलिस ने नवी मुंबई नगर निगम को इसके अवैध होने की सूचना दी थी। इसके बदा निगम के अधिकारियों ने चर्च को नोटिस भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नवी मुंबई की भाजपा की महिला विंग ने इस मुद्दे को उठाया और पाया कि चर्च अवैध है।

‘कंधे, घुटने और नाभि ढँकने के लिए कपड़े ही नहीं हैं’: मॉडल ने क़तर में पहने सेक्सी कपड़े, कहा – गिरफ़्तारी से नहीं डरती, मुस्लिम नहीं कैथोलिक हूँ

इस्लामी मुल्क क़तर में FIFA वर्ल्ड कप का आयोजन हो रहा है हालाँकि, इस दौरान फुटबॉल फैंस के लिए इस्लामी मुल्क ने जो नियम-कानून बताए हैं, वो चर्चा का विषय बन रहे हैं। जहाँ एक तरफ उन्हें पूरे कपड़े पहनने के लिए कहा गया, वहीं दूसरी तरफ शराब पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। स्टेडियम में बियर भी नहीं दिया जा रहा। इसी बीच पूर्व ‘मिस क्रोएशिया’ इवाना नॉल सेक्सी ड्रेस में मैच का लुत्फ़ उठाती दिखीं, जिसके बाद उन पर गिरफ़्तारी की तलवार भी लटक रही है।

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर इवाना नॉल ने खुलेआम क़तर में ड्रेस को लेकर बने नियम-कानूनों का उल्लंघन किया और कहा कि अधिकारी क्या कहते हैं, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने स्टेडियम से तस्वीरें भी शेयर की, जिसमें शेख लोग उनकी तरफ देखते हुए और उनकी तस्वीरें लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपने स्नैप्स को लेकर कहा कि वो बिलकुल भी नहीं डरी हुई हैं। उन्होंने क्रोएशिया के राष्ट्रीय ध्वज वाली सेक्सी ड्रेस पहन रखी थी।

26 वर्षीय इवाना नॉल का साफ़ कहना है कि उन्हें क़तर में गिरफ़्तारी से डर नहीं लगता है। उन्होंने कहा, “पहले मैं सोच रही थी कि अगर FIFA विश्व कप क़तर में हो रहा है तो वो फुटबॉल फैंस को सहज महसूस कराने के लिए सब कुछ करेंगे और किसी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं लगाएँगे। लेकिन, जब मुझे नियम-कानूनों के बारे में पता चला तो मैं हैरान रह गई। ड्रेस कोड में कंधे, घुटने और नाभि वगैरह दिखाना मना है। ये सब ढँकने के लिए तो मेरे पास कपड़े भी नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं काफी गुस्सा थी, क्योंकि मैं एक मुस्लिम नहीं हूँ और अगर हमलोग यूरोप में हिजाब और नकाब का सम्मान करते हैं तो फिर उन्हें भी हमारे मजहब और हमारे जीवन जीने के तरीके का सम्मान करना चाहिए। मैं क्रोएशिया की कैथोलिक हूँ, जो वर्ल्ड कप देखने यहाँ आई हूँ। मैं गिरफ़्तारी से नहीं डरती हूँ।” बता दें कि क़तर में नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और जेल का प्रावधान है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों की गतिविधियाँ रिकॉर्ड की जा रही हैं, ऐसे में बाद में जाँच के समय ये फुटेज काम आएँगे।

चाइनीज चापड़ से काटा श्रद्धा का हाथ, नार्को के लिए रिहर्सल करके गया: शातिर आफताब तिहाड़ में इंग्लिश नॉवेल पढ़ना चाहता है, शतरंज खेलकर बिता रहा समय

दिल्ली के महरौली में हुए श्रद्धा मर्डर केस में आरोपित आफताब का नार्को टेस्ट पूरा हो गया है। आशंका जताई जा रही रही कि अपनी करतूतों पर पर्दा डालने के लिए आफताब अपने टेस्ट का रिहर्सल कर के आया था। बताया जा रहा है कि जेल में आफताब ने पढ़ने के लिए अधिकारियों से नॉवेल माँगी है। वहीं उसका कुछ समय शतरंज खेल कर और ज्यादातर टाइम अकेले में बीत रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेल प्रशासन आफताब की हरकतों पर लगातार नजर रखे हुए है। आफताब ने अपना समय काटने के लिए तिहाड़ के अधिकारियों से अंग्रेजी नॉवेल माँगा है। आफताब को जेल प्रशासन ने टाइम पास के लिए शतरंज भी दिया है लेकिन वो ज्यादातर समय अकेले में बिता रहा है। उसका पॉलिग्राफिक और नार्को टेस्ट करवाने के बाद उसे 2 दिसम्बर 2022 से तिहाड़ में शिफ्ट कर दिया गया है।

