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एक सप्ताह से हैक पड़ा है AIIMS का सर्वर, क्रिप्टोकरेंसी में ₹200 करोड़ माँग रहे हैकर्स: मैन्युअली हो रहा सारा काम, 4 करोड़ मरीजों का डेटा भगवान भरोसे

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (दिल्ली एम्स) का सर्वर बुधवार (23 नवंबर, 2022) को हैक किया गया था। अब हैकर्स ने दिल्ली एम्स प्रबंधन से क्रिप्टोकरेंसी के रूप में 200 करोड़ रुपए की माँग की है। यह माँग सामने आने के बाद जाँच एजेंसियाँ अलर्ट मोड पर हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली एम्स (Delhi AIIMS) का सर्वर हैक होने के बाद 3-4 करोड़ मरीजों का डेटा प्रभावित हो सकता है। सर्वर हैक होने के बाद से मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ पूरा काम मैन्युअल तरीके से हो रहा है। भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (ICERT), दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय की टीम एम्स के सर्वर में हुए रैंसमवेयर अटैक की जाँच कर रहे हैं। बता दें कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट ने शुक्रवार (25 नवंबर, 2022) को जबरन वसूली और साइबर आतंकवाद का मामला दर्ज किया है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की जाँच कर रही जाँच एजेंसियों के कहने पर अस्पतालों से जुड़े सभी कंप्यूटर पर इंटरनेट बंद कर दिया गया है। एम्स के सर्वर में कई वीआईपी मरीजों के डेटा भी मौजूद हैं। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री, मंत्री, समेत कई बड़े अधिकारी भी शामिल हैं।

एम्स के सर्वर को हैकर्स की पहुँच से बाहर करने में जुटे राष्ट्रीय इन्फॉर्मेशन सेंटर (एनआईसी) के एक्सपर्ट्स ने फिलहाल ई-हॉस्पिटल डेटाबेस और एप्लिकेशन सर्वर को सफलतापूर्वक ठीक कर लिया है। ई-हॉस्पिटल सर्विसेज को फिर से शुरू करने के चार सर्वर बनाए गए थे। इन सर्वरों को स्कैन करके डेटाबेस और एप्लिकेशन के लिए तैयार किया गया है। एनआईसी की टीम एम्स के अन्य हॉस्पिटल सर्वर को भी ठीक करने में जुटी है। इसके लिए, सभी सर्वर स्कैन किए जा रहे हैं। ये सर्वर एम्स हॉस्पिटल में सेवाओं की बहाली के लिए बेहद आवश्यक हैं।

दिल्ली एम्स के सर्वर को ठीक करने में जुटे अधिकारियों का कहना है कि एम्स के नेटवर्क से वायरस को हटाने का काम चल रहा है। सर्वर और कंप्यूटर के लिए एंटी-वायरस इंस्टॉल किए गए हैं। यह एंटी-वायरस कुल 5000 कम्प्यूटर में से करीब 1200 कंप्यूटर पर इंस्टॉल किया जा चुका है।

बताया गया है कि नेटवर्क को ठीक करने का काम 5 और दिनों तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद, ई-अस्पताल सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है। आपातकालीन, बाह्य रोगी, भर्ती रोगी, प्रयोगशाला जैसी सेवाओं सहित रोगी देखभाल सेवाओं का काम हाथ से किया जा रहा है।

रॉड-बोतल से प्रताड़ित किया, 80 थप्पड़ जड़े… असम में खौफनाक रैगिंग से प्रताड़ित होकर दूसरी मंजिल से कूदा छात्र, CM सरमा सख्त

रैगिंग की घटनाओं को लेकर शैक्षिक एजेंसियों ने काफी सख्त रूप अपनाया हुआ है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएँ सामने आ ही जाती हैं। ताजा मामला असम के डिब्रूगढ़ विश्विद्यालय (DU) का है। यहाँ एक छात्र को सीनियर छात्रों ने रैगिंग के नाम पर इतना परेशान किया कि उसने इमारत की दूसरी मंजिल से छलाँग लगा दी। छात्र की हालत नाज़ुक बनी हुई है।

हालाँकि, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय ने मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय ने जूनियर छात्रों की रैगिंग में कथित संलिप्तता के लिए आरोपी 21 छात्रों को निष्कासित कर दिया है। वहीं, पुलिस ने चार आरोपित छात्रों को हिरासत में लिया है और इनमें एक मुख्य आरोपित निरंजन ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

