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हिंदू टीचर की ID पर सिम, मंदिर टारगेट, 10000 बच्चों वाले RSS कार्यक्रम में धमाके की प्लानिंग: मंगलुरु ब्लास्ट की IRC ने ली जिम्मेदारी

कर्नाटक के मंगलुरु में 19 नवंबर 2022 को हुए धमाके की जिम्मेदारी इस्लामिक इस्लामिक रेजिस्टेंस काउंसिल (IRC) ने ली है। ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार मोहम्मद शरीक को उसने अपना ‘मुजाहिद’ बताया है। शरीक के निशाने पर मंदिर था, लेकिन ब्लास्ट रास्ते में ही हो गया। एक रिपोर्ट के अनुसार उसने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के उस कार्यक्रम में जिसमें करीब 10 हजार बच्चे शामिल हुए थे, में भी धमाके की योजना बनाई थी। लेकिन इसे बाद में टाल दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोशल मीडिया में वायरल IRC के पोस्ट में कहा गया है कि हमारे मुजाहिद भाई मोहम्मद शरीक ने मंगलुरु में भगवा आतंकियों के गढ़ कादरी (साउथ कन्नड़ जिले में) में हिंदू मंदिर पर हमला करने का प्रयास किया। इस अभियान का मकसद पूरा नहीं हुआ। लेकिन हम रणनीतिक तौर पर इसे सफल मानते हैं। साथ ही आगे भी हमले जारी रखने की चेतावनी दी गई है। यह भी बताया है कि जो ब्लास्ट हुआ वह बम भी शरीक ने ही बनाया था।

आईआरसी का वायरल पोस्ट

दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि शरीक आरएसएस से जुड़े केशव स्मृति संवर्धन समिति की तरफ से 19 नवंबर को आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव कार्यक्रम में धमाका करना चाहता था। उसने छात्र बनकर इस कार्यक्रम में घुसने की योजना बनाई थी। आयोजन स्थल की उसने लोकेशन भी सर्च की थी। लेकिन बाद में उसे प्लान बदलना पड़ा।

शरीक से पूछताछ में मिली जानकारी के मुताबिक वह हिंदू बनकर रह रहा था। बेल्लारी के एक हिंदू की ID पर जारी सिम का प्रयोग करता था। यह आधार कार्ड सुरेंद्रन नाम के एक व्यक्ति का है जो टीचर है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्रन और शरीक कोयंबटूर के एक होटल में मिले थे। वहाँ शरीक ने खुद को बेरोजगार बताते हुए सुरेंद्रन से मदद माँगी थी। इसी दौरान कुछ लोगों से बात करने के लिए शरीक ने सुरेंद्रन से एक सिम खरीदने की गुजारिश की थी।

फ़िलहाल पुलिस होटल के स्टाफ, सुरेंद्रन और सिम बेचने वाले दुकानदार से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। शरीक आसपास के हिन्दुओं के साथ उनके त्योहार भी मनाता था। पुलिस का यह भी मानना है कि वह दुबई में रह रहे 3 लाख के इनामी अब्दुल मतीन ताहा के इशारे पर काम कर रहा था।

फिल्ममेकर ने की पुलिस में शिकायत, अक्षय कुमार ने लताड़ा: सेना का मजाक उड़ाकर बॉलीवुड इंडस्ट्री में घिरीं ऋचा चड्ढा, माफी माँगकर भी कम नहीं हुईं मुश्किलें

बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा भारतीय सेना का मजाक उड़ाने के कारण विवादों में हैं। उनके माफी माँगने के बाद भी लोगों का गुस्सा कम होता नजर नहीं आ रहा है। सेना के खिलाफ ट्वीट की वजह से ऋचा को अपनी ही इंडस्ट्री से जमकर फटकार मिल रही है।

अक्षय कुमार ने लगाई फटकार

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने भी ऋचा चड्ढा को जवाब दिया है। अक्षय ने ऋचा के विवादित ट्वीट के स्क्रीनशॉट को ट्वीट करते हुए लिखा, “यह देखकर दुख हो रहा है। किसी को हमारी सेना के प्रति एहसान फरामोश नहीं होना चाहिए। वो हैं तो हम हैं।”

