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यूरोप में चिड़िया हमारे नियमों के अनुसार उड़ेगी’: एलन मस्क का ट्वीट देख EU के अधिकारी ने दी चेतावनी, ट्विटर के नए मालिक ने कहा था- पंछी आजाद है

टेस्ला (Tesla) और स्पेस एक्स (SpaceX) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने आखिरकार ट्विटर (Twitter) को खरीद लिया। हालाँकि, ट्विटर खरीदने की खबर के वक्त से ही अधिग्रहण के बाद प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जाहिर की जाती रही है। इसी के तहत यूरोप के शीर्ष अधिकारी ने ट्विटर के नए बॉस को कड़ी चेतावनी दी है।

लगभग 44 अरब डॉलर के इस डील के पूरा होने से कुछ घंटे पहले यूरोपीय संघ के आंतरिक बाजार आयुक्त थियरी ब्रेटन ने ट्विटर पर मस्क को चेतावनी दी है। ब्रेटन ने कहा, “यूरोप में चिड़िया हमारे नियमों के अनुसार उड़ेगी।” दरअसल, एलन मस्क ने ट्वीट किया था, “चिड़िया आजाद हो गई”। इसके जवाब में ब्रेटर ने यह टिप्पणी की है। बता दें कि ट्विटर का लोगो एक पंछी है।

बता दें कि इस साल मई में ब्रेटन ने अमेरिका के टेक्सास की यात्रा की थी और वहाँ ट्विटर के लिए फ्री-स्पीच पर एलन मस्क से चर्चा की थी। उन्होंने उन्हें यह भी याद दिलाया कि यह दृष्टिकोण यूरोपीय संघ के अपने कंटेंट मॉडरेशन कानूनों के तहत होना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, उस बैठक में एलन मस्क के साथ ब्रेटन की कंटेंट मैनेजमेंट या ट्विटर पर पोस्ट करने के दृष्टिकोण पर ‘कोई असहमति नहीं’ थी।

यहाँ बताना आवश्यक है कि यूरोपीय संघ का डिजिटल सेवा अधिनियम सरकार को बड़ी तकनीकी कंपनियों को अवैध एवं हानिकारक सामग्री के प्रसार को सीमित करने और दुष्प्रचार के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति देता है। इसका उल्लंघन करने पर कंपनी के कुल सालाना बिक्री का 6 प्रतिशत जुर्माना के रूप में देना होगा। यही नहीं, सरकार पूरे क्षेत्र में कंपनी के परिचालन पर रोक भी लगा सकती है।

उधर मस्क ने भी विज्ञापनदाताओं को भेजे गए एक नोट में कहा कि वे पैसा कमाने या नफरत फैलाने के लिए ट्विटर नहीं खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वे नहीं चाहते कि ट्विटर ‘सभी के लिए एक फ्री-फॉर-हेलस्केप बन जाए, जहाँ बिना किसी परिणाम के कुछ भी कहा जा सकता है’। मस्क का कहना है कि वे चाहते हैं कि लोगों को एक ऐसा मंच दें, जहाँ हिंसा का सहारा लिए बिना स्वस्थ तरीके से कई मतों पर बहस हो सके।

दरअसल, गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को 44 बिलियन डॉलर (करीब 3,62,46,12,20,000 रुपए) में ट्विटर की डील फाइनल करने वाले मस्क ने ‘द बर्ड इज फ्रीड (the bird is freed) यानी आजाद हुई चिड़िया’ ट्वीट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि ट्विटर के पक्षपाती सेंशरशिप के दिन अब बीत गए। 

रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने जिन अधिकारियों की छुट्टी की है उनमें कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) के अलावा CFO नेड सेगल और लीगल अफेयर-पॉलिसी हेड विजया गाड्डे शामिल हैं। इन्हें कंपनी हेडक्वार्टर से भी बाहर निकलवा दिया गया।

केरल: NIA ने PFI के पूर्व राज्य सचिव रऊफ को किया गिरफ्तार, संगठन पर बैन लगने के बाद से था फरार