रैगिंग की यह घटना रविवार (27 नवंबर, 2022) को हुई। घायल छात्र की पहचान आनंद सरमा के रूप में की गई है। विश्वविद्यालय के एम कॉम प्रथम सेमेस्टर के छात्र सरमा ने रैगिंग से बचने के लिए छात्रावास की दूसरी मंजिल से छलाँग लगा दी थी। विश्वविद्यालय के छात्रावास के कुछ छात्रों ने आनंद सरमा को कथित रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। प्रताड़ित किए जाने के डर से घबराकर आनंद ने रैगिंग से बचने के लिए छात्रावास की इमारत से छलांग लगा दी।

वहीं छात्र के घरवालों ने हॉस्‍टल के सीनियर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है क‍ि छात्र पिछले एक सप्ताह से रैगिंग का शिकार हो रहा था। शनिवार (27 नवंबर, 2022) की रात को भी उसके सीनियर्स ने रॉड और बोतलों से प्रताड़ित क‍िया। इसके अलावा उसे 80 बार थप्पड़ मारे थे। बावजूद इसके हॉस्टल वॉर्डन ने कार्रवाई नहीं की।

वहीं घटना पर प्रतिक्रिया जारी करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार (27 नवंबर, 2022) को कहा कि कथित रैगिंग मामले के आरोपितों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। असम के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कड़ी निगरानी रखी जा रही है और जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने छात्रों से ‘रैगिंग को ना’ कहने का भी आग्रह किया।

सीएम सरमा ने ट्वीट किया, “जिला प्रशासन के साथ करीबी निगरानी रखी जा रही है। आरोपितों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, और पीड़ित को चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा रही है। छात्रों से अपील, रैगिंग को ना कहें।”

परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 120बी/341/395/307/143 के तहत एफआईआर दर्ज की है। शहर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रैगिंग, लूट और हत्या के प्रयास में एक आरोपी निरंजन ठाकुर की गिरफ्तारी हुई है जबकि तीन अन्य को हिरासत में लिया गया है।

’70 टुकड़ों में काटने आए थे’: आफताब को ले जा रही पुलिस वैन पर तलवार से हमला, पॉलीग्राफी टेस्ट के बाद ले जाया जा रहा था तिहाड़

श्रद्धा मर्डर केस के आरोपित आफताब पर हमले की खबर सामने आई है। उस पर यह हमला एफएसएल लैब के बाहर किया गया है। हमलावरों ने पहले आफताब को ले जा रही वैन पर पहले पत्थरबाजी की, इसके बाद तलवार से भी हमला किया गया है। जवाबी कार्यवाही में पुलिस द्वारा फायरिंग करने की भी बात कही जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आफताब अमीन पूनावाला को सोमवार (28 नवंबर, 2022) को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) लाया गया था। इस टेस्ट के बाद जब पुलिस उसे वैन में बैठाकर तिहाड़ जेल ले जा रही थी, तब वहाँ मौजूद लोगों ने पत्थरबाजी करते हुए तलवार से हमला किया है।

इस हमले का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पुलिस वैन के पास खड़े लोग पहले तो तलवार लहराते हुए दिख रहे हैं, इसके बाद वैन पर तलवार से हमला भी कर रहे हैं। इनमें से एक व्यक्ति वैन के पिछले हिस्से के गेट को खोलकर उसमें घुसने की कोशिश करता है। तभी, एक अन्य हमलावर भी वैन के पिछले गेट में पहुँच जाता है। लेकिन, तभी वैन के अंदर से एक पुलिसकर्मी दिखाई देता है। पुलिसकर्मी को देखकर वह हमलावर रुक जाता है।

