Sunday, July 21, 2024
Homeदेश-समाज'डियर कलेक्टर अंकल... वे मस्जिद से चिल्लाते क्यों हैं': अजान से परेशान भोपाल के...

‘डियर कलेक्टर अंकल… वे मस्जिद से चिल्लाते क्यों हैं’: अजान से परेशान भोपाल के बच्चे, WhatsApp पर घूम रहा DM ऑफिस का सील लगा पत्र

इस पत्र को लिखने वाले बच्चों ने खुद को भोपाल के निखिल बंगलो का निवासी बताया है। कहा है कि उनके इलाके में मुस्लिम आबादी न के बराबर है। लेकिन मस्जिद के लाउडस्पीकर से आने वाली अजान की आवाज से वे परेशान हैं।

व्हाट्सएप पर तीन पन्नों का एक पत्र घूम रहा है। इस दावे के साथ कि मध्य प्रदेश के भोपाल के कुछ बच्चों ने इसे लिखा है। पत्र भोपाल के कलेक्टर के नाम है। पत्र पर भोपाल कलेक्टर कार्यालय का मुहर भी लगा है। इस पत्र में मस्जिद से आने वाली शोर से होने वाली परेशानियों का जिक्र बच्चों ने किया है।

पत्र पर 9 नवंबर 2022 की तारीख दर्ज है। हालाँकि ऑपइंडिया इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता। हमने पत्र को लेकर किए जा रहे दावे के संबंध में जानकारी के लिए भोपाल के डीएम अविनाश लवानिया से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की। उन्होंने फोन नहीं उठाया। हमने व्हाट्सएप पर पत्र की कॉपी भेजकर भी उनसे इस संबंध में जानकारी लेनी चाहिए। लेकिन उनका जवाब प्राप्त नहीं हुआ। वेबसाइट पर उपलब्ध भोपाल कलेक्टर कार्यालय का लैंडलाइन नंबर बार-बार व्यस्त बता रहा था। जिला सूचना अधिकारी से संपर्क का जो लैंडलाइन नंबर वेबसाइट पर दिया गया है, वह गलत बता रहा है। जिला प्रशासन से बात होते ही हम इस खबर को अपडेट करेंगे।

भोपाल के बच्चों के कथित पत्र में क्या लिखा है

इस पत्र को लिखने वाले बच्चों ने खुद को भोपाल के होशंगाबाद रोड स्थित निखिल बंगलो फेज-3 का निवासी बताया है। कहा है कि उनके इलाके में मुस्लिम आबादी न के बराबर है। लेकिन मस्जिद के लाउडस्पीकर से आने वाली अजान की आवाज से वे परेशान हैं। अजान अलग-अलग तरह की आवाजों में कभी दिन तो कभी रात में होती है। मस्जिद से होने वाली शोर की वजह पूछते हुए बच्चों ने इसे बंद कराने की गुहार लगाई है।

पत्र लिखने वाले कथित बच्चों ने कहा है कि उन्होंने अपनी दिक्कत अपने माता-पिता और पड़ोसियों से साझा की थी। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। बच्चों के मुताबिक उनकी कॉलोनी के बाहर बॉउंड्री वाल के पास से अक्सर अलग-अलग समय पर जोर-जोर से अलग-अलग आवाजें निकाल कर लाउडस्पीकर बजने लगते हैं। इससे उनकी पढ़ाई और खेलकूद बाधित होती है।

पत्र में बच्चों ने कहा है कि उनकी कॉलोनी में भी देवी जी का मंदिर है। यदि वहाँ कभी शोर होता है तो पुजारी चुप करवा देते हैं। लेकिन मस्जिद से अरबी में आने वाली आवाजों को कोई समझ भी नहीं पाता। बच्चों का कहना है उन्होंने स्कूल में अपने सहपाठियों से भी इस पर बात की। उन्होंने भी अपने इलाकों में इसी तरह के शोर की बात कही।

वायरल शिकायती पत्र

भारत जोड़ो यात्रा का भी जिक्र

इस पत्र में राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा का भी जिक्र है। बच्चों ने लिखा है कि उन्हें मीडिया के माध्यम से राहुल गाँधी के भोपाल आने की जानकारी मिली है। DM से गुजारिश करते हुए छात्रों ने अपनी शिकायत कॉपी राहुल गाँधी को भी देने और उनसे इस समस्या के समाधान पर चर्चा करने की गुजारिश की है। बच्चों ने पत्र में कहा है कि राहुल गाँधी दाढ़ी बढ़ाकर बिलकुल भी स्मार्ट नहीं लग रहे और उन्हें कही रुक कर शेविंग करवा लेनी चाहिए।

पत्र के आखिर में बच्चों ने पूछा है कि जब उनके आस-पास एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहते तो तो दिन-रात अज़ान किसे सुनाई जाती है। इस संबंध में अपने शिक्षकों से सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए बच्चों ने सवाल किया है कि उत्तर प्रदेश में कैसे लाउडस्पीकर पैक हो गए?

ऑपइंडिया ने भोपाल की निखिल बंगलो फेज 3 कॉलोनी बनाने वाले दीपक लालवानी से भी बात की। उन्होंने इस तरह का कोई पत्र भेजे जाने की जानकारी होने से इनकार किया। लेकिन यह बताया कि कॉलोनी से करीब 500 फीट की दूरी पर ही एक मस्जिद है। यहाँ से आने वाली आवाजें कॉलोनी में स्पष्ट सुनाई देती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आरक्षण के खिलाफ बांग्लादेश में धधकी आग में 115 की मौत, प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश: वहाँ फँसे भारतीयों को वापस...

बांग्लादेश में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के भी आदेश दिए गए हैं। वहाँ हिंसा में अब तक 115 लोगों की जान जा चुकी है और 1500+ घायल हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर परिसर के दुकानदारों को लगाना होगा नेम प्लेट: बिहार के बोधगया की दुकानों में खुद ही लगाया बोर्ड,...

उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित दुकानदारों को अपना नेम प्लेट लगाने का आदेश दिया गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -