Home Blog Page 2294

‘वन नेशन, वन पुलिस यूनिफॉर्म’ का राज्यों को PM मोदी ने दिया मंत्र, गृहमंत्रियों के चिंतन शिविर में कहा- कलम चलाने वाले नक्सलियों का खात्मा भी जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार (28 अक्टूबर 2022) को हरियाणा में कहा कि पुलिस के लिए ‘एक राष्ट्र, एक वर्दी’ होनी चाहिए। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका सुझाव है और इसे राज्यों पर थोपने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी पीएम हरियाणा के सूरजकुंड में राज्यों के गृह मंत्रियों की चिंतन शिविर को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान लाल किले की प्राचीर से कहे अपने ‘पंच प्रण’ को भी याद दिलाया।

इस चिंतन शिविर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) के साथ-साथ केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और केन्द्रीय पुलिस संगठनों (CPO) के महानिदेशक भी शामिल हुए।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, “गृह मंत्रियों का यह चिंतन शिविर सहकारी संघवाद का एक उत्तम उदाहरण है। हर एक राज्य एक दूसरे से सीखे, एक दूसरे से प्रेरणा ले, देश बेहतरी के लिए काम करे। यही संविधान की भी भावना है और देशवासियों के प्रति हमारा दायित्व है।”

पंच प्रणों को अपनाना होगा

पीएम मोदी ने कहा कि आज आजादी का अमृतकाल है। आने वाले 25 साल देश में एक अमृत पीढ़ी के निर्माण का है और ये अमृत पीढ़ी ‘पंच प्रण’ के संकल्पों को धारण करके निर्मित होगी। उन्होंने कहा कि संविधान में भले कानून-व्यवस्था राज्यों का दायित्व है, लेकिन वे देश की एकता-अखंडता के साथ भी उतने ही जुड़े हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर एक राज्य एक दूसरे से सीखें, एक दूसरे से प्रेरणा लें। विकसित भारत का निर्माण, गुलामी की हर सोच से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता एवं एकजुटता और नागरिक कर्तव्य… इन पंच प्रणों का महत्व समझते हुए इसके लिए संकल्प लेना होगा। इस विराट संकल्प को सिर्फ और सिर्फ सबके प्रयास से ही सिद्ध किया जा सकता है। 

पीएम मोदी ने कहा कि कानून व्यवस्था को बनाए रखना चौबीसों घंटे चलने वाला एक कार्य है, लेकिन किसी भी कार्य को बेहतर ढंग से करने के लिए हमें निरंतर चलने वाली प्रक्रियाओं में सुधार लाना होगा। उन्होंने कहा कि इसी के तहत देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा।

वन नेशन, वन यूनिफॉर्म

पीएम मोदी ने कहा कि सभी राज्यों को पुलिस के लिए ‘वन नेशन, वन यूनिफॉर्म’ लाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “पुलिस के लिए वन नेशन, वन यूनिफॉर्म सिर्फ एक विचार है। मैं इसे आप पर थोपने की कोशिश नहीं कर रहा हूँ। बस इसे एक सुझाव के तौर पर दे रहा हूँ। ऐसा हो सकता है कि इसमें 5, 50 या 100 वर्ष लग जाएँ, लेकिन इस विचार करें।”

उन्होंने कहा कि इससे पूरे देश में पुलिस की पहचान एक जैसी हो सकती है। पीएम ने राज्य सरकारों से पुराने कानूनों की समीक्षा करने और उन्हें वर्तमान संदर्भ में संशोधित करने का भी आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए साथ मिलकर काम करने की वकालत की।

नक्सलवाद के सभी रूपों को हराना होगा

पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद के सभी रूपों को हराना होगा, चाहे वह बंदूक चलाने वाला हो या कलम चलाने वाला। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में सभी सरकारों ने आतंकवाद के जमीनी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जिम्मेदारी से काम किया है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हमारी युवा पीढ़ी को भ्रमित करने के लिए लोग ऐसी बचकानी बातें करते हैं, जिससे देश को बहुत नुकसान हो रहा है। जैसे हमने नक्सल प्रभावित जिलों पर फोकस किया है उसी तरह से उसके इंटेलेक्चुअल दायरे पर पहुँचने का प्रयास किया है। ये आने वाली पीढ़ियों में विकृत मानसिकता पैदा कर सकता है, एक दूसरे के प्रति नफरत पैदा कर सकते हैं, समाज में खाई और बिखराव पैदा कर सकते हैं। हमें ऐसी किसी चीज को देश में चलने नहीं देना है।”

