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पहले ‘औकात’ की बात, अब ‘राक्षस’ से तुलना… कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को बताया ‘रावण’, BJP ने कहा – गुजरात की जनता दिखाएगी आईना

गुजरात चुनाव के पहले चरण के लिए मंगलवार (29 नवंबर, 2022) को प्रचार का आखिरी दिन है। इसी क्रम में वहाँ सभी राजनीतिक पार्टियाँ अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। दूसरी ओर नेता एक-दूसरे पर कीचड़ उछलने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। नया उदाहरण कॉन्ग्रेस के नए-नवेले अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के ने सोमवार (28 नवंबर, 2022) को पेश किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना रावण से किया है, जिसके बाद भाजपा ने उनकी मानसिकता पर सवाल उठाए हैं।

खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी हर वक्त अपनी बात करते हैं और हर मुद्दे पर कहते हैं कि मोदी की सूरत को देखकर वोट दें। खड़गे ने प्रधानमंत्री का अपमान करते हुए कहा, “तुम्हारी सूरत कितनी बार देखें। पार्षद चुनाव में तुम्हारी सूरत देखें। एमएलए चुनाव (विधानसभा) में भी तुम्हारी सूरत देखें। हर जगह आपका ही चेहरा देखें। कितने चेहरे हैं आपके। क्या आपके रावण की तरह 100 मुख हैं?” इससे पहले कॉन्ग्रेस

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी काम के बारे में कुछ नहीं बोलते हैं और वे सिर्फ झूठ बोलते हैं। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री ने सालाना 2 करोड़ रोजगार देने की बात कही थी लेकिन क्या गुजरात में किसी को रोजगार मिला। साथ ही आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को उद्घाटन करने की आदत है। उन्होंने कहा कि भले ही कोई भी चीज़ किसी ने तैयार की हो, वह उसमें चूना लगाकर, कलर करके कहते हैं कि यह मेरा है।

वहीं भाजपा ने खड़गे के इस अनर्गल बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रावण कहना उनका घोर अपमान है। इससे पहले भी कॉन्ग्रेस नेता पीएम मोदी का अपमान कर चुके हैं। 2002 के विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस की चीफ रह चुकीं सोनिया गाँधी ने ‘मोदी को मौत का सौदागर’ कह कर संबोधित किया था। उन्होंने पूछा कि इन लोगों को बार-बार पीएम मोदी को अपमानित कर के क्या मिलता है?

संबित पात्रा ने कहा, “आज पूरा देश और गुजरात क्षुब्ध है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम को रावण कहा है। इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कॉन्ग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। ये सिर्फ मोदी जी का अपमान नहीं, बल्कि पूरे देश और गुजरात का अपमान है। गुजरात की जनता कॉन्ग्रेस को आईना दिखाएगी। ये सिर्फ खड़गे का बयान नहीं है, बल्कि सोनिया और राहुल गाँधी का बयान है।”

संबित पात्रा ने कहा कि सुबोध कांत सहाय ने मोदी को ‘हिटलर की मौत मरने’ की बात कही थी। प्रधानमंत्री को कॉकरोच, यमराज, बंदर जैसे उपनाम कॉन्ग्रेस के नेताओं ने दिए। टुकड़े-टुकड़े गैंग, देश को खंडित करने वाले लोग पीएम मोदी को गाली देते हैं। संबित पात्रा ने सभी गुजरातियों से अपील है कि जिस पार्टी के अध्यक्ष ने मोदी का अपमान किया है, वो सब इस पार्टी को सबक सिखाएँ और शत-प्रतिशत गुजराती घर से बाहर निकलें, लोकतांत्रिक तरीके से कॉन्ग्रेस के खिलाफ वोट देकर बदला लें।

श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों से गूँजेगा पंचकूला का हर एक चौक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘गीता महोत्सव’ का किया शुभारंभ: गीता पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार भी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 2 दिवसीय हरियाणा दौरे पर हैं। वह मंगलवार और बुधवार (29 और 30 नवंबर, 2022) को प्रदेश की कई योजनाओं की शुरुआत करेंगी। इसी सिलसिले में वह कुरुक्षेत्र पहुँचीं, जहाँ उन्होंने ‘गीता महोत्सव’ की औपचारिक शुरुआत की और ब्रह्म सरोवर पहुँच कर यज्ञ में आहुति दी। ‘गीता महोत्सव’ को लेकर बड़ी तैयारियाँ की गईं हैं। इसके अंतर्गत पंचकूला जिले का प्रत्येक चौक गीता के श्लोकों से गूँजेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कुरुक्षेत्र पहुँचने पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उनका स्वागत किया। इस कार्यक्रम के बाद उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का दौरा किया। वहाँ उन्होंने विश्विद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता सदन में ‘अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार’ में भाग लेंगी।