नार्को टेस्ट में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास

एक रिपोर्ट के मुताबिक आशंका है कि आफताब ने अपने नार्को की प्रैक्टिस पहले से की थी। बताया जा रहा है कि उसने पूछताछ के दौरान पुलिस क गुमराह करने की पूरी कोशिश की थी। इस दौरान किसी बड़े खुलासे की संभावना नहीं है। श्रद्धा की लाश के अन्य टुकड़ों के बारे में उसने बस यही बताया कि उसे दिल्ली की भौगोलिक हालातों की जानकारी नहीं है इसलिए वो टुकड़ों की लोकेशन नहीं बता सकता।

ऐसा बताया जा रहा है कि श्रद्धा की लाश के टुकड़े काटने के लिए आफताब ने एक छूरे का प्रयोग किया था। उस छूरे को उसने अपने गुरुग्राम स्थित ऑफिस के आस-पास कहीं झाड़ियों में फेंका था। हालाँकि बताया जा रहा है कि नार्को टेस्ट में उसने खुद के द्वारा श्रद्धा का कत्ल करने की बात कबूल की है। उसने यह भी माना है कि लाश के टुकड़ों को उसी ने जंगल के कई हिस्सों में फेंका है।

दावा किया जा रहा है कि आफताब के फ़्लैट से कत्ल में प्रयोग हथियारों को बरामद कर लिया गया है। जाँच में यह भी निकल कर सामने आया है कि श्रद्धा की हत्या के लिए आफताब ने चाइनीज चापड़ का प्रयोग किया था।

नार्को टेस्ट के दौरान आफ़ताब से लगभग 2 घंटे तक पूछताछ चली। अब तक श्रद्धा की कुल 13 हड्डियाँ बरामद हो गईं हैं। श्रद्धा के पिता से DNA मिलान की रिपोर्ट अगले हफ्ते तक आने की उम्मीद है। इसके साथ कुछ डिजिटल प्रमाण भी सामने रखे जाएँगे जिसमें फिंगर और फुटप्रिंट भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उन्होंने आफताब को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त सबूत जमा कर लिए हैं।

30 दिन में बाँटी जाएँगी 1 लाख भगवद गीता: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की इस्कॉन के प्रयास की सराहना, बोले- इसे पढ़ लिया तो किसी हेल्प बुक की जरूरत नहीं

श्रीमदभगवद् गीता जयंती महोत्सव पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बंगलुरु में इस्कॉन (ISCKON) के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गीता सिर्फ एक ग्रंथ भर नहीं है, यह जीती-जागती ज्ञान गंगा हैं, जो प्राचीन काल से मानव को अपने ज्ञानामृत से सींचती चली आ रही है।

उन्होंने कहा, “अनादि काल से चले आ रहे मानवीय भावों को उदात्त करने का एक माध्यम है गीता। गीता शाश्वत है, नित्य है, सत्य है। इसलिए गीता का कोई एक दिवस न होकर हरेक दिवस होना चाहिए। वास्तव में तो गीता मनाने की नहीं, बल्कि मानने का आग्रह है। मानने की भी नहीं, बल्कि यह जीने का आग्रह है।”

