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‘द वायर’ के खिलाफ कोर्ट जाएँगे अमित मालवीय: बदनाम करने के लिए छापी थी फर्जी र‍िपोर्ट, बाद में माँगी थी माफी

‘द वायर’ (The Wire) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय (Amit Malviya) को मेटा (Meta) से ताकतवर बताने वाली र‍िपोर्ट छापी थी, जिसे भारी फजीहत होने के बाद कंपनी ने अपनी वेबसाइट से हटा लिया है। इसके बाद उसने देश की छवि को बदनाम करने के बाद माफी माँगने का दिखावा कर नौटंकी भी की।

‘द वायर’ ने चौतरफा आलोचना के बाद कहा था क‍ि वो अब मेटा के खिलाफ रिपोर्ट बनाने के लिए इस्तेमाल हुए हर दस्तावेज, तकनीक, क्रॉस-चेक और सूत्र की आंतरिक समीक्षा करेगा। हालाँकि, अम‍ित मालवीय वामपंथी वेबसाइट को बख्‍शने के मूड में नहीं हैं। उन्‍होंने ट्वीट कर वायर के ख‍िलाफ कार्रवाई की बात कही है।

मालवीय ने कहा, “अपने वकीलों से परामर्श करने और उनकी सलाह लेने के बाद मैंने ‘द वायर’ के खिलाफ आपराधिक और दीवानी कार्रवाई करने का फैसला किया है। न केवल मैं आपराधिक प्रक्रिया को बढ़ाऊँगा, बल्कि मैं उन पर दीवानी अदालत में हर्जाना माँगूँगा, क्योंकि उन्होंने मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए जाली दस्तावेज बनाए थे।”

‘द वायर’ ने मेटा पर अम‍ित मालवीय के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था

वामपंथी वेबपोर्टल ने एक रिपोर्ट प्रकाशित किया, जिसमें दावा किया था कि अमित मालवीय इतने शक्तिशाली हैं कि फेसबुक या इंस्टाग्राम पर कोई पोस्ट अच्छा न लगने पर उसे तुरंत हटवा सकते हैं। हालाँक‍ि, ‘Meta’ के कम्युनिकेशंस हेड एंडी स्टोन ने इस पूरी खबर को बनावटी करार दिया था। उन्होंने कहा था कि बनावटी दस्तावेजों के आधार पर ‘The Wire’ ने इस रिपोर्ट को तैयार किया है। एक अज्ञात सूत्र के आधार पर ‘The Wire’ ने दावा किया था कि अमित मालवीय ने सोशल मीडिया से 705 पोस्ट्स हटवाएँ हैं।

भारी फजीहत के बाद स्‍टोरी हटाई

‘द वायर’ ने भारी फजीहत के बाद स्‍टोरी को वेबसाइट से हटा लिया है। कंपनी ने कहा था कि वो अब मेटा के खिलाफ रिपोर्ट बनाने के लिए इस्तेमाल हुए हर दस्तावेज और सूत्र की आंतरिक समीक्षा करेगा। इसमें दस्तावेजों, सूचनाओं, स्रोत सामग्री, तकनीक और क्रॉस-चेक की जाँच की जाएगी।

डोमेन एक्सपर्ट्स और इंडिपेंडेंट रिसर्चर्स ने स्टोरी खारिज की

वामपंथी वेबसाइट ने अपने संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन की बाइलान वाली इस स्टोरी पर ऐसा एक्शन तब लिया, जब डोमेन एक्सपर्ट्स और इंडिपेंडेंट रिसर्चर ने उसकी स्टोरी को खारिज कर दिया। इसके साथ ही ये भी बताया कि शायद इस स्टोरी को गढ़ने के लिए फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग हुआ है। एक्सपर्ट्स के ऐसे दावे के बाद ही वायर ने अपने प्लेटफॉर्म से स्टोरी हटाई और आंतरिक समीक्षा की बात कहकर अप्रत्यक्ष रूप से मान लिया कि मेटा पर की गई उनकी स्टोरी कितनी गलत थी।