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के पलक्कड़ जिले से गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व राज्य सचिव सीए रऊफ को गिरफ्तार किया। एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई महीनों से फरार चल रहे रऊफ को पट्टांबी इलाके में उसके घर पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रऊफ कई महीनों से फरार चल रहा था। वह केरल पुलिस के साथ-साथ एनआईए की रडार पर था। एएनआई (NIA) के अधिकारियों ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ बड़े पैमाने पर देशव्यापी अभियान शुरू करने और इसके विभिन्न कैडरों को गिरफ्तार करने के बाद से रऊफ छिपा हुआ था। उसे गिरफ्तार करने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही थी।

बता दें कि इस साल सितंबर में भारत सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उससे जुड़ी 8 संस्थाओं पर 5 साल के लिए बैन लगा दिया था। केंद्र सरकार ने PFI को देश विरोधी और गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाया था, जिसके बाद ये फैसला लिया गया। अपने आदेश में मोदी सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उससे जुड़ी 8 संस्थाओं को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था।

पीएफआई और आतंक का इतिहास

पीएफआई का हिंसा फैलाने का काफी पुराना इतिहास है। नागरिकता संशोधन अधिनियम के मद्देनजर दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों और देश भर में दंगे की जाँच के दौरान पीएफआई की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। साथ ही, पीएफआई के कई सदस्यों को दंगों में शामिल होने के लिए गिरफ्तार भी किया गया था। इसके अलावा, नवंबर 2020 में कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने देश के विभिन्न हिस्सों में दंगे और हिंसा उकसाने के आरोपित किसानों के सरकार विरोधी प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संविधान के संरक्षण के लिए संघर्ष करने के लिए कहा था।

…पत्थर, डंडे सब लाओ अपने साथ: पाकिस्तान में इमरान खान ने छेड़ा ‘जिहाद’, बोले- ‘मैं मुल्क को आजाद देखना चाहता हूँ, ISI की पोल खोल दूँगा’

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) देश में चुनाव कराए जाने को लेकर शुक्रवार (28 अक्टूबर 2022) से ‘हकीकी आजादी मार्च’ निकाल रहे हैं। यह मार्च लाहौर के लिबर्टी चौक से शुरू होकर राजधानी इस्लामाबाद बाद तक जाएगा। इमरान खान ने कसम खाई है कि वो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की पोल खोल कर रखेंगे। इससे पहले उन्होंने इस मार्च को ‘जिहाद’ का नाम दिया था।

मार्च के दौरान सैंकड़ों लोग इमरान कान के साथ दिख रहे हैं। ब्रिज पर चढ़ कर उनसे हाथ मिलाने की कोशिश हो रही है। ऐसी वीडियोज सामने आई हैं जिसमें इमरान कहते हैं, “ISIS के डीजी अपने कान खोल सुन लो, मैं तुम्हारे बारे में बहुत कुछ जानता हूँ, लेकिन चुप हूँ क्योंकि मैं देश को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहता… मैं सबको सब बता दूँगा और ISI की पोल खोलूँगा। हम अल्लाह के अलावा किसी के आगे नहीं झुकेंगे। किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार हैं। मैं नवाज शरीफ जैसा भगोड़ा नहीं।”

आगे इमरान खान ने कहा, “मैं पाकिस्तान को आजाद देश के तौर पर देखना चाहता हूँ, हमें इसके लिए शक्तिशाली सेना चाहिए। फौज कमजोर होगी तो देश अपनी आजादी खो देगा। ISI का इस्तेमाल कर हम कमजोर हो रहे हैं। मैं जो मर्जी वो कहूँ, लेकिन मैं अपने देश को कमजोर नहीं देख सकता।”

इमरान खान ने मार्च को कहा जिहाद

दरअसल, इमरान खान ने मंगलवार (25 अक्टूबर 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मार्च निकालने की घोषणा की थी। इमरान ने इस मार्च को पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च बताते हुए कहा था

“मैंने शुक्रवार को लाहौर के लिबर्टी चौक से इस्लामाबाद तक सुबह 11 बजे लॉन्ग मार्च शुरू करने का फैसला किया है। मैं सरकार पर तत्काल चुनाव की घोषणा करने का दबाव बनाने के लिए मार्च कर रहा हूँ। यह देश के इतिहास में सबसे बड़ा और लंबा मार्च होगा।”

इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ इस मार्च को जिहाद करार देते हुए कहा था “यह मार्च राजनीति से हटकर है। यह इन चोरों से आजादी के लिए एक युद्ध है जो हमारे ऊपर थोपा गया है। यह जिहाद तय करेगा कि देश किस ओर जाएगा।”