सुरक्षा एजेंसियों में तालमेल

पीएम मोदी ने कहा कि अपराधी अब दूसरे राज्यों और देशों में बैठकर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इसे राज्यों और देशों की सुरक्षा एजेसियों को आपस में तालमेल बढ़ाकर रोकना होगा। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम हो या फिर ड्रोन टेक्नोलॉजी का हथियारों और ड्रग्स तस्करी में उपयोग, इनके लिए नई टेक्नोलॉजी पर काम करते रहना होगा। स्मार्ट टेक्नोलॉजी से कानून-व्यवस्था को स्मार्ट बना पाना संभव होगा।

उन्होंने आगे कहा, “राज्यों की अच्छी कानून व्यवस्था वहाँ के विकास से सीधा संबंध रखती है। जहाँ जितनी अच्छी कानून व्यवस्था होती है, वहाँ ज्यादा से ज्यादा निवेश आता है और राज्य के विकास और उन्नति में सहायक होता है। इससे रोजगार भी मिलता है।”

कर्नाटक में 200 अरबी स्कूल, ज्यादातर नहीं करते गाइडलाइंस का पालन: राज्य सरकार ने दिए जाँच के आदेश, मंत्री बोले- छात्रों के पास सही शिक्षा तक नहीं

कर्नाटक में राज्य शिक्षा विभाग से जुड़े करीब 200 अरबी स्कूलों का सर्वेक्षण किया गया था। सर्वेक्षण में यह बात निकलकर सामने आई कि सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा बताए गए दिशा-निर्देशों का अधिकांश स्कूल पालन नहीं कर रहे हैं ।

राज्‍य के स्‍कूल शिक्षा मंत्री बी सी नागेश ने कहा, “हमें शिकायतें मिली हैं कि इन स्कूलों के छात्र दूसरे स्कूलों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि उनके पास शिक्षा का उचित स्तर नहीं है।”

रिपोर्ट मिलने के बाद होगी करवाई

इससे पहले शिक्षा मंत्री ने कहा था, “हमने उन स्कूलों का सर्वेक्षण करने का फैसला किया और पाया कि अधिकांश अरबी स्कूल राज्य शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। हमने सहायक आयुक्त से इसकी समीक्षा करने को कहा है और रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करेंगे।”

वहीं इससे पहले मंत्री ने हिजाब मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी खुल कर अपनी राय रखी थी । अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा था कि वह सर्वोच्च अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन उन्हें बेहतर फैसले की उम्मीद की थी, क्योंकि दुनिया भर की महिलाएँ हिजाब नहीं पहनने की मांग कर रही हैं। हालाँकि उन्होंने कहा था कि ड्रेस कोड लागू करने वाले शैक्षणिक संस्थानों की कक्षाओं में हिजाब पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

याद दिला दें कि हिजाब मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद जस्टिस हेमंत गुप्ता और सुधांशु धूलिया ने अलग-अलग फैसला दिया था। जस्टिस गुप्ता ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था, वहीं जस्टिस धूलिया ने इसे खारिज कर दिया था।

नो बॉल पर लताड़ के बाद भी नहीं सुधरे शोएब अख्तर, जिम्बाब्वे से हार के बाद भारत को कोसा, कहा- वे भी तीस मार खां नहीं

टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे से मिली हार के बाद पाकिस्तानी बौखलाए हुए हैं। इसी बौखलाहट में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारत पर भड़ास निकाली है। यह काम उन्होंने भारत-पाक मैच के बाद भी किया था। उस समय उन्हें जबर्दस्त लताड़ लगी थी।

शोएब अख्तर ने अपने यूट्यूब चैनल पर पाकिस्तान की हार का विश्लेषण किया है। इसे बेहद शर्मनाक बताया था। साथ ही कहा है, “भारतीय टीम भी कोई तीस मार खां नहीं है। वह भी सेमीफाइनल खेलकर अगले हफ्ते वापस आ जाएगी।” 6:24 मिनट के इस वीडियो में 3:07 से 3:25 के बीच आप शोएब अख्तर को यह कहते सुन सकते हैं। उल्लेखनीय है कि भारत के बाद जिम्बाब्वे से भी पराजित होने के बाद पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल की राह भी मुश्किल हो गई है।

