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कॉन्ग्रेस के पूर्व CM से देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात से गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, पार्टी में टूट की अटकलें: 10 MLA छोड़ सकते हैं हाथ का साथ

महाराष्ट्र में राजनीतिक हालात लगातार बदल रहे हैं। कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) और महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra Deputy CM Devendra Fadnavis) के बीच गुरुवार (1 सितंबर 2022) को 20-25 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस में भी टूट की अटकलेें लगाई जा रही हैं।

कहा जा रहा है कि कॉन्ग्रेस के 10 विधायक प्रदेश के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो सकते हैं। इनमें से दो नेताओं को मंत्री भी बनाया जा सकता है। बता दें कि अक्टूबर महीने में शिंदे सरकार की मंत्रिमंडल का विस्तार होना है।

कॉन्ग्रेस के जिन दो नेताओं को मंत्री बनाने की अटकलें लग रही हैं, उनमें पृथ्वीराज चव्हाण और असलम शेख हैं। असलम शेख भाजपा नेता मोहित कंबोज के साथ देवेंद्र फडणवीस से पहले ही मुलाकात कर चुके हैं। वहीं, चव्हाण ने गुरुवार को मुलाकात की।

रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ग्रेस के कुल 44 में से 7-10 विधायकों के पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें कि इस साल जून में हुए विधान परिषद् चुनावों में कॉन्ग्रेस के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। वहीं, जुलाई में महाविकास अघाड़ी सरकार (MVA Government) के बहुमत साबित के दौरान 10 विधायक विधानसभा से गायब रहे थे।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कॉन्ग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के पार्टी हाईकमान से रिश्ते ठीक नहीं है। दोनों के बीच तल्खी के कारण खबरें आती रही हैं कि वे कॉन्ग्रेस छोड़ सकते हैं। चव्हाण कॉन्ग्रेस के बागी G-23 के सदस्य रहे हैं और हाल ही में पार्टी छोड़ चुके गुलाम नबी से मिल चुके हैं। हालाँकि, चव्हाण ने पार्टी छोड़ने की खबरों का खंडन किया है।

चव्हाण-फडणवीस की मुलाकातों और पार्टी में टूट की खबरों को कॉन्ग्रेस नेता नाना पटोले ने अफवाह बताया। पटोले ने कहा कि उन्होंने त्योहारों के दौरान सत्ता और विपक्षी दलों के नेताओं के मिलने की पुरानी परंपरा है। इसलिए दोनों नेता मिले। उन्होंने कहा पार्टी में टूट का अफवाह उड़ाया जा रहा है।

भाजपा नेता और वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार (2 सितंबर) को कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में 23 नए मंत्री शपथ ले सकते। अगर 23 नए मंत्री शपथ लेते हैं तो राज्य में कुल मंत्रियों की संख्या 43 हो जाएगी। बता दें कि नियमों के अनुसार, सदन के कुल सदस्यों की संख्या का 15 प्रतिशत ही मंत्री बनाए जा सकते हैं।

‘4 करोड़ को मिला मुफ्त इलाज, बचाए गरीबों के ₹50000 करोड़’: कर्नाटक में बोले PM मोदी – 8 साल में गरीबों के लिए बनाए 3 करोड़ घर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के मंगलुरु में 3800 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इससे इंफ़्रास्ट्रक्चर को एक बड़ी मजबूती मिलेगी। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से जिन ‘पंच प्रणों’ की बात उन्होंने की है, उनमें से सबसे पहला है – विकसित भारत का निर्माण। उन्होंने समझाया कि ये प्रण है विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर का, ‘मेक इन इंडिया’ का विस्तार करना बहुत आवश्यक है।

पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में देश ने ‘Port led development’ को विकास का एक अहम मंत्र बनाया है और इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि सिर्फ 8 वर्षों में भारत के पोर्ट्स की कैपेसिटी लगभग दोगुनी हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों में देशभर में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को जिस प्रकार देश ने प्राथमिकता बनाया है, उसका बहुत अधिक लाभ कर्नाटक को मिला है। उन्होंने जानकारी दी कि कर्नाटक सागरमाला योजना के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि पिछले 8 वर्षों में देश में गरीबों के लिए 3 करोड़ से अधिक घर बनाए गए हैं और कर्नाटक में भी गरीबों के लिए 8 लाख से ज्यादा पक्के घरों के लिए स्वीकृति दी गई है। बकौल पीएम मोदी, मध्यम वर्ग के हजारों परिवारों को भी अपना घर बनाने के लिए करोड़ों रुपए की मदद दी गई है। उन्होंने ये भी बताया कि जल जीवन मिशन के तहत सिर्फ 3 वर्षों में ही देश में 6 करोड़ से अधिक घरों में पाइप से पानी की सुविधा पहुँचाई गई है और इसमें कर्नाटक के भी 30 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों तक पहली बार पाइप से पानी पहुँचा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के करीब-करीब 4 करोड़ गरीबों को अस्पताल में भर्ती रहते हुए मुफ्त इलाज मिल चुका है, जिससे गरीबों के करीब-करीब 50 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। ‘आयुष्मान भारत’ का लाभ कर्नाटक के भी 30 लाख से अधिक गरीब मरीज़ों को मिला है। जिनको आर्थिक दृष्टि से छोटा समझकर भुला दिया गया था, हमारी सरकार उनके साथ भी खड़ी है। छोटे किसान हों, छोटे व्यापारी हों, मछुआरे हों, रेहड़ी-पटरी-ठेले वाले हों, ऐसे करोड़ों लोगों को पहली बार देश के विकास का लाभ मिलना शुरू हुआ है, वो विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि कुछ दिनों पहले GDP के जो आँकड़े आए हैं, वो दिखा रहे हैं कि भारत ने कोरोना काल में जो नीतियाँ बनाईं, जो निर्णय लिए, वो कितने महत्वपूर्ण थे। उन्होंने बताया कि पिछले साल इतने वैश्विक समस्याओं के बावजूद भारत ने 670 बिलियन डॉलर, यानी 50 लाख करोड़ रुपए का टोटल एक्सपोर्ट किया। पीएम मोदी ने आज ही INS विक्रांत का भी अनावरण किया, जो भारतीय नौसेना को नई मजबूती देगा।

पकड़ा गया MP का सीरियल किलर, KGF वाले ‘रॉकी भाई’ जैसा बनना चाहता था: कर चुका है 6 हत्याएँ, रात में गार्ड्स को सोते देख सिर फोड़ डालता था

मध्य प्रदेश में सिक्योरिटी गार्ड्स की सिलसिलेवार तरीके से हत्या करके से सनसनी मचाने वाले सीरियल किलर को पुलिस ने शुक्रवार (2 सितंबर, 2022) को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में हुई है। सीरियल किलर की पहचान शिव प्रसाद के तौर पर हुई है। वह फिल्म KGF-2 से प्रभावित होकर हत्याएँ कर रहा था और फेमस होना चाहता था।

बताया जा रहा है कि आरोपित सीरियल किलर शिवप्रसाद सिक्योरिटी गार्ड्सकल की एक ही तरीके से कर रहा था। सीरियल किलर की गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई है कि उसे सिक्योरिटी गार्ड्स का रात में सोना पसंद नहीं था। इसलिए, वह रात में सोते हुए सिक्योरिटी गार्ड्स के सिर पर वार कर उनकी हत्या करता था।

सागर में लगातार 3 हत्याएँ करने के बाद आरोपित भोपाल आ गया था। वहाँ उसने गुरुवार (1 सितंबर, 2022) को बैरागढ़ में इलाके में हत्या की थी। इस हत्या के बाद, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपित की तलाश कर रही थी। इसी संबंध में सागर और भोपाल पुलिस ने इनपुट के आधार पर शिवप्रकाश की गिरफ्तारी की है।

आरोपित ने बताया है कि वह KGF-2 फिल्म से प्रभावित था और वह रॉकी भाई की तरह गैंगस्टर बनना चाहता था। इसके लिए वह रुपए जमा कर रहा था। सिक्योरिटी गार्ड्स की हत्या के बाद उसकी योजना पुलिस वालों की हत्या करने की थी। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि इन हत्याओं से उसका उद्देश्य सिर्फ फेमस होना था।

लगातार की 4 हत्याएँ

सीरियल किलर शिवप्रसाद ने 28 अगस्त को सागर के कैंट थाना क्षेत्र के भैंसा गाँव में ट्रक बॉडी रिपेयरिंग की दुकान में चौकीदारी करने वाले कल्याण लोधी की सोते समय हथौड़ा मार कर हत्या की थी। इसके बाद 30 अगस्त को सागर के ही सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज के चौकीदार शंभू शरण शर्मा कि सोते समय पत्थर से कुचलकर हत्या की थी।

इसके बस उसने 31 को सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र के रतौना गाँव में निर्माणधीन मकान में सो रहे चौकीदार मगन अहिरवार पर फावड़े से हमला किया गया था। हमले में बुरी तरह जख्मी चौकीदार को इलाज के लिए भोपाल भेजा गया था। लेकिन, अस्पताल पहुँचते ही उसकी मौत हो गई थी। इन हत्याओं के बाद वह 1 सितंबर को भोपाल आया जहाँ उसने बैरागढ़ इलाके में गोरा जी मार्बल एंड टाइल्स के चौकीदार सोनू वर्मा के सर में वार कर हत्या की दी थी। इन हत्याओं के अलावा, आरोपित ने भोपाल और पुणे में एक-एक हत्या करने की बात भी स्वीकारी है।

सुप्रीम कोर्ट से तीस्ता सीतलवाड़ को अंतरिम जमानत, गुजरात दंगों में निर्दोषों को फँसाने के लिए की थी साजिश: कपिल सिब्बल ने पेश की दलीलें

गुजरात दंगों को लेकर गुजरात सरकार की छवि खराब करने के आरोप में गिरफ्तार तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (2 सितंबर 2022) को अंतरिम जमानत दे दी। तीस्ता पर गवाहों के झूठे बयानों का मसौदा तैयार कर नानावती आयोग के सामने प्रस्तुत करने का आरोप है।

सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए तीस्ता सीतलवाड़ को जाँच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ से अपना पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए भी कहा कि यह पासपोर्ट तब तक सरेंडर रहेगा जब तक कि हाईकोर्ट नियमित जमानत के मामले पर विचार नहीं कर लेता।

बता दें कि इस मामले में तीस्ता की जमानत याचिका निचली अदालत और हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है। इन दोनों जगहों से आवेदन खारिज होने के बाद तीस्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

तीस्ता की ओर से अदालत में उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी 24 जून को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ समाप्त हुई कार्यवाही के बाद आगे बढ़ाने के अलावा और कुछ नहीं थी।

कपिल सिब्बल ने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ दो महीने से अधिक समय से हिरासत में हैं और उच्च न्यायालय के समक्ष मूल आवेदन के लंबित रहने के दौरान अंतरिम जमानत की हकदार हैं।

वहीं, गुजरात सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि FIR में तीस्ता सीतलवाड़ की संलिप्तता को लेकर जो बात कही गई है उसके पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने कहा कि तीस्ता का आवेदन उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में मामले को उच्च न्यायालय द्वारा ही विचार करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिरासत में पूछताछ सहित जाँच के सभी आवश्यक तत्व पूरे होने के बाद मामला एक जटिल रूप लेता है। इसलिए उच्च न्यायालय द्वारा मामले पर विचार किए जाने तक अंतरिम जमानत दिया जाना चाहिए।

बता दें कि गुजरात दंगों में भूमिका को लेकर तीस्ता सीतलवाड़ को गुजरात एटीएस टीम ने 25 जून 2022 को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया था। उनके ऊपर दंगों के दौरान गुजरात की छवि खराब करने का आरोप है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, तीस्ता के खिलाफ यह कार्रवाई आईपीसी की धारा 498 के तहत दर्ज एफआईआर पर हुई थी। तीस्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गुजरात दंगों से जुड़े मामले में उनकी भूमिका पर और छानबीन की जरूरत है।

बांग्लादेश में अब्दुल ने भारतीय छात्रा के साथ किया रेप, अब दे रहा वीडियो वायरल करने की धमकी: ऑपइंडिया से बोली पीड़िता – उसने किया प्यार का नाटक

बांग्लादेश के ढाका नेशनल मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाली एक भारतीय छात्रा ने 18 अगस्त, 2022 को फेसबुक पर बताया है कि अब्दुल वकील नामक मुस्लिम व्यक्ति होटल के एक कमरे में 3 दिनों तक उसके साथ बलात्कार किया है।

पीड़िता ने फेसबुक पर बताया, “अब्दुल वकील ने कॉक्स बाजार के होटल गैलेक्सी रूम 501 में 8 अगस्त से 11 अगस्त, 2022 तक मेरे साथ बलात्कार किया और मुझे प्रताड़ित किया। अब्दुल ने मेरा मोबाइल और मेरे पैसे भी चुरा लिए थे। वह मुझे और मेरे माता-पिता को जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। कृपया मुझे न्याय दें। वह डॉ हलीमा खातून नर्सिंग इंस्टीट्यूट, मेमनसिंह का छात्र है। एक विदेशी छात्र के रूप में यह हमारी सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। कृपया अपनी आवाज उठाएँ।”

