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हिजाबी शिक्षिका से छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी: FIR दर्ज होने के बाद घर पहुँच धमकी दे रहे मुस्लिम छात्रों के अम्मी-अब्बू, छात्र कहते थे – I Love You जानम

मेरठ के स्कूल की एक हिजाबी शिक्षिका ने कुछ मुस्लिम छात्रों के बर्ताव से परेशान आकर शुक्रवार (25 नवंबर, 2022) को मामला दर्ज करवाया था। वहीं शिक्षिका ने अब आरोप लगाया है कि आरोपितों में एक छात्र और उनके माता-पिता ने उसे धमकी दी है और केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।

शिक्षिका ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी और इस संबंध में दोबारा केस दर्ज करवा दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपित छात्र और एक छात्र की माँ को गिरफ्तार किया। हालाँकि छात्र की माँ को कोर्ट से जमानत मिल गई है, जबकि छात्रों को किशोर न्यायालय भेज दिया गया है। ये छात्र कक्षा 11 में पढ़ने वाले हैं और नाबालिग हैं।

‘हिंदुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, हिजाबी शिक्षिका ने पहले तीन छात्र, एक छात्रा पर मुकदमा दर्ज करवाया था। इससे नाराज होकर एक आरोपित छात्र के पिता आरिफ, माँ रिजवाना अपने बेटे को लेकर शिक्षिका के घर पहुँच गए। आरोप है कि इनलोगों ने वहाँ शिक्षिका को धमकी दी और केस वापस लेने के लिए कहा। इसके बाद शिक्षिका ने दोबारा केस दर्ज करवाया।

उल्लेखनीय है कि शिक्षिका ने पहले छात्रों पर छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज करवाया था। शिक्षिका का कहना है कि उनके स्कूल में 12वीं के कुछ छात्र हैं जो उन्हें काफी परेशान करते हैं। आते-जाते उन्हें छेड़ते हैं, अपशब्द बोलते हैं, उनकी वीडियो बनाते हैं और फिर उसे वायरल कर देते हैं।

मामला किठौर थानाक्षेत्र के इनायतपुर के डॉ राम मनोहर लोहिया स्मारक इंटर कॉलेज राधना स्कूल का है। एक वीडियो सामने आया था जिसमें छात्र टीचर सामने से गुजर रही हैं और लड़के कह रहे हैं, ‘ओए मैम देख तो, देख लो, आई लव यू मेरी जानम, ओए मैम देख लो’। दूसरी वीडियो में वो टीचर के पढ़ाते वक्त उसे ‘आई लव यू’ बोल रहे हैं और लॉलीपॉप चूसते हुए अपनी शक्ल दिखाकर टीचर की वीडियो बना रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के मुताबिक, तीनों लड़के उसी समुदाय के हैं जिससे टीचर हैं। इनके अलावा वीडियो में आसपास अन्य हिजाब वाली छात्राओं को बैठे भी देखा जा सकता है। जब लड़का टीचर के साथ अभद्रता करता है तो वह छात्राएँ विरोध की बजाए उन हरकतों पर हँसती हैं। शिक्षिका के अनुसार, वीडियो बनाने में आरोपित छात्र की बहन भी उसका साथ देती है।

वहीं मेरठ के एसएसपी रोहित सिंह सजवान ने कहा है कि घटना में पीड़ित शिक्षिका के मामले में पुलिस ने दो प्रकरण दर्ज किए हैं। धमकी देने वाली महिला को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

देवर ने चाकू की नोक पर किया रेप, शौहर ने तीन तलाक दिया: उत्तराखंड पुलिस में 8 लोगों पर FIR, पीड़िता बोली- पिटाई भी करते थे

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर से तीन तलाक का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक पीड़िता के साथ उसके देवर ने रेप भी किया। पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने अपने ससुराल के अन्य सदस्यों द्वारा अपनी पिटाई का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने कुल 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला किच्छा इलाके के पुलभट्टा थानाक्षेत्र का है। यहाँ रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दे कर अपने ससुरालियों पर दहेज़ के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसका निकाह साल 24 अप्रैल 2016 में हुआ था। शादी के कुछ ही दिनों बाद उस पर दहेज लाने का दबाव बनाया जाने लगा। इस दौरान पीड़िता ने 2 बच्चों को जन्म भी दिया। हालाँकि आरोप है कि इसके बाद भी उसकी प्रताड़ना कम नहीं हुई।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कुछ समय बाद पीड़िता के देवर की शादी तय हुई। इस शादी में उसके मायके से पैसे की माँग की गई। पीड़िता के मायके वालों ने रिश्ते को बचाए रखने के लिए पैसों का इंतज़ाम भी किया। आरोप है कि कुछ दोनों बाद पीड़िता का शौहर नशा करने लगा और बाद में उसकी जुआ खेलने की भी लत लग गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान पीड़िता के देवर की नीयत भी उस पर खराब हो चुकी थी। अपनी शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया कि 25 जून 2022 को उसके देवर ने अकेला पा कर उस से रेप किया।

जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तब उसे चाकू दिखा कर डराया गया। आरोप है कि जब महिला ने इसकी शिकायत अपनी ससुराल के बाकी सदस्यों से की तब उन लोगों ने पीड़िता का ही विरोध किया और आरोपित का पक्ष लिया। पीड़िता के मुताबिक 16 जुलाई 2022 को उसकी ससुराल वालों ने उसके शौहर पर तीन तलाक देने का दबाव बनाया जिसे मान कर उसे तीन तलाक दे दिया गया। इस मामले में आरोपित शौहर के साथ पीड़िता के ससुर, जेठ, ननद, सास, जेठानी और देवरानी को भी नामजद किया गया है। फिलहाल पीड़िता अपने मायके में रह रही है।

‘किसी ने नहीं फेंके पत्थर, शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई रैली’: अरविंद केजरीवाल ने झूठ बोल कर सूरत को किया बदनाम? पुलिस ने बताया – दी गई थी Z+ सुरक्षा

गुजरात के सूरत (Surat) में सोमवार (28 नवंबर, 2022) को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के ‘रोड शो’ के दौरान पथराव की चर्चा सामने आई थी। सीएम केजरीवाल ने भी दावा किया था कि उनके रोड शो के दौरान पत्थर फेंका गया। लेकिन, सूरत पुलिस ने इसका खंडन करते हुए पथराव की घटना से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि अरविंद केजरीवाल की रैली के दौरान पथराव की कोई घटना नहीं हुई और रैली शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीसीपी (जोन-3) पिनाकिन परमार (Pinakin Parmar) ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए सूरत पुलिस की तरफ से पूरा बंदोबस्त किया गया था। कतारगाम इलाके में बापा सीताराम चौक से लेकर साईं बाबा मंदिर तक चार किलोमीटर की रैली थी। केजरीवाल को चार किलोमीटर के रोड शो में जेड प्लस सुरक्षा दी गई थी। इसके साथ ही उन्हें सीएपीएफ की तरफ से भी सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी। यह रैली शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई है।

उन्होंने आगे बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि उनकी रैली में पथराव हुआ है, लेकिन यह सिर्फ एक अफवाह थी। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। हालाँकि, रोड शो के दौरान दूसरी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ कहासुनी हुई थी, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो को पूरा करवाया।

मालूम हो कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि जब वो लोग आगे बढ़ रहे थे, तो उनके (भाजपा का जिक्र करते हुए) समर्थकों ने रैली पर एक पत्थर फेंका। उन्होंने कहा था, “मुझे लगता है कि अगर उन्होंने पिछले 27 सालों में कोई काम किया होता तो उन्हें पत्थर फेंकने की जरूरत नहीं पड़ती। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि केवल केजरीवाल ही बिजली के बिल माफ करेंगे, आपके बच्चों को पढ़ाएँगे और पत्थरों की जगह आपको फूल देंगे।”

AAP के संयोजक ने यह भी कहा था कि वह यहाँ गुंडागर्दी करने नहीं, बल्कि एक अच्छा समाज बनाने आए हैं। उन्होंने कहा, “आप ‘शरीफ’ (सभ्य), देशभक्त और ईमानदार लोगों की पार्टी है। मैं एक शिक्षित व्यक्ति हूँ और आपके लिए स्कूल बनवाऊँगा। अगर आपको दूसरों को गाली देना है तो उनके साथ जाएँ।” बता दें कि गुजरात की 182 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में 1 और 5 दिसंबर को वोट डाले जाएँगे। चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को घोषित होंगे।

‘तुम्हें शर्म आनी चाहिए, आज भी कश्मीर के घाव झेल रहा भारत’: कश्मीर फाइल्स को प्रोपेगंडा बताने वाले IFFI जूरी हेड को इजरायल के राजदूत ने लताड़ा, कहा – माफ़ी माँगो

कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार पर बनी लोकप्रिय फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म को लेकर ‘भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (IFFI)’ जूरी हेड और इजराइल के फिल्मकार नादव लैपिड (Nadav Lapid) के बयान पर बवाल मच गया है। लैपिड ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपेगेंडा और अश्लील फिल्म बता दिया था, जिसके बाद विभिन्न हस्तियों ने इसकी आलोचना की है। भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने भी इसे लेकर लैपिड को लताड़ लगाई है और भारतीय संस्कृति का पाठ पढ़ाया है।

