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मरे लोगों को जिंदा करने का वादा, शिक्षा-स्वास्थ्य का लालच: छत्तीसगढ़ में 2 दर्जन हिंदुओं को ईसाई बनाने के लिए रात में चंगाई सभा, पादरी सहित 4 गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के जिला बलरामपुर में ईसाई धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बुधवार (23 नवम्बर 2022) को रात के अँधेरे में एक गाँव में कई ग्रामीणों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था। इसके लिए लोगों को तमाम तरह के लालच भी दिए जा रहे थे, जिसमें मरे व्यक्ति को जिन्दा करने का दावा भी शामिल था। घटना की जानकारी जब गाँव वालों को हुई तो उन्होंने 4 आरोपितों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। धर्मान्तरण के विरोध में हिन्दू संगठनों ने सड़क जाम करके प्रदर्शन किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बलरामपुर के राजपुर इलाके में आने वाले गाँव पहाड़खडवा का है। आरोप है कि घटना के दिन यहाँ रात में एक घर के अंदर 2 दर्जन से ज्यादा हिंदुओं को जमा किया गया था। उन्हें पैसे, स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रलोभन के साथ 2 दिन के अंदर मरे आदमी को भी जिन्दा कर देने का लालच दिया जा रहा था। इसके बदले वहाँ मौजूद लोगों से ईसाई मत स्वीकार करने को कहा जा रहा था।

इसी गाँव के रहने वाले राजेश यादव नाम के व्यक्ति ने युवा मोर्चा और सतर्कता समूह के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। रात में ही कई लोग मौके पर पहुँच गए और कार्यक्रम को रोक दिया गया। बाद में थाना राजपुर पुलिस को बुलाकर 4 आरोपितों को पुलिस के हवाले कर दिया गया, जिसमें एक पादरी भी शामिल है। घटना से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल हो गया था। पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। घटनास्थल से ईसाई साहित्य भी बरामद होने की सूचना है।

भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इस कार्यक्रम का वीडियो शेयर किया है। वीडियो में कई महिलाएँ और पुरुष जमीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें एक व्यक्ति सम्बोधित कर रहा है। सम्बोधित करने वाले को विरोध करने वालों से उलझते सुना जा सकता है।

विरोध करने वालों ने जब आरोपित से परिचय पूछा तो लोगों ने उसको पादरी नाम से सम्बोधित किया। इस दौरान मकान मालिक को भी आरोपित की तरफ से बोलते सुना गया। बाद में विरोध करने पहुँचे लोगों ने गाँव वालों और बाहरी लोगों को अलग हो जाने के लिए कहा।

जूदेव ने यह कार्रवाई अपने द्वारा बनाई गई धर्म सैनिकों के सदस्यों द्वारा की गई बताई। प्रशासन से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए उन्होंने हर गाँव में धर्म सैनिक नियुक्त किए जाने का एलान भी किया है। प्रबल प्रताप ने धर्मान्तरण में शामिल लोगों को विधर्मी की संज्ञा देते हुए उन्हें अपना बीमा करवा लेने की सलाह दी है।

जिन 4 लोगों के विरुद्ध पुलिस ने FIR दर्ज की है उनके नाम अनिल कुजुर, शिसन वशील तिग्गा, धरमलाल तिकी व जीवित लाल तिकी हैं। इन सभी पर IPC की धारा 295-A के तहत केस दर्ज हुआ है। इस घटना के विरोध में हिन्दू संगठनों ने प्रदर्शन किया।

उन्होंने आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की माँग की। आरोप लगाया गया कि जिस व्यक्ति के घर में धर्मांतरण की कोशिश हो रही थी उस पर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। SDPO रितेश चौधरी ने प्रदर्शनकारियों को जाँच कर के दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

मोहम्मद आमिर के कोचिंग में पढ़ने जाती थी 15 साल की हिंदू छात्रा, बहला-फुसला ले भागा: दहशत में परिजन, बोले- श्रद्धा जैसा न कर दे हाल