हालाँकि, उन्होंने इस मार्च को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि यह पूरी तरह शांति पूर्ण होगा। लेकिन उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) ने इस मार्च में शामिल होने वाले लोगों से इस्लामाबाद में धरने के लिए गैस मास्क, चादरें, कंबल, तौलिये, तीन जोड़ी कपड़े, छोटे आकार के टेंट, स्लिंग-शॉट्स, मार्बल्स और डंडों की व्यवस्था करने को कहा है।

ऐसा कहा जा रहा है कि इमरान खान और उनकी पार्टी इस्लामाबाद में लंबे समय के लिए डेरा डालने की प्लानिंग के साथ काम कर रही है। साथ ही, डंडों को साथ रखने का मतलब यह है कि यह मार्च हिंसक भी हो सकता है। इस मार्च को लेकर सामने आए ताजा वीडियो में लाहौर के लिबर्टी चौक में इमरान खान समर्थक भारी संख्या में नजर आए हैं।

इस्लामाबाद में 13000 फौजी तैनात

रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ सरकार ने इमरान खान के इस मार्च को इस्लामाबाद में पहुँचने से पहले ही रोकने की तैयारी में है। जिसके लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने और खराब हालात से निपटने के लिए आँसू गैस और पैपर गन से लैस 13,000 से अधिक जवानों को इस्लामाबाद में तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी इमरान खान इसी साल मई में आजादी मार्च निकाल चुके हैं। हालाँकि, इस्लामाबाद पहुँचने के बाद इमरान समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच जमकर झड़प हुई थी। इस झड़प में कई लोग घायल हो गए थे यहाँ तक कि मेट्रो स्टेशन में आग लगा दी गई थी। जिसके बाद, मार्च को अत्यधिक हिंसक होता देख इमरान खान ने ‘आजादी मार्च’ को रद्द कर दिया था।

इमरान खान पर लगा बैन

उल्लेखनीय है कि गत 21 अक्टूबर को पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने तोशाखाना केस में उन्हें दोषी ठहराते हुए आगामी 5 वर्षों के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। हालाँकि, इसके बाद हाईकोर्ट ने राहत देते हुए उनके चुनाव लड़ने पर लगी रोक को हटा दिया था। इसके अलावा, हाल ही में उनके खिलाफ जानलेवा हमला करने के मामले में भी केस दर्ज किया गया था। यह केस पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ नामक संगठन के नेता मोहसिन शाहनवाज़ राँझा ने दर्ज करवाया था। इसके अलावा, प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े ऑडियो लीक और प्रतिबंधित फंडिंग के मामले में भी इमरान ने के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

‘जहाँ कोई हिलता दिखे, तुरंत गोली मारो’ : 26/11 वाले ताज होटल में UNSC की बैठक, भारत ने सबको सुनवाई PAK आतंकी की ऑडियो

मुंबई आतंकी हमले (Mumbai Terrorist Attack) को अगले महीने 14 साल पूरे हो जाएँगे। उससे पहले एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को UNSC की आतंकवाद विरोधी समिति के सामने बेनकाब किया। दरअसल, शुक्रवार (28 अक्टूबर 2022) को मुंबई के ताज होटल (Taj Hotel) में चल रही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने आतंकी हमले में पाकिस्तान के कनेक्शन का खुलासा किया है।

इस संबंध में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने देश-विदेश के प्रतिनिधियों के सामने एक ऑडियो क्लिप भी पेश किया। यह क्लिप मुंबई के छबाड़ हाउस का है। इसमें पाकिस्तानी आतंकी और 26/11 का साजिशकर्ता साजिद मीर फोन पर आतंकियों को निर्देश दे रहा है, “जहाँ भी मूवमेंट (हिलता) दिखे। कोई बंदा छत पर चल रहा हो या कोई आ रहा है या जा रहा है, उस पर फायर ठोको (गोली चलाओ)। उसे नहीं पता वहाँ क्या हो रहा है।” इसके बाद साजिद मीर को जबाव देते हुए फोन पर दूसरा आतंकी उसे ऐसा करने का भरोसा देता है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को किया गया आतंकवादी हमला सिर्फ मुंबई पर ही नहीं, बल्कि समूचे अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर था। अभी भी इस हमले का हिसाब पूरा नहीं हुआ है। इससे जुड़े साजिशकर्ता और अपराधियों को सजा दिलाने का सिलसिला जारी है। मुंबई में चल रही इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा यूके के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवर्ली, घाना के विदेश मंत्री, यूएई के गृहमंत्री समेत अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