इसके अलावा, वह राज्य को तीन बड़ी योजनाओं की सौगात देंगी। इसमें, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य परीक्षण योजना की शुरुआत करने के साथ ही राज्य के 6 जिलों में रोडवेज की बसों में ई-टिकटिंग प्रणाली की शुरुआत राष्ट्रपति के द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, राष्ट्रपति सिरसा जिले को मेडिकल कालेज की सौगात देंगी। इसका शिलान्यास कुरुक्षेत्र से ही होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सर्वेक्षण योजना का भी शुभारंभ करेंगी। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के लोगों का हेल्थ चेकअप किया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में अंत्योदय परिवार के लोगों को शामिल किया गया है। राष्ट्रपति सिरसा जिले में 21 एकड़ भूमि पर बनने वाले चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की भी आधारशिला रखेंगी। ‘गीता महोत्सव (गीता जयंती)’ पर हरियाणा का पंचकुला जिला पूरी तरह से गीतामय नजर आएगा। इसके लिए, हर चौक पर डिजिटल स्क्रीन की व्यवस्था की गई है। इस स्क्रीन पर गीता के श्लोक नजर आएँगे।

एसडीएम डॉ ऋचा राठी का कहना है कि तीन गीता महोत्सव के अंतर्गत सेक्टर-5,6,7 व 8 स्थित गीता चौक मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसे भव्य रूप से सजाया जाना है। यही नहीं, गीता जयंती महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों द्वारा किया जाने वाला श्लोकोच्चारण भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। गीता जयंती महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन 4 दिसंबर की सुबह 11.45 से जिले के विभिन्न स्कूलों के 2500 से अधिक विद्यार्थी एक साथ वैश्विक गीता से जुड़ते हुए अष्टादश श्लोकों का पाठ करेंगे।

दलित नाबालिग लड़की का सुहैल ने स्कूल से किया अपहरण, जंगल में बंधक बनाया: FIR के बाद गिरफ्तार, खेत में मिले बच्ची का बैग और अंडरगार्मेंट्स

उत्तर प्रदेश की बागपत पुलिस ने अनुसूचित जाति की नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोप में सुहैल नाम के आरोपित को गिरफ्तार किया है। पीड़िता 23 नवम्बर 2022 को सुबह अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस टीम ने जाँच के दौरान इस मामले में सुहैल को खोजा और तब पता चला कि उसने पीड़िता को जंगल के अंदर एक खेत में छिपा कर रखा था।

यह मामला थानाक्षेत्र सिंघावली अहीर का है। यहाँ 23 नवम्बर को पीड़िता के पिता ने पुलिस ने अपनी बेटी के अचानक ही लापता हो जाने की शिकायत दर्ज करवाई। पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि सुबह लगभग 7:30 पर उनकी बेटी को उनकी पत्नी स्कूल छोड़ कर आई थी। बाद में स्कूल के प्रिंसिपल ने लगभग 1 घंटे बाद फोन कर के उनकी बेटी के कहीं बिना बताए ही चले जाने की जानकारी दी। प्रिंसिपल की कॉल के बाद पीड़िता के परिजन स्कूल पहुँचे और अपनी बेटी की तलाश शुरू कर दी।

शिकायत में आगे बताया गया कि तलाश के दौरान एक गन्ने के खेत में पीड़िता का स्कूल बैग और प्राइवेट कपड़े मिले। थक हार कर उसी दोपहर लगभग 2 बज कर 54 मिनट पर पीड़ित परिवार ने पुलिस में FIR दर्ज करवाई। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को 2 मोबाईल नंबर देते हुए बताया कि उनकी बेटी की बात अक्सर उन पर होती थी जिसके लिए उसे कई बार डाँटा भी गया था।

शिकायत में लड़की के पिता ने पुलिस से अपनी बेटी को जल्द से जल्द खोजने की गुहार लगाई थी। इस शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ IPC की धारा 363 के तहत केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी थी। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