वीडियो में शोएब अख्तर पाकिस्तानी टीम के बारे में बात करते हुए कह रहे हैं कि टीम में नालायक लोगों को शामिल किया गया है। अच्छे लोगों को जगह नहीं मिल रही। उन्होंने कहा, “मैं बार-बार कह रहा हूँ, हमारे ओपनर्स और मिडल प्लेयर्स किसी काम के नहीं हैं, जिनके दम पर हम बहुत बड़ी जीत हासिल कर सकें। अब मैं इस क्या बोलूँ।” अपने मुल्क की आवाम से सवाल करते हुए शोएब ने कहा, “अब आप ही बताएँ मैं क्या बोलूँ। यही बोलूँगा कि पाकिस्तान के पास बाबर आजम के रूप में एक बहुत ही खराब कप्तान है, जिसमें कोई भी संदेह नहीं है। हम टी-20 वर्ल्ड कप में दो मैच हार गए। हमें भी मीडिया में जबाव देना पड़ता है। मैं बहुत निराश हूँ।”

वह आगे कहते हैं, “इनके पास कोई प्लान नहीं, कोई मिडल ऑर्डर नहींं। मुझे पाकिस्तान की टीम पर ट्रस्ट ही नहीं है। एवरेज बंदों से एवरेज डिसीजन ही एक्सेप्ट किए जाते हैं। सेलेक्शन कमेटी एवरेज, मैनेजमेंट आपका एवरेज, टीम आपकी एवरेज और परफोर्मेंस आपकी लो एवरेज। एन्जॉय करें और ऐसे नालायक लोगों को सेट करें। ना आने दें अच्छे लोग। हमें तो दुख होता है, क्योंकि मुल्क सफर करता है।”

बता दें कि भारतीय टीम ने 23 अक्टूबर 2022 को मेलबर्न में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। मैच के बाद अख्‍तर ने ट्वीट कर अंपायर के फैसले पर ही सवाल खड़ा कर दिया था। उस मैच के आखिरी ओवर में अंपायर ने मोहम्मद नवाज की गेंद को नो-बॉल करार दिया था। गेंद विराट के कमर से ऊपर थी। उस गेंद पर कोहली ने छक्का लगाया और भारत को फिर फ्री हिट भी मिला। इस नो-बॉल की फोटो पोस्ट करते हुए अख्तर ने लिखा था, “अंपायर भाइयों, आज रात सोच-विचार करने के लिए आपके लिए खाना।” इसके बाद फैंस ने अख्तर को जमकर सुनाया था।

हिरोइन से BJP नेत्री बनीं महिलाओं के लिए DMK नेता सादिक ने की द्विअर्थी बातें, बताया- आइटम: अमित शाह के लिए भी बिगड़े बोल

तमिलनाडु (Tamil Nadu) की सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के पार्टी प्रवक्ता सैदाई सादिक (Saidai Sadiq) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला नेता पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इसको लेकर राजनीतिक बवाल हो गया है।

सादिक ने अभिनेत्री से भाजपा नेता बनीं खुशबू सुंदर, नमिता, गौतमी और गायत्री रघुराम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालाँकि, बवाल बढ़ने के बाद DMK सांसद कनिमोझी ने सार्वजनिक रूप से माफी माँग ली है।

सादिक ने भाजपा से जुड़ीं इन अभिनेत्रियों को ‘आइटम’ बताते हुए कहा कि भगवा पार्टी तमिलनाडु में पैठ बनाने के लिए इन्हीं चारों पर निर्भर है। सादिक ने इन अभिनेत्रियों के साथ-साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की।

सादिक ने कहा, “ये चारों नेता आइटम हैं। खुशबू कहती हैं कि तमिलनाडु में कमल खिलेगा। मैं कहता हूँ कि अमित शाह के सिर पर बाल वापस आ जाएँगे, लेकिन तमिलनाडु में कमल के खिलने की कोई संभावना नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा था, “क्या आप सभी जानते हैं कि मेरे भाई इल्या अरुण ने खुशबू को कितनी बार किया? मेरा मतलब है कि जब वह द्रमुक में थीं तब उन्होंने उनसे मुलाकात की थी। लगभग छह बार उन्होंने खुशबू को लिया और आरएपुरम में बैठकें कीं।”

सादिक के इस घिनौने और द्विअर्थी बयान के बाद भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने ट्विटर पर DMK की नेता कनिमोझी को टैग करते हुए लिखा, “क्या महिलाओं का अपमान करना न्यू द्रविड़ मॉडल का हिस्सा है? जब पुरुष महिलाओं को गाली देते हैं तो कहा जाता है कि देखो, इसकी कैसी परवरिश और कैसे जहरीले वातावरण में पालन-पोषण किया गया है। ऐसे ही पुरुष महिला के गर्भ का अपमान करते हैं। ऐसे पुरुष खुद को कलैग्नर के अनुयायी कहते हैं। क्या यह सीएम स्टालिन के शासन के तहत नया द्रविड़ मॉडल है?”