गिलोन ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ की आलोचना करने पर लैपिड को ओपन लेटर लिखा है। उन्होंने कई ट्वीट में लैपिड की क्लास लगाई है और उन्हें बेशर्म करार दिया है। इजरायली राजदूत अपने ही देश के इस कथित वामपंथी फ़िल्मकार के बयान से आहत दिखे। उनके ट्वीट को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, “यह भारतीयों को समझ में आए, इसलिए मैं इसे हिब्रू भाषा में नहीं लिख रहा हूँ। उन्होंने नादव लैपिड को लताड़ लगाते हुए कहा, “आपको शर्म आनी चाहिए।”

गिलोन ने आगे लिखा , “भारतीय संस्कृति में मेहमान को भगवान कहा जाता है। आपने IFFI Goa में जजों के पैनल की अध्यक्षता करने के लिए भारतीय निमंत्रण के साथ-साथ उनके भरोसे, सम्मान और गर्मजोशी भरे स्वागत का सबसे खराब तरीके से दुरुपयोग किया है। हमारे भारतीय मित्रों ने भारत में इजरायल के प्रति प्रेम दिखाने के लिए हमें बुलाया था। इसी वजह से उन्होंने आपको एक इजरायली और मुझे इजरायल के राजदूत के तौर पर आमंत्रित किया था।”

इजरायली राजदूत ने आगे लिखा, “मैं आपके व्यवहार को ठीक करने के लिए आपके द्वारा आत्म-निरीक्षण करने की आवश्यकता समझता हूँ। केंद्रीय मंत्री और मैंने मंच पर कहा कि हमारे देशों के बीच समानता है क्योंकि हम एक समान दुश्मन से लड़ते हैं और एक बुरे पड़ोस में रहते हैं। हमने अपने देशों के बीच समानताओं और निकटता के बारे में बात की। मंत्री ने इजरायल की अपनी यात्राओं के बारे में बात की, हमें एक हाई-टेक राष्ट्र बताया। मैंने इस तथ्य के बारे में बात की कि हम भारतीय फिल्में देखते हुए बड़े हुए हैं।”

उन्होंने ओपन लेटर में आगे कहा, “मैंने यह भी कहा कि हमें विनम्र होना चाहिए और भारत इतनी बड़ी फिल्म संस्कृति के साथ इजरायली कंटेंट (फौदा और अन्य फिल्में, वेब सीरीज) का उपभोग कर रहा है। मैं कोई फिल्म विशेषज्ञ नहीं हूँ, लेकिन मुझे पता है कि ऐतिहासिक घटनाओं का गहराई से अध्ययन करने से पहले उनके बारे में बात करना असंवेदनशील और अभिमानी स्वभाव का प्रदर्शन है। कश्मीर की घटना भारत के लिए एक खुला घाव है, क्योंकि इसके पीड़ित अब भी आसपास हैं और अब भी कीमत चुका रहे हैं।”

वहीं इजरायल के भारत में पूर्व राजदूत डैनियल कारमोन ने भी गिलोन के ओपन लेटर की सराहना की। उन्होंने लिखा कि सुबह का शानदार ओपन लेटर हमारी सच्ची भावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जैसा कि राजदूत ने कहा – भारत और इजरायल के लोगों और राज्यों के बीच दोस्ती बहुत मजबूत है और फिल्म निर्माता ने जो नुकसान पहुँचाया है, वह पीछे रह जाएगा। इस ट्वीट को भी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी रीट्वीट किया है।

इजरायली फिल्मकार के इस बयान के बाद इस फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री, फिल्म के कलाकार अनुपम खेर और ऐसे मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात रखने वाले निर्माता अशोक पंडित ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उल्लेखनीय है कि यह फिल्म इस साल की शुरुआत में रिलीज हुई थी और 1980, 1990 के दशक के अंत में घाटी में हुए कश्मीरी हिंदू नरसंहार पर आधारित थी, जहां पाकिस्तान समर्थित इस्लामी आतंकवादियों ने कश्मीरी हिंदुओं पर अत्याचार किया था, जिससे लाखों लोग बेघर और मारे गए थे।

फिल्म वास्तविक जीवन से प्रेरित घटनाओं को दर्शाती है, जहाँ कश्मीरी हिंदुओं को उनकी धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया गया और उनके साथ क्रूरता से बलात्कार किया गया, उनकी हत्या की गई और उन्हें उनके घरों से निकाल दिया गया। आप यहाँ हिंदुओं पर की गई क्रूरता की वास्तविक जीवन की घटनाओं के बारे में पढ़ सकते हैं।