इसके बाद, अन्य पुलिसकर्मी बंदूक दिखाते हुए हमलावरों को पीछे हटने के कहता दिखाई देता है। हालाँकि, हमलावर पीछे हटने को तैयार नहीं दिखाई देते हैं। तब, उक्त पुलिसकर्मी हवाई फायर करने के बंदूक आसमान की ओर करता है। कहा जा रहा है कि पुलिसकर्मी ने हवाई फायर भी किए हैं। पुलिस वैन आफताब को लेकर जब आगे बढ़ रही होती है तब हमलावर वैन का पीछा करते हुए देखे जा सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मौके से एक कार बरामद की है। कहा जा रहा है कि आफताब पर हमला करने आए लोग इसी मारुती वैन में बैठ कर आए थे। इन लोगों ने आफताब की वैन को देखते ही हमला करना शुरू कर दिया था। पुलिस को कार में हथौड़े, विकेट, तलवार जैसे हथियार भी मिले हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को हिरासत में लिया है। इन दोनों से पूछताछ की जा रही है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, आफताब पर हमला करने आए हमलावरों में से एक का कहना है कि वे लोग 15 लोग हैं, सभी गुरुग्राम से आए थे और सुबह 11 बजे से ही फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) के बाहर बैठे हुए थे। हमलावर ने यह भी कहा, “हमारी बहन बेटी को जिसने 35 टुकड़ों में काटा, हम उस आफताब को 70 टुकड़ों में काटने आए थे।”

खलील की दुकान पर मोबाइल रिचार्ज कराने जाती थी हिन्दू महिला, आयशा नाम रख कर पढ़वाया नमाज और कुरान: यौन शोषण किया, महिला डॉक्टर जमीला भी घेरे में

कर्नाटक के मंगलुरु से जबरन धर्मांतरण (Religious Conversion) का मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला डॉक्टर सहित तीन लोगों के खिलाफ हिंदू महिला का जबरन धर्म-परिवर्तन कराने की कोशिश करने के आरोप में रविवार (27 नवंबर, 2022) को एफआईआर दर्ज की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता शिवानी (22) की माँ की शिकायत के आधार पर खलील, डॉ जमीला और ऐमन के खिलाफ आईपीसी और कर्नाटक धार्मिक स्वतंत्रता अधिकार संरक्षण अध्यादेश, 2022 की धारा तीन और पाँच के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता की माँ ने तीनों आरोपितों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सख्त से सख्त कार्रवाई करने की माँग की है। शिवानी की माँ की शिकायत के अनुसार, पीड़िता एक फैंसी स्टोर में काम करती थी।

वह खलील की एक दुकान पर अपना मोबाइल फोन रिचार्ज करवाने जाती थी। 2021 में खलील ने उससे दोस्ती की और उसे बढ़िया वेतन के साथ एक अच्छी नौकरी दिलवाने का वादा किया।

यही नहीं वह शिवानी को अपने एक रिश्तेदार के घर ले गया, जहाँ उसका नाम बदलकर आयशा रख दिया गया। इसके बाद उस पर नमाज अदा करने के लिए दबाव बनाया और कुरान पढ़ने के लिए भी मजबूर किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि खलील ने उसका यौन शोषण भी किया था। बाद में वह उसे नई नौकरी दिलाने के बहाने दूसरी जगह ले गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपित उसकी बेटी को नौकरी के सिलसिले में डॉक्टर जमीला के घर पर लेकर गया, जहाँ उसे बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया गया।

बताया जा रहा है कि ऐमन नाम के एक व्यक्ति ने उससे इंस्टाग्राम पर संपर्क किया और उसे अपने साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। ​पीड़िता की माँ ने तीनों आरोपितों के खिलाफ उसकी बेटी का जबरन धर्मांतरण करने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर तीन आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जाँच की जा रही है।

निकाह में नहीं चलेगा नृत्य-संगीत, पटाखे उड़ाने पर भी प्रतिबंध: झारखंड में मौलवियों का फतवा – नागिन डांस पर भी लगेगा जुर्माना

झारखंड के धनबाद जिले में मौलवियों ने निकाह को लेकर एक तालिबानी फरमान जारी किया है। यहाँ के एक प्रखंड में मौलवी ने डांस, म्यूजिक और आतिशबाजी को गैर-इस्लामी प्रथा करार दिया है। मौलवी का कहना है कि निकाह के दौरान अब डांस, म्यूजिक और आतिशबाजी नहीं होगी। इसके साथ ही नियम का उल्लंघन करने वालों को जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी है।

मौलवी ने कहा कि जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे, उनकी पहचान कर जुर्माना लगाया जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला झारखंड के धनबाद जिले के निरसा प्रखंड का है। यहाँ स्थित सिबिलीबाड़ी जामा मस्जिद के प्रमुख इमाम मौलाना मसूद अख्तर ने यह फरमान जारी किया है।