रक्षामंत्री ने कहा, “हरि अनंत हरि कथा अनंता’ की भाँति गीता भी मैं समझता हूँ अनंत है और इसकी व्याख्या अनंत है। अब तक जिन ग्रंथों के सर्वाधिक भाष्य मिलते हैं, गीता उनमें से एक है। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गाँधी से लेकर पंडित नेहरू, महर्षि अरविंदो, लोकमान्य तिलक ने गीता को अपने-अपने ढंग से देखा है।” उन्होंने कहा कि विदेशों में समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पबुक का चलन है, लेकिन अगर गीता को पढ़ लिया तो हेल्प बुक की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा, “गीता हमें ऐसा सूत्र प्रदान करती है, जिसके सहारे हम अपनी आत्मा का दर्शन कर सकते हैं। आज इंसान को बाहरी दुनिया की बड़ी चिंता रहती है। दिल्ली में क्या हो रहा है, अमेरिका में क्या हो रहा है, लंदन में, फ्रांस में क्या घटित हो रहा है, उसे बड़ी चिंता रहती है। गीता हमें अंतर्मन की ओर देखने का ज्ञान देती है। आत्मा से जोड़ती है, जो परमात्मा का ही एक अंश है। जो शाश्वत है और अनश्वर है। आत्मा को केंद्र में रखने वाला प्राणी सुख-दुख से ऊपर उठकर दुख से ऊपर उठकर आनंद की प्राप्ति करता है।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञान का केंद्र रहा है और इस ज्ञान के अस्तित्व को न केवल दूसरे देशों ने स्वीकार किया, बल्कि अपनाया भी है। भगवदगीता ने दुनिया के कई महान और प्रसिद्ध लोगों को न केवल प्रभावित किया है, बल्कि उनके जीवन को भी पूरी तरह से बदल दिया है। गीता सिर्फ धार्मिक ग्रन्थ ही नहीं, इसमें निहित ज्ञान सबके लिए, खासकर युवा वर्ग के लिए एक Inspiration है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “गीता का ज्ञान भारत के समाज का आधार है। भारत एक शान्तिप्रिय देश रहा है। हिंसा, युद्ध यह कभी भी भारत की प्रवृत्ति नहीं रही है। इसलिए भारत ने कभी किसी दूसरे देश पर न हमला किया ना कभी किसी की एक इंच ज़मीन पर कब्जा किया। इसलिए दुनिया को यह समझना होगा कि अगर युद्ध और हिंसा हमारी प्रवृत्ति नहीं तो अन्याय सहना और अधर्म के प्रति तटस्थ रहना भी हमारे चरित्र का हिस्सा नहीं रहा है।”

ISKON की सराहना करते हुए रक्षामंत्री सिंह ने कहा कि गीता दान यज्ञ महोत्सव के माध्यम से भगवान कृष्ण के शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस्कॉन का प्रयास सराहना है। उन्होंने कहा कि 30 दिनों तक चलने वाले इस यज्ञ के दौरान 1 लाख भगवदगीता बाँटने की योजना बनाई गई है। ज्ञान ही तो ऐसा धन है, जो बाँटने से बढ़ता है। इस्कॉन अपने प्रयास में सफल होगा।

‘ये इस्लामी मुल्क है, यहाँ अपनी टाँगें मत दिखाओ’: बिकनी में धूप सेंकती दिखी Pak पहुँची अंग्रेज कमेंटेटर तो भड़के कट्टरपंथी, कहा – हमारी संस्कृति का सम्मान करो

इंग्लैंड की टीम फ़िलहाल पाकिस्तान के दौरे पर है, जहाँ उसने पाकिस्तानी टीम के छक्के छुड़ा रखे है। आतंक के गढ़ पाकिस्तान में तमाम आशंकाओं के बावजूद इंग्लैंड की टीम पहुँच कर टेस्ट मैच खेल रही है। मैच से पहले इंग्लैंड के कई खिलाड़ी बीमार भी हो गए थे। इसी बीच इंग्लिश कमेंटेटर एलेक्जेंड्रा हार्टली का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो पाकिस्तान में बिकनी पहन कर धूप सेंकती हुई दिख रही हैं। इस वीडियो से पाकिस्तान के सलामी कट्टरपंथी नाराज़ हैं।

ये वीडियो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित सेरेना होटल का है, जिसमें वो एक पूल किनारे दिख रही हैं। वीडियो में उन्होंने सिर्फ अपनी टाँगें ही दिखाई हैं। अहमद फ़ाज़ नामक पाकिस्तानी ने आक्रोश जताते हुए लिखा, “क्या यह इस्लामी गणतंत्र पाकिस्तान है?”

वहीं सऊद नाम के मुस्लिम ट्विटर यूजर ने उन्हें सलाह दी कि वो ‘उचित कपड़े’ पहनें, वरना अगर होटल के कर्मचारी उन्हें घूरते हैं तो इसके लिए उन्हें जिम्मेदार न ठहराएँ। उक्त यूजर ने उन्हें बाजार से तैराकी के ‘उचित कपड़े’ खरीदने की सलाह दे डाली।

वहीं मलिक राशिद ने पोछा, “क्या आपको अपनी टाँगें दिखानी ज़रूरी है?”

