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‘गर्म मोम लगा मेरा चाचा करता था रेप’: बिग बॉस के स्टार ने वीडियो में सुनाई आपबीती, वेश्या बन कमाए थे पैसे

बिग बॉस स्टार और नामी डिजायनर रोहित वर्मा ने अपने अतीत के बारे में खुद से जुड़ी कई गुप्त बातों का खुलासा किया है। इस खुलासे में उनके द्वारा अपने बचपन, प्यार और विश्वासघात जैसे मामलों में दी गई जानकारियाँ शामिल हैं। रोहित के मुताबिक उनके बचपन में घर आने वाले एक चाचा ने उनके साथ रेप किया था।

डिजायनर रोहित वर्मा ने यह भी बताया कि कैसे अतीत में उन्हें एक वेश्या के तौर पर भी काम करना पड़ा था। उन्होंने ये तमाम खुलासे आरजे सिद्धार्थ कानन के टॉक प्रोग्राम में किए।

खुद को एक अच्छे परिवार से बताते हुए रोहित वर्मा ने कहा कि वो 8 साल की उम्र में अपने सगे चाचा द्वारा यौन शोषण का शिकार हुए हैं। रोहित के मुताबिक उनके चाचा न सिर्फ उनको साड़ी पहनाते थे बल्कि उनके शरीर पर गर्म मोम भी लगाया करते थे। रोहित ने बताया कि उनके चाचा की ये तमाम अभद्र और अश्लील हरकतें लगभग 4 साल तक चलीं, जिसे उन्होंने कभी अपने माता-पिता से डर के मारे नहीं बताया।

डिजायनर रोहित वर्मा के मुताबिक कुछ समय बाद उनके साथ ऐसा भी समय आया, जब उन्हें औरतों के कपड़े पहन कर वेश्या बनना पड़ा था। उनके अनुसार कुछ ग्राहकों द्वारा मिले पैसे से उन्होंने अपने लिए फैंसी बैग और डिजायनिंग के सामान खरीदे थे।

अतीत में अपने द्वारा किए गए इस काम पर रोहित को कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उनके अनुसार तब उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी। एक अन्य खुलासे में रोहित ने खुद को एक एक्टर के साथ लिव इन रिलेशनशिप में भी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ने लम्बे समय तक डेट की पर जब एक्टर को काम मिलने लगा तब उनका व्यवहार बदल गया।

गौरतलब है कि रोहित वर्मा एक प्रसिद्ध फैशन डिजायनर हैं। उन्होंने कई बड़ी फ़िल्मी हस्तियों की ड्रेस तैयार की है। साल 2009 में रोहित TV के रियलिटी शो बिग बॉस 3 के माध्यम से और अधिक चर्चा में आए। तब उन्होंने LGBT समुदाय को रिप्रेजेंट किया था।

रोहित साल 2008 में ‘फैशन’, 2021 में ‘स्टाइल स्ट्रिप’ और ‘एक हजारों में मेरी बहना है’ जैसी फिल्मों में अभिनय भी कर चुके हैं। उन्होंने 2007 में बनी फिल्म ‘जॉनी’ में कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। मुंबई में रोहित का खुद का स्टूडियो भी है।

बच्चे नहीं होने के पीछे भारतीय मर्दों के ये 8 Genes हैं जिम्मेदार, इनके कारण ही कम हो रहे शुक्राणु: हैदराबाद में वैज्ञानिकों ने किया खुलासा

हैदराबाद स्थित ‘सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB)’ के वैज्ञानिकों ने उन आठ जीन (Genes) की पहचान की है, जो भारतीय पुरुषों में बच्चे पैदा करने की क्षमता ख़त्म करने के लिए जिम्मेदार हैं। शोधकर्ताओं ने इन जीनों में उत्परिवर्तन (Mutations) पाया है, जिससे भारतीय पुरुषों के वीर्य में शुक्राणु कम हो रहे हैं। यह रिसर्च वैज्ञानिक पत्रिका ह्यूमन मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स (Human Molecular Genetics) में प्रकाशित हुई है। पहचाने गए जीन नए हैं और अब तक भारतीय पुरुषों के प्रजनन में कमी से जुड़े नहीं पाए गए थे।