बिहार के बेगूसराय में एक नाबालिग हिंदू छात्रा को शिक्षक मोहम्मद आमिर लेकर भा गया है। 15 साल की छात्रा आमिर के कोचिंग में कभी पढ़ने जाती थी। लड़की के परिजन इस घटना के बाद दहशत में हैं। श्रद्धा वालकर जैसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फुलवरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग छात्रा 4 सालों से मोहम्मद आमिर के कोचिंग में पढ़ने जा रही थी। इस बीच घरवालों को पता चला कि आमिर ने उसे मोबाइल फोन दिया है। भनक लगते ही बच्ची के घरवालों ने उसका कोचिंग बंद करवा दूसरी जगह ट्यूशन लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि 21 नवंबर 2022 को छात्रा पढ़ने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। खोजबीन के दौरान पता लगा कि घटना के बाद से आमिर का कोचिंग सेंटर भी बंद है। घरवालों ने आमिर पर छात्रा को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाया है।

छात्रा के माता-पिता ने फुलवरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एफआईआर दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ छात्रा के परिजन दहशत में हैं। परिवारवालों का आरोप है कि उनकी बेटी कई दिनों से डरी-सहमी रहती थी। उन्हें इस बात का शक है कि आमिर लड़की को ब्लैकमेल तो कर रहा था। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक नाबालिग छात्रा के माता-पिता ने रोते हुए पुलिस से बेटी को खोज देने की गुहार लगाई है। माता-पिता को इस बात का डर है कि आमिर उनकी बेटी की हत्या न कर दे। उन्हें डर है कि उनकी नाबालिग बेटी का हश्र भी श्रद्धा की तरह न हो।

फिलहाल आरोपित शिक्षक मोहम्मद आमिर पर धारा-366 ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस नाबालिग छात्रा की बरामदगी को लेकर छापे मार रही है और कॉल डिटेल के आधार पर जाँच-पड़ताल कर रही है।

‘लाचित बरपुखान’ को याद कर PM मोदी ने इतिहास से खिलवाड़ पर उठाया सवाल, पूछा- मुगलों से लड़ने वाले असम के हजारों बलिदानी का मोल नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार (25 नवंबर 2022) को असम वीर लाचित बरपुखान की 400वीं जयंती में शामिल होकर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश को भारत के सच्चे इतिहास की जानकारी दी गई और उसे छुपाया गया। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास उत्पीड़कों के खिलाफ वीरता प्रदर्शित करने, जीतने, बलिदान देने और महान परंपरा के बारे में है।

बता दें कि लाचित बरपुखान असम के अहोम साम्राज्य के महान सेनापति थे। सन 1671 ईस्वी में असम पर जब मुगलों का आक्रमण हुआ तो अहोम साम्राज्य के महाराजा चक्रध्वज सिंह ने लाचित बरपुखान के नेतृत्व में सेना भेजी। लाचित ने मुगलों को कड़ी टक्कर देते हुए सरायघाट की लड़ाई में उन्हें बुरी तरह हराया। इसके बाद मुगल कभी असम की तरफ दोबारा रूख नहीं किया।

लाचित बरपुखान की जयंती पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “सदियों से हमें यह बताने का प्रयास किया गया कि हम ऐसे लोग हैं जो हमेशा लूटे जाते हैं, पीटे जाते हैं और हारते रहे हैं। भारत का इतिहास केवल उपनिवेशवाद का नहीं, योद्धाओं का इतिहास है। भारत का इतिहास उत्पीड़कों के खिलाफ वीरता प्रदर्शित करने, जीत, बलिदान और महान परंपरा के बारे में है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी हमें वही इतिहास पढ़ाया गया, जो औपनिवेशिक काल में एक साजिश के तहत रचा गया था। आजादी के बाद हमें उपनिवेश बनाने वालों के एजेंडे को बदलने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।”

पीएम ने कहा कि देश के कोने-कोने में भारत के वीरों ने उत्पीड़कों का सामना किया और अपने प्राणों की आहुति दी। यह इतिहास जानबूझकर छुपाया गया था। उन्होंने कहा, “क्या लाचित बरपुखान की वीरता महत्वपूर्ण नहीं है? क्या मुगलों के खिलाफ असम में हजारों लोगों की कुर्बानी महत्वपूर्ण नहीं है?”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में जब भी कोई मुश्किल दौर आया, कोई चुनौती खड़ी हुई तो उसका मुकाबला करने के लिए कोई न को विभूति अवतरित हुई। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास जय का है, वीरता का है, बलिदान का है, महान परंपरा का है। उनका जीवन परिवारवाद से ऊपर उठकर देश के बारे में सोचने की प्रेरणा देता है।

कॉन्ग्रेस की नगमा का हाथ ऋचा चड्ढा के साथ, सेना के अपमान को बताया सही: MamaEarth की सफाई- हमें गलत मत समझो

भारतीय सेना का अपमान करने के बाद भी ऋचा चड्ढा को कॉन्ग्रेस का समर्थन मिल गया है। पार्टी की महिला नेता व पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री नगमा मोरारजी ने ऋचा के ट्वीट को जायज ठहराया है। उनके अलावा भारत के एक लीडिंग ब्रांड मामाअर्थ ने भी ऋचा के समर्थन में ट्वीट किया था, जिसे अब वह डिलीट कर चुके हैं, लेकिन इस ट्वीट के कारण उनके बॉयकॉट की माँग तेज हो गई है।

कॉन्ग्रेस की महिला नेता ने किया ऋचा चड्ढा का समर्थन

बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा ने सोशल मीडिया पर भारतीय सेना द्वारा POK लेने की बात पढ़कर उसका मजाक उड़ाया था और कहा था, “गलवान की तरफ से हाय।” इस ट्वीट के बाद कई लोगों ने उनका विरोध किया। जबकि नगमा मोरारजी उनका समर्थन करती नजर आईं।

दरअसल, कर्नल अशोक कुमार सिंह ने अभिनेत्री के ट्वीट पर लिखा था, “ऋचा चड्ढा के गलवान ट्वीट पर विवाद। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने सैनिकों के बलिदान का मजाक उड़ाया है बल्कि वह चुनाव में बीजेपी को फायदा पहुँचाने के लिए एक सेवारत जनरल द्वारा दिए गए राजनीतिक बयान को निशाना बना रही थीं। जब सेना का राजनीतिकरण हो जाए तो आलोचना और उपहास के लिए भी तैयार रहें।” 

कर्नल के इसी ट्वीट को रीट्वीट करते हुए नगमा ने लिखा- “एकदम सही कहा।” कॉन्ग्रेस की महिला नेता का ऐसा ट्वीट देखने के बाद यूजर्स भड़क गए और पूछने लगे कि वो होती कौन हैं सेना के जवानों के बारे अनाप-शनाप बोलने वालीं।

ऋचा का समर्थन करने पर ट्रेंड हुआ #BoycottMamaearth

नगमा की तरह सोशल मीडिया पर कई लोग हैं जो ऋचा का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में कुछ यूजर्स ने उन ब्रांड को टैग करके भी सवाल किया जिनकी ऋचा चड्ढा ब्रांड अंबेसडर हैं। इनमें एक नाम मामाअर्थ (MamaEarth) का भी आया। वही मामाअर्थ जिसकी मालकिल गजल अलग शार्क टैंक में नजर आती थीं।

अक्षत देवरा नाम के यूजर ने मामाअर्थ को टैग करते हुए पूछा कि ऋचा चड्ढा को सेना का मजाक उड़ा रही हैं। उन जवानों का मजाक उड़ा रही हैं जो गलवान बॉर्डर पर जान बचाते हुए बलिदान हो गए।

इस ट्वीट पर मामाअर्थ का रिप्लाई आया। मामाअर्थ ने पहले लिखा, “हाय! मामाअर्थ ब्रांड हमारे बहादुरों का मजाक उड़ाने वालों का समर्थन नहीं करता। ये शब्द ‘गलवान की तरफ से हाय’ कहना निर्णायक नहीं है। हम मानते हैं कि ये एक केवल याद दिलाना था कि कैसे एक मुश्किल घड़ी में सेना डटी थी और पूरी झड़प पर भारी पड़ रही थी।’”