पीड़िता ने फेसबुक पर लगाई न्याय की गुहार

पीड़िता ने अब्दुल के साथ हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “अब्दुल वकील अब मेरे वीडियो वायरल कर रहा है। उसके दोस्त और कुछ पत्रकार अब मुझसे जबरन वसूली की कोशिश कर रहे हैं। प्लीज, इसके लिए कुछ करें।” इसके अलावा, पीड़िता ने जाकिया नाम की एक मुस्लिम महिला पर अब्दुल का साथ देने का आरोप लगाते हुए लिखा, “जाकिया ने मेरा फायदा उठाया, क्योंकि मैं उस देश में बिल्कुल अकेली थी।”

Do not inhabit a country where you are not respected, cannot earn your livelihood, have no friends or cannot acquire knowledge.

Posted by Amrita Datta Chaudhuri on Thursday, 25 August 2022

एक अन्य फेसबुक पर पोस्ट ने पीड़िता ने विदेश में पढ़ाई करने के बाद सामने आई समस्या पर दुःख जताते हुए लिखा, “ऐसे देश में न रहें, जहाँ आपका सम्मान नहीं है या आप अपनी आजीविका नहीं कमा सकते हैं और जहाँ आपका कोई दोस्त नहीं हैं या ज्ञान हासिल नहीं कर सकते हैं।”

पीड़िता ने ऑपइंडिया को बताया अपना दर्द

एक मैसेजिंग ऐप पर ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता ने बताया, “अब्दुल ने पिछले 5-6 महीने मुझसे प्यार करने का नाटक किया। उसने इस बात का फायदा उठाया कि मैं बांग्लादेश में बिल्कुल अकेली थी।”

पीड़िता ने ऑपइंडिया से यह भी कहा, “मैं बस से होटल पहुँची, तब उसने कहा कि वह गलत व्यवहार नहीं करेगा। हम कहीं घूमने जा रहे थे। हालाँकि, उसने अलग ही प्लान बना रखे थे। मैंने यौन कृत्यों के लिए कभी सहमति नहीं दी। मैं इसके लिए मना कर रही थी। लेकिन, मेरे नहीं मानने पर उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी। उसने मेरे पैसे और सामान छीन लिए लिया ताकि मैं कहीं भाग न सकूँ।”

हिन्दू महिला के साथ गैंगरेप

इससे पहले 29 जुलाई को बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के भेरवेदी यूनियन के कुमार पारा इलाके में धान के खेत में एक हिंदू महिला का शव मिला था।

रिपोर्ट के अनुसार, मृतक महिला की पहचान अपो रानी रॉय के रूप में हुई थी। वह अपने मायके से ससुराल लौट रही थी। हालाँकि, वह घर नहीं पहुँच सकी और बाद में उसका शव धान के खेत में मिला था। पीड़िता के शव के पास 10 साल की बिपाशा रानी रॉय नाम की उसकी बच्ची भी अचेत अवस्था में मिली थी। पीड़िता के परिवार के मुताबिक अपो रानी रॉय के साथ अज्ञात अपराधियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है। उन्होंने दावा किया कि आरोपितों की पहचान करने से रोकने के लिए पीड़िता की हत्या की गई थी।

इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में, एक 10 वर्षीय बच्ची को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मेरी माँ ने मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया था। वह अपराधियों से छोड़ देने के लिए कहते हुए गिड़गिड़ा रही थी। वह उनसे पूछती रही कि हमने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है। उन्होंने मेरी गर्दन से पकड़ ली थी और मेरे सिर पर मारा। मैं बेहोश हो गयी लेकिन उन्हें ऐसा लगा कि मैं मर गई हूँ। मुझे नहीं पता कि उसके बाद मेरी माँ के साथ क्या हुआ।”

45000 टन वजन, 30 लड़ाकू विमानों की तैनाती में सक्षम: 25 साल बाद हुए इस ‘पुनर्जन्म’ से थर्राएगा दुश्मन, समुद्र में तैरता शहर है INS विक्रांत