हैदराबाद की रिसर्च टीम सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB), सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स (CDFD) और ममता फर्टिलिटी हॉस्पिटल (Mamata Fertility Hospital) से ली गई थी। इन्होंने आठ जीन BRDT, CETN1, CATSPERD, GMCL1, SPATA6, TSSK4, TSKS और ZNF का अध्ययन किया। टीम ने जीन CETN1 में उत्परिवर्तन का अध्ययन किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह शुक्राणु को कैसे प्रभावित करता है। ये जीन उत्परिवर्तन कोशिकाओं के विभाजन को रोकता है और इस प्रकार वीर्य में शुक्राणु कम होने लगते हैं।

सीडीएफडी के निदेशक डॉ. के थंगराज (Dr K Thangaraj), जो सीसीएमबी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक भी हैं, उन्होंने कहा कि रिसर्च में जिन 8 जीन की पहचान की गई है, वे पुरुषों की प्रजनन क्षमता ख़त्म होने के लिए जिम्मेदार हैं। देश में बच्चे पैदा न होने के आधे मामले पुरुषों में कई समस्याओं के कारण हैं। वह आगे कहते हैं, “यह मानना गलत है कि एक दंपति केवल महिला के कारण बच्चे नहीं पैदा कर सकता है।”

वहीं, सीसीएमबी के निदेशक डॉ विनय कुमार नंदीकूरी ने कहा कि यह रिसर्च बताती है कि ये जीन ‘Infertility’ की समस्या वाले पुरुषों में Diagnostic Markers विकसित करते हैं। है। सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने अपनी पहले की गई रिसर्च में पाया था कि इस समस्या वाले 38% पुरुषों में स्पेसिफिक कारण गायब हैं। या फिर उनके वाई-क्रोमोसोम में असामान्यताएँ या उनके माइटोकॉन्ड्रियल और ऑटोसोमल जीन में उत्परिवर्तन हैं। लेकिन, ताजा अध्ययन केवल पुरुषों के प्रजनन क्षमता की समस्याओं के कारणों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस अध्ययन में आठ नए जीन पाए गए हैं, जो पुरुषों में प्रजनन क्षमता की गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं।

अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ सुधाकर दिगुमर्थी, सीसीएमबी के पूर्व पीएचडी छात्र और अब मुंबई में आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ के वैज्ञानिक ने कहा, “हमने पहले सभी जीनों (लगभग 30,000) के बारे में आवश्यक जानकारी जुटाई। इसके बाद 47 ‘Infertile’ पुरुषों में अगली पीढ़ी के अनुक्रमण (Generation Sequencing) का प्रयोग किया। तब जाकर हमने भारत के विभिन्न हिस्सों के लगभग 1500 ऐसे पुरुषों में पहचाने गए आनुवंशिक परिवर्तनों की पुष्टि की।

‘इमरान’ ने किया फुफेरी बहन से रेप, बनाया अश्लील वीडियो भी: निकाह से इनकार करने पर गर्दन दबा के मारा, UP पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक लड़की ने अपने ममेरे भाई पर तमंचे के दम पर रेप करने का आरोप लगाया है। आरोपित का नाम इमरान (बदला हुआ नाम) है। उस पर पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो बना कर वायरल करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपित ने यह हरकत तब की, जब पीड़िता ने उससे निकाह करने से इनकार कर दिया।

उत्तर पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 29 अगस्त 2022 की बताई जा रही है। वीडियो हालाँकि अब वायरल हो रहा है। मामले की शिकायत 6 सितम्बर 2022 (मंगलवार) को की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है। यहाँ पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया है कि मार्च 2022 में उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। शिकायत में आगे बताया गया है कि अब घर में उनकी माँ और 3 भाई हैं, जिसमें माँ अक्सर बीमार रहती है।

पीड़िता ने लिखा है कि उसके भाई काम पर बाहर चले जाते हैं, इसी का फायदा उठा कर लगभग 4 माह पहले एक दिन उसके ममेरे भाई ने घर में घुस कर उसके साथ रेप किया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसने अपनी हरकत का आपत्तिजनक वीडियो भी बना डाला था।

पीड़िता के अनुसार रेप के बाद उसे आरोपित ने चुप रहने की धमकी दी। इसी डर से वो काफी दिनों तक सब सहती रही। शिकायत में आगे कहा गया है कि रेप के बाद आरोपित लगातार उस पर निकाह करने का दबाव बना रहा था जबकि पीड़िता इसके लिए तैयार नहीं थी।