प्राइवेसी र‍िसर्चर ने द वायर पर लगाया फर्जीवाड़े का आरोप

वी आनंद नाम के एक प्राइवेसी र‍िसर्चर ने 20 अक्टूबर को ट्विटर पर इस दावे को खारिज कर दिया था कि उन्होंने मेटा विवाद में ‘द वायर’ के देवेश कुमार के काम का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था, “मैं वास्तव में लगातार धोखाधड़ी से थक गया हूँ। यह वास्तव में हतप्रभ करने वाला है कि ये सब अब स्पष्ट रूप से एक मृत कहानी पर विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए हो रहा है। इस बारे में सिद्धार्थ वरदराजन को सूचित कर दिया है।”

‘मैं ब्रा भी नहीं पहनी थी और उसने मेरे स्तनों को पकड़ धक्का दे दिया’: मुंबई के इस्लाम जिमखाना के महासचिव नुरुल अमीन पर महिला का आरोप

मुंबई का इस्लाम जिमखाना (Islam Gymkhana) एक बार फि‍र से वि‍वादों में है। इस बार एक महिला सदस्य ने जिमखाना के जनरल सक्रेटरी नुरुल अमीन और मेंबर रयान रजमी पर छेड़खानी करने का आरोप लगाया है। एक र‍िपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को शाम 7 बजे पीड़िता एक्सरसाइज करने के बाद कपड़े बदल रही थी, तभी नुरुल अमीन चेंजिंग रूम में घुस आया और पीड़िता को गलत तरीके से छुआ।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार, “शुक्रवार को लगभग 7.30 बजे मेरे पिता स्पा रूम में आए और मैंने उन्हें प्रबंधन द्वारा मसाजर की सुविधा नहीं देने की घटना बताई। फिर मैं कपड़े पहनने के लिए चेंजिंग रूम में गई। मेरे पिता के आने के 5 मिनट बाद नुरुल अमीन शेख आया और स्पा रूम के दरवाजे को धक्का देकर अंदर घुस गया, जहाँ पुरुषों का प्रवेश न‍िषेध है। इस दौरान मेरे पिता ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन नुरुल ने उन्हें धक्का दे दिया और गाली-गलौच करने लगा।”

महिला ने अपनी शिकायत में आगे कहा है, “मैं उस समय कपड़े पहन रही थी। जब वह अंदर घुसा तो मैंने ऊपर के कपड़े नहीं पहनी थी और अपनी ब्रा पहनने वाली थी। मैंने सिर्फ ट्रैक पैंट पहन रखा थ। अंदर आने के बाद नुरुल ने मेरे दोनों स्तनों पर हाथ रखकर मुझे धक्का दिया और मैं गिर गई। इसके बाद मैं उठी और टी शर्ट पहनकर बाहर निकल गई।”

महिला के अनुसार, इस दौरान उसके 65 वर्षीय पिता ने नुरुल को खींचने की कोशिश की, लेकिन उसने उन्हें धक्का दे दिया। नुरुल ने धमकाते हुए महिला के पिता से कहा, “तुझे और तेरी बेटी को सबक सिखाना पड़ेगा। मैं तुम दोनों को गोली मरवा दूँगा। तुम लोग जानते नहीं हो मेरे पार्टनर अंडरवर्ल्ड के बड़े लोग हैं। मेरा स्मगलिंग का काम अंडरवर्ल्ड के लोगों के साथ है और वो लोग तुम को गायब कर देंगे। मेरे साथी का नाम सुनोगे तो पेशाब निकल जाएगी। उसका नाम सलीम फ्रूट है।”

अपनी शिकायत में पीड़िता ने कहा, “मैं और मेरे पिता घबरा गए और फिर मिस्टर साद, मिस हिना, मिस्टर हनीफ (इस्लाम जिमखाना के मैनेजर), मिस्टर चौधरी और रेयान रजमी स्पा रूम में आए। इसके बाद रेयान रजमी ने भी मुझे दिया और ऐसा करने के दौरान मेरे स्तनों को छुआ। इस दौरान उसने मुझे छिन*ल और र*डी भी कहा।”

पीड़ित परिवार ने मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 354, 504, 506, 509, 34 के तहत एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, इस्लाम जिमखाना के प्रेसिडेंट युसूफ अब्राहनी ने बताया कि इस मामले में उन्होंने एक कमिटी का गठन किया है।