शुक्रवार (2 सितंबर 2022) को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देश को पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर भारतीय नौसेना को सौंप दिया, जिसका नाम ‘आईएनएस विक्रांत’ है। यह नाम 31 जनवरी 1997 को नेवी से रिटायर हुए एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत से लिया गया है। इसने 1971 के युद्ध में अहम भूमिका निभाई थीं, वहीं अब इसके ‘पुनर्जन्म’ से दुश्मनों के दिलों की धड़कने तेज सी हो गई है।

‘मेड इन इंडिया’ INS विक्रांत की खासियत

जी बिजनेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना में करीब 25 वर्षों के बाद ‘INS विक्रांत’ की वापसी हुई है। इसका डिजाइन नौसेना के ‘वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो’ ने तैयार किया है, तो वहीं इसका निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की शिपयार्ड ‘कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड’ द्वारा किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आसानी से 30 विमानों का संचालन इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर किया जा सकता है। आइए, कुछ बिंदुओं में भी इसकी विशेषताएँ समझें:-

  1. आईएनएस विक्रांत का वजन 45 हजार टन है। इसके साथ ही भारत दुनिया का 5वाँ ऐसा देश बन गया है, जिसके पास खुद का 45 हजार टन वजन वाला एयरक्राफ्ट कैरियर है।
  2. INS विक्रांत ऐसा विमान वाहक जहाज है, जो एक तरह से समुद्र के ऊपर तैरता एक एयरफोर्स स्टेशन है।
  3. इस विशाल जहाज से फाइटर जेट्स, मिसाइलें, ड्रोन के जरिए दुश्मनों को जंग में धराशायी किया जा सकता है।
  4. एयरक्राफ्ट कैरियर से 32 बराक-8 मिसाइल दागी जा सकती है।
  5. यह विमान वाहक जहाज 20 मिग-29 लड़ाकू विमान और दस हेलीकॉप्टरों को ले जाने में सक्षम है।
  6. आईएनएस विक्रांत पर कुल 30 एयरक्राफ्ट तैनात होंगे, जिनमें से 20 लड़ाकू विमान होंगे और 10 हेलीकॉप्टर होंगे।
  7. नवंबर 2022 से मिग-29 के एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत पर तैनात होने शुरू हो जाएँगे।
  8. इतने बड़े जहाज को चलाने के लिए GE मरीन के LM2500 इंजन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

विशाल आईएनएस विक्रांत का आकार व बनावट

DNA हिंदी’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह एयरक्राफ्ट कैरियर 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा है। INS विक्रांत में LM2500 मरीन इंजनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन इंजनों की क्षमता 88 मेगावॉट की है, यानी कि 1,18,010 हॉर्स पावर (HP) बताई जा रही है। इन्हीं तगड़ी इंजनों के कारण क्रूजिंग स्पीड 18 नॉटिकल मील है, वहीं अधिकतम स्पीड 28 नॉटिकल मील यानी 52 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने वाली है।

भारतीय नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर में GE मरीन के इंजनों का ही इस्तेमाल किया जाता है। INS विक्रांत को लेकर GE मरीन ने बताया कि LM2500 इंजन 0.373 lb/Shp-hr यानी 227 ग्राम प्रति किलोवॉट घंटा के हिसाब से गैस का इस्तेमाल करता है। इसी वजह से इसकी रेंज 7500 नॉटिकल मील यानी 13,890 किलोमीटर है।

पीएम मोदी ने बताई स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर की विशेषताएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आईएनएस विक्रांत के अनावरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इसकी कुछ विशेषताओं का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि विक्रांत बड़ा और भव्य है, विक्रांत अलग है, विक्रांत विशेष है। उन्होंने कहा कि विक्रांत सिर्फ एक युद्धपोत नहीं है, यह 21वीं सदी के भारत की कड़ी मेहनत, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

इस दौरान उन्होंने बताया कि आज यहाँ केरल के समुद्री तट पर भारत, हर भारतवासी, एक नए भविष्य के सूर्योदय का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि INS विक्रांत पर हो रहा ये आयोजन विश्व क्षितिज पर भारत के बुलंद होते हौसलों की हुंकार है। उन्होंने बताया कि युद्धपोत से ज़्यादा ये एक तैरता हुआ एयरफील्ड है, यह तैरता हुआ शहर है।

