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‘यहाँ आकर गंदी हरकतें करती हैं, लड़कों को टाइम देती हैं’: जामा मस्जिद में अकेली लड़कियों की नो एंट्री, क्या अब कोई आरफा अकेली नहीं खिंचवा सकती तस्वीर

जामा मस्जिद में लड़कियों की एंट्री बैन करने को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है। हाल में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा है कि वो मस्जिद के इमाम को नोटिस भेजेंगीं। वहीं जामा मस्जिद के जनसंपर्क अधिकारी सबीउल्लाह खान की भी इस संबंध में सफाई आई है।  

सबीउल्लाह ने मीडिया से बातचीत में बताया, “महिलाओं पर रोक नहीं लगाई गई है। जो अकेली लड़कियाँ यहाँ आती हैं, लड़कों को टाइम देती हैं, यहाँ आकर वीडियोज बनाई जाती हैं, केवल उस चीज को रोकने के लिए इस पर पाबंदी लगाई गई है।”

अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा, “अगर आप देखेंगे तो अभी भी चारों तरह महिलाएँ मौजूद हैं। परिवार के साथ आएँगी तो कोई दिक्कत नहीं। शादीशुदा जोड़े आएँगे तो भी कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन इस तरह यहाँ अकेले आना, इसे मीटिंग प्वाइंट बनाना, इसे पार्क समझ लेना, टिकटॉक वीडियो बनाना, डांस करना, किसी भी धर्मस्थल के लिए मुनासिब नहीं है। चाहे वो मंदिर हो, मस्जिद हो या गुरुद्वारा हो। किसी भी धर्मस्थल का प्रोटोकॉल रखना बहुत जरूरी है। हमारा पाबंदी लगाने का सिर्फ यही मकसद है कि मस्जिद इबादत के लिए है और उसका इस्तेमाल सिर्फ इबादत के लिए किया जाए। “

वीडियो में वह आगे कहते हैं, “अगर कोई यहाँ इबादत करना चाहे तो प्लीज आएँ। उसमें किसी तरह की पाबंदी नहीं है। बस यही कहना है कि मस्जिद का इस्तेमाल मस्जिद की तरह हो।”

जामा मस्जिद में अकेली लड़कियों की एंट्री पर बैन

उल्लेखनीय है कि इससे पहले खबर आई थी कि राजधानी दिल्ली में स्थित जामा मस्जिद में लड़कियों के अकेले प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है और यह फरमान मस्जिद प्रशासन की तरफ से जारी हुआ है। इस आदेश की एक प्लेट बाकायदा मस्जिद की दीवार पर भी देखी गई थी। विश्व हिन्दू परिषद प्रवक्ता ने मस्जिद प्रशासन के इस निर्णय की आलोचना की थी। वहीं मस्जिद प्रशासन ने अपने फैसले को सही ठहराया था। कई मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं ने भी इस फैसले का विरोध किया था।।

आरफा खानम को कट्टरपंथियों ने किया था गलत साबित

मस्जिद में महिलाओं की एंट्री को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। अप्रैल 2022 में भी मस्जिद में महिलाओं की एंट्री का मुद्दा उठा था। हालाँकि तब द वायर की पत्रकार आरफा खानम शेरवानी सामने आईं और तस्वीरें साझा करते हुए संघ पर निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया कि महिलाएँ मस्जिद के अंदर जा सकती हैं जिसके बाद कट्टरपंथी ही उनके विरोध में आ गए और उनपर बेहयाई फैलाने का आरोप लगाया।

ऋचा चड्ढा ने भारतीय सेना के अपमान पर माँगी माफी, थू-थू होने के बाद नाना के पैर में लगी गोली का दिया वास्ता

बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा (Bollywood Actress Richa Chadha) अपनी एक्टिंग से ज्यादा बयानों की वजह से चर्चा में रहती हैं। इस बार उन्होंने भारतीय सेना पर आपत्तिजनक ट्वीट करके तूफान खड़ा कर दिया है। उनके बयान की हर तरफ आलोचना हो रही है और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की माँग की जा रही है। हालाँकि, अभिनेत्री ने ट्वीट डिलीट कर माफी माँग ली है।

दरअसल, भारतीय सेना के उत्तरी कमान के कमांडिंग-इन-चीफ उपेन्द्र द्विवेदी ने एक बयान में कहा था कि अगर सरकार आदेश जारी करती है तो सेना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को वापस लेने के लिए तैयार है। इस बयान को ‘बाबा बनारस’ नाम के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया था।

इसी ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋचा ने बुधवार (23 नवंबर 2022) को भारतीय सेना का मजाक उड़ाया और ताना मारते हुए कहा कि गलवान हाय (Galwan says hi) बोल रहा है। हालाँकि, अब माफी माँगते हुए ऋचा ने ट्वीट डिलीट कर दिया है, लेकिन हम उस ट्वीट का स्क्रीनशॉट अपने पाठकों के साथ साझा कर रहे हैं।