साजिद मीर पर इनाम

साजिद मीर के बारे में कहा जाता है कि वह 2010 तक लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन्स चीफ जकी-उर-रहमान लखवी की सुरक्षा का जिम्मा संभालता था। वह विदेश में आतंकियों की भर्ती करता था और पाकिस्तान में भी टेरर कैंप चलाता था। वह और आईएसआई के इंडियन मुजाहिदीन ऑपरेशन का भी हिस्सा था। एफबीआई ने साजिद मीर पर 50 लाख डॉलर (412415000 रुपए) का इनाम रखा है। अमेरिका और भारत इस आतंकी को पिछले एक दशक से खोज रहे हैं। साजिद मीर ने डेविड कोलमैन हेडली समेत बाकी आतंकवादियों के साथ मुंबई में आतंकवादी हमला करने की योजना बनाई थी। उसे लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज मोहम्मद सईद का करीबी माना जाता है। बता दें कि यह मीटिंग मुंबई के उसी ताज पैलेस होटल में हो रही है, जिसे 26/11 हमले में आतंकियों ने निशाना बनाया था।

‘मेक इन इंडिया’ के तहत पहली बार देश में बनेगा मिलिट्री एयरक्राफ्ट: TATA का यूरोपीय कंपनी Airbus के साथ डील, वडोदरा में PM मोदी करेंगे प्लांट का उद्घाटन

गुजरात के वडोदरा (Vadodara, Gujarat) में टाटा समूह (TATA Group) और एयरबस (Airbus) मिलकर भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के लिए C-295 परिवहन विमान (Transport Aircraft) का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) रविवार (30 अक्टूबर 2022) को इस प्लांट का शिलान्यास करेंगे।

केंद्र सरकार ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को बताया था कि इस परियोजना की कुल लागत 21,935 करोड़ रुपए है। टाटा समूह ने यूरोपीय कंपनी एयरबस के साथ मिलकर यह डील की है। भारत में इससे पहले कभी भी इस तरह के एयरक्राफ्ट नहीं बनाए गए। एयरबस पहली विदेशी कंपनी है, जिसे भारत में सी-295 विमान बनाने की मंजूरी दी गई है।

क्या है C-295 एयरक्राफ्ट डील

इस डील के तहत टाटा और एयरबस वायुसेना के लिए वडोदरा के इस प्लांट में कुल 40 एयरक्राफ्ट बनाएँगे। इसके अलावा जो दूसरे जरूरी इक्विपमेंट हैं, उन्हें भी इसी प्लांट में तैयार करने की तैयारी है। सितंबर 2022 में भारत ने 21 हजार करोड़ से अधिक की एक डील की थी।

उस डील में एयरबस डिफेंस से भारत 56 C-295 एयरक्राफ्ट खरीदने वाला है। इसमें 16 एयरक्राफ्ट पूरी तरह तैयार होकर भारत को मिलने वाले हैं, वहीं जो बचे हुए 40 एयरक्राफ्ट हैं, उनका निर्माण भारत में किया जाएगा। ये वही बचे हुए 40 एयरक्राफ्ट हैं, जिन्हें गुजरात के वडोदरा में तैयार किया जाएगा।

एयरक्राफ्ट की खासियत

भारत में एयरक्राफ्ट के निर्माण से मोदी सरकार की ‘मेक इंन इंडिया’ योजना को बल मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना भारत को डिफेंस के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाना है। यही कारण है कि वे अपने संबोधनों में भी इस पर जोर देते हैं। इस क्रम में पहली बार एक विदेशी कंपनी भारत में ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का निर्माण करने वाली है।

इस एयरक्राफ्ट की खासियत यह है कि इसमें एक बार में 71 ट्रूप या 50 पैराट्रूपर्स को मुश्किल जगहों पर आसानी से ले जाया जा सकता है। प्राकृतिक आपदा के वक्त भी ये एयरक्राफ्ट काफी कारगर है। इसके अलावा रेस्क्यू ऑपरेशन में भी वायुसेना को इस एयरक्राफ्ट से काफी मदद मिलेगी।