मॉडलिंग सिखाने के नाम पर जुनैद खान ने लड़की से किया रेप, FIR की भनक लगते ही फरार हुआ: MP पुलिस ने बस अड्डे पर दबोचा, 2 गिरफ्तार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडलिंग सीख रही एक लड़की ने पुलिस में रेप की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके मॉडलिंग टीचर जुनैद खान ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अपनी शिकायत में पीड़िता ने अपने कृष्णा नाम के दोस्त को भी साजिशकर्ता के तौर पर नामजद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। यह केस रविवार (27 नवम्बर 2022) को दर्ज हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बैरागढ़ थानाक्षेत्र का है। पीड़िता यहाँ के सैनिक कॉलोनी में रहती है। उसने दोनों आरोपितों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि उसका दोस्त कृष्णा मॉडलिंग करता है। पीड़िता ने उस से अपनी नौकरी कहीं लगवाने का निवेदन किया। इसके चलते कृष्णा ने पीड़िता की पहचान अपने दोस्त जुनैद खान से करवाई। जुनैद मॉडलिंग सिखाता है। उसने पीड़िता को मॉडल बनाने का झाँसा दिया और इसकी ट्रेनिंग भी देना शुरू कर दिया।

शिकायत में बताया गया है कि आरोपित ने पीड़िता को कोर्स पूरा होने के बाद पक्की नौकरी दिलाने का भी लालच दिया था। कुछ समय बाद जुनैद पीड़िता को मॉडलिंग सिखाने के बहाने अलग-अलग जगहों पर ले जाने लगा। आरोप है कि इस दौरान उसने लड़की के साथ रेप किया। कुछ दिनों बाद पीड़िता ने इसकी जानकारी अपने परिवार वालों को दी। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में करने का फैसला किया।

बताया जा रहा है कि आरोपित मूल रूप से रायसेन जिले का रहने वाला है। वो फिलहाल भोपाल के जहाँगीराबाद इलाके में किराए का कमरा ले कर रह रहा है। जुनैद को जैसे ही अपने खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज होने की भनक लगी, वो कमरा छोड़ कर फरार हो गया। उसके साथ दूसरा आरोपित कृष्णा भी था। दोनों रायसेन जाने के लिए बस अड्डे पर पहुँच गए थे। पुलिस ने आरोपित की मोबाईल लोकेशन ट्रेस की और उन्हें बस स्टॉप से दबोच लिया।

पुलिस जुनैद के साथ कृष्णा का भी इतिहास खँगाल रही है। बतया जा रहा है कि कृष्णा एक महिला का तलाक करवा चुका है। फिलहाल कृष्णा का उसी तलाकशुदा महिला से प्रेम संबंध भी बताया जा रहा है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि कहीं जुनैद का कुछ अन्य लड़कियों से तो संबंध नहीं है।

‘द कश्मीर फाइल्स- एक प्रोपेगेंडा और भद्दी फिल्म’: IFFI में इजरायल के वामपंथी फिल्ममेकर ने उठाए ‘हिंदू नरसंहार’ पर सवाल; कॉन्ग्रेसी नेताओं ने दिया समर्थन

गोवा में चल रहे 53वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया (IFFI) के समापन में ज्युरी प्रमुख इजरायल के फिल्मकार नदव लापिद को ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म पर नकारात्मक टिप्पणी की। वामपंथी विचारधारा के इजरायली नदव लापिद ने इस फिल्म को प्रोपोगेंडा करने वाली भद्दी फिल्म करार दिया है। उनकी इस टिप्पणी के बाद उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। खुद इजरायल के राजदूत भी अपने देश के फ़िल्मकार से असहमत दिखे। हालाँकि कॉन्ग्रेस पार्टी ने नदव लापिद के बयान का समर्थन किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीरी हिन्दुओं के नरसंहार पर बनी फिल्म द कश्मीर फाइल्स को 22 नवम्बर 2022 को IFFI (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया) में प्रदर्शित किया गया था। इस फेस्टिवल के आयोजकों ने नदव लापिद को प्रमुख ज्यूरी के तौर पर इजरायल से बुलाया था। फिल्म देखने के बाद नदव ने कहा कि वो द कश्मीर फाइल्स देख कर न सिर्फ हैरान हुए बल्कि परेशान भी हो गए। नदव ने आगे कहा कि उन्हें फिल्म दुष्प्रचार करने वाली लगी जो ऐसे महोत्स्व में दिखाने लायक नहीं थी।