ऋचा चड्ढा द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से माफी माँगते हुए ऋचा ने कहा कि यह अनजाने में हुआ था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक भावनात्मक मुद्दा है। उन्होंने कहा, “मेरी मंशा कभी भी किसी को अपमानित करने की नहीं थी। मुझे मेरे कहे तीन शब्दों के कारण विवाद में घसीटा गया। जाने-अनजाने में मेरे द्वारा कहे गए शब्दों से अगर मेरे फौजी भाइयों की भावनाएँ आहत हुई हों तो मैं माफी माँगती हूँ।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं यह भी कहना चाहती हूँ कि फौज में मेरे नानाजी लेफ्टिनेंट कर्नल रहे हैं और 1960 के दशक में उनके पैर में गोली लगी थी। मेरे मामाजी ParaTrooper थे। देशभक्ति मेरे खून में है। देश को बचाने के दौरान जब एक बेटा शहीद हो जाता है तो परिवार बुरी तरह प्रभावित होता है। अगर कोई फौजी घायल होता है तो भी कैसा प्रभाव पड़ता है, यह मैं अच्छी तरह जानती हूँ। मेरे लिए भी यह एक भावनात्मक मुद्दा है।”

भाजपा नेता मनजिंदर सिंह ने ऋचा चड्ढा के ट्वीट को ‘आपत्तिजनक’ और ‘अपमानित’ करने वाला बताया। मनजिंदर सिंह ने इसे तुरंत डिलीट करने की माँग की थी। इसके साथ ही एक वीडियो शेयर कर उन्होंने ऋचा चड्ढा को ‘थर्ड ग्रेड एक्ट्रेस’ बताते हुए मुंबई पुलिस से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग की।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने विवादित ट्वीट के चलते उनकी गिरफ्तारी की माँग की थी।

उल्लेखनीय है कि जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की चीनी फौजियों के साथ झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिक बलिदान हो गए थे। घंटों चली झड़प में बड़ी संख्या में चीनी सैनिक भी मारे गए थे। हालाँकि, चीन ने आधिकारिक तौर पर अपने मृत सैनिकों की सही संख्या का खुलासा कभी नहीं किया।

गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच लद्दाख में एक तनावपूर्ण युद्धविराम हुआ था। हालाँकि, दोनों देशों ने क्षेत्र में LAC के पास अपनी तरफ करीब 60,000 सैनिक और उन्नत हथियार तैनात कर दिए थे। तब से आज तक चीन के साथ संबंधों में कड़वाहट घुली हुई है।

ऋचा चड्ढा को उस घटना का मजाक उड़ाते देखना बेहद हास्यास्पद है। उन्हें संभवतः यह भी मालूम नहीं होगा कि भारतीय सैनिकों ने बिना किसी हथियार के चीनी सेना से बहादुरी से लड़ाई लड़ी और उन्हें पीछे धकेलने में कामयाबी हासिल की।

बता दें कि अभिनेत्री ऋचा चड्ढा पिछले महीने यानी अक्टूबर 2022 में ही अभिनेता अली फजल से लखनऊ में निकाह किया था। अली फजल ने सोशल मीडिया पर अपनी निकाह की तस्वीरें साझा करते हुए शायरी पोस्ट की थी।

NBT की प्रेम वाली पत्रकारिता: बेटी प्रतिभा को बचाने वाली माँ हुई ‘नफरती’, भगोड़े शादीशुदा नदीम सैफी पर पूरा प्यार लुटाया

श्रद्धा वाकर की निर्मम हत्या ने लव जिहाद के खतरों को चर्चा में ला दिया है। इससे भन्नाई भारत की मेन स्ट्रीम मीडिया भारतीय समाज को प्रेम विरोधी साबित करने पर तुली है। इसके लिए उसने उस माँ को भी ‘नफरती’ करार दिया है, जिसने अपनी बेटी को एक ऐसे व्यक्ति से बचाया जो पहले से शादीशुदा था, जो बाद में देश छोड़कर भाग गया।

यह माँ है- माला सिन्हा। जिस बेटी का प्यार कथित तौर पर उनकी नफरत की आग में जला, उसका नाम है- प्रतिभा सिन्हा। उन्होंने कथित तौर पर जिससे अपनी बेटी को प्यार करने से रोका उसका नाम है- नदीम सैफी। सारे बॉलीवुड से जुड़े हुए नाम हैं। माला सिन्हा गुजरे जमाने की नामचीन अभिनेत्री हैं। प्रतिभा भी फिल्म इंडस्ट्री में हाथ आजमा चुकी हैं। वहीं नदीम कभी श्रवण के साथ जोड़ी बनाकर संगीत दिया करते थे।

प्रतिभा और नदीम की कथित लव स्टोरी टाइम्स ग्रुप की वेबसाइट ‘नवभारत टाइम्स ऑनलाइन’ पर ट्यूजडे तड़का नामक सीरीज में प्रकाशित हुई है। 22 नवंबर 2022 को यह स्टोरी पब्लिश की गई है। इसे जैसमीन नाम के किसी पत्रकार ने संपादित किया है। एनबीटी का एजेंडा इस आर्टिकल की हेडलाइन से ही शुरू हो जाता है। हेडलाइन है- माला सिन्हा की नफरत की ‘आग’ में झुलस गया बेटी प्रतिभा और नदीम का प्यार, खूब हुई थी छीछालेदर