बताया जा रहा है कि 29 अगस्त को आरोपित पीड़िता के घर पहुँचा और उसे तमंचे के बल पर जबरन प्रताप विहार के एक रेस्टोरेंट ले गया। वहाँ पर भी आरोपित ने पीड़िता से निकाह का दबाब बनाया और जब पीड़िता ने मना किया तो इमरान (बदला हुआ नाम) लड़की को सबके सामने मारने लगा।

आरोपित की इस हरकत का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें वो पीड़िता की गर्दन दबोचते दिखाई दे रहा है। इसके बाद इमरान (बदला हुआ नाम) ने पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो उसके भाई को भेज दिया। इसी के बाद पीड़िता ने अपने भाई को पूरी बात बताई और आख़िरकार मामले की शिकायत पुलिस में की गई। DSP सिटी प्रथम गाजियाबाद अंशु जैन के मुताबिक आरोपित को धारा 376, 323, 504, 366 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।

26000 घंटे तक कटाई-घिसाई… 280 टन का विशाल ग्रेनाइट पत्थर… MBA कर नौकरी छोड़ने वाले ने बनाई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (8 सितंबर 2022) को राजपथ के पुनर्विकसित स्वरूप और नए नाम कर्तव्य पथ (Rajpath renamed Kartavya Path) का उद्घाटन करेंगे। साथ ही इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण भी किया जाएगा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा को 280 मीट्रिक टन वजन वाले विशाल ग्रेनाइट पत्थर पर उकेरा गया है।

मूर्तिकारों ने 26,000 घंटे के अथक कलात्मक प्रयासों से विशाल ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर 65 मीट्रिक टन वजन की इस प्रतिमा को तैयार किया है। काले रंग के ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित 28 फुट ऊँची यह प्रतिमा इंडिया गेट के समीप एक छतरी के नीचे स्थापित की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय ने बुधवार (7 सितंबर 2022) को इसकी जानकारी दी।

संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, नेताजी (Netaji Subhas Chandra Bose) की इस प्रतिमा को पारंपरिक तकनीकों और आधुनिक औजारों का उपयोग करके पूरी तरह हाथों से बनाया गया है। अरुण योगीराज के नेतृत्व में मूर्तिकारों के एक दल ने यह प्रतिमा तैयार की है। इस विशाल ग्रेनाइट पत्थर को तेलंगाना के खम्मम से 1,665 किमी दूर नई दिल्ली तक लाने के लिए 100 फुट लंबा 140 पहियों वाला ट्रक विशेष रूप से तैयार किया गया था।

कौन हैं मूर्तिकार अरुण योगीराज

MBA की पढ़ाई कर चुके अरुण योगीराज (Arun Yogiraj) पाँचवीं पीढ़ी के मूर्तिकार हैं। वे मैसूरु महल के शिल्पकारों के परिवार से आते हैं। उनके पिता गायत्री और भुवनेश्वरी मंदिर के लिए कार्य कर चुके हैं। एमबीए की डिग्री लेने के बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में भी काम किया, लेकिन 2008 में मूर्तिकार बनने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को तैयार इन्होंने और इनकी टीम ने ही किया है। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में जगद्गुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल पर उनकी भव्य प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार अरुण योगीराज ने किया था।

नेताजी की प्रतिमा के साथ “कदम कदम बढ़ाए जा”

संस्कृति मंत्रालय के बयान में यह भी कहा गया है कि नेताजी की प्रतिमा को उसी जगह पर स्थापित किया जाएगा, जहाँ इस साल के प्रारंभ में पराक्रम दिवस (23 जनवरी) के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था। इस होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण नेताजी की 125वीं जयंती के अवसर पर किया गया था।

बताया जा रहा है कि प्रतिमा का अनावरण आजाद हिंद फौज के पारंपरिक गीत “कदम कदम बढ़ाए जा” की धुन के साथ किया जाएगा। एक भारत-श्रेष्ठ भारत और अनेकता में एकता की भावना को प्रदर्शित करने के लिए देश के कोने-कोने से आए 500 नर्तकों द्वारा कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक उत्सव प्रदर्शित किया जाएगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री को इसकी झलक इंडिया गेट के समीप एम्फीथिएटर पर लगभग 30 कलाकारों द्वारा दिखाई जाएगी। ये कलाकार नासिक ढोल पथिक ताशा द्वारा ड्रमों के संगीत की धुनों पर संबलपुरी, पंथी, कालबेलिया, कारगाम और कच्छी घोड़ी जैसे आदिवासी लोक कला रूपों का प्रदर्शन करेंगे। 

पाकिस्तानियों ने उकसाया, अफगानिस्तानी फैंस ने दम भर मार कर जीत लिया ‘मैच’: Pak क्रिकेटर आसिफ अली पर लगेगा आजीवन बैन?

पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच बुधवार (7 सितंबर 2022) को खेले गए एशिया कप 2022 (Asia Cup) मैच में दोनों देशों के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए। नौबत यहाँ तक आ गई कि अंपायर्स और अन्य खिलाड़ियों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा।

यह हंगामा 130 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही पाकिस्तानी टीम की पारी के 19वें ओवर की 5वीं गेंद पर हुआ। इस ओवर की चौथी गेंद पर आसिफ अली ने छक्का जड़ दिया। इसके बाद अगली ही गेंद पर फरीद अहमद ने आसिफ अली को आउट कर दिया। पवेलियन लौटने से पहले फरीद और आसिफ के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

दोनों के बीच मामला इतना बढ़ गया कि पाकिस्तान के आसिफ अफगानिस्तान के फरीद पर हाथ उठाते दिखे। इसके बाद उन्होंने पवेलियन लौटते वक्त उन्हें अपना बल्ला भी दिखाया। ऐसे में फरीद अहमद उनसे सीना जोरी करने लगे तो अफगानिस्तान के अन्य खिलाड़ियों ने बीच बचाव किया और अंपायर को भी लड़ाई के बीच आना पड़ा।

अफगानिस्तान टीम के इंटरनेशनल क्रिकेट खिलाड़ी आफताब आलम ने आईसीसी को लिखा है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर आसिफ अली को हमेशा के लिए बैन किया जाए। आफताब आलम के अनुसार बैट उठा कर विरोधी टीम के खिलाड़ी को मारने की धमकी देने जैसा काम आसिफ अली ने एक नहीं बल्कि दो बार किया है, इसलिए उन्हें आजीवन बैन कर दिया जाना चाहिए।

जब खिलाड़ियों की लड़ाई थम गई तो मैच खत्म होने के बाद दोनों देशों के फैंस स्टेडियम में भिड़ गए। इस घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जीत के बाद पाकिस्तान के फैंस स्टेडियम में लगी कुर्सियाँ उखाड़कर फेंक रहे थे, अफगानियों को चिढ़ा रहे थे।

पत्रकार आदित्य राज कौल ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ऐसी खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तानी फैंस ने बहस के बाद शारजाह में अफगान के प्रशंसकों पर हमला किया। इसके जवाब में अफगानिस्तान के फैंस ने पाकिस्तानी प्रशंसकों को बेरहमी से पीटा।”

ट्विटर पर एक यूजर ने इस घटना पर मजे लेते हुए लिखा, “मैच के बाद अफगानिस्तान जीता।”

एक और यूजर ने लिखा, “यह पाकिस्तान के प्रशंसक थे, जिन्होंने स्टेडियम में लगी कुर्सियाँ उखाड़ कर नुकसान किया।”

क्रिकेट और अफगानी-पाकिस्तानी फैंस की लड़ाई

साल 2019 की बात है। आईसीसी का वर्ल्ड कप चल रहा था। जगह था इंग्लैंड का लीड्स। तभी एक प्लेन स्टेडियम के ऊपर से गुजरा। उस पर एक स्लोगन लिखा हुआ था – ‘जस्टिस फॉर बलूचिस्तान (Justice for Balochistan)’।

इसके बाद स्टेडियम के बाहर अफगानी और पाकिस्तानी फैंस के बीच जम कर लड़ाई हुई थी। दोनों देशों के समर्थकों के बीच लड़ाई न तब चौंकाने वाली बात थी, न अब। पाकिस्तान समर्थक आतंक से अफगानिस्तान जूझता रहा है। इसी कारण से जब लोग आमने-सामने होते हैं तो ऐसे वाकये देखने को मिलते हैं।

बता दें कि एशिया कप के दूसरे राउंड यानी सुपर फोर के चौथे मुकाबले में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को 1 विकेट से हरा दिया है। इस हार के साथ अफगानिस्तान के साथ-साथ भारत की भी फाइनल में पहुँचने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।