खुशबू के इस ट्वीट का जवाब देते हुए डीएमके महिला विंग की सचिव और सांसद कनिमोझी ने सैदाई सादिक की टिप्पणी पर माफी माँगी। कनिमोझी ने लिखा, “मैं एक महिला और इंसान होने के नाते जो कुछ कहा गया उसके लिए माफी माँगती हूँ।” हालाँकि, बाद में सादिक ने भी माफी माँग ली।

अभी कुछ दिन पहले ही मुंबई (Mumbai) की एक विशेष अदालत ने किसी लड़की को ‘आइटम’ कहना उसका यौन उत्पीड़न बताया था। अदालत ने कहा था, “किसी लड़की को आइटम कहना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत दंडनीय अपराध है।”

स्पेशल जज ने कहा था, “किसी लड़की को आइटम कहना अपमानजनक है। इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर रोड साइड रोमियो लड़कियों को परेशान करने के लिए करते हैं। आइटम शब्द महिलाओं को सेक्सुअली ऑब्जेक्टिफाई करता है। यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।”

3 दिन में चालू हो जाएगा ट्रंप का ट्विटर अकाउंट? मस्क के मालिक बनते ही वायरल हुआ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम से संदेश, जानिए सच

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ट्विटर (Twitter) के नए मालिक बन गए हैं। उन्होंने ट्विटर को खरीदने की डील पूरी कर ली है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम से एक बधाई संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि ट्रंप ने एक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट के जल्द शुरू होने की उम्मीद जताई है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि उनका ट्विटर अकाउंट बैक अप हो जाएगा और सोमवार से फिर से शुरू हो जाएगा।

दरअसल, समाचार एजेंसी ANI के ट्विटर हैंडल से भी यह बधाई संदेश शेयर किया गया था। जिसके बाद लोगों ने इसकी प्रमाणिकता पर सवाल नहीं उठाए। इसमें ट्रंप के नाम से लिखा था, “बहुत से लोग कह रहे हैं कि बदलाव की जरूरत थी। जैसा कि पुराना प्रबंधन एक एजेंडे से प्रेरित था। मुझे बताया गया है कि मेरा अकाउंट जल्द शुरू हो जाएगा और सोमवार से फिर काम करने लगेगा। एक अफ्रीकी-अमेरिकी स्वामित्व वाले व्यवसाय के साथ जुड़कर खुशी हो रही है।”

हालाँकि कुछ देर बाद एएनआई ने ही बताया कि उनके द्वारा शेयर संदेश फर्जी था और ऐसा कुछ भी नहीं है।

फोटो साभार: ANI

वायरल हो रहे है फेक मैसेज को लेकर एएनआई ने ट्वीट किया। उन्होंने इसमें लिखा कि ट्रंप की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। उनके नाम से फर्जी बधाई संदेश वायरल हो रहा है।

बता दें कि एक ओर जहाँ ट्विटर में हुए बदलाव के बाद फेक संदेश वायरल हो रहे हैं। वहीं ट्विटर को खरीदने के बाद एलन मस्क अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं। उन्होंने सीईओ पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) सहित कई अधिकारियों की छुट्टी कर दी है। ट्वीट कर लिखा है- द बर्ड इज फ्रीड (the bird is freed) यानी आजाद हुई चिड़िया।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को 44 बिलियन डॉलर करीब (362461220000 रुपए) में ट्विटर की डील फाइनल करने वाले मस्क ने इस ट्वीट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि ट्विटर के पक्षपाती सेंशरशिप के दिन अब बीत गए। रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार मस्क ने जिन अधिकारियों की छुट्टी की है उनमें अग्रवाल के अलावा CFO नेड सेगल और लीगल अफेयर-पॉलिसी हेड विजया गाड्डे शामिल हैं। इन्हें कंपनी हेडक्वार्टर से भी बाहर निकलवा दिया गया।

PM मोदी के मुरीद हुए पुतिन, बताया सच्चा देशभक्त: रूसी राष्ट्रपति ने कहा- आने वाला भविष्य भारत का है