जिमखान इससे पहले भी व‍िवादों में रहा है। इसके पहले एक महिला ने ऐसी ही शिकायत मुंबई पुलिस में की थी। इसके अलावा महिला ने तत्कालीन मुख्यमंत्री से भी इसकी की थी। उस महिला के साथ भी छेड़खानी करने वाला नुरुल अमीन ही है। उस महिला ने भी अपनी शिकायत में कहा था कि नुरुल अमीन ने जिमखाना के अंदर उसे जबरन पकड़ने की कोशिश की थी।

इसके अध्यक्ष और पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक ने जिमखाना परिसर में ताश सहित अन्य खेलों पर पाबंदी लगा दी थी, ज‍िसको लेकर इस्लाम जिमखाना के अनेक सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि इसका स्वरूप ‘लिबरल’ है, इसलिए इस तरह के फैसले का कोई औचित्य नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लाम जिमखाना के अध्यक्ष युसूफ अब्रहानी ने 30 अक्टूबर 2020 को ईद-ए-मिलाद के मौके पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया था। इस आदेश को जारी करते हुए युसूफ अब्रहानी ने जिमखाना के सदस्यों पर आरोप लगाया था कि वे ताश की आड़ में ‘जुआ और सट्टा’ खेलते हैं।

पुरुष क्रिकेटरों की तरह महिलाओं को भी टेस्ट के लिए ₹15 लाख और ODI के लिए मिलेंगे ₹6 लाख, BCCI के सचिव जय शाह बोले- लैंगिक समानता की दिशा में पहला कदम

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला और पुरुष क्रिकेट टीम के बीच फीस के भेदभाव को खत्म करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बीसीसीआई ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) कहा कि अब से महिला और पुरुष क्रिकेट टीम को बराबर फीस मिलेगी।

बोर्ड के सचिव जय शाह (Jay Shah) ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बीसीसीआई ने इस भेदभाव को दूर करने के लिए पहला कदम उठाया है। हम अपनी अनुबंधित महिला क्रिकेटरों के लिए पे इक्विटी पॉलिसी लागू कर रहे हैं।”

BCCI सचिव ने कहा, “हम अब लैंगिक समानता के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। इस नई पॉलिसी के तहत अब से महिला और पुरुष क्रिकेटरों को एक समान मैच फीस जाएगी।” उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेटरों को पुरुष की तरह टेस्ट मैच के लिए 15 लाख रुपए, वनडे इंटरनेशनल के लिए 6 लाख रुपए और टी20 मैच के लिए 3 लाख रुपए मैच फीस मिलेगी।

बताया जा रहा है कि अभी महिला क्रिकेटरों को एक वनडे या टी-20 इंटरनेशनल मैच के लिए 1 लाख रुपए ही मिलते हैं। वहीं एक टेस्ट मैच के लिए 4 लाख की फीस मिलती है। भारत में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बीसीसीआई ने न केवल पे इक्विटी पॉलिसी को लागू करने का फैसला लिया है, बल्कि मार्च 2023 से महिला आईपीएल शुरू करने की तैयारी की है। इस टूर्नामेंट में कुल 5 टीमें होंगी। यह पुरुष आईपीएल की तरह ही होगा।

बता दें कि क्रिकेट में महिला-पुरुषों को समान वेतन देने की पहल इस साल जुलाई में सबसे पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NZC) ने शुरू की थी। न्यूजीलैंड क्रिकेट समान मैच फीस लागू करने वाला पहला बोर्ड था। यह डील पहले 5 साल के लिए की गई है।

‘अल्लाह की तस्वीर खोज कर शेयर करो’ – जिस कॉन्ग्रेसी नेता सलमान को चाहिए था नोट पर अल्लाह, जीसस, बुद्ध… उसकी लोगों ने लगाई क्लास

