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जुमे पर मस्जिद उड़ाने की धमकी देने वाला निकला मोहम्मद समद, यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार: मौलवी को गोली मारने की भी दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जामा मस्जिद को बम से उड़ाने और इमाम को गोली मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने मोहम्मद समद नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मोहम्मद समद पर आरोप है कि उसने 7 सितम्बर, 2022 (बुधवार) को मस्जिद की दीवार पर धमकी भरे पोस्टर चिपकाए थे। समद ने पुलिस के आगे अपना गुनाह कबूल भी कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला किला थानाक्षेत्र का है। यहाँ की जामा मस्जिद के आगे 7 सितम्बर 2022 को मस्जिद की दीवारों पर एक पोस्टर चिपका था, जिसमें लिखा था, “किसी भी जुमे को मस्जिद में बम रखा जाएगा। इस इमाम को निकाला जाए। मस्जिद से दूर रहे खुर्शीद आलम। खुर्शीद आलम को निकाला जाए। नहीं निकला तो गोली पड़ेगी।” पुलिस ने उसी दिन केस दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू कर दी।

समद द्वारा चिपकाया गया पोस्टर

पुलिस ने जाँच के बाद इस हरकत का आरोपित मोहम्मद समद को पाया। पुलिस के आगे समद ने अपने कृत्य को स्वीकार किया। पुलिस ने समद का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें वो कह रहा कि उसने शरारत में पोस्टर चिपका दिया और दुबारा ऐसी गलती नहीं करेगा। वीडियो में समद ये मान रहा है कि वो जामा मस्जिद के इमाम को निकलवाना चाह रहा था। समद ने इमाम से अपनी नाराजगी की वजह उनके द्वारा DJ न प्रयोग करने की सलाह को बताया।

बरेली पुलिस के मुताबिक, 7 सितंबर, 2022 को सुबह 6 बजे जामा मस्जिद की दीवार पर चस्पाए धमकी भरे पत्र में इमाम खुर्शीद आलम को गोली मारने की बात कही गई थी। इस मामले की जाँच करते हुए नसीम अहमद के 25 वर्षीय बेटे मोहम्मद समद को हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, समद ने क्षेत्र के सम्मानित व्यक्तियों के आगे पर्चा लगाना कबूल किया है। पुलिस के अनुसार, मस्जिद के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने ईद मीलाद उन-नबी पर निकलने वाले जुलूस में डीजे न बजाने की अपील की थी, जिस से समद नाराज था। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इमाम खुर्शीद के मुताबिक, वो 2013 से जामा मस्जिद में इमामत करते थे और उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। धमकी के बाद उन्होंने इसे किसी की शरारत बताया था और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही थी।

‘नागिन’ वाली हिरोइन हुई पाकिस्तानी क्रिकेटर की फैन: लोग बोले – एक और गई, इससे पहले उर्वशी रौतेला का आया था रोमांटिक रील

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला के बाद सुरभि ज्योति ने पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज नसीम शाह (Naseem Shah) की तारीफ की है। भारतीय अदाकारा सुरभि ज्योति (Surbhi Jyoti) ने बुधवार (7 सितंबर, 2022) की रात एशिया कप 2022 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच खेले गए मैच में नसीम की जमकर तारीफ की। ज्योति ने ट्विटर पर क्रिकेटर का जिक्र करते हुए कहा, “पाकिस्तान को निश्चित रूप से एक हीरा मिला है।”

दरअसल, आखिरी ओवर में नसीम शाह के दो छक्कों की वजह से पाकिस्तान एशिया कप 2022 के फाइनल में पहुँच गया। इसको लेकर ‘नागिन’ टीवी शो की एक्ट्रेस अपनी खुशी नहीं रोक पाई और सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी क्रिकेटर की तारीफों के पुल बाँधने लगीं। हालाँकि यूजर्स को उनका यह अंदाज पसंद नहीं आया और उन्होंने सुरभि को टैग करते हुए 7 सितंबर की रात एशिया कप 2022 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के खिलाड़ियों में हुई भिडंत का वीडियो शेयर कर दिया।

नौबत यहाँ तक आ गई थी कि अंपायर्स और अन्य खिलाड़ियों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। यह हंगामा 130 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही पाकिस्तानी टीम की पारी के 19वें ओवर की 5वीं गेंद पर हुआ। इस ओवर की चौथी गेंद पर आसिफ अली ने छक्का जड़ दिया। इसके बाद अगली ही गेंद पर फरीद अहमद ने आसिफ अली को आउट कर दिया। पवेलियन लौटने से पहले फरीद और आसिफ के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