अशोक पंडित ने पुलिस में शिकायत दी, एफआईआर की मांग

उधर फिल्ममेकर अशोक पंडित ने तो ऋचा चड्ढा के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दे दी है। कंप्लेन जुहू पुलिस थाने में की गई है। अपनी शिकायत में निर्माता ने अभिनेत्री के ट्वीट को क्रिमिनल एक्ट बताया है। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा, “मैं हमारे इस महान देश के एक नागरिक के रूप में अभिनेत्री ऋचा चड्ढा के खिलाफ हमारे सुरक्षा बलों का मजाक उड़ाने और अपमान करने के लिए शिकायत दर्ज कराना चाहूँगा। खासकर जिन्होंने गलवान घाटी में हमारे दुश्मनों से लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी।” उन्होंने लिखा है कि ऋचा के खिलाफ जरुरी कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध न करे। सकारात्मक जवाब का इंतजार है।

अशोक पंडित ने जुहू पुलिस स्टेशन में ऋचा चड्ढा की शिकतायत दी (फोटो साभार अशोक पंडित ट्विटर प्रोफाइल)

निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने भी ऋचा पर साधा निशाना

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने भी ऋचा चड्ढा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने एक्ट्रेस के विवादित कमेंट को बॉलीवुड के बायकॉट ट्रेंड से जोड़ा है। उन्होंने ऋचा चड्ढा के वायरल ट्वीट के स्क्रीनशॉट को रिट्वीट किया और लिखा, “इस व्यवहार को देखकर मैं बिल्कुल भी हैरान नहीं हुआ हूँ। वो सच में एंटी-इंडिया फील करते हैं। दिल की बात जुबान पर आ ही जाती है और फिर ये पूछते हैं कि लोग बॉलीवुड बायकॉट क्यों कर रहे हैं।”

ऋचा ने भले ही माफी माँगते हुए अपने नाना और मामा को याद कर लिया हो लेकिन उनकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।

‘जेहादी सर तन से जुदा करेंगे, अल्लाह का आदेश है’: अब बिहार के LNMU के प्रोफेसर को मिली हत्या की धमकी, पत्र में मुस्लिम महिलाओं को गाली देने का आरोप

बिहार (Bihar) के एक प्रोफेसर और उनके परिवार को ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी मिली है। स्पीड पोस्ट से भेजे गए एक पत्र में लिखा था, ‘जेहादी सर तन से जुदा करेंगे, कहीं भी किसी वक्त। यही अल्लाह का आदेश है’। पत्र लिखने वाले ने अपना नाम परवेज आलम बताया है। प्रोफेसर ने इसकी शिकायत पुलिस से की है।

बता दें कि इसके पहले राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, कर्नाटक सहित कई राज्यों में अनेकों लोगों को धमकी मिलने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। ताजा मामला बिहार है। दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में रसायन शास्त्र को विभागाध्यक्ष प्रोफेसर प्रेम मोहन मिश्रा को यह चिट्ठी भेजी गई है।

चिट्ठी में लिखा है कि ‘जेहादी सर तन से जुदा करेंगे। प्रेम मोहन मिश्रा और उसके परिवार का भी यही हश्र होगा। कहीं भी किसी वक्त। यही अल्लाह का आदेश है’। पत्र लिखने वाले परवेज आलम नाम के शख्स ने प्रोफेसर के सामने शर्तें भी रखी हैं। चिट्ठी मिलने के बाद मिश्रा ने बुधवार (23 नवंबर 2022) को विश्वविद्यालय थाने में आवेदन देकर शिकायत की।

पत्र लिखने वाले ने विभाग के ही एक कर्मचारी शशि शेखर झा को हटाने की माँग की है। उसने पत्र में झा पर एक मुस्लिम महिला के साथ गाली-गलौज के साथ बात करने का आरोप लगाया है। पत्र मिलने के बाद प्रोफेसर मिश्रा ने पुलिस से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की माँग की है।