एनबीटी में प्रकाशित रिपोर्ट

इस आर्टिकल में म्यूजिक डायरेक्टर नदीम सैफी को नायक की तरह दिखाने की कोशिश हुई, जबकि माला सिन्हा को प्यार का दुश्मन बताने की कोशिश की गई है। रिपोर्ट में लिखा गया है, “म्यूजिक डायरेक्टर नदीम सैफी के साथ बेटी प्रतिभा सिन्हा का रिश्ता माला सिन्हा को पसंद नहीं था। उन्होंने दोनों को अलग करने के लिए हर संभव तरीका अपनाया।” इस आर्टिकल में कहा गया है कि शादीशुदा होने के बाद भी नदीम, प्रतिभा के चार्म से बच नहीं सके। वे अपनी बीबी को तलाक तक देने को तैयार थे। आर्टिकल में नदीम को सपनों का राजकुमार भी बना दिया गया है, जबकि इसी आर्टिकल के आखिर में नदीम के साथ किसी रिश्ते से प्रतिभा इनकार कर रही हैं।

इस आर्टिकल को पढ़ने से प्रतीत होता है कि यह नदीम के दृष्टिकोण से लिखा गया है। एक विशेष एजेंडे के साथ परोसा गया है। यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि मजहब विशेष के लोग प्रेम के मसीहा हैं, पर ये हिंदू हैं कि वे प्यार के दुश्मन बने बैठे हैं।

प्रतिभा के इनकार के बावजूद यदि मान लिया जाए कि नदीम से उनकी करीबी थी तो क्या एक माँ को अपनी बेटी को इस मामले में सलाह देने का हक नहीं है? कोई माँ क्यों चाहेगी कि उसकी बेटी किसी शादीशुदा मर्द के साथ इश्क लड़ाए? वह क्यों चाहेगी कि उसकी बेटी के कारण किसी का बसा-बसाया घर उजड़ जाए? रिपोर्ट में इस बात का जिक्र तक नहीं है कि नदीम भारत छोड़कर भाग चुका है। गुलशन कुमार की हत्या में उसका नाम आया था। उस पर अंडरवर्ल्ड से साँठगाँठ के आरोप रहे हैं।

एनबीटी के विद्वान संपादकों को बताना चाहिए कि उन्होंने प्यार की वह कौन सी परिभाषा गढ़ी है, जिसमें अपनी बेटी की जिंदगी बचाने वाली माँ नफरती हो जाती है। खासकर तब जब परिवार को ठुकरा करने आफताब को चुनने वाली श्रद्धा के हश्र से पूरा देश सन्न है।

राम के लिए हिंदू बनी मुस्कान खातून, मंदिर में की शादी: कहा- परिवार वाले जान से मारने की दे रहे धमकी

झारखंड (Jharkhand) की मुस्कान खातून ने सनातन धर्म अपनाकर पूरे रीति-रिवाज के साथ राम नाम के एक हिन्दू से शादी कर ली है। यह शादी सोशल मीडिया पर छाई हुई है। मुस्कान ने कहा है कि उसे सनातन धर्म पसंद है और हिन्दू धर्म अपना कर वह काफी खुश हैं। वह अपने पति के साथ सनातन धर्म के रास्ते पर अपना जीवन गुजारेंगी।

मुस्कान को मिल रही है जान से मारने की धमकी

राम और मुस्कान दोनों झारखंड के गोड्डा में रहते हैं। राम गोड्डा के मेहरमा में रहकर पढ़ाई करते थे। उसी मोहल्ले में बिहार के भागलपुर की मुस्कान अपनी ननिहाल है, जहाँ रहकर वह भी पढ़ाई करती थी। एक साल पहले दोनों के बीच दोस्ती हुई और जो प्यार में बदल गई। हालाँकि, मुस्कान के घर वाले इस रिश्ते से खुश नहीं थे, लेकिन मुस्कान हर हाल में राम से विवाह करना चाहती थी।

घरवालों के विरोध को देखते हुए दोनों 17 अक्टूबर 2022 को कोर्ट मैरिज करने गोड्डा पहुँच गए। इसकी भनक मुस्कान के घरवालों को लग गई और वे कोर्ट परिसर में पहुँचकर लड़की के साथ मारपीट करने लगे। इस बीच पुलिस ने बीच-बचाव किया और लड़की को सुरक्षा दी। मुस्कान ने कोर्ट में अपना बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से राम के साथ आई है और शादी कर रही है। मुस्कान ने कोर्ट में अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की माँग की।

हर-हर महादेव के नारों के बीच विवाह

कोर्ट में बयान देने के बाद लड़की को पुलिस की तरफ से सुरक्षा प्रदान की गई। इसके बाद दोनों भागलपुर पहुँचे। भागलपुर के पीरपैंती स्थित मीनाक्षी मंदिर में ग्रामीणों की उपस्थिति में मुस्कान ने सनातन धर्म अपनाते हुए राम कुमार मण्डल के साथ शादी कर ली।

वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के नारों के बीच विवाह संपन्न कराया गया। इस बीच ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक विवाह के गीत भी गाए। लड़के के परिजनों ने दोनों को स्वीकार कर लिया है। इस शादी को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सोशल मीडिया पर भी इस शादी की खूब चर्चा है और लोग इस जोड़े को वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ दे रहे हैं।

‘शैतान की पूजा करती हैं प्रियंका चोपड़ा, इससे ही मिली सफलता’: देसी गर्ल ने बताई हकीकत, कहा- शिव जी मुझसे नाराज हो जाएँगे

बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में से एक प्रियंका चोपड़ा पर शैतान की पूजा करने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों पर उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान प्रतिक्रिया दी। प्रियंका चोपड़ा ने बीयरबाइसेप्स नाम के यूट्यूब चैनल पर होस्ट रणवीर अल्लाहबाड़िया से बात करते हुए इस सवाल को बेहद डरावना बताया। उन्होंने कहा कि अगर वो ऐसा करेंगी तो उनके शिव जी उनसे नाराज हो जाएँगे।

दरअसल, इंटरव्यू के 19 मिनट 9 सेकेंड पर प्रियंका चोपड़ा के भविष्य और आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात हो रही थी। इस पर होस्ट ने उनसे कहा कि उनका (प्रियंका चोपड़ा का) फ्यूचर बहुत उज्जवल है क्योंकि ऐसी कॉन्सपिरेसी थ्योरी हैं जो कहती है कि प्रियंका ने अपने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए शैतान के साथ डील की। इस पर प्रियंका जोर-जोर से हँसीं और बोलीं कि ये बहुत ज्यादा डराने वाला है। शिव जी उनसे बहुत नाराज हो जाएँगे।

बता दें कि प्रियंका चोपड़ा की सफलता के पीछे कई लोगों का मानना रहा है कि उन्होंने शैतान की पूजा करके सारी सफलताएँ पाईं। हालाँकि ये मुद्दा उठने पर भी प्रियंका ने इस मामले पर कुछ नहीं बताया कि उन्हें सफलता कैसे मिली। उन्होंने कहा कि उनके फिल्मी करियर को रफ्तार मिस वर्ल्ड बनने के बाद मिली।

उनके मुताबिक, इस जीत ने उनको कई अवसर दिए। लोग उन्हें जानने के लिए उत्सुक रहते थे। उनके पास लगातार फिल्में आ रही थीं, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि फिल्में साइन कैसे होती हैं। इस इंटरव्यू के दौरान प्रियंका चोपड़ा ने अपने माता-पिता का आभार व्यक्त किया कि उन्हें उनका साथ हर कदम पर मिला।

उल्लेखनीय है कि प्रियंका चोपड़ा ने मिस वर्ल्ड साल 2000 में जीता था। इसके बाद वो सनी देओल के साथ हीरो: लव स्टोरी ऑफ स्पाई में नजर आईं। धीरे-धीरे उनके पास फिल्मों की भरमार लग गई और उन्होंने बॉलीवुड से हॉलीवुड में अपना जलवा बिखेरा। इंस्टाग्राम पर अकेले उनके 83.6 मिलियन फॉलोवर हैं।

बाजवा के खास जनरल मुनीर होंगे पाकिस्तान के अगले सेना प्रमुख: इमरान की पत्नी बुशरा बीबी के भ्रष्टाचार का किया था खुलासा, PM शरीफ की पार्टी बोली- यही PTI नेता को सीधा करेंगे

लेफ्टिनेंट जनरल सैयद असीम मुनीर (Lt. General Syed Asim Munir) को पाकिस्तान को अगल सेना प्रमुख चुना गया है। बता दें कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा (Pak Army Chief Qamar Javed Bajwa) की 29 नवंबर 2022 को रिटायर हो रहे हैं।

मुनीर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ (Pakistan PM Muhammad Shahbaz Sharif) ने बाजवा के सहयोग से चुना है। मुनीर को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Ex-PM Imran Khan) का कट्टर विरोधी माना जाता है।

शहबाज शरीफ सेना प्रमुख के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को चुनने के अलावा लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्जा (Sahir Shamshad Mirza) को ज्‍वॉइन्‍ट चीफ्स ऑफ स्‍टाफ कमिटी (CJCSC) के तौर पर नियुक्‍त किया है। वह वर्तमान CJCSC जनरल नदीम रजा की जगह लेंगे।

पाकिस्तान में ज्वॉइन्‍ट चीफ्स ऑफ स्‍टाफ कमिटी एक अंतर-सेवा फोरम के रूप में काम करता है, जो तीनों सशस्त्र बलों के बीच समन्वय का कार्य करता है। CJCSC प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण (NCA) के प्रमुख सैन्य सलाहकार के रूप में भी काम करता है।

इस संबंध में पाकिस्तान की सूचना मंत्री ने जानकारी दी है। पाकिस्तान की सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी मौजूदा संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को सेना प्रमुख के तौर पर चुना है। मरियम ने कहा कि राष्‍ट्रपति आरिफ अल्‍वी (Arif Alvi) को इस बारे में जानकारी देते हुए संबंधित विवरण भेज दिया गया है।