एक और यूजर ने कहा- उर्वशी के बाद एक और।

वहीं, पाकिस्तानी यूजर्स ज्योति की तारीफ करते हुए दिखाई दिए। एक पाकिस्तानी फैन ने एक्ट्रेस के लिए लिखा, “आखिरकार एक अच्छा भारतीय जो बोल्ड और सुंदर है, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की प्रशंसा करने से नहीं डरता।”

बता दें कि इससे पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला (Urvashi Rautela) ने पाकिस्तानी क्रिकेटर नसीम शाह के संग अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसको लेकर नेटिजन्स ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई थी। वीडियो में पाकिस्तानी गेंदबाज नसीम शाह के साथ उर्वशी की कुछ झलकियाँ दिखाई गई हैं।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि उर्वशी और नसीम एक-दूसरे को देखकर ब्लश कर रहे हैं। लोगों ने पाया कि उर्वशी का यह वीडियो शेयर करना इस बात की ओर इशारा करता है कि वह क्रिकेटर के प्रति अट्रैक्ट हो रही हैं। यह वीडियो हाल में भारत बनाम पाकिस्तान मैच के दौरान का है।

3.20 km लंबा ‘कर्तव्य पथ’, 19 एकड़ में सरोवर, 4 लाख वर्ग मीटर हरियाली: ‘सेन्ट्रल विस्टा’ से बदला नजारा, सभी राज्यों के भोजन और उत्पाद भी बिकेंगे

‘सेंट्रल विस्टा’ प्रोजेक्ट के एक हिस्से का काम लगभग पूरा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज गुरुवार (8 सितंबर 2022) को शाम 7 बजे कर्तव्य पथ का उद्घाटन और इंडिया गेट पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के मौजूद रहने की संभावना है।

ग्रेनाइट से बनी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की यह प्रतिमा 28 फुट ऊँची है। इसका कुल वजन 65 मीट्रिक टन है। बता दें कि 23 जनवरी को पराक्रम दिवस पर प्रधानमंत्री ने नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था। अब वहाँ इस प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।

राजपथ का ही नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ किया गया है। यह इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन को जोड़ता है। इस सड़क के दोनों तरफ लॉन को विकसित किया गया है। हरियाली के साथ-साथ पैदल चलने वालों के लिये 15.5 किलोमीटर लंबा लाल ग्रेनाइट पत्थरों से बना पैदल पथ इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगाता है।

गौरतलब है कि देश की स्वतंत्रता से पहले राजपथ को किंग्स वे और जनपथ को क्वींस वे के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद क्वींस वे का नाम बदलकर जनपथ और किंग्स वे का नाम बदलकर राजपथ कर दिया गया था। अब इसे बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है।

करीब 3.20 किलोमीटर लंबे कर्तव्य पथ के बगल में करीब 19 एकड़ में सरोवर बना है। इसे पुनर्विकसित कर और भव्यता दी गई है। खूबसूरती और सहूलियत के लिए इस पर 16 पुल भी बनाए गए हैं। इसके अलावा यहाँ झरने भी विकसित किए गए हैं।

इसके साथ इस मार्ग के दोनों तरफ स्टॉल लगाने की व्यवस्था की गई है। यहाँ CPWD ने 5 वेडिंग जोन बनाए हैं और हर जोन के लिए 40 वेंडर तय किए गए हैं। यहाँ देश भर के विभिन्न राज्यों के पसंदीदा खाने से लेकर स्थानीय उत्पाद मिलेंगे।

यहाँ पार्किंग स्थल विकसित करने के साथ-साथ पैदल यात्रियों के लिए नए अंडरपास बनाए गए हैं। यहाँ 1,126 गाड़ियाँ पार्क की जा सकेंगी। वहीं, इंडिया गेट के पास पार्किंग में 35 बसें खड़ी हो सकेंगी। पूरे क्षेत्र में करीब 3.90 लाख वर्गमीटर में फैली हरियाली भी दर्शनीय है। शाम ढलने के बाद रौशनी में यहाँ का नजारा अद्भुत लगता है।

बता दें कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत भारत की नई संसद और उसके आसपास के इलाके के पुर्नविकास से संबंधित परियोजना को कहा गया है। इस प्रोजेक्ट में तमाम तरह की सुविधाओं और मॉर्डन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है। संसद भवन से लेकर इंडिया गेट का पूरा इलाका पुनर्विकसित करने के साथ-साथ नया संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सचिवालय बनाया जा रहा है।

‘ब्रह्मास्त्र’ की न हो नेगेटिव पब्लिसिटी, इसीलिए KRK को जेल में डलवाया? लोगों ने करण जौहर पर लगाए आरोप, ₹410 करोड़ लगे हैं दाँव पर