इस ट्वीट के बाद कई दिग्गजों ने मामाअर्थ को घेरा और ब्रांड ने अपने ये ट्वीट डिलीट करके ये लिख दिया, “ब्रांड मामाअर्थ हमारे देश या सेना के खिलाफ किसी भी आपत्तिजनक विचार या अपमानजनक टिप्पणी का समर्थन नहीं करता है।” हालाँकि पुराना ट्वीट अब भी वायरल हो रहा है। कंपनी के सह-संस्थापक इस पर पत्रकार शशांक शेखर झा के लिए लिखते हैं,

“सर जी गलत मत समझो। न ऋचा हमारी ब्रांड अंबेसडर हैं और न ही ब्रांड का मतलब कुछ नकारात्मक है। हम कट्टर देश प्रेमी हैं। शुद्ध रूप से भारत के लिए और भारत में निर्मित। हम हमेशा अपने बहादुरों का समर्थन करते हैं। माफी माँगते हैं अगर हमारी बात गलत ढंग से ली गई। हम इसमें सुधार कर रहे हैं।”

आधार कार्ड असली है या नकली, घर बैठे जाँच भी बेहद आसान: फॉलो करिए ये स्टेप, मुसीबत रहेगी दूर

देश में हर स्थान पर आधार कार्ड (Aadhaar Card) को पहचान प्रमाण (Identity proof) के रूप में स्वीकार किया जाता है। इसलिए यह एक आवश्यक डॉक्यूमेंट बन चुका है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग फर्जी आधार कार्ड बनाकर इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। फर्जी आधार कार्ड के इस्तेमाल से चिंतित सरकार ने इसको लेकर एक एडवाइजरी जारी की है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India, UIDAI) ने आधार कार्ड के सत्‍यापन पर जोर दिया है। UIDAI ने ट्वीट कर कहा है कि पहचान प्रमाण (Identity proof) के रूप में दिए गए फिजिकल या डिजिटल आधार कार्ड की कॉपी को स्वीकार करने से पहले सत्यापित किया जाना आवश्यक है।

यहाँ तक कि किसी को नौकरी पर रखने या घर किराए पर देने से पहले भी दिए गए आधार कार्ड के सत्यता की जाँच कर लेनी चाहिए। आधार कार्ड के सत्यता की जाँच काफी आसान है। UIDAI ने आधार के सत्‍यापन को लेकर बताया है।

UIDAI के अनुसार, दिए गए आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड को UIDAI के QR कोड मोबाइल ऐप (mAadhaar application or Aadhaar QR code scanner) से स्कैन कर उसकी सत्यता और विश्वसनीयता की जाँच की जा सकती है। इसके लिए UIDAI किसी तरह का शुल्क नहीं लेता है।

ऐसे करें आधार कार्ड की जाँच

  • इसके लिए आपको mAadhaar application या Aadhaar QR code scanner ऐप डाउनलोड करना होगा। यह एंड्रॉयड, आईओएस और विंडो फॉर्मेट में ऐप स्टोर पर उपलब्ध है।
  • अब आप 2 तरीके से आधार वेरिफाई कर सकते हैं। पहला विकल्प यह है कि ‘आधार वेरिफाई’ में कार्ड पर उपलब्ध आधार नंबर दर्ज करें और सत्यता की जाँच करें।
  • दूसरा विकल्प और भी आसान है। इसमें आपको अपने ऐप को खोलना है और ‘QR कोड स्कैनर’ में आधार कार्ड पर दिए QR कोड से मिलान करना है। कुछ ही सेकेण्ड में आपको पता चल जाएगा कि आधार नंबर सही है या नहीं।

UIDAI ने राज्य सरकारों से भी अनुरोध किया है कि आधार कार्ड को स्वीकार करने से पहले उसकी सत्यता की जाँच आवश्य करें। UIDAI का यह भी कहना है कि जरूरी नहीं है कि हर 12 अंको वाला नंबर आधार नंबर ही हो। सरकार की कोशिश है कि फर्जी आधार कार्ड बनाकर चलाई जा रही हर तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।

