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₹27360 करोड़ लगाकर 14500 स्कूलों का कायाकल्प करेगी मोदी सरकार, 18 लाख छात्रों को होगा फायदा: PM SHRI योजना को मिली मंजूरी, 5 साल में दिखेगा असर

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार (7 सितंबर 2022) को बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना को मंजूरी दी। इस योजना के तहत 14500 स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा। पुराने स्कूलों को अपग्रेड करते समय आधुनिक सुंदर ढाँचे, स्मार्ट कक्षाओं, खेल सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी दी है।

पीआईबी के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने 14 हजार से अधिक ‘पीएम श्री स्कूलों’ (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) की स्थापना के लिए केंद्र प्रायोजित योजना को मंजूरी दी। 5 साल की इस परियोजना की लागत 27360 करोड़ रुपए है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार, राज्य, केंद्र शासित और स्थानीय निकायों द्वारा प्रबंधित स्कूलों में से चयनित मौजूदा स्कूलों को मजबूत बनाया जाएगा। इसमें कुल 18128 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी केंद्र की होगी। इस योजना से 18 लाख से अधिक छात्रों को लाभ होगा।

इन स्कूलों का उद्देश्य न केवल संज्ञानात्मक या बौद्धिक विकास करना होगा, बल्कि प्रमुख कौशल से लैस समग्र एवं पूर्ण रूप से विकसित विद्यार्थि‍यों को तैयार करना होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सभी घटकों या विशेषताओं का समावेश होगा और ये आदर्श स्कूलों के रूप में कार्य करेंगे। प्रत्येक कक्षा में हर बच्चे की अच्छी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके आलावा इस योजना के तहत मेंटरशिप प्रदान करके अन्य स्कूलों को उनके संबंधित क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान करेगा। साथ ही रोजगार बढ़ाने के लिए क्षेत्र कौशल परिषदों और स्थानीय उद्योगों के साथ जोड़ा जाएगा।

इसमें सोलर पैनल और एलईडी लाइट, प्राकृतिक खेती के साथ न्यूट्रीशन गार्डन, कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त परिसर, जल संरक्षण और संचयन, पर्यावरण की सुरक्षा से संबंधित परंपराएँ अभ्यास जैसी पर्यावरण के अनुकूल पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा।

शिक्षक दिवस पर PM ने किया था ऐलान

बता दें कि शिक्षक दिवस (5 सितंबर 2022) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम श्री योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत 14500 स्कूलों को अपग्रेड और विकसित करने का ऐलान किया गया है। पीएम ने कहा था कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पूरी भावना को समाहित करते हुए ‘पीएम श्री’ स्कूल मॉडल स्कूल बनेंगे। इसमें केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। पीएम ने कहा था कि ‘पीएम श्री’ स्कूलों में नवीनतम तकनीक, स्मार्ट कक्षाओं, खेल और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा।

दिल्ली में CPR पर इनकम टैक्स की रेड, कॉन्ग्रेस नेता की बेटी के हाथों में है थिंक टैंक की कमान: गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की कर चोरी से जुड़ा है मामला

आयकर विभाग (Income Tax Department) ने दिल्ली के थिंक टैंक सहित कई राज्यों में बुधवार (7 सितंबर 2022) को छापेमारी की। यह छापेमारी पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPP) और उनके कथित कर चोरी से संबंधित है। जिन-जिन जगहों पर छापेमारी की गई उनमें दिल्ली के अलावा, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि शामिल हैं।

आयकर विभाग ने जिन जगहों पर छापेमारी की है, उनमें दिल्ली स्थित नामी थिंकटैंक ‘सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च’ (CPR) भी शामिल है। CPR ने अपनी वेबसाइट पर फंडिंग के बारे में कहा है कि भारत सरकार द्वारा एक गैर-लाभकारी संस्था (NGO) के रूप में मान्यता प्राप्त होने के कारण इसमें दिया गया योगदान कर-मुक्त है।

एनडीटीवी के अनुसार, CPR ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है, “सीपीआर फाउंडेशन, कॉर्पोरेट CSR, सरकारों और बहुपक्षीय एजेंसियों सहित विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से अनुदान प्राप्त करता है।” साल 1973 में स्थापित इस संस्था के अनुसार, वार्षिक लेन-देन का पूरा लेखा-जोखा उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