FIR दर्ज करने के बाद बागपत पुलिस ने पीड़िता को खोजने के लिए कई थानों की फ़ोर्स लगा दी। इस दौरान पुलिस को घटना के पीछे सुहैल नाम के आरोपित के होने की जानकारी मिली। पुलिस ने सुहैल को गिरफ्तार कर के पूछताछ शुरू की। कुछ ही समय में सुहैल ने अपना गुनाह कबूल करते हुए पीड़िता की लोकेशन पुलिस को बता दी। पुलिस ने पीड़िता को जंगल के एक खेत से बरामद कर लिया।

जिले के पुलिस अधीक्षक IPS नीरज जादौन का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल करवाया गया है। साथ ही लड़की को 164 के बयान के लिए अदालत भेजा जा रहा है। पीड़िता की बरामदगी के बाद सुहैल को नामजद करते हुए FIR में IPC की धारा 506 के साथ पॉक्सो एक्ट और SC/ST एक्ट की वृद्धि की गई है।

सूट बेचने आता था सुहैल

ऑपइंडिया ने पीड़िता के पिता से बात की। उन्होंने हमें बताया कि पहले तो उनकी बेटी काफी डरी हुई थी लेकिन अब धीरे-धीरे नार्मल हो रही है। पीड़िता के पिता द्वारा हमें जानकारी दी गई कि सुहैल ने कहा है कि वो जब सूट बेचने आया था तब उसका परिचय उनकी बेटी से हुआ था। भावुक मन से उन्होंने कहा कि सुहैल ने उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी।

‘कश्मीर फाइल्स की रिलीज के बाद घाटी में हुई सबसे ज्यादा हत्याएँ, एक दल के खिलाफ हुआ दुष्प्रचार’: IFFI जूरी हेड के समर्थन में संजय राउत, जमानत पर हैं बाहर

गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में ​विवेक ​अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर विवादित टिप्पणी का मामला गरमा गया है। अभिनेता अनुपम खेर और विवेक अग्निहोत्री ने जहाँ इसका कड़ा विरोध किया है। वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी, अभिनेत्री स्वरा भास्कर और शिवसेना नेता संजय राउत इसका समर्थन कर रहे हैं।

IFFI जूरी ​हेड नादव लापिद ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को अश्लील और प्रोपेगेंडा फिल्म बताया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने इस पर कहा, “यह ‘द कश्मीर फाइल्स’ के बारे में सच है। जब एक दल द्वारा दूसरे दल के विरुद्ध दुष्प्रचार किया जा रहा था। तब एक और पार्टी सरकार के प्रचार में व्यस्त थी। लेकिन इस फिल्म के रिलीज होने के बाद कश्मीर में सबसे ज्यादा हत्याएँ हुईं। कश्मीरी पंडित और सुरक्षाकर्मी मारे गए।”

उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत, जो हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आए हैं, उन्होंने आगे कहा, “ये सिनेमा आने के बाद, कश्मीर में सबसे ज्यादा किलिंग हुई। पंडितों को मारा गया। सु​रक्षाकर्मियों को मारा गया। तब कहाँ थे ये कश्मीर फाइल्स वाले? जब कश्मीरी पंडितों के बच्चे आंदोलन कर रहे थे। तब कोई आगे नहीं आया, ना ही कश्मीर फाइल्स 2.0 की कोई योजना थी। आप उसे भी बनाओ।”

ध्यान दें कि संजय राउत ने जहाँ नादव लैपिड का समर्थन करते हुए इस्लामवादियों की बजाए हिंदुओं की हत्याओं के लिए ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को दोषी ठहराया है। वहीं भारत में इजरायल के राजदूत ने नदव की विवादित टिप्पणी के लिए माफी माँगी है। उन्होंने एक पत्र में कहा कि उन्हें कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार पर नकारात्मक टिप्पणी के मामले पर शर्म आ रही है। दिलचस्प बात यह है कि नदव द्वारा ‘द कश्मीर फाइल्स’ के लिए इस्तेमाल किए गए अश्लील शब्द के बारे में पूछे जाने पर संजय राउत ने कहा कि उन्होंने यह फिल्म नहीं देखी है।

संजय राउत द्वारा की गई टिप्पणी का वीडियो ‘जी मराठी’ ने शेयर किया है। ‘एबीपी माँझा’ ने भी इसे शेयर किया गया था, लेकिन इस वीडियो को जल्द ही प्राइवेट कर दिया गया, इसलिए लोग इसे एक्सेस नहीं कर सके।