बॉलीवुड अभिनेता, निर्माता और फिल्म समीक्षक कमाल राशिद खान उर्फ केआरके (KRK) को मुंबई पुलिस ने हाल ही में एक पुराने मामले को लेकर गिरफ्तार कर लिया था। उनकी इतने समय बाद हुई गिरफ़्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि उनकी गिरफ़्तारी के पीछे करण जौहर का हाथ भी हो सकता है, क्योंकि वे फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का नेगेटिव रिव्यू नहीं होने देना चाहते। गुरुवार (8 सितंबर, 2022) को ही KRK को जमानत मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, KRK को विदेश से आते ही मुंबई हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें 2020 के एक विवादित ट्वीट के कारण अरेस्ट किया गया था। इसके बाद KRK को बोरीवली अदालत ने 14 दिन तक हिरासत में रखने का फैसला सुनाया। इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि फिल्म समीक्षक को आखिर किस मामले में गिरफ्तार किया गया है।

अब खबर यह भी आ रही है कि उन्हें गुरुवार (8 सितंबर, 2022) को बेल मिल गई है। यह बेल उन्हें तब मिली है, जब इसके अगले ही दिन, यानी 9 सितंबर 2022 को यह फिल्म सिनेमा घरों में दस्तक दे रही है। केआरके के वकील अशोक सरावगी ने उनकी बेल की पुष्टि करते हुए कहा कि कमल आज यानी गुरुवार को ठाणे जेल से बाहर आ सकते हैं। उनकी रिहाई से उनके समर्थकों में खुशी कि लहर दौड़ पड़ी है।

वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा उनकी गिरफ़्तारी का कारण रणबीर और आलिया की फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ को बताया जा रहा है। ट्विटर पर निखिल शर्मा नामक एक यूजर ने बॉयकोट ट्रेंड को लेकर लिखा, “वास्तव में ‘ब्रह्मास्त्र’ के एक अच्छी फिल्म होने का अनुमान है। बहिष्कार छोड़कर क्या लगता है? कैसी फिल्म होगी?” इसके जवाब में एक यूजर ने लिखा, “सुपरफ्लॉप! फिल्म पर यदि कॉन्फिडेंस होता तो बॉलीवुड माफिया वाले KRK को जेल में नहीं डलवाते।”

एक अन्य यूजर ने करण जौहर पर आरोप लगाते हुए लिखा था, “एक ट्वीट के कारण केआरके पिछले एक सप्ताह से जेल में कैद हैं। फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ कि रिलीज के 7 या 10 दिनों के बाद उन्हें शायद बेल मिले! ये असली करण जौहर का मास्टरक्लास है।” हालाँकि, अब जब उन्हें जमानत मिल गई है तो लोगों में आगे ये भी आशंका है कि किसी तीसरे मामले में वो गिरफ्तार न कर लिए जाएँ।

रोनक पटेल नामक एक यूजर ने करण जौहर के एक वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “देखो माई बाप क्या बोल रहा हे और उसके खिलाफ जाओ तो KRK के जैसा हाल करता है सच्ची ना!”

ट्विटर पर विराज खन्ना ने लिखा, “हद है बॉलीवुड वालों, अपनी ताकत दिखाकर KRK को जेल में डाला है। अब तो उनका रिव्यू वाला वीडियो सुपर वायरल होगा”

पाकिस्तान के उप-कप्तान ने ही कह दिया – ‘हम बढ़िया टीम लेकिन चैम्पियन टीम नहीं’

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के उप-कप्तान शादाब खान (Shadab Khan) ने कहा है कि पाकिस्तान की क्रिकेट टीम “अच्छी है, लेकिन एक चैंपियन टीम नहीं है।” उन्होंने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ रविवार को एशिया कप फाइनल में दबाव को झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।

दरअसल, बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान को नसीम शाह की जरूरत थी, क्योंकि 20वें ओवर की शुरुआत में लगातार दो छक्के लगे। जीत के लिए 130 रनों का पीछा करते हुए शादाब खान ने एक विकेट लेने के साथ टीम में 36 रन का योगदान दिया था।

यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए एक तरह से सचेत करने वाला है। शादाब खान ने पाकिस्तान की टीम को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी बहुत काम करना बाकी है।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि एक अच्छी टीम को दबाव की स्थिति में इस तरह से पतन का सामना नहीं करना चाहिए, खासकर मैंने बकवास शॉट खेला। मैं अच्छी तरह से तैयार था और मुझे मैच खत्म करना चाहिए था।”

उन्होंने आगे कहा, “जैसा कि मैंने टूर्नामेंट की शुरुआत में कहा था, हम एक अच्छी टीम हैं लेकिन चैंपियन टीम नहीं हैं और यही बनना हमारा लक्ष्य है। उम्मीद है कि हम इस पर काम करेंगे और कोशिश करेंगे कि हम अपनी गलतियों को ना दोहराएँ।”