उन्होंने सोमवार (28 नवंबर, 2022) को कहा “हमने सर्वसम्मति से फैसला किया कि निकाह इस्लाम मजहब के अनुसार संपन्न होगा। इसमें कोई डांस, डीजे संगीत और आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं होगा। इतना ही नहीं, आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 5100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि ये पाबंदियाँ 2 दिसंबर 2022 से लागू होंगी।”

मौलाना ने कहा कि शादी रात 11 बजे से पहले करनी होगी, क्योंकि उसके बाद का समय शुभ नहीं माना जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई रात 11 बजे के बाद निकाह करने की कोशिश करता है तो उस पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। मौलाना का फरमान यहीं नहीं रुका। उन्होंने कहा कि इस फरमान का जो कोई भी उल्लंघन करेगा, उसे लिखित रूप से माफी भी माँगनी होगी। मौलवी ने साथ ही लोगों से अपील कर कहा कि इस नए नियम के बारे में अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी सूचित कर दें।

इस संबंध में निर्णय रविवार (27 नवंबर, 2022) को एक बैठक में लिया गया था। बैठक की अध्यक्षता करने वाले इमाम ने कहा कि इस्लाम में इस तरह की प्रथाओं की अनुमति नहीं है और इससे लोगों को भी परेशानी होती है।

1 ओवर में 7 छक्के जड़ कर ऋतुराज गायकवाड़ ने तोड़ डाले सारे रिकॉर्ड, ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ में गरजा मराठी बल्ला, 220 रनों की पारी में 16 बार गेंद को कराई हवाई यात्रा

महाराष्ट्र के कप्तान ऋतुराज गायकवाड (Ruturaj Gaikwad) ने सोमवार (28 नवंबर, 2022) को एक ओवर में सात छक्के जड़कर विश्व रिकॉर्ड बना दिया। ऋतुराज ने ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ में विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy 2022) के क्वार्टर फाइनल में उत्तर प्रदेश के खिलाफ एकदिवसीय क्रिकेट मैच के दौरान 49वें ओवर में यह शानदार रिकॉर्ड बनाया। दरअसल, महाराष्ट्र की पारी के 49वें ओवर के लिए उत्तर प्रदेश के कप्तान करण शर्मा ने बाएँ हाथ के स्पिनर शिवा सिंह को बॉल डालने को कहा।

गेंदबाज शिवा सिंह के ओवर में एक नो बॉल भी पड़ी थी, जिस पर ऋतुराज ने छक्का जड़ा। इस तरह यह सात गेंद का ओवर हो गया। गायकवाड़ की पारी की मदद से महाराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 330 रन बनाए।

इससे पहले 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के उड़ाए थे, जबकि उनसे पहले भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने डोमेस्टिक क्रिकेट में यह कारनामा किया था। इनके बाद अब एक और भारतीय क्रिकेटर गायकवाड ने एक ओवर में 7 छक्के लगाते हुए इतिहास रच दिया।

सोशल मीडिया पर भी उनका सात छक्के लगाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच में टॉस जीतकर उत्तर प्रदेश ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। महाराष्ट्र की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसे राहुल त्रिपाठी के रूप में पहला झटका लगा, जबकि इसके बाद बछाव को कार्तिक त्यागी ने चलता किया। ऐसे में उत्तर प्रदेश की टीम ने बवाने और काजी के विकेट भी जल्दी गिरा दिए, लेकिन ऋतुराज गायकवाड़ ने अंतिम ओवर में ताबड़तोड़ छक्कों की बरसात की।

बता दें कि लिस्ट ए क्रिकेट मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकार्ड अभी तक भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के नाम पर दर्ज था, लेकिन अपनी नाबाद 220 रन की पारी में 16 छक्के लगाकर रुतुराज गायकवाड ने रोहित शर्मा की बराबरी कर ली। लिस्ट ए क्रिकेट की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में ऋतुराज गायकवाड अब हिटमैन के साथ पहले नंबर पर आ गए हैं।

FIFA के बहाने ‘धर्मांतरण जिहाद’: क़तर ने कई भाषाएँ बोलने वाले महिला-पुरुष मुबल्लिग़ों को तैनात किया, होटल तक में QR कोड से इस्लाम का ‘ज्ञान’