अलीगढ़ में मोहसिन ने दलित किशोरी पर अश्लील फब्ती कसी, विरोध करने पर पिता को बुरी तरह मारा: ‘मकान बिकाऊ है’ लिख पलायन की घोषणा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में छेड़खानी के विरोध में अनुसूचित जाति के लोगों ने गाँव से पलायन करने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने-अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया है। दरअसल, दलित समुदाय की नाबालिग बेटी के साथ गाँव के ही मु्न्ना, मोहसिन, इमरान और जीशान ने छेड़खानी और मारपीट की थी।

दरअसल, अलीगढ़ के दरदुआगंज क्षेत्र के एक गाँव में रविवार (4 सितंबर 2022) की रात को मोहसिन ने एक दलित लड़की पर अश्लील फब्तियाँ कस दी थी। उसने जब विरोध किया तो उसे खींचकर घर ले जाने की भी कोशिश की थी। इसके साथ ही उसे जातिसूचक अपमानजनक शब्द भी कहे।

लड़की के पिता ने जब इसकी शिकायत की थी तो आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की। इस मारपीट में उसके पिता बुरी तरह घायल हो गए। इसके बाद दोनों पक्ष थाने में पहुँचे और तहरीर दी। पुलिस ने पीड़िता के पिता के साथ-साथ आरोपितों की भी तहरीर लेकर क्रॉस प्राथमिकी दर्ज कर ली।

जब आरोपितों की तहरीर के आधार पर पीड़िता के पिता को आरोपित बनाया गया तो दलित समुदाय नाराज हो गया। मंगलवार (6 सितंबर 2022) को थाने पहुँचकर कर पीड़ितों ने अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद वे अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखवाकर गाँव से पलायन की घोषणा कर दी।

इस घटना पर अतरौली के सीओ विशाल चौधरी ने कहा, “रविवार की रात को मैं खुद मौके पर गया था। उस दौरान मारपीट की बात सामने आई ती, छेड़खानी जैसी बात नहीं कही गई थी। उसी के अनुसार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अब एक पक्ष की ओर से कुछ अलग आरोप लगाए जा रहे हैं।”

सीओ विशाल चौधरी ने कहा कि अगर इसमें थाना स्तर पर कोई गड़बड़ हुई है तो उसकी जाँच की जाएगी। किसी के साथ पक्षपात या गलत कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का दबाव बनाना गलत है।

वहीं, पलायन की घोषणा के बाद अलीगढ़ पुलिस पीड़िता से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया और मकानों पर लिखे नारे को पुतवा दिया। वहीं, बुधवार को हरदुआगंज पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करने घर पहुँची, लेकिन पीड़ित परिवार ने मुकदमा दर्ज होने से पहले बयान दर्ज कराने से इनकार कर दिया।

नरसिंहानंद के नेतृत्व में फिर लौट रहा ‘धर्म संसद’, अबकी गाजियाबाद में होगा साधु-संतों का जमावड़ा

राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति धाम के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने एक बार फिर से धर्म संसद का बिगुल बजा दिया है। इस धर्म संसद में देश भर से कई साधु और संत भी आने वाले हैं। वहीं इसका आयोजन खुद यति नरसिंहानंद महाराज कर रहे हैं। इसी साल एक धर्म संसद में अपने बयानों के कारण वे विवादों में भी आ चुके थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद ने बताया कि इस धर्म संसद का आयोजन 17 और 18 दिसंबर को होने वाला है। वहीं इस धर्म संसद को लेकर स्वामी यति नरसिंहानंद ने बताया कि वे देश के संतों और हिंदू जानकारों व अध्यात्मिक गुरुओं को निमंत्रण पत्र भेज रहे हैं।

आपको याद दिला दें कि बीते मई महीने में महंत ने भविष्य में कभी भी ‘धर्म संसद’ के आयोजन से मना किया था। वहीं हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी उन्हें एक मामले में राहत दी गई। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें यति नरसिंहानंद सरस्वती और वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी को गिरफ्तार करने की माँग की थी।

गौरतलब है कि महंत यति नरसिंहानंद इस साल 1 मई को अलीगढ़ में हुई एक धर्म संसद को पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया था। उनके मुताबिक, यदि उनके साथ खड़े होने वाले हजारों लोग न होते तो अब तक उनका काफी नुकसान हो चुका होता। इसके अलावा यति नरसिंहानंद को उत्तराखंड में हुई धर्म संसद मामले में गिरफ्तार भी किया गया था।