बाजवा के खास हैं मुनीर

बता दें कि बाजवा अगस्त 2019 में ही सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने रिटायर होने से तीन महीना पहले उनके कार्यकाल को तीन साल के लिए बढ़ा दिया। इसके बाद उनकी एक और सेवा विस्तार को लेकर अटकलें लगती रही और कहा जाता है कि इमरान खान इसके लिए तैयार नहीं हुए। यही मुद्दा उन दोनों के बीच खटास का कारण बना। हालाँकि, बाजवा में बाद में कहा था कि वे आगे सेवा विस्तार नहीं लेंगे।

वहीं, नवनियुक्त सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट मुनीर की अगर बात करें तो वे सितंबर 2022 में ही रिटायर होने वाले थे, लेकिन उनका कार्यकाल बढ़ाकर 27 नवंबर 2022 तक किया गया था। अब 61 वर्षीय मुनीर सेना प्रमुख के रूप में अगले तीन साल तक काम करेंगे। मुनीर को जनरल बाजवा का खास माना जाता है।

इमरान खान की बीवी का मुनीर ने किया था खुलासा

अक्‍टूबर 2018 में मुनीर को बाजवा की सिफारिश के बाद कुख्यात इंटेलीजेंस एजेंसी ISI का चीफ बनाया गया था। हालाँकि, सिर्फ 8 महीने बाद ही उन्‍हें पद से हटा दिया गया था। दरअसल, मुनीर ने इमरान खान की बीवी बुशरा बीबी (Bushra BiBi) से जुड़े भ्रष्‍टाचार का खुलासा किया था। इसके बाद इमरान खान ने मुनीर को हटा दिया था।

ISI के डीजी रहने के दौरान मुनीर ने इमरान खान से कहा था कि पंजाब प्रांत के अंदर हालात बेहद खराब हैं। अगर वहाँ नेतृत्व परिवर्तन नहीं किया गया तो सेना और सरकार के लिए परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं। मुनीर ने यहाँ तक इमरान खान से कह दिया था कि पंजाब में जो हालात हैं, उनकी वजह से सेना का नाम खराब हो रहा है, क्‍योंकि सेना इमरान खान के साथ है।

इमरान से मुनीर का छत्तीस का आंकड़ा

उधर सत्ताधारी पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) का कहना है कि मुनीर सेना प्रमुख के लिए सबसे उपयुक्‍त हैं और वही पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सही जवाब दे सकते हैं। अब सारी निगाहें राष्ट्रपति अल्वी पर टिकी हैं, कि वे एक मुल्क के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री की अनुशंसा का स्वीकार करते हैं या अपनी पार्टी के प्रमुख इमरान खान से इस मामले में सलाह-मशविरा कर अड़ंगा लगाएँगे।

इधर, PTI के प्रमुख और सेना द्वारा प्रधानमंत्री पद से हटाए गए इमरान खान ने इस नियुक्ति को लेकर कहा, “राष्ट्रपति अल्वी सेना प्रमुख की नियुक्ति के मामले पर निश्चित रूप से मुझसे परामर्श करेंगे और कानून और संविधान के अनुसार निर्णय लेंगे। मैं उस पार्टी का मुखिया हूँ, जिससे डॉ. अल्वी हैं।”

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री की सलाह का समर्थन करना चाहिए, ताकि विवाद पैदा न हो। उन्होंने कहा, “यह हमारे देश और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में भी मदद करेगा। फिलहाल सब कुछ ठप है।”

आगरा से गायब हुआ बच्चा मथुरा में मिला: चौकीदार बनकर आया वृंदावन को मोहसिन और अगवा कर ले गया, ‘बहन’ के घर में छिपाकर रखा था

उत्तर प्रदेश के आगरा से 22 नवम्बर 2022 को गायब हुआ ढाई साल का बच्चा मथुरा से बरामद हुआ है। इस मामले में पुलिस ने वृंदावन के मोहसिन उस्मानी को गिरफ्तार किया। बच्चा को अगवा कर वही मथुरा ले गया था। उसने एक महिला के घर में बच्चे को छिपा रखा था। इस महिला को वह अपनी ‘बहन’ बता रहा था।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि कहीं ये लोग किसी गैंग से तो जुड़े हुए नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक आगरा के शाहगंज इलाके में जय प्रकाश अपनी पत्नी और 2 बच्चों के साथ रहते हैं। यहाँ उनकी किराने की दुकान है। घटना के दिन उनका पुत्र मयंक घर के बाहर से खेलते हुए गायब हो गया। आसपड़ोस के लोगों से बच्चे के बारे में पूछा। इसी दौरान एक दुकानदार ने बताया कि एक व्यक्ति चॉकलेट दिलाकर बच्चे को अपने साथ ले जा रहा था। परिजनों ने घटनास्थल के CCTV फुटेज खँगाले तो उन्हें एक व्यक्ति बच्चे को ई रिक्शा में ले जाता दिखाई दिया। उसने लाल शर्ट पहन रखी थी और सिर पर गमछा बाँध रखा था।