फीफा विश्व कप 2022 (Fifa World Cup 2022) का आयोजन इस्लामी मुल्क कतर में हो रहा है। हालाँकि, इस बड़े आयोजन के लिए कतर ने स्टेडियमों में विभिन्न प्रकार प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों को लेकर जाँच की बात कही जा रही है। यही नहीं, विश्व कप के लिए कतर पहुँचे लोगों का धर्मांतरण कराने के लिए जिस तरह से रणनीतियाँ बनाई गईं हैं, उसको लेकर भी कतर की आलोचना हो रही है। 

हाल की में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, कतर की राजधानी दोहा में बनी ‘कटारा कल्चरल विलेज’ मस्जिद गैर-मुस्लिमों को धर्मांतरण के लिए आकर्षित करने का केंद्र बनी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मस्जिद में कई भाषाएँ बोलने वाले पुरुष और महिला मुबल्लिग़ों को तैनात किया गया है। ये मुबल्लिग़ मस्जिद में आने वाले लोगों को इस्लाम के बारे में विस्तार से बताते हैं। यही नहीं, यहाँ आने वाले पर्यटकों को एक इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड देखने के लिए भी कहा जा रहा है। इस इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड में 30 से अधिक भाषाओं में इस्लाम के बारे में बताया गया है। इसके अलावा, यहाँ विभिन्न भाषाओं में इस्लाम का ‘परिचय’ बताने वाली पुस्तकें रखीं गईं हैं जिन्हें पर्यटकों के बीच बाँटा जा रहा है।

यही नहीं, कतर के अकाफ और इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने फीफा विश्व कप स्टेडियम के बाहर एक पंडाल बनाया है, जहाँ पर्यटकों को इस्लाम और इसकी शिक्षाओं के बारे में ‘ज्ञान’ दिया जा रहा है। इसके अलावा, सड़कों किनारे बनी दीवारों पर हदीस (पैगंबर मोहम्मद की बातें, कार्य और आदतें) भी लिखी गईं हैं, ताकि कतर आए हुए लोग इन हदीस को पढ़कर इस्लाम से प्रभावित हो सकें।

ईद चैरिटी फाउंडेशन में इस्लाम को बढ़ावा देने के लिए कतर गेस्ट सेंटर के कर्मचारी और प्रचारक मस्जिद के एंट्री गेट पर तैनात हैं। ये लोग, यहाँ आने वाले गैर-मुस्लिमों का स्वागत करते हैं और मस्जिद और इस्लाम के बारे में उनके सवालों का जवाब देते हैं। साथ ही, मस्जिद के अंदर के माहौल के बारे में बताने के लिए पर्यटकों को नमाज़ के बाद मस्जिद में प्रवेश देकर इस्लाम की जानकारी देते दिखाई देते हैं।

इस्लाम के बारे में बताने के लिए होटल के कमरों में दिए जा रहे क्यूआर कोड

कतर ने फीफा वर्ल्ड कप के पहले सप्ताह में इस्लाम और मुस्लिम संस्कृति को प्रदर्शित करने का भी प्रयास किया है। इसमें राजधानी दोहा के आसपास लिखे गए पैगंबर मुहम्मद के कथन और शिक्षाओं का अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है।

कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के अनुसार, कतर के कुछ होटल के कमरों में पर्यटकों को इस्लाम के बारे में बताने के लिए क्यूआर कोड भी दिए जा रहे हैं। यही नहीं, होटल्स द्वारा वर्ल्ड कप के लिए कतर आने वाले विदेशियों को इस्लामी पोशाक के बारे में बताने के लिए भी आमंत्रित किया जा रहा है।

वांडेट कर रहा इस्लाम का प्रचार

फुटबॉल विश्व कप के बीच इस्लामिक गतिविधियों की चर्चा होना सिर्फ आम बात है नहीं है। बल्कि, इसके जरिए इस्लाम के प्रचार को बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसकी पुष्टि इस बात से भी होती है कि कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक को कथित तौर पर फुटबॉल फैंस के बीच इस्लाम का प्रचार करने के लिए बुलाया गया था।