शादाब का कहना है कि पाकिस्तानी प्रबंधन ने गेंदबाजों को भी बल्लेबाजी करने के लिए प्रोत्साहित किया है, क्योंकि किसी को नहीं पता कि खेल में आगे क्या स्थिति आएगी। उन्होंने कहा, “हमारे गेंदबाजों में भी बल्ले से मैच खत्म करने की क्षमता है।”

बता दें कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को एशिया कप के सुपर-4 के चौथे मुकाबले में मात दे दिया था। इस जीत के पीछे शादाब खान रहे। उनके शानदार प्रदर्शन के कारण पाकिस्तान यह मैच जीतने में सफल रहा।

पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की टीम को 130 रनों का लक्ष्य दिया था। इसे पाकिस्तानी टीम ने 9 विकेट में ही हासिल कर लिया। पाकिस्तानी टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शादाब खान को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब मिला।

जिस आतंकी याकूब मेमन के कारण मुंबई ब्लास्ट में लोग मारे गए, उसकी कब्र बन गई ‘मजार’: शिकायत के बाद मुंबई पुलिस का एक्शन

मुंबई ब्लास्ट मामले में मृत्युदंड पाए आतंकी याकूब मेमन की कब्र को मज़ार की शक्ल दी गई है। टाइल्स-मार्बल्स लगा कर इसे सजा दिया गया है। उद्धव ठाकरे की सरकार पर इसका आरोप लग रहा है। याकूब की कब्र पर न सिर्फ टाइल्स लगा दी गई है बल्कि रोशनी के लिए लाइटें भी लगा दी गईं हैं।

भाजपा नेता राम कदम ने इस मुद्दे को उठाते हुए 7 सितम्बर 2022 (बुधवार) को याकूब मेमन की कब्र की तस्वीरें भी शेयर की हैं। यह शिकायत और फोटो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने याकूब की कब्र से लाईटिंग हटवा दी है।

इससे पहले भाजपा नेता राम कदम ने लिखा, “उधव ठाकरे मुख्यमंत्री थे। उस समय में मुंबई में पाकिस्तान के इशारे पर 1993 में बम कांड करने वाला खूँखार आतंकवादी याकूब मेमन की कब्र मज़ार में तब्दील हो गई है। यही है इनका मुंबई से प्यार और यही है इनकी देशभक्ति? उद्धव ठाकरे समेत राहुल गाँधी और शरद पवार इस कुकर्म को अनदेखा करने के लिए मुंबई की जनता से माफी माँगे। अब पेंग्विन सेना इसका जवाब दे।”

राम कदम द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में जिस जगह को याकूब मेमन की कब्र कहा जा रहा है, वहाँ ताजे फूल चढ़ाए गए हैं। इसी के साथ चारों तरफ से हरे रंग की पक्की बॉउंड्री भी दिखाई दे रही है। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेता और महाराष्ट्र के भाजपा विधायक राम सतपुते ने इस कब्र को तत्काल खोदने की माँग की है। विधायक ने इस हरकत को 1993 मुंबई बम विस्फोट में जान गँवाने वालों के साथ विश्वासघात बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक याकूब मेमन को मुंबई के मरीन लाइंस में रेलवे स्टेशन के सामने 7 एकड़ में बने कब्रिस्तान में दफनाया गया था। याकूब को लगभग 5 साल पहले फाँसी दी गई थी। अब उसकी कब्र पर मार्बल लगा दिए गए हैं और आस-पास रोशनी का इंतज़ाम कर दिया गया है। जब इस बावत कब्रिस्तान के एक कर्मचारी से सवाल किया गया तो उसने कहा कि कब्रिस्तान के अंदर ऐसी कई कब्रें हैं, जिसके लिए उनके परिजन सालाना फीस भी अदा करते हैं।

खालिस्तानी वाले 46% ट्वीट Pak से, ज़ुबैर के ट्वीट से ट्रेंड में आया कीवर्ड: शिकायत के बाद अब दे रहा सफाई, अर्शदीप पर प्रोपेगंडा की खुली पोल

भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने हाल ही में भारतीय क्रिकेटर अर्शदीप सिंह को खालिस्तानी (Khalistani) कहने वालों का प्रचार करने वाले ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक और कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसका विरोध करते हुए मोहम्मद जुबैर ने बुधवार (7 सितंबर, 2022) को अपने ट्विटर हैंडल पर लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा। लेकिन, ट्विटर यूजर ‘द हॉक आई’ ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

फोटो साभार: ट्विटर

जुबैर ने दावा किया कि उसके खिलाफ ‘नफरत फैलाने’ के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जुबैर ने सिरसा के आरोपों का जवाब देने की कोशिश करते हुए कहा कि अर्शदीप के कैच छोड़ने के एक घंटे बाद उन्होंने ट्वीट किया। उन्होंने ट्विटर हैंडल @MrSinha_ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भी ‘खालिस्तानी’ शब्द का इस्तेमाल किया। दिलचस्प बात यह है कि सिन्हा ने अर्शदीप को ‘खालिस्तानी’ कहा ही नहीं था।