पत्र में शशि शेखर झा पर आरोप लगाते हुए लिखा है, “विभाग के शशि शेखर झा प्रयोग प्रदर्शक को कहीं अन्य विभागीय कॉलेज बेगूसराय, जो कम-से-कम 20 किलोमीटर की दूरी पर हो बदली करा दें। वह गाली देते रहते हैं। आपको पता होगा कि उस समय निर्मल चौधरी रसायन विभाग के हेड थे। तब डेंटल कॉलेज के परीक्षा में चोरी का बहाना बनाकर हम छात्रों से किताब जबरन ले लिया।”

चिट्ठी में आगे लिखा है, “परीक्षा समाप्ति होने पर कहा कि हम किताब नहीं जानते हैं। आप लोग ही किताब ले गए होंगे। इस कारण मारपीट होने पर केके झा के बीच बचाव करने पर मामला शांत हो गया। वह किताब विभाग से पुस्तकालय से चोरी कर ली गई। किताब को 17,000 में बेच दिया गया, जिसे हमलोग फिर खरीद लिए। हमलोग परीक्षा देकर आज डाक्टर बन गए हैं, लेकिन शशि शेखर झा को माफ नहीं करेंगे। इस पाप का फल प्रेम मोहन मिश्रा भोगेंगे।”

प्रोफेसर का कहना है कि यह खत किसी जानकार ने ​ही लिखा है। उन्होंने कहा कि पत्र में कुछ बातें सही हैं, लेकिन ये बहुत पुरानी बातें हैं। तब वे पदस्थापित भी नहीं थे। ऐसे में उन्हें धमकी देना समझ से परे है। पत्र के लिफाफे पर हिंदी में ‘डा. परवेज आलम, किलाघाट’ लिखा हुआ है।

बिकने को तैयार है Bisleri, ₹7000 करोड़ में खरीद सकती है TATA: उद्योगपति रमेश चौहान की बेटी की वजह से आई नौबत

भारत का सबसे लोकप्रिय बोतलबंद पानी ब्रांड बिसलेरी (Bisleri) बिकने वाला है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) बिसलेरी (Bisleri) को 6,000-7,000 करोड़ रुपए में खरीद रहा है। कंपनी के मालिक रमेश चौहान ने इसे बेचने का फैसला किया है। बिसलेरी को खरीदने की दौड़ में सबसे आगे टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) है।

उत्तराधिकारी न मिलने की वजह से बिक रही है कंपनी

ईटी की रिपोर्ट की मानें तो फायदे में चल रही कंपनी को बेचने की बड़ी वजह कंपनी को उत्तराधिकारी का न मिलना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 82 साल के रमेश चौहान अपनी बढ़ती उम्र, खराब स्वास्थ्य व अन्य कई कारणों से बिसलेरी को बेचने का फैसला कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि रमेश चौहान की बेटी जयंती कारोबार में ज्यादा रुचि नहीं ले रही हैं। जयंती बिसलेरी की वाइस चेयरपर्सन हैं। रमेश कुमार चाहते हैं कि बिसलेरी का भविष्य सुरक्षित हाथों में रहे। इकोनॉमिक्स टाइम्स के साथ इंटरव्यू के दौरान रमेश चौहान ने कहा, “जिस कंपनी को मैंने बच्चे की तरह पाला उसे मरने नहीं दे सकता।”

टाटा के वर्क कल्चर से प्रभावित हैं रमेश चौहान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कंपनी को खरीदने के लिए नेस्ले और रिलायंस ( Reliance) जैसी कंपनियाँ भी कतार में थीं लेकिन रमेश चौहान ने अपनी कंपनी टाटा के हाथों में सौंपने का फैसला किया। टाटा के वर्क कल्चर से रमेश प्रभावित हैं। टाटा के हाथों में अपनी कंपनी सौंपने के बारे में उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप मेरे कारोबार की और भी बेहतर तरीके से देखभाल करेगा और आगे बढ़ाएगा।

बिसलेरी का इतिहास

पारले एक्सपोर्ट्स ने वर्ष 1969 में इटली के एक कारोबारी से बिसलेरी को खरीदा था और भारत में मिनरल वाटर बेचना शुरू किया था। रमेश चौहान ने बिसलेरी को भारत का टॉप पैकेज्ड वाटर ब्रांड बना दिया। बिसलेरी ने प्रीमियम नेचुरल मिनरल वाटर ब्रांड वेदिका भी बनाया है। इसके अलावा थम्सअप, गोल्ड स्पॉट, सिट्रा, माजा और लिम्का जैसे कई ब्रांड को बनाने वाले भी चौहान ही हैं। सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड थम्स अप, गोल्ड स्पॉट और लिम्का को 3 दशक पहले ही उन्होंने कोका-कोला को बेच दिया था।