हाल ही में, यह बात भी सामने आई थी कि वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य अपराधों के लिए भारत में वॉन्टेड इस्लामिक मुबल्लिग जाकिर नाइक इस्लाम का प्रचार करने के लिए कतर गया था। इस दौरान उसका साल 2016 का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वह कतर में लोगों को इस्लाम में धर्मांतरित कर रहा था। निश्चित तौर पर यह वीडियो पुराना था। लेकिन, सोशल मीडिया में इस बात को लेकर चर्चा की जा रही थी कि जाकिर नाइक के फीफा विश्व कप 2022 में आने से कुछ फुटबॉल फैंस धर्मांतरण का शिकार हो सकते हैं।

हालाँकि, इस बारे में भारत द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद कतर ने स्पष्ट किया था कि जाकिर नाइक को फीफा विश्व कप के उद्धाटन समारोह में उसे आधिकारिक तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया था।

कतर में फुटबॉल फैंस ने कबूल किया इस्लाम

मंगलवार (22 नवंबर, 2022) को कई इस्लामवादी ट्विटर हैंडल्स द्वारा दावा किया जा रहा था कि 500 ​​से अधिक लोग (जाहिर तौर पर फीफा विश्व कप 2022 देखने के लिए कतर पहुँचे लोग) इस्लाम में परिवर्तित हो गए हैं। एक ट्वीट में आईएसआईएस समर्थक इस्लामिक कार्यकर्ता माजिद फ्रीमैन ने लिखा था, “अल्लाहु अकबर, हमने कतर के स्थानीय लोगों से सुना है कि हाल ही में 500 से अधिक लोगों ने इस्लाम कबूल कर लिया है।” हालाँकि, इस दावे की पुष्टि के लिए कोई भी पुख्ता मीडिया रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

फुटबॉल फैंस को इस्लाम कबूल करवा रहा क़तर

इसके अलावा, ऐसे भी कई रिपोर्ट्स सामने आईं है कि एक मैक्सिकन फैन ने कतर में विश्व कप 2022 के दूसरे दिन दोहा के कल्चरल विलेज की एक मस्जिद में इस्लाम अपना लिया है।

वहीं, बुधवार (23 नवंबर 2022) को सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियो में दिखाया गया था कि एक ब्राजीलियाई परिवार को एक इस्लामिक उपदेशक द्वारा शाहदाह (विश्वास की गवाही) का उच्चारण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि कतर को इस्लामिक आतंकवाद से जोड़ा गया है और उस पर कई बार वहाबीवाद (इस्लामिक चरमपंथ) फैलाने का आरोप लगाया जा चुका है। यही नहीं, हाल के दिनों में मुस्लिम ब्रदरहुड, हमास और अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों को फंडिंग करने वाले कई संगठनों से इसके संबंध भी उजागर हुए हैं।

श्रद्धा को मार कर आफताब ने निकाल ली अँगूठी, नई गर्लफ्रेंड को पहना दिया: लाश काटने वाले हथियार बरामद, सिम तोड़ कर WiFi से चला रहा था श्रद्धा का सोशल मीडिया

दिल्ली के महरौली इलाके में आफताब द्वारा की गई श्रद्धा की निर्मम हत्या के मामले में नए खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस के मृतका की लाश काटने वाले कुछ हथियार बरामद कर लिए हैं। इसी के साथ आफ़ताब ने श्रद्धा की ही अँगूठी एक अन्य लड़की को गिफ्ट कर दी थी। यह वही लड़की थी जिसे बारे में कहा जा रहा है कि वो श्रद्धा की हत्या के बाद आफ़ताब के फ़्लैट पर गई थी। पुलिस ने वह अँगूठी भी बरामद कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रद्धा हत्याकांड की बिखरी कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस को आफ़ताब ने पॉलिग्राफिक टेस्ट में भी काफी गुमराह करने की कोशिश की। उसने तीन बार हुए पॉलिग्राफिक टेस्ट में कई सवालों के जवाब तो दिए लेकिन कुछ को उसने आधा-अधूरा छोड़ दिया। माना जा रहा है कि आने वाले 5 दिसंबर को आफ़ताब का नार्को टेस्ट हो सकता है। इस टेस्ट के लिए पुलिस अभी से अपने सवालों को तैयार कर रही है।

जाँच में अब तक यह बात भी सामने आई है कि जिस दिन श्रद्धा की हत्या हुई, उसी दिन आफताब ने उससे झगड़ा किया था। बताया ये भी जा रहा है कि हत्या के दिन आफ़ताब ने गाँजा पिया था।