बात दें कि CPR भाजपा और सरकार के खिलाफ प्रोपगेंडा चलाता रहा है। इसकी मुख्य कार्यकारी और अध्यक्ष यामिनी अय्यर हैं, जो कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की बेटी हैं। वहीं, इसकी गवर्निंग बोर्ड की अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व पूर्व प्रोफेसर मीनाक्षी गोपीनाथ हैं। प्रताप भानु मेहता भी इसके अध्यक्ष रह चुके हैं।

आयकर विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई आरयूपीपी, उनसे जुड़ी संस्थाओं, ऑपरेटरों और अन्य के खिलाफ एक साथ शुरू की गई है। माना जाता है कि आयकर विभाग की यह कार्रवाई चुनाव आयोग (EC) की सिफारिश पर की गई है।

चुनाव आयोग ने हाल ही में फिजिकल सत्यापन के दौरान गैर-मौजूद पाए जाने के बाद 87 संस्थाओं को RUPP की सूची से हटा दिया था। आयोग ने कहा था कि वह 2,100 से अधिक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, जो नियमों और चुनावी कानूनों का उल्लंघन कर रहे है।

ये संस्थान फंडिंग का विवरण और उन्हें देने वालों के नाम-पते देने में आनाकानी करते रहे हैं। इनमें से कुछ पार्टियाँ ‘गंभीर’ वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त रहने की बात कही गई है। इसके बाद आयकर विभाग ने यह कार्रवाई की है।

‘लव जिहाद’ के मामले को लेकर पुलिस से भिड़ीं MP नवनीत राणा, फोन टैपिंग का भी लगाया आरोप: अभी तक नहीं बरामद हुई है हिन्दू लड़की

महाराष्ट्र में अमरावती से सांसद नवनीत राणा बुधवार (7 सितंबर, 2022) को स्थानीय पुलिस स्टेशन में अधिकारियों के साथ भिड़ गईं। दरअसल, नवनीत राणा ‘लव जिहाद’ के एक मामले को लेकर पुलिस की कार्यवाही से नाखुश थीं। इसलिए, उन्होंने खुद थाने में आकर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने अपने फोन टैप होने का भी आरोप लगाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने अमरावती के राजापेठ पुलिस स्टेशन जाकर अपना आक्रोश प्रकट किया। थाने में उनकी पुलिस निरीक्षक मनीष ठाकरे और डीसीपी के साथ जोरदार बहस हो गई। राणा ने बताया कि यह एक ‘लव जिहाद’ का मामला है और इसमें एक विशेष समुदाय के लड़के ने हिंदू लड़की को भगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित लड़की को सुरक्षित उसके घर वापस नहीं लाया जाता तब तक वो पीछे नहीं हटेगी।

पुलिस स्टेशन में सांसद नवनीत राणा ने दावा किया कि यहाँ एक महिला सांसद का फोन रिकॉर्ड किया जा रहा है और वो ये जानना चाहती हैं कि यह काम किसके आदेश पर किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से यह सवाल किया कि क्या एक दलित महिला होने की वजह से उनके साथ यह सब कुछ किया जा रहा है?

वहीं इस घटनाक्रम के बाद सांसद ने ‘एबीपी न्यूज’ से बातचीत करते हुए बताया कि पीड़िता के अपहरण के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी वह लड़की अभी तक अपने माता-पिता के पास नहीं पहुँची। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 15-20 दिनों में ‘लव जिहाद’ के कुछ 5 केस दर्ज हो चुके हैं। नवनीत ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस से इंवेस्टिगेशन के बारे में पूछा तो उलटा पुलिस उनकी गलती निकालने लगी।

नवनीत राणा के मुताबिक, उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि यदि आरोपित युवक आपकी कस्टडी में हैं तो उससे सख्ती से पेश आइए, फिर 1 घंटे में लड़की का पता निकल जाएगा। राणा के अनुसार, इस दौरान उनका फोन रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने इसे पुलिस की सबसे बड़ी गलती बताया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री के आदेश के बिना किसी का भी फोन रिकॉर्ड करने का अधिकार नहीं है।