वहीं एमी आबिद नाम के यूजर ने उन्हें पाकिस्तान की संस्कृति का ख्याल रखने की चेतावनी दी। उसने धमकाया कि एलेक्सा हार्टली पाकिस्तान में इस तरह की संस्कृति का प्रचार-प्रसार न करें और मेहमाननवाजी का गलत फायदा न उठाएँ। 29 वर्षीय एलेक्सा हार्टली बीबीसी की टीम की तरफ से मैच को कवर करने के लिए आई हैं। 29 वर्षीय एलेक्सा इससे पहले कई क्रिकेट सीरीज को कवर कर चुकी हैं।

वहीं एक जिम्बाब्वे के क्रिकेट फैन ने एलेक्जेंड्रा हार्टली को एक सलाह दी। फैन ने लिखा, “बुर्का पहनें। इस तरह के शॉर्ट्स पहनने की अनुमति पाकिस्तान में नहीं है। यहाँ आसपास काफी ठरकी हैं।” बता दें कि T20 विश्व कप में नकली मिस्टर बीन को लेकर जिम्बाब्वे के क्रिकेट फैंस ने पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई थी। जहाँ तक पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड टेस्ट मैच की बात है, इंग्लैंड ने 4 बल्लेबाजों के शतक की मदद से 657 रन बनाए थे, वहीं जवाब में पाकिस्तान ने भी 3 शतकों की मदद से 4 विकेट पर 421 रन बनाए हैं।

‘मेरी माँ की तस्वीर लगी थी… वो कैसे बैठे’ : दिल्ली MCD चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस नेता पर भड़के शीला दीक्षित के बेटे, BJP बोली- ‘राहुल जी पहले अपने नेताओं को जोड़ लो’

दिल्ली में एमसीडी चुनाव से ठीक पहले कॉन्ग्रेस में नया कलह शुरू हो गया है। कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने एक ट्वीट के जरिए अपनी ही पार्टी के नेता देवेंद्र यादव पर निशाना साधा। उनको इस बात से ऐतराज हो गया कि देवेंद्र यादव कॉन्ग्रेस के उस कार्यक्रम में कैसे शामिल हुए जहाँ उनकी माँ शीला दीक्षित की तस्वीर लगी हुई है।

दरअसल, जिस कार्यक्रम में कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से दिल्ली एमसीडी चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया जा रहा था उस कार्यक्रम के एक बैनर पर शीला दीक्षित की भी तस्वीर लगी हुई थी। कार्यक्रम की तस्वीरें कॉन्ग्रेस नेता मुदित अग्रवाल ने ट्विटर पर शेयर कीं। इन तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप दीक्षित ने लिखा,

“मुझे यह पूरी तरह से निंदनीय लगता है कि देवेंद्र यादव उस मंच पर बैठे हैं जहाँ मेरी माँ की तस्वीर लगी हुई है। एक समय में उन्होंने मेरी माँ को अपमानित करने की पूरी कोशिश की थी।”

वर्ष 2019 में अजय माकन के इस्तीफे के बाद शीला दीक्षित दिल्ली कॉन्ग्रेस की प्रमुख बनी थीं। उस वक्त देवेंद्र यादव कार्यकारी अध्यक्ष पद पर थे। कहा जाता है कि शीला दीक्षित और देवेंद्र यादव के बीच अनबन रहती थी।

भाजपा ने इस मामले को लेकर कॉन्ग्रेस पर तंज किया है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया,

“राजस्थान में पायलट बनाम गहलोत विवाद के बाद अब दिल्ली में भी कॉन्ग्रेस बनाम कॉन्ग्रेस विवाद!एक बार फिर से ‘टुकड़े-टुकड़े कॉन्ग्रेस’! दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री (शीला दीक्षित) के बेटे ने अपने ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा!पहले राहुल जी कॉन्ग्रेस जोड़ो- भारत तो जुड़ा हुआ है। सरदार पटेल जी को धन्यवाद।”

आपको बता दें कि राजस्थान में दो सालों से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सीमए की कुर्सी को लेकर घमासान मचा हुआ है। करीब दो महीने पहले 25 सितंबर को एक बार फिर राजस्थान में सियासी भूचाल आया था जब कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर पर्चा भरने से पहले अशोक गहलोत से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। इसके बाद अगले सीएम को लेकर पार्टी के अंदर मचा घमासान पूरी तरह से सड़क पर आ गया था। इस घमासान के बाद हुई बयानबाजियों में दोनों खेमों के मंत्रियों ने एक दूसरे पर तीखे प्रहार भी किए। गहलोत तो अब तक सचिन को गद्दार बताते फिरते हैं।