C-295 विमान समकालीन तकनीक के साथ 5-10 टन क्षमता का एक परिवहन विमान है, जो भारतीय वायुसेना (IAF) के पुराने एवरो-748 विमानों की जगह लेगा। इसमें सैनिकों और कार्गो के पैरा ड्रॉपिंग के लिए एक रियर रैंप दरवाजा है।

रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि ये विमान पूरी तरह से स्वदेशी होंगे। सितंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच 16 एयरक्राफ्ट रेडी कंडीशन में सौंप दिए जाएँगे। वहीं, देश में बनने वाले 40 विमानों की आपूर्ति 2026 से 2031 तक की जाएगी।

छोटी लड़कियों की नीलामी, माँ से रेप: राजस्थान के हाल देख भड़की NCW, जाँच के लिए भेजी जाएगी टीम, मंत्री बोले- यहाँ ऐसे काम नहीं होते

राजस्थान के भीलवाड़ा से स्टाम्प पेपर पर लड़कियों को बेचे जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए थे। इसमें बताया गया था कि लड़कियों को बेचे जाने से मना करने पर लड़कियों की माँ के साथ रेप किया जाता है। इसके पीछे जातीय पंचायतों की भूमिका बताई गई थी। हालाँकि राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस बात से इंकार किया है कि प्रदेश में लड़कियों को बेचा जाता है।

रिपोर्ट को लेकर पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया था और राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा था। नोटिस में कहा गया था मीडिया रिपोर्ट में जिस घिनौनी प्रथा का दावा किया गया है, वह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

रिपोर्ट पर अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की प्रमुख रेखा शर्मा ने भी चिंता जताई है और बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, ”एनसीडब्ल्यू की एक टीम को राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में भेजा जा रहा है। 1 नवंबर को मैं राजस्थान के सीएस और भीलवाड़ा एसपी से मिलूँगी। पिछले कुछ वर्षों से राज्य से ऐसी ही घटनाएँ सामने आई हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है ।”

घटना पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी संज्ञान लिया है। एनसीपीसीआर के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, ”हम मामले की जाँच करेंगे। 7 नवंबर को, मैं ट्रेफिकिंग से प्रभावित गाँव का दौरा करूँगा, प्रभावित परिवारों से मिलूँगा और यह जानने की कोशिश करूँगा कि इस गठजोड़ में कौन शामिल हैं। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि इस सांठगांठ पर प्रतिबंध लगाया जाए और आरोपी को दंडित किया जाए।

राजस्थान राज्य महिला आयोग ने भी इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है और पुलिस महानिदेशक और भीलवाड़ा कलेक्टर को नोटिस जारी कर तत्काल कार्रवाई करने की माँग की है और 7 दिनों में तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

दूसरी ओर राजस्थान सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस बात से इनकार किया है कि प्रदेश में लड़कियों को बेचा जाता है। उन्होंने कहा, ”यह जाँच का विषय है। जब इस तरह की जानकारी सामने आती है तो हम तब तक सच्चाई नहीं जान सकते जब तक कि जाँच न हो जाए। एनएचआरसी को इस बारे में पहले राजस्थान पुलिस से बात करनी चाहिए थी। प्रदेश में लड़कियों की बिक्री नहीं होती।”

मीडिया रिपोर्ट में क्या है?

लड़कियों की ब्रिकी से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट राजस्थान के भीलवाड़ा से संबंधित है। इसमें पीड़ितों के हवाले से बताया गया है कि लड़कियों को नीलाम कर देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेशों तक भेजा जा रहा है। इसमें बताया गया है कि भीलवाड़ा की कई बस्तियों में विवाद या कर्ज के मामलों का निपटारा पुलिस की जगह जातीय पंच कर रहे हैं। वे लड़कियों की नीलामी करवा रहे हैं। इनकार करने पर उनकी माताओं से बर्बरता की जाती है।

रिपोर्ट में कई मामलों का जिक्र किया गया है। ऐसे ही एक मामले के बारे में बताया गया है कि 15 लाख रुपए के भुगतान के बदले जातीय पंचायत ने एक आदमी को पहले अपनी बहन को बेचने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उसे 12 साल की बेटी को बेचने को मजबूर किया गया। इस तरह एक-एक कर उस व्यक्ति की सभी पाँच बेटियाँ गुलाम बन गई। बावजूद उस व्यक्ति का कर्ज खत्म नहीं हुआ।