रूस और भारत के संबंध हमेशा से मैत्रीपूर्ण रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शानदार विदेश नीति की बदौलत दोनों देशों के संबंधो में और निखार आया है। रूस-युक्रेन युद्ध और वैश्विक दबाव के बीच भी दोनों देशों के संबंध मजबूत बने रहें। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने मॉस्को में वल्दाई डिस्कशन क्लब की 19वीं वार्षिक बैठक में भारत की सराहना की और पीएम मोदी को देशभक्त बताया। पुतिन ने कहा कि मोदी अपने देश की स्वतंत्र सोच को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं।

पीएम मोदी ने देश के विकास के लिए शानदार कदम उठाए: पुतिन

पुतिन ने कहा, “भारत ने ब्रिटेन की गुलामी से आधुनिक राज्य बनने के अपने विकास में जबरदस्त प्रगति की है। इसने ठोस विकास परिणाम हासिल किए हैं । भारत के विकास से उसका सम्मान और प्रशंसा बढ़ी है। बीते कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में काफी कुछ किया गया है । वह स्वभाविक रूप से अपने देश के लिए देशभक्त हैं। उनकी ‘मेक इन इंडिया’ की नीति मायने रखती है चाहे वह आर्थिक रूप से हो या नैतिक रूप से। देश के विकास के लिए उन्होंने शानदार कदम उठाएँ हैं । आने वाला भविष्य भारत का है। हमारे बीच एक विशेष रिश्ता है। हमारे बीच घनिष्ठ संबंध हैं।”

भविष्य में भारत की एक बड़ी भूमिका होगी

पुतिन ने वहीं पीएम मोदी की सराहना करते हुए कहा, “मोदी स्वतंत्र विदेश नीति का संचालन करने में सक्षम हैं। मुझे यकीन है कि भविष्य में भारत की एक बड़ी भूमिका होगी। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने की वजह से भारत खुद पर गर्व करता है, लेकिन देश जिस तरह से प्रगति के रस्ते पर है, वह भी गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत ने बहुत अच्छे नींव का निर्माण किया है । हमारे भारत के साथ कई दशकों से मधुर संबंध रहे हैं।”

पुतिन ने कहा- हमारे (भारत और रूस ) बीच कभी भी कोई मुश्किल मुद्दे नहीं रहे

पुतिन ने जोर देकर कहा, “हमारे (भारत और रूस ) बीच कभी भी कोई मुश्किल मुद्दे नहीं रहे हैं। हमने हमेशा एक दूसरे को सपोर्ट किया। और यही इस समय हो रहा है। मैं निश्चिन्त हूँ की यही भविष्य के भी संकेत हैं।”

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी भारत का स्टैंड क्लियर रहा है। भारत ने दोनों देशों को युद्ध बंद करने की सलाह जरूर दी, लेकिन वैश्विक मंचो पर भारत रूस के खिलाफ वोटिंग में शामिल नहीं हुआ। यहाँ तक की अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीदा।

‘अगली बार असली मिस्टर बीन भेजना’: पाकिस्तान को क्रिकेट के मैदान में मिला जो जख्म, उस पर जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति ने भी नमक रगड़ा

टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है। पहले उसे भारत से करारी शिकस्त मिली। अब जिम्बाब्वे ने उसे 1 रन से हरा दिया है। गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को हुए इस मैच के बाद से सोशल मीडिया में ‘मिस्टर बीन’ छाए हुए हैं।

जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति एमर्सन दाम्बुद्जो मनांगाग्वा (Emmerson Dambudzo Mnangagwa) ने पाकिस्तान का मजाक उड़ाते हुए ​ट्वीट करते हुए कहा, “जिम्बाब्वे की टीम ने क्या जीत हासिल की है। टीम को बधाई। अगली बार असली मिस्टर बीन भेजना… #PakvsZim।” इसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का ट्वीट आया। उन्होंने लिखा, “हमारे पास असली मिस्टर बीन नहीं है। लेकिन हमारे पास असली क्रिकेट भावना है। पाकिस्तानियों में वापसी करने की एक अजीब आदत है। जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति को बधाई। आपकी टीम ने वास्तव में अच्छा खेला।”

जैसा कि हम सब जानते हैं कि ‘मिस्टर बीन’ एक मशहूर कैरेक्टर है। ब्रिटिश एक्टर रोवन एटकिंसन (Rowan Atkinson) अपने इस कैरेक्टर के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। लेकिन जिम्बाब्वे और पाकिस्तान के मैच के बीच ‘मिस्टर बीन’ की एंट्री की वजह 6 साल पुरानी एक घटना है। दरअसल मैच से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने एक ट्वीट किया था। इसमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों की अभ्यास करते कुछ तस्वीरें थी।