द‍िल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरव‍िंद केजरीवाल ने नोटों पर देवी लक्ष्‍मी और भगवान गणेश की तस्‍वीरें छापने की अपील की थी। गुजरात चुनाव से ठीक पहले केजरीवाल के इस बयान ने व‍िवाद खड़ा कर द‍िया है। उनके इस बयान को भाजपा ने आड़े हाथों ल‍िया। अब कॉन्‍ग्रेस नेता सलमान अनीस सोज ने केजरीवाल के बयान को आगे बढ़ाते हुए एक नया व‍िवाद पैदा कर द‍िया। इन साहब को अल्लाह चाहिए नोटों पर।

सलमान अनीस सोज ने कहा कि अगर लक्ष्मी और गणेश समृद्धि ला सकते हैं, तो अल्लाह, जीसस और बुद्ध को शामिल करने से और भी अधिक समृद्धि आएगी। सोशल मीड‍िया यूजर्स ने उनके इस बयान को लेकर जमकर क्‍लास लगाई है।

एक टिवटर यूजर आरोही त्रिपाठी ने कहा, ”कृपया हमारी जानकारी के ल‍िए अल्‍लाह की तस्‍वीर शेयर करें।”

वहीं एक यूजर काम‍िर खान ने तो सोज को ट्वीट डिलीट करने की ही सलाह दे दी।

एक यूजर पदमजा ने कहा क‍ि आप व‍िरोध कीजिए लेक‍िन सेंस‍िबल भी बन‍िए। आप अल्‍लाह की फोटो कहाँ से लाएँगे।

कॉन्‍ग्रेस सांसद मनीष त‍िवारी ने केजरीवाल के बयान का समर्थन क‍िया है। उन्‍होंने कहा, ”मैं उनके बयान के खिलाफ नहीं हूँ। भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी का भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान है और महत्वपूर्ण कार्य करने से पहले हम उनसे प्रार्थना करते हैं। वह अपनी ओर से सही हैं।”

दरअसल केजरीवाल ने केंद्र सरकार से महात्मा गाँधी की तस्वीर के साथ नोटों पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीरें लगाने की अपील की थी। अरविंद केजरीवाल ने कहा था, “अगर नोटों पर देवता हों तो पूरे देश को उनका आशीर्वाद मिलेगा। लक्ष्मी समृद्धि की देवी हैं और भगवान गणेश मुसीबतों को दूर रखने वाले देवता हैं।”

‘मांस खाओ और नमाज़ पढ़ो’: पंडित बनकर मिले जाहिद ने बच्चा होने पर दिखाया अपना असली रूप, हिंदू लड़की को इस्लाम अपनाने के लिए करने लगा प्रताड़ित

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) शाजापुर में भोपाल की रहने वाली एक युवती लव जिहाद (Love Jehad) का शिकार हो गई है। युवती ने शेख ज़ाहिद नाम के व्यक्ति पर खुद को पंडित बताकर शादी का झाँसा देने और रेप करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, गर्भवती होने पर जाहिद उसे मुस्लिम बनने के लिए दबाव देने लगा।

बुधवार (26 अक्टूबर 2022) को पीड़िता ने पुलिस में इसकी शिकायत पुलिस में दी। पुलिस ने FIR दर्ज करके आरोपित जाहिद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इसी केस में वांटेड उसके भाई साजिद की तलाश कर रही है। हिन्दू संगठनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला शाजापुर जिले के शुजालपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने थाने में दी गई शिकायत में बताया है कि उसकी पहली शादी परिजनों की मंजूरी से हुई थी, जो घरेलू कलह से ज्यादा दिन नहीं चल पाई।

पीड़िता ने अपनी जीविका चलाने के लिए एयरटेल कम्पनी में नौकरी कर ली। पीड़िता के एक रिश्तेदार भोपाल के करौंद इलाके में रहते थे। वहाँ युवती अक्सर आती-जाती रहती थी। आरोप है कि करौंद में ही युवती की मुलाकात जाहिद से हुई थी, जो पहली बार युवती से गामा नाम से मिला था।