फोटो साभार: ट्विटर

सिन्हा ने इस ओर इशारा किया था कि ‘किंग्स इलेवन पंजाब’ का ऑफिशियल हैंडल पाकिस्तानी टीम के लिए चीयर कर रहा था, लेकिन उन्होंने अर्शदीप को खालिस्तानी नहीं कहा था। ट्वीट के लिए एक वेब आर्काइव लिंक था, लेकिन आर्काइव लिंक में विशेष लिंक को आर्काइव नहीं किया गया था। सिन्हा ने जुबैर का भी जवाब दिया और कहा कि वह अर्शदीप का नहीं, बल्कि किंग्स इलेवन के ट्विटर हैंडल का जिक्र कर रहे हैं। जुबैर के झूठे ट्वीट के कारण सिन्हा ट्रोलिंग का शिकार हुए।

जुबैर ने आगे दावा किया कि भारतीयों और पाकिस्तानियों ने अर्शदीप को खालिस्तानी कहने के साथ उन्हें गालियाँ भी दीं। हालाँकि, हॉक आई ने इस बात को प्रमुखता से उठाया कि कैसे उसके (जुबैर) ट्वीट के बाद खालिस्तानी शब्द का प्रयोग हुआ। हैंडल ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हुए जुबैर के ट्वीट को साझा किया और कहा, “आपके ट्वीट करने के 45 मिनट पहले ये कीवर्ड ट्रेंड नहीं कर रहा था। आप अपने कोलाज में राइट विंग हैंडल को कोट कर रहे हैं। Google ट्रेंड, विकीपीडिया पेज में परिवर्तन, पाकिस्तानियों और इसे शुरू करने वाले ‘Dunya Ch’ के डेटा को क्यों छोड़ रहे हैं?”

‘द हॉक आई (The Hawk Eye)’ ने ट्वीट के साथ कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं। पहले स्क्रीनशॉट में साफ देखा जा सकता है कि जुबैर के ट्वीट से पहले खालिस्तानी शब्द का इस्तेमाल करते हुए 500 से कम ट्वीट किए गए थे। लेकिन उसके ट्वीट के एक घंटे के भीतर यह 1000 से अधिक हो गया और बढ़ता ही रहा। अगले दिन दोपहर में 3:30 बजे तक यह 16,000 से अधिक तक पहुँच गया। गूगल ट्रेंड्स मैप के मुताबिक खालिस्तानी शब्द के प्रचार-प्रसार के पूरे विवाद में पाकिस्तान का 46 फीसदी योगदान था। इसके अलावा यूएई का 20%, भारत का 17% और कतर का 7% था।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी मूल के पत्रकार डब्ल्यूएस खान ने ट्वीट किया था कि कैच छूटने के महज 3 मिनट बाद ही अर्शदीप खालिस्तानी आंदोलन का हिस्सा हो सकते हैं। इसके अलावा पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर ओसामा जिसे ‘ashaqueens’ ट्विटर हैंडल से जाना जाता है, उसने कहा था कि अर्शदीप को खालिस्तानी आंदोलन का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि वह कैच छोड़ने के बाद अब भारत नहीं जा सकता। कैच छूटने के 12 मिनट बाद ही ये ट्वीट किया गया था।

पूरे विवाद का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जुबैर ने जानबूझकर ‘खालिस्तानी’ शब्द को ही खोजा था। इस बात की पुष्टि उसके सभी स्क्रीनशॉट से होती है, जिसमें यह शब्द बोल्ड है। यह तभी होता है जब आप ट्विटर पर सर्च रिजल्ट से ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट ले रहे होते हैं।

पाकिस्तान और अरब देशों से किए गए ट्वीट

पाकिस्तान के खिलाफ मैच में अर्शदीप ने 18वें ओवर की तीसरी गेंद में आसिफ अली का कैच छोड़ा था, जिसके बाद देखा गया कि अचानक उनको सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाने लगा। कुछ अकॉउंट्स से उन्हें देश विरोधी जैसे शब्द तक कहे गए। जो ट्वीट अर्शदीप को देशद्रोही आदि बताते हुए किए गए हैं, वो अधिकतर पाकिस्तान और अरब देशों के लोगों ने भारतीय बनकर किए थे।

विकिपीडिया पर भी अर्शदीप का डाटा बदला

पाकिस्तानियों ने केवल सोशल मीडिया पर ही अर्शदीप को खालिस्तानी दिखाने की कोशिश नहीं की। बल्कि उन्होंने विकिपीडिया पर भी अर्शदीप का डाटा बदल दिया था। उन्होंने जहाँ-जहाँ अर्शदीप के नाम के साथ भारतीय होना चाहिए वहाँ जानबूझकर खालिस्तान लिखा था।