इस ट्वीट के जवाब में नगुगी चसुरा (Ngugi Chasura) नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “जिम्बाब्वे का नागरिक होने के कारण हम तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे। एक बार तुमने असली मिस्टर बीन की जगह, नकली पाक बीन दिखा दिया था। हम इसका कल मैदान पर हिसाब करेंगे। दुआ करो कि कल बारिश तुम्हें बचा ले।”

इसके बाद सोशल मीडिया में मिस्टर बीन की चर्चा शुरू हो गई। बताया जाता है कि 2016 में जिब्बाब्वे में हुए एक एग्रीकल्चर शो में एटकिंसन को बतौर गेस्ट आना था। इस शो में एक पाकिस्तानी कंपनी भी पाटर्नर थी। लेकिन शो में एटकिंसन की जगह उनके पाकिस्तानी हमशक्ल को भेज दिया गया।

मिस्टर बीन की तरह दिखने वाले इस पाकिस्तानी कॉमेडियन का नाम आसिम मोहम्मद था। इतना ही नहीं नकली मिस्टर बीन के शो के लिए लोगों से पैसे भी लिए गए थे। पाकिस्तान की इस हरकत से जिम्बाब्वे के लोग निराश थे। इसलिए जिम्बाब्वे के लोग क्रिकेट के मैदान पर मिली इस जीत को 6 साल पुराने फ्रॉड का बदला पूरा होने की तरह पेश कर रहे।

राजस्थान में स्टाम्प पेपर पर लड़कियों की नीलामी, मना करने पर माँ से रेप: मीडिया रिपोर्ट से खुलासा, NHRC ने राज्य सरकार से माँगा जवाब

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राजस्थान सरकार को नोटिस भेजा है। यह नोटिस 8 से 18 साल की लड़कियों की नीलामी को लेकर भेजा गया है। आयोग ने इस संबंध में राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

मीडिया रिपोर्ट से राजस्थान में स्टाम्प पेपर पर लड़कियों को बेचे जाने के मामले का खुलासा हुआ था। इसमें बताया गया था कि मना करने पर लड़कियों की माँ के साथ रेप किया जाता है। इसके पीछे जातीय पंचायतों की भूमिका बताई गई थी। गुलामी में लड़कियों का शारीरिक शोषण होता है। उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। यौन उत्पीड़न होता है।

इसी रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है मीडिया रिपोर्ट में जिस घिनौनी प्रथा का दावा किया गया है, वह मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इस संबंध में की गई कार्रवाई को लेकर राज्य के मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट माँगी गई है। पुलिस महानिदेशक से इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा शुरू कर विस्तार से रिपोर्ट देने को कहा गया है।

मीडिया रिपोर्ट में क्या है?

लड़कियों की ब्रिकी से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट राजस्थान के भीलवाड़ा से संबंधित है। इसमें पीड़ितों के हवाले से बताया गया है कि लड़कियों को नीलाम कर देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों तक भेजा जा रहा है। इसमें बताया गया है कि भीलवाड़ा की कई बस्तियों में विवाद या कर्ज के मामलों का निपटारा पुलिस की जगह जातीय पंच कर रहे हैं। वे लड़कियों की नीलामी करवा रहे हैं। इनकार करने पर उनकी माताओं से बर्बरता की जाती है।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट

रिपोर्ट में कई मामलों का जिक्र किया गया है। ऐसे ही एक मामले के बारे में बताया गया है कि 15 लाख रुपए के भुगतान के बदले जातीय पंचायत ने एक आदमी को पहले अपनी बहन को बेचने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उसे 12 साल की बेटी को बेचने को मजबूर किया गया। इस तरह एक-एक कर उस व्यक्ति की सभी पाँच बेटियाँ गुलाम बन गई। बावजूद उस व्यक्ति का कर्ज खत्म नहीं हुआ।

बीजेपी ने गहलोत सरकार को घेरा

लड़कियों की बिक्री का मामला सामने आने के बाद बीजेपी ने अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट कर कहा है, “कॉन्‍ग्रेस पार्टी का नारा है- लड़की हूँ लड़ सकती हूँ। लेकिन हकीकत राजस्थान में देखें, जहाँ बहन-बेटियों की खुलेआम नीलामी चल रही है। कॉन्‍ग्रेस के कुशासन से तंग आकर अब राजस्थान की बेटियाँ कह रही हैं- ‘लड़की हूँ बच सकती हूँ, तभी तो राजस्थान में रह सकती हूँ।”