आपको बता दें कि वित्तीय वर्ष 2023 में बिसलेरी का टर्नओवर 25 करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है। कंपनी को करीब 220 करोड़ रुपए लाभ की उम्मीद है।

जामा मस्जिद में अकेली लड़कियों की एंट्री से हटी पाबंदी, LG के हस्तक्षेप के बाद फैसला: शाही इमाम बोले- यह मजहबी जगह है, डेट्स के लिए नहीं

दिल्ली के जामा मस्जिद (Jama Masjid, Delhi) में सिर्फ महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी के बाद भारी आलोचना और फजीहत झेलने के बाद इसके इमाम ने पाबंदी को हटाने पर अपनी सहमति दी है। उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने इस संबंध में बुखारी से बात की थी। बुखारी ने कहा कि अगर महिलाएँ मस्जिद परिसर का सम्मान और पवित्रता बनाए रखेंगी तो पाबंदी हटाया जा सकता है।

सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जामा मस्जिद के इस महिला विरोधी आचरण को देखते हुए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी से बात की और उनसे जामा मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने वाले आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया।

सैयद अहमद बुखारी के अनुसार, लड़कियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय इसके परिसर में कुछ ‘घटनाओं’ की सूचना के बाद लिया गया है। उपराज्यपाल से बात करने के बाद इमाम बुखारी ने आदेश को रद्द करने के लिए अपनी सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं से मस्जिद की पवित्रता बनाए रखने की अपील की है।

बुखारी ने कहा, जामा मस्जिद एक मजहबी स्थल है और इसके लिए लोगों का स्वागत है, लेकिन लड़कियाँ अकेले आ रही हैं और अपनी डेट्स का इंतजार कर रही हैं। यह जगह इसके लिए नहीं है। प्रतिबंध इस पर है।

जामा मस्जिद प्रशासन द्वारा यह पाबंदी लगाने के बाद से ही इसकी आलोचना की जा रही है। भाजपा नेताओं ने इसे महिलाओं के साथ ‘दुर्व्यवहार’ बताया। वहीं, दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने इसकी आलोचना करते हुए पूछा, “क्या यह ईरान है?” इस संबंध में मालीवाल ने मस्जिद प्रशासन को नोटिस भी जारी किया है।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही मस्जिद के तीन प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बोर्ड लगाया गया था, ‘जामा मस्जिद में लड़की या लड़कियों का अकेले दाखला मना है।’ इसमें तारीख आदि का उल्लेख नहीं किया गया है। बुधवार (23 नवंबर 2022) को मामला सामने आया तो बवाल मच गया।

जिस दिन यह मामला सामने आया, उस भारत की यात्रा पर आए ईरान के उप-विदेश मंत्री ने पुलिस हिरासत में मारी गई 22 साल की महसा अमिनी को लेकर बयान दिया था। ईरानी उप-विदेश मंत्री ने कहा था, “महसा अमिनी की हत्या नहीं हुई थी, उनका निधन हो गया। यह कुछ पश्चिमी मीडिया द्वारा बनाया गया माहौल है, जो निराधार और भ्रामक है। इन पश्चिमी शक्तियों द्वारा ईरान के अधिकारों का उल्लंघन किया जाता रहा है।”

‘फॉरेंसिक रिपोर्ट झूठी, रैली में नहीं लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे’: AltNews के प्रतीक सिन्हा ने किया PFI के अब्दुल का बचाव, बोला- मासूम को जेल में डाला

प्रोपेगंडा वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ (Alt News) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अब इसके को-फाउंडर प्रतीक सिन्हा (Pratik Sinha) पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने वालों के बचाव में उतर आए हैं। इससे पहले कंपनी के एक और को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर ने भी रैली में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने वालों को क्लीन चिट दे दी थी। हालाँकि फॉरेंसिक जाँच में उसके दावे झूठे साबित हुए।