टीका लगा कर मंदिर में घुसे तौसीफ अहमद ने तोड़ डाली हनुमान मूर्ति, फाड़ दी ॐ लिखी पताका: ‘जय श्री राम’ का लगा रहा था नारा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हनुमान मूर्ति को खंडित करने का मामला सामने आया है। खंडित करने वाले आरोपित का नाम तौसीफ है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तौसीफ पर आरोप है कि उसने मूर्ति तोड़ने से पहले ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया था। बताया जा रहा है कि उसने मंदिर में लगी पताका को फाड़ दिया। घटना मंगलवार रात (6 सितंबर, 2022) की है।

मामला चौक थाना क्षेत्र के ‘लेटे हुए हनुमान’ मंदिर का है। आरोपित तौसीफ द्वारा मंदिर में की गई तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि हनुमान मूर्ति के हाथों को तोड़ा गया है। इसी के साथ ॐ लिखी हुई पताका को तोड़ कर नीचे रख दिया गया है। इसी मंदिर में शनि देव की भी मूर्ति है, जिसे नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुई है। बताया ये भी जा रहा है कि आरोपित तौसीफ अहमद मंदिर में टीका लगा कर घुसा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित मंदिर ‘टीले वाली’ नाम की एक मस्जिद के पास मौजूद है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि आरोपित तौसीफ ने यह कृत्य तब किया, जब मंगल महोत्सव के दौरान मंदिर में एक कार्यक्रम चल रहा था और कई श्रद्धालु वहाँ मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान तौसीफ मंदिर में घुसा और उसने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए इस करतूत को अंजाम दिया।

बताया जा रहा है कि इसके बाद तौसीफ ने मूर्तियों को तोड़ना शुरू कर दिया। मौके पर मंदिर में मौजूद लोगों ने तौसीफ को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी होने पर हिन्दू संगठनों के लोग मंदिर में पहुँच गए और आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग करने लगे। स्थानीय विधायक नीरज वोरा भी मंदिर पहुँचे और तौसीफ की हरकत को एक बड़ी साजिश का हिस्सा होना बताया।

पुलिस ने एहतियात के तौर पर मंदिर और आस-पास के क्षेत्रों में अपनी गश्त और तैनाती बढ़ा दी है। तौसीफ से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपित नशे में था फिर भी सभी पहलुओं पर जाँच करते हुए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मंदिर के ट्रस्टी डॉ विवेक तंगी ने कहा कि ऐसे लोगों का कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक घटना है, दुर्घटना है।

राहुल गाँधी की भारत जोड़ो ‘कंटेनर’ यात्रा: युद्धपोत पर परिवार की छुट्टियाँ, फ्लाइट भेज सिगरेट मँगाने का कॉन्ग्रेसी इतिहास

कॉन्ग्रेस के नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) तमिलनाडु (Tamilnadu) के कन्याकुमारी (Kanyakumari) से कश्मीर (Kashmir) तक 3570 किलोमीटर की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू की है। 150 दिनों तक चलने वाली राहुल गाँधी की यह यात्रा 12 राज्यों से होकर गुजरेगी।

सोशल मीडिया यूजर्स राहुल गाँधी की इस यात्रा को ‘कंटेनर यात्रा’ यात्रा कह रहे हैं। इस यात्रा के दौरान राहुल गाँधी और उनके साथी कंटेनर में ठहरेंगे। इन्हीं कंटेनरों में सोने के लिए बेड और वॉशरूम की व्यवस्था की गई है। कॉन्ग्रेस ने इस तरह के 60 कंटेनरों को शामिल किया है।

हालाँकि, राहुल गाँधी भले ही होटल में ठहरने के बजाए कंटेनर में ठहरने और सोने की दिखावा कर रहे हों, लेकिन कॉन्ग्रेस ने जब-जब मौका पाया है, इस देश के संसाधनों का दुरुपयोग किया है। यहाँ तक देश की वॉरशिप को भी पिकनिक का स्थान बना दिया था पंडित जवाहरलाल नेहरू ने।

इंदिरा गाँधी ने राहुल का विमान में मनाया था बर्थडे

राहुल गाँधी आज कंटेनर यात्रा भले ही कर रहे हैं, लेकिन इनका बचपन हवाई जहाज में जन्मदिन मनाते बीता है। साल 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने राहुल गाँधी का जन्मदिन हवाई जहाज में मनाया था। उस दौरान उनकी माँ सोनिया गाँधी, बहन प्रियंका गाँधी और परिवार के अन्य सदस्य भी थे।