नवनीत राणा ने अमरावती में सबसे ज्यादा ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आने का जिम्मेदार पुलिस को ठहराया। राणा ने कहा कि पिछले कुछ समय से अमरावती में कोई भी खुलेआम मर्डर करके चला जाता है, शराब के अवैध धंधे यहाँ फल-फूल रहे हैं और जुए की भी खुलेआम छूट देखने को मिल रही है। राणा ने कहा कि जब मैं पुलिस से सवाल करने लगीं, तो वे बदतमीजी पर उतर आए।

इसके साथ-साथ सांसद नवनीत राणा ने यह भी माँग की है कि ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं को पुलिस को कंट्रोल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर एक के साथ में प्रॉपर ट्रीटमेंट होगी तब जाकर भविष्य में इस तरह का अपराध करने की सोचने वाले लड़के का दिल दहल जाएगा। उन्होंने कहा, “जब बार-बार इस तरह की घटनाओं से पीड़ित लोग हमारे पास आते हैं तो हमें बहुत दुःख होता है कि हम इस पद पर होने के बाद भी अपने समाज के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं।”

टेरर फंडिंग केस में ‘कृष्णा हींग’ के ऑफिस में रेड, मालकिन आसमा खान के घर भी छापेमारी: NIA ने जब्त किए अहम दस्तावेज, 8 घंटे चली तलाशी

गुजरात में टेरर फंडिंग को लेकर एनआईए की छापेमारी जारी है। इस क्रम में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद में स्थित न्यू भारत हिंग सप्लायर्स (New Bharat Hing Suppliers) के ऑफिस पर 5 सितंबर को करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन के संबंध में छापेमारी की।

यह कंपनी मशहूर हींग ब्रांड कृष्णा हींग की मार्केटिंग करती है। कथित तौर पर, यह छापेमारी सोमवार की सुबह शुरू हुई और 8 घंटे चलती रही। दोपहर लगभग 3.30 बजे जाकर एनआईए ने तलाश रोकी।

एनआईए ने नडियाद पुलिस क्राइम ब्रांच (Naidad Police Crime Branch) और एसओजी (SOG) की मदद से यह छापेमारी की थी। एनआईए ने एक संदिग्ध टेरर फंडिंग लिंक पर सूचना मिलने के बाद छापेमारी की थी। इसमें संकेत दिया गया था कि आतंकी गतिविधियों को फंड करने के लिए नडियाद से दिल्ली में फंड ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद एनआईए की टीम 5 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे मारिडा रोड स्थित कंपनी के कार्यालय पहुँची और जाँच शुरू हुई।

जाँच एजेंसी ने न्यू भारत हींग सप्लायर्स के कार्यालय के अलावा नडियाद के अहमदाबादी बाजार शकरककुई में उसकी मालकिन आसमा खान पठान के घर पर भी छापेमारी की। एनआईए की टीम ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है, जिसे उन्होंने अपने कब्जे में ले लिया है। ध्यान दें कि आसमा खान (Asma Khan Pathan) दिल्ली वक्फ बोर्ड की गुजरात से सदस्य हैं। इससे पहले वह पार्षद भी रह चुकी हैं।

गुजरात समाचार के अनुसार, एनआईए को आसमा खान के खिलाफ दिल्ली में टेरर फंडिंग के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद लोकल क्राइम ब्रांच और एसओजी की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। यह सर्च ऑपरेश दोपहर साढ़े तीन बजे तक चला। जाँच एजेंसी ने हार्ड डिस्क, कंप्यूटर के अलावा कई महत्वपूर्ण सबूतों को सील कर दिया है।

बता दें कि आसमा खान पठान खुद को ‘मोदी समर्थक’ कहती हैं। उनके पास पीएम मोदी के साथ ली गई तस्वीरें भी हैं। कुछ रिपोर्टों से पता चलता है कि उनका परिवार कॉन्ग्रेस का समर्थन करता था, लेकिन गुजरात 2002 के दंगों के बाद अपने रिश्तेदारों का पता लगाने में पीएम मोदी की तरफ से मदद मिलने के बाद वह भाजपा समर्थक बन गईं। इस मामले पर बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। वहीं, एनआईए ने भी कोई बयान जारी नहीं किया है।

एक हाथ में कट्टा, दूसरे में केक: अफजल सर ने इस तरह मनाया ‘टीचर्स डे’, बिहार पुलिस बंदूक को ‘एयर गन’ बताने में जुटी