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू की। ई रिक्शा जिस रास्ते से गुजरा वह स्टेशन की तरफ जाता था। इसलिए उस जगह को खास तौर पर खँगाला गया। पुलिस ने बच्चे की तस्वीरों को सोशल मीडिया के साथ आसपैस के थानों को सर्कुलेट कर दिया था। बच्चे को खोजती पुलिस वृन्दावन पहुँच गई। यहाँ से मोहसिन को गिरफ्तार किया। मोहसिन ने बच्चे को अपनी ‘बहन’ के पास मथुरा में रखने की जानकारी दी। पुलिस ने इस घर घर पर छापा मारकर बच्चे को बरामद कर लिया।

मोहसिन जिस महिला को बहन बता रहा था, उसने बताया कि मोहसिन कुछ दिनों पहले तक उसका पड़ोसी था। किराए पर रहता था। मोहसिन ने मयंक को अपना बच्चा बताकर उसके पास छोड़ा था। यह भी बताया जा रहा है कि आगरा के जिस इलाके से बच्चे को अगवा किया गया, वहाँ मोहसिन चौकीदार बन कर आया था।

बच्चे को अगवा किए जाने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं है। मोहसिन ने शुरुआती पूछताछ में कहा है कि बच्चा उसे अच्छा लग गया था। लेकिन पुलिस को इस रैकेट में अन्य लोगों के भी शामिल होने का अंदेशा है। पुलिस इस एंगल पर भी जाँच कर रही है कि कहीं मोहिसन का संबंध बच्चों को बेचने वाले रैकेट से तो नहीं है।

ऑपइंडिया को पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मोहसिन मजदूरी करता है। उस पर काफी लोगों का उधार बकाया है। लिस इस एंगल से भी जाँच कर रही है कि कहीं कर्ज चुकाने के लिए वह मयंक को बेचने वाला तो नहीं था।

जब-जब श्रद्धा के टुकड़े फेंकने जाता मोबाइल घर पर ही छोड़ जाता था आफताब, CCTV से बचने का भी बना रखा था प्लान: रिपोर्ट

श्रद्धा हत्याकांड (Shraddha Murder Case) मामले में दिल्ली पुलिस को सबूतों को जुटाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धा की हत्या करने वाला आफ़ताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) न सिर्फ सनकी है, बल्कि शातिर भी है। अदालत में भले उसने कह दिया कि उसने जो कुछ किया गुस्से में किया, लेकिन पुलिस जाँच में उसकी सुनियोजित साजिश का खुलासा हो रहा है।

इस मामले की जाँच कर रही दिल्ली की महरौली पुलिस (Delhi Police) का कहना है कि आफताब पूनावाला ने सावधानीपूर्वक योजना बनाई थी कि श्रद्धा वालकर की हत्या के बाद उसके शरीर के अंगों को कैसे ठिकाने लगाना है। इसके लिए उसने सावधानी अपनाई थी।

मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को यह भी पता चला है कि वह ट्रैक किए जाने और पकड़े जाने से बचने के लिए हर तिकड़म अपनाता था। जब भी वह श्रद्धा के अंगों को फेंकने के लिए घर से बाहर निकलता था तो वह अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ देता था। इस वजह से पुलिस को हत्याकांड के हर पहलुओं को एक साथ जोड़ने में परेशानी हो रही है।

पूनावाला के फ्लैट मार्किंग स्पॉट से शरीर के अंगों को ठिकाने लगाने के लिए जो नक्शा मिला है, वह एक और कारण है जिससे पुलिस को संदेह है कि उसने योजना बनाई थी। एक अधिकारी ने बताया कि उसने हत्या के बाद हर कदम पर योजना बनाई। उसने इलाके की रेकी की और अंगों के फेंकने के लिए फ्लैट से 2 किलोमीटर दूर जंगलों के अंदरूनी भाग को चुना।

पुलिस का कहना है कि आफताब ने न केवल ‘डेक्सटर’ जैसी क्राइम सीरीज से प्रेरणा ली, बल्कि सबूतों को नष्ट करने के तरीके का भी अध्ययन किया। उसकी सोच यह थी कि हत्या का पता चलने पर भी कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ ​​पुख्ता सबूत की कमी के कारण उस पर अपराध का आरोप ना लगा सकें।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार (22 नवंबर 2022) को आफताब पूनावाला को अदालत में पेश करते हुए इसी आधार पर उसकी हिरासत माँगी थी। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उसे घटनाओं के क्रम को स्थापित करने और सबूत खोजने के लिए और समय की जरूरत है।

पुलिस विभाग के सूत्रों ने कहा कि पुलिस के पास आफताब के पिछले छह महीनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) हैं, लेकिन मई और जून के महीनों में मोबाइल की लोकेशन उसके छतरपुर हिल्स स्थित फ्लैट की है। इसी दौरान आफ़ताब ने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़ों को ठिकाने लगाया था।

पूछताछ के दौरान आफताब ने पुलिस को बताया कि उसने श्रद्धा के शव के अधिकांश टुकड़े दिल्ली के महरौली के जंगलों और गुरुग्राम के जंगल में फेंके थे। हालाँकि, मोबाइल लोकेशन इन जगहों की नहीं है। इससे पता चलता है कि वह जानबूझकर शव के टुकड़े फेंकने के वक्त मोबाइल लेकर नहीं जाता था।