अपनी शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया कि गामा बने जाहिद ने लगभग 14 साल पहले पहली बार अपना परिचय पंडित के रूप में दिया। गामा के अब्बा का नाम शेख सईद है, जो शाजापुर के डाबरीपुरा में रहता है। खुद को ब्राह्मण बताते हुए गामा ने पीड़िता को विश्वास में लिया और शादी का वादा किया। इस दौरान उसने कई बार युवती से शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता का दावा है कि उसे गामा के मुस्लिम होने की जानकारी कुछ साल पहले हुई थी। युवती के अनुसार, 7 साल के रिश्ते के बाद जब वो गर्भवती हुई तब उसने गामा पर शादी करने का दबाव बनाया। इसके बाद उसने कोर्ट मैरिज कर ली। महिला ने बताया कि इस दौरान गामा के कागजातों को देख कर पीड़िता को उसके मुस्लिम होने का पता चला।

महिला का कहना है कि अपने होने वाले बच्चे के बारे में सोचकर वह सब कुछ जानकर भी चुप रही। इस दौरान उसने एक बेटे को जन्म दिया। युवती ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि अपनी पोल खुल जाने के बाद जाहिद आए दिन उसे प्रताड़ित करने लगा। आरोप है कि जाहिद ने युवती को कत्ल करने की भी धमकी दी थी।

युवती ने अपनी आपबीती बताते हुए आगे कहा कि उसका बेटा लगभग 8 साल का हो चुका है, लेकिन अभी तक जाहिद ने उसका कोई कागजात नहीं बनवाया। पीड़िता के मुताबिक, जब वो इसके लिए कहती थी तो उस पर जाहिद हिन्दू धर्म त्यागकर मुस्लिम बनने का दबाव बनाता था।

युवती का आरोप है कि जाहिद के घर वाले, खासतौर पर भाई साजिद प्रताड़ना में उसका साथ देता था। महिला का कहना है कि वह ब्राह्मण है और शाकाहारी है। इसके बावजूद वे उस पर शाकाहार छोड़कर मांस खाने और नमाज़ पढ़ने का दबाव बनाते थे। युवती का कहना है कि जब वो ऐसा करने से इनकार करती थी तो जाहिद उसकी बेरहमी से पिटाई करता था।

पीड़िता ने यह भी बताया कि आए दिन की प्रताड़ना से परेशान होकर एक दिन वो सामान लेकर घर से निकल गई, लेकिन जाहिद उसे जबरदस्ती वापस ले आया। युवती का कहना है कि जब वह काम पर जाती थी तो आरोपित दूसरी लड़कियों को घर लाकर उनसे शारीरिक संबंध बनाता था।

पीड़िता के मामले की जानकारी होते ही हिन्दू संगठन सक्रिय हो गए। सभी ने युवती के साथ शुजालपुर सिटी पुलिस थाने में जाकर आरोपित जाहिद उर्फ़ गामा पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने जाहिद पर दुष्कर्म और धर्मांतरण अधिनियम की धाराओं में FIR दर्ज कर लिया है। अब पीड़िता अपने परिजनों के साथ मायके में रहने की इच्छा जता रही है।

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड को हर साल दिए औसतन ₹14.50 करोड़: 7 सालों में बाँटी ₹101 करोड़ की खैरात, RTI में खुलासा

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) भले ही भारतीय नोटों पर देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर छापने की माँग करके हिंदुओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन हकीकत इससे अलग है। एक RTI में खुलासा हुआ है कि सीएम केजरीवाल ने दिल्ली वक्फ बोर्ड को लगभग 101 करोड़ रुपए दिए हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने 7 साल के शासन में जनता के 101 करोड़ रुपए की जो राशि दिल्ली वक्फ बोर्ड को दी है, उसमें से 62 करोड़ रुपए पिछले एक साल में दिए गए हैं। वहीं, साल 2019-20 में 22 करोड़ 72.50 लाख रुपए दिए गए। इसके पहले 2018-19 में 8 करोड़ 85 लाख 69 हजार रुपए दिए गए।

RTI में मिले जवाब के अनुसार, साल 2015-16 में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड को 1.25 करोड़ रुपए दिए थे। इसके बाद यह राशि हर साल बढ़ाई गई। साल 2016-17 में 1.37 करोड़ रुपए और 2017-18 में 5 करोड़ रुपए दिए गए। हालाँकि, 2020-21 में दिल्ली सरकार की ओर से कोई राशि नहीं दी गई। यह वही साल था, जब देश मे कोरोना का कहर था।