₹2180 करोड़ की लागत, 14000 फीट का सेतु: LAC पर भारत होगा और मजबूत, रक्षा मंत्री ने 75 नई परियोजनाओं का किया उद्घाटन

चीन और पाकिस्तान की लगती सीमा (LAC) पर भारत अपने आधारभूत ढाँचे को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर जुटा हुआ है। इसी के तहत रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने सीमा लगे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 75 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को राष्ट्र को समर्पित किया।

दो दिवसीय लद्दाख दौरे पर पहुँचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा बुनियादी ढाँचे वाले जिन परियोजना का उद्घाटन किया है, उनमें लेह का श्योक सेतु भी शामिल है। इस परियोजनाओं को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने तैयार किया है। इस मौके पर BRO के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी भी मौजूद थे।

शुक्रवार (28 अक्टूबर 2022) को रक्षामंत्री ने जिन 75 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया उनमें 44 पुल, 28 सड़कें, 2 हेलीपैड और एक शून्य-कार्बन आवास हैं। ये परियोजनाएँ 6 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हुई हैं।

पुल, सड़क और हेलीपैड वाली ये सभी परियोजनाएँ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। ये वही क्षेत्र है, जहाँ भारतीय सैनिकों और चीनी सेना का गतिरोध हुआ है। कहा जा रहा है कि इन बुनियादी ढाँचों के विकास से भारतीय सेना को बढ़त हासिल होगी।

बता दें कि चीन भारत के साथ लगते वास्तविक सीमा पर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भी वर्षों से इसी तरह के बुनियादी ढाँचे का निर्माण कर रहा है। भारत ने साल 2023 तक अपनी उत्तरी सीमाओं से लगे 272 सड़कों का निर्माण पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजनाओं को BRO ने रिकॉर्ड समय में कुल 2,180 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है। इनमें कई अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण डी-एस-डीबीओ रोड पर 14,000 फीट की ऊँचाई पर बना श्योक सेतु है। इस ब्रिज की लंबाई 120 मीटर है।

जिन पुलों का उद्घाटन किया गया है, उनमें जम्मू और कश्मीर में 12, लद्दाख में 7, हिमाचल प्रदेश में 3, उत्तराखंड में 6, सिक्किम में 2 और अरुणाचल प्रदेश में 13 स्थित हैं। अगर सड़कों की बात करें तो राजस्थान में 6, पंजाब में 1, जम्मू-कश्मीर में 7, लद्दाख में 8, सिक्किम में 2 और अरुणाचल प्रदेश में 4 सड़कों का निर्माण किया गया है। वहीं, दो हेलीपैडों में से एक न्योमा में स्थित है, जो पूर्वी लद्दाख में एलएसी के करीब है।

गाय ने चबाया विस्फोटक, धमाके में पूरा जबड़ा उड़ा: कानपुर में हुए ब्लास्ट की होगी फॉरेंसिक जाँच, माहौल बिगाड़ने वालों पर UP पुलिस का शक

उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को एक गाय के मुँह में बम फट गया जिससे उसका जबड़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गाय को घायल अवस्था में पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इस मामले में, पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जाँच कर रही है। पुलिस को शक है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश के चलते यह हरकत की गई होगी। इसलिए, इलाके के सीसीटीवी फुटेज खँगाले जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कानपुर के काकादेव थाना अंतर्गत नवीन नगर में तेज धमाके के बाद एक गाय के चिल्लाने की आवाज सुनकर स्थनीय लोग इकट्ठे हो गए। जहाँ, लोगों ने देखा कि कूड़े के ढेर के पास खड़ी गाय का जबड़ा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। यह ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने बम से उड़ा दिया हो। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही, घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने इसकी जानकारी एसपीसीए इंचार्ज को दी। जिसके बाद, पशु चिकित्सालय से एक एंबुलेंस भेजी गई और गाय को रायपुरवा स्थित सोसायटी फार प्रीवेंशन ऑफ क्रुएलिटी अगेंस्ट एनिमल अस्पताल ले जाया गया। जहाँ, उसका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टर्स का कहना है कि मुँह के अंदर हुए तेज विस्फोट से गाय के जबड़े का अधिकांश हिस्सा उड़ चुका है।