हालाँकि भारत में इजरायल के राजदूत कोबी शोसानी ने अपने ही देश के फ़िल्मकार नदव से असहमति जताई। कोबी ने कहा कि उनकी सोच नदव लापिद से अलग है और वो फिल्म बनाने वालों से मिल चुके हैं। कोबी ने आगे बताया कि वो अपनी राय से नदव को भी वाकिफ करवा चुके हैं।

नदव के बयान का भारी विरोध

इजरायली फ़िल्मकार नदव लापिद के इस बयान का काफी विरोध हुआ है। द कश्मीर फाइल्स के प्रमुख कलाकार अनुपम खेर ने ट्वीट कर के लिखा, “झूठ का क़द कितना भी ऊँचा क्यों ना हो। सत्य के मुक़ाबले में हमेशा छोटा ही होता है।”

वहीं एक अन्य फ़िल्ममेकर अशोक पंडित ने नदव को फिलिस्तीन का हमदर्द बताते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय के उस अधिकारी पर कार्रवाई माँगी है जिसने लापिद को ज्यूरी का चीफ बनाया था।

चित्र साभार- @Ashokepandit

भाजपा युवा मोर्चा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिनव प्रकाश ने नदव को हिन्दू विरोध कहा है।

कॉन्ग्रेस और शिवसेना उद्धव गुट द्वारा नदव का समर्थन

शिवसेना उद्धव गुट की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इजरायली फ़िल्मकार का समर्थन किया है। प्रियंका ने नदव द्वारा द कश्मीर फाइल्स के लिए प्रयोग प्रोपेगेंडा शब्द को सही ठहराया है।

कॉन्ग्रेस पार्टी की सोशल मीडिया चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने द कश्मीर फाइल्स पर नदव लापिद के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर दक्षिणपंथ को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। सुप्रिया ने कहा कि द कश्मीर फाइल्स को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया ने नकार दिया है।

कर्नाटक के कॉन्ग्रेस नेता श्रीनिवास ने भी नदव की क्लिप शेयर करके इस फिल्म को प्रोपेगेंडा बताया।

फफक कर रोए थे कश्मीरी हिन्दू

गौरतलब है कि द कश्मीर फाइल्स 11 मार्च 2022 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को कश्मीर में हिन्दुओं का नरसंहार करते दिखाया गया था। 90 के दशक में कश्मीर छोड़ कर पलायन कर जाने वाले हिन्दुओं ने इस फिल्म को देख कर इसे पूरी तरह से सत्य और अपनी आपबीती बताया था। फिल्म के दौरान ही कई दर्शकों के सिनेमा हॉल में रोने के वीडियो वायरल हुए थे।

‘अगर फाँसी मिली तो, जन्नत में मिलेंगी हूर’: आफताब को श्रद्धा की हत्या करने का कोई अफसोस नहीं, पूछताछ में दिया चौंकाने वाला बयान

श्रद्धा वालकर मर्डर केस (Shraddha Walker Murder Case) में आरोपित आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Poonawala) का पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद पहली बार चौंकाने वाला बयान आया है। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा की हत्या करने वाले आफताब ने पुलिस को बताया कि उसे अपने किए पर बिल्कुल भी पछतावा नहीं हो रहा है। अगर उसे फाँसी भी हुई तो भी जन्नत मिलेगी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार ये बात एक पुलिस अधिकारी ने बताई है। रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से लिखा गया, “आफताब ने कहा कि श्रद्धा की हत्या के आरोप में अगर फाँसी भी हो जाए तो उसे इसका अफसोस नहीं होगा, क्योंकि जन्नत में जाने पर उसे हूर मिलेंगी।” उसने पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारी को बताया कि श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े करके उसे ठिकाने का लगाने का भी जरा भी पछतावा नहीं है। आरोपित ने पुलिस से स्पष्ट कहा कि उसने श्रद्धा की हत्या कर उसके टुकड़े करने की मुंबई में ही ठान ली थी।