हाल ही में एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए गहलोत ने सचिन पायलट को फिर से गद्दार कह दिया। जिसके बाद दोनों खेमों में एक बार फिर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस बीच 04 दिसंबर, 2022 को राहुल गाँधी की यात्रा राजस्थान में प्रवेश करने वाली है। ऐसे में पार्टी लीडरशीप नहीं चाहेगी कि दोनों खेमों के बीच अनबन का असर यात्रा पर पड़े। यही कारण है कि पिछले दिनों राहुल गाँधी ने गहलोत और पायलट दोनों को पार्टी का असेट बताया था।

कुल मिलाकर जिस तरह की घटनाएँ पार्टी के अंदर से सामने आ रही हैं इससे यह तो स्पष्ट है कि कॉन्ग्रेस टुकड़े-टुकड़े होती जा रही है।

हिंदू आतंकवादी, शिवसेना डकैत: इंदौर के लॉ कॉलेज में चल रहा लव जिहाद का पाठ, हिंदूविरोधी किताबें न पढ़ने पर काटे जाते हैं नंबर

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय में हिंदुओं के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने और हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फँसाने का छात्राओं द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद मामला गर्मा गया है। छात्र संगठन ABVP की शिकायत के बाद कॉलेज के 6 प्रोफेसरों को 5 दिन के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया है और मामले की जाँच के लिए एक समिति गठित की गई है।

कॉलेज के छात्रों का आरोप है कि लाइब्रेरी में ऐसी किताबें रखी गई हैं, जिनमें हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी हुई है। किताब में लिखा है- हिंदू मुख्य आतंकवादी हैं। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में धारा-370 को सही बताते हुए विश्व हिंदू परिषद, RSS को लेकर विवादास्पद बातें लिखी गई हैं।

छात्रों का कहना है कि डॉ. फरहत खान के नाम से लिखी गई इन किताबों को लाइब्रेरी में किसके कहने पर रखा गया, इसकी जाँच होनी चाहिए। इसके साथ ही छात्रों ने लेखिका, प्राचार्य, प्रोफेसर डॉ. मिर्जा मोईज, प्रो. सुहैल अहमद वानी और प्रो. अमीक खोखर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की माँग की है। इस मामले में छात्रों ने भँवरकुआ थाने में शिकायत दी है और साथ में किताब को सबूत के तौर पर भी पेश किया है।

इतना ही नहीं, इस लॉ कॉलेज में हिंदू लड़कियों को भी टारगेट कर लव जिहाद में फँसाने की बात सामने आई है। छात्रों ने कॉलेज परिसर में अनुशासनहीनता और धार्मिक कट्टरता फैलाने को लेकर प्रिंसिपल डॉ. इनामुर्रहमान से शिकायत की थी। मामला बढ़ने के बाद इस पर प्रिंसिपल ने अब कार्रवाई की बात कही है।

इस मामले में राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि अगर कोई दोषी है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉ. फरहत खान द्वारा लिखी गई किताब की 24 घंटे में जाँच कर FIR दर्ज करने के निर्देश इंदौर के कमिश्नर को दिए गए हैं।

क्या लिखा है किताब में

फरहत खान द्वारा लिखित ‘सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति’ में कई सारी कट्टरता वाली बातें लिखी गई हैं। उसमें लिखा गया है, “पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, बर्मा में सांप्रदायिकता का संघर्ष नहीं है। शासन तो वहाँ भी सैकड़ों वर्ष अंग्रेजों का रहा था और अमेरिका का हस्तक्षेप आज भी इनकी सत्ता पर रहता है। आज सारे हिंदू संगठन एक स्वर से मुसलमानों के कश्मीर में धारा 370 लगाकर विशेष सुविधाएँ देने का विरोध यह कहकर करते हैं कि कश्मीर में उग्रवाद धारा 370 के कारण ही पनप रहा है।”

किताब में आगे लिखा है, “यदि इनसे पूछा जाए कि पंजाब में उग्रवाद क्यों है, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम में जहाँ हिंदू उग्रवाद है, वहाँ भी धारा 370 नहीं लगी है। हिंदू कहते हैं कि समान नागरिक संहिता की बात कहकर हम मुसलमानों के कानून में सुधार करना चाहते हैं, जो नारी के विरुद्ध है। यदि उनसे पूछा जाए कि आप अपने व्यक्तिगत कानून को और भी शास्त्रों के कानून को क्यों लागू करना चाहते हैं, जो शूद्र स्त्री और गैर हिंदुओं के विरुद्ध है। पहले हिंदुओं को अपने सिविल कोड में सुधार की बात करनी चाहिए।”