बता दें कि IFFI का 53वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया 20 नवंबर से 28 नवंबर के बीच गोवा में आयोजित किया गया था। फेस्टिवल के आयोजकों ने नादव लैपिड को प्रमुख जूरी के तौर पर इजरायल से बुलाया था। फिल्म देखने के बाद नादव ने कहा कि वह ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखकर न सिर्फ हैरान हुए, बल्कि परेशान भी हुए हैं। नादव लैपिड ने आगे कहा कि उन्हें यह फिल्म दुष्प्रचार करने वाली लगी, जो ऐसे महोत्स्व में दिखाने लायक नहीं थी।

हिजाबी शिक्षिका से छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी: FIR दर्ज होने के बाद घर पहुँच धमकी दे रहे मुस्लिम छात्रों के अम्मी-अब्बू, छात्र कहते थे – I Love You जानम

मेरठ के स्कूल की एक हिजाबी शिक्षिका ने कुछ मुस्लिम छात्रों के बर्ताव से परेशान आकर शुक्रवार (25 नवंबर, 2022) को मामला दर्ज करवाया था। वहीं शिक्षिका ने अब आरोप लगाया है कि आरोपितों में एक छात्र और उनके माता-पिता ने उसे धमकी दी है और केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।

शिक्षिका ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी और इस संबंध में दोबारा केस दर्ज करवा दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपित छात्र और एक छात्र की माँ को गिरफ्तार किया। हालाँकि छात्र की माँ को कोर्ट से जमानत मिल गई है, जबकि छात्रों को किशोर न्यायालय भेज दिया गया है। ये छात्र कक्षा 11 में पढ़ने वाले हैं और नाबालिग हैं।

‘हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, हिजाबी शिक्षिका ने पहले तीन छात्र, एक छात्रा पर मुकदमा दर्ज करवाया था। इससे नाराज होकर एक आरोपित छात्र के पिता आरिफ, माँ रिजवाना अपने बेटे को लेकर शिक्षिका के घर पहुँच गए। आरोप है कि इनलोगों ने वहाँ शिक्षिका को धमकी दी और केस वापस लेने के लिए कहा। इसके बाद शिक्षिका ने दोबारा केस दर्ज करवाया।

उल्लेखनीय है कि शिक्षिका ने पहले छात्रों पर छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज करवाया था। शिक्षिका का कहना है कि उनके स्कूल में 12वीं के कुछ छात्र हैं जो उन्हें काफी परेशान करते हैं। आते-जाते उन्हें छेड़ते हैं, अपशब्द बोलते हैं, उनकी वीडियो बनाते हैं और फिर उसे वायरल कर देते हैं।

मामला किठौर थानाक्षेत्र के इनायतपुर के डॉ राम मनोहर लोहिया स्मारक इंटर कॉलेज राधना स्कूल का है। एक वीडियो सामने आया था जिसमें छात्र टीचर सामने से गुजर रही हैं और लड़के कह रहे हैं, ‘ओए मैम देख तो, देख लो, आई लव यू मेरी जानम, ओए मैम देख लो’। दूसरी वीडियो में वो टीचर के पढ़ाते वक्त उसे ‘आई लव यू’ बोल रहे हैं और लॉलीपॉप चूसते हुए अपनी शक्ल दिखाकर टीचर की वीडियो बना रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के मुताबिक, तीनों लड़के उसी समुदाय के हैं जिससे टीचर हैं। इनके अलावा वीडियो में आसपास अन्य हिजाब वाली छात्राओं को बैठे भी देखा जा सकता है। जब लड़का टीचर के साथ अभद्रता करता है तो वह छात्राएँ विरोध की बजाए उन हरकतों पर हँसती हैं। शिक्षिका के अनुसार, वीडियो बनाने में आरोपित छात्र की बहन भी उसका साथ देती है।

वहीं मेरठ के एसएसपी रोहित सिंह सजवान ने कहा है कि घटना में पीड़ित शिक्षिका के मामले में पुलिस ने दो प्रकरण दर्ज किए हैं। धमकी देने वाली महिला को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

देवर ने चाकू की नोक पर किया रेप, शौहर ने तीन तलाक दिया: उत्तराखंड पुलिस में 8 लोगों पर FIR, पीड़िता बोली- पिटाई भी करते थे