दरअसल प्रतिबंधित इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पूर्व जिलाध्यक्ष अब्दुल सलाम को राजस्थान की भीलवाड़ा पुलिस ने एक रैली में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के आरोप में सोमवार (21 नवंबर 2022) को गिरफ्तार किया । इस संबंध में 15 मई को एक वीडियो वायरल होने के बाद मामला दर्ज किया गया था। वीडियो में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे सुने जा सकते हैं। प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘ऑल्ट न्यूज़’ ने कथित तथ्यों की जाँच की बात कही थी और PFI नेता को क्लीन चिट दे दी थी।

जबकि सुभाष नगर थाना प्रभारी नंदलाल रिणवा ने बताया कि शिकायत के बाद वायरल वीडियो को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया था। जाँच में पाया गया कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए थे। इसके अलावा, यह पता चला कि रैली 7 फरवरी, 2021 को नाथूलाल राव के लिए आयोजित की गई थी, जिन्होंने PFI की राजनीतिक शाखा एसडीपीआई के टिकट पर वार्ड 57 से चुनाव जीता था।

मोहम्मद जुबैर ने पहले दावा किया था कि रैली में ‘एसडीपीआई जिंदाबाद’ के नारे लगाए जा रहे हैं न कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के। अब प्रतीक सिन्हा ने वायरल वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट को ‘दोषपूर्ण’ बताया है।

प्रतीक सिन्हा ने बुधवार (23 नवंबर 2022) को आजतक के एंकर सुधीर चौधरी के एक ट्वीट को रीट्वीट कर कहा, ”इस मामले में अगर कोई फॉरेंसिक रिपोर्ट है जो यह दावा करती है कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए थे, वह गलत है। इसमें साफ सुना जा सकता है कि ‘एसडीपीआई जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए थे। एक निर्दोष व्यक्ति को जेल हो रही है और खुद को पत्रकार कहने वाले अन्याय के पक्ष में खड़े हैं।”

एक अन्य ट्वीट में, सिन्हा ने वह वीडियो साझा किया जिसके कारण पीएफआई संचालक की गिरफ्तारी हुई है। वहीं ऑल्ट न्यूज़ के किए गए दावों के विपरीत, वीडियो में ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे स्पष्ट रूप से सुने जा सकते हैं।

ऑल्ट न्यूज और इसके संस्थापकों का पाकिस्तान प्रेम देख सोशल मीडिया यूजर्स ने खूब मजे लिए। एक यूजर ने लिखा लगता है ये दोनों (प्रतीक और जुबैर) देश की सभी जाँच एजेंसियों से ऊपर हैं।

वहीं एक और यूजर ने प्रतीक सिन्हा का मजाक उड़ाते हुए कहा, ”कोई उसे टकला या गंजा कहता है तो वह भी नकली और दोषपूर्ण है, क्योंकि उसके सिर पर काले और सुंदर बाल स्पष्ट दिखाई देते हैं। नहीं तो सभी अपनी आँखों की जाँच कराएँ।”

उल्लेखनीय है कि जुबैर भी मई 2022 में अंसारी के समर्थन में उतर आए थे और ट्वीट कर रैली का बचाव किया था। प्रचार पोर्टल के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर पर समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगे भड़काने के लिए कई मामलों में FIR दर्ज किया गया है।

35 साल की महिला से सेक्स करते मर गया 67 साल का आदमी, रिश्तेदार बुलाए-बैग में डाल फेंकी लाश

कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु (Bengaluru, Karnataka) में पिछले सप्ताह 67 साल के एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। इस मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि सेक्स के दौरान उस व्यक्ति की एपिलेप्टिक अटैक (Epileptic Attack) यानी एक तरह का ब्रेन अटैक आया था। इससे उसकी मौत हो गई। बाद में उसकी गर्लफ्रेंड ने अपने पति के साथ मिलकर उसकी लाश को प्लास्टिक बैग में भरा और सड़क पर फेंक दिया।