‘आजाद हुई चिड़िया’: एलन मस्क के ‘सिंक’ में डूबे CEO पराग अग्रवाल सहित कई अधिकारी, ट्विटर हेडक्वार्टर से बाहर निकाला

एलन मस्क (Elon Musk) दुनिया के सबसे धनी आदमी हैं। टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक हैं। अब ट्विटर (Twitter) भी उनका हो गया है। ट्विटर को खरीदने की डील पूरी करने के लिए वे माइक्रोब्लॉगिंग साइट के मुख्यालय में एक बाथरूम सिंक लेकर पहुँचे थे। अब उसका संदेश भी साफ हो गया है। ट्विटर का माई-बाप बनते ही मस्क ने सीईओ पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) सहित कई अधिकारियों की छुट्टी कर दी है। ट्वीट कर लिखा है- द बर्ड इज फ्रीड (the bird is freed) यानी आजाद हुई चिड़िया।

गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) कोको 44 बिलियन डॉलर करीब (362461220000 रुपए) में ट्विटर की डील फाइनल करने वाले मस्क ने इस ट्वीट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि ट्विटर के पक्षपाती सेंशरशिप के दिन अब बीत गए। रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार मस्क ने जिन अधिकारियों की छुट्टी की है उनमें अग्रवाल के अलावा CFO नेड सेगल और लीगल अफेयर-पॉलिसी हेड विजया गाड्डे शामिल हैं। इन्हें कंपनी हेडक्वार्टर से भी बाहर निकलवा दिया गया।

बताया जा रहा है कि मस्क ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर फेक अकाउंट की संख्या को लेकर उन्हें और ट्विटर निवेशकों को गुमराह करने का आरोप इन पर लगाया। जब ट्विटर के साथ एलन मस्क की डील पूरी हुई, तब अग्रवाल और सेगल दफ्तर में ही मौजूद थे। डील पूरी होने के बाद उन्हें टर्मिनेट कर दिया गया। हालाँकि इसे लेकर अभी तक ट्विटर, एलन मस्क या किसी अधिकारी की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

इससे पहले 27 अक्टूबर 2022 को मस्क के ट्विटर हेडक्वार्टर पहुँचने का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे एक बाथरूम सिंक लिए दिख रहे थे। मस्क के ऐसा करने की वजह को लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही थी। लेकिन अब शीर्ष अधिकारियों की छुट्टी के साथ स्पष्ट हो गया है कि आखिर मस्क सिंक के जरिए क्या संदेश देना चाहते थे।

गौरतलब है कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने इस साल अप्रैल में माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को खरीदने की पेशकश की थी। मस्क ने ट्विटर के 100% शेयर के लिए $54.20 (करीब 4000 करोड़ रुपए) प्रति शेयर के हिसाब से भुगतान करने का ऑफर दिया था, उस वक्त इसकी कुल कीमत करीब 43 बिलियन डॉलर (करीब 327354 करोड़ रुपए) थी। तब स्पैम और फेक अकाउंट्स की वजह से उन्होंने उस डील को होल्ड पर रख दिया था।

गिलगित बल्तिस्तान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्यों किया 22 फरवरी 1949 की संसद को याद… क्या है लक्ष्य, जहाँ पहुँचने की हुई बात

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (27 अक्‍टूबर 2022) को बडगाम में शौर्य द‍िवस के कार्यक्रम को संबोध‍ित किया और पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पाकिस्तान से सवाल करते हुए कहा कि हमारे जितने इलाकों पर उसने अपना कब्‍जा जमा रखा है, वहाँ उसने (पाकिस्तान) नागरि‍कों को क‍ितने अधिकार दे रखे हैं? वह अपने कब्‍जे वाले कश्मीर में लोगों पर अत्याचार कर रहा है और उसे इसके अंजाम भुगतने पड़ेंगे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोगों के दर्द से उनको दुख होता है। रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को फिर से हासिल करने का संकेत भी द‍िया। उन्‍होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में सर्वांगीण विकास का लक्ष्य पीओके के हिस्से ‘गिलगित और बल्तिस्तान तक पहुँचने के बाद’ ही हासिल किया जाएगा।

नीचे के वीडियो में 22:50 मिनट से आगे गिलगित और बल्तिस्तान वाले हिस्से का भाषण सुना जा सकता है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 फरवरी 1949 को संसद में पारित प्रस्ताव का जिक्र किया, गिलगित और बल्तिस्तान तक पहुँचने की बात को रखा।