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर से तीन तलाक का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक पीड़िता के साथ उसके देवर ने रेप भी किया। पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने अपने ससुराल के अन्य सदस्यों द्वारा अपनी पिटाई का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने कुल 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला किच्छा इलाके के पुलभट्टा थानाक्षेत्र का है। यहाँ रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दे कर अपने ससुरालियों पर दहेज़ के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसका निकाह साल 24 अप्रैल 2016 में हुआ था। शादी के कुछ ही दिनों बाद उस पर दहेज लाने का दबाव बनाया जाने लगा। इस दौरान पीड़िता ने 2 बच्चों को जन्म भी दिया। हालाँकि आरोप है कि इसके बाद भी उसकी प्रताड़ना कम नहीं हुई।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कुछ समय बाद पीड़िता के देवर की शादी तय हुई। इस शादी में उसके मायके से पैसे की माँग की गई। पीड़िता के मायके वालों ने रिश्ते को बचाए रखने के लिए पैसों का इंतज़ाम भी किया। आरोप है कि कुछ दोनों बाद पीड़िता का शौहर नशा करने लगा और बाद में उसकी जुआ खेलने की भी लत लग गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान पीड़िता के देवर की नीयत भी उस पर खराब हो चुकी थी। अपनी शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया कि 25 जून 2022 को उसके देवर ने अकेला पा कर उस से रेप किया।

जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तब उसे चाकू दिखा कर डराया गया। आरोप है कि जब महिला ने इसकी शिकायत अपनी ससुराल के बाकी सदस्यों से की तब उन लोगों ने पीड़िता का ही विरोध किया और आरोपित का पक्ष लिया। पीड़िता के मुताबिक 16 जुलाई 2022 को उसकी ससुराल वालों ने उसके शौहर पर तीन तलाक देने का दबाव बनाया जिसे मान कर उसे तीन तलाक दे दिया गया। इस मामले में आरोपित शौहर के साथ पीड़िता के ससुर, जेठ, ननद, सास, जेठानी और देवरानी को भी नामजद किया गया है। फिलहाल पीड़िता अपने मायके में रह रही है।

‘किसी ने नहीं फेंके पत्थर, शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई रैली’: अरविंद केजरीवाल ने झूठ बोल कर सूरत को किया बदनाम? पुलिस ने बताया – दी गई थी Z+ सुरक्षा

गुजरात के सूरत (Surat) में सोमवार (28 नवंबर, 2022) को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के ‘रोड शो’ के दौरान पथराव की चर्चा सामने आई थी। सीएम केजरीवाल ने भी दावा किया था कि उनके रोड शो के दौरान पत्थर फेंका गया। लेकिन, सूरत पुलिस ने इसका खंडन करते हुए पथराव की घटना से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि अरविंद केजरीवाल की रैली के दौरान पथराव की कोई घटना नहीं हुई और रैली शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीसीपी (जोन-3) पिनाकिन परमार (Pinakin Parmar) ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए सूरत पुलिस की तरफ से पूरा बंदोबस्त किया गया था। कतारगाम इलाके में बापा सीताराम चौक से लेकर साईं बाबा मंदिर तक चार किलोमीटर की रैली थी। केजरीवाल को चार किलोमीटर के रोड शो में जेड प्लस सुरक्षा दी गई थी। इसके साथ ही उन्हें सीएपीएफ की तरफ से भी सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी। यह रैली शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई है।

उन्होंने आगे बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि उनकी रैली में पथराव हुआ है, लेकिन यह सिर्फ एक अफवाह थी। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। हालाँकि, रोड शो के दौरान दूसरी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ कहासुनी हुई थी, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो को पूरा करवाया।

मालूम हो कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि जब वो लोग आगे बढ़ रहे थे, तो उनके (भाजपा का जिक्र करते हुए) समर्थकों ने रैली पर एक पत्थर फेंका। उन्होंने कहा था, “मुझे लगता है कि अगर उन्होंने पिछले 27 सालों में कोई काम किया होता तो उन्हें पत्थर फेंकने की जरूरत नहीं पड़ती। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि केवल केजरीवाल ही बिजली के बिल माफ करेंगे, आपके बच्चों को पढ़ाएँगे और पत्थरों की जगह आपको फूल देंगे।”