पुलिस के सामने दूसरी चुनौती सीसीटीवी फुटेज की है। हत्याकांड के छह महीने बीत चुके हैं और पुलिस को सबूत के तौर पर कोई डेटा नहीं मिल रहा है। बकौल पुलिस अधिकारी, उसके फ्लैट के ठीक सामने एक सीसीटीवी कैमरा है। हालाँकि, अब इसमें घटना के समय का कोई फुटेज उपलब्ध नहीं है।

शातिर आफताब ने शव को ठिकाने लगाने में महीनों का समय लिया और हत्या के बाद कुछ महीने बाद तक श्रद्धा का सोशल मीडिया प्रोफाइल ऐक्टिव रखा, ताकि किसी को संदेह ना हो। पुलिस ने यह भी कहा कि आफताब को पता था कि श्रद्धा अपने परिवार के संपर्क में नहीं है।

पुलिस के अनुसार, “श्रद्धा के कुछ दोस्तों ने ही सोशल मीडिया पर उससे संपर्क करने की कोशिश की थी, क्योंकि उसका नंबर बंद था। उस दौरान आफताब ने उनमें से कुछ को सोशल मीडिया पर जवाब दिया था। इसलिए किसी को भी संदेह नहीं था कि कुछ गलत हुआ है।”

इस बीच, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से आगे की तलाशी लेने के लिए बुधवार (23 नवंबर 2022) को फिर से आफताब के फ्लैट की तलाशी ली। एक अन्य टीम पूनावाला द्वारा बताए गए स्थानों का निरीक्षण करने महरौली जंगल भी गई। पुलिस ने गोताखोरों को भी महरौली तालाब की तलाशी लेने के लिए भी बुलाया, ताकि पता लगाया जा सके कि श्रद्धा के शरीर के अंग उसमें फेंके गए हैं या नहीं।

दूसरी ओर, आफताब पूनावाला का पॉलीग्राफ टेस्ट बुधवार (23 नवंबर 2022) को नहीं हो सका। कहा जा रहा है कि वह चिकित्सकीय रूप से फिट नहीं था। उसे कथित तौर पर बुखार था। डॉक्टरों ने कहा कि वह पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लायक नहीं है। गुरुवार (24 नवंबर 2022) को उसका पॉलीग्राफ टेस्ट हो सकता है।

अस्पताल में दिग्गज एक्टर विक्रम गोखले, मौत की अफवाहों पर बोली बेटी- वे जिंदा हैं: कभी कंगना और भगवा का समर्थन करने पर बने थे निशाना

बॉलीवुड अभिनेता विक्रम गोखले के निधन की खबरों के बीच जहाँ फिल्म सितारे उन्हें सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने में लग गए, वहीं इस बीच उनके परिवार का बयान आया है। परिवार का कहना है कि विक्रम अपनी बिगड़ी तबीयत के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन अभी उनका निधन नहीं हुआ है।

82 वर्षीय विक्रम गोखले खराब तबीयत के कारण दीनानाथ मंगेश्कर अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनकी बेटी ने कहा, “उनकी हालात गंभीर है। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। मगर अभी उनका देहांत नहीं हुआ है। उनके लिए दुआ करते रहिए।” 

वहीं गोखले के परिवार के करीबी आनंद दवे ने कहा, “अभी उन्हें कुछ खास दवाइयाँ दी गई हैं। उन्हें पुणे उनके घर करीब 10 बजे लेकर जाया जाएगा। उनकी दोनों बेटियों ने अपील की है कि उनके पिता की तबीयत के बारे में कोई अफवाहें न उड़ाई जाएँ।”

बता दें कि एक्टर विक्रम गोखले ‘हम दिल दे चुके सनम, परवाना, भूल भुलैया’ जैसी तमाम बॉलीवुड फिल्मों में अपनी एक्टिंग से जान डाल चुके हैं। पिछले साल भी वो कंगना रनौत के एक बयान का समर्थन करने के कारण चर्चा में आए थे।

विक्रम गोखले ने किया था कंगना का समर्थन

कंगना ने एक कार्यक्रम के दौरान 1947 में मिली आजादी को ‘भीख’ बताया था। इस पर गोखले ने उनका समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि कंगना रनौत ने जो कहा वह उससे सहमत हैं। विक्रम गोखले महाराष्ट्र के पुणे में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे थे। तभी उन्होंने यह भी कहा था कि भारत को कभी भी ‘हरा’ नहीं होना चाहिए और इसे ‘भगवा’ बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा था कि “कंगना रनौत ने जो कहा मैं उससे सहमत हूँ। हमें भीख में आजादी मिली। यह दिया गया था। बहुत से स्वतंत्रता सेनानी जिन्हें फाँसी दी गई थी, बड़े-बड़े लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की। वे मूकदर्शक बने रहे।” गोखले ने बाद में इंडियन एक्सप्रेस से भी कहा, “कंगना रनौत ने जो कहा, उससे मैं भी सहमत हूँ कि हमें 2014 में असली आजादी मिली थी।”