यही नहीं उसने आगे बताया कि श्रद्धा के साथ रिश्ते में होने के दौरान उसके 20 से अधिक हिंदू लड़कियों से संबंध रहे हैं। वह बंबल ऐप पर हिंदू लड़कियों को ढूँढकर अपने जाल में फँसाता था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया था कि श्रद्धा की हत्या के बाद वह एक मनोविज्ञानी को अपने कमरे पर लाया था, वह भी हिंदू थी। उसने इस लड़की को श्रद्धा की अँगूठी गिफ्ट में देकर उसे अपने जाल में फँसाया था। पुलिस ने वह अँगूठी भी बरामद कर ली है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “पॉलीग्राफ टेस्ट में आफताब ने कुछ ऐसे सच बताए हैं, जो बेहद चौंकाने वाले हैं। हमारी टीम नार्को टेस्ट के बाद इन तथ्यों की पुष्टि करना चाहती है। पॉलीग्राफ टेस्ट में उसने जो बताया है, उससे जाँच में हमें काफी मदद मिल रही है। इसके जरिए पुलिस ने उसके घर से 5 चाकू बरामद किए गए थे। हमें उम्मीद है कि जल्द ही इस केस से जुड़े अन्य सबूत भी जुटा लिए जाएँगे।” वहीं, जाँच में यह बात भी सामने आई है कि जिस दिन श्रद्धा की हत्या हुई, उसी दिन आफताब ने उससे झगड़ा किया था और गाँजा भी पिया था।

नार्को टेस्ट

बता दें कि श्रद्धा हत्याकांड की बिखरी कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस को आफताब ने पॉलीग्राफ टेस्ट में भी काफी गुमराह करने की कोशिश की। उसने तीन बार हुए पॉलीग्राफ टेस्ट में कई सवालों के जवाब तो दिए, लेकिन कुछ को उसने आधा-अधूरा छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि 5 दिसंबर 2022 को आफताब का नार्को टेस्ट हो सकता है। इस टेस्ट के लिए पुलिस अभी से अपने सवालों को तैयार कर रही है।

आफताब को ले जाती पुलिस वैन पर तलवार से हमला

गौरतलब है कि आफताब को सोमवार (28 नवंबर, 2022) को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) लाया गया था। इस टेस्ट के बाद जब पुलिस उसे वैन में बैठाकर तिहाड़ जेल ले जा रही थी, तब वहाँ मौजूद लोगों ने पत्थरबाजी करते हुए तलवार से हमला किया। इस हमले का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पुलिस वैन के पास खड़े लोग पहले तो तलवार लहराते हुए दिख रहे हैं, इसके बाद वैन पर तलवार से हमला भी कर रहे हैं।

‘Apple ने ट्विटर को दी ऐप स्टोर से हटाने की धमकी, विज्ञापन देना भी बंद कर दिया’: एलन मस्क ने पूछा- क्या फ्री स्पीच से नफरत है

ट्विटर के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने आरोप लगाया है कि एप्पल (Apple) ने बिना कारण बताए ट्विटर (Twitter) को अपने ऐप स्टोर से हटाने की धमकी दी है। दुनिया के सबसे अमीर शख्स ने सिलसिलेवार कई ट्वीट करके चौंकने वाले दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि आईफोन निर्माता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देना भी बंद कर दिया है।

अक्टूबर 2022 में 44 बिलियन डॉलर करीब (362461220000 रुपए) में ट्विटर को खरीदने वाले मस्क ने एक ट्वीट में कहा, “Apple ने ज्यादातर ट्विटर पर विज्ञापन देना बंद कर दिया है। क्या वे अमेरिका में बोलने की आजादी से नफरत करते हैं?” उन्होंने कहा, “फ्री स्पीच सप्रेसन पर ट्विटर फाइलें जल्द ही ट्विटर पर ही प्रकाशित होंगी। जनता जानना चाहती है कि वास्तव में क्या हुआ था।”

इसके बाद में उन्होंने एक अन्य ट्वीट में Apple के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक के ट्विटर अकाउंट को टैग करते हुए पूछा, “यहाँ क्या हो रहा है?” हालाँकि, Apple की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

ट्विटर और टेस्ला के मालिक ने कहा कि कंटेंट मॉडरेशन की डिमांड पर एप्पल ट्विटर पर दबाव डाल रहा था। Apple द्वारा की गई कार्रवाई आसामान्य नहीं है, क्योंकि बार-बार अन्य कंपनियों पर भी नियम थोपने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत उसने गैब और पार्लर जैसे ऐप्स को हटा दिया है। पार्लर ऐप को Apple ने 2021 में अपनी सामग्री और कंटेंट मॉडरेशन को अपडेट करने के बाद बहाल किया गया था। उन्होंने फिर एक और ट्वीट किया, “Apple ने और किसे सेंसर किया है?”