AAP के संयोजक ने यह भी कहा था कि वह यहाँ गुंडागर्दी करने नहीं, बल्कि एक अच्छा समाज बनाने आए हैं। उन्होंने कहा, “आप ‘शरीफ’ (सभ्य), देशभक्त और ईमानदार लोगों की पार्टी है। मैं एक शिक्षित व्यक्ति हूँ और आपके लिए स्कूल बनवाऊँगा। अगर आपको दूसरों को गाली देना है तो उनके साथ जाएँ।” बता दें कि गुजरात की 182 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को वोट डाले जाएँगे। चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को घोषित होंगे।

‘तुम्हें शर्म आनी चाहिए, आज भी कश्मीर के घाव झेल रहा भारत’: कश्मीर फाइल्स को प्रोपेगंडा बताने वाले IFFI जूरी हेड को इजरायल के राजदूत ने लताड़ा, कहा – माफ़ी माँगो

कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार पर बनी लोकप्रिय फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म को लेकर ‘भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (IFFI)’ जूरी हेड और इजराइल के फिल्मकार नादव लैपिड (Nadav Lapid) के बयान पर बवाल मच गया है। लैपिड ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपेगेंडा और अश्लील फिल्म बता दिया था, जिसके बाद विभिन्न हस्तियों ने इसकी आलोचना की है। भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने भी इसे लेकर लैपिड को लताड़ लगाई है और भारतीय संस्कृति का पाठ पढ़ाया है।

गिलोन ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ की आलोचना करने पर लैपिड को ओपन लेटर लिखा है। उन्होंने कई ट्वीट में लैपिड की क्लास लगाई है और उन्हें बेशर्म करार दिया है। इजरायली राजदूत अपने ही देश के इस कथित वामपंथी फ़िल्मकार के बयान से आहत दिखे। उनके ट्वीट को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, “यह भारतीयों को समझ में आए, इसलिए मैं इसे हिब्रू भाषा में नहीं लिख रहा हूँ। उन्होंने नादव लैपिड को लताड़ लगाते हुए कहा, “आपको शर्म आनी चाहिए।”

गिलोन ने आगे लिखा , “भारतीय संस्कृति में मेहमान को भगवान कहा जाता है। आपने IFFI Goa में जजों के पैनल की अध्यक्षता करने के लिए भारतीय निमंत्रण के साथ-साथ उनके भरोसे, सम्मान और गर्मजोशी भरे स्वागत का सबसे खराब तरीके से दुरुपयोग किया है। हमारे भारतीय मित्रों ने भारत में इजरायल के प्रति प्रेम दिखाने के लिए हमें बुलाया था। इसी वजह से उन्होंने आपको एक इजरायली और मुझे इजरायल के राजदूत के तौर पर आमंत्रित किया था।”

इजरायली राजदूत ने आगे लिखा, “मैं आपके व्यवहार को ठीक करने के लिए आपके द्वारा आत्म-निरीक्षण करने की आवश्यकता समझता हूँ। केंद्रीय मंत्री और मैंने मंच पर कहा कि हमारे देशों के बीच समानता है क्योंकि हम एक समान दुश्मन से लड़ते हैं और एक बुरे पड़ोस में रहते हैं। हमने अपने देशों के बीच समानताओं और निकटता के बारे में बात की। मंत्री ने इजरायल की अपनी यात्राओं के बारे में बात की, हमें एक हाई-टेक राष्ट्र बताया। मैंने इस तथ्य के बारे में बात की कि हम भारतीय फिल्में देखते हुए बड़े हुए हैं।”

उन्होंने ओपन लेटर में आगे कहा, “मैंने यह भी कहा कि हमें विनम्र होना चाहिए और भारत इतनी बड़ी फिल्म संस्कृति के साथ इजरायली कंटेंट (फौदा और अन्य फिल्में, वेब सीरीज) का उपभोग कर रहा है। मैं कोई फिल्म विशेषज्ञ नहीं हूँ, लेकिन मुझे पता है कि ऐतिहासिक घटनाओं का गहराई से अध्ययन करने से पहले उनके बारे में बात करना असंवेदनशील और अभिमानी स्वभाव का प्रदर्शन है। कश्मीर की घटना भारत के लिए एक खुला घाव है, क्योंकि इसके पीड़ित अब भी आसपास हैं और अब भी कीमत चुका रहे हैं।”