दरअसल, 17 नवंबर 2022 को बंगलुरु के जेपी नगर इलाके में एक व्यक्ति का प्लास्टिक के बैग में भरा हुआ शव मिला था। बाद में पुलिस ने जाँच में पाया कि 67 वर्षीय यह व्यक्ति कारोबारी है। उसके कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है।

पुलिस ने बताया कि कारोबारी के कॉल डिटेल और लोकेशन जाँच करने पर वह महिला के घर पर मिला। हालाँकि, पुलिस ने कारोबारी और उसकी गर्लफ्रेंड की पहचान को उजागर नहीं किया है। पुलिस का तर्क है कि मामले की जाँच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि महिला का दावा सही है या नहीं।

जेपी नगर पुलिस का कहना है कि कारोबारी का 35 साल की एक घरेलू महिला के साथ संबंध थे। 16 नवंबर की शाम 5 बजे कारोबारी महिला के घर पहुँचा था। यहाँ दोनों शारीरिक संबंध बनाने लगे। इसी दौरान कारोबारी की मौत हो गई। मौत के बाद महिला घबरा गई। उसने सोचा कि अगर किसी को पता चला तो समाज में उसकी बहुत बदनामी होगी।

पुलिस की पूछताछ में महिला ने बताया कि कारोबारी की मौत से वह बेहद डर गई थी और उसने अपने पति और भाई को फोन करके बुलाया। इन लोगों ने शव को प्लास्टिक के एक बैग में डाला और जेपी नगर के एक सुनसान इलाके में ले जाकर फेंक दिया। उधर, कारोबारी के घर नहीं पहुँचने पर परिजन परेशान हो गए।

पुलिस ने बताया कि कारोबारी अपने घरवालों से बहू के घर जाने की बात कहकर निकला था। परिजनों ने बताया कि जब कारोबारी काफी समय तक घर नहीं लौटा तो परिवार वालों ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। परिजनों का यह भी कहना है कि कारोबारी कई तरह की बीमारियों से पीड़ित था और अगस्त में उसका एंजियोग्राम हुआ था।

इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 176 (लोक सेवक को जानकारी देने के लिए कानूनी रूप से बाध्यता में चूक), 201 (अपराध के सबूतों को गायब करना, या झूठी जानकारी देना) और 202 (सूचित करने के लिए बाध्य व्यक्ति द्वारा अपराध की जानकारी देने में जानबूझकर चूक) के तहत मामला दर्ज किया है।

सिलेबस NCERT वाला, ड्रेस मॉडर्न स्कूल जैसी: उत्तराखंड के 103 मदरसों में बदलेगा तालीम का ढंग, हर धर्म के बच्चे ले सकेंगे शिक्षा

उत्तराखंड में मदरसों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला किया है। वक्फ बोर्ड के तहत आने वाले मदरसों में अगले शिक्षा सत्र से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम और ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने जानकारी दी है कि बोर्ड के दायरे में आने वाले सभी 103 मदरसों को मॉडर्न बनाया जाएगा। मदरसों में ड्रेस कोड और एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि पहले चरण में 7 मदरसों को मॉडर्न बनाया जा रहा है। इसमें देहरादून, उधमसिंह नगर और हरिद्वार के दो-दो मदरसों एवं नैनीताल जिले के एक मदरसे को मॉडर्न स्कूल की तर्ज पर चलाने के लिए चुना गया है। इसके बाद इस व्यवस्था को अन्य मदरसों पर भी लागू कर दिया जाएगा।

सभी धर्म के बच्चों का होगा दाखिला

खास बात यह होगी कि इन मदरसों में सभी धर्म के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। मदरसों में सुबह 6:30 से 7:30 बजे तक कुरान की तालीम दी जाएगी। इसके बाद सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मदरसे सामान्य स्कूल की तरह चलेंगे, जबकि दो बजे के बाद फिर मदरसे के रूप में चलने लगेंगे। मदरसों को लेकर एक बड़ा फैसला यह भी हुआ है कि मदरसों को मदरसा बोर्ड से नहीं बल्कि उत्तराखंड बोर्ड से पंजीकृत किया जाएगा।

मदरसों में स्मार्ट क्लास

मदरसों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तरह संचालित किया जाएगा। मदरसों में स्मार्ट क्लास होगी ताकि इनसे पढ़कर निकलने वाले बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बन सकें। जिन मदरसों में क़ुरान पढ़ाया जाता है, वहाँ अब आधुनिक शिक्षा दी जाएगी।