मस्क ने एक ट्वीट में एप्पल ऐप स्टोर से दूसरे ऐप को डाउनलोड करने पर ली जाने वाली फीस को लेकर भी आलोचना की है। मस्क ने लिखा है कि क्या आप जानते हैं एप्पल अपने ऐप स्टोर के माध्यम से खरीदी जाने वाली हर चीज पर सीक्रेट रूप से 30 फीसदी टैक्स लगाता है।

गौरतलब है कि 27 अक्टूबर 2022 को ट्विटर को खरीदने के तुरंत बाद एलन मस्क ने कंपनी के CEO पराग अग्रवाल, CFO नेड सेगल और लीगल अफेयर-पॉलिसी हेड विजया गाड्डे को टर्मिनेट कर दिया था। इसके बाद उन्होंने कई और कर्मचारियों को भी कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया।

‘हाथ मा झाड़ू लीलू लीलू, AAP-मुस्लिम इलू-इलू’ : गुजरात में ‘मुस्लिम फाइटर्स क्लब’ ने दिया केजरीवाल को समर्थन, नमाज के बाद गूँजे अल्लाह-हू-अकबर के नारे

अहमदाबाद के जुहापुरा स्थित ‘मुस्लिम फाइटर्स क्लब’ ने गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election) से एक सप्ताह पहले रविवार (27 नवंबर, 2022) को एक मीटिंग की। इस मीटिंग में करीब 3,000 मुस्लिम परिवारों ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा की कसम खाई। इस्लामिक आयतें पढ़ने वाले एक मौलाना की मौजूदगी में ‘नारा-ए-तकबीर-अल्लाहु अकबर’ के नारों के बीच ‘मुस्लिम फाइटर्स क्लब’ ने अरविंद केजरीवाल को अपना समर्थन दिया।

‘मुस्लिम फाइटर्स क्लब’ ने इस बैठक में केजरीवाल के पक्ष में नारे भी लगाए। इसमें से एक नारा, “हाथ मा झाड़ू लीलू लीलू, आप-मुस्लिम इलू-इलू” था। इस नारे में, हाथ में झाड़ू आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह के लिए उपयोग किया गया था। वहीं, आप और मुसलमानों के लिए इलू-इलू का मतलब ‘आई लव यू’ था। दरअसल, इलू का उपयोग ‘आई लव यू’ के लिए किया जाता है। वहीं, दूसरा नारा ‘वोट फॉर मैगी’ था। इस नारे में मैगी का मतलब मनीष सिसोदिया (म), अरविंद केजरीवाल (अ), गोपाल इटालिया (ग) और इसुदन गढ़वी (ई) है।

इस मीटिंग में इकट्ठा हुए मुस्लिम समुदाय ने कॉन्ग्रेस पर मुसलमानों का फायदा उठाने का आरोप लगाया। ‘मुस्लिम फाइटर्स क्लब’ चलाने वाले इमरानभाई ने कहा, “मुस्लिम समुदाय हमेशा नफरत का शिकार रहा है और सिर्फ केजरीवाल ही मुसलमानों के सच्चे हितैषी हैं। मैंने दिल्ली में अपने मुस्लिम भाइयों से बात की है और उन्होंने कहा है कि उनकी स्थिति में सुधार हुआ है। अरविंद केजरीवाल दुनिया के हर हिस्से के मुसलमानों का ख्याल रखते हैं।” उन्होंने यह भी कहा है केजरीवाल मुस्लिम शरणार्थियों का भी ख्याल रखते हैं। हालाँकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि मुस्लिम शरणार्थियों से उनका क्या आशय था।

गौरतलब है कि जनवरी 2020 में यह खबर सामने आई थी कि आम आदमी पार्टी के अमानतुल्लाह खान और अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार व्यवस्थित रूप से दिल्ली में अवैध रोहिंग्या मुसलमानों को बसा रही थी। इसके अलावा, रोहिंग्या उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग की करीब 5.2 एकड़ जमीन पर भी बसे हुए हैं। इस जमीन का खसरा नंबर 612 है। इस जमीन पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिम अवैध रूप से रह रहे हैं।

ऑपइंडिया ने एक रिपोर्ट में बताया था कि ओखला के गरीबों ने अमानतुल्लाह खान के निर्वाचन क्षेत्र में राशन वितरण में धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया था। स्थानीय लोगों का कहना था कि वह हिन्दू हैं और उन्होंने आम आदमी पार्टी को वोट नहीं दिया इसलिए उन्हें राशन नहीं दिया जा रहा।

इमरानभाई ने आगे कहा, “आज हम घोषणा करते हैं कि हमारे पास केवल एक नेता है, अरविंद केजरीवाल। वही हमें आगे ले जा सकते हैं। आज ‘मुस्लिम फाइटर्स क्लब’ में 3,000 परिवार हैं, कल 30,000 और फिर 3,00,000 होंगे। लेकिन हम घोषणा कर रहे हैं कि हम आखिरी साँस तक आम आदमी पार्टी को वोट देंगे।”