Wi Fi से चला रहा था श्रद्धा का सोशल मीडिया

ताजा जानकारी के मुताबिक, आफ़ताब ने 23 अक्टूबर 2022 तक श्रद्धा का फोन एक्टिव रखा। जब उसे 26 अक्टूबर को महाराष्ट्र के मानिकपुर पुलिस स्टेशन पूछताछ के लिए बुलाया गया तब उसने श्रद्धा की सिम तो तोड़ कर समुद्र में फेंक दिया था। बाद में आफताब ने श्रद्धा का सोशल मीडिया WiFi के जरिए चलाना जारी रखा था। इस दौरान आफताब श्रद्धा के कुछ दोस्तों से भी मिला था जिसमें उसने खुद के श्रद्धा से रिश्ते टूटने की मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी। बताया जा रहा है कि ऐसा आफताब अपने खिलाफ लोगों के मन में शक न पैदा होने के लिए कर रहा था।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, आफ़ताब को ड्रग्स सप्लाई करने वाला फैज़ल मोमिन गुजरात के सूरत पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। फैज़ल की गिरफ्तार के लिए दिल्ली पुलिस ने गुजरात पुलिस से सम्पर्क किया था। फैज़ल और आफताब दोनों मुंबई के वसई इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस दोनों की कॉल डिटेल निकलवा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही फैज़ल से आफ़ताब के बारे में पूछताछ की जा सकती है।

‘जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कानून जरूरी’: सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार का हलफनामा, कहा- महिला-पिछड़े वर्गों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (28 नवंबर 2022) को जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए हलफनामा पेश किया। उन्होंने हलफनामे में कहा है कि यह एक गंभीर मामला है। वह याचिका में उठाए गए इस मुद्दे की गंभीरता से अवगत हैं। केंद्र ने अपने जवाब में कहा है कि धर्म की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार में दूसरे लोगों को धोखे, जबरन, प्रलोभन या ऐसे अन्य माध्यमों से धर्मांतरित करने का अधिकार शामिल नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए 9 राज्य ओडिशा, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और हरियाणा पहले से ही कानून बना चुके हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं, आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों सहित समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए इस तरह के कानून आवश्यक हैं।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर जस्टिस एमआर शाह और सीटी रवि कुमार ने सुनवाई की। भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने केंद्र और राज्य सरकारों से काला जादू, अंधविश्वास और जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए अलग से कानून बनाने के लिए यह याचिका दायर की थी।

याचिका में दावा किया गया है कि अगर जबरन धर्मांतरण पर रोक नहीं लगाई गई तो भारत में हिंदू जल्द ही अल्पसंख्यक हो जाएँगे। इससे पहले 14 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए जबरन धर्मांतरण को एक बहुत गंभीर मुद्दा बताया था। कोर्ट ने कहा था कि यह राष्ट्र की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है और केंद्र से जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि धर्म की स्वतंत्रता है, लेकिन जबरन धर्मांतरण पर कोई स्वतंत्रता नहीं है।

बता दें कि उपाध्याय की याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद 25 में धर्म की स्वतंत्रता दी गई है। इसमें सभी धर्म समान रूप से शामिल हैं। किसी को भी किसी अन्य का धर्म में बदलने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है।

आरोपित- मोहम्मद फराज, थानेदार- मेराज हुसैन, आरोप- नाबालिग हिंदू लड़की को ‘बालिग’ बता रही बिहार पुलिस: पूर्णिया ‘लव जिहाद’ से आक्रोशित

बिहार के पूर्णिया जिले में गुरुवार (24 नवंबर, 2022) को हिन्दू समाज की एक लड़की को फराज नाम के युवक द्वारा बहला-फुसला कर ले जाने का मामला आने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर इल्जाम लगाए। परिवार ने कहा कि स्थानीय थानेदार मेराज हुसैन आरोपित को बचाने की कोशिश कर रहा है। उनकी नाबालिग लड़की अभी तक बरामद नहीं हुई है। वहीं इस मामले पर थाना प्रभारी ने कहा है कि वो लोग नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित के अब्बा और भाई को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पीड़ित परिजनों का कहना है कि फराज के भाई ने उनके साथ बदतमीजी की है। इसी के साथ उन्होंने आगे बताया कि थाने में प्रभारी ने आरोपित से वीडियो कॉल से बात भी की है, जिसमें फराज ने खुद को बेगुनाह बताया। बाद में लड़की के हैदराबाद में होने की जानकारी सामने आई। इस दौरान एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें लड़की फराज से 4 साल से अपने अफेयर की बात कह रही है।