वहीं उन्होंने एक बार ऑपइंडिया से खास बातचीत में कहा था, “कभी ये डासना इलाका हिन्दू बहुल हुआ करता था। लेकिन अब यहाँ हिन्दू नाममात्र के लिए बचे हैं। हिन्दुओं का पलायन हुआ। इन्होंने (मुस्लिमों) ने अपनी जनसंख्या भी तेजी से बढ़ाई। यहाँ के हिन्दू व्यापारी गाजियाबाद, पिलखुआ और नॉएडा जा कर बस गए हैं। अब यहाँ 95% लोग मुस्लिम हैं। मेरे मंदिर में आने वाली भीड़ पूरे देश के लोगों की होती है।”

दुमका में जलाई जा रही थी लड़की, वहाँ के विधायक दिल्ली में खरीद रहे थे अंडरगारमेेंट: झारखंड CM के भाई बसंत सोरेन ने खुद किया खुलासा, देखें वीडियो

एक तरफ राज्य में लव जिहाद की घटनाओं में महिलाओं को जिंदा जलाया और मौत के घाट उतारा जा रहा था तो दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाई और दुमका के विधायक बसंत सोरेन अंडरगारमेंट खरीदने के लिए दिल्ली जा रहे थे। यह बात स्वयं मुख्यमंत्री के भाई ने कही है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बता दें कि दुमका में अंकिता नाम की एक नाबालिग छात्रा को शाहरुख नाम के शख्स ने अपने दोस्त के साथ मिलकर जिंदा जला दिया था। पाँच दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के लिए अंतत: वह जंग हार गई थी। लेकिन, उस क्षेत्र के विधायक बसंत ना ही लड़की को देखने अस्पताल गए और ना ही मौत के बाद उस गाँव में पहुँचे।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो शिबू सोरेन के गाँव खजूरिया में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई थी। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि राज्य में उथल-पुथल के बीच में वे दिल्ली क्यों चले गए थे। इस पर बसंत सोरेन ने कहा, “हाँ गए थे, एक्चुअली मेरे अंडरगारमेंट्स खत्म हो गए थे। अंडरगारमेंट्स लेने ही दिल्ली चला गया था।” पत्रकारों ने फिर पूछा कि क्या वे अंडरगारमेेंट दिल्ली से लाते हैं, तब उन्होंने कहा कि हाँ।

इतना ही नहीं, दुमका में पेट्रोल डालकर जलाई गई अंकिता के परिजनों से मिलने आए भाजपा नेताओं को उन्होंने निचले दर्जे का बताया। दुमका विधायक ने कहा कि बसंत सोरेन ने कहा कि किसी के घर में मौत हुई है और उसमें घटिया राजनीति करने के लिए लोग हेलीकॉप्टर से आते हैं और हेलीकॉप्टर से चले जाते हैं।

अपने भाई का बचाव करते हुए बसंत सोरेन ने कहा कि खनन घोटाला मामले में राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जो भी पत्र भेजा गया है, उसे अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। इससे हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा मिलता है।

‘इस्लामी मूल्यों के खिलाफ मत जाओ, वरना लेंगे एक्शन’: अरब मुल्कों ने Netflix को धमकाया, समलैंगिक किरदारों पर भी जताई आपत्ति

भारत में जब हिंदू देवी-देवताओं को लेकर अपमानजनक फिल्में और वेब-सीरीज बनाई जाती हैं, तब कथित बुद्धिजीवी और लिबरल गिरोह उसके समर्थन में आ जाता है। वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम देशों में ‘इस्लामी मूल्यों’ के खिलाफ दृश्य दिखाने पर OTT कंपनी नेटफ्लिक्स को चेतावनी मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ,ओटीटी के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स में से एक नेटफ्लिक्स (Netflix) को इस्लामी देशों की ओर से चेतावनी दी है कि वो ऐसे कंटेंट का प्रसारण रोक दे, जो इस्लाम और सामाजिक मूल्यों के विपरीत हो। धमकी दी गई है कि अगर नेटफ्लिक्स ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ काउंसिल की ओर से लीगल एक्शन लिया जा सकता है।

नेटफ्लिक्स को ये चेतावनी गल्फ कोऑपरेशन देशों की काउंसिल में शामिल सभी देशों के सदस्यों द्वारा एक जॉइंट स्टेटमेंट के माध्यम से दी गई है। बता दें गल्फ देशों की इस काउंसिल में नामी इस्लामी देश जैसे सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, कुवैत, ओमान और कतर भी शामिल हैं। इन सबके इस जॉइंट स्टेटमेंट में कई अन्य बातें भी कही गई हैं।