बिहार के सारण जिले में टीचर्स डे के मौके पर केक के साथ कट्टा लेकर फोटो खिंचाने वाला एक टीचर हिरासत में लिया गया है। टीचर की पहचान अफजल के तौर पर हुई है। वो एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता है।

टीचर्स डे के मौके पर अफजल ने बच्चों के सामने ही कट्टा दिखाते हुए फोटो खिंचवाईं थी और हर एंगल से अपनी वीडियो बनवाई थी। यही वीडियोज अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

वीडियो में उसके साथ छात्र-छात्राएँ, छोटी बच्ची सभी मौजूद दिखते हैं। वहीं सामने रखे केक पर ‘अफजल सर’ लिखा है। छात्र उससे केक काटने को कहते हैं जिसके बाद वो कट्टे के साथ केक को काटता है।

पुलिस पर लगे अफजल को बचाने के आरोप

बता दें कि ये पूरा मामला मांझी थाना के शनिचरा बाजार से सामने आया है। अफजल की वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसके विरुद्ध केस तो दर्ज किया है। लेकिन पुलिस पर ये भी आरोप लग रहे हैं कि वो इस केस को रफा-दफा करना चाहते हैं।

मांझी के थानाध्यक्ष का जहाँ कहना है कि वो वायरल वीडियो के आधार पर उक्त शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। अभी यही पता चला है कि शिक्षक के द्वारा एयर गन दिखाया गया। मामले की जाँच की जा रही है।

वहीं सोशल मीडिया पर उत्कर्ष सिंह इस मामले पर ध्यान दिलवाते हैं कि जो बंदूक एयरगन कहकर पेश की जा रही है और जो वीडियो अफजल लहरा रहा है वो दोनों अलग हैं।

अपने ट्वीट में उत्कर्ष ने कहा, “छपरा का टीचर अफजल शिक्षक दिवस पर कट्टा से केक काट रहा था, वीडियो और फोटो वायरल हो गई। अब पुलिस कह रही है कि टीचर के पास से एयरगन बरामद हुई है तो कोई कार्रवाई नहीं बनती। मैंने थानेदार से पूछा कि दोनों हथियार तो अलग है, आपने मिलान किया? साहब ने फोन ही काट दिया।”

खुद को हिंदू बता दिल्ली से महिला को लेकर दुमका आ गया कामरान शेख, ग्रामीणों को हुआ शक तो खुली पोल: पुलिस के किया हवाले

झारखंड (Jharkhand) के दुमका में हिंदू लड़कियों पर अत्याचार का सिलसिला समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला रामगढ़ का ठेंगीमोड़ गाँव का है। यहाँ की एक शादीशुदा महिला ने मोहम्मद कामरान शेख नामक युवक पर आरोप लगाया है कि उसने धर्म छुपाकर महिला से दोस्ती की और उसे अपने पति के घर से भगाकर ले आया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता का 8 साल पहले उत्तर प्रदेश (UP) के विजय प्रकाश से शादी हुई थी। विजय दिल्ली में पेंटर का काम करता है और दोनों की 2 बेटियाँ भी हैं। पीड़िता 30 अगस्त 2022 को अपने पति को बिना बताए अपनी दोनों बेटियों को साथ लेकर कामरान के साथ भागकर अपने मायके आ गई थी।

घरवालों ने जब कामरान के बारे में पूछा तो महिला ने बताया कि वह उसका देवर है। हालाँकि, घरवालों को शक हुआ तो दोनों 1 सितंबर को वह अपनी चचेरी बहन के यहाँ चली गई। उधर शंका होने पर लड़की के घरवालों ने कामरान की तस्वीर उसके पति को भेजी तो उसने बताया कि वह मुस्लिम है और दिल्ली में उसी के मुहल्ले में रहता है।

उधर चचेरी बहन के घर जाने के बाद उसके समुदाय के नेता जीतलाल राय ने दोनों को बुलाया। उसने बताया है कि जिसे वह साथ लेकर चल रही है, उसका नाम कामरान है। इसके बाद महिला ने बताया कि कामरान ने उससे धर्म छुपाकर दोस्ती की थी। पति विजय ने दिल्ली पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई।