किताब में और आगे लिखा है, “उपरोक्त संक्षिप्त विवरण में हमने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसकी परिवार की संस्थाओं के क्रियाकलाप पर प्रकाश डाला। हिंदुओं के जितने भी सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठन बने हैं। उनका एक मात्र उद्देश्य देश के मुसलमानों का विनाश करना है और शूद्रों को दास बनाना है। हिंदू पद पादशाही कायम करना है और हिंदू राजतंत्र का शासन वापस लाकर ब्राह्मण को पृथ्वी का देवता बनाकर पूज्य बनाना है।”

फरहत ने अपनी किताब में विश्व हिंदू परिषद को टारगेट करते हुए लिखा है, “विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन हिंदू बहुमत का राज्य स्थापित करना चाहते हैं। दूसरे समुदायों को शक्तिहीन बनाकर गुलाम बनाना चाहते हैं। पंजाब में सिखों के खिलाफ शिवसेना जैसे त्रिशूलधारी नए संगठनों ने मोर्चा बना लिया है। अपनी सांप्रदायिक गतिविधियों को मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों से संचालित करने लगे हैं। शिवसेना हिंदू राष्ट्र का नारा दे रही है, जो पूरे सिख समाज के विरुद्ध हैं।”

झूठे प्रोपेगेेंडा को बढ़ाते हुए इसमें आगे कहा गया है, “अब शिवसेना के नौजवान सिखों के घरों में डकैती और अनजानी घटनाएँ कर रहे हैं। यहाँ तक कि निर्दोष सिखों की हत्याएँ भी कर रहे हैं। हिंदू शिव सेना के लोगों ने बैंक में डकैतियाँ भी डाली हैं। पंजाब में जो कुछ हो रहा है, पंजाबी और उर्दू अखबार ही सही लिखते हैं और हिंदी अखबार झूठ। पंजाब का सच आज यह है कि मुख्य आंतकवादी हिंदू हैं और सिख प्रतिक्रिया में आतंकवादी बन रहा है।”

छात्रों का कहना है कि इन किताबों को पढ़ने के लिए उन पर दबाव बनाया जाता है। अगर परीक्षा में उन किताबों का रेफरेंस देकर उत्तर नहीं लिखा जाता है तो नंबर काट लिए जाते हैं और उन्हें पास नहीं होने दिया जाता है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के तार कई राष्ट्र विरोधी संगठनों से जोड़कर षड्यंत्रकारी छात्रों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है। संगठनों में आगे की ट्रेनिंग लेने के लिए भी यहाँ के छात्रों को उकसाया जा रहा है।

हिंदू लड़कियों को किया जाता है टारगेट

दैनिक भास्कर को नाम नहीं छापने की शर्त पर कॉलेज की छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बताया कि क्लास में मुस्लिम लड़के हिंदू लड़कियों को टारगेट करते हैं। फर्स्ट और सेकंड सेमेस्टर में हिंदू लड़कियों को लव जिहाद में फँसाने का काम होता है और इसमें मुस्लिम लड़कियाँ मददगार बनती हैं।

लड़कियों ने बताया कि मुस्लिम लड़कियाँ नई आईं इन हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़कों से परिचय करवाती हैं। बाद में दोनों के बीच फोन नंबर आदान-प्रदान होता है और बातचीत होने लगती है। बाहर से पढ़ने के लिए इंदौर आई हिंदू लड़कियाँ इनका सॉफ्ट टारगेट होती हैं।

हॉस्टल में रहने वाली एक लड़की ने बताया कि उसे एक लड़के ने परेशान करके रखा है। लड़के का कहना है कि उससे या सर से कमिटेड होना पड़ेगा। अपना धर्म बदल लो और निकाह कर लो। कॉलेज की छात्राओं ने बताया कि जिन लड़कियों से मुस्लिम लड़कों की दोस्ती हो जाती है, वे उन्हें बाहर घुमाने ले जाते हैं।

लड़कियों का कहना है कि अगर कोई छात्रा इसकी शिकायत कॉलेज प्रशासन से करती है तो उसे परेशान किया जाता है। यहाँ तक कि कॉलेज के इंटरनल परीक्षा में कम नंबर दिए जाते हैं। इससे डर कर लड़कियाँ चुप रहती हैं। वहीं, हिंदू टीचर भी नौकरी के चक्कर में आवाज नहीं उठाते हैं।