उन्‍होंने पाकिस्‍तान को उसके कुकर्मों की याद द‍िलाते हुए कहा क‍ि मानवाधिकार के नाम पर मगरमच्‍छ के आँसू बहाने वाला पाकिस्‍तान इन इलाकों के लोगों की क‍ितनी च‍िंता करते हैं… ये आप भी जानते हैं और हम भी जानते हैं। आए द‍िन इन मासूम भारतीयों (पाक‍िस्‍तान के कब्‍जे वाले क्षेत्र के भारतीय नागरिक) के ऊपर अमानवीय घटना की खबरें आती रहती हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि इन अमानवीय घटनाओं के ल‍िए पाक‍िस्‍तान पूरी तरह से ज‍िम्‍मेदार है। उन्होंने याद दिलाया कि जब वे मासूम लोगों पर अमानवीय घटनाओं की चर्चा करते हैं, तो इसका मतलब है कि वो पाक अधिकृत कश्‍मीर की चर्चा कर रहे हैं।

PoK में कहाँ और क्या है गिलगित बल्तिस्तान

उल्लेखनीय है कि 1947 में जब देश ब्रिटिश राज से मुक्त हुआ, तब जम्मू कश्मीर का विलय भारत में उस प्रकार नहीं हुआ जिस प्रकार अन्य रियासतें भारत संघ का अंग बनीं। जम्मू कश्मीर राज्य भूराजनैतिक विविधताओं से भरा पड़ा है। सन 47-48 में भारत-पाक युद्ध के पश्चात 27 जुलाई 1949 को कराची समझौते में युद्धविराम पर हस्ताक्षर कर तत्कालीन सरकार ने उस भूमि को पुनः हासिल करने का प्रयास नहीं किया, जिस पर पाकिस्तान ने जबरन कब्जा कर लिया था।

जानने लायक बात यह भी है कि पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर पाकिस्तान का कोई आधिकारिक प्रांत नहीं है। आज जिसे हम PoK अथवा PoJK कहते हैं, उसके शासकीय अधिकारों पर पाकिस्तान का संविधान मौन है।

पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर का दूसरा तथा बड़ा भाग (85%) गिलगित बल्तिस्तान है, जिसे 2009 तक नॉर्दर्न एरिया कहा जाता था। गिलगित तथा बल्तिस्तान ऐतिहासिक रूप से दो भिन्न राजनैतिक इकाइयों के रूप में विकसित हुए थे। गिलगित को दर्दिस्तान भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ दरदी भाषा बोलने वाले लोग रहते हैं। बल्तिस्तान को मध्यकाल में छोटा तिब्बत कहा जाता था।

पाकिस्तान की सरकार ने कथित आज़ाद कश्मीर में बाहरी लोगों के बसने पर पाबन्दी लगा रखी है किंतु गिलगित बल्तिस्तान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए यहाँ शेष पाकिस्तान से आए इस्लामियों ने जनसंख्या परिवर्तन कर कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का काम किया। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 1 अक्टूबर 2015 को पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर की राजनैतिक दुर्व्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित कराया था।

गिलगित बल्तिस्तान के लोग भारत के समर्थक

पाकिस्तान के कब्ज़े वाले गुलाम कश्मीर (PoK) स्थित गिलगित-बल्तिस्तान के कई लोग भारत के समर्थन में रहते हैं। एक्टिविस्ट सेंगे सेरिंग ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया था। समाचार एजेंसी ANI को दिए बयान (11 सितम्बर 2019) में उन्होंने साफ़ कहा था कि यह पाकिस्तान में एक विशेष समूह को दूसरे सम्प्रदायों के ऊपर वीटो-पावर जैसा विशेषाधिकार देता था। यही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि इस विशेषाधिकार का इस्तेमाल करने वाले पाकिस्तानी सेना के मित्र बन गए थे।

वॉशिंगटन डीसी (अमेरिका) स्थित इंस्टिट्यूट फ़ॉर गिलगित-बल्तिस्तान स्टडीज़ के निदेशक सेंगे सेरिंग के मुताबिक अनुच्छेद-370 कश्मीर के उन लोगों के हाथ का खिलौना था, जिन्हें वह प्रावधान अन्य पंथों और जातीय समूहों से इतर ‘वीटो’ देता था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस वीटो का फायदा उठाने वाले लोग पाकिस्तानी सेना के पाले में जा बैठे और पाकिस्तान के रणनीतिक हित जम्मू-कश्मीर में पूरे कर रहे थे।