इस मामले में पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड का कहना है कि काकादेव पुलिस की प्राथमिक जाँच में सामने आया है कि कूड़े के ढेर पर बम पड़ा रहा होगा। जिसे गाय ने धोखे से उसे चबा लिया और उसके मुँह में ही तेज धमाका हुआ जिससे उसका जबड़ा उड़ गया। हालाँकि, अब भी यह जाँच की जा रही है कि यह माहौल बिगाड़ने के लिए किसी की शरारत तो नहीं है। इसके लिए एक टीम सीसीटीवी फुटेज से लेकर एक-एक पहलू की जाँच कर रही है। जाँच के आधार पतो ही मामले की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा है कि कूड़े के ढेर की फॉरेंसिक जाँच भी कराई जा रही है। इस जाँच से यह बात क्लियर हो जाएगी कि यह हादसा पटाखे के विस्फोट से हुआ है या फिर किसी तरह की साजिश है। अब तक हुई जाँच में कूड़े के ढेर पर कई सारे पटाखों के जले हुए टुकड़े मिले हैं। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कोई बम जिंदा रहा होगा जिसे गाय ने चबा लिया जिससे विस्फोट हुआ और यह हादसा हो गया।

‘4 शादियों के लिए बना मुस्लिम, खतना कराने को भी था तैयार’: बॉलीवुड प्रोड्यूसर पर बीवी ने लगाए आरोप, हत्या की कोशिश में गिरफ्तार

बॉलीवुड प्रोड्यूसर कमल किशोर मिश्रा को अपनी पत्नी यास्मीन को कार से कुचलकर मारने की कोशिश के आरोप में महाराष्ट्र की अंबोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पत्नी का आरोप है कि मिश्रा ने चार शादियाँ करने के लिए हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम बन गया था। इसके साथ ही वह अपनी एक दूसरी पत्नी को भी मारने की कोशिश की थी।

बता दें कि इस संबंध में यास्मीन ने करीब 9 दिन पहले 19 अक्टूबर 2022 को पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन जब कार से कुचलने की कोशिश का वीडियो वायरल हुआ, तब अंबोली पुलिस ने एक्शन लिया और गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) की रात को प्रोड्यूसर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।

यास्मीन ने दैनिक भास्कर को बताया, “वह (कमल किशोर मिश्रा) मुझे बच्चों के सामने चप्पल और लात-घूंसों से पीटता है। बेल्ट से भी मारता है। मेरा सिम कार्ड तोड़ दिया और खर्च के लिए पैसे भी नहीं देता। मई 2022 से मैं अपने तीन बच्चों के साथ उसके घर से डेढ़ किलोमीटर दूर रह रही हूँ।” यास्मीन का आरोप है कि वह बच्चों को भी उसके खिलाफ भड़काता है।

यास्मीन का कहना है कि जब मिश्रा ने उन्हें कार से कुचलने की कोशिश की, तब उसकी चौथी पत्नी आयशा भी उसके साथ मौजूद थी। पुलिस ने मिश्रा के साथ-साथ आयशा के खिलाफ भी हत्या की कोशिश की धाराओं में केस दर्ज किया है।

यास्मीन के अनुसार, जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन कमल मिश्रा अपनी कार में मॉडल आयशा सुप्रिया के साथ रोमांस कर रहा था। जब यास्मीन ने गाड़ी की विंडो खटखटाई और बाहर आकर बात करने के लिए कहा और तेजी से गाड़ी घुमाकर चढ़ा दी। यास्मीन का कहा है कि इससे वह जमीन पर गिर गई और उसके पैर एवं सिर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तीन टाँके भी लगे।

यास्मीन के मुताबिक, “कमल किशोर मिश्रा मेरे पीछे पड़ा था। इसके बाद 20 फरवरी 2014 को अंधेरी कोर्ट में हमने शादी कर ली। वह हिंदू था और मैं मुस्लिम। मेरे तीन बच्चे भी थे। शादी के चार महीने के बाद वह इस्लाम अपना लिया। फिर चार मौलानाओं के सामने हमारा निकाह हुआ था। शादी के लिए वह खतना कराने के लिए भी राजी था।”

यास्मीन का कहना है कि जब वह लखनऊ से मुंबई आई तो आयशा नाम की एक मॉडल ने उसे फोन किया और बताया कि वह कमल मिश्रा की पत्नी है। इस दौरान यास्मीन को यह भी पता चला कि उसकी विजय लक्ष्मी और नेहा मिश्रा नाम की दो और पत्नियाँ हैं। यास्मीन का कहना है कि जब उसने शादी की थी, तब कमल मिश्रा ने खुद को कुँवारा बताया था।