लड़की को बालिग दिखाने में जुटी पुलिस, आरोपित का कर रही बचाव: पीड़ित परिवार का आरोप

ऑपइंडिया ने इस मामले में लड़की के चाचा से बात की। उन्होंने हमें बताया कि पुलिस खुद कुछ करने के बजाए उनके परिवार द्वारा जमा की जा रही जानकारी पर काम कर रही है। उन्होंने हमें बताया कि आरोपित के परिजनों को थोड़ी देर थाने में बिठा कर रखा गया जिसे बाद में छोड़ दिया गया है। इसी के साथ उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी आरोपित फराज की बातों पर विश्वास कर रहे हैं। उदहारण देते हुए उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी मेराज हुसैन ने उन्हें आरोपित के लड़की के साथ विजयवाड़ा से दिल्ली आने की जानकारी दी लेकिन पूरी ट्रेन खोज लेने के बाद भी आरोपित का कहीं पता नहीं चल पाया।

इसी के साथ लड़की के चाचा ने आरोप लगाया कि पहले थानेदार उनकी भतीजी को बालिग बता रहे थे। मगर बाद में क्लास 10 के सर्टिफिकेट कोर्ट से मुहर लगवा कर उन्होंने लड़की के नाबालिग होने का सबूत दिया। आरोपित फराज के मोहल्ले को मुस्लिम बहुल बताते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ हिन्दुओं की संख्या नाममात्र है। उनका कहना है कि पिछले 6 माह के अंदर उनके क्षेत्र में लव जिहाद की लगभग 3 घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। फराज के परिजनों के बारे में बताते हुए लड़की के चाचा ने कहा कि उनके घर में किसी के भी चेहरे पर कोई शिकन या पछतावा नहीं दिख रहा है।

लड़की के चाचा का दावा है कि लड़की के बागडोगरा एयरपोर्ट पर पहुँचने के घंटे भर में ही वो सब थाने पहुँच गए थे। उनके अनुसार अगर उसी समय को ठोस कदम उठाया गया होता तो संभवतः लड़की मिल गई होती। फराज हैदराबाद में प्राइवेट नौकरी करता है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने फराज के घर जा कर पूछताछ करने की कोशिश की तो उन्हें डाँट कर भगा दिया गया। फिलहाल पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने फ़राज़ के खिलाफ IPC की धारा 363, 365, 504 और 34 IPC के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस पर लग रहे आरोप गलत: थाना प्रभारी मेराज हुसैन

ऑपइंडिया ने इस मामले में पुलिस का पक्ष जानने के लिए थाना प्रभारी बनमनखी मेराज हुसैन से बात की। मेराज हुसैन ने हमें बताया कि लड़की को बरामद करने के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है। उन्होंने हमें बताया कि पुलिस पर लग रहे आरोप गलत हैं। इसी के साथ मेराज हुसैन ने हमें आगे बताया कि अब तक की जाँच में ये सामने आया है कि जिस दिन लड़की घर से निकली है उस दिन फराज हैदराबाद में था। थाना प्रभारी का कहना है कि ये जाँच के बाद ही पता चल पाएगा कि किसने लड़की की हैदराबाद तक पहुँचने में मदद की है।

लड़की और लड़के के विजयवाड़ा से दिल्ली की ट्रेन में होने वाले मुद्दे पर थाना प्रभारी का कहना है कि उस दिन लड़के का रिजर्वेशन ट्रेन में मौजूद है। मेराज हुसैन के मुताबिक लड़की की बरामदगी के बाद अगर मेडिकल में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि होती है तब इस केस में IPC की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की वृद्धि की जाएगी। थाना प्रभारी का दावा है कि लड़की और लड़का पूर्व परिचित हैं और काफी पहले से बातचीत कर रहे हैं। लड़की को पहले नाबालिग बताने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले उन्हें जो कागज परिजनों द्वारा सौंपे गए थे उसमें लड़की बालिग थी।