जानकारी के मुताबिक, कामरान 30 वर्षीय महिला का मोबाईल नंबर जुगाड़ कर उसे मिस कॉल दिया। इसके बाद वह मीठी-मीठी बातें कर उससे दोस्ती कर ली। धीरे-धीरे कामरान ने महिला को अपने झाँसे में ले लिया। विजय की गैर-हाजिरी में कामरान उससे मिलने उसके घर भी आता था।

दुमका में पहले भी हुई घटना

आपको बताते चलें कि हाल ही में अरमान अंसारी नामक व्यक्ति ने एक दलित नाबालिग को पहले तो अपनी हवस का शिकार बनाया और उसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक बच्ची की उम्र 14 वर्ष बताई जा रही है और उसका उसका शव एक पेड़ पर लटका मिला था। इस घटना से पहले अंकिता नामक एक हिंदू लड़की को शाहरुख ने जिंदा जला दिया था।

इस घटना ने तो पूरे भारत को झकझोर कर दिया था। बताया जा रहा है कि शाहरुख अंकिता को मैसेज करता था, लेकिन अंकिता ने उसे जवाब नहीं दिया। इससे नाराज होकर शाहरुख ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर अंकिता की हत्या का प्लान बनाया। 23 अगस्त 2022 को शाहरुख ने पेट्रोल छिड़क अंकिता को आग लगा दी थी। इलाज के दौरान हिंदू युवती ने 27 अगस्त को दम तोड़ दिया था।

बिहार में पुलिस से लेकर पब्लिक तक की हत्या, दिल्ली में घूम रहे CM नीतीश कुमारः सीवान और पटना खून से लाल, भागलपुर में 2 का गला काटने की कोशिश

बिहार में गठबंधन बदलकर सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) देशाटन पर हैं। वह राजधानी में विभिन्न दलों के नेताओं के मिल रहे हैं। उधर बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है।

नीतीश कुमार साल साल 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर माहौल बनाने में लगे हैं और तमाम नेताओं से मेल-मुलाकात कर रहे हैं। उधर बिहार की राजधानी पटना से लेकर आसपास के जिलों में अपराधी खूनी खेल खेल रहे हैं। यहाँ तक कि वे पुलिस को भी नहीं बख्श रहे हैं।

बता दें कि नीतीश कुमार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी से मुलाकात की है। इसके पहले वे पटना में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि भाजपा से अलग होने के बाद वे प्रधानमंत्री का सपना एक बार फिर देखने लगे हैं।

पटना में मंगलवार की रात (6 सितंबर 2022) को अपराधियों ने दो दोस्तों की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों युवक स्कूटी पर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने बाइपास थाना इलाके के शीतला माता मंदिर के पास दक्षिण लोहा गोदाम के पास उन्हें गोली मार दी। हत्या की वजह का अभी पता नहीं चला है।

वहीं, भागलपुर में 2 लोगों की गला रेतकर हत्या की कोशिश की गई है। घटनास्थल पर एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया है। पुलिस हत्यारोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है।

जिन दो लोगों पर जानलेवा हमला किया गया है, उनमें एक व्यक्ति की पहचान कर ली गई है। वह रजौन में सुरक्षा गार्ड है। उसका इलाज चल रहा है। वहीं, दूसरे व्यक्ति की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात ने आरोपितों की जल्द पहचान की बता कही है।

उधर, सिवान में शराब तस्करों को पकड़ने गई पुलिस पर अपराधियों ने हमला कर दिया, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। वहीं, गोलीबारी में एक ग्रामीण भी घायल हुआ है, जिसका सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना सिसवन थाना क्षेत्र के ग्यासपुर गाँव की है।

दरअसल, पुलिस टीम मंगलवार रात (6 सितंबर 2022) 2:30 बजे एक तस्कर को पकड़ने पहुँची थी। जब पुलिसकर्मी वापस लौट रहे थे, तभी सड़क पर खड़े तीन अपराधियों ने उन पर गोलियाँ चलानी शुरू कर दी। गोली लगने से पुलिस सिपाही वाल्मिकी यादव की मौत हो गई। वहीं, मौके पर मौजूद एक ग्रामीण भी गोली लगने से घायल हो गया।