RTI कार्यकर्ता अजय बोस द्वारा हासिल की गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने हर साल औसतन लगभग 14.50 करोड़ रुपए की सार्वजनिक राशि दिल्ली वक्फ बोर्ड को दी। दिल्ली सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड को सौंपा गया यह पैसा आम जनता का है, लेकिन अपनी वोटबैंक की राजनीति को चमकाने के लिए इसे एक समुदाय विशेष को सौंप दिया।

‘भारत में मुस्लिम PM’ पर (कु)तर्क के बीच ‘बेगम साहिबा’ बनीं आरफा खानुम शेरवानी, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व ज​ज ने लगाई मिर्ची

ब्रिटेन के पहले अश्वेत और भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को लेकर दुनिया भर में चर्चा हो रही। इसी बीच वामपंथी पोर्टल द वायर (The Wire) ने भी उन पर एक स्टोरी की। स्टोरी ऐसी जहाँ ऋषि सुनक पर चर्चा शुरू तो जरूर हुई लेकिन खत्म हुई भारत में मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने पर। इसी स्टोरी पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व ज​ज मार्कंडेय काटजू ने कॉमेंट कर मजे लिए।

वामपंथी प्रोपगेंडा पोर्टल द वायर की कथित पत्रकार आरफा खानुम शेरवानी (Arfa Khanum Sherwani) ने इस स्टोरी में अपनी ओछी मानसिकता का परिचय देते हुए बेवजह भाजपा पर निशाना साधा। अपने शो में बुलाए गए गेस्ट से उन्होंने सवाल किया, “जब ब्रिटेन में एक अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री चुना जा सकता है, तो क्या भारत में भी एक मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकता है?”

इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व ज​ज मार्कंडेय काटजू ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। आरफा खानुम शेरवानी के सवाल पर मजे लेते हुए काटजू ने द वायर की (कु)तर्की स्टोरी पर लिखा, “बेगम साहिबा! आपको हमारा पहला मुस्लिम पीएम बनाया जाना चाहिए।” वह फिर लिखते हैं, “कितना गहरा विचार है बेगम आरफा! 3 चीयर्स टू यू।”

फोटो साभार: काटजू का ट्वीट

काटजू के ट्वीट से बौखलाई आरफा ने उनके पोस्ट का स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा, “यह कोई अज्ञात राइट विंग ट्रोल नहीं है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट का एक पूर्व जज है जो एक महिला पत्रकार को ‘बेगम’ कहकर बुला रहा है, क्योंकि वह मुस्लिम है। यह भारत में काम करने वाले मुस्लिमों का अपमान है।”

काटजू इसके बाद भी नहीं रुकते हैं। वह आरफा के ट्वीट करने के बाद मजाकिया लहजे में कहते हैं , “ओ आरफा, क्या कोई आपके साथ मजाक भी नहीं कर सकता? मैं आपका बहुत सम्मान करता हूँ।”

फोटो साभार: काटजू का ट्वीट

इसके बाद आरफा करुणा नंदी नाम की वकील का पोस्ट रिट्वीट करती हैं, जिसमें उन्होंने काटजू के बारे में लिखा, “बेहद घटिया स्तर और सम्मान की भयानक कमी।”

फोटो साभार: अरफा का ट्विटर

काटजू ने बिना रुके एक और ट्वीट किया। इसमें वह फिर से मजाक वाली बात दोहराते हैं हालाँकि माफी माँगते हुए। उन्होंने लिखा, “मैं सिर्फ मजाक कर रहा था, लेकिन अगर आपको यह अपराध लगा तो मैं इसके लिए माफी माँगता हूँ। मैं आपका बहुत सम्मान करता हूँ।”

फोटो साभार: काटजू का ट्वीट

बता दें कि सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज के ट्वीट पर काफी लोग मजे ले रहे हैं।

6 महीने के लिए बंद हुआ केदारनाथ का कपाट, 550 गोल्ड प्लेट से गर्भगृह को सजाया गया: उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रस्थान किए भगवान शिव

उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham, Uttarakhand) के कपाट सर्दियों के लिए बंद कर दिए गए हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना के बाद आज गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को सुबह साढ़े आठ बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। इस दौरान भारतीय सेना के 11 मराठा रेजीमेंट ने आध्यात्मिक संगीत बजाए।