काउंसिल द्वारा दिए गए इस सामूहिक बयान में कहा गया है कि नेटफ्लिक्स ऐसे कंटेंट का प्रसारण कर रहा है, जो खाड़ी देशों के मीडिया कंटेंट को लेकर नियम-कानूनों का उल्लंघन है। इसके साथ-साथ गल्फ कोऑपरेशन देशों की काउंसिल की ओर से नेटफ्लिक्स को यह भी कहा गया है कि बच्चों के लिए प्रसारित हो रहा कुछ कंटेंट भी हटाया जाए।

वहीं इस मामले में अभी तक नेटफ्लिक्स की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है। बता दें वर्ष 2019 में नेटफ्लिक्स के एक सीरीज में सऊदी अरब के शासन की आलोचना कर दी गई थी, जिसके बाद ओटीटी कंपनी को उस एपिसोड की मजबूरन स्ट्रीमिंग भी रोकनी पड़ी थी।

कई इस्लामी मुल्कों ने जून 2022 में ही ‘डिज्नी+हॉटस्टार’ की फिल्म ‘लाइटईयर’ के प्रसारण पर भी बैन लगा दिया था। इस फिल्म में दो समलैंगिक किरदारों के KISS वाले दृश्य पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। बताया जा रहा है कि कई इस्लामिक देशों में समलैंगिकता को एक अपराध के तौर पर देखा जाता है।

‘आग्रह करता रहा प्रशासन, महाकाल के दर्शन को खुद ही नहीं गए रणबीर-आलिया’: MP के गृह मंत्री ने बताया उज्जैन में क्या हुआ, किए गए थे तमाम इंतजाम

बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) और अभिनेत्री आलिया भट्ट् (Alia Bhatt) अपनी फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ की रिलीज से पहले मंगलवार (6 सितंबर, 2022) को उज्जैन में भगवान महाकाल का दर्शन करने पहुँचे थे। लेकिन, वहाँ हिंदू संगठनों के विरोध के चलते उन्हें बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ा। इन खबरों को लेकर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने एक बयान जारी किया है।

उन्होंने कहा कि अभिनेता रणबीर कपूर और अभिनेत्री आलिया भट्ट के महाकाल बाबा के दर्शन की पूरी व्यवस्था उज्जैन प्रशासन ने की थी, लेकिन प्रशासन के आग्रह के बावजूद वे दोनों खुद दर्शन के लिए नहीं गए। नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “प्रदर्शन होगा ये एक अलग विषय है, लेकिन दर्शन के लिए कोई रोक नहीं है। उनके साथ आए बाकी लोगों और अयान मुखर्जी ने भी दर्शन किए। वहाँ पूरी व्यवस्था की गई थी। इनसे भी आग्रह किया गया था। मेरी खुद प्रशासन से बात हुई। प्रशासन के आग्रह के बावजूद रणबीर और आलिया खुद दर्शन करने नहीं गए। कलाकारों को भी लोगों की भावनाओं को आहत करने वाले शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार (6 सितंबर, 2022) को रणबीर और उनकी पत्नी आलिया महाकाल मंदिर में दर्शन करने उज्जैन पहुँचे थे। मंदिर के बाहर हिंदू संगठनों ने काली पट्टी दिखाकर उनका विरोध किया। उन्होंने रणबीर और आलिया को मंदिर में घुसने तक नहीं दिया। उनका कहना था कि वे रणबीर जैसे ‘गौ-भक्षक’ को महाकाल के मंदिर में नहीं जाने देंगे।

बता दें कि ‘ब्राह्मास्त्र’ 9 सितंबर 2022 को रिलीज होने जा रही है। रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का विरोध अभिनेता की ‘बीफ’ टिप्पणी को लेकर हो रहा है। इसमें उन्होंने खुद को सबसे बड़ा बीफ लवर बताया था। साथ ही आलिया ने भी हाल ही में कहा था कि जो लोग उन्हें पसंद नहीं करते हैं, वो फिल्म देखने मत जाएँ। वहीं डायरेक्टर अयान मुखर्जी ने अच्छे से महाकाल के दर्शन किए थे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। डायरेक्टर ने पूजा करते हुए अपने इंस्टाग्राम पर फोटो भी शेयर की है।