इससे एक दिन पहले वैशाली जिले में भी बालू माफियाओं की करतूत सामने आई थी। अपराधियों ने पुलिस टीम पर हमला दारोगा को चलती गाड़ी से नीचे फेंक दिया था। इतना ही नहीं, अपराधियों ने एसडीपीओ को गाड़ी से रौंदने की कोशिश भी की थी। हमले के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए थे।

जिन्हें तोड़ा गया वो मदरसे नहीं, अलकायदा के अड्डे थे: गोलपारा घटना पर असम CM ने की स्थानीयों की तारीफ, कहा- ‘हमने तो सिर्फ 2-3 गिराए, बाकी जनता गिरा रही’

असम के गोलपारा में स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर कल (6 सितंबर 2022) एक मदरसे को गिराया था। अब इसी मामले पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि जो मदरसे गिराए जा रहे हैं वो मदरसे नहीं बल्कि अलकायदा के अड्डे थे।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “हर मदरसा जिसे नष्ट किया जा रहा है वो मदरसा नहीं, बल्कि अलकायदा का अड्डा था। हमने 2-3 तोड़े और अब जनता खुद आकर इन्हें तोड़ रही है। मुस्लिम समुदाय के लोग आगे आकर इन्हें गिरा रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें ऐसा मदरसा नहीं चाहिए जो जहाँ अलकायदा के काम होते हों। इसी से मदरसे की प्रवृत्ति बदलेगी।”

इससे पहले गोलपारा के एसएसपी वीवी राकेश रेड्डी ने कहा था, “स्थानीयों ने खुद मदरसे को गिराने का बीड़ा उठाया। सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं था। स्थानीयों को हैरानी थी कि आखिर जो जिहादी पकड़ा गया वो मदरसे में टीचर था। लोगों ने मदरसे को गिराकर संदेश दिया है कि वो जिहादी गतिविधियों का समर्थन नहीं करते हैं।”

बता दें कि ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित गोलपारा, गुवाहाटी से 134 किलोमीटर दूर पश्चिम में है। वहीं पाखिउरा चार क्षेत्र में एक मदरसा था। स्थानीयों का कहना था कि उस मदरसे से देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। इसके अलावा मदरसे के बगल वाले घर में बांग्लादेशी आतंकी रहते थे। ऐसे में उन्होंने मदरसे और उसके बगल वाले घर को ध्वस्त कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनता द्वारा तोड़ा गया मदरसा जलालुद्दीन शेख नाम का व्यक्ति चलाता था। वह पहले ही पुलिस की हिरासत में है। उसी ने साल 2020 में मदरसे में तीन मौलवी नियुक्त किए। इनके नाम अनिमुल इस्लाम, उस्मान, मेहदी हसन और जहाँगीर आलोम था। इन्हीं मौलवियों में से 2 आतंकी थे जो अलकायदा और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम से जुड़े थे। अब दोनों फरार चल रहे हैं।

‘बीफ खाने वाले रणबीर कपूर और आलिया भट्ट… इस फिल्म को मिट्टी में मिला देंगे’: उज्जैन में बवाल के बाद ‘ब्राह्मास्त्र’ के बायकॉट ने पकड़ा जोर

रणबीर कपूर (Rranbir Kapoor) और आलिया भट्ट (Alia bhatt) की फिल्म ब्राह्मास्त्र 9 सितंबर 2022 को रिलीज होनी है। उससे पहले सोशल मीडिया में फिल्म के बायकॉट ने जोर पकड़ लिया है। यह उज्जैन में हिंदू संगठनों के विरोध के बाद हुआ है।

मंगलवार (6 सितंबर 2022) को रणबीर और उनकी पत्नी आलिया महाकाल का आशीर्वाद लेने उज्जैन पहुँचे थे। लेकिन उन्हें बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ा। मंदिर के बाहर हिंदू संगठनों ने काली पट्टी दिखाकर उनका विरोध किया। उन्होंने रणबीर और आलिया को मंदिर में घुसने तक नहीं दिया। उनका कहना था कि वे रणबीर जैसे गौ-भक्षक को महाकाल के मंदिर में नहीं जाने देंगे।

उज्जैन में हंगामे के बाद ट्विटर पर ‘बायकॉट ब्रह्मास्त्र’ का ट्रेंड और तेज हो गया है। ट्विटर पर #BoycottBramhashtra और #Brahmastra हैशटैग के साथ यूजर्स ‘ब्रह्मास्त्र’, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, अयान मुखर्जी और करण जौहर पर निशाना साध रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “बॉलीवुड के ड्रग्स एडिक्ट की फिल्मों पर खर्च करने की बजाय जरूरतमंद लोगों पर पैसा खर्च करें।”