कपाट बंद करने के दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, तीर्थ पुरोहित और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ 3,000 से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे। इस साल 43 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम पहुँचे थे। अकेले केदारनाथ में 15,61,882 श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों और छतों को बुधवार (26 अक्टूबर 2022) को 550 सोने की परतों से सजाकर एक भव्य रूप दिया गया। इसके लिए मुंबई के एक बिजनेसमैन ने फंडिंग की है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को सोने से सजाने का काम पिछले तीन दिनों से चल रहा था। इसकी दीवारों और छतों को 3 दिन में 19 कारीगरों ने सोने की 550 परतों से सजाया है। इसके बाद IIT रुड़की, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च रुड़की और ASI की 6 सदस्यीय टीम ने धाम का निरीक्षण भी किया।

मालूम हो कि साल 2017 में गर्भगृह की दीवारों को चाँदी से ढँका गया था, जिसके लिए लगभग 230 किलोग्राम मेटल का इस्तेमाल किया गया था। केदारनाथ मंदिर की दीवारों पर सोने की परत चढ़ाने से पहले इस पर लगी चाँदी हटाई गई। उसके बाद चाँदी की जगह ताँबा लगाया गया।

गर्भगृह की दीवारों पर ताँबा चढ़ाने के बाद नाप लिया गया और फिर से इसको निकालकर वापस महाराष्ट्र ले जाया गया, जहाँ ताँबे की परत की नाप के आधार पर सोने की परतें तैयार की गईं। सोने की ये परतें मंदिर के गर्भगृह, चारों खंभों एवं शिवलिंग के आसपास भी लगाई गई हैं।

मंदिर के पुजारी द्वारा ज्योतिर्लिंग को बाघंबर, भृंगराज फूल, भस्म, स्थानीय सूखे फूलों और पत्तियों से ढँकने के बाद गर्भगृह और मंदिर का मुख्य द्वार बंद कर दिया और भगवान शंकर की पंचमुखी डोली ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर के लिए रवाना हो गई। बता दें कि चारधाम के कपाट हर साल सर्दियों में बंद कर दिए जाते हैं। यह अगले साल अप्रैल-मई में भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं।

KGF 2 से ज्यादा बिके टिकट, कमाई में PS 1 से भी निकली आगे: कांतारा देख कर रजनीकांत ने कहा- हिला दिया मुझे

अभिनेता और निर्देशक ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांतारा सफलता के नए कीर्तिमान बना रही है। कई भाषाओं में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कलेक्शन कर रही है। हिंदी भाषा की कमाई में इस फिल्म ने पोंनियिन सेलवन-1 को भी पीछे छोड़ दिया है। हिंदी में रिलीज होने के 13 दिन में कांतारा फिल्म लगभग 30 करोड़ रुपए का व्यापार कर चुकी है। पहले यह फिल्म केवल कन्नड़ भाषा में बनी थी।

फिल्म समीक्षक रमेश बाला ने ट्वीट कर के कांतारा फिल्म की इस उपलब्धि की जानकारी दी है। वहीं, ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श ने बताया कि कांतारा फिल्म ने अकेले हिंदी भाषा में 12 दिनों में 26.50 करोड़ रुपए का कारोबार किया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, कांतारा फिल्म ने तमाम भाषाओं को मिला कर अब दुनिया भर में 232 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया है। इस ग्रॉस कलेक्शन में लगभग 217 करोड़ भारत से आया है, जबकि शेष राशि विदेशों से कलेक्ट हुई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, कांतारा कर्नाटक में अब तक सबसे ज्यादा देखी गई फिल्म बन चुकी है। दावा किया जा रहा है कि इस फिल्म ने KGF के भी दोनों हिस्सों को पीछे छोड़ दिया है। KGF 2 के कुल 75 लाख टिकट बिके थे, जबकि कांतारा के अब तक 77 लाख टिकट बिक चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांतारा फिल्म को न सिर्फ भारतीय बल्कि विदेशी दर्शक भी काफी पसंद कर रहे हैं। बॉलीवुड से शिल्पा शेट्टी, अल्लू अर्जुन और रजनीकांत जैसे कई अभिनेता और अभिनेत्री इस फिल्म की खुलकर तारीफ कर चुके हैं। रजनीकांत ने तो कांतारा को खुद को हिला देने जैसी फिल्म बताया और ऋषभ शेट्टी को बधाई दी।