आधार से छेड़खानी पड़ सकती है भारी

आपको यह भी बता दें कि UIDAI की तरफ से कहा गया है, “आधार दस्तावेजों से छेड़छाड़ का ऑफलाइन सत्यापन द्वारा भी पता लगाया जा सकता है। इससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ एक दंडनीय अपराध है। ऐसा पाए जाने पर आधार अधिनियम की धारा 35 के तहत सजा हो सकती है।”

‘आप हिंदू हैं या पारसी’: स्मृति ईरानी ने ‘गर्व’ वाला दिया जवाब, कहा- आवेश में कोई महिला टुकड़े नहीं करता, प्यार करने वाला पीटता नहीं है

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी गुरुवार (24 नवंबर 2022) को टाइम्स नाउ समिट में शामिल हुईं। इस दौरान उनसे उनके धर्म को लेकर सवाल किया गया। जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे गर्व से हिंदू हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नविका कुमार ने ईरानी से पूछा कि वह हिंदू हैं या पारसी? जवाब में उन्होंने कहा कि पारसी धर्म में धर्मांतरण नहीं होता है। यदि होता तो भी वे नहीं करतीं। ईरानी ने कहा, “मैं गर्व से कहती हूँ कि मैं हिंदू हूँ, जिसका सरनेम ईरानी है।”

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने श्रद्धा वालकर की हत्या पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोई आवेश में आकर महिला को टुकड़ों में नहीं काटता। कोई भी पुरुष उस महिला को लगातार नहीं पीट सकता, जिससे वह प्यार का दावा करता है। तथ्य यह है कि दुर्व्यवहार लगातार हो रहा था, तथ्य यह है कि दुर्व्यवहार इतने सारे लोग करते हैं। जरूरी बात यह है कि आप पीड़िता की मदद कैसे करते हैं।

उन्होंने कहा कि अब बहुत सारे केस ऐसे हैं, जिससे पता चलता है कि पढ़े-लिखे लोग भी महिलाओं पर हिंसा करते हैं। पहले यह भ्रम फैलाया जाता था कि अनपढ़ लोग ही ऐसा करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि श्रद्धा के हत्यारे ने जो किया इसके लिए पूरे देश को दोष दिया जाना सही नहीं है। उन्होंने लव जिहाद पर पूछे गए सवाल पर कहा कि जब भाजपा का कोई सामने बैठा होता है, तब लव जिहाद की बातें पूछी जाती हैं, लेकिन साल 2009 में केरल हाई कोर्ट ने इस टर्म का प्रयोग किया था तब भाजपा सत्ता में भी नहीं थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि यह सिस्टेमिक हो रहा है।

वहीं दो साल पहले श्रद्धा की चिट्ठी पर मुंबई पुलिस के कार्रवाई नहीं करने को लेकर ईरानी ने उद्धव ठाकरे को भी घेरा। उन्होंने कहा कि उद्धव की सरकार में पुलिस का दुरुपयोग किया गया। मुंबई में शिकायत देने के बाद पुलिस ने एक्शन नहीं लिया।

राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा हेडली समर्थकों के साथ यात्रा हो रही है। कॉन्‍ग्रेस ये मान रही है कि लोगों से नाता टूटा है। राहुल विवादित लोगों के साथ यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा में कुछ ऐसे लोग राहुल गाँधी के पीछे ढफली बजाते हुए चलते हैं जो ‘भारत तेरे टुकड़े’ होने का नारा राजधानी में दे चुके हैं।

ईरानी ने एक सवाल के जवाब में आम आदमी पार्टी (AAP) और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोगो को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। जेल में केजरीवाल के मंत्री बिसलेरी का पानी पी रहे हैं। चाइल्ड रेपिस्ट से मसाज करा रहे हैं। यह डरावना है। उन्होंने कहा कि जो प्रधानमंत्री की माँ का अपमान कर सकता है। उससे क्या उम्मीद कर सकते हैं।