प्रोफेसर ने हिंदू लड़कियों पर रखते हैं गंदी नजर

कॉलेज की एक छात्रा ने बताया, “हमारे एक प्रोफेसर हैं अमीक सर, वो लड़कियों को अपने साथ मूवीज, पब, डिस्को और कैफे ले जाते हैं। सर उन्हें लेट नाइट मैसेज करते हैं, लव ईमोजी भेजते हैं। उनका बिहेवियर लड़कियों को आकर्षित करने वाला रहता है। यहाँ पर सबसे ज्यादा लव जिहाद को बढ़ावा मिल रहा है। हमारी क्लास में भी ऐसे बच्चे हैं जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं।”

छात्रा ने बताया कि कॉलेज के ही एक मिर्जा सर हैं, जो सरकार की नई शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं। छात्रा का कहना है कि वे छात्रों को इसके विरोध के लिए उकसाते हैं और उनसे कागज पर इसके विरोध में हस्ताक्षर ले रहे हैं।

एक अन्य छात्रा ने बताया, “कॉलेज की कई स्टूडेंट ऐसी हैं, जो सर के साथ कैफे, पब और मूवी देखने बाहर जाती हैं। सोशल मीडिया पर स्टोरी भी अपलोड की गई हैं। टीचर पढ़ाने की जगह लड़कियों को क्लब और पब लेकर जाते हैं। इंटरनल मार्क्स का हवाला देकर छात्राओं पर दबाव डाला जाता है।”

कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष अभाविप के दीपेन्द्र सिंह ठाकुर ने इतिहास में जब मुगलों के बारे में पढ़ाने की बात आती है तो वे उनका महिमामंडन करते हैं। बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। वहीं, हिन्दू राजाओं के बारे में बात करते समय उनकी उपलब्धियों की चर्चा भी नहीं करते हैं।

वहीं, ABVP के प्रांत मंत्री घनश्याम सिंह चौहान का कहना है कि परिसर में धार्मिक कट्टरता फैलाने को लेकर प्राचार्य को पहले मौखिक शिकायत दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। छात्राओं पर पब और कैफे जाने के लिए शिक्षकों द्वारा दबाव बनाया जाता है। खुद छात्राओं ने प्राचार्य को इसकी जानकारी दी है। कॉलेज प्रशासन ने मामले में जाँच की बात कही है।

फोटो खींचने का बहाना, लेकिन मोबाइल की जगह निकला तमंचा… राजस्थान में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की एंट्री से पहले खूनी खेल, लौट कर देखा ज़िंदा तो नहीं

राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा की एंट्री से पहले सीकर में कुख्यात गैंगस्टर राजू ठेहट की शनिवार (3 दिसंबर 2022) सुबह हत्या कर दी गई। हमलावर कोचिंग की ड्रेस पहनकर आए थे। उन्होंने पहले ठेहट को उनके घर से बाहर बुलाया और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस दौरान ठेहट को 3 से ज्यादा गोलियाँ लगीं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। देख सकते हैं कि कैसे बदमाशों ने पहले गोली मारी और फिर भाग निकले।

इस संबंध में राजस्थान पुलिस के महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए टीम लगाई है। एसएचओ को फील्ड में रहने के निर्देश हैं। घटना में एक और व्यक्ति की गोली लगने से मौत हुई। हमलावरों ने उसे इसलिए मारा क्योंकि वो उनकी वीडियो बना रहा था।

हत्या की जिम्मेदारी

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार घटनास्थल पर सीकर के आला अधिकारी पहुँचे। मामले की जाँच की। फिलहाल आरोपितों को पकड़ने के लिए पूरे राज्य में नाकाबंदी कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक शूटर हरियाणा के हो सकते हैं। वहीं दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के सूत्रों ने कहा है कि राजू ठेठ को करीब 10 साल से मारने का प्लान बनाया जा रहा था। इनमें लॉरेंस गैंग, आनंदपाल गैंग और काला जेठड़ी गैंग शामिल थे।

जाँच में भी अभी तक यही पता चला है कि ठेहट की गैंग शहर में सक्रिय थी और उनकी आनंदपाल गैंग से दुश्मनी थी। दोनों एक दूसरे से बदला लेने पर तुले रहते थे। पहले हमले के पीछे भी आनंदपाल गैंग के बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष का नाम सामने आ रहा था। क्योंकि वो भी दो साल से ठेहट को मारने की प्लानिंग कर रहा था। हालाँकि इस हत्या के बाद लॉरेंस गैंग से जुड़े रोहित गोदारा ने अपनी फेसबुक आईडी से हत्या की जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने आनंदपाल और बलबीर बानूड़ा की हत्या का बदला लिया है। 