इस पुरानी तस्वीर में राहुल गाँधी को एक कोने में शर्म से मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। उनकी ठुड्डी उनके हाथ पर टिकी हुई है। उनकी बहन प्रियंका गाँधी उनके बगल में बैठी हैं और टेबल के बीच में जन्मदिन का केक रखा है। विमान के अंदर ली गई इस तस्वीर में उनकी माँ सोनिया गाँधी और दादी इंदिरा गाँधी भी हैं।

राजीव गाँधी ने मनोरंजन के युद्धपोत ‘विराट’ पर डाला डेरा

राजीव गाँधी ने अपने निजी उपयोग के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था। युद्धपोत का उपयोग गाँधी परिवार को 10 दिनों की लंबी छुट्टी के लिए लक्षदीप द्वीपसमूह के एक छोटे से निर्जन द्वीप पर एक निजी टैक्सी की तरह ले जाने के लिए किया गया था। इस दौरान राजीव गाँधी के ससुराल के लोग भी शामिल थे।

मेहमानों की सूची में राजीव गाँधी के साथ पत्नी सोनिया गाँधी, बेटे राहुल गाँधी, बेटी प्रियंका और उनके चार दोस्त, सोनिया गाँधी की माँ, उनके भाई और एक मामा शामिल थे। इसके साथ ही तब के सांसद अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया बच्चन और उनके बच्चे, अमिताभ के भाई अजिताभ की बेटी और पूर्व मंत्री अरुण सिंह के भाई बिजेंद्र सिंह की पत्नी और बेटी भी मौजूद थे। छुट्टी का स्थान बंगारम था, जो लक्षद्वीप द्वीपसमूह में एक छोटा निर्जन द्वीप है।

उस समय भारतीय नौसेना के एकमात्र वाहक आईएनएस विराट का इस्तेमाल गाँधी परिवार और उनके साथियों के परिवहन के लिए किया गया था, जो इस छुट्टी के लिए 10 दिनों के लिए अरब सागर में चले गए थे। बता दें कि एक विमान वाहक युद्धपोत अकेले समुद्र में नहीं चलता है, यह हमेशा कई युद्धपोतों से घिरा रहता है। यहाँ तक ​​कि एक पनडुब्बी भी यात्रा के दौरान मौजूद थी। इसका मतलब इस शाही छुट्टी का खर्च बहुत तगड़ा था।

पंडित नेहरू ने डाली थी परंपरा

प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सबसे पहले ऐसी शाही परंपरा की शुरुआत की थी। उन्होंने INS देल्ही (INS Delhi) का इस्तेमाल अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने के लिए किया था। आईएनएस देल्ही 1933 में नौसेना के लिए बनाया गया एक हल्का क्रूजर था। इसे ब्रिटिश राज में एचएमएस अकिलिस के नाम से जाना जाता था। 1950 में अपने परिवार के साथ छुट्टी मनाने के लिए इसी वॉरशिप का इस्तेमाल नेहरू ने किया था।

1950 में ही भारतीय नौसेना की संपत्ति का दुरुपयोग करने की परंपरा जवाहरलाल नेहरू के साथ शुरू हुई थी। यह एक ऐसी घटना है, जिस पर शायद ही कभी बात की गई हो, जो यह बताने के लिए पर्याप्त है कि किस तरह नेहरू के पूरे परिवार ने अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए भारतीय संपत्ति के निजी इस्तेमाल की अनोखी परंपरा की शुरुआत की थी।

एडविना को श्रद्धांजलि देने पंडित नेहरू ने INS त्रिशूल को भेजा

जवाहरलाल नेहरू और वायसराय की पत्नी एडविना माउंटबेटन के रिश्तों की बात हमेशा होती रहती है। जवाहरलाल नेहरू और एडविना माउंटबेटन के बीच का संबंध कोई रहस्य नहीं है। एक लेख में माउंटबेटन को “आदमखोर” तक कहा गया था।

माँ एडविना को लेकर उनकी बेटी पामेला ने कहा, “वह पंडितजी (नेहरू) में साहचर्य और समझ को देखती है, जिसके लिए वह तरसती थी। दोनों ने एक-दूसरे के अकेलेपन को दूर करने में मदद की।” भारत के आजाद होने के बाद जब भी नेहरू लंदन जाते तो एडविना से जरूर मिलते थे।

एडविना की इच्छा समुद्र में दफन होने की थी और जब 1960 में उनकी मृत्यु हुई तो उनके शव को पोर्ट्समाउथ लाया गया। इसके बाद नेहरू ने निर्देश पर सरकारी खर्चे पर लेडी माउंटबेटन को श्रद्धांजलि देने की व्यवस्था की गई थी। उनकी इच्छा के अनुसार लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा उन्हें समुद्र में दफन किया गया। ऐसे में नेहरू भी पीछे नहीं रहे। नेहरू ने भारतीय नौसेना के फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल को एस्कॉर्ट के रूप में और साथ ही उनकी याद में पुष्पांजलि देने के लिए भेजा था।