वहीं इजरायल के भारत में पूर्व राजदूत डैनियल कारमोन ने भी गिलोन के ओपन लेटर की सराहना की। उन्होंने लिखा कि सुबह का शानदार ओपन लेटर हमारी सच्ची भावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जैसा कि राजदूत ने कहा – भारत और इजरायल के लोगों और राज्यों के बीच दोस्ती बहुत मजबूत है और फिल्म निर्माता ने जो नुकसान पहुँचाया है, वह पीछे रह जाएगा। इस ट्वीट को भी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी रीट्वीट किया है।

इजरायली फिल्मकार के इस बयान के बाद इस फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री, फिल्म के कलाकार अनुपम खेर और ऐसे मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात रखने वाले निर्माता अशोक पंडित ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उल्लेखनीय है कि यह फिल्म इस साल की शुरुआत में रिलीज हुई थी और 1980, 1990 के दशक के अंत में घाटी में हुए कश्मीरी हिंदू नरसंहार पर आधारित थी, जहां पाकिस्तान समर्थित इस्लामी आतंकवादियों ने कश्मीरी हिंदुओं पर अत्याचार किया था, जिससे लाखों लोग बेघर और मारे गए थे।

फिल्म वास्तविक जीवन से प्रेरित घटनाओं को दर्शाती है, जहाँ कश्मीरी हिंदुओं को उनकी धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया गया और उनके साथ क्रूरता से बलात्कार किया गया, उनकी हत्या की गई और उन्हें उनके घरों से निकाल दिया गया। आप यहाँ हिंदुओं पर की गई क्रूरता की वास्तविक जीवन की घटनाओं के बारे में पढ़ सकते हैं।

मॉडलिंग सिखाने के नाम पर जुनैद खान ने लड़की से किया रेप, FIR की भनक लगते ही फरार हुआ: MP पुलिस ने बस अड्डे पर दबोचा, 2 गिरफ्तार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडलिंग सीख रही एक लड़की ने पुलिस में रेप की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके मॉडलिंग टीचर जुनैद खान ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अपनी शिकायत में पीड़िता ने अपने कृष्णा नाम के दोस्त को भी साजिशकर्ता के तौर पर नामजद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। यह केस रविवार (27 नवम्बर 2022) को दर्ज हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बैरागढ़ थानाक्षेत्र का है। पीड़िता यहाँ के सैनिक कॉलोनी में रहती है। उसने दोनों आरोपितों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि उसका दोस्त कृष्णा मॉडलिंग करता है। पीड़िता ने उस से अपनी नौकरी कहीं लगवाने का निवेदन किया। इसके चलते कृष्णा ने पीड़िता की पहचान अपने दोस्त जुनैद खान से करवाई। जुनैद मॉडलिंग सिखाता है। उसने पीड़िता को मॉडल बनाने का झाँसा दिया और इसकी ट्रेनिंग भी देना शुरू कर दिया।

शिकायत में बताया गया है कि आरोपित ने पीड़िता को कोर्स पूरा होने के बाद पक्की नौकरी दिलाने का भी लालच दिया था। कुछ समय बाद जुनैद पीड़िता को मॉडलिंग सिखाने के बहाने अलग-अलग जगहों पर ले जाने लगा। आरोप है कि इस दौरान उसने लड़की के साथ रेप किया। कुछ दिनों बाद पीड़िता ने इसकी जानकारी अपने परिवार वालों को दी। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में करने का फैसला किया।

बताया जा रहा है कि आरोपित मूल रूप से रायसेन जिले का रहने वाला है। वो फिलहाल भोपाल के जहाँगीराबाद इलाके में किराए का कमरा ले कर रह रहा है। जुनैद को जैसे ही अपने खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज होने की भनक लगी, वो कमरा छोड़ कर फरार हो गया। उसके साथ दूसरा आरोपित कृष्णा भी था। दोनों रायसेन जाने के लिए बस अड्डे पर पहुँच गए थे। पुलिस ने आरोपित की मोबाईल लोकेशन ट्रेस की और उन्हें बस स्टॉप से दबोच लिया।

पुलिस जुनैद के साथ कृष्णा का भी इतिहास खँगाल रही है। बतया जा रहा है कि कृष्णा एक महिला का तलाक करवा चुका है। फिलहाल कृष्णा का उसी तलाकशुदा महिला से प्रेम संबंध भी बताया जा रहा है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि कहीं जुनैद का कुछ अन्य लड़कियों से तो संबंध नहीं है।