ईसाइयों की नकल कर रहे मुस्लिम, कयामत के दिन मिलेगी सजा: देवबंद का मौलाना, बर्थडे को बताया ‘हराम’-सेलिब्रेशन को ‘खुराफात’

देवबंद दारुल उलूम (Darul Uloom Deoband) की तरफ से जारी एक नए वीडियो में बर्थडे को ईसाइयों का त्योहार बताते हुए मुस्लिमों से इसे न मनाने की अपील की गई है। वीडियो जारी करने वाले मौलाना का नाम असद कासमी है। कासमी ने मुस्लिमों से कुरान और हदीस के बताए रास्ते पर चलते हुए ईसाइयों के तौर-तरीके अपनाने से भी परहेज करने को कहा है।

मौलाना असद कासमी जामिया शेखुल हिंद के मोहतमीम हैं। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में उन्होंने मुस्लिमों के पैगंबर मुहम्मद का हवाला देते हुए कहा कि उनकी जिंदगी में कहीं भी जन्मदिन मनाने का जिक्र नहीं है। इसके साथ उन्होंने बताया कि मुहम्मद के सहाबा (साथियों) ने भी कभी बर्थडे सेलिब्रेट नहीं किया। मुस्लिमों द्वारा जन्मदिन मनाना अपनी समझ से बाहर बताते हुए कासमी ने कहा कि जन्मदिन ईसाई मनाते हैं, जिस राह पर मुस्लिम भी चलता जा रहा है।

जन्मदिन को शरीयत के अंदर एक नई चीज पैदा करने की साजिश बताते हुए मौलाना ने इसे इस्लामी कायदों के बाहर की चीज बताया। मौलाना क़ासमी ने मुस्लिमों से गैरों के तौर-तरीके अपनाने की रिवायत बंद करने की अपील की।

एक हदीस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी और के तौर तरीके अपनाएगा, उसे कयामत के दिन सजा मिलेगी। मौलाना ने मुस्लिमों से अल्लाह के रसूल के बताए रास्ते पर चलकर कयामत के दिन उन्हीं के झंडे के नीचे खड़े होने की अपील की। मुस्लिमों द्वारा क़ुरान और हदीस के बाहर की चीजों को अपनाने की आदत को मौलाना के ‘खुराफात’ कहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौलाना असद कासमी ने निकाह में DJ बजाने को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि घुड़सवारी और आतिशबाजी इस्लाम में बताई गई शादी के रिवाज में नहीं है। मुस्लिमों द्वारा निकाह भी इस्लामी तौर-तरीकों से ही होना चाहिए।

उन्होंने यूपी के गौतमबुद्ध नगर के उन उलेमाओं का समर्थन किया, जिन्होंने कुछ दिन पहले उन निक़ाहों के बहिष्कार का एलान किया था, जिसमें DJ बजाया जाएगा। कुछ उलेमाओं ने यह फरमान दादरी से बुलन्दशहर के स्याना जा रही एक बारात में घुड़चढ़ी और आतिशबाजी को देखकर दिया था।

खुद को राशिद बता 36 टुकड़े करने की कर रहा था बात, UP पुलिस ने पकड़ा तो आफताब का ‘हमदर्द’ निकला विकास जाटव: कहा था- चाकू बजाते जाओ

हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक युवक खुद को बुलंदशहर का रा​शिद खान बताकर श्रद्धा वालकर की हत्या को जायज ठहराने की कोशिश कर रहा था। लेकिन वीडियो में खुद को राशिद बताने वाला यह युवक असल में विकास जाटव है। बुलंदशहर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूरे मामला का खुलासा किया है।

विकास का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। उस पर उत्तर प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों में केस दर्ज हैं। ये केस चोरी और अवैध हथियार रखने से जुड़े हैं। बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने विकास कुमार पर हुई कार्रवाई की जानकारी शुक्रवार (25 नवम्बर 2022) को दी। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो की शूटिंग दिल्ली में हुई थी। इस दौरान खुद को राशिद बता रहे व्यक्ति ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस आरोपित की गिरफ्तारी के लिए थाना सिकंदराबाद की पुलिस को लगाया गया था।