अपने संबोधन में उन्होंने यह भी बताया कि INS विक्रांत में जितनी बिजली पैदा होती है उससे 5000 घरों को रोशन किया जा सकता है। इसका फ्लाइंग डेक भी दो फुटबॉल फील्ड से बड़ा है। इसमें जितने तार इस्तेमाल हुए हैं, वह कोचीन से काशी तक पहुँच सकते हैं। इसके एयरबेस में जो स्टील लगी है, वो स्टील भी स्वदेशी है।

अफगानिस्तान की मस्जिद में आत्मघाती हमला, 18 मरे: मुल्ला अंसारी की भी मौत, कहा था- तालिबान का विरोध किया तो गर्दन काट देंगे

अफगानिस्तान में शुक्रवार (2 सितंबर 2022) को जुमे की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले में कम-से-कम 18 लोगों की मौत और 23 से अधिक लोग घायल हो गए। इस विस्फोट में तालिबान के सबसे बड़े मजहबी उलेमाओं में से एक मुल्ला मुजीब रहमान अंसारी भी मारा गया है। हमले की जिम्मेदारी अभी किसी संगठन ने नहीं ली है।

हेरात प्रांत में गजरगाह मस्जिद में यह आत्मघाती हमला ऐसे वक्त में हुआ है, जब तालिबान के उप-मंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर आधिकारिक बैठक के लिए वहाँ गए थे। माना जाता है कि यह हमला इस्लामिक स्टेट के खुरासान समूह (ISKP) द्वारा किया गया है। हालाँकि, तालिबान ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

घटना के हेरांत प्रांत के गाजारघ शहर की है। राज्यपाल के प्रवक्ता हमीदुल्लाह मोटावकिल ने बताया कि यहाँ के गजरगाह मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए दर्जनों लोग इकट्ठा हुए थे। इस मस्जिद का इमाम मुल्ला अंसारी था। इसी दौरान आत्मघाती हमला हो गया।

इस्लामिक अमीरात के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट कर अंसारी की मौत पर दुख जताया और कहा कि हमले के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। मुजाहिद ने कहा, “धर्म के दुश्मनों द्वारा कायरतापूर्ण हमले में दीन के विद्वान मुजीब अंसारी शहीद हो गए।”

वहीं, देश के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने ट्वीट कर मस्जिद में हुए विस्फोट की निंदा की है। उन्होंने कहा कि मस्जिद पर हमला मानवता के खिलाफ इस्लामी सिद्धांतों एवं मूल्यों के विरुद्ध है। हेरात सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता महमूद शाह रसूली ने कहा कि विस्फोट में घायल हुए लोगों को प्रांतीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

38 वर्षीय मौलवी मुजीब रहमान अंसारी को एक कट्टर मौलवी माना जाता है, जिसके विचार हमेशा कट्टरता से भरे रहे हैं। तालिबान के जिरगा का सदस्य था। अंसारी ने कहा था कि जो कोई भी इस्लामी शासन के खिलाफ विद्रोह करता है, उसका सिर काट दिया जाना चाहिए।

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए अंसारी ने कहा था कि अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के खिलाफ अगर कोई मामूली कदम भी उठाता है तो उसका सिर कलम कर दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, अंसारी ने एक बार फतवा दिया था कि अगर किसी व्यक्ति की बीवी बुर्का नहीं पहनती है तो वह मर्द कायर है।

अंसारी ने यह भी कहा था कि व्यभिचारियों को पत्थर मारकर मौत के घाट उतार देना चाहिए और चोरों के हाथ काट देने चाहिए। कोविड-19 को अंसारी ने गैर-मुस्लिमों पर अल्लाह का कहर बताया था। मुल्ला अंसारी लड़कियों की शिक्षा देने और उनके घर से बाहर निकलने का सख्त विरोधी था।

यह हमला इस्लामिक स्टेट (ISIS) का प्रतिशोध माना जा रहा है। बुधवार (31 अगस्त 2022) को तालिबान और ISKP के बीच खूनी झड़प हुई थी। इसमें ISKP के 3 आतंकी मारे गए थे। इसके बाद ISIS ने कहा था कि वह इन मौतों का बदला जरूर लेगा। बता दें कि तालिबान का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी ISKP है और दोनों के बीच खूनी झड़पें होती रहती हैं।

बाढ़ प्रभावित हिंदू लड़की को राशन दिलाने के बहाने ले गए, नशीला पदार्थ खिला 2 दिन तक रेप करते रहे खालिद और दिलशेख: पाकिस्तान के सिंध की घटना