मदरसों के सर्वे कराए जाने के बाद से ही राज्य सरकार मदरसों के आधुनिकीकरण को लेकर लगातार कोशिशें कर रही है। फ़िलहाल यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि मदरसों में ड्रेस कोड किस तरह का होगा, उसका कैसा रंग होगा? हालाँकि अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं आया है। बोर्ड अभी इन पर विचार कर रहा है।

गुजरात में जब्त हुआ ‘कॉन्ग्रेस’ का ₹75 लाख कैश, CCTV में नेता भागते दिखे: पार्टी ने नकारा, फैज मोहम्मद समेत 2 गिरफ्तार

गुजरात में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सूरत में 75 लाख रुपए नकद जब्त किए गए। जिस स्थान पर यह कैश पकड़ा गया वहाँ का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें एक शख्स पीछे देखते हुए भागता नज़र आ रहा है। दावा है कि फुटेज में भागता हुआ शख्स कोई और नहीं, बल्कि कॉन्ग्रेस नेता बीएम संदीप हैं।

दरअसल, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस, चुनाव अधिकारी और स्टेटिक सर्विलांस की टीम लगातार वाहनों की चेकिंग कर रही हैं। इस दौरान सूरत के महिधरपुरा इलाके में एक इनोवा कार से 75 लाख रुपए बरामद हुए। पुलिस ने वाहन में सवार उदय गुर्जर और फैज़ मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया लेकिन एक शख्स भाग निकला, उसी शख्स को लेकर दावा है कि वो खुद बीएम संदीप थे।

पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। बताया यह भी जा रहा है कि जब्त कार से बीएम संदीप का आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। पुलिस गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है। सूरत पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जाँच को आगे बढ़ाने की बात कह रही है।

कौन हैं बीएम संदीप?

बीएम संदीप कॉन्ग्रेस पार्टी के बड़े नेता हैं। ट्विटर पर लिखे उनके बायो के मुताबिक बीएम संदीप पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के साथ-साथ गुजरात के सह-प्रभारी भी हैं। बताया जाता है कि वह सूरत इलाके में काफी एक्टिव हैं। बीएम संदीप ने ट्विटर पर सोनिया गाँधी के साथ तस्वीर भी लगाई हुई है। उधर गिरफ्तार शख्स उदय गुर्जर का कनेक्शन राजस्थान कॉन्ग्रेस से सामने आ रहा है। उसकी राजस्थान के सीएम के साथ ली गई फोटो भी सामने आई है। इस फोटो को खुद उदय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।

कॉन्ग्रेस नेता बीएम संदीप के ट्विटर प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट

कॉन्ग्रेस पर हमलावर भाजपा

पूरे मामले को लेकर सूरत कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता नैसद देसाई का बयान सामने आया है। देसाई ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे शख्स के संदीप होने से इनकार कर दिया है। उधर भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर कॉन्ग्रेस पर आक्रमक हो गई है।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने वीडियो को ट्वीट करते हुए चुटकी ली। उन्होंने लिखा, “सूरत के महिधारपुर में कॉन्ग्रेस नेशनल सेक्रेटरी बीएम संदीप 75 लाख रुपए वसूलने पहुँचे लेकिन पुलिस को देखते ही भाग खड़े हुए। मामला सीसीटीवी में कैद हो गया है।”

राजस्थान कॉन्ग्रेस में अब आर-पार की लड़ाई: CM गहलोत बोले- गद्दार हैं पायलट, भारत जोड़ो यात्रा में दिखी राहुल-सचिन-प्रियंका की तिकड़ी

राजस्थान में कॉन्ग्रेस (Rajasthan Congress) के दो गुटों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने मुख्यमंत्री पद का सपना सजाने वाले पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) को गद्दार बताया है। उन्होंने कहा कि एक गद्दार कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकता।