बकौल SSP विकास पर पहले से ही बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर जिले में चोरी और अवैध हथियार रखने का मुकदमा दर्ज है। ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक विकास का पूरा नाम विकास जाटव है। उसके पिता का नाम चोखेलाल है। वह मूल रूप से सिकंदराबाद थानाक्षेत्र के गाँव मौलाबाद का निवासी है। बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद विकास गाँव भागकर आ गया था। वीडियो वायरल होने का बाद उस पर कार्रवाई की माँग हो रही थी।

विकास जाटव का एक हाथ किस दुर्घटना में कट गया था। उस पर IPC की धारा 295- A के तहत केस दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो में उसने कहा था कि अगर गुस्सा आ जाए तो इंसान 35 क्या, 36 टुकड़े भी कर देता है। उसकी भी अगर किसी से लड़ाई हो तो वो भी ऐसा कर सकता है। अपनी बात दोहराते हुए वह कहता है कि अगर आदमी का दिमाग खराब हो तो वो 35 क्या 36 टुकड़े भी कर देता है। जब पत्रकार उससे पूछती है कि ये ट्रेनिंग कहाँ से मिलती है तो वह कहता है कि इसमें ट्रेनिंग की क्या जरूरत। चाकू लो और यूँ ही बजाते चले जाओ।

पत्रकार युवक से कहती है कि लगता है आपको एक्सपीरियंस है। इस पर वो कहता है, “हाँ मुझे एक्सपीरियंस है। अगर मेरी किसी से लड़ाई हो तो मैं गाड़ दूँगा। यारी-दोस्ती में थोड़ी करूँगा पर ऐसा…जिससे लड़ाई होगी उससे ही।” आफताब के किए को एक तरह से जायज बताने की कोशिश करते हुए उसने कहा था, “गलत किया या सही पर उसने कर दिए होंगे 35 टुकड़े। ज्यादा नहीं किए होंगे तो 35 कर दिए होंगे। दोनों की गलती रही होगी। एक चली गई। दूसरा भी चला जाएगा।”

एक नहीं कई हथियार से किए थे श्रद्धा के शव के टुकड़े-टुकड़े, दोस्त ने बताया- सिगरेट से जिस्म को दाग देता था आफताब

श्रद्धा वालकर (Shraddha Walker Murder Case) के शव को टुकड़ों में काटने के लिए आफताब अमीन पूनावाला ने कई हथियारों का इस्तेमाल किया था। बताया जा रहा है कि पुलिस को अब तक 5 बड़े चाकू मिले हैं। इन्हें फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। इस बीच श्रद्धा के एक दोस्त ने बताया है कि आफताब (Aftab Amin Poonawalla) सिगरेट से उसके शरीर को दागता भी था।

श्रद्धा की हत्या का खुलासा होने के बाद यह बात सामने आई थी कि उसके शव के 35 टुकड़े किए गए थे। आफताब ने इन टुकड़ों को करीब 18 दिनों में एक एक कर फेंका। अब न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया है शव के टुकड़े करने के लिए कई हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। खुद आफताब ने पूछताछ में यह जानकारी पुलिस को दी है।

पिछले कुछ दिनों में दिल्ली पुलिस ने 5 बड़े चाकू बरामद किए हैं। लेकिन वह आरी अब तक नहीं बरामद हुई है, जिससे शव को काटा गया था। दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव का कहना है कि श्रद्धा की हत्या को करीब 6 माह बीत चुके हैं। इस दौरान आरोपित ने अधिकतम सबूत मिटा दिए होंगे।

इस बीच श्रद्धा के एक दोस्त ने दावा किया है कि आफताब उसे सिगरेट से जलाता था। दोस्त का दावा है कि इसके बावजूद श्रद्धा उसे एक मौका देना चाहती थी। इस दोस्त की पहचान रजत शुक्ला के तौर पर हुई है। शुक्ला ने बताया है कि साल 2021 में श्रद्धा ने उन्हें बताया था कि आफताब ने उसकी पीठ को सिगरेट से जला दिया था। यह सुन उन्हें काफी बुरा लगा था। शुक्ला के मुताबिक तब श्रद्धा के दोस्तों ने आफताब को पुलिस में शिकायत की चेतावनी दी थी। लेकिन श्रद्धा ने ही सबको रोक दिया था।