उनके इस बयान के बाद उन्हें निशाना बनाया गया था। कई लोगों ने उन्हें भाजपा ज्वाइन करने की सलाह दी थी। इस पर गोखले ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंधभक्त नहीं हैं। उन्होंने कहा, “जब पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार पर जाते हैं, तो मैं उनकी बातों से सहमत नहीं होता। लेकिन हाँ, जब वे राष्ट्रहित में काम करते हैं, जैसे कि जिस तरह से उन्होंने चीन को बैकफुट पर पहुँचा दिया है, तो मैं उनका समर्थन करता हूँ।”

भारत की सख्ती से कतर की हेकड़ी गुम, कहा- जाकिर नाइक को FIFA वर्ल्ड कप में हमने नहीं बुलाया

इस बार फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) फुटबॉल से ज्यादा अन्य कारणों से चर्चा में है। कतर (Qatar) में रविवार (20 नवंबर 2022) से शुरू इस आयोजन में शामिल होने के लिए कट्टरपंथी मजहबी और भारत का वांछित भगोड़ा जाकिर नाइक (Zakir Naik) को निमंत्रण दिया गया था। भारत द्वारा इस पर कड़ी आपत्ति जताने के बाद कतर ने अब सफाई दी है।

कतर ने राजनयिक माध्यमों से भारत को सूचित किया कि भगोड़े इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को दोहा में आयोजित फीफा विश्व कप के दौरान भाग लेने के लिए आधिकारिक निमंत्रण नहीं दिया गया था। कतर का कहना है कि अन्य देशों ने जानबूझकर ये गलत जानकारी फैलाई, ताकि भारत-कतर के द्विपक्षीय संबंधों को खराब किया जा सके।

भारत ने फीफा वर्ल्ड कप के ओपनिंग सेरेमनी में जाकिर नाइक शामिल होने की सूचना मिलते ही तत्काल कतर के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया था। मोदी सरकार ने कतर को स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि जाकिर नाइक को VVIP बॉक्स से फुटबवॉल देखने के लिए आमंत्रित किया गया तो भारत को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की यात्रा को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

हालाँकि, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ओपनिंग सेरेमनी में शामिल हुए थे और उसके अगले दिन ही भारत लौट आए थे। दरअसल, सबसे पहले अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित एक संस्था मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कतर ने दवाह से जुड़े इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक को फीफा की ओपनिंग सेरेमनी में बुलाया है। उल्लेखनीय है कि दवाह एक इस्लामिक प्रैक्टिस है, जहाँ गैर मुस्लिमों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है।

कतर भले ही जाकिर नाइक को आधिकारिक निमंत्रण देने से इनकार कर रहा हो, लेकिन स्टेडियम में प्रवेश करते उसकी तस्वीर वायरल हुई थी। इस तस्वीर को अंशुल सक्सेना नाम के एक ट्विटर यूजर ने शेयर किया था।

कतर के सरकारी खेल चैनल अलकास (Alkass) के प्रस्तोता फैसल अलहाजरी ने ट्विटर पर नाइक की कतर में उपस्थिति की जानकारी दी। फैसल अलहाजरी ने ट्विर पर जाकिर नाइक का फोटो डालते हुए लिखा, “इस्लामी मजहबी गुरु शेख जाकिर नाइक विश्व कप के दौरान कतर में हैं और पूरे विश्व कप के दौरान वे कई दीनी व्याख्यान देंगे।”

इससे पहले साल 2019 में कट्टरपंथी उपदेशक जाकिर नाइक का कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी द्वारा व्यक्तिगत रूप से दोहा में स्वागत किया गया था। उस समय दोनों की फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।

बता दें कि जाकिर नाइक अपने महजबी तकरीरों के जरिए समाज में ना सिर्फ नफरत फैलाता है, बल्कि मुस्लिम युवाओं को जिहाद और आतंकवाद के लिए भी प्रेरित करता है। हाल ही में कई गिरफ्तार आतंकियों ने बताया था कि वे जाकिर नाइक का वीडियो देखकर आतंकवाद की ओर बढ़े थे।

जाकिर नाइक पर भारत में उस पर मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, धर्मांतरण से जुड़ाव, समाज में नफरत फैलाने, हेट स्पीच सहित कई गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उस पर मामला दर्ज किया गया है। वह भारत का भगोड़ा और वांछित है। भारत सरकार उसे देश में लाने का लगातार प्रयास कर रही है।

साल 2016 के अंत में भारत ने नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार की कार्रवाई की भनक लगते ही जाकिर नाइक भागकर मलेशिया चला गया। उसके बाद साल 2017 में जाकिर नाइक को भगोड़े घोषित कर दिया गया।

मलेशिया में भी जाकिर नाइक ने अपने भाषणों के जरिए हिंदुओं और चीनियों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की थी। इसके बाद मुस्लिम बहुल देश मलेशिया की पुलिस ने उससे पूछताछ भी की थी। बाद में वहाँ की सरकार ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का हवाला देते हुए साल 2020 में देश में जाकिर नाइक के भाषण देने पर प्रतिबंध लगा दिया था।