इस मीटिंग में 2002 की रेप पीड़िता बिलकिस बानो भी मौजूद थीं। बिलकिस ने कहा कि केजरीवाल एक शिक्षित नेता हैं और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम किया है। इसलिए, मुसलमानों को AAP को वोट देना चाहिए।

आप उम्मीदवार भोलूभाई पटेल के चचेरे भाई पराग पटेल भी इस मीटिंग के दौरान मौजूद थे। उन्होंने कहा, “मुस्लिम समुदाय को समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। हम हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई हैं और हमें हमेशा एक-दूसरे की जरूरत रहेगी।” इस मीटिंग के बाद, मंच पर मौजूद मौलाना ने इस्लामिक नमाज पढ़ी और अल्लाहु अकबर के नारे लगाए।

क्या है मुस्लिम फाइटर्स क्लब…

मुस्लिम फाइटर्स क्लब के इमरानभाई का दावा है कि यह लगभग 3,000 परिवारों का एक समूह है जो मुसलमानों के अधिकारों के लिए लड़ता है और शादियों और ऐसी अन्य स्थितियों में एक दूसरे की मदद करता है। क्लब लंबे समय से आम आदमी पार्टी का समर्थक रहा है लेकिन चुनाव से पहले वे खुलकर आप के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके क्लब के सदस्यों का गुजरात के 7-8 निर्वाचन क्षेत्रों पर प्रभाव है। उन्होंने गुजरात के सभी मुसलमानों से आप को वोट देने की अपील की है।

8 दिसंबर तक चुप रहो, वरना जेल में ही होगी हत्या… ‘सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया परिवार को दे रहे धमकियाँ’: महाठग के नए ‘लेटर बम’ से बढ़ी AAP की मुश्किलें

दिल्ली की जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrasekhar) का एक और पत्र चर्चा का विषय बन गया है। पत्र के मुताबिक, सुकेश ने एक बार फिर आप (AAP) नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) पर आरोप लगाया है। इस चिट्ठी में दावा किया गया है कि उसके परिवार को मनीष सिसोदिया से जुड़े नंबर से धमकी मिली है।

उसने दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को चिट्ठी लिखी है। सुकेश ने दावा किया है कि मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के मोबाइल नंबरों से उसके परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा धमकी दी जा रही है।

चिट्ठी में कहा गया है कि इन लोगों ने अवैध तरीके से जेल रिकॉर्ड से उसके परिवार के नंबर निकाल लिए हैं। बकौल सुकेश, “जेल प्रशासन इनके कंट्रोल में आता है, इसलिए पॉवर का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जा रहा है। ये मेरी और मेरे परिवार की सुरक्षा में एक बड़ी चूक है। सवाल तो ये उठता है कि जेल के अंदर सत्येंद्र जैन कैसे फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। या फिर उनके इशारों पर कौन उनका फोन इस्तेमाल कर रहा है?” साथ ही उसने कहा कि उसे यह समझ नहीं आ रहा है कि मनीष सिसोदिया उससे क्यों जल्दबाजी में संपर्क करना चाहते हैं। उसका सवाल है कि वह लगातार अपने आधिकारिक नंबरों से क्यों कॉल कर रहे हैं।

सुकेश चंद्रशेखर ने दावा किया कि मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के मोबाइल नंबरों से उसके परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। सुकेश चंद्रशेखर ने LG से शिकायत करते हुए कहा है कि उसे धमकियाँ मिल रही हैं कि अगर समझौता कर शिकायत वापस नहीं ली गई तो जेल में उसके जीवन को नरक बना दिया जाएगा।

सुकेश ने लिखा है कि 15 नवंबर, 2022 को LG द्वारा गठित कमेटी ने जेल का दौरा किया। उसके बाद 16 और 17 नवंबर, 2022 को उसके परिवार को एक अनजान नंबर से धमकी मिली। फोन पर JK उर्फ जय किशन नाम का शख्स था। चंद्रशेखर का दावा है कि वो जय किशन से सत्येंद्र जैन के साथ मिला था और वो यूएई में रहता है।

चिट्ठी में लगाए गए आरोपों के मुताबिक, जय किशन ने चंद्रशेखर के परिवार से कहा कि वो सत्येंद्र जैन के खिलाफ ना जाए, सहयोग करें। लिखा गया है कि ‘जैन साहब’ समझौते के लिए तैयार हैं, उसका डबल पैसा लौटा दिया जाएगा – बस 8 दिसंबर 2022 तक चुप रहें, नहीं तो जेल में टॉर्चर कर हत्या कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि सुकेश इससे पहले भी अपने वकील के माध्यम से एलजी को पत्र लिखकर आप नेताओं पर सनसनीखेज आरोप लगाता रहा है।