यास्मीन ने यह भी आरोप लगाया कि कमल किशोर मिश्रा को कोई लड़की पसंद आती है तो वह उसे रिझाने के लिए खुद को अरबपति बताता है। अक्सर कहता है कि उसका UP में टेलीकॉम का बड़ा बिजनेस है और पैसों का लालच देकर वह लड़कियों को फाँसता है। यास्मीन ने कहा कि 6 मार्च को उसने आयशा से शादी की तो उसे तीन तलाक देकर और मारपीट कर घर से भगा दिया।

यास्मीन ने कहा कि कमल मिश्रा की दूसरी पत्नी कानपुर की रहने वाली है। मिश्रा ने उसे भी 5 साल तक धोखे में रखा और फिर उसे छोड़ दिया। यास्मीन का कहना है कि मिश्रा की दो छोटी बहनें हैं और इस बारे में उन दोनों को सारी जानकारी है।

यूपी के गोंडा में जन्मा कमल किशोर मिश्रा बॉलीवुड का प्रोड्यूसर है। कमल मिश्रा को भूतियापा, फ्लैट नंबर 42, शर्माजी की लग गई जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। इसी साल उसकी फिल्म देहाती डिस्को रिलीज हुई है।

‘कहाँ से काट दिए यादव-मुस्लिमों के 20 हजार वोट?’: अखिलेश यादव के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सपा प्रमुख को भेजा नोटिस, 10 नवंबर तक माँगा सबूत

भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को नोटिस भेजा है। इस नोटिस में, निर्वाचन आयोग ने अखिलेश यादव से उत्तर प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट की मतदाता सूची से 20 हजार यादव और मुस्लिम वोटों को हटाने के आरोपों को लेकर सबूत पेश करने के लिए कहा है। सबूत पेश करने के लिए अखिलेश यादव को 10 नवंबर तक का समय दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गत 29 सितंबर को लखनऊ में समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया था। जहाँ, अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को भाजपा के इशारे पर काम करने वाला करार दिया था।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें चुनाव आयोग पर सबसे अधिक भरोसा था लेकिन चुनाव आयोग ने बीजेपी और उसके पन्ना प्रमुखों के इशारे पर लगभग हर विधानसभा सीट पर यादवों और मुसलमानों के कम से कम 20,000 वोट काट दिए। उन्होंने कहा था कि वह पहले भी कह चुके हैं और अब फिर कह रहे हैं अगर जाँच होती है तो पता चलेगा कि उनके 20 000 वोट खारिज कर दिए गए और कई लोगों के नाम हटा दिए गए। कुछ लोगों को एक बूथ से दूसरे बूथ पर ट्रांसफर कर दिया गया।

अखिलेश ने यह भी कहा था कि उत्तर प्रदेश में जो सरकार बनी है, वह जनता की बनाई हुई नहीं है। यह सरकार आपसे छीनी गई है। सरकार समाजवादियों की बन गई थी लेकिन पूरी की पूरी मशीनरी लगाकर आपकी सरकार छीनी गई। इलेक्शन कमीशन ने बीजेपी के इशारे पर सपा के वोटरों के वोटर लिस्ट से नाम काट दिए।

इस मामले में अब संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव को नोटिस जारी कर विधानसभावार मतदाताओं के नाम हटाने और इस संबंध में समाजवादी पार्टी की ओर से जिला व राज्य चुनाव प्राधिकरण को की गई शिकायतों का ब्योरा देने को कहा है।

इस नोटिस में चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि किसी भी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची से 20,000 मतदाताओं को हटाने के संबंध में समाजवादी पार्टी की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। साथ ही, तमाम जिलों और उत्तर प्रदेश राज्य के चुनाव अधिकारियों ने भी उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं दी है।

इसके अलावा निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट से अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति समुदायों के लगभग 10,000 मतदाताओं को हटाने के संबंध में केवल एक शिकायत प्राप्त हुई थी। यह शिकायत अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के सपा उम्मीदवार द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी से गई थी। जिसकी जाँच के बाद शिकायत आधारहीन, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत पाई गई थी।