पाकिस्तान में एक बाढ़ प्रभावित हिंदू लड़की से रेप का मामला सामने आया है। घटना सिंध प्रांत की है। राशन दिलाने के नाम पर इस लड़की के साथ दो दिनों तक खालिद और दिलशेख ने बलात्कार किया। इससे पहले 28 अगस्त को पाकिस्तान में 8 साल की एक बच्ची से दरिंदगी का मामला सामने आया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सिंध प्रांत के कई इलाके भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें से एक संघर जिला भी है। जिले के शाहदादपुर इलाके की रहने वाली एक हिंदू पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के लिए कार्य करने वाले एनजीओ ‘वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी’ ने जारी किया।

वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी ने ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “सिंध के शाहदादपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके में राशन दिलाने का वादा कर एक हिंदू लड़की के साथ 2 दिनों तक बेरहमी से बलात्कार किया गया। यह बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय कृत्य है।”

वीडियो में पीड़िता रोते हुए बता रही है, “मुझे राशन दिलाने का बोलकर गाड़ी में बैठने को कहा गया। पहले उसने जबरदस्ती की, फिर नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया।”

गौरतलब है कि सिंध प्रांत से ही पिछले दिनों एक 8 वर्षीय बच्ची हिंदू बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। 28 अगस्त को यह बच्ची परिजनों को बेहद गंभीर अवस्था में मिली थी। उसकी ऑंखें फोड़ दी गई थी और पूरा शरीर नोंच लिया गया था।

हजारीबाग में हिंदू किशोर की हत्या की जाँच CBI करेगी: मृतक की माँ की माँग पर हाईकोर्ट का आदेश, सरस्वती पूजा के दिन हुई थी मॉब लिंचिंग

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) की मुश्किलें कम होने के बजाए बढ़ती जा रही है। हजारीबाग में सरस्वती पूजा के दिन मूर्ति विसर्जन के दौरान मॉब लिंचिंग के शिकार हुए रूपेश पांडेय के मामले की जाँच अब सीबीआई (CBI) करेगी।

दरअसल, रूपेश की माँ उर्मिला पांडेय ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जाँच की माँग की थी। मृतक की माँ ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार में पुलिस पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए उसे बचाने का प्रयास कर रही है।

बता दें कि 6 फरवरी 2022 को हजारीबाग में हिंदू बच्चे सरस्वती पूजा के बाद प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए जा रहे थे। बरही थाना के नईटांड गाँव में लखना दूलमाहा इमामबाड़ा के पास मुस्लिम युवकों ने विसर्जन करने जा रहे लड़कों को रोक लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। मुस्लिम युवक रूपेश कुमार को तब तक पीटते रहे, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कुछ दुकानों में आग भी लगा दी थी, जिसके बाद पुलिस को उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। इस मामले में 7 नामजद सहित 100 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है।

मृतक के चाचा अनिल ने बताया था कि रूपेश शाम के 5 बजे दुकान पर बैठा था, तभी उसके कुछ दोस्तों ने उसे सरस्वती पूजा विसर्जन में शामिल होने के लिए बुलाया। ये घटना 5 फरवरी, 2022 (रविवार) की है। चाचा ने बताया है कि असलम अंसारी उर्फ़ पप्पू मियाँ के नेतृत्व में मौजूद मुस्लिम भीड़ ने उनके भतीजे को पकड़ कर पीटा।

इस मामले में आरोपित हैं– असलम अंसारी, मोहम्मद नौशाद, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद गुफरान, मोहम्मद चाँद, मोहम्मद ओसामा, मोहम्मद एहताम, मोहम्मद जाहिद, मोहम्मद सोनू, मोहम्मद फैसल, मोहम्मद शाहबाज, रब्बानी मियाँ, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद जाशिद, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद सलमान, मोहम्मद इरफ़ान, मोहम्मद सलमान उर्फ़ भाले, मोहम्मद छोटे, मोहम्मद इस्तेखार, मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद हसन, मोहम्मद अनीस और मोहम्मद नौशाद।

प्राथमिकी में बताया गया है कि मॉब लिंचिंग में कई महिलाएँ भी शामिल थीं। प्राथमिकी में लिखा है, “भीड़ ने मेरे भतीजे के सीने पर चढ़ कर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने देखा कि भीड़ मेरे भतीजे की छाती पर चढ़ कर उसे लगातार पीट रहे थे। वहाँ से उसे अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। ये एक मॉब लिंचिंग है, जिसमें समुदाय विशेष ने हत्या की है। इस घटना में शामिल सभी अज्ञात और नामजद लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।”