गौरतलब है कि श्रद्धा की हत्या 18 मई 2022 को ही आफताब ने कर दी थी। मामले का खुलासा नवंबर में हुआ। यह बात भी सामने आई है कि श्रद्धा ने आफताब के हिंसक बर्ताव के बारे में 2 साल पहले ही मुंबई के तूलिंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आफताब से अपनी जान को खतरा बताया था। 23 नवंबर 2020 को उसने मुंबई की पालघर पुलिस को एक पत्र भी लिखा था। इसमें उसने बताया था कि उसका लिव-इन पार्टनर आफताब उसे मारता-पीटता है। अगर वक्त पर एक्शन नहीं लिया, तो आफताब उसे टुकड़े-टुकड़े कर डालेगा।

450 किमी पैदल चले महादेव, साथ में थीं 25 गाय, आधी रात को द्वारकाधीश का खुला कपाट: जिस लंपी से हजारों मौत, उस वायरस को हराया

गुजरात का द्वारका। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी। 23 नवंबर 2022 की आधी रात को यहाँ द्वारकाधीश मंदिर के कपाट खुल गए। क्योंकि अपने मालिक के साथ 450 किलोमीटर की दूरी पैदल नाप 25 गाय दर्शन को पहुँचे। रिपोर्टों की माने तो ऐसा पहली बार हुआ है, जब आधी रात को मंदिर का कपाट खोला गया। गायों के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था भी शायद पहली बार हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार इन गायों को लेकर महादेव देसाई कच्छ से द्वारका तक आए थे। ऐसा उन्होंने अपनी मन्नत पूरी होने के बाद की। उन्होंने गायों के लंपी रोग से ठीक होने की मन्नत माँगी थी। लंपी वायरस ने गुजरात, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में तबाही मचा रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक इस वायरस से 60 हजार से ज्यादा गायों की मौत हो चुकी है।

महादेव देसाई की गायों ने द्वारका पहुँचकर सबसे पहले भगवान द्वारकाधीश के दर्शन किए। मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद मालिक के साथ-साथ गायों ने भी प्रसाद खाया। वहाँ मौजूद लोगों ने गायों के लिए पानी के साथ-साथ चारे की भी व्यवस्था की।

कच्छ में रहने वाले महादेव देसाई की गोशाला की 25 गाय करीब दो महीने पहले लंपी वायरस से ग्रस्त हो गई थीं। अपनी गायों को इस हालत में देख महादेव ने भगवान द्वारकाधीश से मन्नत माँगी थी कि यदि वे ठीक हो गईं तो वे इन गायों के साथ उनका दर्शन करेंगे।

वैसे तो महादेव बुधवार (23 नवंबर 2022) दिन में ही गायों के साथ द्वारका पहुँच गए थे। लेकिन दिन में द्वारकाधीश भगवान के दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ होती है। ऐसे में अगर मंदिर तक गायों को प्रवेश दिया जाता तो व्यवस्था बिगड़ सकती थी। इसलिए मंदिर समिति ने बैठक कर फैसला किया कि रात 12 बजे गायों के दर्शन के लिए कपाट खोले जाएँगे।

महादेव का कहना है कि जब गाय लंपी वायरस से ग्रसित हो गईं तो उन्होंने भगवान द्वारकाधीश से मन्नत माँगी और सब कुछ उन पर छोड़कर गायों के इलाज में लग गए। उन्होंने कहा, “कुछ दिन बाद ही गायें ठीक होने लगीं। करीब 20 दिन बाद सभी 25 गायें पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। इतना ही नहीं, गोशाला की दूसरी गायों में भी लंपी वायरस का संक्रमण नहीं फैला। इनके पूरी तरह स्वस्थ हो जाने के बाद मैं इन्हें लेकर पैदल ही कच्छ से द्वारका के लिए रवाना हो गया।”