पामेला हिक्स ने बताया कि जब उनका शोक संतप्त परिवार घटनास्थल पर माल्यार्पण के बाद हट गया था तो भारतीय फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल उस जगह पर आया और नेहरू के निर्देशों के अनुसार मैरीगोल्ड के फूलों से उस पूरे एरिया को आच्छादित कर दिया गया था।

कुछ रुपए की सिगरेट के लिए फूँक दिए गए थे लाखों रुपए

पूर्व पीएम नेहरू के बारे में एक कहानी है, जो आज भी किसी को भी लुभा सकती है। भोपाल की अपनी एक यात्रा पर, वह राजभवन में रुकने वाले थे। हालाँकि, कर्मचारियों को पता चला कि उनका पसंदीदा सिगरेट ब्रांड राजभवन में उपलब्ध नहीं है। यह वास्तव में, भोपाल में उपलब्ध नहीं था, और नेहरू अपने भोजन के बाद एक सिगरेट पीने के शौकीन थे।

आम तौर पर, लोगों को लगेगा कि राज भवन के कर्मचारियों ने उनके लिए कोई दूसरा ब्रांड पेश किया होगा। लेकिन नहीं! मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक उनकी पसंदीदा सिगरेट का स्टॉक इंदौर से एयरलिफ्ट किया गया!

जानकारी के मुताबिक किसी को ‘555’ ब्रांड की सिगरेट के कुछ पैकेट इंदौर एयरपोर्ट से लाने का काम दिया गया था। एक विमान ने पैकेज प्राप्त करने के लिए भोपाल से इंदौर के लिए उड़ान भरी, सिगरेट एकत्र की और वापस उड़ान भरी।

‘इस्लाम में छोटे कपड़े हराम’: राखी सावंत पर बॉयफ्रेंड आदिल ने लगाई ‘पाबंदी’, बोलीं अभिनेत्री – वो हमेशा सही होते हैं, करूँगी शादी

बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत ने अपने एक वीडियो में खुद द्वारा पहने कपड़ों को ले कर असहजता जताई है। ये कपड़े उन्होंने अपने अपने बॉयफ्रेंड आदिल खान दुर्रानी के साथ किए गए रोमांटिक फोटोशूट के दौरान पहने थे। उनके मुताबिक, वो कपड़े उन्हें डिजायनर ने भेजे थे। उन्होंने कहा है कि इस्लाम में ऐसे कपड़ों को पहनने की इजाजत नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राखी सावंत ने कहा कि वो ‘ऊप्स मोमेंट’ का शिकार होने से बचीं। उन्होंने बताया कि वो अपने ड्रेस से असंतुष्ट थीं और लगातार डिजायनर की शिकायत कर रहीं थीं। बाद में इस समस्या का हल निकाला गया और समाधान के तौर पर कैमरे की तरफ पीठ करके राखी सावंत ने अपने बॉयफ्रेंड की तरफ फेस करके पोज दिया था। वीडियो में राखी सावंत एक बेहद डीप नेक वाले मैटेलिक गाउन में दिखाई दे रहीं है। वो बार-बार कैमरे के आगे उस गाउन को संभालती दिखाई दे रहीं हैं।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, राखी सावंत अपने बॉयफ्रेंड आदिल खान से शादी करना चाहतीं हैं। वो बताती हैं कि आदिल उन्हें कई बार छोटे और रेवेलिंग कपड़े पहनने से मना करते हैं। वायरल वीडियो में राखी सावंत ने कहा, “हम और आदिल भविष्य में एक ही होने जा रहे हैं। आदिल हमेशा सही हैं। इस्लाम में छोटे कपड़े पहनने की इजाजत नहीं है। मैं आदिल की बहुत इज्जत करती हूँ।”

वहीं एक वीडियो में आदिल ने कहा, “मैंने राखी पर कभी कोई रोक-टोक नहीं की, बस छोटे कपड़ों को ले कर ही पाबंदी लगाई है।” रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त 2022 में आदिल को जान से मारने की धमकी आई थी। शिकायत के मुताबिक, तब आदिल को फोन करने वाले ने कहा था कि वो राखी से दूर हो जाएँ।

गौरतलब है कि मई 2018 में वायरल हुए एक फोटो राखी सावंत पाकिस्तानी झंडा लपेट कर खड़ी दिखाई दीं थीं। यह फोटोशूट ‘धारा 370’ नाम की फिल्म के लिए किया गया था जो कश्मीरी युवकों को पाकिस्तान के इशारे पर आतंकी बनाने पर आधारित थी। इसी के साथ मार्च 2021 में फिल्मकार जावेद अख्तर ने राखी सावंत के जीवन पर स्क्रिपट लिखने की इच्छा जताई थी।