ऑपइंडिया को मिले रुपेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर गौरव शर्मा ने कहा कि चोट की वजह से खून के थक्के जम गए और इंटरनल ऑर्गन फेल हो गए थे। आँख, कान, छाती, पेट, पैर सहित पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। मजबूत और भारी सामान से हमला किया गया था। धारदार हथियार से हमला हुआ। गला दबाने की कोशिश की गई। कान, गले और छाती के निचले हिस्से में घाव थे।

हालाँकि, बाद में मृतक रुपेश के परिजनों ने मीडिया रिपोर्ट में चल रही सरस्वती प्रतिमा विसर्जन में हत्या की बात को नकार दिया था। उनका कहना था, “फोन करके उनको (आरोपितों को) बुलाया गया। मोहम्मडन का लड़का फोन से बुलाया। गाड़ी से बैठा कर जबरदस्ती ले गए उसको (रूपेश को)। ये जो मूर्ति वाली बात झूठ-मूठ के दे रहे हैं कि ये सब मूर्ति विसर्जन में हुआ है, ये सब कुछ नहीं है। ये गलत खबर है। वो मोबाइल की दुकान पर काम कर रहा था।”

यूपी की इस जेल के खाने के सामने होटल भी फेल, मिली 5 स्टार रेटिंग: मशीन से होता है सारा काम, स्वच्छता का विशेष ध्यान, 1100 हैं कैदी

जेल के खाने को लेकर हमेशा से ही यह धारणा बनी रही है कि कैदियों को मिलने वाला खाना अच्छा नहीं होता है। हालाँकि, उत्तर प्रदेश की फर्रुखाबाद जिले की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में मिलने वाले खाने को बेहतर मानते हुए ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI)’ ने 5 स्टार रेटिंग दी है। इस तरह से यह जेल इस उपलब्धि को हासिल करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला जेल बन गया है।

दरअसल, फर्रुखाबाद जिले की फतेहगढ़ सेंट्रल जेल की रसोई को आधुनिक किया गया है। इस रसोई में खाना बनाने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इसलिए, अब यहाँ खाना हाथ से नहीं बल्कि मशीनों से तैयार किया जा रहा है।

चूँकि, खाना मशीन से बन रहा है और हाथों का कम से कम उपयोग हो रहा है। इसलिए, साफ-सफाई से लेकर खाने की गुणवत्ता तक बेहतर हो गई है। यही कारण है कि, फतेहगढ़ जेल में कैदियों को गुणवत्तापूर्ण खाना देने और खाद्य सामग्रियों के बेहतर रख-रखाव के लिए ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI)’ ने इसे 5 स्टार सर्टिफाइड कर दिया है।

इस बारे में, जिला मजिस्ट्रेट संजय सिंह का कहना है कि FSSAI से मान्यता मिलने के बाद यह साफ है कि इस जेल के 1100 कैदियों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। इस जेल को मार्च, 2022 में FSSAI का लाइसेंस मिला था। इसके बाद, FSSAI के निर्देशों के अनुसार भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में सुधार किया गया है।

जेल अधीक्षक भीम सेन मुकुंद ने कहा है कि जेल प्रशासन ने FSSAI के दिशानिर्देशों का ठीक से पालन किया। रसोई का आधुनिकीकरण किया गया है और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जेल की रसोई में आटा गूँथने, आलू छीलने, सब्जियाँ काटने और रोटी बनाने के लिए नई और ऑटोमेटिक मशीनें लाई गई हैं। इसके अलावा, कैदियों के साथ ही जेल के कर्मचारियों ने भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का प्रशिक्षण लिया है। रसोई में काम करने वाला प्रत्येक व्यक्ति हर समय एप्रन, हेड गियर और दस्ताने पहनकर रखता है।

बताया जा रहा है कि पिछले दो सालों में कोरोना महामारी को देखते हुए जेल परिसर में नई रसोई का निर्माण करवाया गया है। इस जेल के 1100 कैदियों के लिए दोनों टाइम का खाना इसी रसोई में बनता है। अभी तक रोटी, सब्जी, दाल आदि बनाने में कैदियों की मदद ली जाती थी और मैनुअली होने की वजह से इसमें काफी समय लगता था। लेकिन, अब यही काम जल्दी हो जाता है।