इस फिल्म को बनाने वाले अभिनेता ऋषभ का कहना है कि ये सफलता एक दिन में नहीं मिली, बल्कि इसके लिए उन्होंने 18 वर्षों तक संघर्ष किया है। बता दें कि इस फिल्म के लेखक, डायरेक्टर और लीड हीरो ऋषभ शेट्टी ही हैं।

‘भारतीय करेंसी पर हो मुलायम की फोटो’: लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर के बीच सपा नेता की फरमाइश, भारत रत्न देने और एक्सप्रेस-वे का नाम बदलने की हो चुकी है माँग

देश के करेंसी नोटों पर देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर (Laxmi-Ganesh Photo on Notes) छापने की दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की माँग के बाद एक नया बहस शुरू हो गया है। इस बीच समाजवादी पार्टी (SP) के एक नेता ने पार्टी के संस्थापक और हाल में इस दुनिया को छोड़ कर गए मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की तस्वीर नोटों पर छापने की माँग की है।

सपा के प्रदेश सचिव शमशेर मलिक ने ट्वीट कर कहा कि भारत सरकार करेंसी नोट पर नया फोटो लगाने या बदलने पर विचार कर रही है तो उस पर स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की फ़ोटो लगाई जाए। शमशेर मलिक ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सर्वमान्य नेता रहे हैं।

शमशेर मलिक ने कहा, “यदि भारत सरकार नोट पर नया फ़ोटो लगाने या बदलने पर विचार कर रही है तो हम समाजवादियों की माँग है कि नोट पर सर्वमान्य नेता आदरणीय मुलायम सिंह यादव (नेताजी) की तस्वीर लगाई जाए। ये स्व. नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूरा देश नोट पर नेताजी की तस्वीर का सम्मान करेगा।”

उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने समाज के सभी वर्गों को बराबर सम्मान और हिस्सेदारी दी। उन्होंने छात्र, नौजवानों, महिलाओं, किसानों और सैनिकों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को बराबर सम्मान दिया। कहा कि प्रत्येक वर्ग के लिए मुलायम सिंह यादव ने धरातल पर काम किया, जिसका लाभ समाज के अलग-अलग लोगों को मिला।

इसके पहले समाजवादी पार्टी के संभल से विधायक नवाब इकबाल महमूद ने मुलायम सिंह यादव को भारत रत्न देने की माँग की थी। महमूद ने कहा था कि मुलायम देश के नेता थे। हर दल के नेता उनका सम्मान करते थे और अब भी करते हैं। उन्होंने सबको जोड़ने का काम किया। ऐसी शख्सियत को ‘भारत रत्न’ मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) से इस विचार करने के लिए कहा।

इसके पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह ने 12 अक्टूबर 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर मुलायम को भारत रत्न से सम्मानित करने की माँग की थी। आईपी सिंह ने अपने पत्र में कहा कि ‘धरती पुत्र’ मुलायम सिंह भारत रत्न की शोभा बढ़ाएँगे। उन्होंने लिखा कि मुलायम को भारत रत्न देने से हर उस इंसान को साहस मिलेगा, जो शोषण के खिलाफ आवाज उठाना चाहता है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का नाम भी मुलायम सिंह के नाम पर करने की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि नेताजी के नाम पर इस एक्सप्रेस-वे का नाम ‘धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव’ रखने का अनुरोध उन्होंने सीएम योगी से किया है।

इससे पहले साल 2020 में सपा नेता दीपक मिश्रा ने मुलायम को भारत रत्न देने की माँग की थी। इसके लिए मिश्रा ने करीब 10,000 लोगों का हस्ताक्षर का अभियान चला था। उन्होंने कहा था कि तीन बार मुख्यमंत्री और केंद्र में रक्षा मंत्री रहे मुलायम सिंह यादव भारत रत्न के असली हकदार हैं।