सीएम गहलोत ने कहा, “एक गद्दार मुख्यमंत्री नहीं हो सकता। हाईकमान सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बना सकता। वे ऐसे आदमी हैं, जिनके पास 10 विधायक नहीं हैं। उन्होंने बगावत की। उन्होंने पार्टी को धोखा दिया। वह गद्दार हैं। गद्दार को कोई विधायक स्वीकार नहीं करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “देश के इतिहास में पहली बार हुआ होगा कि एक पार्टी अध्यक्ष ने अपनी ही सरकार को गिराने की कोशिश की। इसके लिए बीजेपी की तरफ से पैसा दिया गया था। बीजेपी के दिल्ली दफ्तर से 10 करोड़ रुपए आए थे। इसका मेरे पास सबूत है। इन पैसों में से किसे कितना दिया गया, ये मुझे नहीं पता।” 

दोनों के बीच तल्खी बुधवार (23 नवंबर 2022) को पार्टी की बैठक में भी दिखी। दरअसल, राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ राजस्थान में आने वाली है। इसकी तैयारियों को लेकर एक बुलाई गई थी। इस बैठक में सीएम गहलोत और पायलट दूर-दूर बैठे। इस दौरान दोनों नेताओं ने बात भी नहीं की। वहीं, बैठक खत्म होने से पहले ही सचिन पायलट वहाँ से चले गए।

बता दें कि मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए सीएम गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष पद की कुर्सी ठुकरा दी। सीएम गहलोत को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर सीएम की कुर्सी सचिन पायलट को सौंपने के लिए कहा गया था। हालाँकि, उन्होंने ऐसी बिसात बैठाई कि पायलट की यह कोशिश नाकाम हो गई।

उसके बाद से दोनों गुटों के बीच आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के हालात को देखते हुए पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी नेताओं को सलाह दी थी कि अन्य नेताओं के खिलाफ या पार्टी के आंतरिक मामलों के बारे में वे सार्वजनिक बयानबाजी करने से बचें। हालाँकि, राजस्थान कॉन्ग्रेस में इस सलाह का असर नहीं दिख रहा है।

सचिन पायलट द्वारा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ विद्रोह करने के बाद साल 2020 में उन्होंने पायलट को ‘निकम्मा’ और ‘नकारा’ कहा था। उस दौरान पायलट के साथ 18 अन्य विधायकों का भी साथ मिला था। इसके बाद सीएम गहलोत ने पायलट को उप-मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटा दिया था।

दोनों नेताओं के बीच आंतरिक कलह साल 2018 में पहली बार सामने आई थी। उस दौरान राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले थे और दोनों गुट प्रत्याशियों के चयन में हस्तक्षेप करते हुए अपने लोगों को टिकट दिलवाना चाहते थे। इसके बाद पार्टी की जीत हुई तो मुख्यमंत्री पद को लेकर भी दोनों का मनमुटाव सामने आया।

जब पार्टी ने अशोक गहलोत को प्रदेश का मुख्यमंत्री और सचिन पायलट को उप-मुख्यमंत्री बनाया तो यह कलह थमने के बजाय और उग्र हो गया। दोनों नेता अपने-अपने मंत्रियों के पोर्टफोलियो बँटवारे को लेकर आमने-सामने आ गए। इसके बाद पायलट 18 विधायकों के साथ सीएम गहलोत के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि उन्हें उप-मुख्यमंत्री का अपना पद गँवाना पड़ा।

दोनों गुट के नेता एक-दूसरे पर गद्दार, रजिस्टर्ड दलाल, चरित्रहीन जैसे आरोप लगा रहे हैं। उधर सचिन पायलट कुर्सी के लिए राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी से लगातार सिफारिश लगा रहे हैं। सचिन पायलट राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भी शामिल हुए। राहुल गाँधी के साथ प्रियंका गाँधी भी इस यात्रा में शामिल रहीं।

भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए सचिन पायलट ने एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, “भारत जोड़ो यात्रा का आज एक नया दिन परंतु देश जोड़ने का संकल्प व जोश वही। मध्य प्रदेश के बोरगांव से आज आरंभ हुई भारत जोड़ो यात्रा में सम्मिलित हुआ। राहुल गाँधी जी और प्रियंका गाँधी जीके साथ उठता हर कदम एक सकारात्मक परिवर्तन की ओर इशारा करता है।”