राजू ठेहट की हत्या का CCTV

राजू ठेहट की हत्या के बाद वारदात का सीसीटीवी सामने आया है। देख सकते हैं कि कैसे पहले ठेहट के घर के सामने ट्रैक्टर रोका गया। उसके बाद कोचिंग की जैकेट में 4-5 बदमाश रुके। उन्होंने घंटी बजाई और ठेहट के साथ फोटो खिंचाने का बहाना बनाया। ठेहट को लगा शायद वो लोग मोबाइल निकाल रहे हैं। लेकिन उन्होंने यहाँ तमंचा निकाला और उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। रिपोर्ट बताती है कि करीबन 50-60 राउंड फायरिंग हुई। बदमाशों ने राजू को मारने के बाद लौटकर दोबारा चेक भी किया कि कहीं राजू जिंदा तो नहीं बचा।

राजनीति में आने की फिराक में था राजू

बता दें कि राजू ठेहट सीकर का रहने वाला था। उसे लग्जरी लाइफ जीने का शौक था। उस पर महंगी गाड़ियाँ और बाइकें थीं। वो बिन नंबर की फॉर्च्यूनर में घूमता था और उसने अपनी सुरक्षा के लिए तीन गनमैन रखे हुए थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी उसने अपनी लग्जरी जिंदगी दिखाते हुए गाड़ियों और 3 गनमैन के साथ कई रील्स डाली हुई थीं। वह अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहता था इसलिए राजनीति में आने का प्लान कर रहा था। सोशल मीडिया पर उसकी चाकसू विधानसभा यूथ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष कैलाश चौधरी के साथ तस्वीरें थीं। इसके अलावा उसके महेश नगर के पूर्व भाजपा विधायक प्रेम सिंह बाजोर के घर भी टिकने की खबर सामने आई थी।

हनुमान मंदिर को हटाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुँचे अधिकारी, हिन्दुओं ने किया विरोध प्रदर्शन: कॉन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में आरोप – प्रतिमा कर दी क्षतिग्रस्त

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक मंदिर को हटाने को ले कर नगर निगम और हिंदू संगठन आमने-सामने आ गए हैं। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि निगम कर्मचारियों ने मंदिर को क्षतिग्रस्त किया है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन भी किया है। उनका कहना है कि मंदिर में रखी मूर्ति को भी नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुई है। लोगों ने चंदा लगा कर टूटे मंदिर की फिर से मरम्मत का एलान किया है। विवाद 2 दिसंबर, 2022 का बताया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह विवाद ‘रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड’ द्वारा करवाई जा रही शहर के कथित सौंदर्यीकरण की कार्रवाई के दौरान खड़ा हुआ। यहाँ लाखेनगर चौक से राजकुमार कॉलेज के बीच पड़ने वाली सड़क को चौड़ा किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की जद में कुछ घरों के अलावा 5 मंदिर भी आ रहे हैं। कुछ मूर्तियों को लोगों की सहमति से अलग जगह शिफ्ट भी कर दिया गया। ये मूर्तियाँ माई की बगिया नाम की जगह पर जमा की गई हैं जहाँ उनकी नए सिरे से प्राण प्रतिष्ठा करवाई जा रही है।

इस दौरान प्राचीन बजरंग बली की मूर्ति भी हटाने की कोशिश की जाने लगी। इस बात की जानकारी होते ही हिन्दू संगठन मौके पर जमा हो गए। उनका कहना था कि मूर्ति की पूँछ मंदिर से सटी हुई है और हटाने पर मूर्ति क्षतिग्रस्त हो जाएगी। इस दौरान अधिकारियों से उन्होंने बहस की। बाद में अन्य स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों ने मूर्ति को सही सलामत हटाने के लिए कहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि जब तक हनुमान जी की मूर्ति को सही सलामत निकाले जाने का भरोसा नहीं दिया जाता तब तक मूर्ति अपनी जगह पर ही रहेगी।

वहीं इस मुद्दे पर जोन 5 के कमिश्नर राकेश गुप्ता ने भरोसा दिया है कि मामले का सर्वसम्मति से संतोषजनक समाधान निकाल लिया जाएगा।

वही एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, मूर्ति हटाने पहुँचे निगम के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को सूचित नहीं किया था। इसी के साथ निगम द्वारा मंदिर के खिलाफ शाम को कार्रवाई करना बताया गया है जबकि अधिकारियों द्वारा इसे दिन में करने के लिए कहा गया था। बताया जा रहा है कि निगम मंदिर पर बुलडोजर ले कर पहुँचा था, जिस पर लोगों ने सख्त आपत्ति जताई है।