‘द कश्मीर फाइल्स- एक प्रोपेगेंडा और भद्दी फिल्म’: IFFI में इजरायल के वामपंथी फिल्ममेकर ने उठाए ‘हिंदू नरसंहार’ पर सवाल; कॉन्ग्रेसी नेताओं ने दिया समर्थन

गोवा में चल रहे 53वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया (IFFI) के समापन में ज्युरी प्रमुख इजरायल के फिल्मकार नदव लापिद को ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म पर नकारात्मक टिप्पणी की। वामपंथी विचारधारा के इजरायली नदव लापिद ने इस फिल्म को प्रोपोगेंडा करने वाली भद्दी फिल्म करार दिया है। उनकी इस टिप्पणी के बाद उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। खुद इजरायल के राजदूत भी अपने देश के फ़िल्मकार से असहमत दिखे। हालाँकि कॉन्ग्रेस पार्टी ने नदव लापिद के बयान का समर्थन किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीरी हिन्दुओं के नरसंहार पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स को 22 नवम्बर 2022 को IFFI (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया) में प्रदर्शित किया गया था। इस फेस्टिवल के आयोजकों ने नदव लापिद को प्रमुख ज्यूरी के तौर पर इजरायल से बुलाया था। फिल्म देखने के बाद नदव ने कहा कि वो द कश्मीर फाइल्स देख कर न सिर्फ हैरान हुए बल्कि परेशान भी हो गए। नदव ने आगे कहा कि उन्हें फिल्म दुष्प्रचार करने वाली लगी जो ऐसे महोत्स्व में दिखाने लायक नहीं थी।

हालाँकि भारत में इजरायल के राजदूत कोबी शोसानी ने अपने ही देश के फ़िल्मकार नदव से असहमति जताई। कोबी ने कहा कि उनकी सोच नदव लापिद से अलग है और वो फिल्म बनाने वालों से मिल चुके हैं। कोबी ने आगे बताया कि वो अपनी राय से नदव को भी वाकिफ करवा चुके हैं।

नदव के बयान का भारी विरोध

इजरायली फ़िल्मकार नदव लापिद के इस बयान का काफी विरोध हुआ है। द कश्मीर फाइल्स के प्रमुख कलाकार अनुपम खेर ने ट्वीट कर के लिखा, “झूठ का क़द कितना भी ऊँचा क्यों ना हो। सत्य के मुक़ाबले में हमेशा छोटा ही होता है।”

वहीं एक अन्य फ़िल्ममेकर अशोक पंडित ने नदव को फिलिस्तीन का हमदर्द बताते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय के उस अधिकारी पर कार्रवाई माँगी है जिसने लापिद को ज्यूरी का चीफ बनाया था।

चित्र साभार- @Ashokepandit

भाजपा युवा मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिनव प्रकाश ने नदव को हिन्दू विरोध कहा है।

कॉन्ग्रेस और शिवसेना उद्धव गुट द्वारा नदव का समर्थन

शिवसेना उद्धव गुट की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इजरायली फ़िल्मकार का समर्थन किया है। प्रियंका ने नदव द्वारा द कश्मीर फाइल्स के लिए प्रयोग प्रोपेगेंडा शब्द को सही ठहराया है।

कॉन्ग्रेस पार्टी की सोशल मीडिया चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने द कश्मीर फाइल्स पर नदव लापिद के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर दक्षिणपंथ को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। सुप्रिया ने कहा कि द कश्मीर फाइल्स को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया ने नकार दिया है।

कर्नाटक के कॉन्ग्रेस नेता श्रीनिवास ने भी नदव की क्लिप शेयर करके इस फिल्म को प्रोपेगेंडा बताया।

फफक कर रोए थे कश्मीरी हिन्दू

गौरतलब है कि द कश्मीर फाइल्स 11 मार्च 2022 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को कश्मीर में हिन्दुओं का नरसंहार करते दिखाया गया था। 90 के दशक में कश्मीर छोड़ कर पलायन कर जाने वाले हिन्दुओं ने इस फिल्म को देख कर इसे पूरी तरह से सत्य और अपनी आपबीती बताया था। फिल्म के दौरान ही कई दर्शकों के सिनेमा हॉल में रोने के वीडियो वायरल हुए थे।