नितिन सिंह नाम के यूजर ने सिलसिलेवार कई ट्वीट कर करण जौहर, अलिया भट्ट और रणबीर कपूर पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा, “करण जौहर ने अपने शो ‘कॉफी विद करण’ में जानबूझकर सुशांत सिंह राजपूत का अपमान किया था। उसका पूरी तरह से बहिष्कार होना चाहिए।” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, “आलिया भट्ट और रणबीर कपूर बीफ खाने वाले हैं। गाय को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। इनकी फिल्में देखना हमारे लिए अपने देवी-देवताओं का अपमान करने जैसा होगा।”

एक और यूजर ने लिखा, “हम सनातनी हिंदू अपनी एकता से इस फिल्म को भी मिट्टी में मिला देंगे।”

बता दें कि रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का विरोध रणबीर ‘बीफ’ टिप्पणी को लेकर हो रहा है। इसमें उन्होंने खुद को सबसे बड़ा बीफ लवर बताया था। साथ ही आलिया ने भी हाल ही में कहा था कि जो लोग उन्हें पसंद नहीं करते हैं, वो फिल्म देखने मत जाएँ। 

हालाँकि विरोध के बाद वे उज्जैन के जिला अधिकारी आशीष सिंह के घर रुके। ‘ब्रह्मास्त्र’ के डायरेक्टर अयान मुखर्जी ने महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। डायरेक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर फोटो भी शेयर की है।

मोस्ट वॉन्टेड खालिस्तानी आतंकी के पाकिस्तान में रहने के मिले सबूत, साल 1981 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट का अपहरण कर ले गया था लाहौर

खालिस्तानी आतंकवादी संगठन ‘दल खालसा’ के सह-संस्थापक और 1981 के इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट के अपहरणकर्ताओं में से एक गजिंदर सिंह ने 5 सितंबर को खुलासा किया कि वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। यह खुलासा तब हुआ, जब उन्होंने एक गुरुद्वारे के सामने खुद की एक तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की। यह गुरुद्वारा श्री पांजा साहिब जी है, जो पाकिस्तान के हसन अब्दल में स्थित है।

स्रोत: फेसबुक

यह पहली बार नहीं है, जब उन्होंने गुरुद्वारे के साथ अपनी फोटो शेयर की थी। ऐसी ही एक तस्वीर उन्होंने 1 सितंबर 2022 को भी पोस्ट की थी, जिसमें उनका साइड प्रोफाइल दिख रहा है। वह तस्वीर रात के समय क्लिक की गई थी।

स्रोत: फेसबुक

साल 1981 में इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण

29 सितंबर 1981 को दल खालसा के पाँच आतंकवादियों ने इंडियन एयरलाइंस के एक विमान का अपहरण कर लिया और उसे पाकिस्तान के लाहौर लेकर चले गए थे। इंडियन एयरलाइंस का बोइंग 737 घरेलू यात्री विमान दिल्ली हवाई अड्डे से रवाना हुआ था और उसे अमृतसर में उतरना था। रिपोर्टों के अनुसार, वे हथगोले और खंजर से लैस थे। विमान में 111 यात्री सवार थे।

अपहर्ताओं ने सिखों के लिए एक अलग राज्य के गठन की माँग की थी, जिसे वे ‘खालिस्तान’ कहते हैं। अपहरणकर्ताओं का सरगना गजिंदर सिंह था। उन्होंने खालिस्तानी आंदोलन के प्रमुख चेहरे जरनैल सिंह भिंडरावाले की भी रिहाई की माँग की। एक और माँग जो उन्होंने की थी, वह थी पाकिस्तान में भारतीय राजदूत नटवर सिंह से बात करते हुए 5,00,000 अमरीकी डॉलर की डिलीवरी।

पाकिस्तान ने मामले में मुकदमा चलाया और अपहर्ताओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालाँकि, अक्टूबर 1994 में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। गजिंदर सिंह 2002 से भारत में ‘मोस्ट वॉन्टेड’ की सूची में है। भारत सरकार ने पाकिस्तान से गजिंदर सिंह को निर्वासित करने का बार-बार अनुरोध किया, लेकिन उसने हमेशा इस बात से इनकार किया कि कि वह पाकिस्तान में है। हालाँकि, सोशल मीडिया की हालिया पोस्ट पाकिस्तान की कथनी और करनी के फर्क को बता रहा है।

खालिस्तान: गजिंदर सिंह का मीडिया प्रोफाइल

ऑपइंडिया ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर गजिंदर सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट के पोस्ट को देखा। हमें पता चला कि गजिंदर सिंह का पिछला फेसबुक अकाउंट हाल ही में सस्पेंड किया गया था, जिसके बाद उन्होंने एक नई आईडी बनाई है। हालाँकि, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है कि उनकी पिछली आईडी में कितने ‘खालिस्तान’ समर्थक पोस्ट किए गए थे और कितने ऐसे पोस्ट उनके वर्तमान प्रोफाइल पर प्राइवेट हैं।

अर्शदीप विवाद में गजिंदर ने गढ़ी खालिस्तानी कहानी

5 अगस्त को भारत के पाकिस्तान से एशिया कप मैच हारने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब प्रोपगेंडा चलाया गया। इसमें यह बताने की कोशिश की गई कि भारतीय अर्शदीप को ‘खालिस्तानी’ कहकर बदनाम कर रहे हैं। बाद में पता चला कि इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ था और ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबैर जैसे लोगों ने इसे भारत में फैलाया।

स्रोत: फेसबुक

गजिंदर सिंह ने भी इस विवाद का फायदा उठाया और अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट पोस्ट किया। पंजाबी में उन्होंने लिखा, “भारतीय क्रिकेट टीम के सिख खिलाड़ी अर्शदीप सिंह दो दिनों से काफी चर्चा में हैं। पाकिस्तान के खिलाफ भारत के मैच के दौरान अर्शदीप कैच चुक गए। इसमें भारत हार गया। इसके बाद उनके खिलाफ भारतीय राष्ट्रवादियों ने उन्हें ‘खालिस्तानी’ बताकर अभियान चलाया।”

उन्होंने आगे कहा, “इस भारतीय अभियान का सबसे अच्छा जवाब यह है कि हम सभी खुले तौर पर कहते हैं, ‘मैं भी खालिस्तानी हूँ’ या ‘मुझे खालिस्तानी होने पर गर्व है’। कितना अच्छा होता अगर अर्शदीप सिंह और अन्य सिख खिलाड़ी खुलकर कहें कि उन्हें खालिस्तानी होने पर गर्व है।”

‘सिखों के लिए गाय भी अन्य जानवरों की तरह है’

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने निहंग सिखों और डेरा राधास्वामी व्यास के अनुयायियों के बीच संघर्ष के बारे में बात की। हालाँकि वे स्पष्ट रूप से निहंगों के साथ खड़े थे। उन्होंने हिंदुओं के प्रति घृणा का प्रचार किया। उन्होंने कहा, “मैं निहंगों और गायों के बीच संबंध को नहीं समझता। हिंदू गाय को माँ के रूप में पूजते हैं। सिख नहीं करते। हमारे लिए गाय, भैंस, बकरी आदि एक ही हैं। हमारे सिख किस तरह के मामलों में फँस रहे हैं?”

स्रोत: फेसबुक

गजिंदर सिंह ने ‘गर्व से’ एयर इंडिया फ्लाइट के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की

29 अगस्त को गजिंदर सिंह ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर एयर इंडिया की फ्लाइट की पृष्ठभूमि में अपनी एक पुरानी पासपोर्ट साइज की तस्वीर पोस्ट की। फोटो के साथ उन्होंने पंजाबी में एक कविता लिखी, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि वह ‘झंडा’ (खालिस्तान का) आसमान में सितारों के बराबर ऊँचा उठाना चाहते हैं।

स्रोत: फेसबुक

गजिंदर के इंस्टाग्राम अकाउंट में खालिस्तानी आंदोलन से जुड़े बहुत सारे पोस्ट हैं। वह नियमित रूप से अपनी सोशल मीडिया उपस्थिति का उपयोग सिख समुदाय को ‘खालिस्तान की स्थापना के लिए लड़ने’ के लिए लुभाने के लिए करता है।